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मणिपुर : 4.0 तीव्रता के भूकंप के झटके से हिली धरती
Published / 2023-02-04 10:34:57
मणिपुर : 4.0 तीव्रता के भूकंप के झटके से हिली धरती

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मणिपुर के उखरुल में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किये गये। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप के झटके सुबह लगभग  06:14:55 बजे महसूस किये गये। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गयी है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने भूकंप से किसी जान-माल के हानि की पुष्टि नहीं की है।कैसे आता है भूकंप : भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।

अब प्रति मिनट 25 हजार से बढ़ाकर 2.25 लाख होगी आॅनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग की क्षमता
Published / 2023-02-03 22:58:17
अब प्रति मिनट 25 हजार से बढ़ाकर 2.25 लाख होगी आॅनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग की क्षमता

रेल मंत्री ने किया ऐलानएबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रेलवे टिकट जारी करने की क्षमता प्रति मिनट 25,000 से बढ़ाकर 2.25 लाख करने और पूछताछ की क्षमता प्रति मिनट चार लाख से बढ़ाकर 40 लाख करने की योजना बना रहा है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। वैष्णव ने संवाददाता सम्मेलन में यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में 7,000 किलोमीटर की नयी रेल पटरी बिछाने का भी लक्ष्य तय किया गया है।उन्होंने कहा कि हमारी योजना यात्री आरक्षण व्यवस्था की अवसंरचना को बेहतर करने की है। फिलहाल प्रति मिनट लगभग 25,000 टिकट जारी करने की क्षमता है। हमारा लक्ष्य इसे बढ़ाकर 2.25 लाख टिकट प्रति मिनट करने का है।वैष्णव ने आगे कहा कि पूछताछ की क्षमता भी चार लाख प्रति मिनट से बढ़ाकर 40 लाख प्रति मिनट की जायेगी। उन्होंने देश के 2,000 रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे खुले रहने वाले जन सुविधा स्टोर शुरू करने की भी घोषणा की। मंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 4,500 किलोमीटर (12 किलोमीटर प्रतिदिन) रेल पटरी बिछाने का लक्ष्य पहले ही हासिल किया जा चुका है।

क्या यह सच है... मोदी सरकार की योजनाओं से चमकने लगा है भारत!
Published / 2023-02-02 20:41:44
क्या यह सच है... मोदी सरकार की योजनाओं से चमकने लगा है भारत!

इसरो की इस रिपोर्ट में खुलासा, जानें डिटेल्स एबीएन सेंट्रल डेस्क। इसरो की नेशनल सेंसिंग रिपोर्ट के मुताबिक दस साल के अंदर भारत मे नाइट टाइम लाइट्स  में 43 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसका श्रेय जानकार मोदी सरकार की सौभाग्य और उज्ज्वला जैसी कुछ योजनाओं को दे रहे हैं। इसरो की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक दशक में भारत मे नाइट टाइम लाइट्स में 43 % की बढोत्तरी हुई है। इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर की रिपोर्ट इस बात की तस्दीक करती है कि किस तरह से भारत में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। नाइट टाइम लाइट रिमोट सेंसिंग ये दिखाता है कि नाइट टाइम एक्टिविटी में कितना प्रोग्रेस हुआ है। ये देश के विकास की तरफ इशारा करते हैं। इस विषय पर नेशनल साइंस सेंटर के डायरेक्टर एन रामदास अय्यर ने बताया कि अगर नाइट टाइम लाइट में बढ़ोतरी हुई है तो इसका मतलब देश मे विकास हुआ है। साथ ही उन्होंने बताया कि इससे यह भी बताया जा सकता है कि भारत में राजमार्ग और इंफ्रास्ट्रक्चर भी बढ़ा है। शहरीकरण बढ़ा है। ग्रामीण इलाको में भी डेवलपमेंट हुआ है। मोदी सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिनसे ग्रामीण भारत जगमग हो रहा है। सौभाग्य योजना के तहत 2021 तक 2.8 करोड़ घरों का विद्युतीकरण हुआ। जबकि भारत में कुल राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई 2014-15 में 97,830 किमी थी, मौजूदा समय में ये लगभग 1.45 लाख किमी है। इसके कारण भी देश में बड़े पैमाने पर नाईट टाइम लाइट में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

मित्रकाल बजट ने साबित किया कि सरकार के पास भविष्य निर्माण की कोई रूपरेखा नहीं : राहुल
Published / 2023-02-02 08:24:53
मित्रकाल बजट ने साबित किया कि सरकार के पास भविष्य निर्माण की कोई रूपरेखा नहीं : राहुल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वित्त वर्ष 2023-24 के बजट को मित्रकाल बजट करार देते हुए बुधवार को कहा कि इससे साबित होता है कि सरकार के पास भारत के भविष्य के निर्माण की कोई रूपरेखा नहीं है। उन्होंने ट्वीट किया कि मित्रकाल बजट में रोजगार सृजन को लेकर कोई दृष्टिकोण नहीं है, महंगाई से निपटने के लिए कोई योजना नहीं है और असमानता दूर करने का कोई इरादा नहीं है।राहुल गांधी ने दावा किया कि एक प्रतिशत सबसे अमीर लोगों के पास 40 प्रतिशत संपत्ति है, 50 प्रतिशत गरीब लोग 64 प्रतिशत जीएसटी देते हैं, 42 प्रतिशत युवा बेरोजगार हैं। इसके बाद भी प्रधानमंत्री को कोई परवाह नहीं है। बजट से साबित हुआ कि सरकार के पास भारत के भविष्य के निर्माण के लिए कोई रूपरेखा नहीं है।अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को पेश नरेंद्र मोदी सरकार के अंतिम पूर्ण बजट में सभी तबकों को साधने का प्रयास किया। उन्होंने जहां एक तरफ मध्यम वर्ग और नौकरी पेशा लोगों को आयकर मोर्चे पर राहत देने की घोषणा की, वहीं लघु बचत योजनाओं के तहत निवेश सीमा बढ़ाकर बुजुर्गों और नई बचत योजना के जरिये महिलाओं को भी सौगात दी है।इसके साथ ही बुनियादी ढांचे पर खर्च में 33 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि करने का भी प्रस्ताव किया है। नई कर व्यवस्था के तहत एक अप्रैल से व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा को बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति की आय सात लाख रुपये है, उसे कोई कर नहीं देना होगा। अबतक यह सीमा पांच लाख रुपये है। साथ ही कर स्लैब (श्रेणी) को सात से घटाकर पांच किया गया है।

आज ही के दिन तीन साल पहले देश में मिला था कोरोना का पहला केस
Published / 2023-01-31 23:31:20
आज ही के दिन तीन साल पहले देश में मिला था कोरोना का पहला केस

24 घंटे में मिले 66 नये संक्रमित, रिकवरी रेट 98.81%एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में कोरोना से मामलों में तेजी से गिरावट आ रही है। तीन साल पहले आज ही के दिन देश में पहला मामला मिला था। वहीं आज यानी मंगलवार को देश भर में कोरोना वायरस संक्रमण के 66 नए मामले सामने दर्ज किए गए। जिसके बाद कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 1,755 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में अब तक कोरोना महामारी के कारण 5,30,740 लोगों की जान गई है इसके अलावा इस वायरस ने 4.46 करोड़ (4,46,82,785) लोगों को संक्रमित किया है।रिकवरी रेट हुई 98.81%केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार की गई जानकारी के मुताबिक, देश में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 4,41,50,289 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। देश में वर्तमान में सक्रिय कोरोना 1755 मामले कुल कोरोना मामलों का 0.01 प्रतिशत है। वहीं, देश भर में रिकवरी रेट बढ़कर 98.81 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके अलावा कोरोना मामलों की दैनिक पॉजिटिविटी रेट 0.05 प्रतिशत दर्ज की गई है। जबकि साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 0.07 प्रतिशत है।मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक कोरोना वैक्सीन की 220.48 करोड़ खुराक दी जा चुकी है। बीते साल 25 जनवरी को देश ने चार करोड़ लोगों को कोविड खुराक देने का लक्ष्य हासिल किया था।  तीन साल पहले देश में आज ही के दिन दर्ज हुआ था पहला मामला : बता दें कि इस भयावह महामारी की शुरुआत चीन के वुहान प्रांत में हुई थी। जहां विश्व स्तर पर पहला कोरोनावायरस का मामला 19 दिसंबर 2019 को दर्ज किया गया था। वहीं, भारत में पहला कोरोना का मामला 30 जनवरी, 2020 को सामने आया था। जब एक मेडिकल छात्र जो चीन के वुहान से केरल के त्रिशूर लौटा था।सतर्क रहने की जरूरत : दिल्ली के अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट और कोविड सर्वाइवर डॉ सुरनजीत चटर्जी ने तीन सालों की देश के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताते हुए कहा कि देश ने 2020 और 2021 में जो बुरा दौर देखा उसकी तुलना में अब स्थिति काफी बेहतर हो गई है। भारत में मामलों में काफी कमी आई है।  केरल में देश में पहला मामला सामने आने के तीन साल हो गए हैं। अभी लोग बेहतर स्थिति में हैं, लेकिन इन्फ्लूएंजा अभी भी भारत और अन्य देशों में बहुत तेजी से फैल रहा है।

आम जन को हंसायेगा या रुलायेगा आम बजट?
Published / 2023-01-31 18:09:07
आम जन को हंसायेगा या रुलायेगा आम बजट?

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल के बीच भारत का बजट आम नागरिकों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करेगा और साथ ही दुनिया के लिए आशा की किरण भी बनेगा। संसद के बजट सत्र से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था की दुनिया की जानी-मानी आवाजें देश के लिए सकारात्मक संदेश ला रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तकरार होगी लेकिन साथ ही उन्होंने उम्मीद भी जताई कि इस दौरान विपक्षी सदस्य तैयारी के साथ तकरीर भी करेंगे। उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक परिस्थिति में भारत के बजट की तरफ न सिर्फ भारत का, बल्कि पूरे विश्व का ध्यान है। विश्व की डांवाडोल आर्थिक परिस्थिति में भारत का बजट भारत के सामान्य जन की आशा-आकांक्षाओं को तो पूरा करने का प्रयास करेगा ही, लेकिन विश्व, जो आशा की किरण देख रहा है उसे वह और अधिक प्रकाशमान पायेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन अपेक्षाओं को पूर्ण करने के लिए भरपूर प्रयास करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार की कार्य संस्कृति के केंद्र बिंदु में भारत सर्वप्रथम, नागरिक सर्वप्रथम रहा है और उसी भावना को लेकर बजट सत्र में आगे बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट सत्र में तकरार भी रहेगी लेकिन तकरीर भी तो होनी चाहिए। मुझे विश्वास है हमारे विपक्ष के सभी साथी बड़ी तैयारी के साथ, बहुत बारीकी से अध्ययन करके सदन में अपनी बात रखेंगे। देश के नीति निर्धारण में सदन बहुत ही अच्छे तरीके से चर्चा करके अमृत निकालेगा जो देश के काम आएगा। संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। संसद के केंद्रीय कक्ष में लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से सत्र की शुरूआत हुई। सत्र के पहले दिन, दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण पटल पर रखा गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट बुधवार को पेश किया जाएगा। बजट सत्र में कुल 66 दिन में 27 बैठकें होंगी। सत्र का पहला भाग 13 फरवरी तक होगा। 14 फरवरी से 12 मार्च तक सदन की कार्रवाई नहीं होगी और इस दौरान विभागों से संबंधित संसदीय स्थायी समितियां अनुदान मांगों की समीक्षा करेंगी और अपने मंत्रालयों और विभागों से संबंधित रिपोर्ट तैयार करेंगी। बजट सत्र का दूसरा भाग 13 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगा।

आम बजट में आर्थिक वृद्धि की गति बनाये रखने पर होगा जोर
Published / 2023-01-30 23:08:10
आम बजट में आर्थिक वृद्धि की गति बनाये रखने पर होगा जोर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले चार साल में देसी अर्थव्यवस्था में नरमी और दो साल तक कोरोना महामारी की मार के बीच बजट पेश किया था। 1 फरवरी को जब वह पांचवां बजट पेश करेंगी तो भी ऐसी ही अन्य चुनौतियां होंगी। वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत ज्यादा चमकता हुआ सितारा है मगर इसके अधिकतर बड़े व्यापारिक भागीदारों जैसे पश्चिमी देशों और चीन को व्यापक नरमी तथा कहीं-कहीं मंदी से दोचार होना पड़ रहा है। इन अड़चनों के बावजूद देश की वृद्धि दर करीब 6 फीसदी के दायरे में बरकरार रखना ही वित्त मंत्री के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च के बोझ के बीच सार्वजनिक निवेश और कर राजस्व बढ़ाने तथा राजकोषीय घाटा कम करने की रूपरेखा का भी पालन करना होगा। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार और 15वें वित्त आयोग के सदस्य अशोक लाहिड़ी ने कहा कि लघु अवधि के उपायों को दीर्घकालिक विकास की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए। चुनौतियां गंभीर हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में नरमी देखी जा रही है। इस लिहाज से यह तय करना अहम है कि हमें वृद्धि पर कितना और मुद्रास्फीति पर कितना ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री को कर सुधार, खर्च की प्राथमिकता नए सिरे से तय करने और राजकोषीय घाटा कम करने का काम समझदारी के साथ करना होगा।अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान है कि इस साल करीब एक तिहाई वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी में आ सकती है। इस बीच विश्व बैंक ने जनवरी 2023 की अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इस साल वैश्विक वृद्धि में तेज गिरावट आने का अनुमान है और इसकी वृद्धि दर करीब तीन दशक में सबसे कम होगी। विश्व बैंक के अनुसार 2023 में वैश्विक वृद्धि दर घटकर 1.7 फीसदी रह सकती है, जबकि करीब छह महीने पहले इसके 3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था। बिजनेस स्टैंडर्ड ने पहले खबर दी थी कि 2023-24 के आम बजट में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.5 से 6 फीसदी के बीच समेटने का लक्ष्य रखा जा सकता है और मंगलवार को पेश होने वाली 2022-23 की आर्थिक समीक्षा में अगले वित्त वर्ष के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6 से 6.5 फीसदी रहने का अनुमान है।भारतीय स्टेट बैंक में मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच राजकोषीय घाटा कम रखना 2023-24 के बजट में सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। राजस्व के मोर्चे पर सरकार वित्त  वर्ष 2023 में दमदार कर प्राप्तियों के साथ वित्त वर्ष 2024 के लिए अपने प्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य में नरमी दिखा सकती है। वित्त वर्ष 2023 में सरकार को प्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़ने की उम्मीद है, जो संभवत: 1 से 1.5 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से अधिक हो सकता है। सूत्रों ने कहा कि वित्त वर्ष 2024 के लिए बजट अनुमान में प्रत्यक्ष कर संग्रह में 12 से 14 फीसदी की वृद्धि दिख सकती है। वित्त वर्ष 2023 के बजट अनुमान में 14.2 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह की बात कही गई थी। सरकार दो साल पुरानी वैकल्पिक व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था को आकर्षक बना सकती है। 2.5 लाख रुपये से कम आय वाले व्यक्ति से आयकर नहीं वसूला जाता है। मगर वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने वाले करदाताओं की संख्या बहुत कम है।बजट में निजी विमान, महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स, जेवरात समेत करीब 40 वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ाने की घोषणा की जा सकती है। जहां तक विनिवेश का सवाल है तो सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए 65,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य का करीब आधा हासिल कर चुकी है।सूत्रों के अनुसार सरकार वित्त वर्ष 2024 के लिए विनिवेश लक्ष्य 60,000 करोड़ रुपये से कम रख सकती है। साथ ही वह आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बिक्री, कॉनकॉर, शिपिंग कॉरपोरेशन, बीईएमएल और एनएमडीसी के नगरनार संयंत्र के निजीकरण जैसे लंबित सौदों को निपटाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

145 दिनों में 4000 किमी के सफर के साथ आज होगा भारत जोड़ो यात्रा का समापन
Published / 2023-01-30 13:56:17
145 दिनों में 4000 किमी के सफर के साथ आज होगा भारत जोड़ो यात्रा का समापन

विपक्षी दलों के कई प्रमुख होंगे शामिलएबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का समापन सोमवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में ध्वजारोहण और फिर शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में रैली के साथ होगा। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने रैली के लिए 20 से अधिक समान विचारधारा वाली पार्टियों को आमंत्रित किया है, जो विपक्षी एकजुटता का संदेश देने का प्रयास है। बर्फ की चादर से ढक चुके श्रीनगर में होने वाली इस रैली में कई विपक्षी दलों के नेताओं और प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, कुछ प्रमुख विपक्षी दलों की उपस्थिति को लेकर असमंजस की स्थिति भी है।कांग्रेस के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में तिरंगा फहरायेंगे और फिर भारत जोड़ो यात्रा से जुड़े स्मृति चिह्न का अनावरण करेंगे। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को ऐतिहासिक लाल चौक पर तिरंगा फहराया था। उन्होंने कहा था कि विपक्ष में मतभेद जरूर हैं, लेकिन वह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ एक साथ खड़ा होगा और लड़ेगा। राहुल ने भारत जोड़ो यात्रा के समापन समारोह से जुड़ी उस रैली से एक दिन पहले यह टिप्पणी की थी, जिसमें कांग्रेस ने 20 से अधिक विपक्षी दलों को आमंत्रित करके विपक्षी एकजुटता का प्रयास किया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इस रैली में नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), शिवसेना, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और कुछ अन्य दलों के नेताओं और प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की संभावना है। हालांकि, रैली में समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसी पार्टियों के प्रतिनिधियों के शामिल होने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यह पूछे जाने पर कि कितने विपक्षी दल रैली में शामिल हो रहे हैं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा था कि इस बारे में आपको सोमवार को ही पता चलेगा। भारत जोड़ो यात्रा का 145 दिनों के बाद समापन हो रहा है। यह यात्रा 4,080 किलोमीटर के सफर के बाद श्रीनगर में संपन्न होगी। सात सितंबर 2022 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई यह यात्रा देशभर के विभिन्न राज्यों के 75 जिलों से होकर गुजरी।

आज कोलकाता से सुंदरवन के लिए रवाना होगा एमवी गंगा विलास क्रूज पोत
Published / 2023-01-30 11:20:40
आज कोलकाता से सुंदरवन के लिए रवाना होगा एमवी गंगा विलास क्रूज पोत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। एमवी गंगा विलास पोत कोलकाता जेटी पर रुका है और सोमवार को यह यूनेस्को के धरोहर स्थल सुंदरवन के लिए रवाना होगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह पोत दुनिया का सबसे लंबा नदी क्रूज पोत माना जाता है।अधिकारी ने कहा कि क्रूज पोत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 जनवरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था और इस हफ्ते की शुरुआत में इसने मुर्शिदाबाद के रास्ते पश्चिम बंगाल में प्रवेश किया तथा बाद में कोलकाता पहुंचा। पोत हुगली नदी के तट पर इंडेंचर मेमोरियल (आईएम) जेटी पर रुका है। अधिकारी ने कहा कि पोत सोमवार को कोलकाता से रवाना होगा और फिर यह सुंदरवन में रुकेगा, जो दुनिया के सबसे बड़े मैंग्रोव जंगलों में से एक है और यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल है।केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ट्विटर पर कहा कि एमवी गंगाविलास की यात्रा का अगला चरण भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग पर होगा, यह असम पहुंचने के लिए बांग्लादेश से होकर गुजरेगा। यात्रियों के लिए सुचारू आव्रजन प्रक्रिया के वास्ते आईएम जेटी पर ही सभी सुविधाएं की गयी हैं।एमवी गंगा विलास ने 13 जनवरी को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से अपनी यात्रा शुरू की थी और 51 दिन में लगभग 3,200 किलोमीटर की यात्रा कर बांग्लादेश के रास्ते असम के डिब्रूगढ़ पहुंचेगा। यह भारत और पड़ोसी देश में 27 नदी प्रणालियों से गुजरेगा। क्रूज की पहली यात्रा कर रहे पर्यटकों ने शनिवार को कोलकाता में मूर्ति निर्माण केंद्र कुमारतुली का दौरा किया। अधिकारी ने कहा कि यात्रियों के लिए शहर के दौरे की योजना बनाई गई थी, ताकि वे स्थानीय संस्कृति का अनुभव कर सकें।

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