Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

देश

View All
आज होगी बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक
Published / 2023-01-30 11:09:35
आज होगी बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक

विपक्षी दल सरकार के सामने रखेंगे मुद्देएबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद का बजट सत्र आरंभ होने से एक दिन पहले सोमवार को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संसद की कार्रवाई का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक बुलाई है।संसद के हर सत्र से पहले इस तरह की बैठक आयोजित होती रही है। बैठक में विपक्षी दल उन मुद्दों को रख सकते हैं, जिनपर वह इस सत्र में चर्चा चाहते हैं। 31 जनवरी को आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट पेश की जायेगी। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि परंपरागत रूप से होने वाली यह बैठक 30 जनवरी को संसद एनेक्सी भवन में दोपहर में आयोजित होने वाली है। इसके अलावा फ्लोर सहयोग की रणनीति बनाने के लिए 30 जनवरी की दोपहर एनडीए फ्लोर के नेताओं की एक बैठक भी होगी। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक के दौरान सरकार संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों से सहयोग मांगेगी। इसके अलावा विपक्षी दलों से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे उन मुद्दों का उल्लेख करें जो वे सत्र के दौरान उठाना चाहते हैं।

उड़ीसा : स्वास्थ्य मंत्री नबदास ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
Published / 2023-01-29 23:23:20
उड़ीसा : स्वास्थ्य मंत्री नबदास ने इलाज के दौरान तोड़ा दम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उड़ीसा के स्वास्थ्य मंत्री नबदास का इलाज के दौरान निधन हो गया। झारसुगड़ा जिले में एक सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (एएसआई) ने रविवार को राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नब किशोर दास को कथित तौर पर गोली मार दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्री अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे थे। उन्होंने बताया कि यह घटना जिले के ब्रजराजनगर शहर में अपराह्न करीब एक बजे के आसपास उस समय हुई, जब दास एक बैठक में शामिल होने के लिए जा रहे थे। ब्रजराजनगर के एसडीपीओ गुप्तेश्वर भोई बताया कि सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (एएसआई) गोपाल दास ने मंत्री पर गोली चला दी। घटना में मंत्री घायल हुए थे। भोई ने बताया कि स्थानीय लोगों ने आरोपी एएसआई को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि अपराध शाखा को मामले की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि मैं माननीय मंत्री नब दास पर हुए इस दुर्भाग्यपूर्ण हमले से स्तब्ध हूं। मैं उनपर हमले की कड़ी निंदा करता हूं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाने के निर्देश दिये गये हैं। घटना के एक वीडियो में मंत्री दास अचेत नजर आ रहे हैं और उनके सीने से खून बह रहा है। वीडियो में स्थानीय लोग मंत्री को उठाकर कार की अगली सीट पर बैठाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।एसडीपीओ के मुताबिक, मंत्री को पहले झारसुगुड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें हवाई मार्ग से भुवनेश्वर के अपोलो अस्पताल ले जाया गया। पुलिस उपायुक्त प्रतीक सिंह ने बताया कि मंत्री को भुवनेश्वर के अस्पताल तक ले जाने के लिए हवाई अड्डे से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। उन्होंने बताया कि मंत्री को सुरक्षित पहुंचाने के लिए पूरे गलियारे में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया। वहीं, घटना के बाद ब्रजराजनगर में तनाव उत्पन्न हो गया है और बीजू जनता दल (बीजद) के मंत्री के समर्थक सुरक्षा चूक पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ का दावा है कि मंत्री को निशाना बनाने के लिए साजिश रची गयी।

एयरफोर्स के सुखोई-30 और मिराज-2000 फाइटर जेट क्रैश
Published / 2023-01-28 14:09:54
एयरफोर्स के सुखोई-30 और मिराज-2000 फाइटर जेट क्रैश

मध्यप्रदेश के मुरैना में बड़ा हादसाएबीएन सेंट्रल डेस्क। शनिवार अहले सुबह बड़ा हादसा हो गया, जिसमें एयरफोर्स के दो लड़ाकू विमान सुखोई-30 और मिराज 2000 दुर्घटनाग्रस्त हो गये। सूचना मिलते ही मौके पर राहत बचाव दल पहुंच गया है और आगे की कार्रवाई में जुट गया है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, दोनों विमानों ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी, जहां अभ्यास चल रहा था। रक्षा मंत्री ने एयरफोर्स चीफ से इस हादसे को लेकर बातचीत की है।लोगों का कहना है कि इन विमानों में जब आग लगी तब वे मुरैना जिले के कैलारस कस्बे के ऊपर से गुजर रहे थे। तभी लोगों ने हवा में उन्हें आग से जलते देखा तो हड़कंप मच गया कि अगर इसका मलबा नीचे गिरा तो पूरा कस्बा तबाह हो सकता है। लेकिन मलवा काफी दूर जंगल मे गिरा। माना जा रहा है कि पायलट ने अपनी जान की बाजी लगाकर फादग्रह कस्बे को जलने से बचाया।घटना की सूचना मिलते ही मुरैना के कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे और बड़ी संख्या में डॉक्टर और पुलिस के दल भी वहां पहुंच गये हैं। घटना के बाद ग्वालियर के महाराजपुरा एयरबेस सेंटर से आधा दर्जन से ज्यादा हेलीकॉप्टर रवाना हुए। इसमें रेस्क्यू दल के सदस्य थे। दिल्ली और इलाहवाद से भी वायुसेना के वरिष्ठ अफसर मौके के लिए रवाना हो गये हैं।दुर्घटना के दौरान सुखोई 30 में दो पायलट थे। जबकि मिराज 2000 में एक पायलट था। बताया जा रहा है कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं, जबकि एयरफोर्स का एक हेलीकॉप्टर तीसरे पायलट को लेने पहुंचा, जिसका वीडियो भी सामने आया, जिसमें पायलट का स्ट्रेचर पर लेटाकर हेलीकॉप्टर में लाया जा रहा है।

भारत में कोरोना : 24 घंटे में मिले  100 से भी कम नये संक्रमित
Published / 2023-01-28 11:52:16
भारत में कोरोना : 24 घंटे में मिले 100 से भी कम नये संक्रमित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 93 नये मामले सामने आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,46,82,530 हो गयी है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,842 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 से कोई नयी मौत न होने से मृतकों की संख्या 5,30,739 पर स्थिर है। वहीं, संक्रमण की दैनिक दर 0.07 प्रतिशत, जबकि साप्ताहिक दर 0.08 प्रतिशत दर्ज की गयी है।आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,842 रह गई है, जो कुल मामलों का 0.01 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 54 की कमी दर्ज की गई है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत है। भारत में अभी तक कुल 4,41,49,949 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220.36 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गये थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गये थे। चार मई 2021 को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। पिछले साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार हो गये थे।

अमीरों की लिस्ट में 7वें पायदान पर पहुंचे अडानी
Published / 2023-01-28 11:49:20
अमीरों की लिस्ट में 7वें पायदान पर पहुंचे अडानी

शेयर मार्केट में भारी उथल-पुथल के बीच डूबे 2.30 लाख करोड़ रुपयेएबीएन सेंट्रल डेस्क। एक रिपोर्ट ने गौतम अडानी की कंपनियों, बैंकों के शेयरों, एलआईसी की हैसियत को ही नहीं नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि उनकी खुद की दौलत भी काफी कम हो गई है। वैसे कंपनी के शेयरों में बीते सप्ताह लगातार ही गिरावट देखने को मिली है. जिसका असर उनकी दौलत पर देखने को मिला। वास्तव में पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन उनकी कुल दौलत 121 अरब डॉलर थी, जिसमें 28.3 अरब डॉलर की गिरावट देखने को मिल चुकी है। मौजूदा समय में गौतम अडानी की कुल दौलत 7 महीनों के निचले स्तर पर 100 बिलियन डॉलर से नीचे आ गई है, जिसकी वजह से अरबपतियों की लिस्ट में दुनिया के तीसरे सबसे अमीर अरबपति से 7वें पायदान पर आ गये हैं।5 दिनों में 2.30 लाख करोड़ रुपये का नुकसान : ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार गौतम अडानी को बीते पांच दिनों में कुल 2.30 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। आंकड़ों के अनुसार बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन गौतम अडानी की कुल दौलत 121 अरब डॉलर थी, जो मौजूदा समय में 92.7 अरब डॉलर पर आ गई है। इसका मतलब है कि इस दौरान उनकी दौलत में 28.3 अरब डॉलर यानी 2.30 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।गौतम अडानी की कुल दौलत मौजूदा समय 7 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है। 23 जून 2022 को गौतम अडानी की कुल दौलत 92.7 अरब डॉलर थी। वहीं दूसरी ओर गौतम अडानी की कुल दौलत करीब 7 महीने के बाद ही 10 बिलियन डॉलर से नीचे आ गयी है। इससे पहले 5 जुलाई को गौतम अडानी की कुल दौलत 5 जुलाई को आखिरी बार 100 बिलियन डॉलर से नीचे देखने को मिली है जो अब है। शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में गिरावट आने की वजह से गौतम अडानी की नेटवर्थ से करीब 21 अरब डॉलर साफ हो गये।तीसरे से 7वें पायदान पर पहुंचे : गौतम अडानी की कुल दौलत में काफी गिरावट आने के बाद वो दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में काफी नीचे आ चुकी हैं। कुछ दिन पहले वो दुनिया के तीसरे पायदान पर मौजूद थे, जो अब दुनिया के 7वें पायदान पर आ गये हैं। मौजूदा समय में फ्रेंच बिलेनियर बर्नार्ड अरनॉल्ट हैं, जिनके पास 190 अरब डॉलर नेटवर्थ है। उसके बाद एलन मस्क, जेफ बेजोस, बिल गेट्स, वॉरेन बफे, लैरी एलिसन मौजूद हैं। वहीं भारत के दूसरे सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी 81.52 अरब डॉलर के साथ दुनिया के 13वें सबसे अमीर कारोबारी हैं।

पीएम मोदी के साफे ने अपनी ओर खींचा सबका ध्यान
Published / 2023-01-26 22:44:32
पीएम मोदी के साफे ने अपनी ओर खींचा सबका ध्यान

आज बसंत पंचमी के रंग में रंगे दिखे प्रधानमंत्रीएबीएन सेंटल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान और तीनों रक्षा सेवाओं के प्रमुख भी मौजूद थे। केसरिया और पीले रंग का साफा पहने प्रधानमंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद वहां आगंतुक पुस्तिका में हस्ताक्षर भी किए। उनके साफे पर हरे और नीले रंग का डिजाइन भी नजर आया। इसके बाद प्रधानमंत्री गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए कर्तव्य पथ पहुंचे। उनके वहां पहुंचने के कुछ ही देर बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर्तव्य पथ पर मुख्य समारोह स्थल पहुंचीं। प्रधानमंत्री ने उनकी अगवानी की। प्रधानमंत्री मोदी ने 25 फरवरी 2019 को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। यह स्मारक स्वतंत्रता के बाद से हमारे वीर सैनिकों द्वारा किये गये बलिदान का प्रमाण है। स्मारक में एक शाश्वत ज्योति है जो किसी सैनिक द्वारा अपना कर्तव्य निभाते हुए किए गए सर्वोच्च बलिदान का उदाहरण है और इस प्रकार उसे अमर बनाती है। इसके उद्घाटन के बाद से राष्ट्रीय दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह सहित सभी श्रद्धांजलि समारोह केवल राष्ट्रीय समर स्मारक पर आयोजित किये जा रहे हैं। पिछले साल 21 जनवरी को इंडिया गेट से अमर जवान ज्योति को पूरे सैन्य सम्मान के साथ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की शाश्वत ज्वाला में विलय कर दिया गया था।

भारत के गणतंत्र दिवस पर अमेरिका में गूंजा वंदेमातरम
Published / 2023-01-26 22:33:57
भारत के गणतंत्र दिवस पर अमेरिका में गूंजा वंदेमातरम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के 74वें गणतंत्र दिवस पर अमेरिका में राष्ट्रीय गीत वंदेमातम का गानकर लोगों को बधाई दी गई। भारत में अमेरिकी दूतावास ने इस प्रस्तुति का वीडियो को साझाकर भारत को गणतंत्र दिवस की बधाई दी है। इस वीडियो में अमेरिकी अधिकारी राघवन बांसुरी और स्टेफनी गिटार बजा रहे है। भारतीय सिंगर पवित्रा चारी वंदेमातरम का गायन कर रही हैं।इस वीडियो में अमेरिका के दो अधिकारी राघवन और स्टेफनी सहित भारतीय गायिका पवित्रा चारी हैं। अमेरिकी दूतावास ने लिखा है- भारत को 74वें गणतंत्र दिवस की बधाई। हम भारत के राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम के गायन के साथ गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। इससे पहले अमेरिकी विदेश सचिव एंटनी ब्लिंकन ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच साझेदारी दुनिया में सबसे अधिक परिणामी साझेदारी में से एक है।

मोदी पर आखिर क्या है बीबीसी का इरादा...
Published / 2023-01-25 22:28:24
मोदी पर आखिर क्या है बीबीसी का इरादा...

डॉ वेदप्रताप वैदिकएबीएन एडिटोरियल डेस्क। बीबीसी की फिल्म को लेकर जमकर विवाद छिड़ा हुआ है। फिल्म का नाम है- इंडिया : द मोदी क्वेश्चन। यह फिल्म गुजरात में 2002 में हुए दंगों पर बनी है। मैंने अभी तक यह फिल्म देखी नहीं है लेकिन भारत के 300 से भी ज्यादा नेताओं, अफसरों और पत्रकारों ने बयान जारी करके इस फिल्म की भर्त्सना की है। इस फिल्म में गुजरात के दंगों और मुसलमानों की हत्या के लिए मोदी को जिम्मेदार ठहराया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी के लिए जो कहा था, मौत का सौदागर, उस कथन को इसमें फिल्माया गया है।भाजपा के नेता इस फिल्म की कड़ी भर्त्सना कर रहे हैं। वे बीबीसी को साम्राज्यवादी मानसिकता से ग्रस्त बता रहे हैं। उनका तर्क यह है कि जब भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने ही मोदी को निर्दोष साबित कर दिया है तो बीबीसी किस खेत की मूली है कि वह सोनिया गांधी के तेजाबी शब्दों को फिल्माये। लंदन में रहनेवाले भारतीय इस फिल्म के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे हैं और अदालत में भी जा रहे हैं लेकिन प्रामाणिक राय तो भी व्यक्त की जा सकती है जबकि पहले फिल्म को देख लिया जाए। लेकिन मुझे लगता है कि सच्चाई न इधर है और न ही उधर है। वह कहीं बीच में है।यह तथ्य तो सबको पता है कि गुजरात के दंगों में हिंदू और मुसलमान, दोनों मारे गए। जब दंगा शुरू हुआ, तब किसी को पता नहीं था कि वह इतना भयंकर रूप ले लेगा। जाहिर है कि सरकार को भी कुछ अंदाज नहीं था कि यह रक्तपात उसके बूते के बाहर हो जाएगा। और फिर नरेन्द्र मोदी को मुख्यमंत्री बने अभी थोड़ा ही समय ही हुआ था। उन्हें शासन चलाने का पहले कोई अनुभव भी नहीं था। गुजरात के दंगों में 1000 से ज्यादा लोग मारे गए थे। उनमें मुसलमानों की संख्या बहुत ज्यादा थी।अब 20-21 साल बाद उन दंगों की याद ताजा कराने के पीछे इरादा क्या है? क्या भारत के हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दंगे करवाना है? जब से भारत में मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, क्या 2002 का गुजरात दोहराया गया है? क्या कहीं बड़े दंगे हुए हैं? यह ठीक है कि मोदीराज में मुसलमान डरे हुए हैं लेकिन इसका कारण वे स्वयं हैं। मोदी ने इधर पसमांदा मुसलमानों के उद्धार के लिए जो बातें कहीं हैं, यदि उन पर अमल हो जाए तो क्या कहने? मुस्लिम औरतों को तीन तलाक से मुक्ति किसने दिलाई है? भारत में अभिव्यक्ति की पूरी आजादी है। किसी को डरने की जरूरत नहीं है। जब भारत ने इंदिरा गांधी के आपातकाल का मुंह काला करके उन्हें दंडित कर दिया तो उसकी जागरूक जनता को डराने की हिम्मत किसमें है? देखना यह भी है कि इस फिल्म में जले-बुझे गोरे अंग्रेजों ने कहीं भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनाक पर प्रकारांतर से तो हमला नहीं किया है? (लेखक, भारतीय विदेश परिषद नीति के अध्यक्ष हैं।)

क्या भविष्य के किसान, होंगे धनवान...
Published / 2023-01-25 22:24:59
क्या भविष्य के किसान, होंगे धनवान...

रामबचन पाण्डेयएबीएन सेंट्रल डेस्क। जलवायु परिवर्तन को देखते हुए किसानों को फसलों से संबंधित अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मोटे अनाज वाली फसलों को संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया है। संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से यह कदम भारत सरकार की पहल के बाद उठाया है। मोटे अनाज वाली फसलों ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी, कुट्टू आदि को शामिल किया जाता है। इनको सुपर फूड भी कहा जाता है, क्योंकि मोटे अनाज में पोषक तत्व अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में होते हैं।जलवायु परिवर्तन को देखते हुए किसानों को फसलों की बिगड़ती परिस्थितियों के बीच स्थायी भविष्य के खाद्य स्रोत मोटे अनाज वाली फसलें ही हैं। साथ ही जलवायु-अनुकूल प्रकृति के कारण मिलेट्स सबसे सुरक्षित फसलें हैं क्योंकि उन्हें प्रतिकूल, गर्म और शुष्क वातावरण में उगाया जा सकता है। भारत सरकार के सहयोग से सभी राज्यों को राष्ट्रीय फसल विविधीकरण कार्यक्रम के अंग के रूप में मोटे अनाज वाली फसलों को शामिल किया गया है। इससे मोटे अनाज के उपयोगी प्रसंस्करण और फसल चक्र के बेहतर इस्तेमाल के साथ इसे खाद्य सामग्री का अहम अंग बनाने में मदद मिलेगी।भारत सरकार के वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष मनाने के साथ-साथ इस वर्ष लोगों को इसके बारे में जागरूक करने के लिए भी राज्यों सरकारों अहम सहयोग रहेगा। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा किसानों के लिए कल्याणकारी संगठन मिशन मोड में मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाने और उपभोग में लाने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित संगठनों के साथ मिलकर काम करेंगे। भारत सरकार ने अप्रैल 2018 में मिलेट्स को एक पौष्टिक अनाज घोषित किया था। और भारत सरकार ने वर्ष 2018 को राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष भी मनाया गया है।हाल ही में कोरोना महामारी, जलवायु परिवर्तन और अन्य चुनौतियों के बीच मोटे अनाजों के महत्व को आम आदमी ने करीब से जाना है। अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए भी यह महत्वपूर्ण हैं। एशिया और अफ्रीका मिलेट्स अनाज के प्रमुख उत्पादक और उपयोगकर्ता देश हैं। भारत के अलावा नाइजर, सूडान और नाइजीरिया मिलेट्स के प्रमुख उत्पादक देश हैं। भारत सरकार की ओर से वर्ष 2023 को मिलेट्स वर्ष की पहचान देने की पहल के तहत संसद में सांसदों के लिए एक स्पेशल लंच तैयार किया गया, जहां रागी, ज्वार व बाजरे से बनी रोटियां परोसी गई। इसके अलावे ज्वार और बाजरे से बनी खिचड़ी भी सांसदों को खूब पसंद आई। इस स्पेशल लंच के लिए शेफ विशेष तौर कर्नाटक से मंगाए गए थे। उन्होंने रागी से इडली और डोसा तैयार किये।मिलेट्स अनाज को कम पानी की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए गन्ने के पौधे को पकाने में 2100 मिलीमीटर पानी की जरूरत होती है। वहीं, मिलेट्स अनाज बाजरा की फसल के एक पौधे को पूरे जीवनकाल में 350 मिलीमीटर पानी चाहिए होता है। रागी को 350 मिलीमीटर पानी की आवश्यकता होती है तो ज्वार को 400 मिलीमीटर पानी लगता है। जहां दूसरी फसलें पानी की कमी होने पर पूरी तरह बर्बाद हो जाती हैं, वहीं, मिलेट्स अनाज की फसल खराब होने की स्थिति में भी पशुओं के चारे के काम आ सकती हैं।पांच दिसंबर, 2022 को नई दिल्ली में मिलेट्स-स्मार्ट न्यूट्रिटिव फूड कान्क्लेव का आयोजन किया गया था। इसमें किसान उत्पादक संगठनों, स्टार्टअप्स, निर्यातकों, बाजरा आधारित मूल्य वर्द्धित उत्पादों के उत्पादक जैसे आपूर्ति शृंखला के हितधारक शामिल हुए। कॉन्क्लेव के दौरान भारतीय मिलेट्स तथा मिलेट्स आधारित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इसके अतिरिक्त, लक्षित देशों के भारत में स्थित विदेशी मिशनों के राजदूतों और संभावित आयातकों को भी रेडी टू इट मिलेट्स उत्पादों सहित विभिन्न मिलेट्स केंद्रित उत्पादों को प्रदर्शित करने और बी2बी बैठकों को सुगम बनाने के लिए कॉनक्लेव में आमंत्रित किया गया था।भारत के मोटे अनाज निर्यात संवर्धन कार्यक्रम को दुनिया के 72 देशों ने समर्थन दिया है। भारत सरकार वर्तमान में भारतीय मोटे अनाज और इसके मूल्य वर्धित उत्पादों को विश्व भर में लोकप्रिय बनाने तथा इसे एक जन आंदोलन बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयासरत है। मोटे अनाज को बढ़ावा देने की सरकार की सुदृढ़ नीति के अनुसार, विदेशों में स्थित भारतीय राजदूतों को भारतीय मोटे अनाज की ब्रांडिंग व प्रचार, अंतरराष्ट्रीय शेफों तथा डिपार्टमेंटल स्टोर्स, सुपर मार्केट्स तथा हाइपर मार्केट्स जैसे संभावित खरीदारों की पहचान करने के लिए बी2बी बैठकों और प्रत्यक्ष करारों का आयोजन किया जा रहा है।केंद्र सरकार ने कुछ उल्लेखनीय फूड शो, क्रेता-विक्रेता बैठकों और रोड शो में भारत से विभिन्न हितधारकों की सहभागिता को सुगम बनाने के लिए दक्षिण अफ्रीका, दुबई, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, सिडनी, बेल्जियम, जर्मनी, ब्रिटेन और अमेरिका में मिलेट्स अनाज संवर्धन कार्यकलापों का आयोजन करने की योजना बनाई है। भारतीय मिलेट्स अनाज के संवर्धन के एक हिस्से के रूप में, एपीडा ने गल्फूड 2023, सियोल फूड एंड होटल शो, सऊदी एग्रो फूड, सिडनी (आस्ट्रेलिया) में फाइन फूड शो, बेल्जियम के फूड व बेवेरेजेज शो, जर्मनी के बायोफैक व अनुगा फूड फेयर, सैन फ्रैंसिस्को के विंटर फैंसी फूड शो जैसे विभिन्न ग्लोबल प्लेटफॉर्मों पर बाजरा तथा इसके मूल्य वर्धित उत्पादों को प्रदर्शित करने की योजना बनाई है।देश के किसानों का जीवन खेती किसानी पर आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ किसानों को कृषि उत्पादन का उचित मूल्य मिले, यह भी सरकार की योजनाओं में प्राथमिकताओ में शामिल करके मिलेट्स अनाज के गांव स्तरीय क्लस्टर बेस्ड समूहों/ संगठन की सहायता से मिलेट्स अनाज निर्यात संवर्धन करके किसानों की खेती को व्यापार से जुड़े, जिससे ग्रामीण जनों को रोजगार मिल सके, जिससे किसान अपने परिवार और समाज में पथ प्रदर्शक बन सके। इसी महत्व को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष 2023 देश के किसानों और आम आदमी के लिए भारत सरकार किसान कल्याणकारी नई योजनाओ को भी किसानों के खेतों तक पंहुचा रही है। इसमें किसानो के लिए मिलेट्स अनाज के उन्नतशील किस्में और बेहतर कृषि तकनीकी से उत्पादन बढेगा, जिससे विश्व में भारत की पहल को मजबूती मिलेगी। भारत सरकार द्वारा किसान उत्पादक संगठनों में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करके वित्तीय मजबूती भी दी जा रही, जिससे देश के किसानों की उन्नति का मार्गदर्शन हो रहा है। (लेखक, कृषि प्रसार विशेषज्ञ हैं।)

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.