आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास से कई मुद्दों पर की चर्चाएबीएन सेंट्रल डेस्क। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और अरबपति बिल गेट्स 28 फरवरी को मुबंई स्थित भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने इस दौरान आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के साथ मुलाकात की। आरबीआइ ने इस मुलाकात की तस्वीरें ट्विटर पर शेयर कर लिखा- बिल गेट्स आज आरबीआई के मुंबई आफिस आये और गवर्नर शक्तिकांत दास के साथ कई मामलों पर चर्चा की।गौरतलब है कि बिल गेट्स भारत में स्वास्थ्य और शिक्षा समेत अन्य क्षेत्रों में बिजनेस के मौके तलाशने के लिए भारत की यात्रा पर हैं। मुलाकात के दौरान शक्तिकांत दास ने बिल गेट्स को एक किताब भी भेंट की। बिल गेट्स ने हाल ही में भारत में बिजनेस करने की इच्छा जाहिर की थी। गेट्स ने 27 फरवरी को एक ट्वीट कर कहा था कि किसी भी और देश की तरह भारत के पास सीमित संसाधन हैं लेकिन इस देश ने दिखाया है कि कैसे बाधाओं के साथ भी तरक्की की जा सकती है। उन्होंने इस ट्वीट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया था जिसमें वह कह रहे हैं कि धरती की लगभग 20 फीसदी आबादी भारत में रहती है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत की प्रगति काफी सराहनीय है। देश की शिशु मृत्यु दर गिरी है। वे नई वैक्सीन लेकर आये हैं और स्वास्थ्य सेवाओं की कवरेज बढ़ी है। हालांकि, अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। भारत का मॉडल पूरी दुनिया की मदद करेगा। मुझे यहां की ऊर्जा पसंद है और यहां आकर तरक्की होते देखने अच्छा लगता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री मोदी के छोटे भाई प्रह्लाद मोदी को एक गंभीर बिमारी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि पीएम मोदी के भाई को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किडनी से जुड़ी परेशानी के चलते प्रह्लाद अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में बेहतर होती कानून व्यवस्था और व्यापार के लिए सुरक्षित वातारण राज्य में रोजगार और निवेश के नये अवसर पैदा कर रहा है। सुरक्षित महौल के चलते पर्यटक भी बढ़ी संख्या में यहां की यात्रा कर रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उत्तर प्रदेश में आयोजित रोजगार मेले को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश की पहचान बदल रही है और बेहतर कानून व्यवस्था के साथ यह तेजी से विकास कर रहा है। वहीं इससे पहले राज्य माफिया और ध्वस्त व्यवस्था से पहचाना जाता था।उत्तर प्रदेश में आयोजित रोजगार मेले के दौरान 9 हजार युवाओं को पुलिस में भर्ती प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि युवा अपने साथ नये विचार और कुशलता लायेंगे। उन्होंने पुलिस में भर्ती होने जा रहे युवाओं से संवेदनशील बनने की अपील की और राज्य सरकार के इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलिस इस तरह काम करे कि अपराधियों के मन में भय पैदा हो और कानून का पालन करने वाला सबसे अधिक निडर महसूस करें।डबल इंजन सरकार के चलते राज्य में बढ़ रहे रोजगार को बड़ी उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अकेले पुलिस में ही 2017 के बाद डेढ़ लाख नियुक्तियां की गयी हैं। प्रदेश को अब एक्सप्रेस प्रदेश के रूप में जाना जा रहा है। मुद्रा योजना से मिल रहे ऋण से यहां के युवाओं की उड़ान को नये पंख मिल गये हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आग लगने की वजह से भाजपा पार्षद के घर का एक हिस्सा जलकर खाक हो गया। घटना पश्चिम बंगाल के आसनसोल नगर निगम के 105 नंबर वार्ड की है। रविवार तड़के उक्त वार्ड की भाजपा पार्षद इंद्राणी आचार्य और भाजपा नेता अभिजीत आचार्य के घर में आग लगने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। पल भर में आग चारों तरफ फैल गयी। बताया जा रहा है कि फायर ब्रिगेड की चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है।रविवार तड़के लगी आग में भाजपा पार्षद के परिवार का कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है। हालांकि घर का काफी सामान जल गया। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आग शार्ट सर्किट से लगी होगी। क्या कहते हैं घर के मालिक : घर के मालिक अभिजीत आचार्य ने कहा कि पूरा घर जलकर खाक हो गया है। आसनसोल की दमकल की एक गाड़ी और कोलियाडी टैंक के पानी ने आग पर काबू पाया। लेकिन घर में कुछ भी नहीं बचाया जा सका।
राजनीति से संन्यास पर खुलकर बोलीं सोनिया गांधीएबीएन सेंट्रल डेस्क। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक से सन्यास लेने की चल रही अटकलों पर रविवार को उस समय विराम लग गया जब कांग्रेस नेता अलका लांबा ने सोनिया गांधी की मौजूदगी में इसका खंडन किया। लांबा ने रायपुर में चल रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में अपने सम्बोधन में सोनिया के सन्यास लेने का खंडन करते हुए कहा कि मीडिया में इस आशय की खबरों के बाद उन्होंने सोनिया गांधी से मुलाकात की। जिस पर उन्होंने साफ कहा कि वह राजनीति से कतई पीछे नहीं हट रही हैं, वह पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करती रहेंगी। लांबा के इस कथन के समय सोनिया भी मौजूद थी। वह इस दौरान मुस्करा रही थी। दरअसल, सोनिया ने कल पूर्ण सत्र मे अपने सम्बोधन कहा था कि मुझे 1998 में पहली बार पार्टी अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करने का सम्मान मिला था। इन 25 वर्षों में, हमारी पार्टी ने उच्च उपलब्धि के साथ-साथ गहरी निराशा का समय भी देखा है। 2004 और 2009 में हमारी जीत के साथ-साथ डॉ मनमोहन सिंह के सक्षम नेतृत्व ने मुझे व्यक्तिगत संतुष्टि दी, लेकिन मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि भारत जोड़ो यात्रा के साथ मेरी पारी का समापन हो सका। मीडिया के एक हलके में इस कथन को उनके राजनीति से सन्यास के संकेत के रूप में मानते हुए खबरें आयी थी। इससे आम कांग्रेसजनों में निराशा फैल गयी थी।
भारत जोड़ो यात्रा में मेरा घमंड खत्म हो गया : राहुल गांधीएबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस के राष्ट्रीय महाधिवेशन में बोलते हुए राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अपने अनुभव को साझा किया। उन्होने कहा कि इस यात्रा के दौरान मुझे लोगों का ढेर सारा प्यार मिला। राहुल ने कहा कि केरल ने आपने वो बोट रेस देखी होगी, उस समय जब मैं नाव में बैठा था तो मेरे पैर में भयंकर दर्द था। मैं उस फोटो में मुस्कुरा रहा हूं, लेकिन मेरे दिल के अंदर रोना आ रहा था, इतना दर्द था। मैंने यात्रा शुरू की, काफी फिट आदमी हूं, 10-12 किलोमीटर ऐसे ही दौड़ लेता हूं, घमंड था, मैंने सोचा कि 10-12 किलोमीटर चल लेता हूं, 20-25 किलोमीटर में क्या बात है। पुरानी चोट थी, कॉलेज में चोट लगी थी फुटबॉल खेलते हुए। मैं दौड़ रहा था, मेरे दोस्त ने पीछे से अडंगी मार दी, घुटने में चोट लगी। दर्द गायब हो गया था सालों के लिए। अचानक जैसे ही मैंने यात्रा शुरू की दर्द वापस आ गया। आप मेरे परिवार हो तो मैं कह सकता हूं आपसे, सुबह उठता था तो सोचता था कि कैसे चला जाये, फिर सोचता था कि 25 किलोमीटर नहीं 3500 किलोमीटर चलना है, कैसे चलूंगा। जब कंटेनर से उतरता था, चलना शुरू करता था, लोगों से मिलता तो पहले 10-15 दिन में, जिसको आप अहंकार कह सकते हो, घमंड कह सकते हो, सारा गायब हो गया।राहुल गांधी ने कहा कि भारत माता ने मुझे मैसेज दिया, देखो तुम अगर निकले हो, अगर कन्याकुमारी से कश्मीर चलने निकलने हो तो अपने दिल से अहंकार मिटाओ, घमंड मिटाओ नहीं तो मत चलो। मुझे यह बात सुननी पड़ी। आहिस्ते-आहिस्ता मैंने देखा मेरी आवाज चुप होती गयी। पहले किसान से मिलता था, मैं उसको अपना ज्ञान समझाने की कोशिश करता था। लेकिन धीरे-धीरे सारा ज्ञान बंद हो गया, शांति सी आ गयी और सन्नाटे में मैं सुनने लगा, यह आहिस्ते-आहिस्ते बदलाव आया। जब मैं जम्मू कश्मीर पहुंचा मैं बिल्कुल चुप हो गया। 52 साल से मेरा घर नहीं राहुल ने कहा मैं छोटा सा था, 1977 की बात है, चुनाव आया, मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता था, मैं सिर्फ 6 साल का था। एक दिन घर में अजीब सा माहौल था, मैं मां के पास गया, मैंने पूछा क्या हुआ, उन्होंने कहा हम घर छोड़ रहे हैं। तबतक मैं सोचता था कि वह घर हमारा था, मैंने मां से पूछा हम अपने घर को क्यों छोड़ रहे हैं। पहली बार मां ने मुझे बताया, राहुल यह हमारा घर नहीं है, यह सरकार का घर है, अब हमे यहां से जाना है। मैंने पूछा मां कहां जाना है, कहती हैं नहीं मालूम कहां जाना है। मैं हैरान हो गया, मैंने सोचा था कि वह हमारा घर था। 52 साल हो गये, मेरे पास घर नहीं है, आजतक घर नहीं है, हमारे परिवार का जो घर है वह इलाहाबाद में है, वह भी हमारा घर नहीं है। जो घर होता है, उसके साथ मेरा अजीब सा रिश्ता है, मैं 12 तुगलक लेन में रहता हूं, लेकिन मेरे लिए वह घर नहीं है। भारत जोड़ो यात्रा में मेरा घर जब मैं कन्याकुमारी से निकला तो मैंने खुद से पूछा कि मेरी जिम्मेदारी क्या बनती है। मैं भारत का दर्शन करने निकला हूं, भारत को समझने निकला हूं, हजारों लाखों लोग चल रहे हैं, भीड़ है, मेरी क्या जिम्मेदारी है। मैंने थोड़ी देर सोचा और फिर मेरे दिमाग में एक आइडिया आया। मैंने ऑफिस के लोगो को बुलाया और कहा देखिये यहां पर हजारों लोग चल रहे हैं, धक्का लगेगा, लोगों को चोट लगेगी, बहुत भीड़ है, हमे एक काम करना है, मेरे साइड में, मेरे 20-25 फुट आगे, जो जगह खाली है उसमे हिंदुस्तान के लोग आएंगे, हमसे मिलने आयेंगे, अगले चार महीने में वह हमारा घर है। यह घर हमारे साथ चलेगा। मैंने सबसे कहा देखिये इस घर में जो भी आएगा, अमीर हो, गरीब हो, बुजुर्ग हो, युवा हो, बच्चा हो, किसी भी धर्म का हो, राज्य का हो, हिंदुस्तान के बाहर का हो, जानवर हो, उसको यह लगना चाहिए, मैं अपने घर आया हूं। जब वह यहां से जाए उसे लगना चाहिए मैं अपने घर को छोड़कर जा रहा हूं। जिस दिन मैने यह किया, यह यात्रा बदल गयी, जादू से बदल गयी। लोग मेरे साथ राजनीतिक बात नहीं कर रहे थे, मैंने क्या-क्या सुना है मैं आपको बता नहीं सकता हूं।
कश्मीर में फिर टारगेट किलिंग! एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू कश्मीर में आतंकियों ने फिर गोलीबारी की है। जम्मू कश्मीर पुलिस ने बताया कि पुलवामा में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित संजय शर्मा को निशाना बनाया है। उन्होंने बताया कि गोली लगने के बाद वो गिर पड़े। घायल हालत में उनको अस्पताल ले जा रहे थे, उसी दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। संजय शर्मा बैंक में गार्ड था। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि आचन के काशीनाथ शर्मा के पुत्र संजय शर्मा पर आतंकवादियों ने उस समय गोलीबारी की जब वह स्थानीय बाजार जा रहे थे। घायल को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया और बाद में उसने दम तोड़ दिया। अधिकारी ने बताया कि पेशे से वह बैंक सुरक्षा गार्ड था। इस बीच, उन्होंने कहा कि हमलावरों को पकड़ने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गयी है। पुलिस ने एक बयान में कहा कि आतंकवादियों ने स्थानीय बाजार जाते समय संजय शर्मा पुत्र काशीनाथ शर्मा निवासी अचन पुलवामा नाम के एक नागरिक पर गोलीबारी की। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, हालांकि उन्होंने दम तोड़ दिया।
पीएम मोदी ने मन की बात को किया संबोधितएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मन की बात को आप सभी ने जनभागीदारी की अभिव्यक्ति का अद्भुत प्लेटफॉर्म बना दिया है। आप अपने मन की शक्ति तो जानते ही हैं। वैसे ही, समाज की शक्ति से देश की शक्ति बढ़ती है, ये हमने मन की बात के अलग-अलग एपिसोड में देखा है और अनुभव किया है और इसे स्वीकार भी किया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे वो दिन याद है, जब हमने मन की बात में भारत के पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहन की बात की थी। तुरंत उस समय देश में एक लहर सी उठ गयी भारतीय खेलों के जुड़ने की, इनमें रमने की, इन्हें सीखने की। मन की बात में जब भारतीय खिलौनों की बात हुई, तो देश के लोगों ने इसे हाथों-हाथ बढ़ावा दे दिया। अब तो भारतीय खिलौनों का इतना ज्यादा क्रेज हो गया है कि विदेशों में भी इनकी डिमांड बहुत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब हमने स्टोरी टेलिंग की भारतीय विधाओं पर बात की, तो उनकी प्रसिद्धि भी दूर-दूर तक पहुंच गयी। लोग, ज्यादा से ज्यादा भारतीय स्टोरी टेलिंग की विधाओं की तरफ आकर्षित होने लगे।ई-संजीवनी एप से मिला रहा लोगों को टेली-कंसल्टेशन : प्रधानमंत्री ने कहा कि तेजी से आगे बढ़ते हमारे देश में डिजिटल इंडिया की ताकत कोने-कोने में पहुंच रही है। एक एप है ई-संजीवनी। इस एप से वीडियो क्रॉन्फ्रेंस के माध्यम से डॉक्टरी सलाह ले सकते हैं। इसके माध्यम से 10 करोड़ मरीज और डॉक्टर के साथ अद्भुत नाता है। इसकी उपलब्धि के लिए सभी डॉक्टरों व मरीजों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। भारत के लोगों ने तकनीक को कैसे अपने जीवन का हिस्सा बनाया है, यह इसका जीता जागता उदाहरण है। देश के सामान्य मानवी के लिए मध्यम वर्ग के लिए पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों के लिए ई-संजीवनी जीवन रक्षा का केंद्र बन रहा है। भारत के यूपीआई की ताकत भी आज जानते हैं। दुनिया के कई देश इसकी तरफ आकर्षित हैं। कुछ दिन पहले ही भारत और सिंगापुर के बीच पे नाऊ एप लॉन्च किया गया है। भारत का ई-संजीवनी हो या यूपीआई ये एज ऑफ लिविंग को बढ़ाने में बहुत मददगार साबित हुए हैं।युवाओं को सुनहरे अतीत से जोड़ने की जरूरत : प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका में रहने वाले श्रीमान कंचन बैनर्जी ने विरासत के संरक्षण से जुड़े ऐसे ही एक अभियान की तरफ मेरा ध्यान आकर्षित किया है। मैं उनका अभिनंदन करता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हुगली जिले के बांसबेरिया में इस महीने त्रिबेनी कुम्भो महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें आठ लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए, लेकिन क्या आज जानते हैं कि यह इतना विशेष क्यों है? क्योंकि इस प्रथा को 700 साल के बाद पुनर्जीवित किया गया है। मैं इस आयोजन से जुड़े सभी लोगों को बधाई देता हूं। आज सिर्फ एक परंपरा को ही जीवित नहीं कर रहे हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति विरासत की भी रक्षा कर रह रहे हैं। हमारे युवाओं को देश के सुनहरे अतीत से जोड़ने का यह बहुत सराहनीय प्रयास है। भारत में ऐसे कई रीति-रिवाज है, जिन्हें फिर से जीवित करने की आवश्यकता है।स्वच्छ भारत अभियान के बदल गये मायने : प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान में हमारे देश में जन भागीदारी के मायने ही बदल दिए हैं। इस अभियान का एक महत्वपूर्ण आयाम वेस्ट टू वेल्थ। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले की एक बहन कमला मोहराना एक स्वयं सहायता समूह चलाती हैं। इस समूह की महिलाएं दूध की थैली और दूसरी प्लास्टिक पैकिंग से टोकरी और मोबाइल स्टैंड जैसी कई चीजें बनाती हैं। ये इनके लिए स्वच्छता के साथ ही आमदनी का भी एक अच्छा जरिया बन रहा है। हम अगर ठान लें तो स्वच्छ भारत में अपना बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं। कम-से-कम प्लास्टिक के बैग की जगह कपड़े के बैग का संकल्प तो हम सबको ही लेना चाहिए। आप देखेंगे, आपका ये संकल्प आपको कितना सन्तोष देगा, और दूसरे लोगों को जरूर प्रेरित करेगा।वोकल फॉर लोकल के संकल्प के साथ मनायें होली : पीएम मोदी ने कहा कि हम देश की कर्मठता की जितनी चर्चा करते हैं, उतनी ही हमें ऊर्जा मिलती है | इसी ऊर्जा प्रवाह के साथ चलते-चलते आज हम मन की बात के 98वें एपिसोड के मुकाम तक पहुंच गये हैं।आज से कुछ दिन बाद ही होली का त्यौहार है। आप सभी को होली की शुभकामनाएं। हमें, हमारे त्योहार वोकल फॉर लोकल के संकल्प के साथ ही मनाने हैं।
निगम में स्थायी समिति के चुनाव में मारपीट और गुंडागर्दी करने वाले निगम पार्षदों की सदस्यता रद्द हो : चौ अनिल कुमार एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने दिल्ली के उपराज्यपाल से मांग की है कि दिल्ली नगर निगम सदन स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव के दौरान गुंडागर्दी व हंगामा करने वाले निगम पार्षदों की पहचान करके तुरंत प्रभाव से उनकी सदस्यता रद्द करें; क्योंकि महापौर, उप महापौर के चुनावों से लेकर चौथी बार भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षदों की यह आपसी जंग लगातार जारी है, जिसने भारतीय लोकतंत्र की गरिमा को धूमिल कर दिया है। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि निगम चुनाव को 3 महीने पूरे होने को हैं परंतु आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच आपसी टकराव खत्म होने का नाम नही ले रहा। मेयर व डिप्टी मेयर बन जाने के बाद स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव दोनो पार्टियों के लिए जंग का मैदान बना दिया है। उन्होंने कहा कि स्थायी समिति का गठन एक वैधानिक प्रक्रिया है जिसे पूरा करना जरुरी है। भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षदों द्वारा स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव के दौरान गतिरोध व प्रतिरोध का माहौल उत्पन्न करना लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधन डालने का काम है, जिसको गंभीरता से लेते हुए उपराज्यपाल को हस्तक्षेप करना चाहिए। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के गलत निर्देशों और हठधर्मिता के कारण दिल्ली की जनता के हितों, दिल्ली के विकास और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव नही होता है तो सदन के एजेंडे में शामिल योजनाओं के प्रस्ताव पास करने और विभिन्न मामलों पर चर्चा होना मुश्किल है क्योंकि सदन के एजेंडे में सबसे पहला प्रस्ताव स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव कराना संबधी होगा। उन्होंने कहा कि डीएमसी एक्ट अनुसार यह प्रावधान है कि स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव को स्थगित करके अन्य किसी भी प्रस्ताव निर्णय नहीं लिया जा सकता। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि निगम चुनावों के बाद जितनी बार भी सदन चला, उसमें भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने मारपीट, गुंडागर्दी कर हंगामा करके अपनी ताकत दिखाकर उन्होंने दिल्ली नगर निगम सदन लोकतंत्र की हत्या करके संवैधानिक नियमों व प्रक्रियाओं उलंघन किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी निगम की सत्ता में भी रही है और विपक्ष में भी। इतिहास में कभी ऐसी अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक गतिविधि कांग्रेस पार्षदों के द्वारा कभी नही हुई। उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस उपराज्यपाल से पुन: मांग करती है कि सदन को अमर्यादित व्यवहार से कलंकित करने वाले निगम पार्षदों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्यवाही हो।
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