एबीएन सेंट्रल डेस्क। होली का त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, बाजारों की रौनक बढ़ती जा रही है। रंग-गुलाल, पिचकारी व टोपी के साथ तरह-तरह के मुखौटों की दुकानें सज चुकी हैं। पिछले वर्ष की तुलना में पिचकारी के दामों में 30 प्रतिशत तक उछाल आया है।रंगों से तन को सराबोर करने के लिए पिचकारी की मांग ज्यादा है। खास बात यह है कि इस बार बाजार से चीनी पिचकारी गायब है। पूरी तरह भारतीय पिचकारियों की बहार है। ऐसे में भारतीय पिचकारियों से लोग एक-दूसरे को रंगों से सराबोर करते नजर आयेंगे। सिविल लाइन, संकट मोचन, वासलीगंज, घंटाघर आदि जगहों पर होली के सामान खरीदने वालों की भीड़ जुटने लगी है। विभिन्न कार्टून करैक्टर और रंग लगाने के विभिन्न उपकरण बच्चों को खासा आकर्षिक कर रहे हैं। सुबह-शाम दुकानों पर बच्चों की भीड़ देखी जा सकती है। वहीं बड़े भी कहीं पीछे नहीं हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आगामी चारधाम यात्रा के लिए 21 फरवरी से अबतक कुल पंजीकरण की संख्या 2 लाख से अधिक पहुंच गयी है। बद्रीनाथ और केदारधाम धामों के कुल 2,033,24 श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं।पर्यटन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों के कुल 2,033,24 श्रद्धालुओं के पंजीकरण किये जा चुके हैं। जिनमें केदारनाथ धाम के लिए अब तक कुल 1,118,71 और बद्रीनाथ धाम के लिए 91,453 श्रद्धालु पंजीकृत किये जा चुके हैं।25 अप्रैल से शुरू होने वाले चार धाम यात्रा के लिए प्रशासन ने आने वाले श्रद्धालुओं की उचित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गयी हैं जिनमें डॉक्टरों और चिकित्सीय पेशेवरों की तैनाती, पर्याप्त मात्रा में स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक वस्तुओं और दवाओं का भंडारण आदि शामिल हैं।इस वर्ष चार धाम के लिए पंजीकरण के लिए चार माध्यम अपनाए गये हैं। श्रद्धालु यात्रा के लिए वेबसाइट, कॉल के द्वारा , व्हाट्सएप और मोबाइल ऐप के जरिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं। अब तक ऑनलाइन माध्यम से 1,520,24 श्रद्धालुओं का पंजीकरण किया गया वहीं मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के जरिए क्रमश: 26,255 और 15,045 श्रद्धालु पंजीकृत किये गये। श्रद्धालु https://registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं व्हाट्सएप द्वारा पंजीकरण कराने के लिए Yatra टाइप कर 91 8394833833 भेजना होगा।श्रद्धालुओं के लिए यात्रा संबंधी जानकारी एवं सुझावों के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किया है। इन हेल्पलाइन नम्बरों में चार धाम टोल फ्री नं. 1364 और 0135-1364 (अन्य राज्यों के लिए),चार धाम कंट्रोल रूम नं.0135-2559898, 2552627, आपदा प्रबंधन नं. 0135-276066, 1070 (टोल फ्री) आदि नम्बरों पर कॉल करके आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दुनिया को यह बताने की कोशिश की जा रही है कि भारतीय न्यायपालिका और लोकतंत्र संकट में है। पूर्वी राज्यों में केंद्र के वकीलों के एक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए रिजिजू ने कहा कि न्यायाधीशों का ज्ञान सार्वजनिक जांच से परे है। उन्होंने कहा कि भारतीय न्यायपालिका पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है, विशेष रूप से न्यायाधीशों के ज्ञान को सार्वजनिक जांच के दायरे में नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि समय-समय पर देश के अंदर और बाहर दोनों तरफ से दुनिया को यह बताने के लिए सोचे-समझे प्रयास किये जा रहे हैं कि भारतीय न्यायपालिका संकट में है। दुनिया को संदेश दिया जा रहा है कि भारतीय लोकतंत्र संकट में है। यह कुछ समूहों द्वारा देश की छवि खराब करने का जानबूझकर किया गया प्रयास है। रिजिजू ने कहा कि गुप्त मंशा से कोई भी अभियान भारत और उसके लोकतांत्रिक ढांचे को बदनाम करने में सफल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अमेरिका सबसे पुराना लोकतंत्र होने का दावा कर सकता है, लेकिन भारत वास्तव में लोकतंत्र की जननी है। रिजिजू की टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा कैंब्रिज विश्वविद्यालय में एक व्याख्यान में यह आरोप लगाने के बाद आई है कि भारतीय लोकतंत्र पर हमला हो रहा है और उन पर व कई अन्य राजनेताओं की निगरानी की जा रही है।
वैज्ञानिक बोले- क्लाइमेट चेंज ही नहीं खेल कुछ और...एबीएन नॉलेज डेस्क। क्लाइमेट चेंज ग्लेशियर के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो रहा है। लद्दाख में दो ग्लेशियर डुरुंग-द्रुंग और पेनसिलुंगपा ऐसे हैं, जिसके बारे में वैज्ञानिकों ने बताया कि 1971 से 2019 के बीच अपनी जगह से 7.8 किलोमीटर और 1.5 किलोमीटर तक खिसक गये हैं। वैज्ञानिकों ने इसके लिए क्लाइमेट चेंज और कुछ अन्य फैक्टर्स को जिम्मेदार माना है, जिसकी वजह से ग्लेशियर पिघल रहे हैं। वैज्ञानिक इस बात से भी हैरान हैं कि सिर्फ एक किलोमीटर का एरियल डिस्टेंस होने के बावजूद ग्लेशियर अलग-अलग गति के साथ खिसक रहे हैं। इसको लेकर हाल ही में सस्टेनेबिलिटी नाम की एक मैगजीन में वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी (डब्ल्यूआईएचजी) के वैज्ञानिकों मनीष मेथा, विनीत कुमार, पंकज कुंमार और कलाचंद सेन द्वारा तैयार रिपोर्ट पब्लिश की गयी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लेशियर लद्दाख में 14,612 फीट की ऊंचाई पर पेन्सी-ला पास में स्थित हैं। डीडीजी ग्लेशियर 72 स्क्वायर किलोमीटर में फैला है, इस ग्लेशियर का 7.8 स्क्वायर किलोमीटर का हिस्सा विलुप्त हो चुका है, और जंस्कर नदी में जा मिला है। वहीं एक अन्य ग्लेशियर पीजी 16 स्क्वायर किलोमीटर में फैला एक छोटा ग्लेशियर है, जिसका 1.5 स्क्वायर किलोमीटर का हिस्सा पिघल चुका है, जो कुल क्षेत्र में 8% है।रिसर्च से पता चला है कि 1971 से 2019 के बीच डीडीजी प्रति वर्ष 13 मीटर और पीजी 5.6 मीटर पिघल गया है। रिसर्च के प्रमुख लेखक मनीष मेथा कहते हैं कि ग्लेशियर का पीछे हटना न सिर्फ क्लाइमेट चेंज से प्रभावित है, बल्कि ग्लेशियर की टोपोग्राफिक सेटिंग्स और मोरफोलॉजी से प्रभावित है. एक ही ज्योलिजकल क्षेत्र में दोनों ग्लेशियर एक ही क्लाइमेट परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, फिर भी अलग-अलग गति के साथ पीछे हटना, इस इशारा करता है कि यहां खेल कुछ और है। रिसर्च के प्रमुख लेखक मनीष मेथा कहते हैं कि ग्लेशियर का पीछे हटना न सिर्फ क्लाइमेट चेंज से प्रभावित है, बल्कि ग्लेशियर की टोपोग्राफिक सेटिंग्स और मोरफोलॉजी से प्रभावित है।वैज्ञानिकों ने बताया कि एक ही ज्योलिजकल क्षेत्र में दोनों ग्लेशियर एक ही क्लाइमेट परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, फिर भी अलग-अलग गति के साथ पीछे हटना, इस इशारा करता है कि यहां खेल कुछ और है। वो ग्लेशियर जिनपर रिसर्च किये गये हैं वे आकार, ऊंचाई, ढलान, डब्रिस कवर और यहां स्थित सुप्रा और प्रोग्लेशियल से प्रभावित हो रहे हैं। वैज्ञानिक बताते हैं कि जांस्कर नदी में दो ग्लेशियरों की अहम भूमिका है, जहां डीडीजी जांस्कर की सबसे करीब स्थित नदी डोडा और पीजी सुरु नदी का ऑरिजिन है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पुणे, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत का कहना है कि स्वार्थ कभी भी सेवा की प्रेरणा नहीं हो सकता। सेवा का धर्म गहन है लेकिन यह मानवता का सहज धर्म है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जनकल्याण समिति, जनकल्याण सेवा फाउंडेशन और डॉ हेडगेवार स्मारक सेवा निधि संस्था के द्वारा पुणे में संयुक्त रूप से बनाये गये सेवा भवन का उद्घाटन करते हुए संघ प्रमुख ने यह बात कही।अपने वक्तव्य में संघ प्रमुख ने कहा कि संकट के समय किसी न किसी को खड़ा होना पड़ता है। जब समाज संकट में होता है तो समाज में कुछ न कुछ करने वाले लोग भी होते हैं। संघ की प्रेरणा से पूरे देश में अनगिनत सेवा कार्य चल रहे हैं और जनकल्याण समिति का कार्य उनमें से एक है और श्रेष्ठ है।संघ प्रमुख ने कहा कि समाज की सेवा करते हुए यह अहंकार नहीं होना चाहिए कि हमने यह किया। समाज दिल खोलकर देता है। लेकिन समाज को पता चलना चाहिए कि ये लोग विश्वसनीय हैं। सेवा शब्द भारतीय है, जबकि सर्विस शब्द का तात्पर्य मुआवजे की अपेक्षा से है। उन्होंने कहा कि सेवा मजबूरी नहीं है और न ही इसे भय से किया जा सकता है। सेवा हमारी प्रवृत्ति है। मनुष्य का अर्थ ही संवेदना होता है। यह अस्तित्व की एकता का रहस्य है। यह एक आध्यात्मिक लेकिन वास्तविक सत्य है।इस अवसर पर रा. स्व. संघ के पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत संघचालक सुरेश उर्फ नाना जाधव, जनकल्याण समिति के प्रांत अध्यक्ष डॉ रवींद्र सातालकर, जनकल्याण सेवा फाउंडेशन के निदेशक महेश लेले और डॉक्टर हेडगेवार स्मारक सेवा निधि के कोषाध्यक्ष माधव (अभय) माटे मंच पर उपस्थित थे। संघ प्रमुख ने जनकल्याण समिति की 50 वर्ष की यात्रा की समीक्षा करने वाली पुस्तक "अहर्निशं सेवामहे" का लोकार्पण भी किया। मंच हरिओम काका मालशे को उनके सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया।
टीम एबीएन, रांची। रांची के माहेश्वरी समाज का भव्य फाल्गुणोत्सव सह होली मिलन समारोह स्थानीय माहेश्वरी भवन, गणेश नारायण साबू चौक, सेवा सदन पथ, रांची में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। होली एक ऐसा रंग बिरंगा त्यौहार है जिसे सभी लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ मनाते हैं। प्यार भरे रंगों से सजा यह पर्व गिले-शिकवे भूलकर एक दूसरे को रंग लगाते हैं।यही सोच के साथ रांची महेश्वरी सभा हर साल समाज बंधुओं के लिए फागुन होली महोत्सव का आयोजन करते हैं। संध्या 5:30 बजे से शुरू हुए कार्यक्रम में समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मारू, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिवशंकर साबू, रांची सभा अध्यक्ष किशन कुमार साबू, सचिव नरेंद्र लाखोटिया, प्रदेश महिला महासचिव संगीता चितलांगिया, प्रदेश उपाध्यक्षा अर्चना साबू, महिला अध्यक्षा भारती चितलांगिया, सचिव विमला माहेश्वरी, युवा अध्यक्ष विनय मंत्री, सचिव हेमंत माहेश्वरी सहित जुगल किशोर मारु, उमाशंकर साबू, महाबीर प्रसाद सोमानी, पवन मंत्री, अशोक साबू, उषा मंत्री, बीणा साबू, मीरा परवाल आदि को व्यंगात्मक टैगलाइन दे सब्जियों की माला पहना होलीयाना सम्मान एवं स्वागत किया गया। महिलाओं एवं बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम किया। पाखी चितलांगिया, खुशी मंत्री, वानिया लखोटिया, धनिषा लखोटिया, अदिति सोमानी, जागृति सोमानी, राखी चांडक, श्रुति चांडक ने होली पर डांस, रास लीला एवं राधाकृष्ण के साथ फूलों की होली का आनंद लोगों ने लिया। फागुन महोत्सव पर चार चांद लगा दिया। होली पर जुड़े कुछ विशेष शब्दों को लेकर आयोजन में मौजूद सभी सदस्यों के साथ अंताक्षरी भी खेली गयी।होली का प्रोग्राम ढप चंग मारवाड़ी होली लोकगीत के बिना अधूरी इसलिए इस बार कुछ खास रहा फागुन उत्सव, विकास राजस्थानी चंग ग्रुप द्वारा राजस्थानी चंग गायन शुरू किया गोरा गोरा गाल घूंघटोये में राखीजे, नखरालो देवरियो भाभी पर जादू कर गयो। कठ सू आइ सूठ कठ सू आयो जीरो, बाई सा बीरा, जयपुर जायजो जी आदि गानों की बोल के साथ ढप की धुन पर सभी आगंतुक झूम उठे।इस कार्यक्रम के संयोजक राजेश सोमानी श्यामसुंदर बिहानी, ओमप्रकाश बोड़ा, शिखा बिड़ला, अंजना गट्टानी, रंजू मालपानी, सविक बोड़ा, हिमांशु धुत थे। मंच संचालन विनिता चितलांगिया ने किया। सभी सदस्यों को अबीर और गुलाल लगाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर लगभग 600 लोगों ने केसरिया ठंडाई और स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद उठाया।इस समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथियों में सांसद संजय सेठ, विधायक सीपी सिंह, उप महापौर संजीव विजयवर्गीय, पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारु, महेश पोद्दार, चेंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री एवं अन्य सामाजिक संगठनों से बंसत मित्तल, पुनीत पोद्दार, प्रदीप राजगढ़िया, अशोक नारसरिया, कौशल राजगढ़िया, प्रमोद सास्वत, अशोक पुरोहित, अमरचंद बैगानी, रमेशचंद्र शर्मा, बिमल दस्सनी, सुभाष जैन, पृथ्वीराज चौधरी सहित समाज के गणमान्य मुकेश काबरा, मनोज काबरा, किशन सोढानी, प्रकाश काबरा, जुगल दरगढ़, जय किशन गट्टानी, बजरंग लाल सोमानी, बासुदेव लाल भाला, दीपक मारू, मनमोहन मोहता, गोवर्धन प्रसाद भाला, प्रभात साबू, अमित मालपानी, संजय मालपानी, बसंत लाखोटिया, गिरिजाशंकर पेड़ीवाल, सौरभ साबू, अंकुर डागा, सुमन चितलांगिया, अनिता साबू, विजयश्री साबू, रश्मि मालपानी, शारदा लढ्ढा, सरला चितलांगिया, लक्ष्मी चितलांगिया, दिनेश काबरा, विपिन भाला सहित श्री माहेश्वरी सभा, माहेश्वरी महिला समिति एवं माहेश्वरी युवा संगठन के सभी सदस्य मौजूद थे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी रश्मि मालपानी ने दी। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रश्मि मालपानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश एएम अहमदी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यब्रत मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त किया। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष रह चुके सत्यब्रत मुखर्जी का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को निधन हो गया। उनकी उम्र 90 साल थी। राजनीति में आने से पहले वह अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भी रहे। मुखर्जी ने 1999 में लोकसभा चुनाव में कृष्णानगर सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। वह वाजपेयी सरकार में रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री रहे। 2008 से अक्तूबर 2009 तक वह भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष रहे थे। इससे एक दिन पहले गुरुवार को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एएम अहमदी का भी निधन हो गया था। अहमदी वर्ष 1994 से 1997 तक मुख्य न्यायाधीश रहे। उन्होंने अहमदाबाद में एक शहरी दीवानी और सत्र न्यायालालय के न्यायाधीश के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। वह देश के एकमात्र ऐसे मुख्य न्यायाधीश रहे हैं, जिन्होंने भारतीय न्यायपालिका में शीर्ष पद पर पहुंचने के लिए बहुत कम रैंक से शुरुआत की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सोनिया गांधी का स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें चिकित्सकों की निगरानी में जांच के लिए यहां गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत स्थिर बतायी गयी है।श्रीमती गांधी के स्वास्थ्य को लेकर जारी बुलेटिन में डॉक्टरों के दल और ट्रस्ट सोसायटी के अध्यक्ष डॉक्टर डीएस राणा ने कहा कि श्रीमती गांधी को स्वास्थ्य संबंधी गड़बड़ियों के कारण गुरुवार को यहां सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।उन्होंने बताया कि श्रीमती गांधी को 02 मार्च को बुखार तथा छाती में जकड़न के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था और डॉक्टर अरूप बसु के नेतृत्व में डॉक्टरों का दल उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे हैं। फिलहाल उनका स्वास्थ्य स्थिर बना हुआ है।
सीसीटीवी फुटेज में घटना का लाइव शूट करती दिखी लड़की, पुलिस तलाश में जुटी एबीएन सेंट्रल डेस्क। अधिवक्ता उमेश पाल, गनर संदीप निषाद और राघवेंद्र सिंह हत्याकांड में घटना के वक्त घटनास्थल पर एक कार सवार महिला का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह युवती और उसके साथ दिख रहा एक अन्य शख्स कौन है? युवती वीडियो क्यों बना रही थी? पुलिस इसकी अभी जांच कर रही है। इस संदिग्ध युवती का फुटेज के आधार पर डेटा खंगाला जा रहा है। प्रयागराज के धूमनगंज थानांतर्गत सुलेम सराय में जीटी रोड पर 24 फरवरी की शाम सवा पांच बजे के आस पास जब उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों को निशाना बनाकर उन पर गोली और बम चलाये जा रहे थे। धमाकों की आवाज सुनकर लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भाग रहे थे। उसी वक्त जीटी रोड पर पीले रंग का शूट और नीली जींस पहने महिला पीछे से पैदल ही अपने एक अन्य सहयोगी के साथ सबसे आगे खड़ी ब्लैक कलर की आर्टिगा कार के बगल में खड़ी होती है। जिसके गले में किसी संस्था का आईकार्ड भी लटक रहा है। वह महिला गाड़ी के बगल आकर पूरी निडरता के साथ अपने मोबाइल से घटनाक्रम का करीब 21 सेकेंड का वीडियो शूट करती है। जैसे ही गोली, बम के धमाके की आवाज थमती है। महिला आराम से अपनी कार में जाकर बैठती है और चली जाती है। पीले रंग के कपड़ों में दिख रही यह महिला कौन थी? जिसे गोली बम के धमाके डरा नहीं पाए और वह बड़े इत्मिनान से मोबाइल से वीडियो शूट करती रही। पुलिस उस महिला को खोज रही है। उमेश पाल हत्याकांड का यह फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की ओर से महिला की खोजबीन बढ़ा दी गई है। क्योंकि भगदड़ के बाद भी महिला ने घटना स्थल से भागना उचित नहीं समझा था। जांच एजेंसीज को शक है कि कहीं यह महिला किसी को इस शूटआउट केस का लाइव तो नहीं दिखा रही थी। अगर दिखा रही थी तो किसे? इन सवालों का जवाब तभी मिलेगा जब या तो यह महिला मिले या फिर जिसे यह लाइव घटना दिखा रही थी, वह पुलिस के हत्थे चढ़े।
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