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गणतंत्र दिवस परेड 2024 में सिर्फ महिलाएं ही होंगी शामिल
Published / 2023-05-07 17:27:30
गणतंत्र दिवस परेड 2024 में सिर्फ महिलाएं ही होंगी शामिल

बैंड से लेकर झांकियों में भी दिखेगी महिला शक्तिएबीएन सेंट्रल डेस्क। गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्त्तव्य पथ पर होने वाले आधिकारिक समारोह में मार्च करने वाली टुकड़ी और बैंड दस्ते में शामिल सभी प्रतिभागी महिलाएं हो सकती हैं और अधिकारी इस तरह के प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। रक्षा सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। रक्षा सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने मार्च में 2024 परेड की योजना पर तीनों सेनाओं, विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एक कार्यालय ज्ञापन भेजा है।सूत्रों ने कहा कि ज्ञापन में इस तरह के प्रस्ताव पर विचार किये जाने का उल्लेख किया गया है और कहा गया है कि फरवरी की शुरुआत में रक्षा सचिव की अध्यक्षता में एक डी-ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गयी थी।ज्ञापन में कहा गया है कि विचार-विमर्श के बाद, यह निर्णय किया गया कि अगले साल गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में शामिल टुकड़ियों (मार्चिंग और बैंड), झांकी और अन्य प्रदर्शनों में केवल महिला प्रतिभागी होंगी।पिछले कुछ वर्षों में कर्तव्य पथ पर होने वाली वार्षिक परेड में महिला अधिकारियों ने हिस्सा लिया है। इसमें सेना की टुकड़ी की अगुवाई करने वाली महिला अधिकारी शामिल हैं।भारत ने इस वर्ष 26 जनवरी को आयोजित 74वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान अपनी सैन्य ताकत और जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया, जिसमें नारी शक्ति एक प्रमुख विषय रहा था।

चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल 2024 का पोस्टर लोकार्पण
Published / 2023-05-07 17:16:02
चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल 2024 का पोस्टर लोकार्पण

पंचकूला हरियाणा में होगा पांचवा चित्र भारती फेस्टिवलहरियाणा में होगा पूरे देश के फिल्म निर्माताओं का जमावड़ाचित्र भारती फिल्म फेस्टिवल पंचकूला हरियाणा में होगा बाल फिल्मों का प्रदर्शनबाल फिल्मों को समर्पित होगा पांचवां चित्र भारती फिल्म फेस्टिवलटीम एबीएन, रांची। भारतीय फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए एवं यहां की कला, संस्कृति, सभ्यता, इतिहास, बोली, भाषा पर देश के कोने कोने से कलाकारों के द्वारा बनाये गये फिल्मों का प्रदर्शन भारतीय चित्र साधना के द्वारा पांचवां चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल पंचकूला हरियाणा में 23, 24 एवं 25 फरवरी 2024 को आयोजित होने जा रही है। जिसे लेकर रांची झारखंड में सहयोगी संस्था चित्रपट झारखंड के द्वारा विद्या भारती कार्यालय शुक्ला कॉलोनी हिनू में पोस्टर का लोकार्पण किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ देवव्रत सिंह विभागाध्यक्ष जनसंचार विभाग झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय रांची उपस्थित रहे।चित्रपट झारखंड के अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह ने कहा यह फिल्म फेस्टिवल देश की कला संस्कृति को समृद्ध बनाने में एवं विश्व पटल पर देश की अलग पहचान कला संस्कृति के द्वारा यहां की बोली भाषा फिल्मों के माध्यम से दिखाना इस फिल्म फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य है।इस फिल्म फेस्टिवल के लिए फिल्मों की इंट्री 1 सितंबर 2023 से 30 नवंबर की मध्यरात्रि 2023 तक ली जायेगी। इस फिल्म फेस्टिवल के लिए फिल्मों को 4 श्रेणियों में विभाजित की गयी है, जिसमें प्रथम बाल फिल्म, डॉक्यूमेंट्री फिल्म, शॉर्ट फिल्म, और कैंपस फिल्म निर्धारित की गयी है।प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ दीपक प्रसाद ने बताया की फिल्म महोत्सव के द्वारा पूरे देश की कला संस्कृति के योद्धाओं को जो गुमनामी की स्थिति में जी रहे हैं, उसे प्रोत्साहन देना, सम्मान देना एवं उनकी कलाओं को सराहना इस 5वीं चित्र भारती फिल्म महोत्सव का मुख्य लक्ष्य है जो अगले वर्ष 2024 के फरवरी 23 24 एवं 25 को पंचकूला हरियाणा में होने जा रही है।इस बार के फिल्म का मुख्य विषय है महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, समरसता, पर्यावरण, भविष्य का भारत, जनजातीय समाज, ग्रामीण विकास, वासुदेव कुटुंबकम एवं इस फिल्म महोत्सव का मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा बाल फिल्में। जिसका मुख्य विषय रखा गया है पराक्रमी बच्चे, बाल शिक्षा में नवाचार एवं नैतिक शिक्षा इन मुख्य विषयों पर पूरे देश भर से फिल्में मंगाई जा रही है। जिसमें इस वर्ष पुरस्कार की नकद राशि ₹1000000 रखी गयी है।इस मौके पर उपस्थित प्रोफेसर डॉ दीपक प्रसाद, प्रदेश कोषाध्यक्ष सीए सुमित मित्तल जी जमशेदपुर से अजय शर्मा, निरंजन कुमार, गोड्डा से अविनाश कुमार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पेड़ से टकरायी बारातियों से भरी बस, पांच की मौत, 12 से ज्यादा घायल गंभीर
Published / 2023-05-07 12:57:50
पेड़ से टकरायी बारातियों से भरी बस, पांच की मौत, 12 से ज्यादा घायल गंभीर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत भिंड-उरई राजमार्ग पर शनिवार देर रात गोपालपुरा के पास बारातियों से भरी बस पेड़ से टकरा गयी। हादसा इतना भीषण था कि बस की छत पूरी तरह से उखड़ गयी। इससे पांच लोगों की मौके पर मौत हो गयी और 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। सूचना पर पहुंची माधौगढ़ पुलिस ने लोगों की सहायता से घायलो को पुलिस वाहन और एंबुलेंस की मदद से राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में भर्ती कराया। हादसा उरई मुख्यालय से 65 किलोमीटर दूर उरई-भिंड राजमार्ग पर हुआ। माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गोपालपुरा के पास शनिवार देर रात 2 बजे के करीब रामपुरा थाना क्षेत्र के धूता ऊमरी से शादी समारोह से बारात लौट कर रेंढर थाना क्षेत्र के महोई गांव जा रही थी।बस में करीब 40 लोग सवार थे। लोग गहरी नींद सो रहे थे, तभी अचानक गोपालपुरा पुल के पास सामने से आ रहे किसी बड़े वाहन से बचने के लिए बस का संतुलन बिगड़ गया और वह पेड़ से जाकर टकरा गयी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ड्राइवर की मौके पर मौत हो गयी और बस की छत हवा में उड़ गयी। बस में चीख-पुकार मच गयी। बारातियों ने पुलिस को सूचना दी। माधौगढ़ पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बस में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू किया गया। घायलों को पुलिस वाहन और सरकारी एंबुलेंस की सहायता से उरई राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। बाराती उमेश कुमार ने बताया कि वे सभी लोग रेंडर थाना क्षेत्र के मवई के रहने वाले हैं। गांव की एक शादी में शामिल होने के लिए रामपुरा थाना क्षेत्र के धूता उमरी गांव में गये थे। वहां से वापस आ रहे थे, तभी गोपालपुरा में नदी के पास सामने से आ रहे किसी बड़े वाहन से बचने के लिए ड्राइवर ने बस काट दी। रफ्तार तेज होने के कारण बस का संतुलन बिगड़ गया और पेड़ से जाकर टकरा गयी। बस की चद्दर बड़े वाहन के एंगल में फंस गयी, जिससे चद्दर हवा में उड़ गयी। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर ईरज राजा ने बताया कि बारातियों से भरी बस में 40 लोग सवार थे। तेज रफ्तार और संतुलन बिगड़ने के कारण यह सड़क हादसा हुआ। इसमें तकरीबन 5 लोगों की मौत हुई है और 12 से अधिक लोग घायल हैं। घायलों को पुलिस की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य यात्रियों को किसी वाहन से उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया गया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बस किस चीज से टकरायी है, इसकी जांच जारी है। जो भी तथ्य सामने आयेंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जायेगी।

देश में कोरोना : 24 घण्टे में मिले 2,380 नये संक्रमित मरीज
Published / 2023-05-07 12:51:47
देश में कोरोना : 24 घण्टे में मिले 2,380 नये संक्रमित मरीज

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किये आंकड़े, सक्रिय मामलों आयी गिरावटएबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को आंकड़े जारी किये, जिसमें रविवार को 2,380 नये कोविड-19 के मामले दर्ज किये गये। सक्रिय मामलों की संख्या एक दिन पहले 30,041 से घटकर 27,212 हो गयी। ताजा मामलों के साथ कोविड-19 की टैली बढ़कर अब 4.49 करोड़ हो गयी।सुबह आठ बजे अपडेट किये आंकड़ों में 15 लोगों की मौत के साथ मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,31,659 हो गयी। देश में अब कोरोना के 27 हजार 212 सक्रिय केस हैं, जो कि कुल मामलों का 0.06 फीसदी है।मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीय रिकवरी रेट 98.75 प्रतिशत दर्ज की गई। संक्रमण से उभरने वालों की संख्या 4,44,10,738 हो गई, वहीं मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत पर ही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अबतक देशभर में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत कोविड-19 की 220.66 करोड़ खुराक दी जा चुकी है।

मणिपुर तनाव : अब तक 54 की मौत, क्षेत्र में सुधर रहे हालात
Published / 2023-05-06 18:38:14
मणिपुर तनाव : अब तक 54 की मौत, क्षेत्र में सुधर रहे हालात

चप्पे-चप्पे पर तैनात 10 हजार जवानएबीएन सेंट्रल डेस्क। मणिपुर में पिछले दो दिनों से जारी तनाव थोड़ा शांत होता नजर आ रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक हिंसा में जान गंवाने वालों की संख्या 54 हो गयी है जबकि कई लोग घायल हो गये हैं। इस बीच शनिवार को कई इलाकों में शांति नजर आयी। दो दिनों तक हिंसा की आग में जले इंफाल में भी हालात सामान्य होते नजर आ रहे हैं। शनिवार को दुकानें और बाजार फिर से खुल गये और सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही भी फिर से शुरू हो गयी है। कई इलाकों में अभी भी भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। इस बीच केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजीजू का बयान सामने आया है। उन्होंने हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार इसलिए सभी जरूरी और संभव कदम उठा रही है। इससे पहले शुक्रवार को चुराचंदपुरा से 4 और लोगों के मारे जाने की खबर सामने आयी। जानकारी के मुताबिक इन चार लोगों की मौत उस वक्त हुई जब सुरक्षा बल इलाके से मेइती लोगों को रेसक्यू कर रहे थे। इसके अलावा इंफाल में एक टैक्स असिस्टेंट लेमिनथांग हाओकिप की भी हत्या कर दी गयी है। इंडियन रेवेन्यू सर्विस वे इस बात की जानकारी दी है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक शूटिंग तब हुई जब आदिवासियों ने मेइतियों को निकालने के लिए जारी रेस्क्यू आपरेशन में बाधा डालने की कोशिश की थी। ये पूरा मामला शुक्रवार शाम का बताया जा रहा है। इससे पहले तक मणिपुर की अधिकतर जगहों पर हालात धीरे-धीरे बेहतर होने की खबरें सामने आ रही थी।13 हजार लोगों को किया रेस्क्यूबता दें कि मणिपुर में स्थिति को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर सेना की तैनाती की गयी है। सुरक्षाबल लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। 13 हजार से ज्यादा लोगों को संवेदनशील इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उनके रहने खाने का इंतजाम भी किया गया है।दूसरी ओर कई लोग ऐसे थे जो बिगड़ते हालातों को देखते हुए रातों रात घर से भागने को मजबूर हो गये। कई लोग ऐसे हैं जो हिंसा भड़कने के बाद पिछले दो दिनों से घरों में बंद थे। इस हिंसा की चपेट में आये कुछ लोगें के मुताबिक थोड़ी देर तक उन्हें समझ ही नहीं कि उनके साथ क्या हो रहा है? बाद में अहसास हुआ कि उनके घरों पर भीड़ ने हमला किया है। इस दौरान पत्थरबाजी की गई और घरों को जलाने की कोशिश भी की गयी।

पुणे : भीषण अगलगी में गोदाम में सो रहे तीन मजदूर जिंदा जले
Published / 2023-05-06 11:41:59
पुणे : भीषण अगलगी में गोदाम में सो रहे तीन मजदूर जिंदा जले

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पुणे शहर के वाघोली इलाके में शुभम डेकोरेटर्स के गोदाम में रात को आग लग गयी। सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियां पहुंचीं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लपटों में घिरे गोदाम में सो रहे लोगों को बचाने की कोशिश की। इस दौरान तीन मजदूरों की जल जाने से मौत हो गयी। यह जानकारी स्थानीय पुलिस ने दी।पुलिस ने बताया शव शासकीय अस्पताल भेज दिये गये हैं। फायर ब्रिगेड के अधिकारी ने बताया कि इस गोदाम के बगल में एक गोदाम में 400 सिलेंडर रखे थे। अगर लपटें वहां पहुंच जातीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।

बुद्ध पूर्णिमा : पीएम मोदी ने दी देशवासियों को बधाई
Published / 2023-05-05 19:01:53
बुद्ध पूर्णिमा : पीएम मोदी ने दी देशवासियों को बधाई

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी। कहा है कि भगवान बुद्ध के विचार सभी को रास्ता दिखाने के साथ-साथ मजबूती प्रदान करते रहेंगे।श्री मोदी ने ट्विटर पर कहा कि बुद्ध पूर्णिमा की बधाई। कामना करता हूं कि भगवान बुद्ध की शिक्षायें और विचार हम सभी को रास्ता दिखाने के साथ-साथ मजबूती प्रदान करते रहेंगे।

चक्रवात मोचा की मजबूती से कमजोर पड़ रहे लोग
Published / 2023-05-05 18:59:50
चक्रवात मोचा की मजबूती से कमजोर पड़ रहे लोग

बंगाल के कई हिस्सों में आंधी तूफान के साथ बारिश का अलर्टएबीएन सेंट्रल डेस्क। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब की वजह से बना चक्रवात मोचा धीरे-धीरे मजबूत होता जा रहा है। मौसम विभाग की ओर से गुरुवार सुबह जारी बयान में बताया गया है कि निम्न दाब के चक्रवात में तब्दील होने की संभावना प्रबल है। शनिवार को यह धीरे-धीरे समुद्र तटीय क्षेत्रों की ओर मजबूत ताकत से बढ़ने लगेगा।इसके प्रभाव से पहले से ही बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान राजधानी कोलकाता में 2.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली तथा पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर में भी लगातार बारिश हुई है।मौसम विभाग ने गुरुवार सुबह जारी अपने बयान में बताया है कि आज भी सारा दिन कोलकाता के साथ ही हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। इसलिए लोगों को बिना वजह घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। शनिवार से बारिश और बढ़ेगी। इधर, कोलकाता पुलिस समेत राज्य प्रशासन ने चक्रवात से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निदेर्शानुसार इन सभी क्षेत्रों में बारिश और आंधी तूफान से होने वाले नुकसान से बचाव की तैयारी की जा रही है। तटीय क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने की भी तैयारियां शुरू की गयी हैं।

शरद पवार के रोटी पलटने के मायने...
Published / 2023-05-04 21:59:21
शरद पवार के रोटी पलटने के मायने...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी के संस्थापक शरद पवार ने कुछ दिनों पहले कहा था कि रोटी पलटने का वक्त आ गया है। तब उनके इस वाक्य को कई तरह से डिकोड किया गया था। किसी ने इसे एनसीपी में अजित पवार की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं पर लगाम कसने का संकेत माना तो किसी ने भाजपा को सत्ता से विदा करने की तैयारी माना।राजनीति में रोटी पलटने का सही अर्थ क्या है, यह कोई समझ पाता, इससे पहले शरद पवार ने एक और धमाका कर दिया। मंगलवार को अपनी आत्मकथा के विमोचन के मौके पर भाषण देते हुए अचानक उन्होंने एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की बात कह दी। अमूमन राजनेता किसी बड़े पद से स्वेच्छा से हटने से पहले माहौल बनाते हैं।राजनीति से संन्यास, पार्टी में मतभेद, उम्र और स्वास्थ्यगत कारण आदि का हवाला देकर फिर तामझाम के साथ विदाई लेते हैं। लेकिन शरद पवार ने तो इस तरह अपने इस्तीफे का ऐलान किया, मानो कोई ये बता रहा हो कि अभी दोपहर है और इसके बाद शाम होगी। शरद पवार अच्छे से जानते हैं कि उनकी कही छोटी सी छोटी बात का भी राजनैतिक वजन होता है, फिर उन्होंने किस लिए इतने बड़े फैसले को इस तरह से व्यक्त किया, यह अब भी पहेली है। लेकिन उससे भी बड़ा सवाल ये है कि शरद पवार ने आखिर एनसीपी के अध्यक्ष पद को क्यों छोड़ा और ऐसे वक्त में यह फैसला क्यों लिया, जब महाराष्ट्र से लेकर राष्ट्र की राजनीति तक उथल-पुथल मची हुई है। अभी कुछ दिनों पहले शरद पवार ने दिल्ली में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर विपक्षी एकता की कोशिशों की नयी शुरूआत की थी। कांग्रेस और राहुल गांधी से शरद पवार कई बातों पर असहमत होने के बावजूद विपक्ष को एक साथ करने की कोशिशों में जुटे तो यह माना गया कि इस बार भाजपा की जड़ें हिलाने के लिए श्री पवार दृढ़प्रतिज्ञ हैं। लेकिन इस मुलाकात के चंद दिनों बाद कारोबारी गौतम अडानी से शरद पवार ने बंद कमरे में दो घंटे मुलाकात की। इस मुलाकात की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है और इसकी उम्मीद कम ही है कि कभी इस मुलाकात का कोई खुलासा होगा। शरद पवार हमेशा से उद्योगपतियों के मित्र राजनेता के तौर पर जाने जाते रहे हैं, ये और बात है कि अब मित्रता साबित करने की नयी मिसालें देश में आ गई हैं। गौतम अडानी के कारोबार पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर देश में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सवाल उठाए। राहुल गांधी ने संसद में प्रधानमंत्री और गौतम अडानी के संबंधों पर बयान दिया। संसद सत्र इस मामले की जेपीसी जांच की मांग पर बाधित होता रहा और तब शरद पवार ने विपक्ष की राय से अलग हटकर जेपीसी जांच के औचित्य पर सवाल उठाये थे। शरद पवार के इस रवैये से भी हैरानी हुई थी। हालांकि विपक्षी एकता में इससे कोई दरार नहीं पड़ेगी, यह दावा भी किया गया था। अब तक कोई औपचारिक मोर्चा भाजपा के खिलाफ गठित तो नहीं हुआ है, इसलिए दरार पड़ी या नहीं, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन शरद पवार के इस्तीफे की घोषणा के बाद अब विपक्षी मोर्चा किस राह पर आगे बढ़ेगा, इस पर कयास शुरू हो गये हैं। शरद पवार ने अभी केवल एनसीपी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे का ऐलान किया है, सक्रिय राजनीति से नहीं। यानी ये हो सकता है कि अब एनसीपी के दायित्वों से आगे बढ़कर वे राष्ट्रीय राजनीति में किंगमेकर की भूमिका निभाने की तैयारी में हों या फिर किंग बनने की अपनी पुरानी महत्वाकांक्षा को पूरा करने की योजना बनाएं। अगले साल ही आम चुनाव है और महाराष्ट्र में भी विधानसभा चुनाव होंगे। दोनों ही जगह महाअघाड़ी के घटक दलों यानी एनसीपी, शिवसेना उद्धव गुट और कांग्रेस को जीत की तैयारी रखनी होगी, अन्यथा अस्तित्व दांव पर लग जाएगा। क्योंकि अब देश का माहौल 2019 से काफी बदल गया है। शरद पवार ने इस बदलते समय की नब्ज को टटोल लिया है और शायद इसलिए इस्तीफे का ऐलान किया है। भाजपा ने शिवसेना की कमजोरी कड़ी तोड़कर महाराष्ट्र की सत्ता हथिया ली, और एनसीपी की कमजोर कड़ी यानी अजित पवार से बगावत करवाने में उसने 2019 में आंशिक सफलता हासिल कर ही ली थी। तब शरद पवार ने बड़ी सूझबूझ से न केवल इस बगावत को खत्म करवाया, बल्कि भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया था। लेकिन अब फिर से अजित पवार अलग राह पकड़ने के संकेत दे रहे थे। वे कोई ऐसा कदम उठाते, जिससे एनसीपी को नुकसान होता, उससे पहले ही शरद पवार ने इस्तीफे की बात छेड़ दी, जिससे माहौल ही पलट गया। उनके समर्थक भावुक होकर उनसे इस्तीफा वापस लेने का आग्रह करने लगे। अजित पवार के सामने शरद पवार ने बता दिया कि राज्य की राजनीति और पार्टी में उनका रसूख क्या है। बुधवार को एनसीपी की बैठक में शरद पवार ने अपने इस्तीफे पर कायम रहने की बात कही है, हालांकि एनसीपी नेता उनसे अब भी अपने फैसले को खारिज करने की अपील कर रहे हैं। लेकिन अब यह नजर आ रहा है कि शरद पवार पार्टी की कमान अपनी बेटी सुप्रिया सुले को सौंप सकते हैं ताकि वे दिल्ली की राजनीति पर फोकस कर सकें। अजित पवार अगर उनके फैसले को स्वीकार करेंगे तो पार्टी में एकता बनी रहेगी और अगर अलग होंगे, तो बागी होने का ठप्पा लग जाएगा और जनता अक्सर परिवार के खिलाफ जाने वाले नेताओं से बिदक जाती है। वैसे शरद पवार से पहले बाल ठाकरे ने इसी तरह शिवसेना की कमान अपने भतीजे राज ठाकरे को न सौंप कर बेटे उद्धव ठाकरे को सौंपी थी। मुलायम सिंह यादव ने भी भाई शिवपाल सिंह यादव की जगह बेटे अखिलेश यादव के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी तैयार की थी।भारतीय राजनीति में यह सब परिवारवाद के उदाहरण हैं, लेकिन उंगली उठाने की बारी आए तो सारी उंगलियां गांधी परिवार पर ही उठती हैं। कांग्रेस में तो चुनाव के जरिए अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि बाकी दलों में कब कौन अध्यक्ष बन जाये, पता नहीं चलता। फिर भी कांग्रेस के लोकतांत्रिक मिजाज पर सवाल उठाए जाते हैं। बहरहाल, शरद पवार के अपनी ही पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे से एनसीपी महाराष्ट्र और देश की राजनीति पर क्या असर होगा, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। वैसे सुप्रिया सुले ने 15 दिन पहले दो राजनीतिक धमाकों की बता कही थी, एक दिल्ली और एक मुंबई में। मुंबई में तो धमाका हो गया अब क्या दिल्ली की बारी है

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