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कर्नाटक चुनाव भाजपा के लिए चेतावनी कॉल
Published / 2023-05-13 23:52:04
कर्नाटक चुनाव भाजपा के लिए चेतावनी कॉल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे महाराष्ट्र में भाजपा के लिए एक चेतावनी कॉल है। इससे लगता है पार्टी नेतृत्व इससे सबक लेगा और आॅपरेशन लोटस रणनीति पर फिर से विचार करेगा। आॅपरेशन लोटस की काफी आलोचना हो चुकी है। अब जबकि कांग्रेस कर्नाटक में सरकार बनाने जा रही है, भाजपा के सामने दो सवाल जरूर उठेंगे। पहला क्या बसवराज बोम्मई सरकार की हार आपरेशन लोटस की नाकामी को साबित करता है और दूसरा क्या पड़ोसी राज्य की तरह 2024 के चुनाव में महाराष्ट्र की भी यह गति होगी? बसवराज बोम्मई सरकार की हार से आपरेशन लोटस नाकाम!कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे महाराष्ट्र में भाजपा के लिए एक चेतावनी कॉल है। इससे लगता है पार्टी नेतृत्व इससे सबक लेगा और आपरेशन लोटस रणनीति पर फिर से विचार करेगा। आपरेशन लोटस की काफी आलोचना हो चुकी है। अब जबकि कांग्रेस कर्नाटक में सरकार बनाने जा रही है, भाजपा के सामने दो सवाल जरूर उठेंगे। पहला क्या बसवराज बोम्मई सरकार की हार आपरेशन लोटस की नाकामी को साबित करती है और दूसरा क्या पड़ोसी राज्य की तरह 2024 के चुनाव में महाराष्ट्र की भी यह गति होगी?भाजपा के कई सूत्रों ने बताया है कि पार्टी की महाराष्ट्र इकाई एक-दो दिनों में मीटिंग करेगी और कर्नाटक के नतीजों का अपने राज्य में पड़ने वाले असर का विश्लेषण करेगी। पार्टी के एजेंडे में चुनाव रणनीति के साथ एक व्यापक मिड-टर्म कोर्स करेक्शन भी शामिल है।

भारत के हाथ लगा खजाना
Published / 2023-05-13 23:46:37
भारत के हाथ लगा खजाना

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कतर 12 हजार स्क्वायर किमी में फैला ये देश 1922 तक बसाहट के काबिल नहीं था। यहां रहने वालों में ज्यादातर आबादी मछुआरों की व मोती चुनने वालों की थी। ये खानाबदोश थे जो अरब देशों में घूमते रहते थे। साल 1930 में जब जापान ने मोतियों का प्रोडक्शन शुरू किया तो कतर की आर्थिक स्थिति और भी खराब हो गयी। हालत ये हो गई कि लोग देश छोड़ कर विदेशों में बसने लगे। यहां की आबादी घट कर मात्र 24 हजार रह गयी।एक तरह से पूरा देश खाली हो चुका था। लेकिन फिर आया साल 1939। कतर के वेस्ट कोस्ट पर दोहा से 149 किमी पर बसें दुखान में मिले काले सोनो में कतर की किस्मत बदल दी।ब्लेक गोल्ड यानी तेल के कुएं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कतर ने ब्लेक गोल्ड को एक्सपोर्ट करना शुरू कर दिया और यही से शुरू होती है कतर पर पैसों की बरसात। कतर के हालात बदलने लगे जिस देश में लोग रहना पसंद नहीं करते थे वहां के हालात तेजी से बदलने लगे ।1970 तक यहाँ की जनसंख्या 1 लाख के पार हो गयी। 1971 में यानी 1 साल बाद ही इंजीनियर्स ने प्राकृतिक गैस रिजर्व खोज निकाला। जो कि कतर के आधे हिस्से यानी 6000 स्क्वायर किमी में फैला था इसके बाद तो जैसे कतर के वारे न्यारे हो गये। यहां की जीडीपी 3.7 से बढ़ कर 26.2 हो गयी और पर पर्सन इनकम जिसे हम प्रति व्यक्ति आय कहते हैं वो 50 लाख से भी ज्यादा हो गयी। मतलब कतर में रहने वाला हर इंसान अमीर बन गया ।ऐसा ही कुछ हुआ सऊदी अरब के साथ। साल 1930 तक अरब में अलग अलग कबीले रहते थे। जो अक्सर आपस में लड़ते रहते थे। यहां के लोग ऊंट और भेड़ बकरियों के सहारे अपना गुजरा किया करते थे। लेकिन साल 1932 में यहां के प्रिंस शाह अब्दुल अजीज बिन सऊल को ये पता चलता है कि उनके देश में तेल का बहुत बड़ा रिजर्व है तो वो इस तेल को निकालने के लिये अमेरिकी कंपनी से डील करते हैं।1938 खुदाई शुरू हुई और इस देश की जमीन से इतना तेल निकलता है कि दुनिया हैरान हो जाती है। इसके बाद सऊदी अरब के भी वारे न्यारे हो गये। तेल बेच कर सऊदी अरब अमेरिका से भी आगे निकल गया। जो लोग 60 हजार कमा रहे थे वो अब 14 लाख कमा रहे थे। यहां के लोग भारत से भी 63 गुना ज्यादा अमिर हो गये ।आज ये देश दुनिया के सबसे अमीर देशों में शुमार है।दोस्तों कतर और सऊदी अरब की किस्मत बदली यहां के नेचुरल रिसोर्सेज ने। नेचरल रिसोर्सेज वो खजाना है जिसका सही इस्तेमाल किसी भी देश को मालामाल कर सकता है।और ये सब हम आपको इसलिये बता रहे है कि ऐसा ही एक खजाना भारत के हाथ भी लग गया है। खबरों के मुताबिक भारत को भी 60 लाख टन का वाइट गोल्ड का खजाना हाथ लगा है। जिसकी कीमत बतायी जा रही है 34 लाख करोड़ लेकिन ये कहां मिला है क्या इससे वाकई भारत कतर और सऊदी अरब जैसा अमिर हो जायेगा। अगर हां तो इसमें कितना वक्त लगेगा।9 फरवरी 2023 को भारतीय भू सर्वेक्षण विभाग ने एक रिपोर्ट जारी की इस रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर क्षेत्र के रियासी में उन्हें लिथियम का एक बहुत बड़ा भंडार मिला है। इस लिथियम को ही व्हाईट गोल्ड कहते हैं। ये रिजर्व छोटा मोटा नहीं बल्कि 60 लाख टेन का था। देखते ही देखते ये खबर मीडिया की सुर्खियों में आ गयी और कल ही यानी 10 मई 2023 को भी राजस्थान से लिथियम के भंडार मिलने की पुष्टि हुई है अब पूरी दुनिया की नजर अब भारत पर है।लेकिन सवाल ये है कि लिथियम में ऐसा क्या खास है। लिथियम इतना इंपोर्टेंट क्यों है। इसे जानने के लिए हमें थोड़ा पीछे चलना होगा।फरवरी 2022 में रुस ने यूक्रेन पर अटैक कर दिया था। जिसकी वजह बताई गई थी कि यूक्रेन नाटो में शामिल होने वाला था जो रुस के लिए एक खतरा हो सकता है लेकिन कुछ रिसर्चर्स बताते हैं कि इसके पीछे की एक वजह थी वाइट गोल्ड। एक्सपर्ट अंदाजा लगाते है कि यूके्रन के ईस्टन एरिया में 5 लाख टन लिथियम का रिजर्व है जिसे निकालने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने 2021 में आस्ट्रेलिया और चीन की कंपनीयो से डील की थी। रुस भी इस रिजर्व को पाना चाहता था। हालांकि रुस के पास 10 लाख टन का रिजर्व है लेकिन वो साइबेरिया जैसे बेहद ठंडे इलाके में था और उसे निकालना भी महंगा पड़ रहा था। इसलिए रुस को अपनी जरूरत का लिथियम इंपोर्ट करना पड़ता है।रिसर्चर मानते है की इस लिथियम के भंडार पर कब्जा करने के उद्देश से ही रुस ने यूक्रेन पर अटैक कर दिया। दोस्तों आपने अक्सर सुना होगा की तेल के कुओं पर कब्जा करने के लिए अमेरिका ने इराक और सीरिया जैसे देशों पर हमला किया था। अगर ऐसे ही युद्ध लिथियम के लिए हो सकते हैं क्योंकि लिथियम तेल से अधिक कीमत रखता है।क्या काम आता है लिथियम : क्यों इसकी इतनी डिमांड है ।इसे जानने के लिए गेम थोड़ा स्कूली नॉलेज याद करना होगा। दोस्ती स्कूल में आपने पीरियोडिक टेबल तो जरूर पढ़ी होगी।इसी टेबल में तीसरे नंबर पर आता है लिथियम : ये दुनिया का सबसे हल्का मेटल है ये इतना हल्का होता है कि आसानी से पानी में तैरने लगता है और इतना सॉफ्ट होता है कि आप आसानी से इसे चाकू से काट सकते है। ये चांदी जैसे सफेदी वाला मेटल है जो कैमिकल एनर्जी को स्टोर करके इलेक्ट्रिक एनर्जी में बदलता है इसकी इसी क्वालिटी के कारण इसका इस्तेमाल बैट्री बनाने में किया जाता है। 1991 में सोनी कंपनी ने पहली बार हेंडी केमरे ने लिथियम आईरन बैट्री का इस्तेलाम किया था।इससे पहले लेड बैट्री यूज होती थी : साइटिस्टो ने पाया की लिथियम बैट्री लेड बैट्री से अधिक पॉवरफूल और हल्की होती है ये लंबे समय डिस्चार्ज नहीं होती उन्होंने जिस स्कूटर और कार में इन्हें लगाया उन्हें लंबे समय तक ड्राइव किया जा सकता था। जिन स्मार्टफोन में इन बेट्रिज का इस्तेमाल हुआ वो एक बार के चार्जिंग में ही पूरा दिन काम कर रहे थे फिर क्या था बड़े पैमाने पर लेड बेट्रिज को लिथियम बेट्रिज से रिप्लेस कर दिया गया।देखते ही देखते फोन घड़ी लैपटॉप रिसटवॉच जहां-जहां भी बैट्री का यूज हो रहा था वहां लेड बेट्रिज को लिथियम बेट्रिज से रिप्लेस कर दिया गया। इस वजह से वर्ल्ड मार्केट में लिथियम की मांग बढ़ती चली गयी। इसकी बढ़ती हुई मांग के चलते विश्व के देशों ने इसका इंपोर्ट एक्सपोर्ट और बेट्रिज की मैन्यूफेचरिंग शुरू कर दी। आज चीन इसका सबसे बड़ा मेन्युफेक्चरर है और दुनिया 79% लिथियम आयन बैट्रियां चीन में बनायी जा रही थी। भारत भी अपना 80 %लिथियम चीन से मंगवाता है 2020 से 2022 में हमने 6000 का लिथियम खरीदा जिसने 3500 सौ करोड़ का लिथियम चीन से लिया था तो आप सोच सकते है कि हमारा कितना सारा पैसा चीन में जा रहा था।हालांकि अब जो भारत में रिजर्व मिला है वो चीन के रिजर्व से चार गुणा बड़ा है। अगर इनका ठीक से इस्तेमाल किया जाये तो हम इन्हें खरीदने की बजाए बेचने की स्टेज पर आ सकते हैं। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट माने तो लिथियम और कोबाल्ट जैसे धातुओं की कीमत 2050 तक 500 गुना बढ़ जायेगी।ऐसे में लिथियम का महंगा होना बिलकुल तय है : पेट्रोलियम तेल और कोयला खत्म होने के कगार पर है और अब विश्व उसके पूरक साधनों की तलाश में है जो प्रदूषण से भी मुक्त हो।लिथियम के इस्तेमाल से प्रदूषण नहीं होता साथ ही आते है सोलर एनर्जी और विंड एनर्जी पर जो की रीयूजेबल है लेकिन इसे बनाने वाले विंड टरबाईन और सोलर पेनल ने भी लिथियम का ही उपयोग होता है जब हवा न चल रही हो या सूरज न चमक रहा हो तब भी लिथियम बेट्रिज में स्टोर एनर्जी का लोग उपयोग कर सकते है स्कूटर कार बैट्री से चलने वाले ई रिक्शा में भी इसी बैट्री का उपयोग हो रहा है।2027 तक विश्व में 15 अरब लिथियम बेट्रिज की आवश्यकता होगी अगर हम इनकी आपूर्ति करने में सक्षम हो जाए तो हम सऊदी अरब जैसे संपन्न और लाखों लोगो को रोजगार देने वाले बन जायेंगे। कश्मीर में लिथियम के भंडार 23 वर्ष पूर्व ही खोज लिये गये थे लेकिन तब इसे निकालने की टेक्नॉलजी हमारे पास नही थी। आज टेक्नोलॉजी डेवलप है लेकिन फिर भी इसे निकालने के लिए 5/7 सालों का वक्त लगेगा।जिन स्मार्टफोन में इन बेट्रिज का इस्तेमाल हुआ वो एक बार के चार्जिंग में ही पूरा दिन काम कर रहे थे फिर क्या था बड़े पैमाने पर लेड बेट्रिज को लिथियम बेट्रिज से रिप्लेस कर दिया गया। देखे ही देखते फोन घड़ी लैपटॉप रिसटवॉच जहां-जहां भी बैट्री का यूज हो रहा था वहां लेड बेट्रिज को लिथियम बेट्रिज से रिप्लेस कर दिया गया। इस वजह से वर्ल्ड मार्केट में लिथियम की मांग बढ़ती चली गयी। इसकी बढ़ती हुई मांग के चलते विश्व के देशों ने इसका इंपोर्ट एक्सपोर्ट और बेट्रिज की मैन्यूफेचरिंग शुरू कर दी। आज चीन इसका सबसे बड़ा मेन्युफेक्चरर है और दुनिया 79% लिथियम आयन बैट्रियां चीन में बनायी जा रही थी। भारत भी अपना 80% लिथियम चीन से मंगवाता है 2020 से 2022 में हमने 6000 का लिथियम खरीदा जिसने 3500 सौ करोड़ का लिथियम चीन से लिया था तो आप सोच सकते है कि हमारा कितना सारा पैसा चीन में जा रहा था।

नीति आयोग की बैठक में शामिल होने दिल्ली जायेंगी ममता बनर्जी
Published / 2023-05-13 13:33:10
नीति आयोग की बैठक में शामिल होने दिल्ली जायेंगी ममता बनर्जी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 27 मई को दिल्ली में नीति आयोग की बैठक होनी है। उसमें शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली जाने वाली हैं। राज्य सचिवालय सूत्रों ने बताया है कि उसी बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, अरविंद केजरीवाल समेत गैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। सूत्रों ने बताया है कि वहां बैठक से पहले या बाद में 2024 के लोकसभा चुनाव केन्द्रित विपक्षी एकता को लेकर बैठक हो सकती है। गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विभिन्न राज्यों में घूम कर गैर भाजपा पार्टियों के प्रमुखों को एक करने में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इसी तरह का प्रस्ताव पहले दिया है। इस बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी शामिल होंगे, इसलिए सभी की निगाहें टिकी हुई है। इसके पहले कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुलाकात की थी और विपक्षी एकजुटता की जरूरत पर बल दिया था। उसके बाद ओडिशा पहुंची मुख्यमंत्री ममता मे नवीन पटनायक से भी मुलाकात की थी। कुमार स्वामी भी कोलकाता आए थे और ममता से मिले थे। इस बीच नीतीश कुमार भी कोलकाता आकर ममता से मिल चुके हैं।नीतीश कुमार ने तो ओडिशा जाकर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की है। इसके लिए 27 मई को दिल्ली में होने वाली बैठक के बाद इन नेताओं की अलग बैठक पर निगाहें टिक गयी हैं।खास बात यह है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गैर भाजपा और गैर कांग्रेस गठबंधन की वकालत करती रही हैं।

वर्ल्ड के सबसे बड़े शरणार्थी शिविर को नुकसान पहुंचायेगा "मोचा"
Published / 2023-05-13 10:12:30
वर्ल्ड के सबसे बड़े शरणार्थी शिविर को नुकसान पहुंचायेगा "मोचा"

दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी शिविर पर मोचा का खतरा, ऐसे पहुंचायेगा नुकसानएबीएन सेंट्रल डेस्क। मौसम विज्ञान संगठन (डब्लूएमओ) ने आज यानी शुक्रवार को बताया कि उष्णकटिबंधीय चक्रवात मोचा काफी खतरनाक हो गया है। ये बांग्लादेश में बने दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी शिविर को प्रभावित कर सकता है। डब्ल्यूएमओ के क्लेयर नुलिस ने जिनेवा प्रेस ब्रीफिंग कर बताया कि 2-2.5 मीटर की लहर से आ रहा तूफान के चलते उत्तरी म्यांमार के अलावा बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आने की संभावना है, जिसके चलते भूस्खलन भी संभव है।बता दें कि ये एक बहुत ही खतरनाक चक्रवात है। जो हिसंक हवाओं से जुड़ा है, जिसके चलते सैकड़ों लोग का जीवन प्रभावित होगा। ये चक्रवात रविवार को बांग्लादेश में लैंडफॉल बनाने के लिए तैयार है।ये तूफान बांग्लादेश के कॉक्स बाजार के दक्षिणपूर्वी सीमावर्ती जिले को भी प्रभावित करेगा। यहां पर एक लाख रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि शिविर के लिए कुछ 33 मोबाइल मेडिकल टीमों को तैयार किया गया है। साथ ही 40 एम्बुलेंसों के साथ-साथ आपातकालीन सर्जरी और हैजा किटों को पहले से ही तैनात कर दिया गया है।डब्ल्यूएचओ की मार्गरेट हैरिस ने बताया कि ये इस चक्रवात का अगर स्तर में बदलाव होता हो तो डर की बात है। इसके लिए हमें पहले से तैयार रहना होगा।

गोल्डन टेम्पल के पास पांच दिनों में तीसरा धमाका
Published / 2023-05-11 09:40:45
गोल्डन टेम्पल के पास पांच दिनों में तीसरा धमाका

जांच में जुटी फॉरेंसिक टीम और अमृतसर पुलिसएबीएन सेंट्रल डेस्क। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से कुछ दूरी पर बुधवार-गुरुवार रात में एक बार धमाके की आवाज सुनाई दी। मौके पर पंजाब पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौजूद है। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर नौनिहाल सिंह ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं, यहां पर एक धमाके जैसी भारी आवाज सुनाई दी है। जांच के बाद हम इसकी जांनकारी देंगे।बता दें कि फॉरेंसिक टीम भी मौके पर मौजूद है। उन्होंने बताया कि रात में 12:15 बजे के आसपास जानकारी मिली की एक धमाके जैसी भारी आवाज सुनाई दी है। एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है।नौनिहाल सिंह ने कहा कि वह अभी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं कि यह एक धमाका था इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने श्री गुरु रामदास जी निवास भवन के बाहर कुछ संदिग्धों को घेरा है। दरअसल 8 मई (सोमवार) को स्वर्ण मंदिर के पास हेरिटेज स्ट्रीट में विस्फोट से एक व्यक्ति घायल हो गया था। वहीं इसी स्थान पर 6 मई (शनिवार) को भी विस्फोट हुआ था।

बैक पैक हीरोज : सड़क के बच्चों के लिए शिक्षक बने बाल मित्र मंडल के बाल नायक
Published / 2023-05-10 21:28:09
बैक पैक हीरोज : सड़क के बच्चों के लिए शिक्षक बने बाल मित्र मंडल के बाल नायक

पुणे में ट्रैफिक सिग्नल पर सड़क कक्षाएं लगायेंगे बाल मित्र मंडल के बाल नेताएबीएन सेंट्रल डेस्क। आम तौर पर कहा जाता है कि असाधारण समस्याओं के निदान के लिए असाधारण समाधान की आवश्यकता होती है। शहरी झुग्गी बस्तियों के बच्चों के लिए कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन (केएससीएफ) के प्रमुख कार्यक्रम बाल मित्र मंडल (बीएमएम) ने पुणे की झुग्गी बस्तियों के सड़कों पर भीख मांगने वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए एक ऐसी ही असाधारण पहल की है। इस अभिनव पहल के दौरान बीएमएम के बच्चे इन झुग्गी बस्तियों के बच्चों के लिए लालबत्तियों पर स्ट्रीट क्लासेज यानी सड़क कक्षाएं लगायेंगे और उन्हें स्कूल में दाखिला लेने के लिए प्रेरित करेंगे।बीएमएम की बाल परिषद की ओर से गर्मी की छुट्टियों के दौरान एक अवकाशकालीन पहल के तौर पर बैक पैक हीरोज नाम से यह अभियान  शुरू हुआ। ये बाल नेता खुद पुणे की झुग्गी बस्तियों से हैं और वे चाहते हैं कि उनके जीवन में जो परिवर्तन आए हैं और आज वो जिन उम्मीदों से भरे हैं, वही बदलाव इन बच्चों के जीवन में भी देखने को मिलें।ये बाल नेता छुट्टियों के दौरान मिले समय का उपयोग लाल बत्तियों पर मलिन बस्तियों के बच्चों के साथ बिताने में इस्तेमाल करेंगे। इस दौरान वे उन बच्चों को शिक्षा के अधिकार के बारे में जानकारी देंगे और उन्हें स्कूल जाने को प्रेरित करेंगे। सड़क कक्षाओं के इस अनूठे विचार के क्रियान्वयन के लिए जरूरी पैसों की व्यवस्था भी इन्हीं बच्चों ने की है और सड़क पर तमाम लोगों को इस अभियान से जोड़ने के लिए उनकी योजना एक करुणा चक्र बनाने की है।केएससीएफ के एग्जीक्यूटिव डाइरेक्टर (कार्यक्रम) राकेश सेंगर ने कहा कि यह अभिनव पहल सड़क पर भीख मांगने वाले बच्चों की मदद और उन्हें शिक्षित करने की दिशा में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाने के साथ इन बाल नेताओं को दूसरों के प्रति सहानुभूतिशील बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल निश्चित रूप से बड़े बदलावों की ओर ले जाएगी और उस सहानुभूतिशील समाज के सृजन में सहायक होगी जिसके लिए हम प्रयासरत हैं। इससे एक अनूठे तरीके से अध्यापन की कला सीखने के अलावा इन बच्चों को लाल बत्तियों पर गुजारा करने वाले बच्चों की जरूरतों और उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में मदद मिलेगी।इस पहल के तहत दस बच्चे जिनके साथ वरिष्ठ कार्यकर्ता भी रहेंगे, दस जगहों पर जायेंगे। वहां एक बच्चा पढ़ाएगा जबकि दो बच्चे उसकी बातों को दूसरे बच्चों को समझाने में मदद करेंगे। इस दौरान वे सड़क पर रहने वाले बच्चों के नाम, उम्र और स्कूल जाते हैं या नहीं जैसी अन्य जानकारियां भी इकट्ठा करेंगे।बीएमएम के ये बाल नेता कला, संगीत और नाटकों के जरिए बच्चों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी सिखाने के अलावा उन्हें कलम, पेंसिल, किताबें और ड्राइंग शीट भी बांटेंगे। बीएमएम का ध्येय सतत, समग्र और निरोधक उपायों के जरिए शहरी झुग्गी बस्तियों के बच्चों की सुरक्षा और विकास सुरक्षित करना है। बाल मित्र मंडल, जिसके नाम से ही जाहिर है कि यह बच्चों के प्रति मित्रवत समुदाय है, ग्रामीण भारत में चल रहे केएससीएफ के प्रमुख कार्यक्रम बाल मित्र ग्राम की अवधारणा पर आधारित है।बीएमएम बाल मजदूरी और बच्चों को यौन शोषण से बचाने के साथ ही लोकतांत्रिक कार्रवाइयों और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से उनके अधिकारों की सुरक्षा और शिक्षा, पेयजल, सफाई और आजीविका जैसी चीजों के प्रति जागरूकता पैदा कर बच्चों और उनके समुदाय के सशक्तीकरण के प्रयासों में जुटा है।

टिकट कंफर्म नहीं होने से 2022-23 में 2.7 करोड़ यात्री नहीं कर सके यात्रा
Published / 2023-05-08 23:58:15
टिकट कंफर्म नहीं होने से 2022-23 में 2.7 करोड़ यात्री नहीं कर सके यात्रा

आरटीआई के तहत हुआ खुलासाएबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में व्यस्त मार्गों पर ट्रेनों की समुचित उपलब्धता नहीं होने से पिछले वित्त वर्ष में कुल 2.7 करोड़ यात्रियों को प्रतीक्षा श्रेणी में टिकट होने की वजह से यात्रा करने का मौका नहीं मिल पाया। सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदन के तहत मांगी गयी जानकारी से यह जानकारी सामने आयी है।इसके मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 में कुल 2.7 करोड़ लोग प्रतीक्षा श्रेणी के टिकट कंफर्म नहीं हो पाने से यात्रा नहीं कर पाये। वित्त वर्ष 2021-22 में इस तरह के यात्रियों की संख्या 1.65 करोड़ थी। मध्य प्रदेश के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने आरटीआई आवेदन में प्रतीक्षा श्रेणी वाली टिकटों के बारे में जानकारी मांगी थी।इसके जवाब में रेलवे बोर्ड ने कहा है कि गत 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में कुल 1.76 करोड़ पीएनआर से जारी टिकट कंफर्म नहीं हो पाने की वजह से अपने-आप निरस्त हो गये। इस वजह से 2.72 करोड़ लोग रेल यात्रा से वंचित रह गये। हालांकि, पीएनआर के निरस्त होते ही रेलवे उस टिकट की कीमत यात्री को लौटा देता है लेकिन टिकट कंफर्म नहीं होने से यात्रियों को होने वाली असुविधा एक बड़ी समस्या बनी हुई है। वर्ष 2014-15 में 1.13 पीएनआर निरस्त हुए थे जबकि 2015-16 में यह आंकड़ा 81.05 लाख था।वित्त वर्ष 2016-17 और 2017-18 में यह संख्या क्रमशः 72.13 लाख और 73 लाख रही थी। वर्ष 2018-19 में यह संख्या घटकर 68.97 लाख पर आ गयी थी। हालांकि, महामारी से प्रभावित वित्त वर्ष 2020-21 में यह संख्या गिरकर 38.89 लाख पर आ गयी थी लेकिन इसकी वजह यह थी कि महामारी के कारण लंबे समय तक ट्रेनों का परिचालन ही ठप रहा था।हालांकि, रेलवे का कहना है कि वह लोगों की मांग पर ट्रेन उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश में लगा हुआ है। एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा होने पर प्रतीक्षा श्रेणी वाले टिकटों के निरस्त होने की आशंका कम होगी।

केरल : समुद्र में डूबी पर्यटकों से भरी नाव, 22 की मौत
Published / 2023-05-08 13:32:14
केरल : समुद्र में डूबी पर्यटकों से भरी नाव, 22 की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केरल में मलप्पुरम जिले के तानुर इलाके में ओट्टुम्पुरम के समीप पर्यटकों को ले जा रही एक नाव के समुद्र में डूब जाने से 22 लोगों की मौत हो गयी। वहीं कई लोग घायल हो गये हैं। हादसा आज शाम करीब 7.30 बजे हुआ।बताया जा रहा है कि नाव में 25 से ज्यादा लोग सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा अधिक भीड़ होने के कारण हुआ। मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है। पीएम ने हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की है।दुर्घटना में मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है। स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को नाव दुर्घटना में घायलों के विशेषज्ञ उपचार और उनके लिए पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।कई घायलों को परप्पनंगडी, थनूर, तिरूर और तिरुरंगाडी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दुर्घटनास्थल पर जाये बिना जनता से सहयोग करने को कहा क्योंकि भारी भीड़ और वाहनों की वजह से बचाव अभियान में बाधा पड़ रही थी।पुलिस ने बताया कि कई एम्बुलेंस, दमकल सेवा के कर्मियों और स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं के साथ बचाव अभियान चल रहा है। पुलिस के मुताबिक अभी हादसे की वजह का पता नहीं चला है और डूबी हुई नौका को तट तक लाने का प्रयास किया जा रहा है।बता दें कि नाव में क्षमता से अधिक भार हो जाने की वजह से उसके असंतुलन का खतरा बना रहता है। फिलहाल, जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग एकत्र हो गये।

झूठ फैलाने के लिए कांग्रेस ने बनाया इकोसिस्टम और इसका टारगेट है भ्रष्टाचार : मोदी
Published / 2023-05-07 17:34:27
झूठ फैलाने के लिए कांग्रेस ने बनाया इकोसिस्टम और इसका टारगेट है भ्रष्टाचार : मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के शिवमोगा ग्रामीण में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर करारा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपना झूठ फैलाने के लिए जो इकोसिस्टम बनाया है, वो पिछले काफी समय से कर्नाटक में एक गुब्बारा फुला रहा था।इस गुब्बारे पर एक से बढ़कर एक झूठी बातें लिखी हुई थीं, लेकिन कर्नाटक की जनता जानती थी कि कांग्रेस का इकोसिस्टम चाहे जितना बड़ा गुब्बारा फुला ले कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कर्नाटक चुनाव के लिए प्रचार आखिरी चरण में हो रहा है।यही वजह है कि पार्टियां जमकर पसीना बहा रही हैं और धुआंधार रैलियां कर रही हैं। पीएम मोदी का शिवमोगा की जनसभा में कहना था कि कांग्रेस की राजनीति और विकास कार्य दोनों ही कागजों पर हैं।अतीत में कांग्रेस सरकार की ओर से कर्नाटक की महिलाओं की पूरी तरह से उपेक्षा की गयी। कांग्रेस ने स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग से टॉयलेट नहीं बनवाये और इस वजह से लड़कियां पढ़ाई छोड़ देती थीं, लेकिन भाजपा ने लड़कियों के साथ हो रहे अन्याय को दूर करने के लिए अभियान चलाया और आज ज्यादा से ज्यादा लड़कियां स्कूल जा रही हैं।प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारों के दौरान कृषि निर्यात बहुत कम हो था, लेकिन अब भारत दुनिया के टॉप दस कृषि निर्यातक देशों में शामिल है।पीएम मोदी का कहना है कि कांग्रेस का टारगेट भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण है। ये 85 फीसदी कमीशन खाती है। ऐसे में क्या कर्नाटक के युवाओं का भविष्य बनाया जा सकता है? कोरोना काल में भी भारत ने रिकॉर्ड कृषि निर्यात किया है, जिसका लाभ हमारे किसानों को हुआ है।कांग्रेस से सावधान रहें लोग- पीएम मोदीपीएम मोदी ने रोजगार के मुद्दे पर भी कांग्रेस को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वादा किया है कि वह अगले पांच साल में प्राइवेट सेक्टर में 10 लाख नौकरियां देगी। यानी हर साल दो लाख नौकरियां। यह एक जबरदस्त झूठ है।भाजपा सरकार ने कर्नाटक में 3.5 साल शासन किया है और हर साल 13 लाख से अधिक औपचारिक नौकरियां सृजित कीं। इसका मतलब ये हुआ है कि कांग्रेस कर्नाटक को रिवर्स गियर में ले जाने वाली है। इसके लिए आमजन को उससे सजग रहने की जरूरत है।

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