Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...

देश

View All
अधीनम महंत ने नयी संसद के उद्घाटन से पहले पीएम मोदी को सौंपा सेंगोल, जानें खासियत
Published / 2023-05-27 23:07:42
अधीनम महंत ने नयी संसद के उद्घाटन से पहले पीएम मोदी को सौंपा सेंगोल, जानें खासियत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। नयी संसद के उद्घाटन से पहले शनिवार को तमिलनाडु के अधीनम ने पीएम मोदी को सेंगोल सौंपा। पीएम आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधीनम से मुलाकात के बाद सेंगोल ग्रहण किया। अधीनम महंतों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सत्ता हस्तांतरण के सांस्कृतिक धरोहर पीएम मोदी के हाथों में सौंपा। इस कार्यक्रम के दौरान पीएम आवास पर 21 अधीनम उपस्थित रहे। इससे पहले पीएम मोदी को सुनहरा अंगवस्त्रम भी दिया गया और फिर उन्होंने अधीनम से सेंगोल को वैदिक रीति के अनुसार ग्रहण किया। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौके पर मौजूद रहीं।पीएम आवास पर अधीनम ने प्रधानमंत्री को सौंपा सेंगोलबता दें कि रविवार को होने वाले नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पीएम आवास पर अधीनम महंतों का आशीर्वाद लिया। उसके बाद अधीनम महंत ने भारतीय संस्कृति की धरोहर सेंगोल को प्रधानमंत्री मोदी को दिया। नये संसद भवन का उद्घाटन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया जायेगा। रविवार की सुबह से ही नये संसद भवन में पूजा पाठ शुरू हो जायेगी। पीएम मोदी सुबह 7:30 पर कार्यक्रम के लिए अपने आवास से निकल जायेंगे।पीएम मोदी ने सेंगोल ग्रहण करने के बाद कहा कि आजादी के बाद से सेंगोल को उचित सम्मान नहीं मिला। भारतीय संस्कृति में अधीनम की भूमिका अहम है। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा।पीएम मोदी की लोगों से अपील इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लोगों से नयी संसद की तस्वीरें और वीडियो शेयर करने का आग्रह किया था। पीएम ने कहा था कि नया संसद भवन हर भारतीय को गौरवान्वित करेगा।आधुनिकता और संस्कृति का संगम है नयी संसदसेंगोल को लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी के बगल में स्थित पोडियम पर रखा जायेगा। संगोल कहने को तो महज राजदंड है, लेकिन ये न्याय का प्रतिक है। नयी संसद न्याय और लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है। पीएम मोदी जब नई संसद का उद्घाटन करेंगे तो दक्षिण भारत वाद्ययंत्र नादस्वरम बजाया जायेगा।

उत्तर प्रदेश : अब राशन दुकान पर मिलेंगे घी, दूध और ब्रेड
Published / 2023-05-27 14:45:27
उत्तर प्रदेश : अब राशन दुकान पर मिलेंगे घी, दूध और ब्रेड

सरकार ने जारी की रोजमर्रा के 35 सामानों की लिस्टएबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सूबे में राशन की दुकानों पर रोजमर्रा के जरूरी सामान भी मिलेंगे। इस सूची में 35 सामान बताये गये हैं, जिसमें घी, दूध, ब्रेड, मसाले और गुड़ को भी शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बाबत अधिसूचना जारी की है।इस लिस्ट को देख कर ये अंदाजा लगता है कि अब सरकारी राशन की दुकानें सरकारी सुपर मार्केट में तब्दील हो जायेंगी। राशन की दुकानों पर बच्चों के कपड़े, मिठाई वगैरह मिलना उनके कायाकल्प की ओर इशारा करता है। जानकारों की मानें तो सरकार राशन की दुकान चलाने वालों की आय को बढ़ाने की मंशा से ये कदम उठा रही है। इसी कड़ी में यूपी सरकार आगे भी ऐसे ही कई कदम उठा सकती है।सरकार इस बाबत कई मॉडल शॉप भी बनायेगी। ऐसे में ये लिस्ट आने वाले समय में और भी लंबी हो सकती है। सरकार ने भी इस कदम को लेकर जो अधिसूचना जारी की है, उसमें भी इन राशन दुकानों को चलाने वालों की आय को बढ़ावा देने के लिए इस पहल का जिक्र किया है।सरकार की एक और मंशा इस माध्यम से समाज के कमजोर तबके तक सभी रोजमर्रा के सामानों की पहुंच उचित दाम तक बनाने की भी है। इन दुकानों पर किसी तरह की कोई धांधली न हो सके इसलिए अधिकारियों को हर सप्ताह इन दुकानों का जायजा लेने का काम भी दिया गया है।अधिसूचना में ये बताया गया है कि उचित दर की दुकानों के जरिए इन सामानों की बिक्री के लिए एक शर्त है कि जो सामान दिया जा रहा है उसका निर्माता सरकारी एजेंसियों के तमाम मानकों का पालन करता हो। एक समिति भी बनायी जायेगी, जिसके सदस्य समय-समय पर इन सामानों की जांच करते रहेंगे।

एक लाख मालगाड़ी चलाने का डीएफसी ने बनाया रिकॉर्ड
Published / 2023-05-27 14:41:03
एक लाख मालगाड़ी चलाने का डीएफसी ने बनाया रिकॉर्ड

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में नवनिर्मित समर्पित मालवहन गलियारे (डीएफसी) ने शुक्रवार को एक लाख मालगाड़ियों के परिचालन का रिकॉर्ड कायम किया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दादरी से रेवाड़ी डीएफसी खंड पर रेलवे बोर्ड की सदस्य (परिचालन और व्यवसाय विकास) जया वर्मा सिन्हा ने डीएफसी के ट्रैक पर चलने वाली एक लाखवीं गाड़ी को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उन्होंने डीएफसीसीआईएल के निदेशक/परिचालन एवं व्यववसाय विकास नंदुरी श्रीनिवास के साथ इस गाड़ी में फुटप्लेफट भी किया।

सरना धर्म कोर्ड की मांग को लेकर 15 जून को रहेगा भारत बंद : सालखन मुर्मू
Published / 2023-05-27 14:34:23
सरना धर्म कोर्ड की मांग को लेकर 15 जून को रहेगा भारत बंद : सालखन मुर्मू

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आदिवासी सेंगल अभियान के अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने सरना धर्म कोर्ड को मान्यता देने सहित कई मांगों को लेकर हुंकार भरी है। उनका कहना है 2011 की जनगणना में जैन धर्म को मानने वालों की संख्या 44 लाख है जबकि आदिवासियों की संख्या 50 लाख है। इसके बावजूद सरना धर्म कोर्ड को अबतक मान्यता नहीं मिली है। जैन समुदाय वालों को मिल चुकी है। इसी को लेकर 15 जून भारत बंद का एलान किया है।सरना समिति के सदस्यों और आदिवासी समाज के साथ बैठक करने के बाद आदिवासी सेंगल अभियान के अध्यक्ष सह पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने कहा कि भारत बंद के बाद 30 जून 2023 विश्व सरना धर्म जनसभा का आयोजन कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में किया जायेगा। जिसमें पांच लाख से ज्यादा लोग शामिल होंगे।

जलते मणिपुर को बचाने के लिए सेना को बुलाया, इंफाल में कर्फ्यू
Published / 2023-05-22 23:43:45
जलते मणिपुर को बचाने के लिए सेना को बुलाया, इंफाल में कर्फ्यू

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मणिपुर की राजधानी इंफाल में एक बार हिंसा और आगजनी की खबरें सामने आ रही हैं। हिंसा भड़कने और आगजनी की खबरों के बाद वहां की स्थिति तनावपूर्ण हो गयी है। खबरों के मुताबिक, इंफान के न्यू चेकॉन इलाके में मेइती और कुकी समुदायों के आमने-सामने भिड़ने के बाद क्षेत्र में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया है। स्थिति को नियंत्रण करने के लिए सेना और पेरामिलिट्री फोर्स को बुलाया गया है। जानकारी के मुताबिक, पहले की हिंसा के बाद लोगों ने खाली किये गये घरों में तोड़-फोड़ की थी। कुछ घरों में आग भी लगायी गयी है। बता दें कि मणिपुर में हिंसा में अबतक 70 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी हिंसा प्रभावित इलाकों में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। हिंसा में 1,700 से अधिक घर जलकर खाक हो गये हैं। दूसरी ओर, भारतीय सेना और असम राइफल्स आवश्यक आपूर्ति की कमी का सामना कर रहे शहर के बीच इंफाल से आवश्यक सामान ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत तालमेल के साथ काम कर रहे हैं।भारतीय सेना और असम राइफल्स के जवान एनएच 37 का उपयोग करने वाले वाहनों की सुरक्षा के लिए पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं, जिसे मणिपुर की जीवन रेखा भी कहा जाता है। मानव रहित हवाई वाहनों और चीता हेलीकाप्टरों द्वारा हवाई निगरानी, कंपनियों की भारतीय रिजर्व बटालियन के कर्मियों के साथ पांच पुलिस थानों के सीआरपीएफ, मणिपुर पुलिस कर्मियों को एनएच 37 पर चलने वाले नागरिक वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है।

30 मई से 30 जून तक महासंपर्क अभियान के बहाने लोगों का रुख जानेगी भाजपा
Published / 2023-05-22 13:03:55
30 मई से 30 जून तक महासंपर्क अभियान के बहाने लोगों का रुख जानेगी भाजपा

मोदी सरकार के नौ साल...एबीएन सेंट्रल डेस्क। मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने पर शुरु हो रहे महासंपर्क अभियान के दौरान भाजपा महज सरकार की उपलब्धियां ही नहीं गिनाएगी, बल्कि सरकार के कामकाज के अलावा विभिन्न मुद्दों पर समाज के विभिन्न वर्गों का फीडबैक भी लेगी।पार्टी नेतृत्व ने अलग-अलग स्तर पर चलने वाले महासंपर्क अभियान के दौरान सरकार के कामकाज के बारे में लोगों की राय और सलाह भी हासिल करने का निर्देश दिया है।मालूम हो कि सरकार के नौ साल पूरा होने के उपलक्ष्य में पार्टी 30 मई से 30 जून तक देश भर में महासंपर्क अभियान चला रही है।  इस महासंपर्क अभियान के दौरान पार्टी की योजना व्यापक स्तर पर केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों, बुद्धिजीवियों, विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों से संपर्क करने की है। पहले तय किया गया था कि इस दौरान पार्टी के नेता सरकार की उपलब्धियां गिनायेंगे। हालांकि बाद में तय किया गया कि इस दौरान लगे हाथ सरकार के कामकाज के साथ-साथ विभिन्न मुद्दों पर फीडबैक और सलाह भी हासिल किया जाये।समर्थन जुटाने के लिए जनसभाएं करेगी भाजपा : अनुराग ठाकुरकेंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने पर जनता का समर्थन हासिल करने के लिए भाजपा कई जनसभाएं करेगी। उन्होंने कहा कि आज हर देशवासी को महसूस होता है कि मोदी है तो मुमकिन है। अगर हम 9 साल में इतनी दूर तक पहुंच सकते हैं तो कल्पना कीजिए कि अगले पांच साल में देश कितना आगे जा सकता है। अगले दो साल में हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं।जानेंगे बदलाव का असर अभियान से जुड़े एक वरिष्ठ नेता के अनुसार महासंपर्क अभियान के दौरान लाभार्थियों से योजनाओं का लाभ मिलने के बाद जीवन स्तर में आये बदलाव की जानकारी हासिल की जाएगी। सरकार के कामकाज पर राय ली जायेगी। साथ ही बुद्धिजीवियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियों से सरकार के कामकाज के संदर्भ में सलाह ली जायेगी। इस दौरान अहम मुद्दों पर भी संबंधित वर्ग की राय हासिल की जायेगी।फीडबैक से रणनीति बनाने में मिलेगी मदद  वरिष्ठ नेता के मुताबिक फीडबैक और विभिन्न मुद्दों पर हासिल राय से पार्टी को भविष्य में रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। इसके जरिये पार्टी सरकार के कामकाज के साथ विभिन्न मुद्दों पर एक बड़े वर्ग का मूड भी भांप सकेगी। पार्टी ने इस अभियान के तहत हर लोकसभा में 250 विशिष्ट परिवारों से संपर्क साधने, 20 से 30 जून तक घर-घर संपर्क अभियान चलाने, व्यापारी, बुद्धिजीवी सम्मेलन आयोजित करने, विकास तीर्थ कार्यक्रम करने के अलावा सभी बूथों पर अनिवार्य रूप से सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को प्रचारित करने वाले कार्यक्रमों का फैसला किया है।

25 लाख का इनामी पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप नेपाल से गिरफ्तार
Published / 2023-05-21 14:51:15
25 लाख का इनामी पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप नेपाल से गिरफ्तार

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आतंक का पर्याय माने जाने वाले पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के सुप्रीमो दिनेश गोप को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिनेश गोप पर झारखंड पुलिस ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। एनआइए ने भी उस पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा था। इस खूंखार नक्सली को पड़ोसी देश नेपाल से गिरफ्तार किया गया है।राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसे नेपाल से पकड़ा है। दिनेश गोप को रांची लाने की कार्रवाई की जा रही है। झारखंड पुलिस और एनआईए ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप को गिरफ्तार किया है। उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। इस शख्स ने पिछले दो दशक से झारखंड के अलग-अलग राज्यों में आतंक मचा रखा था। झारखंड में उस पर करीब 150 मुकदमे दर्ज हैं। नेपाल से गिरफ्तार दिनेश गोप को पहले दिल्ली लाया जायेगा। वहां से उसे रांची लाया जायेगा। दिनेश गोप पर कई संगीन आरोप हैं।सुरक्षा बलों पर हमला करने के अलावा उस पर लेवी वसूलने, लेवी के लिए ठेकेदारों-व्यापारियों को धमकी देने और उन्हें डराने-धमकाने के भी आरोप हैं। इतना ही नहीं, दिनेश गोप पर टेरर फंडिंग के भी आरोप हैं। टेरर फंडिंग मामले में ही एनआईए ने उसके खिलाफ जांच शुरू की थी। बता दें कि वर्ष, 2020 में ही एनआईए ने दिनेश गोप की दोनों पत्नियों हीरा देवी और शकुंतला कुमारी को गिरफ्तार किया था।

कर्नाटक : दूसरी बार मुख्यमंत्री बने सिद्धारमैया
Published / 2023-05-20 18:53:22
कर्नाटक : दूसरी बार मुख्यमंत्री बने सिद्धारमैया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सिद्धारमैया कर्नाटक के दूसरी बार मुख्यमंत्री बन गये, जबकि डीके शिवकुमार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। इन दोनों नेताओं के साथ ही 8 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शनिवार को सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार समेत सभी मंत्रियों को शपथ दिलायी है। कई विपक्षी नेता कर्नाटक की नयी सरकार के गठन के साक्षी बने हैं।बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह में लोगों की काफी भीड़ जुटी। उनके शपथ ग्रहण समारोह में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कई वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी पहुंचे। शपथ ग्रहण से पहले सिद्धारमैया के साथ राहुल-प्रियंका ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया।

भारत की रोजाना की बिजली की मांग 220 गीगावॉट
Published / 2023-05-19 21:54:47
भारत की रोजाना की बिजली की मांग 220 गीगावॉट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत की रोजाना की बिजली की मांग बुधवार को 3 बजे 220 गीगावॉट के जादुई आंकड़े पर पहुंच गई। भारत के इतिहास में अब तक यह एक दिन की सर्वाधिक मांग है। बिजली मंत्रालय ने अपने अनुमान में देश में बिजली की मांग अप्रैल से जून महीनों के दौरान 220 गीगावॉट पहुंचने की उम्मीद जतायी थी। अप्रैल महीने में बेमौसम बारिश हो गयी, इसके कारण शीर्ष स्तर की मांग मई में पहुंच गयी। देश भर में तापमान बढ़ रहा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अगर मॉनसून के पहले के तड़ित झंझावत की बारिश से राहत नहीं मिलती है तो शीर्ष मांग 220 गीगावॉट के स्तर को पार कर सकती है। केंद्र सरकार ने बिजली की मांग इस स्तर पर पहुंचने पर कोयले की मांग की स्थिति का अनुमान लगाया है और इस साल गर्मी में 220 गीगावॉट की उच्च मांग को ध्यान में रखकर ग्रिड की तैयारियां की गई हैं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक ऐतिहासिक स्तर पर बिजली की उच्च मांग की स्थिति में ताप बिजली संयंत्रों को चलाने के लिए अप्रैल-जून 2023 के दौरान कुल 22.2 करोड़ टन कोयले की जरूरत होगी। इस साल की शुरूआत में बिजली मंत्रालय की ओर से लगाए गए अनुमान के मुताबिक घरेलू कोयले की उपलब्धता 20.1 करोड़ टन रहने की उम्मीद है, जबकि कुल मांग 22.2 करोड़ टन रहने की संभावना है। इसकी वजह से घरेलू कोयले की रोजाना 1 लाख टन से लेकर 3 लाख टन तक की कमी रहेगी। इसे देखते हुए बिजली मंत्रालय ने इस साल जनवरी में सभी बिजली उत्पादन कंपनियों (जेनको) को उनकी कुल जरूरत का 6 प्रतिशत कोयला आयात करने का आदेश दिया था। बिजली मंत्रालय के इस प्रावधान के बाद 6 राज्यों और केंद्र के सार्वजनिक उद्यम एनटीपीसी ने पहले ही कोयले के आयात के लिए निविदा जारी कर दी है। लेकिन बेमौसम बारिश ने राहत दी और अप्रैल में बिजली की मांग नहीं बढ़ी। इससे घरेलू कोयले की पर्याप्त मौजूदगी है। इस समय ताप बिजली संयंत्रों पर रोजाना (औसत) भंडार 3.2 करोड़ टन है, जिसमें घरेलू और आयातित दोनों कोयला शामिल है। इसकी वजह से बिजली संयंत्रों के पास 13 दिन संयंत्र चलाने के लिए पर्याप्त कोयला मौजूद है। एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि देश के सबसे बड़े बिजली उत्पादक एनटीपीसी के पास इस समय 12 से 15 दिन तक संयंत्र चलाने के लिए कोयले का भंडार है।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.