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आखिर आज तक क्यों नहीं बाहर निकाला गया टाइटैनिक का मलबा
Published / 2023-06-24 18:29:33
आखिर आज तक क्यों नहीं बाहर निकाला गया टाइटैनिक का मलबा

27 साल पहले ही ढूंढ़ लिया गया था टाइटैनिक का मलबा एबीएन नॉलेज डेस्क। 14 अप्रैल को टाइटैनिक नॉर्थ अटलांटिक महासागर में एक हिमखंड से टकरा गया था। इस जोरदार टक्कर में जहाज के दो टुकड़े हो गये और यह समुद्र में करीब 4 किलोमीटर गहराई में समा गया। टाइटैनिक की उम्र अब ज्यादा नहीं बची है अटलांटिक महासागर में 5 यात्रियों सहित गायब हुई टाइटन पनडुब्बी को लेकर कंपनी की तरफ से बताया गया है कि पनडुब्बी में सवार सभी 5 यात्रियों की मौत हो गयी है। पनडुब्बी का मलबा टाइटेनिक जहाज के पास ही मिला है। दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पॉपुलर जहाज रहे टाइटेनिक को डूबे करीब 110 साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है। इसका मलबा 1985 में ही ढूंढ़ लिया गया था। ऐसे में मन में सवाल आता है कि जब जहाज का मलबा ढूंढ़ लिया गया था तो आज तक इसे बाहर क्यों नहीं निकाला गया? कब डूबा था टाइटैनिक टाइटैनिक के बारे में आपने काफी पढ़ा और सुना होगा। टाइटैनिक ने अपनी पहली यात्रा ब्रिटेन के साउथैम्पटन बंदरगाह से न्यूयॉर्क के लिए 10 अप्रैल 1912 को शुरू की थी। इसके ठीक 4 दिन बाद यानी 14 अप्रैल को यह नॉर्थ अटलांटिक महासागर में एक हिमखंड से टकरा गया। इस जोरदार टक्कर में जहाज के दो टुकड़े हो गये और यह समुद्र में करीब 4 किलोमीटर गहराई में समा गय। 1500 लोगों की गयी थी जान  इस त्रासदी में लगभग 15 लोगों की जान गयी। यह उस समय की सबसे बड़ी समुद्री दुर्घटना थी। लगभग 70 सालों तक टाइटैनिक का मलबा समुद्र में 4 किलोमीटर नीचे पढ़ा रहा, जिसे पहली बार 1985 में रोबट बलाड और उनकी टीम ने खोज निकाला था। मुश्किल है ये काम जहां जहाज डूबा हुआ है, वहां चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा है। समुद्र की गहराई में तापमान भी 1 डिग्री सेल्सियस है। इन विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए किसी इंसान का इतनी गहराई में जाना और फिर वापस लौट कर आना बहुत जोखिम भरा होता है। ऐसे में यहां से मलबे को निकाल कर लाना तो बहुत दूर की बात है। समुद्र की गहराई में 4 किलोमीटर नीचे पड़े मलबे को विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए बाहर निकालना लगभग नामुमकिन है। 20-30 साल टिक पायेगा मलबा विशेषज्ञों के मुताबिक, टाइटैनिक का मलबा समुद्र में अब तेजी से गल रहा है। ऐसे में उसे बाहर निकाल कर भी कोई फायदा नहीं होगा। बताया जाता है कि आने वाले 20 से 30 सालों में टाइटैनिक का मलबा पूरी तरह गल जायेगा और समुद्र के पानी में घुल जायेगा। समुद्र में पाये जाने वाले बैक्टीरिया टाइटैनिक के लोहे को तेजी से खा रहे हैं, जिस वजह से उसमें जंग लग रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ये समुद्री बैक्टीरिया रोजाना लगभग 180 किलो मलवा खा जाते हैं। ऐसे में टाइटैनिक की उम्र अब ज्यादा नहीं बची है, इसलिए इसके मलबे को बाहर निकालना समझदारी नहीं होगी।

उत्तराखंड : गहरी खाई में गिरा मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं का वाहन, नौ की मौत
Published / 2023-06-22 14:07:27
उत्तराखंड : गहरी खाई में गिरा मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं का वाहन, नौ की मौत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मंदिर जा रहे नौ श्रद्धालुओं की उस समय मौत हो गयी जब उनकी कार एक गहरी खाई में गिर गयी। पुलिस सूत्रों के गुरुवार को बागेश्वर के शामा के कुछ लोग पिथौरागढ़ के होकरा मंदिर पूरा अर्चना के लिये जा रहे थे।इसी दौरान उनकी कार गहरी खाई में जा गिर गयी। कार में 11 लोग सवार थे, जिनमें से नौ लोगों घटना की सूचना मिलते ही नाचनी और क्वीटी थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गयी है। वह ग्रामीणों के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुट गयी हैं। भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय आपदा राहत बल, राज्य आपदा राहत बल के साथ ही राजस्व की टीम को मौके के लिये रवाना कर दिया गया है।इसके अलावा पिथौरागढ़ से दो और शामा से एक एम्बुलेंस भी घायलों की मदद के लिए मौके पर भेजी गयी हैं। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिला प्रशासन घटना पर नजर बनाये हुए है। विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।

यूपी-बिहार में हीट स्ट्रोक को लेकर रेड अलर्ट
Published / 2023-06-18 17:59:54
यूपी-बिहार में हीट स्ट्रोक को लेकर रेड अलर्ट

लू से अबतक 100 से अधिक मौतें एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना/ रांची। बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग इस समय गर्मी की मार झेल रहे हैं। राज्य के कई जिलों में लोग लू की चपेट में आने से तेजी से बीमार हो रहे हैं। दोनों राज्यों की बात करें तो अब तक हीटवेव के कारण 100 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। उत्तर प्रदेश के बलिया में गर्मी से मरने वालों का आंकड़ा 55 पहुंच गया है। बिहार के गया जिले की करें तो यहां भी हीटवेव के कारण बीमार हो रहे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। यहां मरीजों की संख्या 16 से बढ़कर 52 हो गई है।स्थिति ये है कि 75 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड में 120 का इलाज चल रहा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि वैक्लपिक व्यवस्था के तहत मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि मरीजों की संख्या इन दिनों काफी तेजी से बढ़ी है। गर्मी से होने वाली विभिन्न बीमारियों के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मगध मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के अधीक्षक श्रीप्रकाश सिंह का कहना है कि गर्मी से होने वाली विभिन्न बीमारियों के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सभी को इलाज मिले इस बात विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं होने दी जा रही है। हीटवेव के मरीजों के लिए सारी सुविधाएं रखी गयी हैं। डॉक्टरों की टीम मुस्तैदी से अपना काम कर रही है। 48 डिग्री सेल्सियस पहुंचा पारा गर्मी का प्रकोप हर दिन बढ़ रहा है। सुबह से ही तेज धूप के साथ गर्मी लोगों को बेचैन कर देती है। लू के थपेड़ों से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जबकि न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी से निजात पाने के लिए लोग कूलर और पंखा के सहारा ले रहे हैं। नालंदा का पारा 45 के पार इस समय पूरा बिहार भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आज भी मौसम विभाग ने बिहार के सात जिलों के लिए एक्सट्रीम हिटवेव का अलर्ट जारी किया है। नालंदा शनिवार को सबसे गर्म जिला रहा है, जहां 45.6 डिग्री दर्ज किया गया। आरा के सदर अस्पताल के एक चिकित्सक के अनुसार लू लगने से 35 मरीजों को सदर अस्पताल लाया गया था, जिसमे से 25 लोगों की मौत हो गयी है। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग थे। इधर, नवादा, गया और सासाराम सदर अस्पताल ने दो-दो लोगों की मौत जबकि औरंगाबाद और पूर्णिया सदर अस्पताल में एक-एक मौत की पुष्टि की है। वहीं 4 दिन में भोजपुर में 39 लोगों की मौत हो गयी है।

जम्मू-कश्मीर : 24 घंटे के अंदर लगे भूकंप के पांच झटके
Published / 2023-06-18 12:48:32
जम्मू-कश्मीर : 24 घंटे के अंदर लगे भूकंप के पांच झटके

एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पिछले 24 घंटों में करीब पांच बार जमीन को कांपते हुए महसूस किया गया। इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर में तो महज 11 मिनट के अंतराल पर ही लगातार दो भूकंप के झटके महसूस किये गये, जिससे लोगों में डर का माहौल है।

असम : बाढ़ की चपेट में 34,000 लोग
Published / 2023-06-17 14:27:18
असम : बाढ़ की चपेट में 34,000 लोग

बाढ़ से असम में हाहाकार, सिक्किम में भी 2,000 पर्यटक फंसेएबीएन सेंट्रल डेस्क। एक चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का कहर दूसरी ओर बाढ़ की आफत। बिपरजॉय ने जहां गुजरात में तबाही मचाने के लिए राजस्थान का रुख कर लिया है तो वहीं असम में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। असम के 7 जिलों में हालातं काफी गंभीर हैं। इनमें करीब 34 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित बताये जा रहे हैं। शुक्रवार को प्रभावित लोगों की संख्या 29 हजार थी। पिछले 24 घंटों 5 हजार लोग और इसकी चपेट में आ गये जिसके बाद कुल प्रभावितों की संख्या 34 हजार हो गयी है। इनमें तीन हजार तो केवल बच्चे हैं। जानकारी के मुताबिक लखीमपुर जिले में हालात सबसे खराब हैं। यहां 22 गांव में 23 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके अलावा बिस्वनाथ, दारंग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, तमुलपुर और उदलगुरी जिले भी बाढ़ का कहर झेल रहे हैं। रेस्क्यू टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उनके लिए खाना उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा भारी बारिश ने भी यहां लगातार तबाही मचायी हुई। कई पेड़ टूट कर गिर गये हैं। कई घरों को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात को हुई भारी बारिश के दौरान कई पेड़ कुछ घरों पर गिर गये जिससे घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच सिक्किम में भी भारी बारिश के चलते स्थिति काफी गंभीर है। यहां भारी बारिश और भुस्खलन के चलते कई रास्ते बंद हैं। ऐसे में यहां देश-विदेश के 2 हजार पर्यटक फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने कहा कि उत्तरी सिक्किम जिला मुख्यालय मंगन से चुंगथांग जाने वाली सड़क ब्लॉक हो गयी है जिससे यातायात बाधित हो गया है। इसके चलते 1975 भारतीय और 36 घरेलू पर्यटक फंसे हुए हैं। 36 विदेश पर्यटकों में से 23 बांग्लादेश, 10 अमेरिकी और तीन पर्यटक सिंगापोर से हैं। इसके अलावा कई गाड़िया भी फंसी हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल 345 कार और 11 मोटक बाइक नॉर्थ सिक्किम की अलग-अलग जगहों पर फंसी हुई हैं।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.32 से घटकर 593.7 अरब डॉलर
Published / 2023-06-17 13:44:55
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.32 से घटकर 593.7 अरब डॉलर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण भंडार और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आरक्षित निधि में कमी होने से 09 जून को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.32 अरब डॉलर घटकर 593.7 अरब डॉलर रह गया। वहीं इसके पिछले सप्ताह यह 5.92 अरब डॉलर बढ़कर 595.1 अरब डॉलर पर रहा था। रिजर्व बैंक की ओर से शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 09 जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 1.13 अरब डॉलर की कमी के साथ 525.1 अरब डॉलर पर आ गयी। इसी तरह इस अवधि में स्वर्ण भंडार 18.3 करोड़ डॉलर घटकर 45.4 अरब डॉलर रह गया। वहीं, आलोच्य सप्ताह विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में 20 लाख डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 18.2 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस अवधि में आईएमएफ के पास आरक्षित निधि 80 लाख डॉलर की गिरावट लेकर 5.12 अरब डॉलर रह गयी।

गुजरात के बाद अब राजस्थान की ओर बढ़ा बिपारजॉय
Published / 2023-06-16 16:14:29
गुजरात के बाद अब राजस्थान की ओर बढ़ा बिपारजॉय

कई इलाकों में भारी बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारीएबीएन सेंट्रल डेस्क। चक्रवाती तूफान बिपारजॉय का असर राजस्थान के कुछ इलाकों में भी देखने को मिला, जहां जालोर और बाड़मेर जिले में कई जगह भारी बारिश हुई है।मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात कुछ स्थानों पर 60-70 मिलीमीटर बारिश हुई है और आज भी इन दोनों जिलों और इनके आसपास के इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है।मौसम विभाग ने राजस्थान के कुछ हिस्सों- बाड़मेर, जालोर, जैसलमेर, सिरोही, जोधपुर, पाली और आसपास के स्थानों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और शुक्रवार को भारी से बहुत भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।आईएमडी ने कहा कि गंभीर चक्रवाती तूफान बिपरजॉय (जिसने गुरुवार को गुजरात में दस्तक दी थी) दोपहर के आसपास सौराष्ट्र और कच्छ के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है और इसके बाद दक्षिण राजस्थान में शुक्रवार शाम के आसपास एक गहरे दबाव का क्षेत्र बन सकता है।अधिकारी ने बताया कि जालोर में आज सुबह तक 69 मिमी बारिश हो चुकी है और बारिश जारी है। विभाग ने चक्रवात की तीव्रता को देखते हुए 16 जून को बाड़मेर व जालोर जिले के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।इसी के साथ जैसलमेर, जोधपुर, पाली व सिरोही के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है। वहीं बीकानेर, राजसमंद, उदयपुर और डूंगरपुर जिले के कुछ हिस्सों मे भी मूसलाधार बारिश हो सकती है।मौसम विभाग ने राज्य में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की हैं। वही दक्षिण राजस्थान में 16 जून को दोपहर तक 60 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।विभाग ने 17 जून को बाड़मेर और जोधपुर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसी के साथ भीलवाडा, करौली, सवाईमाधोपुर, सीकर, टोंक, बीकानेर, नागौर में तेज गरज के साथ वर्षा और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।इस बीच प्रशासन ने भारी बारिश से प्रभावित लोगों के बचाव के लिए जयपुर, कोटा, भरतपुर, उदयपुर, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की आठ और किशनगढ़, अजमेर में एनडीआरएफ की एक कंपनी को तैनात किया है।

बिपरजॉय का कहर : 500 से ज्यादा पेड़ गिरे, अंधेरे में 950 गांव
Published / 2023-06-16 08:52:56
बिपरजॉय का कहर : 500 से ज्यादा पेड़ गिरे, अंधेरे में 950 गांव

कई घायल, जानें गुजरात में कैसी रही बिपरजॉय की तबाहीएबीएन सेंट्रल डेस्क। बिपरजॉय चक्रवाती तूफान रौद्र रूप धारण करता जा रहा है। सुबह से बहुत तेज बारिश हो रही है। उतनी ही तेज हवाएं भी चल रही हैं। तूफान के बारे में जितना बताया गया है ये उससे ज्यादा खतरनाक प्रतीत हो रहा है। तेज हवाओं के कारण बिजली के तार और खंबे टूटकर नीचे गिर गये हैं। मोरबी जिले के मलिया तहसील के 45 गांवों में बिजली गायब हो गयी है। बिजली विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 9 गांवों में बिजली बहाल की जा रही है। बिपरजॉय गुजरात तट से देर रात ही टकरा चुका है। इसकी गति कम होने के कारण आगे की तरफ बढ़ने में वक्त ले रहा है। बिपरजॉय साइक्लोन का केंद्र 30 किलोमीटर उत्तर में सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र पर केंद्रित था।बिपरजॉय दोपहर बाद तक राजस्थान से टकरा सकता है. इसके बाद राजस्थान, हरियाणा, यूपी में मौसम बदल सकता है। तेज हवाएं चल सकती हैं। तूफान के कारण 22 लोगों के घायल होने ही संभावना है। 2 की मौत की भी खबर है। हालांकि अभी तक किसी तरह के जान का नुकसान नहीं हुआ है। 23 पशुओं की मौत हो गयी है और 524 पेड़ गिरने की जानकारी सामने आयी है। कुछ जगहों पर बिजली के खंभे भी गिरे हैं। राहत बचाव कार्य की टीमें पूरे इलाके में फैली हुई हैं। जहां भी नुकसान हो रहा है या किसी भी तरह अनहोनी की जानकारी होती है टीमें तुरंत वहां जाकर बचाव कार्य में लगी हुई हैं।मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात का घेरा है उसका व्यास 50 किलोमीटर का है। सौराष्ट्र और कच्छ से आगे बढ़ता जा रहा है। बिपरजॉय के कारण रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। 99 ट्रेनों के आवागमन में दिक्कत हुई है। या तो उनको रद्द कर दिया गया। या फिर काफी लेट कर दिया गया है। वेस्टर्न रेलवे ने बताया कि 23 ट्रेनों को रद्द कर दगिया गया है। तीन ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। सात ट्रेनों को शॉर्ट ऑरजिनेट किया गया है। इसके साथ ही 99 ट्रेनों को कैंसल किया गया है।

बचपन बचाओ आंदोलन की छापामार कार्रवाई से 10 बाल मजदूर हुए मुक्त
Published / 2023-06-15 18:13:52
बचपन बचाओ आंदोलन की छापामार कार्रवाई से 10 बाल मजदूर हुए मुक्त

एबीएन सेंट्रल डेस्क। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) व इसके सहयोगी संगठन बाल विकास धारा ने पुलिस व प्रशासनिक अमले की मदद से नई दिल्ली के शाहदरा इलाके में की गई छापे की कार्रवाई में 10 बाल मजदूरों को मुक्त कराया। शाहदरा के एसडीएम की अगुआई में मारे गए छापों में श्रम विभाग, शाहदरा पुलिस, जिला बाल संरक्षण समिति और सिविल डिफेंस के सदस्य भी शामिल थे। छुड़ाये गये बच्चों की उम्र 13 से 16 साल के बीच है और ये सभी उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। ये बच्चे बाइकों की मरम्मत और स्टीकर बनाने का काम करते थे। इसमें एक बाल मजदूर पिछले ढाई साल से काम कर रहा था और अभी दो महीने पहले ही मालिक ने उसे 200 रुपये रोजाना के हिसाब से मेहनताना देना शुरू किया था। मुक्त कराये गये इन बच्चों की चिकित्सा जांच के बाद उन्हें बाल संरक्षण समिति के समक्ष पेश किया गया जिसने उन्हें मुक्ति आश्रम भेज दिया। एसडीएम ने 11 दुकानों को नोटिस जारी करते हुए उन्हें सील करने के आदेश दिये।बचपन बचाओ आंदोलन के निदेशक मनीष शर्मा ने कहा- बाल मजदूरी के खिलाफ जून को एक्शन मंथ या कार्रवाई माह के तौर पर मनाया जा रहा है। इस दौरान बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराने के लिए पूरे देश में व्यापक अभियान छेड़ा गया है और रोजाना बच्चों को मुक्त कराने की प्रक्रिया जारी है। बाल मजदूरी और बाल शोषण के खिलाफ बेहद सख्त कानूनों के बावजूद नाबालिगों से काम लेने की प्रवृत्ति और उनका शोषण जारी है जिस पर अंकुश लगाने की जरूरत है। इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए जीतेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क कर सकते हैं।

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