कई जिलों में दिखने लगा असर; घरों में घुसा पानीएबीएन सेंट्रल डेस्क। गुजरात के तटों की तरफ बढ़ रहा चक्रवात बिपरजॉय बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। आज शाम चार से रात आठ बजे के बीच कच्छ के जखाऊ में जमीन से टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने इससे भारी तबाही की चेतावनी दी है। विंग कमांडर एन मनीष ने कहा कि लोगों में चक्रवात को लेकर डर है। इसलिए जनता को होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए सभी सशस्त्र बल जो सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तट रक्षकों ने खुद को तैयार किया है। वह स्थानीय लोगों की हर संभव सहायता करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने पूरे गुजरात के साथ-साथ मांडवी और द्वारका के स्थानों पर 27 से अधिक राहत स्तंभों को तैनात किया है। सेना के अधिकारियों ने भी नागरिक प्रशासन के साथ-साथ एनडीआरएफ टीमों के साथ संयुक्त रूप से राहत अभियान शुरू किया है। गुजरात के जूनागढ़ जिले में चक्रवात बिपरजॉय के प्रभाव के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। तटों के किनारे स्थिति घरों में समुद्र का पानी घुस गया है। स्थानीय लोगों और मछुआरों के अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि चक्रवात बिपरजॉय सौराष्ट्र, कच्छ की तरफ बढ़ रहा है। यह जखाऊ से करीब 180 किमी की दूरी पर है। हवाओं की रफ्तार 125-135 किमी प्रति घंटे रफ्तार से चल रही है। उन्होंने कहा कि यह शाम तक तट पर पहुंचेगा। यह अति गंभीर चक्रवाती तूफान है। इसकी वजह से पेड़, छोटे मकान, मिट्टी के घर, टिन के घरों को नुकसान हो सकता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू कश्मीर में देर रात एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार तड़के करीब 2:20 बजे कटरा में धरती हिली। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गयी है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के डोडा में मंगलवार को 5.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके कारण कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त हो गयीं और इसमें कम से कम पांच लोग घायल हो गये।भूंकप के झटके दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों और पड़ोसी देश पाकिस्तान में महसूस किये गये। एनसीएस ने बताया कि अपराह्न एक बजकर 33 मिनट पर 5.4 तीव्रता का भूकंप आया जिसका केंद्र छह किलोमीटर की गहराई में था। अधिकारियों ने बताया कि डोडा जिले में दो बच्चों सहित पांच लोगों को मामूली चोटें आयी है।
लालू का नाम लिए बोले मोदी- पहले नौकरी के लिए रेट कार्ड होता था, अब सबकुछ पारदर्शीएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को रोजगार मेले के तहत 70,126 नव-नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किये। इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रोजगार मेले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और भाजपा की सरकारों की पहचान बन गये हैं। उन्होंने कहा कि आज निजी व सरकारी क्षेत्र में नौकरियों के अवसर बन रहे हैं और जिस पैमाने पर युवाओं को नौकरी दी गयी है, वह अभूतपूर्व है। लालू यादव के नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा कि पहले नौकरी देने के नाम पर जमीनें हड़प ली जाती थीं या फिर घूस ली जाती थी, लेकिन अब सब कुछ पारदर्शी है। प्रधानमंत्री ने कहा- सरकारी नौकरी देने वाले प्रमुख संस्थानों- संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग और रेलवे भर्ती बोर्ड ने पहले के मुकाबले ज्यादा युवाओं को नौकरी दी हैं। इन संस्थाओं का जोर परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने पर भी रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को लेकर जितना विश्वास और उसकी अर्थव्यवस्था पर जितना भरोसा आज है, वह पहले कभी नहीं रहा। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी, कोरोना महामारी और यूक्रेन-रूस युद्ध के बावजूद भारत अपनी अर्थव्यवस्था को नयी ऊंचाई पर ले जा रहा है। उन्होंने कहा- आज भारत बीते एक दशक की तुलना में ज्यादा स्थिर, ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा मजबूत देश है। राजनीतिक भ्रष्टाचार, योजनाओं में गड़बड़ी और जनता के धन का दुरुपयोग पुरानी सरकारों की पहचान थी लेकिन आज भारत को राजनीतिक स्थिरता, निर्णायक फैसलों और आर्थिक व प्रगतिशील सामाजिक सुधारों के लिए जाना जाता है। रोजगार मेले का आयोजन देशभर में 43 जगहों पर हुआ। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के साथ-साथ राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में भी बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गई हैं। नये कर्मचारियों को वित्तीय सेवा विभाग, डाक विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, रक्षा मंत्रालय, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, रेल मंत्रालय, लेखापरीक्षा और लेखा विभाग और गृह मंत्रालय सहित विभिन्न विभागों में नियुक्त किया गया है। नव नियुक्त कर्मचारियों को आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर कर्मयोगी प्रारंभ ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का अवसर भी मिल रहा है। यहां 400 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम कहीं भी, किसी भी उपकरण पर अध्ययन के लिए उपलब्ध हैं।
विश्व बाल श्रम विरोधी दिवस पर संगठन की सक्रियता ने दिलायी सफलता एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व बाल श्रम विरोधी दिवस के मौके पर पुलिस व प्रशासनिक अमले की मदद से बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) व उसके सहयोगी गैरसरकारी संगठनों ने 13 राज्यों में मारे गए 24 छापों में 306 बाल मजदूरों को छुड़ाया। नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित संगठन बीबीए के इन छापों में सबसे ज्यादा 92 बच्चे गुजरात से छुड़ाये गये, जबकि उसके बाद पंजाब से 57 बच्चे छुड़ाये गये। बाल मजदूरों को छुड़ाने असम के दरांग जिले के बेसिमारी बाजार पहुंची बीबीए की टीम को भीड़ के हमले का शिकार होना पड़ा। भीड़ ने मौके से छुड़ाये गये 20 बच्चों में से चार को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर बीबीए के सदस्यों को सुरक्षित पहुंचाया। असम में कुल मिला कर 37 बाल मजदूर छुड़ाये गये। गुजरात, पंजाब और असम के अलावा राजस्थान से 26, नई दिल्ली से 17, उत्तर प्रदेश से 13, तेलंगाना से 10, बिहार से 12, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड से दस-दस, झारखंड से 11 और हरियाणा से सात बाल मजदूरों को छुड़ाया गया। बताते चलें कि बाल मजदूरी के खिलाफ अभियान में जून को कार्रवाई माह या एक्शन मंथ के रूप में मनाया जा रहा है। बीबीए के लिए जून इसलिए अहम है क्योंकि इसके संस्थापक कैलाश सत्यार्थी के लंबे संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने हर साल 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के रूप में मनाने का एलान किया था। बीबीए के प्रबंध निदेशक रियर एडमिरल (सेवानिवृत्त) राहुल कुमार श्रावत ने कहा- ऐसे समय में जब बाल मजदूरी के खिलाफ कैलाश सत्यार्थी की अगुआई में हुए ऐतिहासिक ग्लोबल मार्च अगेंस्ट चाइल्ड लेबर के 25 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, हम बच्चों के संरक्षण की दिशा में हुई प्रगति की मुक्त कंठ से सराहना करते हैं। पिछले दो हफ्तों के दौरान ही बीबीए ने अमानवीय परिस्थितियों में काम कर रहे 1377 बाल मजदूरों को आजाद कराने में 16 राज्य सरकारों और रेलवे पुलिस फोर्स की मदद की है। हम भारत को बाल मजदूरी के कलंक से मुक्त कराने के लिए विभिन्न राज्य सरकारों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करते रहेंगे। अधिक जानकारी के लिए जीतेंद्र परमार (8595950825) से भी संपर्क कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने प्रगति मैदान में पहले राष्ट्रीय प्रशिक्षण सम्मेलन का किया उद्घाटनएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रगति मैदान के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र में रविवार को पहले राष्ट्रीय प्रशिक्षण सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान न्होंने कार्यक्रम को संबोधित भी किया।देशभर में प्रशासनिक सेवा प्रशिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से क्षमता निर्माण आयोग द्वारा राष्ट्रीय प्रशिक्षण सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।सम्मेलन में केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों, राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों, क्षेत्रीय और मंडल प्रशिक्षण संस्थानों तथा अनुसंधान संस्थानों सहित प्रशिक्षण संस्थानों के 1500 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। विचार-विमर्श में केंद्र सरकार के विभागों, राज्य सरकारों, स्थानीय सरकारों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ भी भाग ले रहे हैं।यह सभा विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी, चुनौतियों और उपलब्ध अवसरों की पहचान करेगी तथा क्षमता निर्माण के लिए कार्रवाई योग्य समाधान पेश करेगी और व्यापक रणनीति तैयार करेगी। सम्मेलन में आठ पैनल चर्चाएं होंगी, जिनमें से प्रत्येक प्रशासनिक सेवा प्रशिक्षण संस्थानों से संबंधित प्रमुख विषयों; जैसे संकाय विकास, प्रशिक्षण प्रभाव मूल्यांकन और कंटेंट डिजिटलीकरण आदि पर ध्यान केंद्रित करेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ट्रेन के साथ हादसे खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ओडिशा के बालासोर में रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी में आग लग गयी है। हालांकि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन आग पर नियंत्रण पा लिया गया है।
ट्रेन हादसा में मालगाड़ी से कटकर हुई मौतएबीएन सेंट्रल डेस्क। ओडिशा से एक और रेलवे से जुड़े हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां पर जाजपुर रेलवे स्टेशन के पास बुधवार को एक मालगाड़ी की चपेट में आने से 6 मजदूरों की मौत हो गयी है। इस हादसे में 1 मजदूर घायल हो गया है। बताया जा रहा है कि यह मजदूर मालगाड़ी के नीचे आराम कर रहे थे इसी दौरान यह हादसा हुआ है। ओडिशा के बालासोर में हुई ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना के 5 दिन बाद यह हादसा हुआ है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) और कालकाजी के एसडीएम की अगुआई में दिल्ली के पुल प्रह्लादपुर में की गयी साझा छापामार कार्रवाई में 22 बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया। इस दौरान मौके पर ही तकरीबन दर्जन भर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया।कालकाजी के एसडीएम के नेतृत्व में हुई इस साझा कार्रवाई में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित संगठन बचपन बचाओ आंदोलन ने पुलिस के सहयोग से पुल प्रह्लादपुर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापे मारे और 22 बच्चों को बचाया। छुड़ाये गये सभी मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के थे। बारह से सत्रह साल की उम्र के इन बच्चों से दस से बारह घंटे काम कराया जाता था और मजदूरी के नाम पर इन्हें 50 से 100 रुपये पकड़ा दिये जाते थे। इस कार्रवाई में गैर सरकारी संगठन बाल विकास धारा, श्रम विभाग, चाइल्ड लाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई और दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग भी शामिल थे।छुड़ाये गये इन सभी बच्चों को चिकित्सा जांच के बाद बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया जिसने उन्हें मुक्ति आश्रम भेज दिया। कालकाजी के एसडीएम ने पुलिस को इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ बंधुआ मजदूरी कानून, बाल मजदूरी कानून, किशोर न्याय कानून और ट्रैफिकिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।बचपन बचाओ आंदोलन जून महीने को कार्रवाई माह या एक्शन मंथ के तौर पर मना रहा है। इस दौरान राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से बाल मजदूरों से काम करा रहे प्रतिष्ठानों के खिलाफ देश भर में छापे मारे जायेंगे और बच्चों को मुक्त कराया जायेगा। तमाम प्रयासों के बावजूद समाज में बाल तस्करी और बाल मजदूरी पर रोक नहीं लग पाने पर बचपन बचाओ आंदोलन के निदेशक मनीश शर्मा ने कहा कि बच्चों को बाल मजदूरी और शोषण से निजात दिलाने के लिए बनाये गये बेहद सख्त कानूनों के बावजूद नाबालिगों से काम लेने की प्रवृत्ति और उनका शोषण जारी है जो चिंता की बात है। बच्चों की ट्रैफिकिंग के गंभीर अपराध में जुड़े तत्व दूसरे राज्यों से इन बच्चों को लाते हैं और फिर उन्हें बंधुआ मजदूरी के दलदल में धकेल देते हैं। हम सरकार से अपील करते हैं कि वह अगले संसदीय सत्र में एंटी ट्रैफिकिंग विधेयक सदन में पास कराये।
रेल मंत्री की मौजूदगी में गुजरी मालगाड़ीएबीएन सेंट्रल डेस्क। ओडिशा में बालासोर जिले के बहनगा स्टेशन पर भीषण रेल दुर्घटना के 53 घंटे बाद आज रात अप और डाउन दोनों लाइनों पर यातायात बहाल हो गया। रात में करीब दस बजे डाउन लाइन पर हल्दिया जाने वाली एक कोयला लदी मालगाड़ी को धीमी गति से गुजारा गया।इसके करीब डेढ़ घंटे बाद अप लाइन पर एक खाली मालगाड़ी को गुजारा गया। इस मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी एवं तमाम वरिष्ठ अधिकारी स्टेशन के पास खड़े थे।रेल मंत्री ने लोको पायलट को और ट्रेन के अंत में गार्ड को हाथ हिला कर अभिवादन किया। इस मौके पर रेल मंत्री थोड़ा भावुक हो गये और उन्होंने कहा कि दुर्घटना के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। सदी के सबसे भीषणतम हादसे में 288 लोग मारे गये हैं और एक हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं।
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