इस्राइली सेना ने की जमीनी हमले की तैयारी एबीएन सेंट्रल डेस्क। इस्राइली सेना ने बताया कि उनके देश में 189 सैनिकों सहित 1,300 से अधिक लोग मारे गये हैं। देश के भीतर करीब 1,500 हमास आतंकी मारे गये और गाजा के अंदर हमास के सैकड़ों लोग मारे गये हैं। उधर, गाजा के अधिकारियों के अनुसार, वहां 1,417 लोग मारे गए और 6,500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। आपरेशन अजय पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि चाहे वह कोरोना का समय हो या यूक्रेन-रूस युद्ध का समय हो या अरब स्प्रिंग के दौरान, भारत ने एक के बाद एक आपरेशन किए हैं और भारतीयों को बचाया है। पिछले साढ़े 9 साल से यही हो रहा है। सिर्फ अपने नागरिकों को ही नहीं, हमने दूसरे देशों के नागरिकों को भी बचाया है। आज भारत मदद मांगता नहीं, मदद देता है।
पुरानी पेंशन को लेकर तीसरी बड़ी रैली का गवाह बनेगा रामलीला मैदान, तीन नवंबर को जुटेंगे देशभर के कर्मचारीएबीएन सेंट्रल डेस्क। एक अक्तूबर को रामलीला मैदान में ही पेंशन शंखनाद महारैली आयोजित की गई। इसका आयोजन नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के बैनर तले हुआ था। एनएमओपीएस के अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा, पुरानी पेंशन कर्मियों का अधिकार है। वे इसे लेकर ही रहेंगे... केंद्र एवं राज्य सरकारों के कर्मचारी संगठन, पुरानी पेंशन पर निर्णायक लड़ाई की तरफ बढ़ने लगे हैं। केंद्रीय कर्मियों की दो विशाल रैलियों के बाद अब तीन नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ही तीसरी बड़ी रैली होने जा रही है। कॉन्फेडरेशन आफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलाइज एंड वर्कर्स के बैनर तले होने वाली इस रैली में आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एंप्लाइज फेडरेशन सहित कई दूसरे कई संगठन हिस्सा लेंगे। रैली में केंद्र सरकार के समक्ष सात मांगें रखी जायेंगी। इनमें पहली मांग एनपीएस की समाप्ति और पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल कराना है। इसके अलावा केंद्र सरकार में रिक्त पदों को नियमित भर्ती के जरिये भरना, निजीकरण पर रोक, आठवें वेतन आयोग का गठन और कोरोनाकाल में रोके गये 18 महीने के डीए का एरियर जारी करना, ये बातें भी कर्मचारियों की मुख्य मांगों में शामिल हैं। एजेंडे में ओपीएस के अलावा ये मांगें भीकॉन्फेडरेशन आफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव एसबी यादव ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर पिछले साल से ही चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। दिसंबर 2022 को दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में कर्मियों के ज्वाइंट नेशनल कन्वेंशन के घोषणा पत्र के मुताबिक, कर्मचारियों की मुहिम आगे बढ़ाई जा रही है।राज्यों में भी कर्मियों की मांगों के लिए सम्मेलन/सेमिनार और प्रदर्शन आयोजित किये गये हैं। इस कड़ी में अब तीन नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित की जाएगी। रैली के एजेंडे में ओपीएस की मांग सबसे ऊपर रखी गयी है। बतौर यादव, कर्मियों की मांग है कि पीएफआरडीए एक्ट में संशोधन किया जाये। एनपीएस को समाप्त करें और पुरानी पेंशन बहाल की जाये। केंद्र और राज्यों के जिस विभाग में अनुबंध पर या डेली वेजेज पर कर्मचारी हैं, उन्हें अविलंब नियमित किया जाये। निजीकरण पर रोक लगे और सरकारी उपक्रमों को नीचे करने की सरकार की मंशा बंद हो। डेमोक्रेटिक ट्रेड यूनियन के अधिकारों का पालन सुनिश्चित हो। राष्ट्रीय शिक्षा कार्यक्रम का त्याग किया जाये और आठवें वेतन आयोग का गठन हो। ओपीएस पर हो चुकी हैं कर्मियों की दो रैलियां केंद्र और राज्यों के कर्मचारी संगठनों ने सरकार को स्पष्ट तौर से बता दिया है कि उन्हें बिना गारंटी वाली एनपीएस योजना को खत्म करने और परिभाषित एवं गारंटी वाली पुरानी पेंशन योजना की बहाली से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। नई दिल्ली के रामलीला मैदान में दस अगस्त को कर्मियों की रैली हुई थी। ओपीएस के लिए गठित नेशनल ज्वाइंट काउंसिल आफ एक्शन (एनजेसीए) की संचालन समिति के राष्ट्रीय संयोजक एवं स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद जेसीएम के सचिव शिवगोपाल मिश्रा ने रैली में कहा था, लोकसभा चुनाव से पहले पुरानी पेंशन लागू नहीं होती है तो भाजपा को उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कर्मियों, पेंशनरों और उनके रिश्तेदारों को मिलाकर यह संख्या दस करोड़ के पार चली जाती है। चुनाव में बड़ा उलटफेर करने के लिए यह संख्या निर्णायक है। पेंशन शंखनाद महारैली में जुटे थे लाखों कर्मीएक अक्तूबर को रामलीला मैदान में ही पेंशन शंखनाद महारैली आयोजित की गई। इसका आयोजन नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के बैनर तले हुआ था। एनएमओपीएस के अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मियों का अधिकार है। वे इसे लेकर ही रहेंगे।दोनों ही रैलियों में केंद्र एवं राज्य सरकारों के लाखों कर्मियों ने भाग लिया था। उसके बाद 20 सितंबर को हुई राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) स्टाफ साइड की बैठक के एजेंडे में ओपीएस का मुद्दा टॉप पर रहा था। कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हुए अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव सी श्रीकुमार ने कहा था, हमने सरकार के समक्ष एक बार फिर अपनी मांग दोहरायी है। एनपीएस को खत्म किया जाये और पुरानी पेंशन योजना को जल्द से जल्द बहाल करें। अगर सरकार नहीं मानती है तो देश में कलम छोड़ हड़ताल होगी, रेल के पहिये रोक दिये जायेंगे। भारत बंद जैसे कई कठोर कदम श्रीकुमार के मुताबिक, सरकार, पुरानी पेंशन लागू नहीं करती है, तो भारत बंद जैसे कई कठोर कदम उठाये जायेंगे। पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारी संगठन, राष्ट्रव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल कर सकते हैं। इसके लिए 20 और 21 नवंबर को देशभर में स्ट्राइक बैलेट होगा। कर्मचारियों की राय ली जायेगी। अगर बहुमत हड़ताल के पक्ष में होता है, तो केंद्र एवं राज्यों में सरकारी कर्मचारी, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे। उस अवस्था में रेल थम जायेंगी तो वहीं केंद्र एवं राज्यों के कर्मचारी कलम छोड़ देंगे। पुरानी पेंशन बहाली के लिए केंद्र एवं राज्यों के कर्मचारी एक साथ आ गये हैं। लगभग देश के सभी कर्मचारी संगठन इस मुद्दे पर एकमत हैं। केंद्र और राज्यों के विभिन्न निगमों और स्वायत्तता प्राप्त संगठनों ने भी ओपीएस की लड़ाई में शामिल होने की बात कही है। कर्मचारियों ने हर तरीके से सरकार के समक्ष पुरानी पेंशन बहाली की गुहार लगायी है, लेकिन उनकी बात सुनी नहीं गई। अब उनके पास अनिश्चितकालीन हड़ताल ही एक मात्र विकल्प बचता है। दस अगस्त और एक अक्तूबर की रैली में देशभर से आए लाखों कर्मियों ने ओपीएस को लेकर हुंकार भरी थी।
यहूदी धर्मस्थल गया, सीने में दर्द के बाद दम तोड़ाएबीएन सेंट्रल डेस्क। इस्राइल से भारत घूमने आये 39 साल के चेन येजेकेल की अजमेर में मौत हो गयी। हार्ट अटैक से मौत होने की आशंका जतायी जा रही है। हमास के इस्राइल पर हमले के बाद से वह परेशान था। रविवार सुबह वह प्रार्थना करने के लिए अपने धर्म स्थल गया था। दोपहर में उसकी मौत हो गयी।पुष्कर घूमने आये इस्राइल के युवक की रविवार को मौत हो गयी। हमास के इस्राइल पर हमले के बाद से वह तनाव में था। सुबह 10 बजे वह यहूदी धर्मस्थल बेदखबाद में प्रार्थना करने के लिए गया। दोपहर को अपने दोस्तों के साथ पुष्कर के एक रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचा। इस दौरान अचानक उसके सीने में दर्द होने लगा। उसके साथी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार इस्राइल के तेल अबिब में रहने रहने वाला 39 साल का चेन येजेकेल अपने दोस्तों के साथ भारत घूमने आया था। छह अक्तूबर को वह अपने साथियों के साथ पुष्कर पहुंचा था। उधर, हमास के इस्राइल पर हमला करने के बाद से वह तनाव में था।रविवार सुबह करीब 10 बजे चेन यहूदी धर्मस्थल बेदखबाद में प्रार्थना के लिए गया था। दोपहर को वह अपने साथियों के साथ एक रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचा था। यहां कुछ देर बाद उसके उसके सीने में दर्द शुरू हो गया। ये देखकर आसपास के लोगों ने एंबुलेंस को कॉल कर बुलाया और उसके साथियों के साथ पुष्कर के राजकीय अस्पताल ले गए। जहां गंभीर हालत होने के कारण डॉक्टरों ने चेन येजेकेल को अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साथियों ने की जान बचाने की कोशिश चेन येजेकेल की मौत के बाद उसके साथियों का रो-रोकर बुरा हाल है। चेन के सीने पर उसके साथियों ने उसे सीपीआर देकर बचाने की भी कोशिश की, लेकिन वह उसकी जान नहीं बचा सके। दोस्त को खोने के बाद सभी साथी परेशान हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद चेन के शव को इस्राइल भेजा जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी जियो मार्ट के ब्रांड एंबेसडर बने हैं। आगामी त्योहार के सीजन को देखते हुए रिलायंस ने अपने कैंपेन का नाम भी बदल दिया है। अब कैंपेन का नाम जियो उत्सव, सेलिंब्रेशन ऑफ इंडिया हो गया है। इसके सेल की शुरुआत आठ अक्टूबर से होगी। धोनी ने ब्रांड एंबेसडर बनाये जाने पर खुशी जाहिर की है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान ने कहा कि भारत त्योहारों का देश है। उन्होंने कहा कि रिलायंस जियो मार्ट का कैंपेन देश और देशवासियों के उत्सव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस सीजन सेल में लोगों की खरीदारी का हिस्सा बनने को लेकर मैं काफी खुश हूं। जियो मार्ट के 45 सेकेंड के वीडियो में माही नजर आयेंगे।
3000 से ज्यादा टूरिस्ट फंसेएबीएन सेंट्रल डेस्क। सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर अचानक बादल फटने से तीस्ता नदी में आयी बाढ़ से अब तक 14 लोगों की मौत हो गयी है। 22 जवानों सहित 102 लोग लापता हैं। बाढ़ के कारण कई पुल बह गये। राज्य में हजारों टूरिस्टों के फंसे होने की खबर है।सिक्किम में इस वक्त तबाही मची हुई है। मंगलवार देर रात यहां ल्होनक झील के ऊपर अचानक अचानक बादल फट गया था, जिसके कारण तीस्ता नदी में भीषण बाढ़ आ गयी। इस बाढ़ में अब तक 14 लोगों की मौत हो गयी है। वहीं, 23 जवानों समेत 102 से लोग लापता हैं जबकि 26 के घायल होने की खबर है। हालांकि, लापता 23 में एक जवान को बचा लिया गया है। वहीं, अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। एनडीआरएफ की टीम तैनात है। बाढ़ की वजह से नेशनल हाईवे 10 भी बह गया। तीस्ता नदी का जलस्तर 15 से 20 फीट बढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बात की। पीएम ने सीएम से हालात की जानकारी ली। उन्होंने राज्य को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि सिक्किम में आज भी भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, सिक्किम में अगले 48 घंटे भारी बारिश हो सकती है।
सिक्किम में अचानक आयी बाढ़ में सेना के 23 जवान लापता, तलाशी अभियान शुरू किया गयाएबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर अचानक बादल फटने से लाचेन घाटी में तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गयी। घाटी में कुछ सैन्य प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं और अधिक विवरण का इंतजार किया जा रहा हैसूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया। इससे सिंगताम के पास बारदांग में खड़े सेना के वाहन प्रभावित हो गये हैं। 23 जवानों के लापता होने की सूचना है और कुछ वाहनों के कीचड़ में डूबे होने की खबर है। तलाशी अभियान जारी है।तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गयीरक्षा पीआरओ के मुताबिक, उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर अचानक बादल फटने से लाचेन घाटी में तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गयी। घाटी में कुछ सैन्य प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं। अधिक जानकारी जुटाने के प्रयास जारी हैं। फिलहाल, 23 कर्मियों के लापता होने की सूचना है और कुछ वाहनों के कीचड़ में डूबे होने की खबर है।15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ारक्षा पीआरओ के मुताबिक, चुंगथांग बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर 15-20 फीट की ऊंचाई तक जल स्तर अचानक बढ़ गया। इसके कारण सिंगताम के पास बारदांग में खड़े सेना के वाहन प्रभावित हुए।इस बीच मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने सिंगताम में स्थिति का जायजा लिया। वहं भाजपा नेता उग्येन शेरिंग ग्यात्सो भूटिया ने कहा कि सिंगताम में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन सार्वजनिक संपत्तियों को भारी क्षति हुई है। कुछ लोगों के लापता होने की भी जानकारी है। उन्हें ढूंढने की कोशिशें जारी हैं।
कुछ सेकेंड तक कांपती रही धरती; 6.2 मापी गई तीव्रताएबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किये गये। मंगलवार दोपहर को 2.51 पर आये भूकंप के झटकों के बाद दहशत में लोग दफ्तर और घरों से बाहर निकल गये। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मॉलोजी के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गयी।जिसका केंद्र नेपाल के दिपायल से 38 किलोमीटर दूर जमीन के अंदर पांच किलोमीटर गहराई में था। झटके यूपी-दिल्ली समेतर कई राज्यों में महसूस किये गये। इससे पहले दोपहर दो बजकर 25 मिनट पर भी भूकंप के झटके महसूस हुए थे। इसका केंद्र भी नेपाल था। उस वक्त इसकी तीव्रता 4.6 मापी गयी थी। इसके झटके उत्तराखंड और यूपी के कुछ हिस्सों में महसूस किये गये थे। अचानक ही धरती कांपने से लोग दहशत में आ गये। श्रावस्ती में 2:51 पर भूकंप के झटके महसूस हुए। दो बार तेज झटके महसूस हुए। भूकंप की तीव्रता 4.6 रही। उत्तर भारत के कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किये गये। दिल्ली के अलावा गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये।
मदवि में हरियाणा यूनियन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट का अधिवेशनएबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पत्रकार लाइट हाउस की तरह निष्पक्ष, निर्भीक होकर कार्य करें। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों ने आजादी के पहले से देशवासियों में देशभक्ति का भाव जगाया है। उन्होंने पत्रकारों के लिए 10 लाख रुपये तक बीमा की प्रीमियम राशि का सरकार द्वारा वहन करने तथा हरियाणा यूनियन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट को अपने निजी कोष से 11 लाख रुपये की धन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री रविवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट (इंडिया) से संबद्ध हरियाणा यूनियन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट द्वारा आयोजित द्विवार्षिक अधिवेशन तथा पत्रकारिता का भविष्य एवं चुनौतियां विषय पर संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 176 पत्रकारों को पेंशन दी जा रही है तथा 1262 पत्रकारों को मान्यता प्रदान की गई है। सरकार द्वारा परिवहन विभाग की बसों में 4 हजार किलोमीटर तक मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गयी है। इसके अलावा सरकार द्वारा पत्रकारों की पेंशन को डीए के साथ जोड़ा गया है।मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार द्वारा पत्रकारों को एलआईसी के माध्यम से 5, 10 व 20 लाख रुपये के बीमा की सुविधा दी गयी है। सरकार द्वारा अभी 5 लाख तक के बीमा की प्रीमियम राशि का भुगतान खुद किया जा रहा है तथा भविष्य में 10 लाख रुपये तक की बीमा राशि के प्रीमियम का खर्च भी खुद वहन किया जायेगा। इसके अलावा 20 लाख रुपये बीमा की प्रीमियम राशि का 50 प्रतिशत भुगतान किया जायेगा।बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मीडिया एक ऐसा सशक्त टूल है, जिसका उपयोग करके हर क्षेत्र में सुधार व विकास किया जा सकता है। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मनीष कुमार ग्रोवर ने कहा कि इसमें कोई दोराय नहीं है कि मीडिया का कार्य क्षेत्र भी बहुत कठिन है। समय के अनुसार मीडिया के कार्यक्षेत्र में भी बड़े बदलाव हुए हैं। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए एलपीएस बोसार्ड के प्रबंध निदेशक राजेश जैन ने स्वच्छता व पर्यावरण पर फोकस किया। उन्होंने कहा कि मीडिया को इन विषयों पर फोकस करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने यूनियन की ओर से राजेश जैन को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित भी किया। मदवि के कुलपति प्रो। राजबीर सिंह ने कहा कि मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता को खोया है और परेशानी की वजह भी यही है। पत्रकार संघ के संयोजक मिले सीएम सेइस बीच हरियाणा गवर्नमेंट पेंशन पत्रकार संघ के संयोजक बीके दिवाकर व अन्य पत्रकारों ने सीएम से भेंट कर पत्रकारों के कल्याण के लिए मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर सुविधा देने, 65 वर्ष से अधिक की आयु के पत्रकारों और उनकी पत्नियों के बीमा का पूरा प्रीमियम तथा सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता 20 हजार करने, पत्रकारों के निधन पर पत्नी को एकमुश्त 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा अधिमान्य पत्रकारों को आवास ऋण ब्याज अनुदान योजना में अधिकतम ऋण राशि 25 लाख से बढ़ाकर 30 लाख किए जाने की मांग की। इस अवसर पर लोकसभा सांसद डॉ अरविंद शर्मा, मेयर मनमोहन गोयल, सोमनाथ शर्मा, अजय मल्होत्रा, लोकेश जैन, नवीन मल्होत्रा सहित यूनियन के पदाधिकारी व पत्रकार मौजूद रहे।
4 अक्टूबर को अखिल भारतीय ग्रामीण डाक संघ की हड़तालएबीएन सेंट्रल डेस्क। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय ग्रामीण डाक संघ 4 अक्टूबर को एकदिवसीय टोकन हड़ताल करेगा। संघ के महासचिव रामकुमार दीपक ने कहा कि मांग को पूरा करने के लिए विभाग को दो माह का समय दिया गया है। मांग पूरी नहीं हुई तो 5 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जायेगी। इस अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवा पूरी तरह बाधित रहेगी। इसकी सूचना संघ ने डाक विभाग के अधिकारियों को दे दी है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.