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कल पैरा एथलीटों के दल से बातचीत करेंगे पीएम मोदी
Published / 2023-10-31 22:33:59
कल पैरा एथलीटों के दल से बातचीत करेंगे पीएम मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को एशियाई पैरा गेम्स 2022 में भाग लेने वाले भारतीय एथलीटों के दल के साथ बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार श्री नरेंद्र मोदी एक नवंबर को शाम 4:30 बजे मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम एशियाई पैरा खेलों के भारतीय दल के साथ बातचीत करेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री द्वारा एशियाई पैरा गेम्स 2022 में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए एथलीटों को बधाई देने और उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास है। उल्लेखनीय है कि भारत ने एशियाई पैरा खेल 2022 में 29 स्वर्ण पदक सहित कुल 111 पदक जीते। एशियाई पैरा गेम्स 2022 में कुल पदक तालिका में पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (2018 में) की तुलना में 54 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और जीते गए 29 स्वर्ण पदक 2018 में जीते गए स्वर्ण पदकों से लगभग दोगुने हैं। इस कार्यक्रम में एथलीट, उनके कोच, भारतीय पैरालंपिक समिति और भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारी, राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि और युवा मामले और खेल मंत्रालय के अधिकारी भाग लेंगे।

सरदार पटेल ने भारत की एकता-अखंडता का संदेश जनता के बीच पहुंचाया : राजनाथ सिंह
Published / 2023-10-31 20:10:32
सरदार पटेल ने भारत की एकता-अखंडता का संदेश जनता के बीच पहुंचाया : राजनाथ सिंह

स्वतंत्र भारत को एक बनाने में सरदार पटेल की भूमिका को देश के सामने नहीं आने दिया गयाएबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को बिना नाम लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत को एक भारत बनाने में सरदार पटेल की जो भूमिका रही, उसे प्रमुखता से देश की जनता के सामने नहीं आने दिया गया। देश के पहले गृह मंत्री भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती एकता दिवस पर यहां आयोजित रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा- स्वतंत्र भारत को एक भारत बनाने में सरदार पटेल की जो भूमिका रही, उसे प्रमुखता से देश की जनता के सामने नहीं आने दिया गया। यह कुछ लोगों तक ही भारत में सीमित रखा गया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से हम सरदार पटेल को वह सम्मान दिलाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसके वह सच्चे हकदार रहे हैं। 2013 में नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित हुए थे, उस वर्ष हमारी पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने यह कार्यक्रम आयोजित किया था और उस समय मैंने कार्यक्रम को हरी झंडी दिखायी थी। सिंह ने कहा, आज 10 साल बाद बतौर रक्षा मंत्री रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम को हरी झंडी दिखा रहा हूं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम इसलिए आयोजित किया जाता है कि देश के युवा सरदार पटेल के महत्व को समझ सकें और उनसे प्रेरणा लेकर भारत की एकता व अखंडता का संदेश जनता के बीच पहुंचायें। रक्षा मंत्री ने कहा, देश के प्रथम गृह मंत्री की जयंती के अवसर पर हम जहां उनको याद कर रहे हैं और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं, वहीं हमें उन सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नेताओं का स्मरण करना चाहिए जिन्होंने भारत को आजाद कराने और स्वतंत्र भारत के निर्माण में अपनी बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया। सरदार पटेल के कार्यों की सराहना करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, जब भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ तो वह 562 रियासतों में बंटा हुआ भारत था, लेकिन देश के गृह मंत्री के रूप में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जो भूमिका निभाई उसके कारण पूरा भारत एक हो पाया। सिंह ने कहा- यह सरदार पटेल की दूरदर्शिता और उनके रणनीतिक-कूटनीतिक क्षमता का ही कमाल था कि भारत की एकता और अखंडता सुनिश्चित की जा सकी। आप सबने जूनागढ़ रियासत और निजामशाही की घटनाओं के बारे में सुना होगा। सरदार पटेल ने इन दोनों रियासतों का भारत में विलय कराया। उन्होंने कहा, कल्पना कीजिए कि अगर सरदार पटेल ने सूझबूझ और दृढ़ता का परिचय न दिया होता तो आज भारतवासियों को जूनागढ़ और हैदराबाद जाने के लिए वीजा, पासपोर्ट की जरूरत पड़ती। सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में में 182 फुट ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा का निर्माण कराया है और उसका नाम स्टैच्यू आॅफ यूनिटी रखा है।

दूरसंचार क्षेत्र में आनेवाला समय भारत का है : मोदी
Published / 2023-10-27 22:30:35
दूरसंचार क्षेत्र में आनेवाला समय भारत का है : मोदी

हैंग मोड में थी यूपीए सरकार, देश ने बदल दिया, पहले आयात करते थे अब निर्यातइंडिया मोबाइल कांग्रेस में बोले मोदी ने साइबर सुरक्षा पर दिया जोरएबीएन सेंट्रल डेस्क। पीएम मोदी ने साइबर सुरक्षा के लिए उपकरणों के विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत की युवा पीढ़ी प्रौद्योगिक क्रांति का नेतृत्व कर रही है और देश 6जी दूरसंचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यूपीए और एनडीए के शासन की तुलना की और कहा, तब हम मोबाइल फोन के इंपोर्टेर होते थे आज हम मोबाइल फोन एक्सपोर्ट करते हैं। भविष्य अभी यही है और भारत 6जी में अग्रणी भूमिका निभायेगा। आनेवाला समय भारत का ही है। उन्होंने यूपीए कार्यकाल पर वार करते हुए कहा, उस समय की सरकार हैंग वाले मोड में थी। वह शुक्रवार को यहां भारत मंडपम में भारत मोबाइल कांग्रेस (आइएमसी2023) का उदघाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने देश के 100 विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में 5जी ऐप विकास प्रयोगशालाओं का भी उदघाटन किये जाने की घोषणा की। तीन दिन के इस सम्मेलन में दूरसंचार , डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं सॉफ्टवेयर उद्योग की कंपनियां शामिल हो रही हैं। दूरसंचार क्षेत्र के शीर्ष उद्यमियों ने डिजिटल प्रौद्योगिकी और मेक इन इंडिया के श्री मोदी की सोच की भूरि-भूरि सराहना की। देश ने आउटडेटेड सरकार को छोड़ दिया पीएम मोदी ने  यूपीए कार्यकाल पर वार करते हुए कहा, उस समय की सरकार हैंग वाले मोड में थी। हालत यह थी कि रीस्टार्ट करने का भी कोई फायदा नहीं होता था। बैटरी चार्ज करने और बैटरी बदलने से कोई फायदा हुआ। ऐसे में जनता ने ही ऐसी आउटडेटेड सरकार को ही बदल दिया। पीएम ने कहा कि 2जी के दौरान क्या हुआ था, मैं उस बात का जिक्र नहीं करूंगा वरना वहीं खबर बन जायेगी। पीएम ने कहा, भारत में पिछले 1 साल में मोबाइल ब्रॉडबैंड की स्पीड तीन गुना बढ़ गयी है। हमारे कालखंड में 4जी का विस्तार हुआ और एक भी दाग नहीं लगा। एनडीए सरकार के कार्यकाल की तारीफ करते हुए बताया कि 2014 कोई तारीख नहीं, यह बदलाव है। भारत में सबसे तेजी से 5जी मोबाइल सेवाएं शुरू की गयीं एक साल के भीतर चार लाख 5जी बेस स्टेशन स्थापित किये गये। भारत मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड में 118वें स्थान से अब 43वें स्थान पर पहुंच गया है। 6 जी में अग्रणी भूमिका निभायेगा भारत पीएम मोदी ने कहा, भारत 6जी में अग्रणी भूमिका निभायेगा।  पूंजी, संसाधनों और प्रौद्योगिकी तक पहुंच सरकार की प्राथमिकता है। दुनिया मेड इन इंडिया फोन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने पिछले नौ वर्षों में आये उन बदलावों पर यह बात कही, जिन्होंने देश को आयातक से निर्यातक बना दिया है। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि भारत में विकास और संसाधनों का लाभ सभी लोगों और सभी क्षेत्रों को मिले तथा सबको सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले । उन्होंने कहा कि उनकी नजर में यही सबसे बड़ा सामाजिक न्याय है। साइबर सुरक्षा में आत्मनिर्भरता जरूरी पीएम मोदी ने इंटरनेट प्रौद्योगिकी पर बढ़ती निर्भरता के वर्तमान दौर में साइबर सिक्योरिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी के महत्व पर जोर दिया और  कहा कि साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नेटवर्क उपकरणों के मामले में आत्मनिर्भरता बहुत जरूरी है।  उन्होंने इस सम्मेलन में प्रदर्शित उभरती तकनीक की झांकियां भी देखीं। उन्होंने युवकों को प्रदर्शनी में आने और भविष्य की प्रौद्योगिकी की दिशा देखने और उससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। पीएम ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर की साइबर सिक्योरिटी कितनी महत्वपूर्ण है ,यह आप सभी जानते हैं। हाल में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन में इस विषय पर विशेष रूप से चर्चा हुई और कहा गया कि लोकतांत्रिक समाज को गड़बड़ी पैदा करने वालों से सुरक्षित रखने के लिए साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में सहयोग जरूरी है।  सीमाओं पर खतरा कम होगा पीएम मोदी ने कहा कि निर्माण श्रृंखला में आत्मनिर्भरता का विशेष महत्व है, जब उपकरण राष्ट्र की सीमाओं में बने होंगे तो खतरा काम होगा। उन्होंने कहा कि भारत 2014 के बाद प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र में नये आयाम तय कर रहा है उन्होंने कहा कि हम न सिर्फ भारत में तेजी से 5जी का विस्तार कर रहे हैं बल्कि 6जी के क्षेत्र में भी लीडर बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं। 21वीं शताब्दी का यह कालखंड भारत की थॉट लीडरशिप (नयी-नयी सोच रखने वाले लोगों) का समय है। हम कुछ क्षेत्रों में थॉट लीडर बने हैं, जैसे यूपीआइ हमारी थॉट लीडरशिप नयी सोच का परिणाम है, देश आज डिजिटल भुगतान प्रणाली में पूरी दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, इसी तरह कोविड महामारी के समय में टीकाकरण के लिए कोविन हमारी नेतृत्वकारी सोच का नतीजा था।

बीआईटी मेसरा को 5जी यूज़ केस लैब से प्रधानमंत्री ने किया सम्मानित
Published / 2023-10-27 18:10:29
बीआईटी मेसरा को 5जी यूज़ केस लैब से प्रधानमंत्री ने किया सम्मानित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 27 अक्टूबर, 2023 को भारत मंडपम प्रगति मैदान, नई  दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी-2023) के उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा को 5जी यूज़ केस लैब से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के सहयोग से आयोजित किया गया था। ऑनलाइन  (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से) उद्घाटन समारोह में कुलपति,  बीआईटी मेसरा प्रो. इंद्रनील मन्ना, डीन पीजी, प्रो. निशा गुप्ता, डीन यूजी, प्रो. वी.आर. गुप्ता, विभागाध्यक्ष, ईसीई, प्रो. एस.एस. सोलंकी,  संकाय सदस्य और बी.आई.टी. के लगभग 200 छात्र/ छात्राओं के साथ DoT प्रतिनिधि विकाश कुमार और नीलेश कुमार उपस्थित थे। डॉ. संजय कुमार ईसीई विभाग, बीआईटी मेसरा के प्रतिनिधि के रूप में आईएमसी-2023, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से समारोह में शामिल हुए। बीआईटी मेसरा के साथ, कुल 100 संस्थानों को DoT द्वारा 100 5G यूज़ केस लैब पहल के तहत चुना गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों और स्टार्टअप समुदायों के लिए 5G और उससे आगे की प्रौद्योगिकियों में दक्षता और अनुसंधान का निर्माण है।बीआईटी मेसरा का वायरलेस संचार के शैक्षणिक और अनुसंधान क्षेत्रों में प्रभावशाली स्थान है। नोडल अधिकारी डॉ. गजेंद्र कांत मिश्रा और डॉ. संजीत कुमार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संस्थान के ईसीई विभाग 2005 से वायरलेस संचार विशेषज्ञता में एमटेक और पीएचडी कार्यक्रम चलाता है।विभाग की प्रयोगशालाएँ अत्याधुनिक तकनीक के उन्नत उपकरणों और सॉफ्टवेयर टूल्स से सुसज्जित हैं। इसमें पहले से ही 4जी और 5जी के लिए बुनियादी संचार प्रणाली सेटअप है। 5G यूज़ केस लैब की स्थापना से विभाग की अनुसंधान क्षमता में वृद्धि होगी और निश्चित रूप से विभिन्न धाराओं के शोधकर्ताओं को 5G  के उन्नत ढांचे का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

दिल्ली पहुंचे रघुवर, सौंपेंगे इस्तीफा
Published / 2023-10-26 18:37:41
दिल्ली पहुंचे रघुवर, सौंपेंगे इस्तीफा

टीम एबीएन, रांची। ओडिशा का राज्यपाल बनाये जाने की घोषणा के बाद गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास दिल्ली पहुंचे। जहां उन्होंने सबसे पहले पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। रघुवर दास ने मुलाकात के बाद कहा कि रामनाथ कोविंद के लंबे सार्वजनिक जीवन का अनुभव काफी व्यापक है। उनसे बातचीत करना हमेशा नयी ऊर्जा प्रदान करता है। रघुवर दास भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलकर आज इस्तीफा सौंपेंगे। इसके बाद वे पीएम नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे।

15 को विकसित भारत संकल्प यात्रा का आगाज करेंगे पीएम मोदी
Published / 2023-10-26 18:35:55
15 को विकसित भारत संकल्प यात्रा का आगाज करेंगे पीएम मोदी

बिरसा मुंडा की जयंती पर करेंगे शुरुआतटीम एबीएन, रांची। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती (15 नवंबर) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत संकल्प यात्रा को लांच करेंगे। इसके तहत 2500 आईईसी वैन रवाना किये जायेंगे, जो 2.5 लाख ग्राम पंचायतों और 3700 शहरी नगर निकायों में जायेगी। आदिवासी बहुल इलाके से यात्रा की शुरुआत होगी और यह दो महीने तक चलेगी। इस यात्रा का उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचना है। साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना भी है। इस यात्रा के दौरान योजना से लाभन्वित व्यक्तियों की कहानियां बतायी जायेंगी। लोग अपने अनुभव शेयर करेंगे। नुक्कड़ नाटक और क्विज के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में अवगत कराया जायेगा। देश के उन राज्यों में विकसित भारत संकल्प यात्रा की शुरुआत नहीं होगी, जहां चुनाव हो रहे हैं। छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा के चुनाव की घोषणा हो चुकी है। इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू है। इसलिए इन राज्यों में अभी इस यात्रा की शुरुआत नहीं होगी। इन प्रदेशों में चुनाव संपन्न होने के बाद इस यात्रा की शुरुआत की जायेगी।

पुलिस टेक्नोलॉजी मिशन के सहारे सर्वश्रेष्ठ आतंकवादरोधी बल बनने की दिशा में मोदी सरकार : अमित शाह
Published / 2023-10-21 20:24:12
पुलिस टेक्नोलॉजी मिशन के सहारे सर्वश्रेष्ठ आतंकवादरोधी बल बनने की दिशा में मोदी सरकार : अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कीकिसी भी देश की आंतरिक या सीमाओं की सुरक्षा एक सजग पुलिस तंत्र के बिना संभव नहीं हैएबीएन सेंट्रल डेस्क। मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को बरकरार रखते हुए सख्त कानून बनाये हैं और पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए पुलिस टेक्नोलॉजी मिशन की स्थापना करके विश्व का सर्वश्रेष्ठ आतंकवादरोधी बल बनने की दिशा में काम किया है।पिछले एक दशक में आतंकवाद, उग्रवादी हमलों, नक्सलवाद और नस्लीय हिंसा में 65% की कमी आयी है। हमारे क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आमूलचूल रूप से बदलने के लिए मोदी सरकार 3 नये क्रिमिनल लॉ ला रही है। अंग्रेजों के समय के कानूनों की जगह लेने वाले इन 3 नये कानूनों में भारतीयता भी होगी और संविधान की स्पिरिट से हर नागरिक के अधिकारों की सुरक्षा भी होगी। पुलिस टेक्नोलॉजी मिशन, 3 नये कानूनों के माध्यम से पारदर्शिता और स्पीड लाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में हम सफल होंगे आज भारत दुनिया में हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, इसकी नींव में वीर शहीदों का बलिदान है और ये देश कभी उनके बलिदान को नहीं भुला सकेगा।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज पुलिस स्मृति दिवस के उपलक्ष्य पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा और केंद्रीय गृह सचिव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।मौके पर अपने संबोधन की शुरुआत आजादी से अब तक देश की आंतरिक और सीमाओं की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले 36,250 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से कहा कि आज भारत दुनिया में हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और इसकी नींव में शहीदों का बलिदान है और ये देश कभी उनके बलिदान को नहीं भुला सकेगा। श्री शाह ने कहा कि किसी भी देश की आंतरिक या सीमाओं की सुरक्षा एक सजग पुलिस तंत्र के बिना संभव नहीं है। देश की सेवा में लगे सभी कर्मियों में से सबसे कठिन ड्यूटी पुलिसकर्मियों की होती है, दिन हो या रात, सर्दी हो या गर्मी, त्यौहार हो या सामान्य दिन, पुलिसकर्मी को अपने परिवार के साथ त्यौहार मनाने का मौका नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि देश की लंबी भू-सीमा पर जीवन के स्वर्णिम वर्ष अपने परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में बिताने और वीरता, शौर्य और बलिदान देकर देश को सुरक्षित रखने का काम हमारे सभी पुलिसबल करते हैं। श्री शाह ने कहा कि चाहे आतंकवादियों का मुकाबला करना हो, अपराध रोकना हो, भीड़ के सामने कानून-व्यवस्था बनाये रखना हो।आपदाओं और दुर्घटनाओं के समय आम नागरिकों की सुरक्षा करनी हो या कोरोनाकाल जैसे कठिन समय के दौरान पहली पंक्ति में रहकर नागरिकों की सेवा करना हो, हमारे पुलिसकर्मियों ने हर मौके पर अपने आप को साबित किया है। 01 सितंबर, 2022 से 31 अगस्त, 2023 तक  पिछले 1 साल में 188 पुलिसकर्मियों ने देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बनाये रखने के लिए ड्यूटी के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अमृतकाल का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्ष समाप्त होने से लेकर आजादी की शताब्दी तक के 25 साल देश को हर क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर पहुंचाने के 25 वर्ष हैं। इसके लिए देश के 130 करोड़ लोगों ने सामूहिक और व्यक्तिगत रूप से संकल्प लिए हैं और इन संकल्पों के संपुट से हमें दुनिया में हर क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचने से कोई नहीं रोक सकेगा। श्री शाह ने कहा कि पिछले एक दशक में हमारे बहादुर पुलिसकर्मियों के कारण आतंकवाद, उग्रवादी हमलों, नक्सलवाद और नस्लीय हिंसा में इसके सर्वोच्च स्तर से 65 प्रतिशत की कमी आयी है। श्री अमित शाह ने कहा कि विगत दिनों में अलग-अलग पुलिसबलों के जवानों ने न केवल देश बल्कि दुनिया में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज जब हम आजादी के अमृतकाल में प्रवेश कर रहे हैं, तब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार 3 नये क्रिमिनल लॉ लेकर आ रही है, जो हमारे क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आमूलचूल रूप से बदल देंगे। श्री शाह ने कहा कि अंग्रेजों के समय बनाये गये लगभग 150 वर्ष पुराने कानूनों की जगह लेने वाले इन 3 नए कानूनों में ना सिर्फ भारतीयता दिखायी देगी बल्कि हमारे संविधान की स्पिरिट से हर नागरिक के अधिकारों की सुरक्षा भी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने अदालतों में लंबित मामलों को समाप्त करने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में पुलिस टेक्नोलॉजी मिशन, 3 नए कानूनों और कउखर के माध्यम से पारदर्शिता और स्पीड लाने का जो लक्ष्य हमने रखा है, उसे प्राप्त करने में हम सफल होंगे।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को बरकरार रखते हुए सख्त कानून बनाये हैं और पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए पुलिस टेक्नोलॉजी मिशन की स्थापना करके विश्व का सर्वश्रेष्ठ आतंकवादरोधी बल बनने की दिशा में काम किया है।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए आयुष्मान-सीएपीएफ, आवास योजना, सीएपीएफ ई-आवास वेब पोर्टल, प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना, केन्द्रीय अनुग्रह राशि, विकलांगता अनुग्रह राशि, हवाई कोरियर सेवाएं और केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार में भी समयानुकूल परिवर्तन करने के प्रयास किये हैं।श्री शाह ने कहा कि यह पुलिस स्मारक एक प्रतीक मात्र नहीं है बल्कि ये हमारे पुलिसकर्मियों के बलिदान, त्याग और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण की पहचान है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सभी जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति पूरी तरह से कटिबद्ध है।

तालियों की गड़गड़ाहट के बीच भावुक हुईं वहीदा
Published / 2023-10-17 23:39:36
तालियों की गड़गड़ाहट के बीच भावुक हुईं वहीदा

दादा साहब फाल्के अवॉर्ड लेते हुए आंसू नहीं रोक पायी वहीदा रहमान, सम्मान में तालियों से गूंजा पूरा हॉलएबीएन सेंट्रल डेस्क। वह बनना तो चिकित्सक चाहती थीं, लेकिन अभिनय ही उनके जीवन का हिस्सा बन गया। तेलुगू फिल्मों के साथ उन्होंने करियर शुरू किया और फिर श्वेत-श्याम से लेकर रंगीन पर्दे तक मुख्य धारा के सिनेमा की शोभा बढ़ाती रहीं। जीवन के साढ़े आठ दशक पूरे कर चुकीं वहीदा रहमान को आज दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह यह सम्मान पाकर खुश होने के साथ- साथ भावुक भी हो गयी। वहीदा रहमान को फिल्मों ने उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मान पाने के बाद वह अपने आंसू रोक नहीं पायी। उन्होंने कहा- ये उनके लिए यह गौरव का पल है। वह कहती हैं, आज मैं जिस मुकाम पर खड़ी हूं, अपनी इंडस्ट्री की वजह से हूं। इस दौरान हॉल में मौजूद सभी लोगों ने खड़े होकर एक्ट्रेस को सम्मान दिया और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उन्हें बधाई दी। वहीदा रहमान ने अपनी स्पीच में कहा- मैंने अपने डायरेक्टर, म्यूजिक डायरेक्टर से लेकर मेकअप आर्टिस्ट और कॉस्ट्यूम डिजाइनर की शुक्रगुजार हूं। मैं यह अवॉर्ड अपनी इंडस्ट्री के साथ शेयर करना चाहती हूं। उन्होंने मुझे शुरू दिन से ही बहुत इज्जत दी, प्यार दिया। कोई भी एक इंसान पिक्चर नहीं बना सकता है। हम सभी की इसमें जरूरत होती है। वहीदा रहमान ने अपने सात दशक के सिनेमाई जीवन में 90 से अधिक फिल्मों में काम किया है। हिंदी में उनकी पहली फिल्म 1956 में आयी सीआईडी थी जिनमें उन्होंने चरित्र भूमिका अदा की थी। इसके बाद वह हिंदी फिल्म जगत की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार हुईं और पिछले कुछ सालों में संक्षिप्त भूमिका निभाती रहीं।

भूकंप की दहशत से घर छोड़ बाहर भागे दिल्ली-एनसीआर के लोग
Published / 2023-10-16 12:23:51
भूकंप की दहशत से घर छोड़ बाहर भागे दिल्ली-एनसीआर के लोग

दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में महसूस किये गये भूकंप के तेज झटके, घरों से बाहर निकले लोगएबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली-एनसीआर में रविवार दोपहर करीब चार बजे भूकंप के झटके महसूस किये गये। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.1 मापी गयी। भूकंप का केंद्र हरियाणा का फरीदाबाद रहा। झटके इतने तेज थे कि लोग घबराकर अपने अपने घरों से बाहर निकल गये। भूकंप की कंपन को एनसीआर के फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में भी महसूस किये गये। हालांकि कहीं से किसी प्रकार के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आयी।

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