मेडिकल फिट होते ही देहरादून से रांची लायेगी हेमंत सरकार एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के सिलक्यारा में एक निर्माणाधीन सुरंग में फंसे झारखंड के 15 मजदूरों को हेमंत सोरेन सरकार एयरलिफ्ट कर वापस रांची लायेगी। सीएम हेमंत ने कहा कि झारखंड के अधिकारियों का एक दल मौके पर इंतजार कर रहा है ताकि राज्य के श्रमिकों को सुरंग से निकाले जाने के तुरंत बाद उन्हें वहां से हवाई मार्ग से लाया जा सके। उत्तरकाशी में निमार्णाधीन सिलक्यारा से डंडालगांव सुरंग में फंसे 41 मजदूरों में से 15 झारखंड के हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग ढहने को दस दिन बीत चुके हैं। लेकिन इसको लेकर कोई निश्चित समय नहीं है कि जो मजदूर फंसे हुए हैं वे कब बाहर आयेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पिछले वर्षों में भी हुई थी और झारखंड के कई श्रमिकों की जान चली गयी थी। सोरेन ने परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए कहा- ऐसी परियोजना में (जैसे कि उत्तरकाशी में) सावधानी बहुत आवश्यक है। ऐसा लगता है कि केंद्र की ओर से श्रमिकों के प्रति संवेदनशीलता की कमी है। झारखंड के ज्वाइंट लेबर कमिश्नर राजेश प्रसाद ने बताया कि राज्य सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। झारखंड सरकार के एक सीनियर आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में तीन अफसर पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुए टनल हादसे में झारखंड के 15 लोग फंसे हैं। ये सभी लोग रांची, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम और खूंटी जिले के रहने वाले हैं। ज्वाइंट लेबर कमिश्नर ने बताया कि झारखंड की टीम उत्तरकाशी में स्थानीय प्रशासन की मदद से राज्य के श्रमिकों से लगातार संपर्क बनाये हुए हैं। अधिकारियों ने पहले पाइपलाइन के जरिए झारखंड के श्रमिकों को यह बताया कि वे उनकी मदद के लिए उत्तरकाशी पहुंच चुके हैं। झारखंड सरकार उनके साथ है। वे हिम्मत न हारें। जल्द ही सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जायेगा।
नक्सलियों ने किया 16 से 22 दिसंबर तक भारत बंद का एलानटीम एबीएन, रांची। नक्सलियों ने अपने खिलाफ चल रही पुलिस की कार्रवाई के विरोध में भारत बंद का एलान किया है। भाकपा माओवादियों के केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय के द्वारा पत्र जारी कर भारत बंद का एलान किया गया है। प्रवक्ता अभय के अनुसार नक्सली 16 से 22 दिसंबर तक देशव्यापी प्रचार आंदोलन अभियान चलायेंगे और 22 दिसंबर को भारत बंद को सफल बनायेंगे। भाकपा माओवादियों द्वारा जारी पत्र में यह लिखा गया है कि नक्सल मुक्त झारखंड के नाम पर केंद्रीय बलों के साथ मिलकर झारखंड पुलिस आदिवासी बहुल इलाकों में अत्याचार कर रही है। अगस्त 2022 से लेकर अब तक लगातार लाल दस्ते पर बर्बर हमले किये जा रहे हैं। इन हमलों में हमारे साथियों को पकड़ पकड़ कर मारा जा रहा है। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी क्रांतिकारी आंदोलन क्रांतिकारी जनता के उन्मूलन के लिए कार्य करती है। ऐसे में जरूरत है कि पुलिस के नाजायज हमले के खिलाफ आवाज बुलंद की जाये। अभय के अनुसार 16 नवंबर से लेकर 22 दिसंबर तक देशव्यापी प्रचार आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है। प्रचार अभियान के बाद संगठन ने यह तय किया है कि 22 दिसंबर को पूरा भारत बंद रहेगा। संगठन ने बंद को सफल बनाने के लिए बुद्धिजीवी और मानवाधिकार संगठनों से मदद मांगी है।
बड़ी साजिश नाकाम : किश्तवाड़ में राष्ट्रीय राजमार्ग पर ढाई किलो की आईईडी बरामदएबीएन सेंट्रल डेस्क। घाटी में सोमवार को बड़ी आतंकी साजिश नाकाम रही। जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले के दुलहस्ती पावर स्टेशन के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब ढाई किलो का आईईडी विस्फोटक मिला है। पुलिस और सुरक्षबलों की टीम मौके पर पहुंच गयी है। सुरक्षा बलों ने फिलहाल पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और आईईडी की जांच में जुट गयी है। मौके पर बम निरोधक दस्ता भी मौजूद है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के एक बंदरगाह पर बीती रात भीषण आग लग गयी। इस आग की चपेट में आने से 40 नाव जलकर राख हो गयी। नाव मछली पकड़ने के लिए रखी गयी थी। दमकल की कई गाड़ियां की मदद से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की अब तक खबर नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग 40 नावों तक फैल गयी। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। एक बंदरगाह पर खड़ी एक नाव में बीती रात अचानक आग लग गयी। आग बड़ी तेजी से फैली और इसकी चपेट में पास खड़ी दूसरी नाव आ गयी। यहां एक साथ करीब 40 नाव खड़ी थी। इन नावों से समुद्र में मछली पकड़ने की तैयारी की जा रही थी। आग इतनी तेजी से भड़की की एक के बाद एक कई नाव इसकी चपेट में आ गयी। इस तरह 40 नाव जलकर खाक हो गयी।
देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं अधिकारी : मुर्मूएबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज कहा कि युवा अधिकारियों के विचार, निर्णय और कार्य रक्षा प्रणालियों तथा देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।श्रीमती मुर्मू ने शुक्रवार को यहां भारतीय आयुध सेवा के अधिकारियों और भारतीय रक्षा लेखा सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों के साथ राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की।राष्ट्रपति ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे ऐसे समय में इन सेवाओं में शामिल हुए हैं जब देश स्थानीय और वैश्विक स्तर पर व्यापक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। नयी प्रौद्योगिकियों के उद्भव और नवीनतम तकनीकों तथा सूचनाओं के विश्व के हर हिस्से में त्वररित गति से फैलने के साथ, एक विकसित राष्ट्र के निर्माण और भारत को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जायेगी। उन्होंने कहा कि युवा अधिकारियों के विचार, निर्णय और कार्य रक्षा प्रणालियों और देश के भविष्य को आकार देने में व्याकपक स्तर पर योगदान देंगे।
देश भर में चल रहे 10 हजार जनऔषधि केंद्र, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में लगा है स्टालएबीएन सेंट्रल डेस्क। इस वर्ष 31 अक्टूबर तक देशभर में 9998 जनऔषधि केंद्र कार्य कर रहे थे और इस परियोजना के तहत इन खूदरा दुकानों पर 1965 तरह की दवाएं और 293 सर्जिकल उपकरण कम मूल्य पर उपलब्ध कराए जा रहे थे। यह जानकारी राजधानी के प्रगति मैदान में 42वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के स्टॉल पर दिख सकती है।रसायन एवं ऊर्वरक मंत्रालय के तहत चलायी जा रही इस परियोजना का लक्ष्य देशवासियों को अच्छी गुणवत्ता की दवाएं और चिकित्सकीय सामान उचित दर पर सुलभ करा कर उनकी मदद करना है। मंत्रालय का कहना है कि इनकी कीमत ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50से 90 प्रतिशत कम है।प्रगति मैदान में 14 से 27 नवंबर तक चलने वाले व्यापार मेले में जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के स्टॉल हॉल नंबर 5 (स्टॉल नंबर 8बी) में लगाये गये स्टॉल में लगाये गये हैं। इनमें आम जनता को इस परियोजना की उपयोगिता और विशेषताओं से अवगत कराया जा रहा है। लोगों को जन औषधि की सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। सरकार का कहना है कि उसने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना केंद्र की स्थापना और संचालन के लिए आवेदन करने के वास्ते फ्रेंचाइजी जैसे मॉडल और व्यक्तिगत उद्यमियों को भागीदार बनाया है।
अंतिम दर्शन को उमड़े हजारों लोगएबीएन सेंट्रल डेस्क। सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय की अंत्येष्टि बृहस्पतिवार को राजधानी के भैंसाकुंड में होगी। उनका शव बुधवार को मुंबई से लखनऊ लाया गया और अंतिम दर्शन के लिए सहारा शहर में रखा गया। रॉय के अंतिम दर्शन के लिए आम लोगों के साथ भारी संख्या में वीआईपी भी पहुंचे। लोगों को तांता देर रात तक लगा रहा।मुंबई के एक अस्पताल में गत दिवस सुब्रत रॉय का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। चार्टर प्लेन के जरिये उनका पार्थिव शरीर लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाईअड्डे पर शाम 4.10 बजे लाया गया।शव को परिजन काफिले के साथ गोमतीनगर स्थित सहारा शहर उनके आवास पर पहुंचे। यहां भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच लोगों ने अंतिम दर्शन किये। अंत्येष्टि के लिए पार्थिव शरीर सहारा शहर से बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे से रवाना किया जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सहारा श्री सुब्रत रॉय का आज देर रात 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मुंबई के निजी अस्पताल में लंबे समय से उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टर के तमाम प्रयासों के बावजूद सहारा श्री को नहीं बचाया जा सका और आज उन्होंने मुंबई में अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक सुब्रत रॉय के पार्थिव शरीर को कल लखनऊ लाया जायेगा।मूल रूप से बिहार के रहने वाले सहारा श्री सुब्रत राय का जन्म 10 जून 1948 को हुआ था। उन्होंने 1978 में सहारा इंडिया परिवार की शुरुआत की थी। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में सफलता का परचम लहराया था। लेकिन पिछले डेढ़ दशक से सहारा श्री विवादों से जूझ रहे थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए रविवार को हिमाचल प्रदेश के लेप्चा पहुंचे।प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, हमारे बहादुर सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाने के लिए हिमाचल प्रदेश के लेप्चा पहुंचे। मोदी ने एक्स पर सैनिकों के साथ बातचीत की तस्वीरें साझा कीं।प्रधानमंत्री ने 2022 में कारगिल में जवानों के साथ दिवाली मनाई। मोदी 2014 से सैनिकों के साथ रोशनी का त्योहार मनाने की इस परंपरा का पालन कर रहे हैं।
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