Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन

समाज

View All
बाबा मंदिर कलश यात्रा में शामिल हुए हजारों लोग : सुनील कुमार गुप्ता
Published / 2025-02-15 21:43:40
बाबा मंदिर कलश यात्रा में शामिल हुए हजारों लोग : सुनील कुमार गुप्ता

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 15/ 2/ 2025 को बाबा मंदिर न्यू मधुकम रोड नंबर 5अ/7 रांची के प्रांगण से बाबा मंदिर प्राण प्रतिष्ठ समारोह के प्रथम दिन कलश शोभा यात्रा में हजारों की संख्या में माताएं -बहनों ने हर्षोल्लाष के साथ शामिल हुए। बाबा मंदिर के अध्यक्ष पंकज सिन्हा ने कहा कि इस आयोजन में हमारे संस्थापक संरक्षक सुनील कुमार गुप्ता, संरक्षक अनिल कुमार गुप्ता और बाबा मंदिर के तमाम पदाधिकारियों का बहुत योगदान रहा है। इस प्रकार से सहयोग से हमारी संस्था सभी कार्यों को सुदृढ़ रूप से सफल कर लेंगे। संस्थापक सह संरक्षक सुनील गुप्ता ने कहा कि बाबा मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के  कलश यात्रा में रांची के कई क्षेत्रों से महिलाएं कलश लेने के लिए आये जिसके लिए उनका तहे दिल से सुक्रिया किया, साथ ही सभी को 16/02/25 को 3:00 बजे मूर्ति  नगर भ्रमण के लिए आमंत्रित किये। संरक्षक अनिल गुप्ता ने संस्था के सभी पाधिकारियों का आभार वयक्त करते हुए कहा कि यह चार दिन की पूजा को सफल बनाने के लिए हम अपना 24/4 घंटा साथ रहने का आह्वान के साथ जिस प्रकार क्षेत्र की श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है इस से प्रतीत होता है की हिन्दू अब जाग चुका है। मुख्य अतिथि के रूप में रांची विधायक सीपी सिंह जी  उपस्थित हुए और अपने हाथों से कलश, चनारी, और जय माता दी का पट्टा वितरण किये जिससे संस्था और श्रद्धालुओं ने अपने आप गौरवान्वित महसूस किया।  इस आयोजन इस आयोजन का सफल बनाने में विशिष्ट अतिथि के रूप में आये चुन्नू मिश्रा, पूर्व पार्षद आशा देवी, अतिथि भीम प्रभाकर, जितेंद्र वर्मा, मुकेश मुक्ता, विनोद राजन जुटे हुए थे। वहीं पदाधिकारी अध्यक्ष- पंकज सिन्हा, उपाध्यक्ष- कृष्णा राज,  सचिव -अनिल प्रमाणिक, कोषाध्यक्ष - चंदन कुमार, सतीश कुमार, कार्यकारणी अध्यक्ष- कंचन राय, कार्यकारणी उपाध्यक्ष- राकेश रंजन कुमार, समाज सेवी- राजेश खंडेलवाल , वरिष्ठ समिति सलाहकार- भवन किशोर प्रसाद, संगठन मंत्री- सुनील साव, अनुज शर्मा, प्रमोद शर्मा,रमेश कुमार साव, राजेश विश्वकर्मा,सुनील कुमार मिस्त्री, संतोष गुप्ता, सहयोगी सदस्य राहुल गुप्ता, विनोद राजन, ऋषभ गुप्ता, सागर गुप्ता, सूरज साव, बबलू साव, अनिल गुप्ता, मधुकर सिंह, धनञ्जय सोनी, अन्य सदस्यों का साथ रहा। उक्त जानकारी विनोद राजन ने दी।

13 को होलिका दहन और 15 को होली
Published / 2025-02-15 20:33:52
13 को होलिका दहन और 15 को होली

संतोष पांडेय (सोनु)एबीएन सोशल डेस्क। रंगों का महीना फाल्गुन शुरू हो गया है। यह महीना शुरू होते ही भक्त श्याम प्रभु के दर्शन के लिए खाटू धाम व कान्हा के दर्शन के लिए वृंदावन जाने लगे हैं। फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष में एक तिथि की वृद्धि होने के कारण यह पक्ष सोलह दिनों का है। इस पक्ष में सप्तमी तिथि की वृद्धि है। 16 फरवरी को संकष्टी गणेश चतुर्थी का व्रत है। 21 को जानकी जयंती, 24 को विजया एकादशी, 25 को भौम प्रदोष व्रत और 26 को महाशिवरात्रि है।27 फरवरी को श्राद्ध की अमावस्या और 28 फरवरी को स्नान दान की अमावस्या है। वहीं एक को द्वितीया है। इस पक्ष में प्रतिपदा तिथि की हानि होने के कारण यह पक्ष 14 दिनों का है। इस पक्ष में होलिका दहन व होली का त्योहार मनाया जायेगा। 13 मार्च को होलिका दहन है। इस दिन व्रत की पूर्णिमा है। होलिका दहन भद्रा बाद रात्रि 10.44 बजे होगा। गुरुवार को दिन के 10.02 बजे के बाद से पूर्णिमा लग रहा है, जो 14 मार्च को दिन के 11.12 बजे तक रहेगा। पंडित संतोष कुमार पांडेय (सोनु) ने कहा कि 14 को स्नान दान की पूर्णिमा होने के कारण 15 को होली का त्योहार मनाया जायेगा। 14 को केवल काशी में होली मनायी जायेगी। तीन मार्च को वैनायकी गणेश चतुर्थी का व्रत होगा। वहीं 10 मार्च को आमल की एकादशी है। 11 मार्च को भौम प्रदोष व्रत है। 13 मार्च को व्रत की पूर्णिमा है। इस दिन दिन के 10.02 से रात 10.37 बजे तक भद्रा है। इस कारण भद्रा के बाद होलिका दहन होगा। मिथिला पंचांग के अनुसार रात 10.47 के बाद होलिका दहन होगा। वहीं 15 मार्च को होली मनायी जायेगी।

श्री राधा-कृष्ण मंदिर में महिलाओं ने किया भजन- कीर्तन और हनुमान चालीसा पाठ
Published / 2025-02-15 20:28:55
श्री राधा-कृष्ण मंदिर में महिलाओं ने किया भजन- कीर्तन और हनुमान चालीसा पाठ

टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग श्री राधा- कृष्ण मंदिर श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम मे श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि महिला मंडल ने भजन-कीर्तन एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया। महिला मंडल के सदस्यों द्वारा गाये सुमधुर संगीतमय भजनों एवं हनुमान चालीसा के पाठ में श्रोता खूब झूमे एवं पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।पुजारी अरविंद पांडे पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना कर श्री राधा कृष्ण के भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया। दोपहर मे सेवा धाम सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम मे रह रहे मंदबुद्धि, बेसहारा एवं दीनबंधु प्रभु जी एवं उनकी सेवा करने वाले साथियों को भोजन कराया गया। मंदिर के शीश महल में विराजमान भगवान श्री राधा -कृष्ण, श्रीमद् भागवत गीता ग्रंथ, भगवान का वस्त्र, मोर मुकुट, मुरली की पूजा अर्चना किया जा रहा है। मंदिर में श्री कृष्ण की जन्म से लेकर महाभारत तक की झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उक्त जानकारी श्री कृष्णा प्रणाम सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

बाल विवाह मुक्त भारत में सभी करें सहयोग : डॉ वीरेंद्र कुमार
Published / 2025-02-13 21:29:38
बाल विवाह मुक्त भारत में सभी करें सहयोग : डॉ वीरेंद्र कुमार

केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा, बाल विवाह मुक्त भारत बनाने में धर्मगुरु व नागरिक समाज संगठन करें सहयोगएबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं व विवाह संपन्न करने वाले पुरोहितों से बाल विवाह के खात्मे के लिए सरकार के प्रयासों में सहयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि सबके मिले- जुले प्रयासों से अतीत में भारत ने सती प्रथा जैसी कई कुप्रथाओं का सफलतापूर्वक उन्मूलन किया है। ऐसे में कोई कारण नहीं कि हम बाल विवाह की बुराई को देश से खत्म नहीं कर पाएं। वे आकांक्षी जिला एवं प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन (एवीए) की बाल अधिकार कार्यकर्ताओं की चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। एवीए बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश के 416 जिलों में काम कर रहे 250 से भी ज्यादा गैरसरकारी संगठनों के नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है।डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि हम वो देश हैं जिसने एक बार कुछ ठान लिया तो फिर कुछ भी असंभव नहीं है। हमने सती प्रथा जैसी कई कुरीतियों का खात्मा किया है। ऐसे में हमें पूर्ण विश्वास है कि बाल विवाह का भी खात्मा होगा। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी सरकार बाल विवाह मुक्त भारत के सपने को पूरा करने और बच्चों के चौतरफा कल्याण और सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है।जेआरसी के सहयोगी एवीए ने हाल ही में देश के 12 राज्यों के 73 आकांक्षी जिलों के 104 प्रखंडों के 15,000 गांवों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा व सशक्तीकरण और इन गांवों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने के लिए नीति आयोग से हाथ मिलाया है। एवीए वर्षों से बाल मजदूरी और बच्चों की ट्रैफिकिंग की रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले अग्रणी संगठन के तौर पर बच्चों को ट्रैफिकिंग गिरोहों और उनका शोषण करने वाले नियोक्ताओं से उन्हें मुक्त करा रहा है। डॉ वीरेंद्र कुमार ने कहा कि नागरिक संगठनों और विभिन्न धर्मगुरुओं के सहयोग से एक जागरूक समाज सफलतापूर्वक बाल विवाह की रोकथाम कर सकता है। इसके लिए सभी धर्मों के धर्मगुरुओं को अपनी मान्यताओं और परंपराओं को परे रखते हुए 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दृढ़संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ काम करना चाहिए। देशभर से आये बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और जिला समन्वयकों को संबोधित करते हुए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा कि नीति आयोग के साथ एवीए का यह सहयोग बाल विवाह, बाल मजदूरी और बच्चों की ट्रैफिकिंग के खात्मे के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। ऋभु ने कहा, भारत एक ऐसा विश्वगुरु बनने की राह पर है जो वंचितों, शोषितों को उनके हक दिलाने की अगुवाई करेगा। आज हमारे कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि पूरी दुनिया हमें देख रही है। अगर हम हर जरूरतमंद बच्चे को शिक्षा और सरकारी योजनाओं से जोड़ सकें तो यह साझेदारी बाल विवाह और बच्चों की ट्रैफिकिंग रोकने की दिशा में एक मील का पत्थर और अहम पड़ाव साबित हो सकती है। बाल विवाह-मुक्त भारत अब महज संभावना नहीं बल्कि यह अवश्यंभावी है। 2030 तक देश से बाल विवाह के खात्मे के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें रोकथाम, सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की समग्र रणनीति पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि आज जमीनी स्तर पर हो रहे बदलाव व्यापक स्तर पर बनने वाली नीतियों को प्रभावित कर रहे हैं और व्यापक नीतियां अब जमीनी स्तर पर बच्चों तक पहुंच रही हैं। इस खबर से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क करें।

ट्रेन में गूंजी किलकारी, हो रही रेलवे की तारीफ
Published / 2025-02-13 21:27:41
ट्रेन में गूंजी किलकारी, हो रही रेलवे की तारीफ

महिला को उठी प्रसव पीड़ा, चलती ट्रेन में दिया बच्ची को जन्म, अब हर तरफ हो रही रेलवे की तारीफटीम एबीएन, रांची। झारखंड के रांची में एक महिला ने चलती ट्रेन में बच्ची को जन्म दिया। मासूम की किलकारी सूरत से आ रही सूरत-मालदा टाउन एक्सप्रेस में गूंजी है। रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ट्रेन को हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचाया, जहां महिला ने रेलवे अस्पताल में स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इसके लिए रेलवे अधिकारियों ने तत्परता दिखायी और यात्रियों के सहयोग से ये संभव हो सका।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची को जन्म देने वाली मां का नाम ऊषा देवी है, वह सूरत से रांची आ रही थी। राउरकेला स्टेशन से ट्रेन के आगे बढ़ाने के बाद उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। फिर हटिया स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो उसे मेडिकल हेल्प दी गयी। इसके बाद यात्रियों को इसकी सूचना दी। कुछ देर बाद महिला का ट्रेन में ही प्रसव हो गया। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन को सूचित किया। यहां रांची रेल मंडल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोविंदपुर रेलवे स्टेशन में महिला यात्री को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई, इसी के साथ ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, ताकि ट्रेन हटिया स्टेशन से पहले कहीं न रुक सके। बता दें कि हटिया स्टेशन पर ट्रेन के आने से पहले वहां मेडिकल टीम मौजूद थी।  ट्रेन के आते ही महिला यात्री को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। यहां बेहतर चिकित्सा के लिए मंडल रेल अस्पताल हटिया लाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि मां और बच्ची दोनों सुरक्षित और स्वस्थ हैं। महिला यात्री को तत्काल सहायता उपलब्ध करायी गयी और ग्रीन कॉरिडोर के जरिए ट्रेन को शीघ्र हटिया पहुंचाया गया। इसपर सीनियर डीसीएम निशांत कुमार ने मीडिया को बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन हमेशा तत्पर रहा है। ऐसे में अब रेलवे की इस सेवा की हर तरफ तारीफ हो रही है।

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी महंत सतेंद्र दास के निधन पर शोक
Published / 2025-02-12 21:25:17
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी महंत सतेंद्र दास के निधन पर शोक

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी महंत सतेंद्र दास का बुधवार को लखनऊ के एक अस्पताल में निधन हो गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। 85 वर्षीय महंत सतेंद्र दास को इस महीने की शुरुआत में मस्तिष्काघात के बाद संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में भर्ती कराया गया था।

माघ पूर्णिमा पर्व 12 फरवरी को
Published / 2025-02-10 20:36:46
माघ पूर्णिमा पर्व 12 फरवरी को

माघ पूर्णिमा और प्रयागराज महाकुंभ का संगम हिंदू धर्म का है एक अद्वितीय पहलू : संजय सर्राफ एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि माघ पूर्णिमा 12 फरवरी को है। पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा की तिथि का प्रारंभ 11 फरवरी को शाम 6:55 मिनट पर हो रही है और अगले दिन यानी 12 फरवरी को शाम 07:22 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि का अधिक महत्व है। ऐसी स्थिति में 12 फरवरी को माघ पूर्णिमा मनाई जाएगी। यह पूर्णिमा जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु संग लक्ष्मीजी की आराधना करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। माघी पूर्णिमा के दिन घरों में सत्यनारायण भगवान की कथा पूजा करना चाहिए। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने माघ पूर्णिमा के दिन मत्स्य अवतार धारण किया था, इसलिए यह पूर्णिमा बेहद खास मानी गयी है। माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र तिथि मानी जाती है, जो माघ माह की पूर्णिमा को मनायी जाती है। इस दिन का विशेष महत्व धार्मिक क्रियाओं, पूजा-अर्चना और पवित्र नदियों में स्नान के साथ जुड़ा हुआ है। माघ पूर्णिमा के दिन गंगा, यमुना, संगम आदि पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पाप धुल जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन का महत्व तब और बढ़ जाता है जब यह प्रयागराज के महाकुंभ के अवसर पर आता है, जिसे अमृत स्नान के रूप में जाना जाता है। महाकुंभ मेला भारत का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जो हर 12 साल में एक बार चार प्रमुख स्थानों- प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक मे आयोजित होता है। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेला विशेष रूप से माघ पूर्णिमा के दिन अपने चरम पर होता है। इस दिन को अमृत स्नान कहा जाता है, क्योंकि इस दिन गंगा में स्नान करने से पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत, और भक्त इस पवित्र अवसर पर एकत्र होते हैं, ताकि वे संगम में स्नान करके पुण्य प्राप्त कर सकें। माघ पूर्णिमा के दिन प्रयागराज में स्नान करने से व्यक्ति को आत्मिक शांति, मानसिक शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी है। महाकुंभ मेला सभी पंथ, सम्प्रदाय और जातियों के लोग एक साथ इस धार्मिक आयोजन में भाग लेते हैं, जिससे देश में एकता और अखंडता का संदेश फैलता है। माघ पूर्णिमा का महत्व केवल प्रयागराज के महाकुंभ तक सीमित नहीं है। इस दिन को विशेष रूप से तपस्वियों, साधुओं और योगियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान के बाद दान-पुण्य करने से व्यक्ति के पुण्यफल में वृध्दि होती है। साथ ही, माघ पूर्णिमा के दिन व्रत करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह दिन विशेष रूप से आत्मशुद्धि और आत्मबोध का होता है, जब व्यक्ति अपनी गलतियों और पापों का प्रायश्चित करता है और साधना के माध्यम से ईश्वर के निकट जाता है। माघ पूर्णिमा और प्रयागराज महाकुंभ का संगम हिंदू धर्म का एक अद्वितीय पहलू है, जो न केवल व्यक्ति के आत्मिक शुद्धि के लिए है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का भी प्रतीक है। इस दिन के आयोजन से लोगों के बीच धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता की भावना जागृत होती है, और यह देशभर के श्रद्धालुओं को एकजुट करने का कार्य करता है।

पुरोहितों के नवीनीकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम का शानदार समापन
Published / 2025-02-08 21:55:52
पुरोहितों के नवीनीकरण के लिए आयोजित कार्यक्रम का शानदार समापन

टीम एबीएन, रांची। पुरोहितों में नवीनीकरण लाने, विकास में तेजी लाने, योजनाओं को कार्यान्वित करने आदि से संबंधित, समाज विकास केंद्र में दो दिनों से चल रहे कार्यक्रम का आज सफलता पूर्वक समापन हुआ।  वीएससीआर (कमीशन फॉर वोकेशन, सेमिनारिस, कलर्जी एंड रिलीजियस) एवं सीडीपीआई (कॉन्फ्रेंस आफ डायोसिसन प्रीस्ट्स आफ इंडिया) ने दो एवं आधे दिन का समाज विकास केंद्र, रांची में पुरोहितों के नवीनीकरण के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न धर्मप्रान्तों, रांची, सिमडेगा, गुमला, डाल्टनगंज, खूंटी एवं दुमका के 76 पुरोहित शामिल होकर इससे लाभान्वित हुए। इस प्रेरणादायी कार्यक्रम का आज सफलता पूर्वक समापन किया गया। इस कार्यक्रम का शीर्षक रियलाइजिंग द प्रीस्टली आइडेंटिटी/रॉल्स एंड ईट्स इंप्लिकेशन इन आवर पास्टोरल मिनिस्ट्री रहा। इस कार्यक्रम में पुरोहितों के विश्वासियों के साथ अच्छे संबंध, उनकी भूमिका, उनके जिम्मेदारियों एवं इसके द्वारा प्राप्त परिणाम जैसे बातों पर विचार विमर्श किया गया।इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता फाङ्म चार्ल्स लियोन रहे। इस नवीनीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन 06 फरवरी 2025 को रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद एवं खूंटी कैथोलिक धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष विनय कंडुलना की उपस्थिति में हुआ। विंसेंट आईंद ने सभी पुरोहितों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया एवं संत मदर तेरेसा द्वारा दिए पुरोहितों के मार्गदर्शन का पालन करने का आह्वान भी किया। समापन के दिन खूंटी कैथोलिक धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष विनय कंडुलना ने सभी धर्मप्रांत के धर्माध्यक्षों द्वारा पुरोहितों से अपेक्षाओं का ब्यौरा दिया।  पुरोहितों के नवीनीकरण कार्यक्रम के समापन के दिन खूंटी कैथोलिक धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष विनय कंडुलना, मुख्य वक्ता फाङ्म चार्ल्स लियोन, सीडीपीआई के अध्यक्ष फादर बिशु बेंजामिन आईंद, सचिव फादर रेमिस टोप्पो, फादर संदीप कंडुलना एवं विभिन्न धर्मप्रांतों से आये 76 पुरोहित उपस्थित रहे।

विहिप की त्रिदिवसीय प्रन्यासी मंडल बैठक सात से महाकुंभ प्रयाग में
Published / 2025-02-06 23:10:59
विहिप की त्रिदिवसीय प्रन्यासी मंडल बैठक सात से महाकुंभ प्रयाग में

देश-विदेश के पदाधिकारियों के बीच होगा हिंदुत्व से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथनएबीएन सेन्ट्रल डेस्क (महाकुंभ, प्रयागराज)। विश्व हिंदू परिषद के प्रन्यासी मंडल व केंद्रीय प्रबंध समिति की त्रि-दिवसीय बैठक 7 फरवरी से झूसी स्थित महा कुंभ मेला क्षेत्र में बने विहिप के महा-शिविर में होने जा रही है।इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने बताया कि इसमें भारत तथा विदेश से आमंत्रित विहिप के पदाधिकारी भाग लेंगे। बैठक में हिंदू मंदिरों की सरकारी नियंत्रण से मुक्ति, जनसंख्या असंतुलन, वक्फ बोर्ड के निरंकुश व असीमित अधिकार, बांग्लादेश में हिंदू उत्पीड़न की पराकाष्ठा तथा अयोध्या के बाद काशी और मथुरा जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों की मुक्ति के लिए भी चर्चा होने की संभावित है। संगठनात्मक विस्तार व विभिन्न राज्यों में हिंदू समाज से जुड़े कुछ विशेष मुद्दों के विषय में भी विचार विमर्श हो सकता है।महाकुंभ मेला क्षेत्र में ही बने विश्व हिंदू परिषद के शिविर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री बागड़ा ने यह भी कहा कि हिंदू समाज अनेक वर्षों से सामाजिक कुप्रथाओं से जूझ रहा है। छुआछूत की मुक्ति के लिए और सामाजिक समरसता को बढ़ाने के लिए हमने अनेक अभियान हाथ में लिए हैं। हिंदू परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ करना, पर्यावरण की रक्षा करना तथा हिंदू समाज को स्व का आत्मबोध कराना, आज के समय में एक महती आवश्यकता है।बैठक में संगठनात्मक दृष्टि से देश भर के 47 प्रांतों के साथ भारत के बाहर से भी अनेक देशों के गणमान्य प्रतिनिधि भाग लेंगे। इन में विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे, सह संगठन महा मंत्री विनायकराव देशपांडे, बजरंग दल, मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी के साथ संगठन के सभी आयामों के अखिल भारतीय प्रमुख तथा क्षेत्रों व प्रांतों के मंत्री व संगठन मंत्री  सहित अनेक पदाधिकारी भाग लेंगे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद के प्रचार प्रसार विभाग के अखिल भारतीय प्रमुख विजय शंकर तिवारी ने दी।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.