राजस्थान में राज्यस्तरीय परामर्श में डीजीपी ने कहा, समन्वित कार्रवाई के बिना नहीं रुकेगी बच्चों की ट्रैफिकिंग एबीएन सोशल डेस्क। जयपुर में भारत में मानव दुव्यार्पार: समन्वय और रोकथाम तंत्र की मजबूती विषय पर राज्यस्तरीय परामर्श में वक्ताओं ने रेखांकित किया कि राजस्थान ने बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने के लिए कानूनों पर अमल और जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम उठाये हैं लेकिन बचाव और अभियोजन के बीच की खाई बच्चों की ट्रैफिकिंग से निपटने में अब भी बड़ी रुकावट है। परामर्श में सभी विभागों के बीच सहयोग और समन्वय की जरूरत पर जोर देते हुए पुलिस महानिदेशक (नागरिक अधिकार एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) मालिनी अग्रवाल ने कहा, राजस्थान में सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से बच्चों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है लेकिन बच्चों की ट्रैफिकिंग का मुद्दा किसी एक विभाग के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। समन्वित कार्रवाइयों से ही बच्चों की ट्रैफिकिंग रोकी जा सकती है। बच्चों को मुक्त कराने के बाद हम साझा प्रयासों से उनकी देखभाल और उचित पुनर्वास सुनिश्चित कर उनका खोया बचपन लौटा सकते हैं। यह परामर्श जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन और राजस्थान पुलिस की नागरिक अधिकार एवं ह्यूमन ट्रैफिकिंग विरोधी शाखा के संयुक्त प्रयासों से हुआ। इस दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने बच्चों की ट्रैफिकिंग यानी बाल दुर्व्यापार, बाल विवाह और बाल श्रम के बीच मौजूद खतरनाक अंतर्संबंधों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यदि ट्रैफिकिंग के रोजाना बदलते स्वरूपों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाना है तो विभिन्न हितधारकों और विभागों के बीच आपसी समन्वय को और मजबूत करना होगा। बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी ज्यादा नागरिक संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) 418 जिलों में काम कर कर रहा है। जेआरसी ने अपने सहयोगी संगठनों की मदद से देशभर में 1 अप्रैल 2024 से 30 अप्रैल 2025 के बीच 56,242 बच्चों को ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल से मुक्त कराया और ट्रैफिकर्स के खिलाफ 38,353 से अधिक मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की। राजस्थान में जेआरसी अपने 24 सहयोगी संगठनों के साथ 39 जिलों में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। जेआरसी ने अप्रैल 2023 से अब तक अकेले राजस्थान में ही 30,878 बाल विवाह रोके और 8000 से अधिक बच्चों को ट्रैफिकिंग और बाल श्रम के चंगुल से मुक्त कराया। साथ ही, बाल दुव्यार्पार के 5487 मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की और यौन शोषण के शिकार 2500 से अधिक बच्चों को भावनात्मक और कानूनी सहयोग प्रदान किया। परामर्श में राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (आरएसएलएसए), बाल अधिकारिता विभाग (डीसीआर), रेलवे सुरक्षा बल और राज्य में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन मौजूद थे। आरएसएलएसए के सदस्य सचिव हरिओम अत्री ने कहा, प्रत्येक बच्चा समाज की साझा जिम्मेदारी है। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है और बच्चों के खिलाफ अपराधों के मामले में कोई ढील नहीं बरती जा सकती। बच्चों को मुक्त कराने के साथ ही उनके पुनर्वास पर भी उतना ही ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए डीसीआर के आयुक्त आशीष मोदी ने कहा कि सभी बाल संरक्षण तंत्रों के बीच समन्वय से बच्चों की ट्रैफिकिंग की रोकथाम संभव है। उन्होंने कहा, बच्चों से लेकर युवाओं तक, समाज पुलिस की ओर इस उम्मीद से देखता है कि वे अपराध रोक सकते हैं। इसलिए, पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों के संयुक्त प्रयास बच्चों के विरुद्ध अपराधों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बच्चों को मुक्त कराने के अभियानों के साथ ही हमें पुनर्वास सेवाओं को भी मजबूत करना होगा ताकि उन्हें दोबारा ट्रैफिकिंग गिरोहों के जाल में फंसने से बचाया जा सके। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने कहा, भारत सरकार ने देश में ट्रैफिकिंग के खिलाफ कानूनी तंत्र को मजबूत किया है और भारतीय न्याय संहिता में कई महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़े हैं। अब आवश्यकता इन कानूनों पर प्रभावी अमल की है जिसके लिए सभी स्तरों पर सभी पक्षों की समन्वित कार्रवाई जरूरी है। ट्रैफिकिंग एक संगठित अपराध है और हमें इसे इसी दृष्टिकोण से देखना होगा। यदि हम बच्चों की ट्रैफिकिंग करने वाले गिरोहों से दो कदम आगे रहना चाहते हैं तो समयबद्ध सुनवाई, लापता बच्चों के मामलों में त्वरित कार्रवाई, सभी हितधारकों का क्षमता निर्माण और मजबूत अभियोजन तंत्र अनिवार्य है। इस परामर्श में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक व राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक एस. सेंगाथिर, उत्तर पश्चिम रेलवे में आरपीएफ के आईजी ज्योति कुमार सतीजा, जयपुर ग्रामीण की एसपी राशि डोगरा डूडी, टीएबीएएआर, जयपुर के संस्थापक सचिव रमेश पालीवाल, डीसीआर के सहायक निदेशक मनोज आर्य, आरपीए में पुलिस निरीक्षक यतींद्र कुमार खटाना के अलावा आरएसएलएसए की उपसचिव रश्मि नवल भी मौजूद थीं। इस खबर से संबंधित और अधिक जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (85959 50825) से संपर्क करें।
निर्मल मन जन सो मोहि पावा। मोहि कपट और छल छिद्र न भावा : चैतन्य मीरा एबीएन सोशल डेस्क। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला मंच रांची शाखा द्वारा आयोजित सप्तम दिवस की श्रीमद् भागवत कथा में आज भागवत के चतुर्थ दिवस में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। जिसमें श्रीराम अवतार, नरसिंह अवतार, गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार आदि की झांकी दिखायी गयी। वामन अवतार (भव्य अग्रवाल), नंद बाबा (सुनील सरावगी), यशोदा जी (सुनीता सरावगी) वासुदेव जी (अनीश सरावगी) सुनंदा भुआ (चंचल लाडिया)। परम पूज्य गुरु मां चैतन्य मीरा के द्वारा कथा के प्रारंभ में भगवान भोलेनाथ की महिमा से किया गया। उन्होंने बताया कि भगवान भोलेनाथ तो इतने भोले हैं कि उनके लिए कुबेर द्वारा बनायी गयी सोने की लंका को भी रावण के द्वारा दक्षिणा में मांगने पर उन्होंने उसे रावण को दान दे दी। भोलेनाथ जैसा कि नाम है भोले के नाथ ऐसे हैं की थोड़ी सी विनती पर दौड़े चले आते हैं। हमें भी इसलिए सदा निर्मल मन होकर रहना चाहिए। क्योंकि प्रभु भी कहते हैं... निर्मल मन जन सो मोहि पावा। मोहि कपट छल छिद्र न भावा॥ अर्थात् जो मनुष्य निर्मल मन का होता है, वही मुझे पाता है। मुझे कपट और छल-छिद्र नहीं सुहाते। इसीलिए यदि हम निर्मल रहते हैं तो प्रभु हमें अपने चरणों में स्थान देते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि हमें सुनिति और सुरुचि में भी अंतर समझना चाहिए सुनिति में चाहे हमें प्रारंभ में परेशानी हो सकती है परंतु लंबे समय तक अच्छा फल देता है, परंतु सुरुचि हमें जल्दी अच्छा फल तो दे देगा परंतु ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। ध्रुव महाराज ने भी सुनीति से ही कार्य किया। प्रारंभ में बहुत दुख हुआ प्राप्त हुआ परंतु अंत में प्रभु से मिलन हुआ। कथा के अंत में उन्होंने बताया कि किस प्रकार से श्री कृष्ण का जन्म हुआ। कंस जैसे पापी के सर्वनाश के लिए, पृथ्वी का भार हरण करने के लिए,ऋषियों के संताप को दूर करने के लिए, श्री कृष्ण ने वासुदेव और मां देवकी के यहां अवतार लिया और उसके पश्चात वासुदेव जी उन्हें यमुना पार करते हुए नंद बाबा और यशोदा मैया के यहां पर छोड़ आये। इस प्रसन्नता में सभी ने मिलकर कृष्ण जन्मोत्सव का आनंद प्राप्त किया और जन्मोत्सव मना कर आपस में सभी ने एक दूसरे को बधाई दी। उस समय ऐसा प्रतीत हो रहा था की संपूर्ण पांडाल ब्रज की पावन धरा बन चुका है और समस्त भक्ति बृजवासी बनकर इस आनंद को प्राप्त कर रहे हैं। कृष्ण जन्मोत्सव के पावन पर्व के अवसर पर मारवाड़ी महिला मंडल रांची शाखा के द्वारा शिवनारायण कन्या पाठशाला में डिक्शनरी, पाठ्य सामग्री, खेलकूद के समान और सहयोग राशि का वितरण किया गया। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि समिति के द्वारा फिजूल खर्चे को छोड़कर उन बच्चों का सहयोग किया गया, जिन्हें वास्तव में आवश्यकता है। मारवाड़ी महिला मंडल का उद्देश्य भी यह है कि जितना अधिक हो सके उतना वह समाज के उन व्यक्तियों की मदद कर सके जिन्हें कहीं न कहीं आवश्यकता है। कथा के अंत में सामूहिक आरती की गई और मक्खन मिश्री एवं पंजीरी के प्रसाद का वितरण किया गया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में नीरा बथवाल, रूपा अग्रवाल, मधु सर्राफ, उर्मिला पाड़िया, अलका सरावगी, बीना मोदी, मंजू केडिया, रीना सुरेखा, प्रीती बंका, प्रीती पोद्दार, प्रीति अग्रवाल, प्रीति फोगला, प्रीती केडिया, शोभा हेतमसरिया, सीमा पोद्दार, सरिता अग्रवाल, सीमा टाटिया, बबीता नारसरिया, ललित नारसरिया, अनसूया नेवटिया, गीता डालमिया, जया बिजावत रीता केडिया, संगीता गोयल, ममता बूबना, बीना बूबना, अनू पोद्दार, रेखा अग्रवाल आदि बहनें उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा (8825383669) ने दी।
सभी को अपनी संपूर्ण ऊर्जा के साथ प्रभु का सुमिरन करना चाहिए एबीएन सोशल डेस्क। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के द्वारा अग्रसेन पथ स्थित अग्रसेन भवन में चल रहे भागवत कथा के तृतीय दिवस में भागवत कथा की वक्ता मां चैतन्य मीरा ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा या श्री राम कथा का श्राद्ध पक्ष में श्रवण करने से अत्यधिक लाभ होता है। इससे हम अपने पितरों को शांति और प्रभु के चरणों में स्थान दिलाते हैं। जिससे वह प्रसन्न होते हैं और हमें आशीर्वाद देते हैं। आज हमारा दायित्व है कि हम हमारे बड़े बुजुर्ग या परिवार के कोई भी सदस्य जो शरीर को छोड़ चुके हैं उन्हें इन कथाओं के माध्यम से उनके दोष और विकारों को दूर करके उन्हें प्रभु के बैकुंठ धाम में निवास दिलवाएं जब हम इस प्रकार की कथाएं सुनते हैं तो इससे न केवल आध्यात्मिक रूप से हमारे जीवन का विकास होता है बल्कि इनके माध्यम से हम अपने नित्य जीने की कला को भी सीखते हैं।किस प्रकार से मनुष्य का मनुष्य से प्रेम, मनुष्य का जीवों से प्रेम होता है यह श्रीमद् भागवत कथा हमें सिखाती है। कथा के माध्यम से गुरु मां ने बताया कि कई संत ऐसे हैं जो सिर्फ श्रीमद् भागवत को अपना आराध्य मानते हैं। क्योंकि श्रीमद् भागवत कथा ही है जो हमें श्री कृष्ण से मिलाती है और श्री कृष्ण अपनी आराध्या राधा रानी के बिना अधूरे हैं इसीलिए कथा को श्रवण करने से ही हम श्री कृष्ण और राधा को पा सकते हैं । परंतु कथा को श्रवण करने के कुछ नियम है, उन नियमों का पालन करके संतों ने हरी को पा लिया। यदि हम भी सहज भाव से कथा को श्रवण करें तो हम वास्तविकता में प्रभु को समझ सकते हैं। जिस प्रकार कृष्ण ने उद्धव को बताया की जो भी मुझे स्मरण करेगा या जो भी मुझे पाना चाहेगा उसका एकमात्र साधन श्रीमद् भागवत होगा।कथा के अंत में मां चैतन्य मीरा ने बताया कि सभी को अपनी संपूर्ण ऊर्जा के साथ प्रभु का सुमिरन करना चाहिए ताकि हम इस कथा के माध्यम से इसकी महिमा को अपने जीवन में उतारकर समाज का कल्याण कर सके। गुरु मां ने उनके द्वारा चलाए जा रहे हैं देश के प्रतिष्ठित नेचुरोपैथी आयुर्वेद हॉस्पिटल और रिट्रीट सेंटर के बारे में भी बताया जहां पर बिना दवाई के मसाज थेरेपी, हाइड्रोथेरेपी, मडथेरेपी, ओजोनथेरेपी, योग, फिजियोथैरेपी, एक्यूप्रेशर, डाइट थेरेपी, स्टीम और जकूजी के माध्यम से अनुभवी डाक्टर और उनकी टीम के द्वारा लोगों का सफल इलाज किया जाता है। कथा में मारवाड़ी महिला मंच रांची शाखा की ओर से राधा रानी शिक्षा कोष प्रारंभ किया गया जिसमें मंच की सदस्य अनीता गुप्ता जी की पोती झलक गुप्ता ने अपनी गुल्लक को फोड़ कर सबसे पहले सहयोग किया इसमें मंच की महिलाओं के द्वारा 51000 का सहयोग प्रारंभ में जोड़ा गया। इस कोष के प्रभारी प्रभाकर जी अग्रवाल ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से उन गरीब कन्याओं की शिक्षा की व्यवस्था की जायेगी, जो कहीं ना कहीं शिक्षा के अभाव में पीछे रह जाती है और इस कारण ज्ञान होने के बाद भी उनका भविष्य खराब हो जाता है। कथा में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, महामंत्री विनोद कुमार जैन, वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, संकटमोचन बालाजी परिवार की ओर से सुनयना लॉयलका का, लालचंद बगड़िया एक्युप्रेशर संस्थान से रमाशंकर बगड़िया, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ, दीपशिखा संस्थान से सुधा लीला और मंजू गुप्ता, पूर श्री संस्थान से प्रियंका जालान और रश्मि कनोई का व्यास पीठ से सम्मान किया गया कथा के अंत में समिति के सदस्यों के द्वारा आरती की गई और प्रसाद का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रूपा अग्रवाल, अनसूया नेवटिया, अलका सरावगी, मधु सर्राफ, उर्मिला पाड़िया, नैना मोर, प्रीती बंका, मंजू केडिया, बीना मोदी, रीना सुरेखा, बीना बूबना, प्रीती पोद्दार, शोभा हेतमसरिया, मीरा टिंबरेवाल, करुणा अग्रवाल, सीमा टॉटीया, प्रीती अग्रवाल, मीना अग्रवाल, रेनू राजगढ़िया पूनम टेकरीवाल, रेखा अग्रवाल, छाया अग्रवाल, सीमा पोद्दार, सुनैना लॉयलका, प्रीति फोगला, रीता केडिया, शशि डागा, सरिता मोदी, प्रीति केडिया, बबीता नारसरिया, जय बिजावत, सुषमा पोद्दार, मंजू गाड़ोदिया आदि बहनें शामिल थी। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा ने दी।
दोनों अन्नपूर्णा सेवा में अब तक छह लाख से ही अधिक लोगों ने किया भोजन : सुरेश चंद्र अग्रवाल टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा संचालित पहाड़ी रोड स्थित श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर अन्नपूर्णा सेवा की तीसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं भावनात्मक आशीर्वाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह सेवा स्वर्गीय सत्यनारायण नारसरिया एवं स्वर्गीय शारदा देवी नारसरिया की पावन स्मृति में आरंभ की गई थी, जिसका उद्देश्य जरूरतमंदों को एवं सम्मानपूर्वक भोजन प्रदान करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ स्व० सत्यनारायण नारसरिया एवं स्व० शारदा नारसरिया के फोटो पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। तत्पश्चात अन्नपूर्णा सेवा में 3 वर्षों तक भोजन बनाने वाले सभी तीन सेवादारों को पुष्प गुच्छ एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आए हुए सभी आगंतुक अतिथियों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के जिला अध्यक्ष सज्जन पाड़िया ने किया। इस अवसर पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सह अन्नपूर्णा सेवा के संयोजक सुरेश चंद्र अग्रवाल ने नारसरिया परिवार तथा इस सेवा में सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल भोजन नहीं बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का निर्वहन है उन्होंने कहा कि यह सेवा मानवता के प्रति हमारी संवेदना को दशार्ती है और हम इसे और व्यापक रूप से आगे बढ़ाने के लिए कृत संकल्पित है।उन्होंने कहा कि मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा संचालित दोनों अन्नपूर्णा सेवा में प्रतिदिन 500 से अधिक लोग भोजन करते हैं श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर अन्नपूर्णा सेवा में 3 वर्षों में 2 लाख 75 हजार तथा स्वर्ण भूमि अन्नपूर्णा सेवा में 3 वर्ष 6 माह में 3 लाख 25 हजार से भी अधिक लोगों ने भोजन किया।अब तक लगभग 6 लाख से भी अधिक लाभुकों ने भोजन किया है। समाजसेवी रामावतार नारसरिया एवं प्रदीप नारसरिया ने रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए अन्नपूर्णा सेवा निरंतर चलती रहेगी। जिला अध्यक्ष सज्जन पाड़िया ने अपने उद्बोधन में सभी सेवादारों, सहयोगियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सेवा कार्य में सभी की सहभागिता आवश्यक है, और जब यह सेवा श्रद्धा, भावना और निस्वार्थता से जुड़ जाए, तो वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बन जाती है। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री निर्मल बुधिया ने किया। मौके पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के वरीय उपाध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, महामंत्री विनोद कुमार जैन, संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ, श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर के सचिव अनूप अग्रवाल, श्री माहेश्वरी सभा अध्यक्ष किशन साबू, नरेंद्र लाखोटिया, निर्मल बुधिया,अशोक नारसरिया, अभिषेक नारसरिया, जितेश अग्रवाल, ओमप्रकाश गाड़ोदिया, महेश अग्रवाल, नरेश बंका, आनंद जालान, मनोज रुईया, द्वारका प्रसाद अग्रवाल, रमेश बंका, सांवरमल बुधिया, राजकुमार मित्तल, अमित चौधरी, अजय खेतान, विजय कुमार खोवाल, कमल शर्मा, स्नेहा नारसरिया, प्रीति नारसरिया, मंजू लोधा सहित अन्य लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।
अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के 28वें राष्ट्रीय अधिवेशन में पवन कुमार गोयनका ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ट्रस्ट द्वारा झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के भवन एवं 25 लाख रुपये दिलवाने का राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिया आश्वासन, कड़ी कार्यवाही करने का भरोसा। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौपे 600 से ज्यादा नए सदस्यों का सदस्यता शुल्क। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन को मिला सदस्यता विस्तार में प्रथम आने का राष्ट्रीय पुरस्कार टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन का 28वां राष्ट्रीय अधिवेशन को अध्यात्म साधना केंद्र, छतरपुर, नई दिल्ली में बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। उद्घाटन सत्र में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर अधिवेशन का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज ने सदैव सेवा, व्यापार और संस्कार की अद्वितीय परंपरा कायम रखी है। समाज ने जहां भी कदम रखा है, वहां विकास और प्रगति की नई मिसालें पेश की हैं। इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका ने पदभार ग्रहण करते हुए कहा कि यह अधिवेशन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता और प्रगति का संकल्प है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संगठन की पहुंच को पूरे भारतवर्ष में और विस्तार दिया जाएगा तथा नई शाखाओं की स्थापना के माध्यम से समाज सेवा और संस्कार को और गहराई तक पहुंचाया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कलकत्ता के केदारनाथ गुप्ता को राष्ट्रीय महासचिव मनोनीत किया। राष्ट्रीय अधिवेशन में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में झारखंड से पच्चीस से ज्यादा प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिसमें मुख्य रूप से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार केडिया, प्रांतीय महामंत्री विनोद जैन, उपाध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल, पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन अध्यक्ष मुकेश मित्तल, धनबाद जिला मारवाड़ी सम्मेलन अध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल, संयुक्त महामंत्री भोला नाथ चौधरी, जिला महासचिव प्रदीप कुमार मिश्रा, कमल नरेडी, राकेश हेलिवाल, राजेश अग्रवाल, जीवन वर्मा, प्रमोद बाजला, श्रवल बथवाल, अशोक सर्राफ, सुरेंद्र सिंघानिया, सचिन सुल्तानिया, जगमोहन टिबरेवाल, राजकुमार शर्मा एवं सुनील मोदी ने भाग लिया। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल एवं प्रांतीय महामंत्री विनोद कुमार जैन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका को 600 से ज्यादा नए सदस्यों का सदस्यता शुल्क सौंपा। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन को राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता विस्तार के क्षेत्र में प्रथम आने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सम्मानित किया। अधिवेशन में प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल और धनबाद जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल ने प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ट्रस्ट के महासचिव एवं पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष बसंत मित्तल द्वारा झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन को भवन एवं 25 लाख रुपये नहीं दिए जाने की बात जोरदार ढंग से उठाई। इस पर राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं प्रांतीय पदाधिकारियों की बीच हुई चर्चा के बाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी पक्षों को साथ बैठकर मामले को सलझाने की बात कही और कड़ी कार्यवाही करने का भी आश्वासन दिया। मौके पर मुकेश मित्तल ने सदस्यता शुल्क को सीधे राष्ट्रीय में जमा लेते हुए, राष्ट्र द्वारा प्रांत, जिला एवं शाखा को उसका अंश भेजने का सुझाव दिया ताकि संस्था की मान मयार्दा बनी रहे। प्रांतीय उपाध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल ने राष्ट्रीय, प्रांतीय, जिला स्तर पर अनुशासन कमिटी बनाने पर बल दिया ताकि ऐसे सदस्य जो संगठन के साथ खेल रहे हैं उनपर कड़ी अनुसाशनात्मक कार्यवाही हो सके। अधिवेशन के दौरान न केवल समाज की पुरानी उपलब्धियों का स्मरण हुआ बल्कि आने वाले वर्षों की कार्ययोजनाओं पर भी स्पष्ट दिशा तय की गई। पूर्व संध्या पर आयोजित भजन संध्या ने पूरे वातावरण को भक्ति और ऊर्जा से भर दिया, वहीं सम्मान समारोह ने समाज के सेवा कार्यों की सार्थकता को और मजबूती दी। पूरे भारतवर्ष से आए समाज के प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति विशेष रही। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा के द्वारा अग्रसेन पथ स्थित अग्रसेन भवन में सात दिवसीय भागवत कथा के द्वितीय दिवस की कथा में मां चैतन्य मीरा ने बताया कि किस प्रकार से परीक्षित को ऋषि द्वारा श्राप दिया गया। किस प्रकार से कलयुग ने स्वर्ण में अपना स्थान मानकर स्वयं राजा परीक्षित की मति ही भ्रमित कर दी। उन्होंने बताया कि आज के समय में किस प्रकार से व्यक्तियों में आपसी भेदभाव और गृह क्लेश जैसे कारण हो रहे हैं ।यह सभी कलयुग का प्रभाव प्रभाव है। इस युग में प्रभु का नाम और श्रीमद् भागवत कथा ही हमें इस प्रभाव से दूर रख सकती है। यदि हम अपने भक्ति मार्ग से जोड़ते हैं प्रभु के प्रति प्रेम रखते हैं उनमें आस्था रखते हैं तो किसी भी प्रकार से हमारा अहित नहीं हो सकता। आज के समाज को यह जानना आवश्यक है कि यदि हम प्रभु से नहीं जुड़े तो हमारे जीवन का कल्याण संभव नहीं है। हमें सर्वथा इसी मार्ग पर आगे चलना चाहिए। साथ ही गुरु मां बताया कि उनके द्वारा नासिक आश्रम में और आनलाइन के माध्यम से ध्यान और योग के कई शिविर लगाए जाते हैं और अब यह शिविर नासिक के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर भी लगाये जायेंगे। जिससे कि प्रत्येक व्यक्ति अपने मन की पीड़ा को दूर कर सके। अपने मन को स्वच्छ कर सके। अपने शरीर को स्वस्थ कर सके और आज की युवा पीढ़ी में होने वाली बीमारियां अनिंद्रा, चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन को दूर को दूर किया जा सके और उनमें एकाग्रता का भाव लाया जा सके। महिला मंडल ने द्वितीय दिवस सेवा कार्य के तहत गौ सेवा की। गुरु मां और शाखा की बहनों द्वारा सुकुरहुटु गौशाला में जाकर कल्पवृक्ष के पेड़ और कुछ फलदार वृक्ष लगाये गये। गायों को रोटी गुड़ और चारा सब्जियां खिलायी गयी।गुरु मां ने गौ सेवा के महत्व बताते हुए कहा कि भगवान कृष्ण गायों के बीच गोविंद बनकर रहे गौ माता की सेवा से हमें भगवान मिल सकते हैं। गोमूत्र से 140 रोग ठीक होते हैं। हमें गौ माता के ही दूध दही एवं घी का उपयोग करना चाहिए। कथा के अंत में समिति के सदस्यों के द्वारा आरती की गयी और प्रसाद का वितरण किया गया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रूपा अग्रवाल, अनसूया नेवटिया, अलका सरावगी, मधु सराफ, उर्मिला पड़िया, नैना मोर, प्रीती बंका, मंजू केडिया, बीना मोदी, रीना सुरेखा, बीना बूबना, प्रीती पोद्दार, शोभा हेतमसरिया, मीरा टिंबरेवाल, करुणा अग्रवाल, सीमा टॉटीया, प्रीती अग्रवाल, मीना अग्रवाल, रेनू राजगढ़िया पूनम टेकरीवाल, रेखा अग्रवाल, छाया अग्रवाल, सीमा पोद्दार, सुनैना लॉयलका, प्रीति फोगला, रीता केडिया, शशि डागा, सरिता मोदी, प्रीति केडिया, बबीता नर्सरिया, जय बिजावत, सुषमा पोद्दार, मंजू गाड़ोदिया आदि बहनें शामिल थीं।
टीम एबीएन, रांची। अखिल विश्व गायत्री परिवार मुख्यालय शांतिकुंज, हरिद्वार के तत्वावधान में गायत्री परिवार की ओर से 6 से 15 वर्ष के बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए हिनू क्षेत्र इंदिरा पैलेस के पीछे स्थित ठाकुर मोहल्ला के क्लब में बाल संस्कारशाला का शुरुआत आज किया गया। आज के क्लास में माता-पिता की गरिमा, महिमा महानता, संस्कार क्यों आवश्यक, प्रातः काल जागरण में कर- दर्शन,धरती माता को प्रणाम,उषा पान करने के लिए विस्तृत रूप से पाठशाला में बच्चों को बताया गया। बताया कि यह क्लास प्रत्येक रविवार को 12:00 से चलेगा।इस क्लास में बच्चों को व्यक्तित्व विकास, ज्यादा मोबाइल देखने से हानि, नशा से हानि, स्मरण शक्ति बढ़ाने के उपाय इत्यादि बिंदुओं पर बताए जा रहे हैं। दीपक दयाल प्रसाद ने जानकारी दी कि अबतक बाल संस्कार-शाला रांची में रातू रोड, चुटिया, डोरंडा, धुर्वा, खलारी प्रखंड में डकरा, सिल्ली प्रखंड में मूरी, ओरमांझी प्रखंड में बूटी मोड़ तथा कांके प्रखंड सहित कई जगहों पर बाल संस्कारशालाएं चलाए जा रहे हैं। इन संस्कारशाला के केंद्रों में बच्चों को निशुल्क भागीदारी के लिए मोबाइल नंबर 7979063686 पर संपर्क किए जा सकते हैं, जिसमें आचार्य वरण के रूप में नमिता बहन,माधुरी बहन, सरिता बहन, प्रीति बहन,बीना देवी, सपना कुमारी द्वारा बाल संस्कार चलाने के लिए संकल्प लिया है, जिसमें 25 से अधिक बच्चे उपस्थित थे। क्षेत्रीय परिजन एवं महिलामंडल ने इस शुभ अवसर पर शामिल आचार्यगणों और बच्चों को उपस्थित अभिभावकों ने बहुत सराहा और मंडल प्रतिनिधियों ने सबके स्वस्थ-सुखद जीवन, मंगलमय वातावरण विस्तार और उज्जवल भविष्य की मंगलमय मनोरथ सहित कामना की। शुभारंभ गुरु-ईश वंदना, गायत्री महामंत्र का सस्वर पाठ और समापन शांतिपाठ से हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार रांची के दीपक दयाल प्रसाद और जय नारायण प्रसाद ने दी।
कुंभराज से कमल सिंह लोधा की रिपोर्टएबीएन न्यूज नेटवर्क, बेतूल। रविवार को जिला बैतूल के ग्राम उड़दन स्थित सतलोक आश्रम में संत रामपाल जी महाराज जी के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे महाविशाल समागम का दूसरा दिन था,जिसमे लाखो की संख्या में श्रद्धालुओं ने आकर पापनाशक भंडारा ग्रहण किया। आश्रम के सेवादारों ने बताया कि 8 सितंबर 1951 को मानव समाज के कल्याण के लिए पूर्ण परमात्मा संत रामपाल जी महाराज के रूप में धरती पर अवतरित हुए फिर संत रामपाल जी महाराज जी को स्वामी रामदेवानंद जी महाराज जी से 1988 में नामदीक्षा प्राप्त हुई थी आज तक निरंतर संघर्ष करते हुए संत रामपाल जी महाराज जी मानव समाज को पूर्ण मोक्षदायक सतभक्ति प्रदान कर रहे है। ये महाविशाल समागम पूज्य गुरुदेव संत रामपाल जी महाराज जी के 75 वें अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में मनाया जा रहा है जिसमे पूरे मानव समाज को आने का खुला निमंत्रण दिया गया है,इस महाविशाल भंडारे में शुद्ध देशी घी से बने लड्डू,जलेबी,सब्जी, पूड़ी, दाल,चावल, हलवा आदि का मनमोहक भंडारा दिया जा रहा है साथ ही आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज जी के अमर ग्रन्थ साहिब की अमरवाणी का अखंड पाठ चल रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन संत रामपाल जी महाराज के समाज सुधार कार्यों के अंतर्गत मात्र 17 मिनिट में गुरुवाणी द्वारा 30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह भी संपन्न कराया गया और जिला चिकित्सालय बैतूल से आए स्टाफ की मौजूदगी में अनुयायियों द्वारा 319 यूनिट रक्तदान भी किया गया साथ ही 3440 अनुयायियों द्वारा देहदान के संकल्प फार्म भरे गए। बिना दान दहेज, बिना फिजूलखर्ची के साथ हुए इस विवाह में किसी प्रकार का आडंबर देखने को नहीं मिला,विवाह के सभी जोड़े सादे सिंपल कपड़ो में बैठे रहे व अपने गुरुदेव जी की अमरवाणी को सुनकर सादगीपूर्ण तरीके से विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए। अनुयायियों के अनुसार इस विवाह के साक्षी सभी तैंतीस कोटि देवी देवता बने, समागम में आने वाले श्रद्धालुओं के बैठने के लिए 300×600 व 90×900 का स्थाई शेड बनाया गया है। साथ ही भंडारे के लिए 350×300 के पांडाल लगाया गया है। साथ ही जूता घर, पार्किंग, मोबाइल चार्जिंग, शौचालय आदि की पर्याप्त सुविधा के साथ आध्यात्मिक प्रदर्शनी व निःशुल्क नामदीक्षा की व्यवस्था भी की गई है। फोरलेन से आश्रम तक की दूरी में बने रोड पर लगी आकर्षित लाइटिंग व परमात्मा जी की झांकियां देखने में बहुत सुंदर लग रही है जिसे लोग गाड़ी रोककर देखते ही रह गए। समागम के दूसरे दिन तक 2000 से अधिक लोगो ने संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा ग्रहण कर अपने जीवन का कल्याण करवाया। कार्यक्रम में आए प्रशासन के अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इतनी अधिक तादाद में श्रद्धालुओं के आने के बाद भी यातायात सुविधा में किसी प्रकार की अव्यवस्था व संगत में भगदड़ देखने को नही मिली और यह भी कहा कि कही भी इतने विशाल कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस के जवान व मिलिट्री बुलानी होती है लेकिन संत रामपाल जी महाराज के कार्यक्रम में सारी व्यवस्था उनके सेवादार भक्त ही कर लेते है। अपने गुरुदेव जी के आदेशानुसार आने वाली सर्व संगत शांतिपूर्वक आकर अमर वाणी को श्रवण कर भंडारा प्रसादी लेकर वापस अपने घर जाती रही। 8 सितंबर को इस महासमागम का अंतिम दिन है। अनुयायियों ने सभी धर्म प्रेमी जनता से आग्रह किया कि वे भी इस पावन अवसर पर आकर पापनाशक भंडारा ग्रहण कर अपने पुण्य कर्म बनाएं।
टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा के द्वारा अग्रसेन पथ स्थित अग्रसेन भवन में श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह यज्ञ का रविवार को शुभारंभ हुआ। इस मौके पर लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रांगण से निकली कलश यात्रा अग्रसेन भवन में आकर संपन्न हुई। शोभा यात्रा में महिलाऐं पारंपरिक वेशभूषा में सिर में कलश धारण कर शामिल हुई और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।कलश यात्रा लक्ष्मी नारायण मंदिर से कथा स्थल पहुंची जहां पर व्यास पीठ पर श्रीमद् भागवत को विराजमान करके यजमानों के द्वारा पूजन किया गया। आज कथा के प्रथम दिवस में प्रारम्भ नासिक से पधारी सुप्रसिद्ध कथा वाचक गुरु मां चैतन्य मीरा के द्वारा श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने का और श्रीमद् भागवत कथा को जीवन में उतारने के महत्व को विस्तार से बताया।गुरु मां ने कहा कि इस कथा को यदि हम पूर्ण नियम के साथ श्रवण करते हैं तो श्रीमद् भागवत कथा हमारे जीवन में सदमार्ग और आपसी प्रेम सामंजस्य को बनाए रखने को सिखाती है। कथा के माध्यम से यह भी जाना कि वास्तव में प्रभु श्री राम और प्रभु श्री कृष्ण श्रीमद् भागवत ही है जो इस संपूर्ण सृष्टि के पालनहार है। कथा में सभी भक्तों ने कथा श्रवनामृत के साथ-साथ भजनों पर भी आनंद प्राप्त किया।इस अवसर पर निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरा बथवाल ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान में फिजूल खर्ची और आडंबर का बहिष्कार करें और सातों दिन सेवा का कार्य करे जायेंगे। इसके अंतर्गत प्रथम दिन भक्तों के द्वारा अन्न सेवा का कार्य किया गया जो की जरूरतमंद संस्थाओं के बीच मे दी जायेगी। व्यास पीठ से गुरु मां ने सभी भक्तों को नेत्रदान के बारे में जागरूक किया और कई भक्तों के द्वारा नेत्रदान का संकल्प कर संकल्प पत्र भरे गये। कथा के मुख्य यजमान सुनीता सुनील सरावगी है तथा इस श्रीमद् भागवत कथा के अन्य यजमान प्रीती सतीश पोद्दार, संगीता विष्णु दत्त गोयल,शोभा बैजनाथ हेतमसरिया, ममता प्रकाश बूबना,मंजू रमेश गोयनका, किरण विजय अग्रवाल,ममता अग्रवाल, उर्मिला पाड़िया, गीता डालमिया, उषा गाड़ोदिया, सरोज बाजोरिया,अनु सरावगी, किरण मोदी है। कथा के अंत मे द्वारा सामूहिक आरती की गई एवं प्रसाद का वितरण किया गया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रूपा अग्रवाल, अनसूया नेवटिया, अलका सरावगी, मधु सर्राफ, उर्मिला पाड़िया, नैना मोर, प्रीती बंका, मंजू केडिया, बीना मोदी, रीना सुरेखा, बीना बूबना, प्रीती पोद्दार, शोभा हेतमसरिया, मीरा टिंबडेवाल, करुणा अग्रवाल, सीमा टॉटिया, प्रीती अग्रवाल, मीना अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, छाया अग्रवाल, सीमा पोद्दार, सुनैना लॉयलका, प्रीति फोगला, रीता केडिया, शशि डागा, सरिता मोदी ,प्रीति केडिया,बबीता नारसरिया, जय बिजावत, सुषमा पोद्दार, मंजू गाड़ोदिया सहित अन्य सदस्यगण शामिल थी। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा (88253 83669) ने दी।
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