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चारों धाम और उनके महत्व
Published / 2025-12-24 14:10:59
चारों धाम और उनके महत्व

राजकुमारी पाण्डेयएबीएन सोशल डेस्क। हिंदू धर्म में चार धाम माने गये हैं : रामेश्वरम, जगन्नाथ पुरी, बद्रीनाथ और द्वारका धाम। कहा जाता है कि भगवान रामेश्वरम में स्नान करते हैं, पुरी में भोजन करते हैं, बद्रीनाथ में तपस्या करते हैं और द्वारका में शयन करते हैं। आप इन चारों स्थानों पर जाइए, यह सिर्फ़ कथा नहीं लगती वह अनुभूति बन जाती है। रामेश्वरम में दर्शन से पहले 22 कुओं में स्नान की परंपरा है। बद्रीनाथ में हिमालय के बीच बैठते ही मन अपने आप ध्यान में चला जाता है। द्वारका में दोपहर को भगवान की अपराह्न निद्रा होती है और उसी समय पूरे शहर की दुकानें तक बंद हो जाती हैं, जैसे भगवान के साथ पूरा नगर भी विश्राम करता हो।जगन्नाथ पुरी भगवान का भोजन स्थल है। यहाँ भगवान खाते हैं यह बात प्रतीकात्मक नहीं, परंपरागत और व्यवस्थित है। जगन्नाथ मंदिर की अपनी एक विशाल और समर्पित रसोई है, जिसे आप टिकट लेकर मंदिर परिसर के भीतर जाकर देख सकते हैं। सुबह से ही महाप्रसाद की तैयारी शुरू हो जाती है। भोजन मिट्टी की हांडियों में पकता है। हांडियाँ एक के ऊपर एक रखी जाती हैं नीचे आग जलती है। और चमत्कार यह कि सबसे ऊपर रखी हांडी का भोजन सबसे पहले पक जाता है, जबकि नीचे वाली बाद में। विज्ञान आज भी इसे पूरी तरह समझा नहीं पाया है।इन हांडियों में 56 भोग महाप्रसाद बनता है। त्यौहार के समय सौ प्लस तरह का प्रसाद चढ़ता है। चावल इसका मुख्य आधार है। यहाँ तक कि एकादशी के दिन, जब सामान्यतः हिंदू घरों में चावल नहीं खाया जाता, जगन्नाथ मंदिर में चावल ही पकता है और वही प्रसाद के रूप में वितरित होता है।सुबह से दोपहर तक अलग-अलग हांडियों में चावल, दाल, सब्ज़ियाँ और अन्य व्यंजन बनते रहते हैं। फिर यह सब पहले भगवान को अर्पित किया जाता है उसके बाद पूरे दिन भक्त महाप्रसाद ग्रहण करते हैं। दिन में पांच बार भगवान् को भोग लगाया जाता है इसके पश्चात् यह महाप्रसाद बन जाता है।मंदिर और रसोई क्षेत्र में हर समय एक विशेष गहमागहमी रहती है। पुजारीगण, ऊपर से निर्वस्त्र, धोती और जनेऊ धारण किए, कंधों पर हांडियाँ उठाये भगवान के लिए भोजन ले जाते दिखते हैं। उन्हें स्पर्श करना वर्जित होता है क्योंकि वह भोजन सीधे भगवान को अर्पित होने जा रहा होता है।और यह केवल जगन्नाथ जी तक सीमित नहीं है। मंदिर परिसर के भीतर सैकड़ों छोटे-बड़े मंदिर हैं सभी को वही महाप्रसाद मिलता है। केवल एक ही मंदिर ऐसा है जहाँ चावल का प्रसाद नहीं चढ़ता उसकी कथा फिर कभी।जगन्नाथ पुरी में प्रसाद केवल भक्तों के लिए नहीं होता। यहाँ भगवान स्वयं भोजन करते हैं, और फिर भक्त उसी भोजन को उनके साथ साझा करते हैं। यही कारण है कि पुरी का महाप्रसाद सिर्फ़ पेट नहीं भरता मन को तृप्त करता है। यहाँ भगवान सिर्फ़ पूजे नहीं जाते, यहाँ भगवान जीते हैं।

भक्ति से तन, मन, वचन, वतन, धन और जीवन सफल हो जाता है : मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज
Published / 2025-12-22 20:46:35
भक्ति से तन, मन, वचन, वतन, धन और जीवन सफल हो जाता है : मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज

एबीएन सोशल डेस्क। महासमाधि धारक परम पूज्य  आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री धर्म सागर जी महाराज मुनि श्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में अहिंसा रक्षा पद यात्रा चल रही है। इसके अंतर्गत 22 दिसम्बर 2025 को श्री दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ जगह-जगह, पाद प्रक्षालन किया गया। ज्ञात हो कि मुनि संघ का पद बिहार श्री सम्मेद शिखर जी के लिए चल रहा है। मुनि संघ के पद बिहार में सिवनी, कटंगी, गुना, रांची, ललितपुर, खिमलासा, जैन समाज के महानुभाव शामिल हुए। मुनि श्री का लगभग 900 किलोमीटर का पद विहार हो चुका है। श्री सम्मेद शिखरजी तक 160 किलोमीटर और पद बिहार होगा।इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि भक्ति से तन, मन, वचन, वतन, धन, जीवन सफल हो जाता है। पूजा भक्ति एक अमृत रस है। भक्ति से शरीर मन, आत्मा, हृदय शुद्ध होते हैं एवं समाज, देश, परिवार शुद्ध होता है। मोक्ष के द्वार का ताला भक्ति रूपी चाबी से खोला जाता है। भक्ति पापी मन को पवित्र करती है। तल्लीनता से भक्ति करने से अतिशय चमत्कार होते हैं। भक्ति से आनंद, उत्साह, सफलता की प्राप्ति होती है। भक्ति से ऊर्जा मिलती है। आप ऐसी भावना करें- हे प्रभु मेरे पैरों में इतनी शक्ति देना की दौड़-दौड़ कर आपके दरवाजे आ सकूं। तीर्थ क्षेत्र की वंदना कर सकूं। मुझे ऐसी सद्बुद्धि देना कि सुबह शाम घुटने के बल बैठकर आपको नमस्कार सकूं। जब तक प्राण रहे जीभ पर आपका नाम रहे। प्रेम से भरी हुई आंखें देना, श्रद्धा से झुका हुआ सिर देना, सहयोग करते हुए हाथ देना, सत्पथ पर चलते हुए पांव देना और स्मरण करता हुआ मन देना अपनी कृपा दृष्टि और सद्बुद्धि देना भक्ति मुक्ति महल की चाबी है। गुणीजनों में दान, पूजा, विनय का भाव होना भक्ति है। भक्ति सर्वश्रेष्ठ रस है, भक्ति जीने की कला सिखाती है, भक्ति श्रद्धा की कसौटी है, पूजा भक्ति एक सरिता है, विनय भक्ति का श्रेष्ठ तरीका है।प्रभु के गुण अनुराग को भक्ति पूजा, अर्चना, वंदना या प्रार्थना कहते हैं, जिससे विशेष शक्तियों की प्राप्ति होती है, और आध्यात्मिक सिद्धियां प्रकट होती है, मन का विकार धुल जाता है, इससे शरीर समाज, देश, परिवार विश्व शुद्ध होता है। धर्म सभा में मंत्री जीतेन्द्र छाबड़ा उपाध्यक्ष संजय छाबड़ा कोषाध्यक्ष प्रमोद झाँझरी पदम गोधा अशोक सोगानी हेमन्त सेठी धर्मेन्द्र छाबड़ा के अलावा पूरा जैन समाज उपस्थित था। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने दी।

हम बदलेंगे-युग बदलेगा व साधनात्मक क्रांति अभियान पर गोष्ठी में चर्चा
Published / 2025-12-22 20:43:29
हम बदलेंगे-युग बदलेगा व साधनात्मक क्रांति अभियान पर गोष्ठी में चर्चा

संघबद्ध साधनात्मक उपचार की मानवीय हृदय-अंतराल में अभीष्ट प्रभाव की जरूरत है एबीएन सोशल डेस्क। गायत्री प्रज्ञापीठ बस स्टैंड धुर्वा में मुख्य ट्रस्टी भाई मनोजकुमार राय के सान्निध्य में एक विशिष्ट गोष्ठी हुई। उन्होंने नव निर्मित ट्रस्ट संरचना तथा शांतिकुंज से उसकी प्राप्त स्वीकृति के बारे में और क्रियान्वयन व जिम्मेदारी निर्वाह पर प्रकाश डाला। गोष्ठी में नगरी प्रखंड समन्वय समिति गठन व उसकी भी प्राप्त स्वीकृति पत्र व उसपर सौंपी उत्तरदायित्व पर चर्चा  जिला समन्वयक ने की।  जिला समन्वयक ने गुरुवर श्रीपूज्यवर द्वय प्रज्ञावतारी महाचेतना के युग निर्माण योजना व विचार क्रांति अभियान के अंतर्गत नव निर्मित, निर्धारित निर्देश व नियमानुसार संशोधित पत्र के 11 बिन्दु पर विस्तार से तदनुसार क्रियान्वित करने उसकी महत्ता, उपयोगिता समझने और आवश्यकतानुसार रिपोर्ट विवरण तैयार करना और सामयिक अवसर पर प्रस्तुत करने को दिशा-निर्देश पर प्रकाश डाला।  जिला समन्वयक द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित साधकों द्वारा प्रथम गायत्री महामंत्र की 24 बार श्रीगुरुवाणी साथ सामूहिक सस्वर पाठ, संजू सरस्वती बहिन द्वारा युग निर्माण सत्संकल्प पाठ, नवयुग का आध्यात्मिक संविधान तथा  मुख्य ट्रस्टी मनोज कुमार राय ने गुरुवर श्रीपूज्यवर के अपने अंग अवयव से अपेक्षा व अनुरोध को पढ़कर समझाया। बताया गया कि हर इकाई प्रमुख को अपनी क्षेत्रीय स्तर पर वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए भी दिशा-निर्देश पर चर्चा हुई। साधनात्मक अनुष्ठान विधान पर  प्रसाद ने बताया कि वर्तमान समय महाध्वंश व नवसृजन की हिलोरें ले रहा है। सामूहिक साधना के वैज्ञानिक प्रभाव पर चर्चा करते हुए बताया कि आज  संघबद्ध साधनात्मक उपचार-विधान की मानवीय हृदय-अंतराल में अभीष्ट प्रभाव की जरूरत है। शांतिकुञ्ज मुख्यालय को सप्त सूत्रीय कार्यक्रम अभियान अंतर्गत गृहे गृहे यज्ञीय कार्यक्रम, आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी, महिला एवं जन जागरण, जन संपर्क, पुंसवन संस्कार, युवा मंडल सम्मेलन, नशा उन्मूलन, महिला की रिपोर्ट आज उपजोन, मुख्य जोन को प्रस्तुत कर दी गयी। साथ ही भाई दीपक दयाल प्रसाद के सानिध्य में नामकुम क्षेत्र में जरार गांव में जन सम्पर्क कर युग साहित्य, गायत्री चालीसा, अखंड ज्योति युग निर्माण योजना व  स्टीकर वितरण किये गये। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने दी।

राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 24 दिसंबर को
Published / 2025-12-22 18:16:34
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 24 दिसंबर को

यह दिवस उपभोक्ताओं को सजग, जागरूक और संगठित बनने का देता है संदेश : संजय सर्राफ टीम एबीएन, रांची। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस प्रत्येक वर्ष 24 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिवस उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के लागू होने की स्मृति में मनाया जाता है, जिसे 24 दिसंबर 1986 को संसद ने पारित किया था।इस अधिनियम ने उपभोक्ताओं के अधिकारों को कानूनी मान्यता दी और शोषण, धोखाधड़ी तथा अनुचित व्यापार व्यवहारों के विरुद्ध प्रभावी संरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया। इसी ऐतिहासिक महत्व के कारण यह दिवस उपभोक्ता जागरूकता और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया है। राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है, आधुनिक बाजार व्यवस्था में उपभोक्ता अनेक प्रकार के विज्ञापनों, आनलाइन खरीद-बिक्री और जटिल सेवाओं से जुड़ा होता है।ऐसे में सही जानकारी के अभाव में ठगे जाने की आशंका बढ़ जाती है। यह दिवस उपभोक्ताओं को सजग, जागरूक और संगठित बनने का संदेश देता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ताओं को छह प्रमुख अधिकार प्रदान किये गये हैं। सुरक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, चयन का अधिकार, सुने जाने का अधिकार, प्रतितोष पाने का अधिकार तथा उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार, इन अधिकारों के माध्यम से उपभोक्ता न केवल दोषपूर्ण वस्तुओं और सेवाओं के विरुद्ध शिकायत दर्ज कर सकता है, बल्कि उचित मुआवजा भी प्राप्त कर सकता है। इसके लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता आयोगों की स्थापना की गयी है, जिससे न्याय सुलभ और सरल हुआ है। इस दिवस की महत्ता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह ईमानदार व्यापार और उत्तरदायी बाजार व्यवस्था को प्रोत्साहित करता है। जब उपभोक्ता जागरूक होता है, तो विक्रेता और सेवा प्रदाता भी गुणवत्ता, पारदर्शिता और नैतिकता का पालन करने के लिए बाध्य होते हैं। इससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है और अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। आज के डिजिटल युग में, जहां ई-कॉमर्स और आनलाइन भुगतान तेजी से बढ़े हैं, राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस की प्रासंगिकता और अधिक हो गयी है। यह दिवस उपभोक्ताओं को सुरक्षित लेन-देन, सही जानकारी की जांच और अपने अधिकारों के प्रयोग के लिए प्रेरित करता है। अंतत: राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकता का उत्सव है। एक सजग उपभोक्ता ही सशक्त समाज और सुदृढ़ राष्ट्र की नींव रखता है।

17 मिनट में गुरुवाणी के तहत रमेणी विवाह हुआ संपन्न
Published / 2025-12-22 09:20:06
17 मिनट में गुरुवाणी के तहत रमेणी विवाह हुआ संपन्न

17 मिनट में गुरुवाणी के तहत रमेणी विवाह हुआ संपन्नएबीएन सोशल डेस्क (नरसिंहपुर)। मुनिद्र ट्रस्ट के द्वारा कबीरपंथी संत संत रामपाल जी महाराज की कृपा से करेली तहसील के अंतर्गत संस्कार मैरिज गार्डन में सत्संग के बाद दहेज रहित विवाह संपन्न कराया गया।जिसमें सपना दासी पिता वीरेंद्र दास गढ़ाकोटा सागर एवं भानु दास सेन पिता सीताराम सेन निवासी बरमान तहसील करेली जिला नरसिंहपुर के शादी हो गई है जिसमें कोई भी फिजूलखर्च  न घोड़ा, न बारात, न बैड बाजे और ना ही कोई लेनदेन।कार्यक्रम में हरिराम साहू, घासी राम मेहरा, इमरतपाल, लखन कौरव सुरेंद्र कौरव, राकेश दास, देवी सिंह लोधी, देवेन्द्र राजपूतसहित बड़ी संख्या में भगत सगत मौजूद थे।

लापुंग : दोलैंचा में नि:शुल्क चिकित्सा और दवा वितरण शिविर संपन्न
Published / 2025-12-21 22:02:27
लापुंग : दोलैंचा में नि:शुल्क चिकित्सा और दवा वितरण शिविर संपन्न

टीम एबीएन, रांची। रविवार को श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची द्वारा ग्राम - दोलैंचा, प्रखंड - लापुंग, जिला - रांची में एक नि:शुल्क चिकित्सा एवं दवा वितरण शिविर का आयोजन किया गया जिसमे 284 रोगियों को नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श के साथ दवा वितरण किया गया। शिविर का शुभारंभ परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी एवं परमपूज्य बाबा गुरुपद संभव राम जी के तस्वीरों की विधिवत आरती-पूजन के साथ किया गया। साथ ही स्थानीय ग्राम देवी में भी पूजन कर दीप दान किया गया।  उसके उपरांत शिविर में रोगियों को एलोपैथिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सीय सुविधा प्रदान की गई। साथ ही नि:शुल्क दवाई भी प्रदान किया गया। शिविर में डॉ. एस. एन. सिन्हा,  डॉ. रोहित सिंह, डॉ. उत्पल, डॉ. शाम्भवी एवं डॉ. कृष्णा मुरारी सिंह ने चिकित्सीय सेवा प्रदान किया। चिकित्सा शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर एवं हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा भी प्रदान की गई जिसमें सी. एच. ओ. लापुंग से संगीता खलखो, यशोदा कुमारी, टिकेश्वरी कुमारी, प्रदुमन सिंह एवं श्रवण सिंह ने सेवा प्रदान किया। शिविर में जरूरतमंद लोगों के बीच कम्बल एवं वस्त्र वितरण भी किया गया। शिविर के सफल आयोजन में सुनील कुमार साहु, रविन्द्र साहु, वृन्दा साहु एवं सुखी साहु ने विशेष सहयोग प्रदान किया। चिकित्सा शिविर में दोलैंचा पंचायत की मुखिया मालती रानी केरकेट्टा भी उपस्थित हुईं। श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची के ओर से राधेश्याम सिंह, विभूति शंकर सहाय, हेमन्त नाथ शाहदेव, अभय सहाय, आशुतोष कुमार, प्रताप आदित्य नाथ शाहदेव, पवन कुमार, सुनील सिंह, समरेन्द्र सिंह, रमेश पाण्डेय, बद्रीनाथ शाहदेव, दक्ष कुमार, अमन कुमार के साथ लगभग 30 सदस्यगण सम्मलित हुए।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के लिए भय और शोषणमुक्त वातावरण बनायें बांग्लादेशी सरकार : विहिप
Published / 2025-12-21 21:59:29
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के लिए भय और शोषणमुक्त वातावरण बनायें बांग्लादेशी सरकार : विहिप

एबीएन सोशल डेस्क। बंगलादेश में बर्बर जिहादी हिंसा और प्रशासनिक निष्क्रियता की निन्दा करते हुए विहिप झारखण्ड- बिहार के क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने कहा बांग्लादेश में सता परिवर्तन के बाद इस्लामी जिहादी गतिविधियां निरंतर बढ़ती जा रहीं हैं।जिहादियों के निशाने पर हिंदूओं के मंदिर, व्यावसायिक केंद्र, महिलाएं, संपत्ति, शासकीय कर्मचारी, पत्रकार रहते हैं। हिंदू प्रताड़ना की वीभत्स घटनाएं प्रत्येक सप्ताह होती रह रही है। गत सप्ताह मेमनसिंह जिले के भालुका में ऐसी घटना हुई है, जिसने पूरी मानवता को लज्जित किया है। एक सामान्य हिंदू श्रमिक दीपू दास पर ईशनिंदा का झूंठा आरोप लगाया गया। एक अनौपचारिक बातचीत में दीपू दास ने ईश्वर के एक होने और उसके विभिन्न नाम होने की बात कही, जिसमें कुरान, इस्लाम या अल्लाह का कोई संदर्भ नहीं था। इसे मनमाने ढंग से ईशनिंदा का रूप देकर उसे प्रताड़ित किया गया। जिहादी तत्व यहीं नहीं रुके और एक बड़ी भीड़ ने पीट - पीट कर उसकी नृशंस हत्या कर दी। आतंक फैलाने के लक्ष्य से दीपू की मृत शरीर को पेड़ से लटकाकर जलाया और इन सब हिंसक बर्बर घटनाओं के विडियो सोशल मीडिया में तत्काल प्रसारित किए गए। यह सारा घटनाक्रम पुलिस प्रशासन की आंखों के सामने हुआ, इसे रोकने की कोई चेष्टा भी नहीं की। बांग्लादेश का पूरा प्रशासन और समाज हिंसक और बर्बर इस्लामी जिहादी तत्वों के हिंदू विरोधी नंगे नाच पर मौन साधे हुए है और निष्क्रियता से उन्हें प्रोत्साहित ही कर रहे हैं। अल्पसंख्यक हिन्दुओं के मानवीय अधिकारों का ऐसा खुला हनन किसी भी सभ्य समाज में मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध है।   क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने बांग्लादेशी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा हिंदू विरोधी हिंसा पर रोक लगावें तथा इनके अपराधियों पर कड़ी कार्यवाही करें तथा अल्पसंख्यक हिन्दुओं के लिए भय और शोषणमुक्त का वातावरण बनावें अन्यथा इसके बुरे परिणाम भुगतने पड़ेंगे। डॉ साहु ने कहा जिहादी घटनाओं के विरोध में विहिप- बजरंग दल सभी प्रांत और जिला केंद्रो में प्रदर्शन करेगा। उक्त जानाकारी विहिप के झारखंड-बिहार क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने दी।

रांची : मारवाड़ी सम्मेलन और हनुमान मंडल ने बांटे 150 कंबल
Published / 2025-12-21 18:04:04
रांची : मारवाड़ी सम्मेलन और हनुमान मंडल ने बांटे 150 कंबल

रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन एवं श्री हनुमान मंडल ने ग्रामीणों के बीच 150 कंबल का किया वितरण टीम एबीएन, रांची। रांची पुंदाग स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में जनसेवा कार्यक्रम के तहत रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन एवं श्री हनुमान मंडल रांची द्वारा 150 कंबल बांटा गया। साथ में 150 मोजा भी बांटा गया। कंबल वितरण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शीत लहर के प्रकोप से जूझ रहे निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना था।कंबल वितरण का यह प्रथम चरण के कार्यक्रम में मुख्य रूप से आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों के बीच संपन्न हुआ। सुबह से ही लाभार्थियों की भीड़ मंदिर परिसर में जुटने लगी। मारवाड़ी सम्मेलन के सदस्यों ने विधिवत सूची अनुसार बुजुर्गों, महिलाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को कंबल प्रदान किये। कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर संतोष और राहत के भाव स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। इस अवसर पर जिला मारवाड़ी सम्मेलन के महामंत्री निर्मल बुधिया ने कहा कि ठंड के मौसम में जरूरतमंदों को सहयोग प्रदान करना हमारा कर्तव्य है और ऐसे पुनीत कार्य आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुंचाने में सभी का सहयोग जरूरी है। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के कोषाध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह प्रयास न केवल ठंड से राहत देने का कार्य है बल्कि समाज में सेवा, करुणा और सहयोग की भावना को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय कदम भी है। कंबल वितरण की पूरी प्रक्रिया जिला मारवाड़ी सम्मेलन एवं श्री हनुमान मंडल के सदस्यों द्वारा व्यवस्थित और अनुशासित ढंग से पूरी की गयी, ताकि जरूरतमंदों तक सहायता पहुंच सके। मौके पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ, प्रांतीय कोषाध्यक्ष मनोज चौधरी, जिला महामंत्री निर्मल बुधिया, अरुण बाजोरिया, नवल टिंबडेवाल, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, रमण बोडा, कमल शर्मा, शिव भगवान अग्रवाल, महेश अग्रवाल, बृजमोहन हितमसरिया, विष्णु सोनी, हनुमान बेरिया, सुनील पोद्दार, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। उक्त जानकारी रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के महामंत्री निर्मल बुधिया ने दी।

रांची : भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शानदार समापन
Published / 2025-12-21 13:47:39
रांची : भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शानदार समापन

भागवत ज्ञान कथा यज्ञ : समापन विवरणएबीएन सोशल डेस्क। भागवत ज्ञान कथा यज्ञ का आयोजन पूर्णतः भक्ति भाव एवं अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह दिव्य आयोजन छह दिनों तक भक्तिमय वातावरण में आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविख्यात संत पूज्य श्री राधा कृष्ण जी महाराज के श्रीमुख से भागवत कथा का अमृतमय रसपान करने का सौभाग्य सभी श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।कथा के प्रमुख प्रसंगों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, भक्त प्रह्लाद एवं नरसिंह अवतार सहित अनेक प्रेरणादायी कथाएँ भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत की गईं। पूज्य महाराज श्री ने कथा के माध्यम से गृहस्थ जीवन, नारी सशक्तिकरण, दैनिक जीवन की समस्याएँ तथा वर्तमान समाज में आवश्यक सुधार जैसे विषयों पर अत्यंत सारगर्भित संदेश प्रदान किए, जिनका प्रभाव निश्चित रूप से आने वाले समय में भक्तों के जीवन में परिलक्षित होगा।इस पावन प्रवास के दौरान भजन सम्राट अनूप जलोटा जी द्वारा प्रस्तुत भजनों ने संपूर्ण वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। साथ ही डांडिया महोत्सव का भी आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उल्लासपूर्वक सहभागिता की। दिन-प्रतिदिन भक्ति भाव और अधिक प्रगाढ़ होता गया।एक दिन गौशाला धाम में सामूहिक रूप से गौ सेवा का भी पुण्य लाभ प्राप्त किया गया। विशेष व्यवस्था के अंतर्गत सातों दिनों में विभिन्न मार्गों से प्रभात फेरी एवं हरि कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे संपूर्ण क्षेत्र ने आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।इस भव्य आयोजन की तैयारियाँ विगत कई महीनों से निरंतर चल रही थीं। आयोजन को सफल बनाने में समाज के अनेक सेवाभावी बंधुओं का अमूल्य सहयोग प्राप्त हुआ। विशेष रूप से मुकेश काबरा, संजय फलोद, सौरभ साबू, पंकज साबू, अंकुर डागा, दिनेश काबरा, सुरेश शारदा, किशन साबू, वासुदेव भाला, महावीर मंत्री, विनय मंत्री, रामगोपाल सहित अनेक श्रद्धालुओं का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।आज दिसंबर माह में कथा का पावन समापन सुदामा चरित्र की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ हुआ। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु, न केवल रांची से बल्कि बाहर से भी पधारकर कथा रस का पान करने पहुंचे। मंच संचालन मुकेश काबरा द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। साथ ही तुलसी विवाह का आयोजन विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ तथा यज्ञ की आहुतियाँ अर्पित की गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की एवं प्रसाद ग्रहण किया।संपूर्ण आयोजन अपने आप में अद्भुत, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी रहा, जिसका आध्यात्मिक लाभ समस्त भक्तों ने हर्षोल्लास एवं गहन श्रद्धा के साथ प्राप्त किया।

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