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स्वाधीन देश में स्व का अभिमान करने वालों की कमी : अम्बरीष जी
Published / 2025-12-28 19:59:38
स्वाधीन देश में स्व का अभिमान करने वालों की कमी : अम्बरीष जी

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद / रांची। धनबाद के कतरास बाजार स्थित राजस्थानी धर्मशाला में विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत कार्यसमिति की तीन दिवसीय बैठक का समापन विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री अम्बरीष जी के उद्बोधन के साथ समाप्त हुआ।समापन समारोह में उपस्थित विश्व हिंदू परिषद के प्रांत, विभाग एवं जिला के पदाधिकारी को संबोधित करते हुए श्री अंबरीश सिंह ने कहा कि स्वाधीन देश में स्व का अभिमान करने वालों की कमी के कारण हमारी संस्कृति को नष्ट करने का कुचक्र चलता रहा। सनातन मानबिंदु, आचार पद्धति, संस्कृति को सुरक्षित रखने के विचार से ही विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की गई थी। मंदिर सनातन परंपरा के श्रद्धा एवं भक्ति- शक्ति का केंद्र होता था जिसे आक्रांताओं ने निरंतर  क्षति पहुंचाने  पहुंचाने की चेष्टा की।  परिवारों में परंपरागत संस्कार का अभाव देखने को मिल रहा है परिवार में   संस्कारों का जिस तरह क्षरण हो रहा है  उसके रक्षण की आवश्यकता है । गोरक्षा, सेवा, धर्म प्रसार, सामाजिक समरसता, जैसे आयामों पर विशेष कार्य करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने बताया 12 से 18 जनवरी तक मकर संक्रांति उत्सव  समरसता दिवस के रूप में, माघ पूर्णिमा के दिन श्री रविदास जयंती, वर्ष प्रतिपदा से हनुमान जन्मोत्सव तक सभी समितियों के माध्यम से श्री रामोत्सव, एवं 14 जनवरी को बाबा साहब अंबेडकर जयंती प्रत्येक प्रखंड केन्द्रों में मनाया जाएगा। इसके साथ ही समिति का दृढिकरण एवं आयामों के कार्यों  का विस्तार करने का निर्णय लिया गया।प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने विभिन्न जिलों से आए समस्त प्रतिनिधियों एवं  वहां के स्थानीय कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने हजारीबाग के  डेमोटांड़ में परिषद द्वारा चल रहे आवासीय विद्यालय एवं अन्य सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए झारखंड के सभी जिलों में सेवा कार्य सुचारू रूप से चलाने का आग्रह किया। इस अवसर पर क्षेत्र मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू जी द्वारा प्रांत के नवीन दायित्व एवं प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र द्वारा जिलों के नवीन दायित्वों की घोषणा की गयी।कीर्ति गौरव दुर्गा वाहिनी प्रांत संयोजिका, गंगा कच्छप प्रांत सहसंयोजिका, शशि शर्मा एवं अनिमा पांडे को प्रांत मातृशक्ति  सहसंयोजिका, सविता सिंह संस्कार केंद्र प्रांत प्रमुख मातृशक्ति एवं कीर्ति सुमन मोदी को प्रांत साप्ताहिक मिलन केंद्र एवं संस्कार केंद्र प्रमुख दुर्गावाहिनी का दायित्व दिया गया। बैठक का समापन बजरंग दल प्रांत  संयोजक श्री  रंगनाथ महतो ने पूर्णता मंत्र एवं जयघोष के साथ कराया।बैठक में क्षेत्र संगठन मंत्री माननीय आनंद पांडे, क्षेत्र गोरक्षा टोली के पालक त्रिलोकी नाथ बागी, प्रांत उपाध्यक्ष श्री गंगा प्रसाद यादव, प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन कुमार, देवी सिंह प्रांत सह मंत्री श्री राम नरेश सिंह, श्री मनोज पोद्दार, मार्गदर्शक मंडल के प्रांत संयोजक स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख श्री जुगल किशोर प्रसाद, प्रांत सत्संग प्रमुख श्री रंजन कुमार सिन्हा, विशेष संपर्क प्रांत प्रमुख अरविंद सिंह, गोरक्षा प्रांत प्रमुख कमलेश सिंह, प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख प्रकाश रंजन, सामाजिक समरसता प्रांत सह प्रमुख मनोज चंद्रवंशी, सेवा सहप्रमुख विनय कुमार, अमरेन्द्र विष्णुपुरी, धनबाद विभाग मंत्री राजेश दुबे, महानगर अध्यक्ष अशोक चौरसिया ,महानगर मंत्री आनंद कुमार, बजरंग दल सहसंयोजक तापस कुमार  डे सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड के प्रचार प्रसार प्रमुख प्रकाश रंजन ने दी।

गायत्री शक्तिपीठ में परिजनों ने अपना जन्मदिवस संस्कार यज्ञीय विधान से मनाया
Published / 2025-12-28 17:18:13
गायत्री शक्तिपीठ में परिजनों ने अपना जन्मदिवस संस्कार यज्ञीय विधान से मनाया

गायत्री शक्तिपीठ में परिजनों ने अपना जन्मदिवस संस्कार यज्ञीय विधान से मनायाएबीएन सोशल डेस्क। जन्मदिन संस्कार यज्ञ के साथ ही मनाया जाना चाहिए।अंतःकरण को प्रभावित करने की यज्ञ की अपनी क्षमता विशेष है। इसे जन-जन का आन्दोलन बनाना चाहिए। यज्ञीय पुरोहित भाई प्रमोद कुमार ने बताया। इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा में आज रविवार को चन्द्र प्रकाश सक्सेना, श्रीमती शीला देवी, प्रदीप दिव्यायन एवं कुलदीप कुमार का जन्मदिवस यज्ञीय संस्कार विधान से मनाया गया।इस पावन अवसर पर सर्वदेव आवाह्न, पूजन-अर्चन के साथ पंचतत्वों का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। पुरोहित ने बताया कि सृष्टि रचना के इन तत्व घटकों में निहित सूक्ष्म संस्कार के भाव-प्रभाव  साधक के मनःक्षेत्र को प्राप्त होते हैं।इनमें प्रत्येक तत्व के गुण व पूजन-क्रम में प्रेरणाप्रद भावार्थ बताए गए। बताया कि इस क्रम में अपनी महत्वकांक्षा को सीमित रखने,लिए व्रतों को स्मरण करने, देव शक्तियों से उनकी वृति व शक्ति से मार्गदर्शन की प्रार्थना करनी चाहिए। व्रत धारण उपरान्त यज्ञ-आहुति विधान से जन्मदिन संस्कार किया गया।उपस्थित बालक व परिजनों ने और अन्य साधक- शिष्य को एक बुराई छोड़ने व एक अच्छाई ग्रहण करने का संकल्प किया।संकल्प की रक्षा,सफलता के लिए यज्ञ कुण्ड पर साधकों ने देव शक्तियों को नमन-वंदन कर अग्निहोत्र में महामंत्रों की मंगलमय आहुतियां दी।पूर्णाहुति, आरती, क्षमा प्रार्थना उपरान्त सोल्लास विधान संपन्न कर जन्मदिन परिजनों को मंगलमय पूजित कलश जल से अभिसिंचन व आशीर्वचन मंत्र पाठ सहित पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद , बधाई व मंगल वस्तिवाचन कर अनुष्ठान विधान संपन्न किए गए। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ-साधक सह मीडिया प्रचारक जय नारायण प्रसाद ने दी।

बनास जन के पंकज मित्र विशेषांक का लोकार्पण
Published / 2025-12-28 15:09:31
बनास जन के पंकज मित्र विशेषांक का लोकार्पण

समाज को अधिक मानवीय बनाना ही लेखन का उद्देश्य : पंकज मित्रबनास जन के पंकज मित्र विशेषांक का लोकार्पणएबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली/रांची)। तकनीकी विकास और बाज़ार की व्यवस्था ने कुछ हद तक मुक्ति भी दी है और एक अलग तरीके से अन्यायपूर्ण व्यवस्था भी बनाई है। मनुष्य की गरिमा, नया अभी भी कोसों दूर है और लेखक का स्वप्न है कि ऐसा समाज बन सके जो न्याय आधारित हो। मेरा कहानी लेखन इसी दिशा में एक विनम्र प्रयास है कि हमारा समाज अधिक मानवीय बन सके।सुप्रसिद्ध कथाकार पंकज मित्र ने अपने पर केंद्रित विख्यात लघु पत्रिका बनास जन के लोकार्पण के अवसर पर अपने पाठकों का सबसे अधिक ऋण स्वीकार किया जिनके कारण वे लगातार सक्रिय रह सके। हरकिशन सिंह सुरजीत भवन में एक सादे समारोह में वरिष्ठ उपन्यासकार रणेन्द्र, लेखक-अनुवादक दिगम्बर, चर्चित कथाकार कविता और अरुण कुमार असफल ने बनास जन के उक्त विशेषांक का लोकार्पण किया। आलोचक-कथाकार राजीव कुमार के सम्पादन में आए इस विशेषांक में लगभग एक दर्जन आलोचकों ने विस्तार से पंकज मित्र की कहानियों का विश्लेषण-मूल्यांकन किया है। मित्र के संगी- साथियों संजय कुमार कुंदन और राजेश करमहे के संस्मरणों के साथ उनका लम्बा साक्षात्कार भी अंक में है। मूलत: झारखंड निवासी पंकज मित्र 1996 से कहानियाँ लिख रहे हैं और पेशे से भारतीय प्रसारण सेवा में अधिकारी रहे हैं।  आयोजन में साहित्यकार रणेन्द्र ने कहा कि हिंदी के लघु पत्रिका आंदोलन का विशिष्ट स्वर बन चुकी बनास जन का पंकज मित्र पर विशेषांक का प्रकाशन इस बात का प्रमाण है कि हिंदी साहित्य समाज ने गंभीर और जनपक्षधर लेखकों का महत्व स्वीकार किया है। कथाकार कविता ने पंकज मित्र को बधाई दी और कहा कि अपनी पीढ़ी के श्रेष्ठ कहानी सर्जक के रूप में वे जाने जाते रहेंगे। बनास जन के सम्पादक पल्लव ने बनास जन की सत्रह वर्षीय यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि पंकज मित्र पर आया अंक तरासीवाँ अंक है। चित्तौड़गढ़ से प्रारम्भ हुई इस पत्रिका ने अब तक हिंदी के अनेक रचनाकारों पर अपने अंकों का प्रकाशन किया है जिनमें मीराँ, नज़ीर अकबराबादी, भीष्म साहनी, नामवर सिंह, फणीश्वरनाथ रेणु, अमरकान्त, मृणाल पांडे, स्वयं प्रकाश, असग़र वजाहत, ओमप्रकाश वाल्मीकि, अखिलेश पर अंक सम्मिलित हैं। पल्लव ने लघु पत्रिकाओं की प्रकाशन यात्रा को भूमंडलीकरण के प्रतिपक्ष में भारतीय संस्कृति और साहित्य का संघर्ष बताया। आयोजन में कवि-कथाकार श्रीधर करुणानिधि, डॉ विदित, शोधार्थी जनार्दन सहित अन्य रचनाकारों ने भी पंकज मित्र को बधाई दी।   बनास जन द्वारा जारी रिपोर्ट  -Banaas Jan393, Kanishka Appartment C & D BlockShalimar BaghDelhi- 110088Whats Up  - 08130072004

पौष पुत्रदा एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और भक्ति का है पर्व : संजय सर्राफ
Published / 2025-12-28 14:13:27
पौष पुत्रदा एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और भक्ति का है पर्व : संजय सर्राफ

पौष पुत्रदा एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और भक्ति का है पर्व : संजय सर्राफएबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद झारखंड सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि हिंदू धर्म में एकादशी व्रतों का विशेष महत्व है। इन्हीं में से एक अत्यंत पुण्यदायी व्रत है पौष पुत्रदा एकादशी जो पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 30 दिसंबर की सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर शुरुआत होगी तथा इसी तिथि का समापन 31 दिसंबर को सुबह 5 बजे होगा, ऐसे में 30 दिसंबर को पौष पुत्रदा एकादशी व्रत किया जाएगा, इस व्रत का पारण 31 दिसंबर को किया जाएगा। कई भक्त साधक इस व्रत को 31 दिसंबर को करेंगे।धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की उपासना विशेष फल प्रदान करती है। पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को यह व्रत रखा जाता है। पुत्रदा का अर्थ है-पुत्र या संतान देने वाली। शास्त्रों के अनुसार यह एकादशी विशेष रूप से संतान प्राप्ति, पारिवारिक सुख-शांति और वंश वृद्धि के लिए मनाई जाती है। जिन दंपत्तियों को संतान सुख नहीं मिलता, वे श्रद्धा एवं विधि-विधान से इस व्रत को रखकर भगवान विष्णु से संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मांगते हैं। इस एकादशी का उल्लेख पद्म पुराण, स्कंद पुराण आदि धर्मग्रंथों में मिलता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से संतान प्राप्ति का योग बनता है, परिवार में सुख-समृद्धि और शांति आती है।पूर्व जन्मों के पापों का नाश होता है,तथा मन, वचन और कर्म की शुद्धि होती है।यह व्रत केवल संतान की कामना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को संयम, भक्ति और धार्मिक अनुशासन का मार्ग भी दिखाता है। भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।पौराणिक कथा के अनुसार भद्रावती नामक नगरी में राजा सुकेतुमान राज्य करते थे। वे धर्मपरायण और न्यायप्रिय थे, परंतु उन्हें संतान न होने का गहरा दुःख था।राजा-रानी ने अनेक उपाय किए, किंतु कोई लाभ नहीं हुआ। एक दिन ऋषियों के मार्गदर्शन से उन्होंने पौष शुक्ल एकादशी का व्रत पूरे विधि- विधान से किया और भगवान विष्णु की आराधना की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया। समय आने पर रानी ने एक तेजस्वी पुत्र को जन्म दिया। तभी से यह एकादशी पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से प्रसिद्ध हुई। पौष पुत्रदा एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और भक्ति का पर्व है। यह व्रत संतान सुख की कामना करने वालों के साथ-साथ हर भक्त को भगवान विष्णु के चरणों में समर्पण और धार्मिक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया यह व्रत जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।

संगठन विस्तार और उसका दृढ़ीकरण करना आवश्यक : अंबरीष सिंह
Published / 2025-12-27 18:47:10
संगठन विस्तार और उसका दृढ़ीकरण करना आवश्यक : अंबरीष सिंह

विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत कार्य समिति बैठक प्रारंभ  टीम एबीएन, धनबाद/ रांची। विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रान्त की त्रि दिवसीय प्रान्त कार्यसमिति बैठक धनबाद जिलांतर्गत कतरास बाजार स्थित राजस्थानी धर्मशाला पंचगढ़ी में प्रारंभ हुआ। बैठक में विभिन्न जिलों से कार्यकर्त्ता 26 दिसंबर से आगमन एवं समापन 28 दिसंबर को होगी। बैठक की विधिवत शुभारंभ से पूर्व सभी केंद्रीय, प्रांतीय, विभाग एवं जिलों के कार्यकर्ताओं का अंगवस्त्र एवं तिलक लगाकर स्वागत किया गया। तत्पश्चात मंचस्थ अधिकारियों के द्वारा भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर तथा बजरंग दल प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो ने तीन बार प्रणवोच्चार, एकात्मकता मंत्र एवं तेरह बार विजय महामंत्र से किया। बैठक की अध्यक्षता विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत जी ने की। बैठक में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, मातृशक्ति, दुर्गावाहिनी एवं विहिप के अन्य सभी आयाम के प्रांत, जिला अधिकारी एवं कार्यकर्ता बैठक में शामिल हुए।बैठक के उद्बोधन भाषण में अंबरीष जी ने कहा कि वर्तमान में दिल्ली की घटना, माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज में 90 प्रतिशत मुस्लिम छात्रों का नामांकन हुआ है। स्थानीय हिंदू छात्रों का नामांकन केवल नाम मात्र है यह चिंतनीय है। बांग्लादेश की घटना चिंता का विषय है। कश्मीर, नागालैंड, मिजोरम जैसे राज्य में हिंदुओं की संख्या बहुत कम होते हुए भी बहुसंख्यक हैं। जबकि बहुत सारे राज्य में हिंदू की आबादी बहुत कम है परंतु उन राज्यों में भी अल्पसंख्यक का लाभ वहां के बहुसंख्यक को मिल रहा है यह भी बहुत चिंता का विषय है। इंडोनेशिया, पाकिस्तान के बाद भारत में मुस्लिम जनसंख्या एक बहुत बड़ी आबादी में रहती है। परंतु देश में अल्संख्यक का लाभ लेना दुखद ही। देश में अल्पसंख्यक अपने मत पंथ की पढ़ाई करवा सकते हैं, विद्यालय खोल सकते हैं। परंतु बहुसंख्यक अपने धर्म की शिक्षा संस्कार की पढ़ाई विद्यालयों में नहीं करवा सकते, विद्यालय नहीं खोल सकते ये दु:खद है। श्री सिंह ने कहा कि हम अपने संगठन को खण्ड तक विस्तार कर चुके हैं। जरूरी है कि संगठन के विस्तार के साथ साथ संगठन का दृढ़ीकरण भी हो। बैठक में प्रांत संगठन मंत्री के नवीन दायित्व में आये चितरंजन जी का परिचय तथा स्वागत किया गया तथा पूर्व प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह जी की कार्यों की प्रशंसा करते हुए अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।बैठक में सभी जिलों के विगत 6 माह में किये गये कार्यों की समीक्षा की जायेगी तथा आगामी होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा तय व वृहद योजना बनायी जायेगी इस निमित्त केंद्रीय, क्षेत्रीय व प्रांतीय अधिकारियों का मार्गदर्शन सभी जिले से आए लोगों को प्राप्त होगी। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री सह केंद्रीय विशेष संपर्क प्रमुख अंबरीष जी, केंद्रीय प्रबंध समिति सदस्य जगरनाथ शाही, क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद पांडेय, क्षेत्र मंत्री डॉ. वीरेन्द्र साहू, केंद्रीय प्रांत टोली सदस्य गौरक्षा विभाग त्रिलोकीनाथ बागी, प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, उत्तर बिहार प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, झारखंड प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन जी, प्रांत सह मंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत सह मंत्री राम नरेश सिंह, बजरंग दल प्रान्त संयोजक सह प्रान्त सहमंत्री रंगनाथ महतो, प्रांत संयोजक मार्गदर्शक मंडल श्रीकृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी जी, कमलेश सिंह प्रांत गौरक्षा प्रमुख, प्रकाश रंजन प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख, जुगल किशोर प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख, कीर्ति गौरव दुर्गा वाहिनी प्रांत सहसंयोजिका, बलदेव पांडे, अशोक चौरसिया धनबाद अध्यक्ष, विभाग मंत्री धनबाद राजेश दुबे, अन्य प्रांत, विभाग, जिला प्रखंड के दायित्व कार्यकर्ता मौजूद थे। उक्त जानकारी विहिप के प्रांत प्रचार प्रसार सहप्रमुख प्रकाश रंजन ने दी।

ऐ नशा! भारत छोड़ो... जयघोषों से व्यसनमुक्त रैली में टाटीसिलवे गूंज उठा
Published / 2025-12-25 21:19:57
ऐ नशा! भारत छोड़ो... जयघोषों से व्यसनमुक्त रैली में टाटीसिलवे गूंज उठा

नशे की पेशकश करने पर आप दृढ़ता से कहिये  नो : गायत्री परिवार एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार युगतीर्थ शांतिकुञ्ज के तत्वावधान में परम पूज्य गुरुदेव की युग परिवर्तन पुरश्चक्रण, तप साधना, अखंड की प्राकट्य और गुरुमाता पूज्या भगवती देवी के जन्म शताब्दी वर्ष अगले वर्ष के परिप्रेक्ष्य में रांची जिलांतर्गत मुख्य शक्तिपीठ एवं अनगड़ा प्रखंड, टाटीसिल्वे चेतना केंद्र से संयुक्त सान्निध्य में रांची जिला सप्त आंदोलन अभियान समन्वयक टीम ने नशा उन्मूलन रैली निकाली। इसमें व्यसन से बचाओ सृजन में लगाओ, थोड़ा-थोड़ा सोचो हजार बार सोचो, नशे को बाहर भगाओ, खुशहाली घर में लाओ, व्यसन से मुक्ति पाओ-जीवन में समृद्धि लाओ, पीटती पत्नी बिकते जेवर, छोड़ शराबी ऐसे तेवर, नशा नाश की जड़ है भाई, इससे सदा दूर रहो हे भाई, बैंड बाजा गीत संगीत, गायन वादन के ऐसे नारों व गीतों के साथ ऐ नशा भारत छोडो, यह बस्ती भी खाली करो, व्यसन से बचाओ- सृजन में लगाओ जैसे अनेक नारों, उद्घोषों से  गायत्री परिवार चेतना केंद्र टाटीसिल्वे हरि नगर से गायत्री परिवार के अनगड़ा प्रखंड समन्वय समिति के सदस्यगणों और एसजीआरएस योजना विद्यालय के छात्राओं, प्रशिक्षु विद्यार्थियों ने टाटीसिलवे क्षेत्र का इलाका गुंजायमान किया।  गायत्री साधकों ने ने शराब, गुटका, पान मसाला, धूम्रपान, अफीम गांजा चरस, बीड़ी सिगरेट आदि-आदि से दूर रहने का, मादक द्रव्यों से बचने का उपाय व दुष्परिणाम पर प्रकाश डाला। बताया कि नशा करने वाले मंडली व संगति से बचिये, अच्छा मित्र तलाशिये, जरा सोचिये नशे के कारण नशेड़ी को कितनी परेशानी, भयंकर बीमारियां व उसके दुष्परिणाम हो रहे हैं। नशे की लत और व वीभत्स परिणाम पर सोचिये। बच्चों को नशा से मुक्त रहने के लिए कई अचूक नुस्खे बताये गये। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे भारत नशामुक्त हो, स्वर्णिम भारत हो, इस अभियान में साथ देंगे।  मौके पर गायत्री परिवार व समन्वय समितिगठन के सदस्यगण इस व्यसन मुक्त अभियान रैली को कर्नल बी के सिंह, जन प्रतिनिधि बच्चा श्रीवास्तव, एच के दूबे तथा विद्यालय के अध्यापक टीम का स्वागत अभिनंदन जिला समन्वयक ने गायत्री महामंत्र पट्टी पहनाकर साथ साथ गुरुवर श्री पूज्यवर के अंग अवयव पाठ पत्रक कार्ड, नवयुग का सत्संकल्प पाठ कार्ड, सद्वाक्य स्टीकर और मासिक पत्रिका अखंड ज्योति, युग निर्माण अभियान युग साहित्य से किया गया। उपरांत रैली को जयघोष के साथ गायत्री महामंत्र के सस्वर पाठ से प्रारंभ व प्रस्थान कराया गया।  इस कार्यक्रम को अनगड़ा प्रखंड समन्वय समिति के सदस्यगण व अशोक केसरी, अनिल सिंह, वृजकिशोर ठाकुर, इंद्रजीत चौरसिया, लक्ष्मण शर्मा, शैलेंद्र सिंह, रामेश्वर पटेल तथा महिला मंडल की अर्चना देवी, मीना देवी, रामरती देवी ने सहयोग किया। नशा उन्मूलन रैली स्थानीय चेतना केंद्र से प्रारंभ होकर पुरुलिया रोड दुर्गा मंदिर, बाजार रोड होते बजरंग मंदिर तक फिर केंद्र वापस आयी। वहां सभी शामिल को लंच पैकेट और युग संस्कार युक्त स्टीकर, गायत्री चालीसा, अखंड ज्योति, युग निर्माण सत्संकल्प पाठ, अंग अवयव पाठ के पवित्र पत्रक वितरित किये गये। अंत में संबंधित सप्त आंदोलन समन्वयकों ने सबको उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन व शांति-पाठ कर रैली अभियान को सफल बनाने को धन्यवाद दिया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जिला उपसमन्वयक अनिल कुमार सिंह और जय नारायण प्रसाद ने दी।

शौर्य दिवस पर सनातन एकता मंच ने की महाआरती
Published / 2025-12-25 21:10:46
शौर्य दिवस पर सनातन एकता मंच ने की महाआरती

टीम एबीएन, रांची। सनातन एकता मंच केंद्रीय कमेटी ने आज शौर्य दिवस पर नामकुम हाईटेंशन, हनुमान मंदिर प्रांगण में महाआरती की गयी। राम भक्तों ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ कर महाआरती की। जिसका नेतृत्व सनातन एकता मंच के संस्थापक/केंद्रीय अध्यक्ष रोहित सनातनी ने किया। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम मंदिर को बाबर के आदेश से सेनापति मीर बाकी ने 1528 ई. में गिराकर वहां एक मस्जिद बना दी थी। इसके बाद से सनातनी/हिन्दू समाज एक दिन भी चुप नहीं बैठा। वह लगातार इस स्थान को पाने के लिए संघर्ष करता रहा। आखिर लाखों हिन्दू पुरुषों और हजारों नारियों के बलिदान के बाद 6 दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद को विध्वंस कर पाये और हाल ही में 2024 में नये राम मंदिर के निर्माण के साथ इसका अंत हुआ। इसलिए हर साल 6 दिसंबर शौर्य दिवस के नाम से मनाया जाता है। कार्यक्रम में मंच के केंद्रीय कार्यकरी अध्यक्ष समीर सिंह, ब्रजेश सिंह, रोहित साहू, प्रेम केशरी, धर्मेंद्र कुमार, विकास सिन्हा, राज कुमार सिंह, विश्वजीत सिंह, आर्यन सागर, भीम शर्मा, राहुल यादव आदि उपस्थित हुए। सनातन एकता मंच ने आज प्राचीन श्रीराम मंदिर चुटिया, रांची में तुलसी पूजन कर तुलसी दिवस के रूप मे मनाया गया। सभी सनातनी समाज को ब्रजेश सिंह ने ये संदेश देते हुए कहा कि आज के इस कलयुग में आप अपने बच्चों को संस्कार दें। उन्हें मंदिर लेकर जायें और अपने धर्म/संस्कृति का ज्ञान अपने छोटे बच्चों को अवश्य दें ताकि वही बड़े हो कर भटकें नहीं। छोटी उम्र में अगर आप अपने बच्चों को संस्कार देंगे तभी वे गलत दिशा में न जाकर, एक सभ्य इंसान बन पायेंगे। कार्यक्रम में सनातन एकता मंच के अध्यक्ष रोहित सनातनी, भीम शर्मा, धर्मेंद्र कुमार, विकास सिन्हा, देव प्रकाश, अनील कुमार, महाबीर, अनुराग, आशीष उपस्थित हुए।

श्री माहेश्वरी सभा की श्री अन्नपूर्णा सेवा का 13वें वर्ष में प्रवेश
Published / 2025-12-25 21:07:34
श्री माहेश्वरी सभा की श्री अन्नपूर्णा सेवा का 13वें वर्ष में प्रवेश

टीम एबीएन, रांची। श्री माहेश्वरी सभा द्वारा संचालित श्री अन्नपूर्णा सेवा ने अपने 13वें वर्ष में प्रवेश किया। विगत 12 वर्षों से श्री माहेश्वरी सभा द्वारा यह सेवा पूर्णत: निस्वार्थ सेवा-भाव से संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रतिदिन लगभग 500 जरूरतमंद व्यक्तियों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 18,44,762 से अधिक लोग इस सेवा का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। यह सेवा आगे भी समाज-कल्याण की भावना के साथ निरंतर संचालित की जायेगी। मौके पर आयोजित वार्षिक समारोह में समाजोपयोगी विभिन्न कार्यक्रमों एवं भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गयी। अन्नपूर्णा सेवा में सेवा प्रदान कर रहे सेवादारों के बीच संबंध विस्तृत किया गया यह आह्वान किया गया कि समाज के अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ें तथा अन्य सामाजिक मुद्दों के समाधान हेतु भी मंच को सशक्त बनायें। कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्री मुकेश काबरा ने कहा कि समाज में भोजन की बर्बादी रोकना अत्यंत आवश्यक है।विशेषकर विवाह एवं अन्य आयोजनों में भोजन के दुरूपयोग तथा अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण होना चाहिए। साथ ही बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर भी गंभीर चर्चा की गयी, जिसकी सभी सामाजिक संगठनों द्वारा कटु निंदा की गयी। आज के आयोजन में विशेष अतिथि राजीव मित्तल, विभिन्न सामाजिक संगठनों के अध्यक्षगण एवं सचिवगण उपस्थित रहे। लगभग 300 से अधिक समाजबंधुओं ने अपनी सहभागिता निभायी। कार्यक्रम में रांची के विधायक सीपी सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के पश्चात सभी उपस्थितजनों ने प्रसाद रूपी भोजन ग्रहण किया। उक्त जानकारी श्री माहेश्वरी सभा के पूर्व सचिव मुकेश काबरा ने दी।इस आयोजन में मुकेश काबरा, अशोक साबू, राजकुमार मारू, शिव शंकर साबू, किशन साबू, बसंत लखोटिया, अंकुर डागा, मनोज काबरा, आदित्य मल्होत्रा, पुनीत पोद्दार, प्रदीप राजगढ़िया, पवन शर्मा, विनोद जैन, ललित पोद्दार, पवन बजाज, संजीव विजयवर्गीय, सीपी सिंह, सौरभ साबू, मनोज कल्याणी, मनोज चौधरी, निर्मल बुधिया, विनय मंत्री, पवन मंत्री सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। सभी उपस्थितजनों ने निस्वार्थ सेवा भाव से इस सामाजिक कार्य को आगे बढ़ाने में निरंतर सहयोग देने का संकल्प लिया। 

विप्र फाउंडेशन ने किया कम्बल का वितरण
Published / 2025-12-25 14:40:14
विप्र फाउंडेशन ने किया कम्बल का वितरण

पंडित मदन मोहन मालवीय एवं पंडित अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर , कड़ाके की ठंड व कोहरे से जन जीवन प्रभावित को देखते हुए कंबल का वितरण किया गयाप्रदीप शर्माएबीएन सोशल डेस्क। विश्व ब्राह्मण संघ एवं विप्र फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में अत्यधिक ठंड को देखते हुए,माननीय पंडित मदन मोहन मालवीय एवं माननीय पंडित अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म उत्सव एवं अत्यधिक ठण्ड को देखते हुए आयोजित कार्यक्रम में जरूरत मंदो के बीच में विश्व ब्राह्मण संघ एवं विप्र फाउंडेशन के तरफ से झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी कड़ाके की हार्ड कपाने वालीं ठंड व कोहरे से कप कपाते असहाय एवं जरूरत मंदो के बीच कंबल का वितरण किया गया।जैसे नया बस स्टेंड, पुराना बस स्टैंड, रामगढ़ रेल्वे स्टेशन, सुभाष चौक, सब्जी मंडी इत्यादि जगहों पर  25 जरूरत मंदो के बीच 25 कंबल वितरण किया गया एवं आगे भी उपरोक्त कार्यक्रम जारी रहेगा। इला रानी पाठक ने कहा नर सेवा नारायण सेवा के बराबर हैl अंत में धन्यवाद ज्ञापन जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय ने दिया। सभी ने सराहनीय कार्य बताया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व ब्राह्मण संघ के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सह विप्र फाउंडेशन के झारखंड प्रदेश महामंत्री प्रदीप कुमार शर्मा, विशिष्ट अतिथि झारखंड प्रदेश महिला उपाध्यक्ष इला रानी पाठक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष महेश मिश्रा व नवीन पाठक, जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय, जिला महासचिव अनिल त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष गोकुल शर्मा, विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष श्याम शर्मा, संरक्षक कमल शर्मा, नीरज शर्मा, विश्व ब्राह्मण संघ के सुरेंद्र पांडेय एवं नवीन पांडेय इत्यादि अनेक लोग उपस्थित थे। 

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