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रूपा कुमारी अनंत की पुस्तक "एक सपना ऐसा भी..." का भव्य लोकार्पण
Published / 2023-03-20 11:43:44
रूपा कुमारी अनंत की पुस्तक "एक सपना ऐसा भी..." का भव्य लोकार्पण

टीम एबीएन, रांची। रूपा कुमारी अनंत की पुस्तक एक सपना ऐसा भी का भव्य और शानदार लोकार्पण होटल जेड स्क्वायर हिनू, रांची में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में शहर के प्रसिद्ध साहित्यकार और रचनाकर शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अशोक प्रियदर्शी ने किया। पुस्तक की समीक्षा अशोक प्रियदर्शी, सारिका भूषण, शालिनी सह्बा तथा मीना बंधन ने किया।रूपा जी की यह कथा संग्रह भावनाओं से ओत प्रोत होते हुए भी जीवन के कटु सत्य  का यथावत चित्रण करती है। साथ ही पाठक के मन में स्वतः ही अपना स्थान बनाने में सक्षम प्रतीत होती है। इस अवसर पर उनकी हौसला अफजाई के लिए उनका परिवार तथा मित्रगण उपस्थित रहे।वीडियो क्लिप द्वारा उनकी कुछ कहानियों की प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण का केन्द्र बनीं। मंच का सुन्दर संचालन रिम्मी वर्मा ने किया। कार्यक्रम के अंत में रूपा कुमारी अनंत ने धन्यवाद ज्ञापन देकर सभी का आभार प्रकट किया।

रांची : एनएचएससी ने अनाथ बच्चों को कराया भोजन
Published / 2023-03-19 20:23:44
रांची : एनएचएससी ने अनाथ बच्चों को कराया भोजन

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 19.03.2023 को एनएचएससी के सदस्यों नें निवारणपुर अनाथ आश्रम के अनाथ बच्चों को भोजन कराया गया एवं संस्था के सदस्य अमितेश कुमार जी का जन्मदिन मनाया गया। इस दौरान अनाथ बच्चों को संस्थान की और से भोजन कराया गया।अनाथ बच्चों के साथ खड़े दिखे संस्थान के सदस्य :  मौके पर संस्थान के संस्थापक सिद्धाथ जी ने कहा कि हर नागरिक को अनाथ बच्चों के साथ सब पर्व और भोजन कराना चाहिए।मौके पर मुख्य रूप से संस्था के सदस्य विजय, नमन, अर्णव, अर्पण, रंजय, दीपक प्रसाद, मनीष, राजेश, गौतम, आशुतोष सौरव, सेलेश जायसवाल का मुख्य रूप से योगदान रहा। यह जानकरी मीडिया प्रभारी नमन भारतीय ने दी।

4000 स्थानों पर होगा श्रीराम महोत्सव का आयोजन, केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे करेंगे शुभारंभ : विहिप
Published / 2023-03-19 19:37:15
4000 स्थानों पर होगा श्रीराम महोत्सव का आयोजन, केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे करेंगे शुभारंभ : विहिप

टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत अपने वार्षिक कार्यक्रम के तहत प्रांत के सभी जिलों में लगभग 4000 स्थानों पर श्रीराम महोत्सव कार्यक्रम आयोजन करने का निर्णय लिया गया है। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने बताया कार्यक्रम 22 मार्च से 5 अप्रैल तक चलेगा। 6 अप्रैल को हनुमान जयंती के पावन दिवस पर मंदिरों में हनुमान चालीसा एवं महाआरती का आयोजन कर कार्यक्रम संपन्न होंगे। डॉ साहू ने कहा कार्यक्रम के लिए प्रांत में जोरों की तैयारी चल रही है। हिंदू नववर्ष एवं श्रीराम महोत्सव के कार्यक्रम के निमित्त दीवार लेखन, भगवा ध्वज एवं फ्लेक्स - बैनर के माध्यम से जगह-जगह नगर सज्जा की जा रही है।डॉ साहू ने कहा भगवान पुरुषोत्तम श्री राम लल्ला का भव्य मंदिर अयोध्या जी में पूर्ण होने वाला है। हम विजय उत्सव के रूप में श्री राम महोत्सव मना रहे हैं। भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम समस्त भारतीय जनमानस के हृदय में बसा है। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में उनका जीवन दर्शन कराया जायेगा।डॉ साहू ने बताया इस कार्यक्रम को शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे जी 22 मार्च, 2023 को गुमला व सिमडेगा एवं 23 मार्च, 2023 को खूंटी और रांची में करेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिलों में बैठकें चल रही है।विश्व हिंदू परिषद प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहू, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत सह मंत्री रंगनाथ महतो, खूंटी जिला अध्यक्ष विनोद जयसवाल, विभाग मंत्री किशुन झा, विभाग सह मंत्री विकास सिंह आदि ने खूंटी जिला सहित सभी जिलों के कार्यक्रम की समीक्षा की। उक्त जानकारी विहिप के प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

26 को कोल मैराथन करायेगी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड
Published / 2023-03-18 23:08:40
26 को कोल मैराथन करायेगी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड

टीम एबीएन, रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा कोल इंडिया लिमिटेड के बैनर तले 26 मार्च 2023 को रांची में कोल मैराथन का आयोजन किया जा रहा है।इस प्रतिष्ठित आयोजन में पुरुषों और महिलाओं के लिए दौड़ की 4 श्रेणियां हैं:-पूर्ण मैराथन:42.195 कि.मी.हाफ मैराथन: 21.098 किमी10 कि.मी.05 किमी.कार्यक्रम के लिए पंजीकरण शुल्क इस प्रकार है:-फुल मैराथन: 1000 रुहाफ मैराथन: 750 रु10 किमी: 300 रुपये05 किमी: 100 रुपयेमहिला एवं पुरुष के लिए पुरस्कार राशि का विवरण:फ़ुल मैराथनपहला - 3 लाखदूसरा  - 2 लाखतीसरा -  1लाखचौथा   - 60 हज़ार5th     - 40 हज़ार6th    -  30 हज़ार7th     - 20 हज़ारहाफ़ मैराथनपहला - 2 लाखदूसरा  - 1 लाखतीसरा -  50 हज़ार चौथा   - 40 हज़ार5th     - 30 हज़ार6th    -  20 हज़ार7th    -  10 हज़ार10 किमीपहला - 1 लाखदूसरा  - 70 हज़ारतीसरा -  50 हज़ार चौथा   - 25 हज़ार5th     - 20 हज़ार6th    -  10 हज़ार7th    -  10 हज़ाररजिस्ट्रेशन के लिए https://www.centralcoalfields.in/ccl_marathon/ लिंक पर लॉगिन किया जा सकता है।

22 मार्च को नाव पर सवार होकर आयेगी माता रानी
Published / 2023-03-17 19:04:40
22 मार्च को नाव पर सवार होकर आयेगी माता रानी

एबीएन सोशल डेस्क। यूं तो मां दुर्गा का वाहन सिंह को माना जाता है। लेकिन हर साल नवरात्रि के समय तिथि के अनुसार माता अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर धरती पर आती हैं। यानी माता सिंह की बजाय दूसरी सवारी पर सवार होकर भी पृथ्वी पर आती हैं। हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। वैसे तो साल में चार नवरात्रि तिथियां होती हैं, लेकिन इनमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि को प्रमुख माना जाता है। चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है। इस साल इस बार चैत्र नवरात्रि बुधवार 22 मार्च 2023 से प्रारंभ हो रहे हैं, जिसका समापन 30 मार्च होगा। इस साल मां दुर्गा का आगमन नौका पर होगा। शास्त्रों में मां के इस रूप को भक्तों की समस्त इच्छाएं पूर्ण करने वाला माना जाता है। खास बात ये है कि चैत्र नवरात्र के पहले दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। इस समय में घटस्थापना आपके लिए बहुत ही लाभदायक और उन्नतिकारक सिद्ध हो सकता है। चैत्र नवरात्रि प्रतिपदा तिथि से ही नया हिंदू वर्ष प्रारंभ हो जाता है। चैत्र नवरात्रि में अबकी बार पूरे नौ दिनों की नवरात्रि होगी। नवरात्र की खास बात यह है कि नवरात्र से एक दिन पहले पंचक लगेगा। पंचमी तिथि तक पंचम काल में देवी आराधना की जाएगी। पंचक काल को पूजा-अर्चना के लिए शुभ माना जाता है। मंदिरों में सुबह 6.23 से 7.32 बजे तक और घर-घर में अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11.05 से 12.35 बजे के मध्य घट स्थापना की जायेगी। पंचक 19 मार्च से शुरू हो रहे हैं और 23 मार्च को खत्म होंगे। लेकिन इस बार पंचक के साथ ही इस दिन 4 ग्रह एक साथ मीन राशि में संयोग बनाकर गोचर कर रहे होंगे। साथ ही कई शुभ योग भी इस दिन उपस्थित रहेंगे जैसे, गजकेसरी योग, बुधादित्य योग, हंस योग, शश योग, धर्मात्मा और राज लक्षण योग भी इस दिन बना रहेगा। ऐसे शुभ संयोगों के कारण पंचक को लेकर तनिक भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। वैसे भी माता सभी अशुभ प्रभाव को दूर करने में सक्षम हैं और काल के लिए मां महाकाली भी हैं। चैत्र नवरात्र का आरंभ अबकी बार बुधवार को हो रहा है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष भी आरंभ भी हो जाएगा। चैत्र नवरात्रि 22 मार्च से शुरू होने जा रही है। इसी दिन से पिंगल नामक संवत भी शुरू होगा। इस साल चैत्र नवरात्रि पर माता का वाहन नाव होगा जो इस बात का संकेत है इस साल खूब वर्षा होगी। पूरे साल चार नवरात्रि आती है जिनमें आश्विन और चैत्र मास की नवरात्रि सबसे ज्यादा समाज में प्रचलित है। कहा जाता है कि सतयुग में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध और प्रचलित चैत्र नवरात्रि थी, इसी दिन से युग का आरंभ भी माना जाता है। इसलिए संवत का आरंभ में चैत्र नवरात्रि से ही होता है।  देवी मां दुर्गा के वाहन का प्रभाव यूं तो मां दुर्गा का वाहन सिंह को माना जाता है। लेकिन हर साल नवरात्रि के समय तिथि के अनुसार माता अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर धरती पर आती हैं। यानी माता सिंह की बजाय दूसरी सवारी पर सवार होकर भी पृथ्वी पर आती हैं। माता दुर्गा आती भी वाहन से हैं और जाती भी वाहन से हैं। देवीभाग्वत पुराण में जिक्र किया गया है कि शशि सूर्य गजरुढ़ा शनिभौमै तुरंगमे। गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥ इस श्लोक में सप्ताह के सातों दिनों के अनुसार देवी के आगमन का अलग-अलग वाहन बताया गया है। अगर नवरात्र का आरंभ सोमवार या रविवार को हो तो इसका मतलब है कि माता हाथी पर आयेंगी। शनिवार और मंगलवार को माता अश्व यानी घोड़े पर सवार होकर आती हैं। गुरुवार या शुक्रवार को नवरात्र का आरंभ हो रहा हो तब माता डोली पर आती हैं। बुधवार के दिन नवरात्र पूजा आरंभ होने पर माता नाव पर आरुढ़ होकर आती हैं। नवरात्रि का विशेष नक्षत्रों और योगों के साथ आना मनुष्य जीवन पर खास प्रभाव डालता है। ठीक इसी प्रकार कलश स्थापन के दिन देवी किस वाहन पर विराजित होकर पृथ्वी लोक की तरफ आ रही हैं इसका भी मानव जीवन पर विशेष असर होता है। नौका पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार इस बार चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा नौका पर सवार होकर आयेंगी। माता रानी का यह रुप अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना जा रहा है। ऐसे में इस बार के नवरात्रि शुभ साबित होंगे और आपकी पूजा-उपासना का फल जल्द और शुभ होगा। तिथि एवं शुभ मुहूर्त कुंडली विश्लेषक डॉ अनीष व्यास ने बताया कि पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 21 मार्च, मंगलवार को रात 10:52 बजे से लेकर 22 मार्च, बुधवार को रात 08:20 बजे तक रहेगी। उदयातिथि अनुसार चैत्र नवरात्रि 22 मार्च से प्रारंभ हो रही है और उस दिन चैत्र नवरात्रि का प्रथम दिन होगा। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त कलश स्थापना तिथि : 22 मार्च 2023 शुभ मुहूर्त : सुबह 06:23 मिनट से 7:32 मिनट तक शुभ मुहूर्त की अवधि : 01 घंटा 09 मिनट नवरात्रि में बन रहे शुभ योग भविष्यवक्ता डॉ अनीष व्यास ने बताया कि चैत्र नवरात्रि में अबकी बार पूरे नौ दिनों की नवरात्रि होगी। नवरात्रि के दौरान तीन सर्वार्थ सिद्धि योग 23 मार्च, 27 मार्च, 30 मार्च को लगेगा। जबकि अमृत सिद्धि योग 27 और 30 मार्च को लगेगा। रवि योग 24 मार्च, 26 मार्च और 29 मार्च को लगेगा और नवरत्रि के अंतिम दिन रामनवमी के दिन गुरु पुष्य योग भी रहेगा। नक्षत्र एवं शुभ योग कुंडली विश्लेषक डॉ अनीष व्यास ने बताया कि चैत्र नवरात्रि के प्रारंभ के समय में उत्तर भाद्रपद नक्षत्र है। उत्तर भाद्रपद नक्षत्र को ज्ञान, खुशी और सौभाग्य का संकेत माना जाता है। यह 22 मार्च को दोपहर 03:32 मिनट तक है। इस नक्षत्र के स्वामी शनि हैं और इसके राशि स्वामी गुरु हैं। इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरूआत शुक्ल योग में हो रही है, जो 22 मार्च को प्रात:काल से लेकर सुबह 9:18 मिनट तक है। उसके बाद से ब्रह्म योग प्रारंभ होगा, जो 23 मार्च की सुबह 06:16 बजे तक रहेगा। फिर इंद्र योग प्रारंभ हो जायेगा। इस तरह चैत्र नवरात्रि के प्रथम तिथि पर 3 शुभ योग शुक्ल, ब्रह्म और इंद्र योग बन रहे हैं। चैत्र नवरात्रि की तिथियां 22 मार्च- नवरात्रि प्रतिपदा- मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना 23 मार्च- नवरात्रि द्वितीया- मां ब्रह्मचारिणी पूजा 24 मार्च- नवरात्रि तृतीया- मां चंद्रघंटा पूजा 25 मार्च- नवरात्रि चतुर्थी- मां कुष्मांडा पूजा 26 मार्च- नवरात्रि पंचमी- मां स्कंदमाता पूजा 27 मार्च- नवरात्रि षष्ठी- मां कात्यायनी पूजा 28 मार्च- नवरात्रि सप्तमी- मां कालरात्रि पूजा 29 मार्च- नवरात्रि अष्टमी- मां महागौरी 30 मार्च- नवरात्रि नवमी- मां सिद्धिदात्री, रामनवमी 31 मार्च- नवरात्रि दशमी- नवरात्रि पारण कलश स्थापना की सामग्री  भविष्यवक्ता डॉ अनीष व्यास ने बताया कि मां दुर्गा को लाल रंग खास पसंद है इसलिए लाल रंग का ही आसन खरीदें। इसके अलावा कलश स्थापना के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, मिट्टी, जल से भरा हुआ कलश, मौली, इलायची, लौंग, कपूर, रोली, साबुत सुपारी, साबुत चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, नारियल, चुनरी, सिंदूर, फल-फूल, फूलों की माला और श्रृंगार पिटारी भी चाहिए। कलश स्थापना  भविष्यवक्ता एवं कुंडली विश्लेषक डॉ अनीष व्यास ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन यानी कि प्रतिपदा को सुबह स्नान कर लें। मंदिर की साफ-सफाई करने के बाद सबसे पहले गणेश जी का नाम लें और फिर मां दुर्गा के नाम से अखंड ज्योत जलायें। कलश स्थापना के लिए मिट्टी के पात्र में मिट्टी डालकर उसमें जौ के बीज बोएं। अब एक तांबे के लोटे पर रोली से स्वास्तिक बनाएं। लोटे के ऊपरी हिस्से में मौली बांधें। अब इस लोटे में पानी भरकर उसमें कुछ बूंदें गंगाजल की मिलाएं। फिर उसमें सवा रुपया, दूब, सुपारी, इत्र और अक्षत डालें। इसके बाद कलश में अशोक या आम के पांच पत्ते लगायें। अब एक नारियल को लाल कपड़े से लपेटकर उसे मौली से बांध दें। फिर नारियल को कलश के ऊपर रख दें। अब इस कलश को मिट्टी के उस पात्र के ठीक बीचों बीच रख दें जिसमें आपने जौ बोएं हैं। कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि के नौ व्रतों को रखने का संकल्प लिया जाता है। आप चाहें तो कलश स्थापना के साथ ही माता के नाम की अखंड ज्योति भी जला सकते हैं।

आखिर सोना जरूरी है... जानें क्यों मनाया जाता है "विश्व नींद दिवस"
Published / 2023-03-17 08:41:56
आखिर सोना जरूरी है... जानें क्यों मनाया जाता है "विश्व नींद दिवस"

एबीएन सोशल डेस्क। दुनिया भर के चिकित्सकों का मानना है कि कई शोधों में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि खराब गुणवत्ता वाली नींद शरीर पर शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कई गंभीर रोगों तथा समस्याओं का कारण बन सकती है। अच्छी नींद की जरूरत सिर्फ हमारी सेहत को दुरुस्त रखने के लिए ही नहीं होती है बल्कि मन को प्रसन्न व शांत रखने में भी इसकी बहुत अहम भूमिका होती है। लेकिन वर्तमान समय में कई स्वास्थ्यपरक व अन्य कारकों के चलते दुनियाभर में लोगों की स्लीप हेल्थ बहुत ज्यादा प्रभावित हो रही है।ऐसे में 17 मार्च को दुनियाभर में मनाया जा रहा विश्व नींद दिवस एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा सकता है, जो लोगों को अच्छी नींद की जरूरत को लेकर जागरूक करने का एक मौका देता है। वहीं इस अवसर पर दुनिया भर में लोगों को अच्छी नींद पाने के उपायों से रूबरू करने के लिए कई जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।

विराट धर्मसभा में कल दीक्षा देंगे पुरी के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती
Published / 2023-03-16 23:15:40
विराट धर्मसभा में कल दीक्षा देंगे पुरी के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती

हरमू मैदान में विराट धर्मसभा को करेंगे संबोधित, 16 से 19 मार्च तक रांची में प्रवासटीम एबीएन, रांची। गोवर्धन मठ पुरी के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती रेल मार्ग से गुरुवार सुबह रांची पहुंचे। अनुयायियों ने जगतगुरु शंकराचार्य का रांची रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया। स्वामी निश्चलानंद सरस्वती गुरुवार शाम चार बजे रांची के हरमू मैदान में विराट धर्मसभा को संबोधित किये। धर्मसभा में शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती अलग-अलग विषयों पर अपने विचार रखे। शंकराचार्य को सुनने के लिए झारखंड के कोने-कोने से हजारों लोग पहुंचे। जहां उन्होंने रांची के हिंदुओं में हिंदुत्व की ऊर्जा भरा।पूर्व आइपीएस राजीव रंजन और कार्यक्रम के संरक्षक डॉ एचपी नारायण ने बताया कि झारखंड में चौथी बार स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का आगमन हुआ है।उन्होंने बताया कि स्वामी निश्चलानंद सरस्वती 16 से 19 मार्च तक रांची में रहेंगे। उनके ठहरने की व्यवस्था सेल सिटी में की गयी है। रांची प्रवास के दौरान शंकराचार्य 17 और 19 मार्च को शंकराचार्य दीक्षा देंगे। 17 मार्च को सुबह में दीक्षा और शाम में वॉलीबॉल ग्राउंड में धर्मसभा का आयोजन होगा।स्वामी निश्चलानंद सरस्वती भारतवर्ष में घूम-घूमकर धर्मसभा के जरिये हिंदू समाज को एकजुट करने में लगे हैं। इसी उद्देश्य से शंकराचार्य रांची पहुंचे हैं। उन्होंने जुलाई 2021 में कहा था कि 2025 तक भारत हिंदू राष्ट्र बन जायेगा। इसी को लेकर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती देशभर में धर्मसभा को संबोधित करने जा रहे हैं। 19 मार्च की भी सुबह सरला बिरला में ही दीक्षा कार्यक्रम से कइयों को लाभान्वित करेंगे। इसी दिन शाम को हटिया रेलवे स्टेशन से वे वापस लौट जायेंगे।

झारखंड की बेटी को डेयरी क्षेत्र में राष्ट्रीय सम्मान
Published / 2023-03-16 21:50:37
झारखंड की बेटी को डेयरी क्षेत्र में राष्ट्रीय सम्मान

टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ के देवघर इकाई (मेधा डेयरी) से जुड़ी महिला दुग्ध उत्पादक श्रीमति निकिता कुमारी को कल दिनांक 16 मार्च 2023 को गांधीनगर गुजरात में आयोजित इंडियन डेयरी असोशिएशन के 49वां डेयरी इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस कार्यक्रम में पूर्वी क्षेत्र से केन्द्रीय मतस्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला जी के द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष मिनेश शाह, इंडियन डेयरी असोशिएशन के अध्यक्ष श्री आर एस सोढ़ीतथा झारखण्ड दुग्ध महासंघ एवम इंडियन डेयरी असोशिएशन के पूर्वी प्रक्षेत्र के अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह की उपस्थिती में पुरस्कृत किया गयो यह पुरस्कार  श्रीमति निकिता को डेयरी के क्षेत्र में उम्दा कार्य करने के लिए दिया गया है ेकार्यक्रम में पूरे देश तथा विदेशों से डेयरी उद्योग से जुड़े लोग तथा देरी किसान सम्मिलित हुए थे।वर्तमान में श्रीमति निकिताके पास 26 दुधारू गायें हैं, जिसमें से अभी 18 गाय दूध दे रही है। इसके अतिरिक्त इनके पास तीन भैंसे एवं 14 बछिया भी हैं। अभी इनके यहां लगभग 160 लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादन होता है। वह अपना दूध प्रतिदिन मेधा डेयरी के कडबिंधा दुग्ध संग्रहण केंद्र, मधुपुर में बेचकर प्रतिमाह लगभग 1.5 लाख रुपये इस व्यवसाय से कमाती हैं तथा अपने परिवार की आर्थिक रूप से सबल बनाने में भरपूर सहयोग कर रही है। आनेवाले समय में इनका लक्ष्य खुद का 500 लीटर दूध उत्पादन कर गांव में ही दुग्ध शीतलक केंद्र की स्थापना का है। इनके कार्यों में इनके पति ब्रिज किशोर यादव भी बराबर से हाथ बंटाते है। इनकी सफलता से झारखंड मिल्क फेडरेशन एवं इनके क्षेत्र के किसानों में अपार खुशी हैं। ये महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी हैं। श्रीमति निकिता ने अपने इस सफलता का श्रेय अपने पति श्री ब्रिज किशोर यादव एवं मेधा डेयरी प्रबंधन को दिया। श्रीमति निकिता बताती हैं कि कडबिंधा गांव में वर्ष 2018 में मेधा डेयरी का दुग्ध संग्रहण केंद्र खुलने के बाद तो हमारी जिदगी ही बदल गयी ह। अब हमें दूध बेचने के झंझट से मुक्ति मिल गयी और हमलोग खुल कर उत्पादन बढ़ाने में लग गये। मेधा के संग्रहण केंद्र में दूध बेचने से दूध का उचित मूल्य पर भुगतान निर्धारित समय से अपने बैंक खाता में प्राप्त हो जाता है। साथ ही साथ उम्दा किस्म का मेधा पशु-आहार भी उचित मूल्य पर गांव के स्तर पर ही मिल जाता है। गौ माता का सेवा करने से ही आज हम आर्थिक रूप से सक्षम हैं और आज मेरी पहचान बनी है।

10 साल पुराने कार्ड को अपडेट कराना अनिवार्य
Published / 2023-03-16 12:00:22
10 साल पुराने कार्ड को अपडेट कराना अनिवार्य

इस दिन तक मुफ्त में ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे आधारएबीएन सोशल डेस्क। अगर आप अपने आधार में ऑनलाइन जाकर कुछ अपडेट करना चाहते हैं तो अब बिल्कुल मुफ्त में कर सकेंगे। यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने नागरिकों को मुफ्त में आधार के लिए ऑनलाइन दस्तावेज (डॉक्यूमेंट) अपडेट करने की सुविधा प्रदान करने का फैसला किया है। यह सुविधा 14 जून तक जारी रहेगी। 10 साल पुराना आधार कार्ड होने पर इसे अनिवार्य तौर पर अपडेट कराना होगा।यूआईडीएआई ने लोगों से अपील की है कि मायआधार पोर्टल पर जाकर मुफ्त में दस्तावेजों को अपडेट फैसिलिटी का लाभ उठा सकते हैं। दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए कोई फीस का भुगतान नहीं करना होगा, लेकिन आधार केंद्र पर जाकर डॉक्यूमेंट अपडेट करने पर 50 रुपये फीस देने होगा। इससे पहले, निवासियों को आधार पोर्टल पर अपने दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए 25 रुपये का भुगतान करना पड़ता था।यूआईडीएआई ने लोगों से अपील की है कि मायआधार पोर्टल पर जाकर मुफ्त में दस्तावेजों को अपडेट फैसिलिटी का लाभ उठा सकते हैं। दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए कोई फीस का भुगतान नहीं करना होगा, लेकिन आधार केंद्र पर जाकर डॉक्यूमेंट अपडेट करने पर 50 रुपये फीस देने होगा। इससे पहले, निवासियों को आधार पोर्टल पर अपने दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए 25 रुपये का भुगतान करना पड़ता था।

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