टीम एबीएन, चक्रधरपुर/ रांची। बंदगांव प्रखंड के लांडुपोदा पंचायत के बेंगटागर में मागे पर्व सह मागे मिलन समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पीपुल्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव डा विजय सिंह गागराई शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा विजय सिंह गागराई ने कहा कि मागे पर्व आदिवासी समाज का महान पर्व है। यह पर्व आदिवासी परंपरा और संस्कृति एवं प्रकृति से जुड़ी हुई है। यह त्यौहार आदिवासी बहुल हर गांव में मनाया जाता है। कहा कि त्योहार के माध्यम से परिवार का एक दूसरे से परिचय होता है। उन्होंने कहा इस मागे मिलन समारोह में दूरदराज से समाज के लोग सपरिवार उपस्थित हुए हैं। उन्होंने कहा मागे मिलन समारोह में शामिल युवा पीढ़ी अपनी पुरानी परंपरा को भूलना नहीं चाहती है। ऐसे आयोजन के जरिए हम अपनी संस्कृति को कायम रखते हैं। नई पीढ़ी को समझने का मौका मिलता है। महिलाएं एवं पुरुष कार्यक्रम में परंपरागत वस्त्र पहनकर मांदर ढोल नगाड़ों की थाप पर एक दूसरे के साथ मिलकर अपनी पारंपरिक लोक नृत्य किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से देउरी मगेंदर हाइबुरु, ग्राम मुंडा समूयल होनहागा, नंदू पूर्ति, टीपन होनहागा, विस्वानाथ होनहागा, सदन होनहागा, राजेंद्र होनहागा, नरसिंह कोड़ा, बुधराम कंडियांग समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने की समाज में सुधार लाने की पहल सामाजिक संगठन शक्तिवाहिनी की ओर से दो दिवसीय नेशनल कंसल्टेशन टू कॉम्बैट ह्यूमन ट्रैफिकिंग का आगाज एबीएन सेंट्रल डेस्क। सामाजिक संगठन शक्तिवाहिनी ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के तकनीकी समर्थन और कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन (केएससीएफ), बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए), इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड (आइसीपीएफ) और प्रज्ज्वला के साथ साझेदारी में दो दिवसीय नेशनल कंसल्टेशन टू कॉम्बैट ह्यूमन ट्रैफिकिंग का आगाज किया है। कंसल्टेशन में पहले दिन ह्यूमन ट्रैफिकिंग से संबंधित अहम विषयों जैसे उभरती चुनौतियों, ट्रैफिकर्स पर मुकदमा चलाने और पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया गया। कंसल्टेशन का उद्घाटन मुख्य अतिथि व नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिसमें एनसीपीसीआर की सदस्य सचिव रूपाली बनर्जी सिंह, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा, रेलवे सुरक्षा बल के पुलिस महानिदेशक संजय चंदर सहित अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। कंसल्टेशन में देश भर से कानून प्रवर्तन एजेंसियों और नागरिक सामाजिक संगठनों सहित कई साझेदारों ने भाग लिया। ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसा जघन्य अपराध, जो समाज के लिए अभिशाप है, से लड़ने वाले योद्धाओं को संबोधित करते हुए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि जब अच्छे दिल और दिमाग वाले लोग एक महान उद्देश्य के लिए एक स्थान पर एकत्र होते हैं, तो वे ज्ञान की अलख जलाते हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं। यह तब एक सामूहिक संकल्प या ज्ञान बन जाता है और अंतत: सामूहिक कार्रवाई में परिवर्तित हो जाता है। यह जिस ज्ञान की रचना करता है वह सभी के लिए ज्ञान बन जाता है और पूरे ब्रह्मांड को आलोकित कर देता है। सामूहिक ज्ञान तब सभी के लिए साझा धन बन सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हमें ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खिलाफ एक स्वतंत्र और मजबूत कानून की जरूरत है, यह अपराध के खिलाफ प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए समय की मांग है। उन्होंने फरीदा और साबो की कहानी सुनाई, जो चाइल्ड ट्रैफिकिंग, गुलामी व बंधुआ मजदूरी की शिकार थीं और जिन्हें 40 साल पहले कैलाश सत्यार्थी ने अपने पहले बचाव अभियान में बचाया था। कैलाश सत्यार्थी ने चाइल्ड ट्रैफिकिंग, बालश्रम व बाल दासता से संबंधित कई प्रमुख मुद्दों को उठाया और अपराध से लड़ने के लिए एक मजबूत ह्यूमन ट्रैफिकिंग विरोधी कानून बनाने के महत्व पर बल दिया। कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि हमें अपने दिलों में आग को जीवित रखना होगा और ह्यूमन ट्रैफिकिंग नाम के अभिशाप से लड़ने के लिए अपने भीतर से करुणा को जगाना होगा, जो हमारी बेटियों और महिलाओं के जीवन व दिमाग को प्रभावित करता है। शक्तिवाहिनी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खिलाफ लड़ने वाले भारत के अग्रणी संगठनों में से एक है और देशभर में कई मासूम जिंदगियों और बच्चों को बचाता आ रहा है। झारखंड से ट्रैफिकिंग कर गुरुग्राम लायी गयी एक लड़की के हालिया मामले में, शक्तिवाहिनी ने बच्ची और उसके परिवार की सहायता के लिए सभी प्रभावी कानूनी उपायों में मदद की थी। एनसीपीसीआर की सदस्य सचिव रूपाली बनर्जी सिंह ने साझेदारों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे संयुक्त प्रयास निश्चित रूप से चाइल्ड ट्रैफिकिंग का मुकाबला करने में सफल होंगे। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि हमारा संगठन सभी नागरिक समाज के सदस्यों से अपील करता है कि वे आगे आयें और ह्यूमन ट्रैफिकिंग खासकर लड़कियों व महिलाओं के खिलाफ लड़ाई में हमारे साथ शामिल हों। हमने पाया है कि परिवार के कई सदस्य पैसे और भरण-पोषण के लिए अपनी बेटियों व महिलाओं को बेचने में शामिल हैं और इसे रोकने की जरूरत है। ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खिलाफ संदेश फैलाने के लिए हमें इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता है। रेलवे सुरक्षा बल के पुलिस महानिदेशक संजय चंदर ने कहा कि आरपीएफ ने स्थायी लक्ष्य के तहत ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर अंकुश लगाने को अपना एक प्रमुख उद्देश्य बनाया है। पिछले साल मई में, हमने अपने अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, संवेदीकरण और जागरूकता अभियान चलाने व संयुक्त बचाव अभियान के लिए लाइव इनपुट साझा करने के लिए बचपन बचाओ आंदोलन के साथ एक समझौता भी किया है। उन्होंने कहा कि बचपन बचाओ आंदोलन के साथ हमारे सहयोग के चलते 1,686 बच्चों को ट्रैफिकिंग से बचाया गया है। मजबूत कानून न होने के कारण ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे जघन्य अपराध पर लगाम नहीं लग पा रही है, खासकर नाबालिग बच्चों और महिलाओं की ट्रैफिकिंग पर। इस नेशनल कंसल्टेशन का मकसद, इन ज्वलंत मुद्दों पर गंभीरता से मंथन करना और भारत सरकार से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग बिल को जल्द से जल्द लागू करने की अपील करना है।
टीम एबीएन, रांची। माहेश्वरी समाज रांची की बेटी कुमारी दिव्या माहेश्वरी, झारखंड एसिटेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की परीक्षा पास कर माहेश्वरी समाज का गौरव बढ़ाया है। दिव्या ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रांची के सेंट एंथोनी स्कूल एवं डीएवी हेहल से ग्रहण की तथा कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातक की डिग्री ली। तत्पश्चात रांची के छोटा नागपुर लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री ली। कुमारी दिव्या माहेश्वरी श्री माहेश्वरी सभा रांची के पूर्व सचिव स्वर्गीय श्री गोपी कृष्ण बियानी की सुप्रोत्री एवं श्रीमती वीणा-राजेश माहेश्वरी की सुपुत्री है। श्री माहेश्वरी सभा रांची अपनी तीनों इकाई के सभी सदस्यों के साथ सुश्री दिव्या माहेश्वरी को हार्दिक बधाई एवं अपने लक्ष्य में आगे बढ़ने की शुभकामनाएं देती है।
एबीएन सोशल डेस्क। दुर्गा का अर्थ है इस संसार रूपी दुर्ग की मालकिन। मां दुर्गा के पास ब्रह्मा, विष्णु और महेश- तीनों की शक्तियां हैं। वो सृजन, पालन, संहार और कल्याण चारों कर सकती हैं।संसार तीन लोकों में विभाजित है- स्थूल, सूक्ष्म और कारण। इस हिसाब से हम सब के तीन शरीर हैं- स्थूल शरीर, सूक्ष्म शरीर, और कारण शरीर।संसार को ईश्वर के तीन गुण या शक्तियां चलाते हैं- सत, रज और तम। तीनों लोकों में और हमारे तीनों शरीरों में तीनों गुण अपना-अपना काम करते रहते हैं।इस हिसाब से तीनों लोकों में, तीनों शरीरों में और तीनों गुणों द्वारा विश्वव्यापिनी मां दुर्गा का नौ रूप हो गया। इसीलिए उनके नौ रूपों का यानी नवदुर्गा का नौ दिन तक उपासना करने का विधान है। नौ दिनों में हमारे तीनो शरीर के सत, रज और तम के सभी अंश शुद्ध और शक्तिशाली हो जाते हैं।
एबीएन सोशल डेस्क। अगर आप चंडीगढ़, शिमला, कुफरी घुमने का प्लान बना रहे हैं तो आपको इन स्थानों पर घुमाने के लिए आईआरसीटीसी स्पेशल टूर पैकेज लेकर आया है। आईआरसीटीसी, भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम देश के उन यात्रियों के लिए एक रोमांचक टूर पैकेज पेश कर रहा है जो भारत के प्रसिद्ध पहाड़ी शहरों की सैर करना चाहते हैं। यदि आप चंडीगढ़, शिमला और कुफरी घूमने की योजना बना रहे हैं, तो आईआरसीटीसी का ये नया टूर पैकेज आपके लिए बिल्कुल सही हो सकता है। आईआरसीटीसी के मुताबिक 15 अप्रैल 2023 से 14 जुलाई 2023 तक हर शुक्रवार को टूर पैकेज का आयोजन किया जाएगा। यह टूर लखनऊ से शुरू होकर लखनऊ में ही खत्म होगा। आईआरसीटीसी इस टूर पैकेज को अप्रैल से जुलाई के पीक पीरियड और दिसंबर से जनवरी के लीन पीरियड के दौरान पेश करता है। यात्रियों को इस पैकेज के जरिए चंडीगढ़ में रोज गार्डन, रॉक गार्डन, और मनसा देवी मंदिर, शिमला में पिंजौर गार्डन और माल रोड, और कुफरी में स्थानीय दर्शनीय स्थलों और सुखना झील सहित लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की यात्रा करने का अवसर मिलेगा। आईआरसीटीसी के इस टूर पैकेज की कीमतें लागत और यात्रा की कैटेगरी के आधार पर तय की जाती है। हर कैटेगरी के लिए कीमतें अलग-अलग तय की गई हैं। पीक आवर्स के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को सेकंड एसी में सिंगल व्यक्ति के लिए 39,225 रुपये का भुगतान करना होगा। डबल और ट्रिपल व्यक्ति के लिए क्रमश: 22,170 रुपए और 17,620 रुपये देने होंगे। वहीं थर्ड एसी क्लास के लिए यात्रियों को सिंगल आक्यूपेंसी के लिए 38,025 रुपये और डबल और ट्रिपल आक्यूपेंसी के लिए क्रमश: 20,970 रुपए और 16,420 रुपए का भुगतान करना होगा। लीन पीरियड्स के दौरान यात्रियों को सेकंड एसी में सिंगल आक्यूपेंसी के लिए 37,740 रुपये, डबल आक्यूपेंसी के लिए 21,055 रुपए और ट्रिपल आक्यूपेंसी के लिए 16,875 रुपए का खर्च करने पड़ेंगे। इस टूर पैकेज को बुक करने के लिए यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। एदार ए शरीया झारखंड के नाजिमे आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा है कि आज 22 मार्च 2023 को दारुल कजा एदार ए शरीया झारखंड रांची के मुफ्तीयाने केराम ने दरगाह रेसालदार डोरंडा रांची में रमजानुल मोबारक का चांद नजर नहीं आया। रांची, रामगढ़, दुमका, राजमहल, जमशेदपुर, लातेहार, पलामू, हजारीबाग, कोडरमा, चाईबासा, गुमला में भी चांद नजर आने की कोई सुचना नहीं है इस के एलावा पटना, पुपनिया, गया, लखनऊ, बरैली, मुबारकपुर, बेंगलूर, दिल्ली, राजस्थान,मुम्बई एवं अन्य प्रदेशों से संपर्क किया गया। लेकिन कहीं से रमजानुल मुबारक का चांद नजर आने की कोई सूचना नहीं है। जिसके बाद काजीएयाने शरीयत ने फैसला लिया कि रमजानुल मुबारक का पहला रोजा 24 मार्च 2023 दिन जुमा से रखा जायेगा। इस अवसर पर मुफ्ती फैजुल्लाह मिसबाही, मुफ्ती एजाज हुसेन, मौलाना सैयद अलकमा शिबली, मौलाना ताजुद्दीन रिजवी, मौलाना इलयास फैजी, मौलाना फारुक मिस्बाही, मुफ्ती शम्स तबरेज, मो फारुक, मजहर सिद्दीकी, मौलाना शेर मोहम्मद आदी शामिल थे।
शोभायात्रा में शामिल हुए हजारों लोगएबीएन सोशल डेस्क। हिंदू नववर्ष पर मंगलवार को संपूर्ण हिंदू समाज ने जय श्री राम, जय श्री राम, भारत माता की जय आदि जयघोष के बीच चक्रधरपुर शहर में शोभायात्रा निकाली। इस शोभा यात्रा में शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के हजारों युवा, महिलाओं ने शामिल होकर जय श्रीराम का उद्घोष किया।शोभायात्रा में शामिल हर युवा और महिलाएं हाथों में भगवा झंडा लिए चल रही थी। भगवा झंडा लहराते हुए लोगों ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दी गयी। शहर के कई मोहल्लों से लोग जुलूस निकाल कर पोटका पहुंचे। पोटका में नववर्ष शोभायात्रा को भव्य रूप दिया गया। ग्रामीण क्षेत्र से भी जुलूस निकाल कर लोग पोटका पहुंचे।मंगलवार को शाम पांच बजे पोटका स्थित शिव मंदिर में पूजा पाठ किया गया, जिसके बाद जय श्रीराम का जयघोष करते हुए एवं भगवा झंडा लहराते हुए शोभायात्रा शहर की ओर निकला। यह दृश्य काफी आनंददायी रहा। पूरा शहर भगवामय नजर आ रहा था।शोभा यात्रा में शामिल युवा डीजे की धुन पर नाचते झूमते चल रहे थे। लोग घरों से निकल कर जुलूस को देख रहे थे। हर कोई इस उत्साह में शामिल हुआ। पोटका से शुरु हुई शोभायात्रा सोनुआ बस स्टैंड हनुमान मंदिर पहुंची। यहा पर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। संध्या महाआरती होने के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
टीम एबीएन, रांची। आनंदम के अनन्य सहयोगी श्री अतुल मलिकराम अपने एनजीओ बीइंग रिस्पॉन्सिबल के माध्यम से ग्रीष्म रितु में भूखे और प्यासे बेजुबान पक्षियों के लिए मिट्टी के सकोरों एवं दाने के बर्तन एवं पैकेट का निशुल्क वितरण कर एक दयापूर्ण कार्य रहे हैं। श्री अतुल मलिकराम और उनकी सहयोगी सुरभि चौरसिया आज आनन्दम के जन्मदिन एवं होली मिलन समारोह में उपस्थित थे। इस दौरान उन्होंने जन्म दिन मनाने वाले सदस्यों का शॉल, मोती माला एवं बीइंग रिस्पॉन्सिबल की कैप भेंट देकर जन्म दिन समारोह को विशिष्ट बना दिया। साथ ही उन्होंने सभी जन्म दिन मनाने वाले सदस्यों को मिट्टी का सकोरा, दाने का बर्तन एवं दाने के पैकेट की किट भी भेंट की, जिसका उपयोग ग्रीष्म ऋतु में पक्षियों के भोजन और पानी की व्यवस्था के लिया लिया जा सकेगा। यह पक्षियों के प्रति एक पुण्य का कार्य होगा। श्री अतुल मलिकराम एवं उनकी टीम उइसी प्रकार की सम्पूर्ण किट आनन्दम के बाकी सदस्यों में वितरण के हेतु शीघ्र व्यवस्था करेंगे ताकि अन्य सभी सदस्य भी इस पुण्य कार्य में अपना योगदान दे सकें। श्री अतुल मलिकराम एवं उनकी सहयोगी टीम को हार्दिक बधाई दी।
टीम एबीएन, गिरिडीह/ रांची। झारखण्ड प्रांत के गिरिडीह जिलांतर्गत देवरी थाना के घोरंजी सिकदर बरवाडीह के मूल निवसी व धनबाद जिलांतर्गत कतरास रानी बाजार में बसे प्रभारी प्रधानाध्यापक ज्योतिर्विद पंडित आशुतोष पाण्डेय के द्वितीय सुपुत्र मोहन पाण्डेय वर्ल्ड के सेकेण्ड लार्जेस्ट शिपिंग कम्पनी (मर्चेण्ट नेवी) में बतौर 3 इन्जीनियर आफिसर के रूप में चयन हुआ है। इनकी नियुक्ति सिंगापुर में हो गया है। इसके पहले अन्य शिपिंग कम्पनियों में 18 देशों में जूनियर पोस्ट में कार्यरत रहे हैं। इनके बड़े भाई आइएसए की तैयारी कर रहे हैं। दोनों भाई अभी अविवाहित हैं। अखिल भारतीय श्रोत्रिय ब्राह्मण महासंघ इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।
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