नर्सिंग दिवस स्वास्थ्य व्यवस्था और सेवा का मेरुदंड हैं नर्सें : सीता कुमारी लोहरदगा किस्को प्रखंड सीएचसी में विश्व नर्सिंग दिवस मनाया गया टीम एबीएन, लोहरदगा। सागर से भी गहरा है, नर्सेज का सेवा भाव उक्त बातें किस्को एमओआईसी डॉ अशोक ओड़ेया ने कही। वह शुक्रवार को किस्को सीएचसी में विश्व नर्सिंग दिवस और दुनिया की पहली नर्स नाइटिंगेल की जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कही।डॉ ओडेया ने कहा कि डॉक्टर सलाह और सर्जरी के बाद मरीज को नर्स के भरोसे पर छोड़ देते हैं। मरीज के स्वस्थ्य होने तक नर्स ही उपचार को अंजाम तक पहुंचाती है। बावजूद इसके हमारे इस भरोसेमंद कड़ी को कोई सामाजिक सम्मान नहीं है। न पर्याप्त सुविधाएं और सेवा के अनुरूप प्रतिफल की व्यवस्था है। भारत में सिविल अस्पतालों में 80 फीसदी स्टाफ नर्स बगैर पदोन्नति के अल्प वेतन पर जीवन गुजारने को विवश हैं। नर्सिंग का अध्ययन डिप्लोमा के आगे बीएससी, एमएससी, पीएचडी तक जाता है। स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रम(एमबीबीएस) का 60 फीसदी तक नर्सिंग में पढ़ाया जाता है। स्वास्थ्य क्षेत्र के इस मेरुदंड पर सरकार का कभी ध्यान नहीं गया। किस्को सीएचसी की बीएएनएम सीता कुमारी ने कहा कि नर्सिंग को विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ्य पेशे के रूप में माना जाता है। नर्सिस को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्तर जैसे सभी पहलुओं के माध्यम से रोगी की देखभाल करने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित, शिक्षित और अनुभवी होना चाहिए। जब पेशेवर चिकित्सक दूसरे रोगियों को देखने में व्यस्त होते है, तब रोगियों की चौबीस घंटे देखभाल करने के लिए नर्सेज की सुलभता और उपलब्धता होती हैं। नर्सिंग से रोगियों के मनोबल को बढ़ाने वाली और उनकी बीमारी को नियंत्रित करने में मित्रवत, सहायक और स्नेहशील होने की उम्मीद पर वह सदैव खरा उतरती है। इसी का नाम नर्सिंग सेवा है। डॉ ओडेया ने बताया कि डब्ल्यूएमओ के मुताबिक चिकित्सा सेवा में 47% हिस्सा नर्सेज का है। 23% डॉक्टर का,5% से अधिक डेंटिस्ट का, 24% पारा मेडिकल कर्मियों का है। अगर इसे वैश्विक दृष्टिकोण से देखें, तो नर्सों की भागीदारी 60% है, पर भारत में यह भी काफी कम है। महज उनकी सहभागिता 13% ही है। कार्यक्रम को डॉ साजिद, नीलिमा तिर्की, मंजुला एक्का, तारामणि आदि ने संबोधित किया।
टीम एबीएन, रांची। आज जेके इंटरनेशनल स्टेडियम में सैकड़ों युवा खिलाड़ियों को मस्तिष्क के संतुलन के लिए प्राणायाम और शारीरिक लोच के लिए विभिन्न प्रकार के योगाभ्यास कराये। इन युवाओं को योग प्रशिक्षक रजनीश और योग अनुदेशक ओम सिंह ने प्रशिक्षण दिया। प्रात:काल 5:30 से 6:30 तक की कक्षा में उत्कृष्ठ खिलाड़ियों को योग की प्राचीनम विधियों और भारत के वैज्ञानिक मनीषियों के बारे में स्वामी मुक्तरथ जी ने विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि खेल से शारीरिक शौष्ठव की प्राप्ति होती है और योग से आन्तरिक चेतना जागृत होती साथ ही निरोगी काया की प्राप्ति होती है। खिलाड़ियों को अपने दिनचर्या में योग को समाहित करके चलना चाहिए। इससे एकाग्रता बढ़ेगी, शरीर में कड़ापन दूर होगा और मन प्रसन्नचित्त रहेगा। जेके इंटरनेशनल ग्रुप के चेयरमैन जितेन्द्र सिंह ने कहा योग हमारे देश की प्राचीनतम विधि है पूर्णत: वैज्ञानिक है। यह विद्या मनुष्य को न केवल स्वास्थ्य बल्कि उसके मनोदशा को चेंज कर सकता है। योग के जरिये ऋषि-मुनि और योगी लोग लंबी आयु प्राप्त करते थे। आज के बिगड़ते मन को योग ही संतुलित कर सकता है। जितेन्द्र सिंह और जेके के एकेडमिक डायरेक्टर व सासाराम स्कूल के प्राचार्य डॉ अभिमन्यु मिश्रा स्वामी मुक्तरथ जी का स्वागत किया तथा विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों के लिए लगातार मेडिटेशन और प्राणयाम कराने हेतू सहमति मांगी है। अभिमन्यु मिश्रा जी ने कहा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवश पर जेके ग्रुप के सभी विद्यालय में पूरे उत्साह के साथ छात्र-छात्राएं और शिक्षक योगोत्सव में भाग लेंगे।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची मे जैसे जैसे गर्मी का तापमान बढ़ रहा है वैसे ही राजधानी वासी भी गर्मी से राहत के उपाय ढूंढ रहे है।पूर्व के दिनो मे लोग गर्मी की छुट्टियां मनाने रांची आते थे। परंतु आज स्तिथि ऐसी है की रांची वासी गर्मी के बड़ते तापमान में तप रहे हैं। ऐसे मे लोग गर्मी से बचने के लिए उपाय ढूंढ रहे हैं। कभी लोग गर्मी से राहत के लिया स्विमिंग पुल का सहारा ले रहे तो कभी किसी ठंडे फल का सहारा ले रहे हैं, तो इसी कर्म मे अब रांची मे बिहारी फल ताढ खोवा ने दस्तक दी है और लोगो को गर्मी से काफी राहत दे रहा है। इस फल को खाने के कई लाभ है जिसमें मुख्यता पेट को गर्मी के दिनो मे ठंडा रखता है और इंसान को लू से बचाता है।
एबीएन सोशल डेस्क। अकेले केदारनाथ में 02 लाख 21 हजार से अधिक यात्रियों ने बाबा के दरबार में लगाई हाजिरीउत्तराखंड में चार धाम यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना पर्यटन विभाग और सरकार के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। अब तक 06 लाख 31 हजार से ज्यादा यात्रियों ने दर्शन किए। इनमें केदारनाथ में अकेले 2 लाख 21 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में दर्शन किए हैं।पर्यटन विभाग की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार 22 अप्रैल से लेकर 10 मई रात्रि 08 बजे तक केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में अब तक कुल 06 लाख 31 हजार 591 तीर्थयात्रियों ने धाम के दर्शन किये हैं। इसमें केदारनाथ धाम में 2 लाख 21 हजार 807 और, बदरीनाथ में 1 लाख 50 हजार 856, गंगोत्री में 1 लाख 36 हजार 961 लोगों और यमुनोत्री धाम में 01 लाख 21 हजार 968 श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।चारधाम के लिए अब तक 27 लाख 21 हजार 325 लोगों ने पंजीकरण कराए हैं। केदारनाथ सहित चारों धाम के लिए 11 मई से 16 मई के लिए कुल 3 लाख 91 हजार 1 लोगों ने पंजीकरण कराया है। मौसम को देखते हुए 15 मई तक केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए पंजीकरण पर रोक है। मोबाइल एप से 04 लाख 73 हजार 543, वेव पोर्टल से 20 लाख 77 हजार 923 और वाट्सअप से 01 लाख 69 हजार 869 लोगों ने पंजीकरण कराया है।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 10/05/2023 को सायं 4 बजे विद्यापति स्मारक समिति के कार्यालय में एक प्रेस वार्ता की गयी। समिति के अध्यक्ष लेखानंद झा ने बतलाया कि आगामी 14/05/2023 दिन रविवार को संध्या 5 बजे से पुलिस क्लब, जेल रोड, रांची में भव्य मां जानकी महोत्सव धूमधाम से किया जायेगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर होंगे। उद्घटनकर्ता विद्यानाथ झा विदित तथा विशिष्ट अतिथि बीएन मिश्र (सेवानिवृत भा. पु. सेवा), रितु कुमार (अधिवक्ता, झारखंड उच्च न्यायालय), अजय नाथ झा (भा. प्र. से.), सुरेन्द्र कुमार झा (भा. पु. से.), नवीन जायसवाल (विधायक, हटिया विधानसभा), वीर कुंवर सिंह (ए एस पी, सी बी आई) एवं प्रदीप कुमार झा (सेवानिवृत कर्नल, भारतीय सेना) होंगे। समिति के अध्यक्ष ने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित साहित्यकार सियाराम झा सरस को वैदेही पुरस्कार 2023 समिति देगी।। साथ ही समिति ने यह निर्णय लिया कि अलग अलग क्षेत्रों से मिथिला समाज को गौरवान्वित करने वाली साथ मिथिला पुत्रियों को सम्मानित किया जाएगा, जिनका नाम निम्नलिखित है : डा. नीना झा (चिकित्सक) डॉ. स्वेता झा (जनरल फिजिशियन) डा. आकांक्षा चौधरी (डेंटल सर्जन, झारखंड सरकार) डॉ. चेतना झा (पत्रकार) श्रीमति रश्मि चौधरी (आधुनिक व्यवसाय) सुश्री स्वाति झा (मेधावी छात्रा, सी ए) श्रीमति कुमुद झा (समाजिक कार्यकर्ता) इस कार्यक्रम में कवि गोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत देश के मशहूर मैथिली गायक कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जायेगी। इस प्रेस वार्ता में लेखानंद झा, उदित नारायण ठाकुर, श्रेष्ठ नारायण झा, बी के झा, राम नरेश सिंह, सिया राम झा सरस, डॉक्टर बच्चा राम झा, श्रीराम मिश्र, दिलीप झा, रंजीत लाल दास, अशोक मिश्रा, संजीव मिश्रा, संजीव ठाकुर आदि मौजूद थे।
करीब 600 हज यात्रियों को तफ्सील से प्रशिक्षण दिया गया हज यात्री संयम रखें... गो फर्स्ट फ्लाइट को लेकर केंद्र सरकार से हो रही है वार्ता : डॉ इरफान अंसारी अगर हज यात्रियों को गो फर्स्ट के बदले वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी होगी जिम्मेवार झारखंड के जायरीनों को कोई कठिनाई नहीं होने दूंगा : डॉ इरफान अंसारी आप तमाम जायरीन देश और राज्य की खुशहाली के लिए दुआ मांगे : डॉ इरफान अंसारीटीम एबीएन, रांची। आगामी हज यात्रा के मद्देनजर झारखंड राज्य हज समिति के चेयरमैन सह जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हज हाउस, रांची में जायरीनों के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में लगभग 600 जायरीनों ने भाग लिया।शिविर में, कल्याण मंत्री हाफिजउल हसन खिजरी विधायक श्री राजेश कच्छप, रांची के उपायुक्त श्री राहुल सिन्हा, वरीय पुलिस उपाधीक्षक श्री किशोर कौशल, युवा झारखंड के संरक्षक श्री अर्शे आलम ने हज यात्रा पर जाने वाले जायरीनों को मुबारकबाद दी। डॉ इरफान अंसारी ने बताया कि तीन साल के लंबे समय के बाद हज यात्रा रांची से शुरू हो रही है। इसे लेकर लोगों में काफी उत्साह है। झारखंड राज्य हज समिति ने भी सारी तैयारियां पूरी कर ली है। जायरीनों की खिदमत में कोई कमी नही होगी। मेरा वादा है कि झारखंड राज्य हज समिति अपने इंतजामात से पूरे मुल्क में मिसाल कायम करेगी। इस अवसर पर डॉ इरफान अंसारी ने हज पर जाने वाले सभी लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि तीन साल के बाद हज यात्रा दोबारा रांची से शुरू हुई है जिससे हम सभी मे खुशी और उत्साह है। झारखंड राज्य हज समिति ने आपकी खिदमत के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली है। आपको किसी भी तरह कि परेशनी नही होगी ये डॉ.इरफान अंसारी का वादा है। आप सभी से मेरी गुजारिश है कि हमारे देश की अमन-चैन और शांति के लिए दुआ करें। मौके पर उपस्थित प्रशिक्षण लेने आए लोगों ने हज समिति के इंतजामों की तारीफ करते हुए कहा कि डॉ इरफान अंसारी के नेतृत्व में झारखण्ड राज्य हज समिति उम्दा कार्य कर रही है। हमें खुशी है कि लोकप्रिय विधायक और चिकित्सक होने के साथ साथ एक बेहतरीन इंसान डॉ इरफान अंसारी हाजियों की खिदमत में लगे हैं।ज्ञात हो कि पिछले वर्ष झारखंड के जायरीनों को कोलकाता से यात्रा करने पड़ी थी। उस दौरान भी डॉ इरफान अंसारी ने अपने दायित्व का निर्वहन पूरी शिद्दत से किया था।
आर्यवीर दल झारखंड सात दिवसीय आदर्श युवा चरित्र निर्माण शिविर शुरूगुरुकुल शांति आश्रम लोहरदगा प्रांगण में आर्यवीर दल झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में 15 मई तक चलेगा शिविरकमजोर शरीर वाले व्यक्ति को मोक्ष भी प्राप्त नहीं होता : आचार्यशिविर में सात जिलों के 150 से अधिक युवा ले रहे हैं भागटीम एबीएन, लोहरदगा। गुरुकुल शांति आश्रम लोहरदगा परिसर में मंगलवार को सात दिवसीय आर्य वीर दल झारखंड प्रांत का आदर्श युवा चरित्र निर्माण शिविर शुरू हुआ। इसका शुभारंभ गुरुकुल के आचार्य और ब्रह्मचारियों की मौजूदगी में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज सीएसआर लोहरदगा मुख्यालय के हेड नीरज कुमार ने आर्यवीर दल का ध्वजारोहण कर किया।इस शिविर में देवघर, रांची, गुमला, सिमडेगा,चतरा, लातेहार और मेजबान लोहरदगा के 150 से अधिक युवा भाग ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षक विशेष रूप से भाग ले रहे।मुख्य अतिथि नीरज कुमार ने इस मौके पर शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए कहा की वैदिक धर्म दुनिया का श्रेष्ठ धर्म है। शिविर में बालकों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी विधाओं के बारे में बताया जायेगा। यज्ञ अनुष्ठान, योग, प्रणायाम, संस्कृति की रक्षा, पीड़ित जनों की सुरक्षा और शारीरिक रूप से सशक्त होने की विधि बतायी जायेगी।मुख्य अतिथि हिंडालको के सीएसआर प्रमुख ने कहा आर्यवीर दल का प्रशिक्षण से आप सभी शिविरार्थी चरित्रवान और संस्कारवान बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। यह प्रशिक्षण मौजूदा समय में समाज के लिए बेहद कारगर और प्रभावी कार्यक्रम है।कार्यक्रम में परिचय उद्बोधन झारखंड प्रांत आर्यवीर दल के प्रमुख आचार्य शरचचंद्र आर्य ने किया। कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य संस्कृति की रक्षा, सेवा और युवा शक्ति का संचय करना है। कोई भी व्यक्ति शारीरिक रूप से कमजोर होता है, तो उन्हें मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती। शक्ति संचय का उद्देश समाज के पीड़ित उपेक्षित लोगों की सुरक्षा करना है। संस्कृति की रक्षा तब हो सकती है, जब हम परिस्थिति में भी कठिन परिश्रम से काम को आरंभ करें। उसे सफलतापूर्वक मंजिल तक पहुंचा कर उसे सफल बनाएं। तभी आप उत्तम पुरुष बन सकते हैं। अभी मध्यम है। शिविर के बाद आप सभी श्रेष्ठ नागरिक के रूप में अपने को पायेंगे। संस्कृति की रक्षा और सेवा करने पर आत्मविश्वास प्रबल होगा। जरूरत शिविर के सभी नियमों और गतिविधियों में सहभागितापूर्ण अनुशासन पूर्वक करना है। यही जीवन को श्रेष्ठ और अलग बनायेगा। उद्घाटन सत्र कासंचालन गणेश शास्त्री व धन्यवाद ज्ञापन पहलवान महादेव आर्य ने की।गुरुकुल शांति आश्रम प्रांगण में सात दिवसीय ग्रीष्म कालीन शिविर में विद्यार्थियों को चरित्रवान, बलवान और संस्कारवान बनाने के पवित्र उद्देश्य को लेकर झारखंड और समीप के सुयोग्य शिक्षकों की देखरेख में सात दिवसीय युवा चरित्र निर्माण शिविर मंगलवार को शुरू हुआ। यह 15 मई तक चलेगा।गुरुकुल के आचार्य शरचचंद्र आर्य ने बताया कि शिविर में 15 वर्ष से 25 वर्ष तक के युवा भाग ले रहे हैं। शिविर में शारीरिक, आत्मिक, बौद्धिक विकास हेतु योगासन, प्राणायाम, दंड बैठक, लाठी, तलवार चलाना, जूडो कराटे तथा अन्य शारीरिक क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभिन्न विषयों में पारंगत विद्वानों के द्वारा भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय, सामाजिक तथा समसामयिक विषयों पर उद्बोधन भी होगा।शिविर के आयोजन में इनकी है महती भूमिका-शिविर के आयोजन के लिए आचार्य शरचचंद्र आर्य के अलावे महामंत्री गणेश कुमार शास्त्री, बौद्धिक अध्यक्ष सोमनाथ शास्त्री, प्रधान व्यायाम शिक्षक आशीष कुमार आर्य, सह बौद्धिक अध्यक्ष डॉक्टर जितेंद्र कुमार मेहेर, संगठन मंत्री भूषण प्रसाद, शिविर प्रबंधक महादेव आर्य, व्यायाम शिक्षक अर्जुन देव आर्य, कोषाध्यक्ष संजय चंद्र यादव, मीडिया प्रभारी अभय भारती, उपसंचालक परमेश्वर शास्त्री, व्यायाम शिक्षक किशन कुमार शास्त्री समेत मनीष शास्त्री, अविनाश चंद्र शास्त्री, वेद प्रकाश शास्त्री, कपिल देव पंडित, राजवीर चौधरी, विजय आर्य, पंकज यादव, दीपक शास्त्री, शिवराज विजय, मनोज शास्त्री, सुरेंद्र कुमार, महेंद्र कुमार, सुरेश शास्त्री, बिंदेश्वर शास्त्री, महेश आर्य, खुशी भारती, रिंकू कुजूर, रीना कुमारी समेत आसपास के सामाजिक व्यक्तित्व सहयोग कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र में शहर के प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।इनमें विजय जायसवाल, गुप्तेश्वर प्रसाद गुप्ता, गुड्डू प्रसाद, चमर राम प्रजापति, धनंजय अग्रवाल, दीपक कर्मकार, शीतल कर्मकार आदि विशेष रूप से मौजूद थे।
यात्रियों के लिए खुशखबरी... रेलवे ने बिहार और झारखंड की इन ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ाए, देखें शेड्यूलएबीएन सोशल डेस्क। रेल यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल ने एक बड़ा फैसला किया है। रेलवे ने पटना-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 13202/13201 और रांची-सासाराम-रांची एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 18635/18636 के अलग-अलग स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव का निर्णय लिया हैं। इन ट्रेनों के बढ़ाये गये स्टॉपेज :- पटना-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस गाड़ी संख्या न. 13202/13201: इन ट्रेनों को कल्याण और नासिक रोड के मध्य देवलाली स्टेशन पर प्रायोगिक तौर पर रोका जाएगा। लोकमान्य तिलक टर्मिनस-पटना एक्सप्रेस गाड़ी संख्या न.13202: यह ट्रेन लोकमान्य तिलक टर्मिनस से खुलकर 17.59 बजे देवलाली स्टेशन पहुंचेगी और 18.00 बजे आगे की यात्रा के लिए प्रस्थान करेगी। पटना-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस गाड़ी संख्या न. 13201: ये ट्रेन पटना से खुलकर 05.44 बजे देवलाली पहुंचेगी। 1 मिनट ठहरने के बाद 05.45 बजे आगे की यात्रा के लिए प्रस्थान करेगी। रांची-सासाराम-रांची एक्सप्रेस गाड़ी संख्या न.18635/18636: ये ट्रेन पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल के हैदरनगर और उंटारी रोड स्टेशन पर 6 महीने के लिए रुकेंगी। रांची-सासाराम एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 18635: ये ट्रेन रांची से खुलकर 22.18 बजे उंटारी रोड पहुंचेगी और 2 मिनट ठहरने के बाद 22.20 बजे प्रस्थान करेगी। फिर ये ट्रेन 22.35 बजे हैदरनगर पहुंचेगी और 2 मिनट ठहरने के बाद 22.37 बजे प्रस्थान करेगी। वापसी में सासाराम-रांची एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 18636: ये ट्रेन सासाराम से खुलकर 04.46 बजे हैदरनगर पहुंचेगी और 2 मिनट ठहरने के बाद 04.48 बजे प्रस्थान करेगी। इसके बाद उंटारी रोड में यह ट्रेन 05.10 बजे पहुंचेगी और 2 मिनट ठहरने के बाद 05.12 बजे आगे की यात्रा के लिए प्रस्थान करेगी।
मां का प्रेम अपनी संतान के लिए गहरा और अटूट होता है नारी सम्मान समिति लोहरदगा की महिलाओं ने गुरुकुल शांति आश्रम के ब्रह्मचारियों के साथ मनाया मातृ दिवस देश की संस्कृति और धर्म ग्रंथों में मातृशक्ति के महत्व के बारे में बच्चों को बताया गया टीम एबीएन, लोहरदगा। नारी सम्मान समिति, लोहरदगा से जुड़ी महिलाओं ने सोमवार को मदर्स डे पर गुरुकुल शांति आश्रम, लोहरदगा के ब्रह्माचारियों के साथ सामुहिक रूप से मातृ दिवस मनाया। मौके पर ब्रह्माचारियों ने केक काटा और मातृशक्ति रुपी धर्म माताओं के साथ कुछ घंटे बिताया। उनके साथ सामूहिक भोजन किया।मुख्य अतिथि झारखंड प्रांत आर्य वीर दल के प्रमुख आचार्य शरच्चंद्र आर्य ने इस मौके पर कहा कि यह दिवस माताओं के सम्मान और प्रभाव को बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। लोहरदगा की मातृ शक्तियों ने अपने पुत्र रूपी ब्रह्मचारियों के साथ इस उत्सव को मनाया।सदैव माताएं सदैव आदरणीय और वंदनीय हैं और रहेंगी। भारत वर्ष में मातृशक्ति तो पूजनीय हैं। कहा भी गया है कि जहां नारी का सम्मान और वह पूजी जाती है। वहां भगवान का वास होता है। इसके लिए हम उन्हें उनका वंदन करते हैं। आचार्य शरच्चंद्र आर्य ने कहा कि मातृ दिवस माता को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। मां का आंचल अपनी संतान के लिए कभी छोटा नहीं पड़ता। मां का प्रेम अपनी संतान के लिए इतना गहरा और अटूट होता है कि मां अपने बच्चे की खुशी के लिए सारी दुनिया से लड़ लेती है। मां का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। मां बिना ये दुनियां अधूरी है। मातृ दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य मां के प्रति सम्मान और प्रेम को प्रदर्शित करना है भी है। नारी सम्मान समिति लोहरदगा रीता पांडेय, रंजू साहू, सोमा मुखर्जी, प्रेमलता गुप्ता, गुड़िया केसरी, बिंदिया खत्री, पूनम साहू, वंदना सिंह, माधुरी चौधरी, सविता गुप्ता, गीता गुप्ता, आदि ने कहा कि हमें जगजननी माता के समान धैर्य बनाये रखना सीखना होगा। जो पृथ्वी में लोगों के नकारात्मक कृत्यों को सहन कर रही है। अभी भी हमें आशीर्वाद दे रही है। सभी प्रकार की कठिन परिस्थितियों से हमारी रक्षा और सुरक्षा कर रही है।हम ईमानदारी से अपने मन में उसकी जगतजननी माता भगवती की पूजा करते हैं तो वह हमें हमारे पापों से छुटकारा दिलाती है। वह ग्रहों के बुरे प्रभावों की दूर करती हैं। लोगों के विभिन्न दोषों को भी दूर कर वह हमें और हमारे पुत्रों को स्वास्थ्य और दीर्घायु बना करहमारे जीवन में को स्वास्थ्य और शांति देती है।कार्यक्रम को सफल बनाने आचार्य गणेश शास्त्री संजय कुमार यादव आचार्य अर्जुन आर्य पंकज यादव खुशी भारती रामकिशोर महत्व किशन कुमार आदि सेने योगदान किया।
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