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पौष्टिकता से भरपूर है ढेकी कूटा चावल
Published / 2023-06-30 18:30:56
पौष्टिकता से भरपूर है ढेकी कूटा चावल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। शहरों में ढेकी कूटा चावल की बढ़ती मांग और इसके पोषक मूल्य के कारण यह दिनों दिन लोकप्रिय होते जा रहा है। इस चावल में 40 प्रतिशत से अधिक आयरन, 50 प्रतिशत से अधिक फाइबर और प्रचुर मात्रा में विटामिन होता है। जिला प्रशासन जशपुर की पहल पर बालाछापर के महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क में इसका उत्पादन किया जा रहा है। इससे महिला समूहों को भी रोजगार मिल रहा है।मुख्यमंत्री भूपेश हमेशा अपनी परंपरा में छिपी वैज्ञानिकता को सहेजने के प्रति आग्रह करते हैं। हमारे खानपान की बहुत सी परंपरा ऐसी है जो स्वास्थ्य के प्रति सजग लोगों को बहुत आकृष्ट करती है। ऐसा ही है ढेकी में कुटा चावल। चावल के पालिश हो जाने से इसके विटामिन काफी हद तक नष्ट हो जाते हैं। ढेकी का चावल पौष्टिक मूल्यों से युक्त होता है। बालाछापर रीपा में ढेकी चावल बनाया जा रहा है और आकर्षक पैकेजिंग तथा ब्राडिंग से इसका बड़ा बाजार तैयार हो रहा है।ढेकी कूटा चावल में सबसे अधिक मांग जीरा फूल चावल की है। जशपुर जिले में जीराफूल चावल का सबसे अधिक पैदावार होती है। सुगंधित किस्म के चावल होने के कारण इसकी मांग अन्य प्रदेशों में भी बढ़ते जा रही है। वैदिक वाटिका के समर्थ जैन ने बताया कि बालाछापर के 13 महिलाओं को ढेकी कूटा चावल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही चावल की आकर्षक पैकिंग के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। ढेकी कूटा चावल की बिक्री सी-मार्ट के माध्यम से जा रही है।ढेकी कूटा चावल पोषण के दृष्टिकोण से उत्तम माना जाता है। इसके साथ ही चावल का ऊपरी आवरण संरक्षित रहता है। जिसमें विटामिन ई की मात्रा भरपूर पायी जाती है। चावल में बेहतर पोषक गुण और 40 प्रतिशत से अधिक आयरन, 50 प्रतिशत से अधिक फाइबर मौजूद रहता है। प्राकृतिक शुद्धता के कारण इस चावल को अन्य प्रदेशों में अच्छी पैकिंग के साथ भेजने की कार्य योजना तैयार की गयी है।

लोहरदगा जिले के आवासीय विद्यालय के बच्चे थाईलैंड में दिखाया अपना जलवा
Published / 2023-06-29 23:24:17
लोहरदगा जिले के आवासीय विद्यालय के बच्चे थाईलैंड में दिखाया अपना जलवा

30 जून को 11 बजे लोहरदगा पहुंचेंगीचार स्वर्ण पदक और तीन रजत पदक प्राप्त कर लोहरदगा जिला सहित अपने राज्य तथा देश का मान बढ़ाया...झारखण्ड राज्य सहित अपने देश का भी प्रतिनिधित्व किया लोहरदगा जिले की बेटियों ने...टीम एबीएन, लोहरदगा। जिला कराटे संघ लोहरदगा के अध्यक्ष सेंसई अमित कुमारसिंह  के नेतृत्व में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के 7 बालिका खिलाड़ी अंतराष्ट्रीय कराटे प्रतयोगिता में   अपना लोहा मनवाया। दिनांक 20 से 22 जून तक देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में लोहरदगा जिले की 7 बालिका खिलाड़ियों का चयन दिनांक 25 जून से 28 जून 2023 तक चलने वाली अन्तर्राष्ट्रीय कराटे प्रतयोगिता जो की थाईलैंड में बैंकॉक के शहर पटाया में हुआ है।कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय कुडू के 3 बालिकाओं क्रमशः कुमकुम कुमारी, अनामिका उरांव और रोशनी उरांव ने तथा झारखण्ड बालिका अवासीय विद्यालय कैरो से 3 बालिकाओं क्रमशः सुनेहा कुमारी, अंजलि कुमारी और जूही कुमारी वहीं +2 प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय कुडू की एक बालिका मरियम परवीन का चयन हुआ था। सभी ने राष्ट्रीय टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक प्राप्त किये थे।जिला कराते संघ लोहरदगा के जिलाध्यक्ष सह प्रमुख कोच सेंसई अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में दिनांक 22/06/23 को लोहरदगा से सभी बालिका खिलाड़ीयों को जिला उपायुक्त डॉ वाघमारे प्रसाद कृष्ण, जिला शिक्षा अधिकारी, कल्याण पदाधिकारी, जिला खेल अधिकारी, सूचना व जनसम्पर्क अधिकारी, हिंडाल्को परिवार, तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अपना शुभाशीष देते हुए हरी झंडी दिखा कर थाईलैंड के लिए रवाना किया था।थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के शहर पटाया में अन्तर्राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता दिनांक 25 जून से 28 जून तक आयोजित प्रतियोगिता में 6 देश कमशः थाईलैंड, मलेशिया, इंडिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान  ने हिस्सा लिया। भारत देश के अलग राज्यों से 28 खिलाडियों ने भाग लिया जिसमें झारखण्ड राज्य से केवल लोहरदगा जिले के 7 बालिका खिलाड़ियों ने ही भाग लिया। विजेता खिलाड़ियों के नाम इस प्रकार हैं।आयु वर्ग अंडर 16 वर्ष में  सुनेहा कुमारी ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश की अलका तथा फाईनल में मलेशिया की आल्या को 2 पॉइंट से हरा कर स्वर्ण पदक प्राप्त किया तथा आयु वर्ग अंडर 15 वर्ष में मरियम परवीन ने सेमीफाइनल में मलेशिया की एडलीन तथा फाईनल में भूटान की किब्बा को 1 पॉइंट से हरा कर तथा कुमकुम कुमारी ने सेमीफाइनल में श्रीलंका की कायरा तथा फाईनल में बांग्लादेश की आंचल को 2 पॉइंट से हराकर वहीं अनामिका उरांव ने सेमीफाईनल में भूटान की काव्या को तथा फाइनल में श्रीलंका की सिया को 1 पॉइंट से हरा कर अपने अपने वजन भार में खेलते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त किये।वहीं आयु वर्ग अंडर 16 वर्ष में रोशनी उरांव ने सेमीफाइनल में  श्रीलंका की नित्या को हरा कर फाइनल थाईलैंड की आरवी से 2 पॉइंट से हार गयी। और उन्हें रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। वहीं जूही कुमारी ने सेमीफइनल में बांग्लादेश की आभा को हरा कर फाईनल में चीनचोय से 2 पॉइंट से हार गयी। उन्हें भी रजत पदक प्राप्त हुआ और अंजलि कुमारी ने सेमीफाइनल में भूटान की हिया को हराकर फाईनल में श्रीलंका की अधीरा से 3 पॉइंट से हार गयी। इन्हें भी रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा! इस तरह बालिका खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखण्ड लोहरदगा की झोली में कुल चार स्वर्ण पदक तथा 3 रजत पदक जीत कर ये साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं। कोच अमित कुमार सिंह ने जिला कराटे संघ परिवार की ओर से जिला उपायुक्त महोदय तथा हिंडालको परिवार की सहयता और आशीर्वाद को  बहुत बहुत धन्यवाद कहा है।कुडू और कैरो प्रखंड के सीओ तथा बीडीओ को भी सहयोग के साथ मनोबल बढ़ाने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने जानकारी दी कि 30/06/ 2023 को  सुबह करीब 11 बजे ईएम ट्रैन से लोहरदगा स्टेशन पहुंचेंगे।

भगवान जगन्नाथ को भोग लगा गुडिंचा, घुरती रथयात्रा आज
Published / 2023-06-29 10:16:20
भगवान जगन्नाथ को भोग लगा गुडिंचा, घुरती रथयात्रा आज

टीम एबीएन, रांची। मौसीबाड़ी में बुधवार को भगवान को गुडिंचा भोग लगाया गया, जिसमें खिचड़ी, खीर, मिठाई और फल-फूल थे। मंदिर के पुरोहितों ने दो आरती के बाद यह भोग लगाया, जिसका वितरण भक्तों के बीच किया गया। प्रसाद के लिए भक्तों की श्रद्धा देखते ही बन रही थी।दिन से ही गुडिंचा भोग की तैयारी शुरू हो गयी थी। वहीं आज घुरती रथयात्रा है। जगन्नाथ स्वामी, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ गुरुवार को घर लौटेंगे। सुबह छह बजे आरती होगी, जिसके बाद सर्व दर्शन सुलभ हो जायेगा। फिर आठ बजे अन्न भोग लगेगा। दोपहर 2:30 बजे भगवान का दर्शन बंद हो जायेगा। इसके बाद सभी विग्रहों को रथ में रखा जायेगा। भगवान के दरबार और रथ की साज-सज्जा होगी। अपराह्न 3:15 बजे विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र, जगन्नाथ अष्टकम, गीता के द्वादश अध्याय के पाठ के बाद आरती संपन्न होगी। शाम 4:15 बजे भक्त रथ खींचकर मुख्य मंदिर लायेंगे। शाम 5:30 बजे महिलाएं रथ पर पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद सभी विग्रहों को मुख्य मंदिर में स्थापित किया जायेगा।

किसानों के लिए मिली विशेष पैकेज को मंजूरी
Published / 2023-06-28 22:07:22
किसानों के लिए मिली विशेष पैकेज को मंजूरी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने बुधवार को 3,70,128.7 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ किसानों के लिए नवीन योजनाओं के एक विशेष पैकेज को मंजूरी दी। योजनाओं का समूह टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देकर किसानों के समग्र कल्याण और उनकी आर्थिक बेहतरी पर केंद्रित है। ये पहल किसानों की आय को बढ़ायेंगी, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को मजबूती देंगी, मिट्टी की उत्पादकता को पुनर्जीवित करेंगी और खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में किसानों को करों और नीम कोटिंग शुल्कों को छोड़कर 242 रुपये प्रति 45 किलोग्राम की बोरी की समान कीमत पर यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यूरिया सब्सिडी योजना को जारी रखने की मंजूरी दे दी है। पैकेज में तीन वर्षों के लिए (2022-23 से 2024-25) यूरिया सब्सिडी को लेकर 3,68,676.7 करोड़ रुपये आवंटित करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। यह पैकेज हाल ही में अनुमोदित 2023-24 के खरीफ मौसम के लिए 38,000 करोड़ रुपये की पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) के अतिरिक्त है। किसानों को यूरिया की खरीद के लिए अतिरिक्त खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी और इससे उनकी इनपुट लागत को कम करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में, यूरिया की कीमत 242 रुपये प्रति 45 किलोग्राम बोरी है जबकि बैग की वास्तविक कीमत लगभग 2200 रुपये है। लगातार बदलती भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण, पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर उर्वरक की कीमतें कई गुना बढ़ रही हैं। लेकिन सरकार ने उर्वरक सब्सिडी बढ़ाकर अपने किसानों को उर्वरक की अधिक कीमतों से बचाया है। किसानों की सुरक्षा के प्रयास में, सरकार ने उर्वरक सब्सिडी को 2014-15 में 73,067 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2022-23 में 2,54,799 करोड़ रुपये कर दिया है। वर्ष 2025-26 तक, 195 एलएमटी पारंपरिक यूरिया के बराबर 44 करोड़ बोतलों की उत्पादन क्षमता वाले आठ नैनो यूरिया संयंत्र चालू हो जाएंगे। नैनो उर्वरक पोषकतत्वों को नियंत्रित तरीके से रिलीज करता है, जो पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता को बढ़ता है और किसानों की लागत भी कम आती है। नैनो यूरिया के उपयोग से फसल उपज में वृद्धि हुई है। वर्ष 2018 से छह यूरिया उत्पादन यूनिट, चंबल फर्टिलाइजर लिमिटेड, कोटा राजस्थान, मैटिक्स लिमिटेड पानागढ़, पश्चिम बंगाल, रामागुंडम-तेलंगाना, गोरखपुर-उत्तर प्रदेश, सिंदरी-झारखंड और बरौनी-बिहार की स्थापना और पुनरुद्धार से देश को यूरिया उत्पादन और उपलब्धता के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है। यूरिया का स्वदेशी उत्पादन 2014-15 के 225 एलएमटी के स्तर से बढ़कर 2021-22 के दौरान 250 एलएमटी हो गया है। वर्ष 2022-23 में उत्पादन क्षमता बढ़कर 284 एलएमटी हो गई है। नैनो यूरिया संयंत्र के साथ मिलकर ये यूनिट यूरिया में वर्तमान आयात पर निर्भरता को कम होगी और 2025-26 तक देश आत्मनिर्भर बन जायेगा। गोबरधन संयंत्रों से जैविक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए बाजार विकास सहायता (एमडीए) के लिए 1451.84 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं। अनुमोदित पैकेज में धरती की उर्वरता की बहाली, पोषण और बेहतरी के नवीन प्रोत्साहन तंत्र भी शामिल है। गोबरधन पहल के तहत स्थापित बायोगैस संयंत्र/संपीड़ित बायो गैस (सीबीजी) संयंत्रों से उप-उत्पाद के रूप में उत्पादित जैविक उर्वरक अर्थात किण्वित जैविक खाद (एफओएम)/तरल एफओएम /फास्फेट युक्त जैविक खाद (पीआरओएम) के विपणन का समर्थन करने के लिए 1500 रुपये प्रति मीट्रिक टन के रूप में एमडीए योजना शामिल है। ऐसे जैविक उर्वरकों को भारतीय ब्रांड एफओएम, एलएफओएम और पीआरओएम के नाम से ब्रांड किया जायेगा। यह एक तरफ फसल के बाद बचे अवशेषों का प्रबंध करने और पराली जलाने की समस्याओं का समाधान करने में सुविधा प्रदान करेगा, पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने में भी मदद करेगा। साथ ही किसानों को आय का एक अतिरिक्त स्रोत प्रदान करेगा। ये जैविक उर्वरक किसानों को किफायती कीमतों पर मिलेंगे। यह पहल इन बायोगैस/सीबीजी संयंत्रों की व्यवहार्यता बढ़ाकर चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए गोबरधन योजना के तहत 500 नए अपशिष्ट से धन संयंत्र स्थापित करने की बजट घोषणा के क्रियान्वयन की सुविधा प्रदान करेगी। टिकाऊ कृषि पद्धति के रूप में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से मृदा की उर्वरता बहाल हो रही है और किसानों के लिए इनपुट लागत कम हो रही है। कुल 425 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) ने प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन किया है और 6.80 लाख किसानों को शामिल करते हुए 6,777 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। जुलाई-अगस्त 2023 के शैक्षणिक सत्र से बीएससी तथा एमएससी में प्राकृतिक खेती के लिए पाठ्यक्रम भी तैयार किये गये हैं। पैकेज की एक और पहल यह है कि देश में पहली बार सल्फर कोटेड यूरिया (यूरिया गोल्ड) की शुरुआत की जा रही है। यह वर्तमान में उपयोग होने वाले नीम कोटेड यूरिया से अधिक किफायती और बेहतर है। यह देश में मिट्टी में सल्फर की कमी को दूर करेगा। यह किसानों की इनपुट लागत भी बचाएगा और उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ किसानों की आय भी बढ़ायेगा। देश में लगभग एक लाख प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र (पीएमकेएसके) पहले ही कार्यरत हैं। किसानों की सभी जरूरतों के लिए एक ही जगह पर उनकी हर समस्या के समाधान के रूप में यह केंद्र स्थापित किये जा रहे हैं। आज की अनुमोदित योजनाएं रासायनिक उर्वरकों का सही उपयोग करने में मदद करेंगी, जिससे किसानों के लिए खेती की लगने वाली लागत कम हो जाएगी।प्राकृतिक/जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नैनो उर्वरक और जैविक उर्वरक से धरती की उर्वरता बहाल करने में मदद मिलेगी। बेहतर मृदा स्वास्थ्य से पोषकतत्व दक्षता बढ़ती है तथा मृदा एवं जल प्रदूषण में कमी होने से पर्यावरण भी सुरक्षित होता है। सुरक्षित तथा स्वच्छ पर्यावरण से मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। फसल के अवशेष जैसे पराली जलाने से वायु प्रदूषण का मसला हल होगा तथा स्वच्छता में सुधार होगा और पर्यावरण बेहतर होगा तथा साथ ही अपशिष्ट से धन सृजन में भी सहायता मिलेगी।

शीघ्र लागू हो समान नागरिक संहिता : विहिप
Published / 2023-06-28 15:15:25
शीघ्र लागू हो समान नागरिक संहिता : विहिप

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रायपुर में अपनी केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक में, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विधि आयोग द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर संदर्भ लेने का स्वागत किया है। विहिप के केंद्रीय कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने आज कहा कि यह संतोष की बात है कि आयोग ने इस विषय पर सभी हितधारकों से विचार आमंत्रित किये हैं। भारतीय समाज के सभी वर्गों के सुझाव प्राप्त कर एवं उन पर विचार कर शीघ्र ही यूसीसी को अधिनियमित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 44 सभी सरकारों को पूरे भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।श्री आलोक कुमार ने कहा कि यह अफसोस की बात है कि जो सांसद और विधायक भारत के संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखने की शपथ लेते हैं, वे संविधान के इन 73 वर्षों में भारत के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लाने में विफल रहे हैं।विहिप नेता ने यह भी कहा कि सरला मुद्गल के मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने जल्द से जल्द यूसीसी को अधिनियमित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कई उच्च न्यायालयों ने बार-बार इसकी आवश्यकता पर जोर दिया है। न्यायालय ने याद दिलाया कि अनुच्छेद 51ए के तहत धार्मिक विविधताओं से परे भारत के सभी लोगों के बीच सद्भाव और समान भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना सभी नागरिकों का मौलिक कर्तव्य है।भारत में, सभी नागरिक आपराधिक कानून, संपत्ति, अनुबंध और वाणिज्यिक कानूनों सहित सामान्य कानूनों द्वारा शासित होते हैं। उन्होंने कहा, ऐसा कोई कारण नहीं है कि पारिवारिक कानून ही एकमात्र अपवाद क्यों बने रहें।इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि एक धार्मिक समुदाय के व्यक्तिगत कानून महिलाओं की गरिमा, समानता और अन्य अधिकारों का गंभीर उल्लंघन करते हैं। बहुविवाह, तलाक और उत्तराधिकार के बारे में उनके प्रावधान आधुनिक समय से लगभग 1400 वर्ष पीछे हैं। इस तरह की प्रथाएं संविधान द्वारा प्रदत्त महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। इसी तरह, यूसीसी के तहत बच्चों के अधिकारों को भी संरक्षित करने की आवश्यकता है।उन्होंने आशा व्यक्त की है कि विधि आयोग समाज के विभिन्न वर्गों से अच्छी प्रथाओं को सामिल करके संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप यूसीसी का मसौदा शीघ्र तैयार करेगा।विहिप भारत के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता शीघ्र लागू करने के लिए आशान्वित है। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल (9810949109) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

अब मिडिल क्लास पर टमाटर भी हुआ लाल
Published / 2023-06-27 20:51:12
अब मिडिल क्लास पर टमाटर भी हुआ लाल

रांची में भी टमाटर ने लगायी सेंचुरीटीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं। रांची के बाजारों में टमाटर की कीमत मंगलवार को 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक देखे गये। टमाटर के दाम में अचानक बढ़ोतरी होने के बाद ईटीवी भारत की टीम ने रांची के सब्जी मंडी में जाकर जायजा लिया। लोग यहां पर टमाटर महज दो सौ से ढाई सौ ग्राम की मात्रा में खरीद रहे हैं। लोगों ने बताया कि सब्जी मंडी में भी टमाटर के दाम आम आदमी की बजट से बाहर है। टमाटर खरीदने पहुंचे लोगों ने बताया कि झारखंड के लोकल टमाटर की कीमत 60 से 65 रुपये प्रति किलो है तो वहीं दूसरे राज्यों से आने वाले टमाटर की कीमत 90 से 100 रुपये प्रति किलो तक हो गयी है। जिस वजह से आम लोग कम मात्रा में टमाटर खरीदने को मजबूर हैं। वहीं कई लोगों ने बताया कि जिनकी आमदनी कम है वह बिना टमाटर खरीदे ही अन्य सब्जी लेकर घर जा रहे हैं। वहीं सब्जी विक्रेताओं ने भी बताया कि दो दिन पहले तक टमाटर की कीमत 35 से 40 रुपये प्रति किलो थी लेकिन मंगलवार की सुबह से टमाटर की कीमत में अचानक दो गुणा से तीन गुणा ज्यादा बढ़ोतरी हो गयी है।

माहेश्वरी भवन में 11 से 13 तक होगा उमंग सावन मेला कम एग्जीबिशन 2023
Published / 2023-06-27 18:00:49
माहेश्वरी भवन में 11 से 13 तक होगा उमंग सावन मेला कम एग्जीबिशन 2023

टीम एबीएन, रांची। माहेश्वरी महिला समिति रांची के द्वारा उमंग सावन मेला कम एग्जीबिशन 2023 का आयोजन 11-12-13 जुलाई को माहेश्वरी भवन में होने जा रहा है। मेला का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाना और उन्हें एक मंच प्रदान करना। संयोजिका सुमन चितलांगिया, संगीता चितलांगिया, शशि डागा, विजयश्री साबू का मानना है स्वरोजगार के लिए आगे आने को प्रोत्साहित करना भी एक लक्ष्य है। महिलाओं के लिए आमदनी के साथ-साथ मनोरंजन की भी व्यवस्था रहेगी। पूर्व अध्यक्ष रेनू फलोर एवं उपाध्यक्ष वंदना मारु ने बताया मेला लगाने का मकसद यही है छोटे उद्यमि जो घर बैठे कम पूंजी में काम करते हैं उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए एक प्लेटफार्म मिले। अध्यक्ष भारती चितलांगिया, सचिव बिमला फलोर ने कहा उमंग सावन मेला में रांची के साथ झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा कोलकाता, सूरत, मुंबई, राजस्थान, बनारस, बैंगलोर जैसे कई जगहों से स्टाल के लिए  बुकिंग आ चुकी है। मीडिया प्रभारी रश्मि  मालपानी का कहना है। मेले में 50 से जायदा स्टाल लगाने की तैयारी चल रही  है। एक्सहिबिशन में रियल डायमंड ज्वेलरी डिजाइनर साड़ी, लहंगा, कुर्ती, हैंड मेड ज्वेलरी, गिफ्ट आइटम, राखी, लड्डू गोपाल की पोशाक के साथ उनके श्रृंगार सामग्री, बेडशीट, बैग, डाइनिंग कुकवेयर, लजीज  व्यंजन, आइसक्रीम, केक  कुकिंस आदि का स्टाल लग रहा है। बाहर  से आने  वालो के लिए रहने की सुबिधा दी गयी है। आज के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड बिहार प्रदेश माहेश्वरी सभा अध्यक्ष राजकुमार मारू, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिव शंकर साबू, रांची सभा सचिव नरेंद्र लखोटिया उपस्थित रहे। मेले को सफलता पूर्वक सम्पन करने  के लिए महिला समिति की सभी  सदस्य जुटी है। उक्त जानकारी माहेश्वरी महिला समिति की मीडिया प्रभारी रश्मि मालपानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

लोहरदगा : बिंदेश्वर उरांव डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित
Published / 2023-06-26 23:29:46
लोहरदगा : बिंदेश्वर उरांव डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित

टीम एबीएन, भंडरा, लोहरदगा। लोहरदगा के भंडरा प्रखंड अंतर्गत वकील अम्बवा के गरीब आम आदमी बिंदेश्वर उरांव को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मैरीलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया है। बिंदेश्वर उरांव सेवन स्टार्स अकादेमी हेहल रांची के निदेशक हैं। वर्तमान में सेवन स्टार्स अकादमी की पांच ब्रांच चल रही है। 25 जून को इंडिया हैविटेट सेंटर नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर के दर्जनों लोगों को यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर व सीनेट के सभी सदस्यों के द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। गौरव की बात यह है कि इस उपाधि के लिए बिंदेश्वर उरांव  झारखंड से एकलौता सदस्य थे। यह झारखंड प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव की बात है। राष्ट्रीय स्तर पर काफी रिसर्च के बाद इस सम्मान के लिये लोगों का चयन किया गया। आज से बिंदेश्वर उरांव अब डॉ बिंदेश्वर उरांव के नाम से पूरे देश के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी जाने जाएंगे। इस उपाधि के लिये झारखंड प्रदेश की जनता उन्हें बधाई दी है। प्रदेश वापसी पर उन्हें जनता ने स्वागत एवम अभिनंदन किया।

महज एक लाख के लिए मां ने 14 साल की बेटी को 31 वर्षीय से ब्याहने को बेचा...
Published / 2023-06-26 18:16:24
महज एक लाख के लिए मां ने 14 साल की बेटी को 31 वर्षीय से ब्याहने को बेचा...

बीबीए की मदद से बच्ची को बचाया गयाएबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के मधुबनी स्थित मधेपुर में मां ने शादी के लिए अपनी 14 वर्षीय बेटी को एक लाख रुपये के लिए 31 वर्षीय व्यक्ति के हाथों बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में मधेपुर पुलिस ने आरोपित मां सहित छह आरोपितों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम- 2006 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। इन आरोपितों में दूल्हा, उसके पिता और रिश्तेदार, पुजारी के साथ बिचौलिये भी शामिल हैं। इस शादी को मधेपुर स्थित एक मंदिर में करवाये जाने की तैयारी थी।इस बाल विवाह के बारे में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी की ओर से स्थापित बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) और एनजीओ सर्वो प्रयास संस्थान ने बिहार पुलिस को जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।इस मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आयी है कि आरोपित 40 वर्षीय मां संगीता देवी अपने पति से अलग होकर नाबालिग बेटी के साथ मधेपुर में रह रही थी। उस पर पहले से ही पैसे के बदले दूसरी लड़कियों की शादी करवाने के आरोप हैं। जब यह पता चला कि वह अपनी बेटी की शादी करवा रही है, तो इस पर संदेह पैदा हुआ। इस बारे में चाइल्ड हेल्पलाइन को जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस और बचपन बचाओ आंदोलन को यह जानकारी दी गयी।एफआईआर के मुताबिक मध्य प्रदेश के सागर जिला निवासी आरोपित दूल्हे की उम्र 31 साल है। इसके अलावा इस शादी के लिए वर पक्ष ने नाबालिग लड़की की मां को एक लाख रुपये दियेथे।वहीं, इस मामले में एक मां का अपनी 14 साल की बेटी की बिक्री करना चौंकाने वाली बात है। पूछताछ के दौरान नाबालिग ने बताया कि उसे अपनी मां पर भरोसा था। उससे यह कहा गया था कि जिससे उसकी शादी हो रही है, उसके पास काफी पैसा है। नाबालिग को यह भी भरोसा दिया गया था कि शादी के बाद उसकी जिंदगी में सुख ही सुख होगा।इस मामले यह बात भी सामने आई है कि लड़की के पिता रामेश्वर मंडल ने उसकी जिम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। नाबालिग को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित बालिका गृह भेज दिया गया।बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) के कार्यकारी निदेशक धनंजय टिंगल ने कहा- अभी भी बाल विवाह हमारे समाज के एक बड़े हिस्से में फैला हुआ है। इसके खिलाफ हमारी लड़ाई कठिन है। लेकिन प्रशासन और संस्थाओं के साथ-साथ आम लोग इसके खिलाफ काम कर रहे हैं। हम इसे खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हमें साल 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सभी के सहयोग और सक्रिय भागीदारी की जरूरत है। इस संबन्ध में अधिक जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से भी संपर्क कर सकते हैं।

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