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समान नागरिक संहिता के नाम पर भड़काने से बाज आयें मुस्लिम नेता : विहिप
Published / 2023-07-14 13:09:35
समान नागरिक संहिता के नाम पर भड़काने से बाज आयें मुस्लिम नेता : विहिप

एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डाॅ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि भारत का संविधान और न्यायपालिका बार-बार कहती है कि काॅमन सिविल कोड लागू होना चाहिए। वर्तमान सरकार ने लाॅ कमीशन की स्थापना की। लाॅ कमीशन ने सम्पूर्ण देश की राय जानने के लिए एक निमंत्रण भेजा। यह स्वागत योग्य कदम है। इससे बड़ी और कोई  लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं हो सकती।डाॅ जैन ने कहा कि जिसका विरोध है, वह दर्ज कर सकता है। जिसके सुझाव हैं वे दे सकते हैं। जो सहमत हैं वह अपनी सहमति दे सकते हैं। लेकिन इस मौके का उपयोग जिस प्रकार कुछ मुस्लिम नेताओं तथा मुल्ला-मौलवियों ने मुस्लिम समाज को भड़काने के लिए किया है, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। वे कहते हैं कि यह हमारे शरियत पर हमला है। भारत में जो शरियत है, वह तो 1937 में अंग्रेजों की दी हुई है। डॉ सुरेंद्र जैन ने पूछा है कि क्या भारत की शरियत सऊदी अरब, इराक, इरान की शरियत जैसी ही है? यदि अल्लाह की होती तो पुरी दुनिया में एक जैसी शरियत होती। उन्होंने मुस्लिम नेताओं से कहा कि वे मुस्लिम समाज को शरियत के नाम पर भड़काना बंद करें।समान नागरिक कानून का विरोध कर रहे मुसलमानों से उन्होंने पूछा है कि क्या आप नहीं चाहते कि आपकी बच्चियां तीन तलाक के डंक से मुक्त हों और हवाला जैसी पीड़ा उन्हें सहनी न पड़े? मुताह निकाह के लिए अरब के शेख भारत में आकर 12-13 साल की बच्चियों को वेश्या के तौर पर रख कर उनका यौन शोषण करते हैं और फिर छोड़कर चले जाते हैं। उन बच्चियों को इस घृणित परंपरा से मुक्ति मिलनी चाहिए ताकि वे समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ सकें।उन्होंने कहा कि अब तो आपने सभी सीमाएं पार कर दी हैं। क्यू आर कोड जारी कर रहे हैं, ताकि सब एक जैसा बोले और लिखे। कल जुम्में का दिन है यौमे नमाज की घोषणा की गई है ताकि पूरे देश का मुस्लिम समाज सड़कों पर उतरे, नमाज करे और कॉमन सिविल कोड का विरोध करे।क्यू आर कोड बांटने वालों से डाॅ सुरेन्द्र जैन ने पूछा है कि क्या वे इस बात का आश्वासन दे सकते हैं कि देश में इसको लेकर कोई सिरफिरा सड़कों पर उतरकर हिंसा नहीं करेगा? उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

माहेश्वरी महिला समिति रांची ने किया उमंग सावन मेला का आगाज
Published / 2023-07-11 20:25:07
माहेश्वरी महिला समिति रांची ने किया उमंग सावन मेला का आगाज

टीम एबीएन, रांची। माहेश्वरी महिला समिति रांची के सौजन्य से उमंग सावन मेला एक्सहिबिशन का आगाज माहेश्वरी भवन में हुआ। विभिन्न शहर से आयी महिला उद्यमियों का हौसला बढ़ाने के लिए मेले में मुख्य अतिथि के रूप में रांची की मेयर आशा लकड़ा, लायंस क्लब के अध्यक्ष एवं उनकी पत्नी रतन सुनीता अग्रवाल एवं मनीषा बियानी का स्वागत महिला अध्यक्ष भारती चितलांगिया एवं सचिव  बिमला फलोर ने किया। साथ ही माहेश्वरी प्रदेश सभा अध्यक्ष राजकुमार मारू, महिला प्रदेश सचिव संगीता चितलांगिया, रांची सभा अध्यक्ष किशन साबू, सचिव नरेंद्र लखोटिया, युवा अध्यक्ष विनय मंत्री, सचिव हेमंत माहेश्वरी का मेला संयोजिका सुमन चितलांगिया, निवर्तमान अध्यक्ष विजय जी साबू, शशि डागा रेनू फलोर, वंदना मारू, अनीता साबू ने अभिनंदन किया। सभी अतिथियों ने महादेव शंकर को माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। मेयर ने उमंग मेले में भाग लेने वाले सभी उद्यमियों को शुभकामना दी और जीवन में अपने लक्ष्य में आगे बढ़ने के लिए हौसला बढ़ाया। रतन सुनीता अग्रवाल ने मेला परिसर घूमते हुए सभी से बात की। उनका मनोबल बढ़ाया। खासकर कम पूंजी में घर बैठे काम कर रही महिलाओं के लिए इस तरह के मंच प्रदान करने के लिए सेंट्रल इंडिया रीजनल कौंसिल आफ इंस्टिट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया में झारखंड को रिप्रेजेंट करने वाली मनीषा बियानी ने माहेश्वरी महिला समिति को मेला आयोजन के लिए सराहनीय शब्द कहे। तीन दिवसीय इस मेले में गोल्ड डायमंड के गहने, साड़ी, लहंगा, कुर्ती, गाउन, हैंड मेड ज्वेलरी, राखी, क्रॉकरी, केक के साथ लजीज व्यंजन के स्टाल्स लगे। मेले के सफल आयोजन में सरला, निधि, विनीता, रश्मि, सीमा, ममता, शारदा, खुशबू, पूनम, कुमुद, रमा, मंजू, नेहा, सुमन, पारुल, रेखा, शिखा, लक्ष्मी, सरोज, सरिता, रेखा, नेहा समेत सभी महिला समिति का साथ रहा। उक्त जानकारी माहेश्वरी महिला समिति की मीडिया प्रभारी रश्मि मालपानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

आनलाइन दुनिया में बच्चों की सुरक्षा : इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड ने उत्तराखंड एससीपीसीआर के साथ किया मशविरा
Published / 2023-07-10 18:59:52
आनलाइन दुनिया में बच्चों की सुरक्षा : इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड ने उत्तराखंड एससीपीसीआर के साथ किया मशविरा

एबीएन सोशल डेस्क। आनलाइन दुनिया में बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड (आईसीपीएफ) ने सोमवार को देहरादून में उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एससीपीसीआर) के साथ परिचर्चा की। इस दौरान बच्चों को आनलाइन खतरों से बचाने के उपायों को सशक्त बनाने और साइबर अपराधियों पर लगाम कसने के लिए उन पर निगरानी को मजबूत बनाने के लिए बेहतर रणनीतियां विकसित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बच्चों की आनलाइन सुरक्षा के मुद्दे पर दिन भर चले इस मंथन के दौरान अन्य लोगों के अलावा राज्य की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य, उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक व आईसीपीएफ के सीईओ ओपी सिंह, एससीपीसीआर की अध्यक्ष डॉ गीता खन्ना और उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार भी मौजूद थे।आईसीपीएफ बच्चों की आनलाइन सुरक्षा और खास तौर से आनलाइन बाल यौन शोषण के खतरों से निपटने के लिए अर्से से काम कर रहा है। इस मुद्दे पर जागरूकता पैदा करने के लिए वह खास तौर से बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच काम कर रहा है। साथ ही बच्चों को आनलाइन यौन शोषण के खतरे से बचाने के लिए वह देश की तमाम कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिल कर भी काम कर रहा है। बच्चों के खिलाफ बढ़ते आनलाइन खतरों के प्रति परिवारों के बदलते माहौल को जिम्मेदार ठहराते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि इस मशविरे के दौरान बनी सहमतियों को सख्त दिशा-निर्देशों, कार्रवाइयों और प्रभावी अमल में तब्दील किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा हालात की मांग है ताकि बच्चों के लिए एक निरापद और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।मौजूदा हालात के मद्देनजर इन खतरों से निपटने में सभी पक्षों से राय मशविरे की अहमियत पर जोर देते हुए आईसीपीएफ के सीईओ व उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि आनलाइन दुनिया में चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटीरियल (सीसैम) की उपलब्धता और मांग विकराल रूप लेती जा रही है जो बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा है। लिहाजा यह समय की मांग है कि हम इन खतरों पर मंथन करें, नयी रणनीतियां बनाएं और उन पर प्रभावी अमल सुनिश्चित करें। बच्चों की आनलाइन सुरक्षा के लिए नीतिगत कदम उठाए जायें और साइबर अपराधियों की एक तय समयसीमा में धरपकड़ के लिए फोरेंसिक जांच और अत्याधुनिक तकनीकों की मदद ली जाये।बच्चों को चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटीरियल (सीसैम) सहित तमाम आनलाइन खतरों के बारे में जागरूक कर पाने में समाज की विफलता पर चिंता जताते हुए एससीपीसीआर की अध्यक्ष डॉ गीता खन्ना ने कहा कि बच्चों के आनलाइन यौन उत्पीड़न के मामले मुश्किल चुनौती पेश कर रहे हैं। हमारे पास बच्चों को आनलाइन यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए कानूनी प्रावधान तो हैं लेकिन जागरूकता की कमी है।इसलिए हमें अपनी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आक्रामक रूप से प्रशिक्षित करने की जरूरत है ताकि वे अपनी भूमिका प्रभावी तरीके से निभा सकें। उन्होंने आगे कहा कि हम बच्चों को आनलाइन यौन उत्पीड़न के खतरों के बाबत आगाह कर पाने में सफल नहीं हो पाये हैं। हम अभी तक उन्हें इनके बारे में न ठीक से बता पाए हैं और न समझा पाये हैं।कोराना महामारी के दौरान आनलाइन कक्षाओं के कारण बच्चों की मोबाइल फोन व लैपटाप तक पहुंच तो हो गयी लेकिन साथ ही इससे नए खतरे पैदा हुए हैं। हालिया वर्षों में बच्चों के आनलाइन यौन शोषण की घटनाओं में तेजी से इजाफा देखने को मिला है। नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लाएटेड चिल्ड्रेन (एनसीएमईसी) के आंकड़ों के अनुसार पिछले 15 वर्षों में सीसैम की आनलाइन उपलब्धता में 15 हजार फीसद का इजाफा हुआ है। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि बच्चों के आनलाइन यौन उत्पीड़न की प्रभावी रोकथाम के लिए दो काम जरूरी हैं। पहला, हमें आम जनता और पुलिस महकमे को इसके खिलाफ जागरूक करने की जरूरत है क्योंकि यह एक नया और उभरता हुआ खतरा है जिसके बारे में लोगों को ठीक से समझना जरूरी है। दूसरा जरूरी कदम है कानून का पालन। इस समस्या से निपटने के लिए सिर्फ ये दो कदम काफी कारगर होंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए जीतेंद्र परमार (8595950825) से भी संपर्क किया जा सकता है।

सावन की पहली सोमवारी : बाबाधाम में लगी आठ किमी लंबी कतार
Published / 2023-07-10 17:36:05
सावन की पहली सोमवारी : बाबाधाम में लगी आठ किमी लंबी कतार

विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंग देवघर बाबा धाम में उमड़े श्रद्धालुएबीएन न्यूज नेटवर्क, देवघर। सावन की पहली सोमवारी को लेकर विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। सावन में बाबा धाम का स्वरूप देखते ही बनता है। श्रद्धालुओं की भीड़ बिहार के सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बाबा के दर्शन को पहुंच रहे हैं।इस दौरान उनका उत्साह देखते ही बन रहा है। पूरा क्षेत्र बोल बम के नारों से गूंज उठा है। भारी संख्या में श्रद्धालु भगवा पहनकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच रहे हैं। बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर सुख शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं। यहां पर कावरियों की लगभग 8 किलोमीटर की लंबी कतार लगी हुई है। सुबह 4 बजे मंदिर का पट खुलने के बाद से ही जलार्पण को लेकर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। भीड़ नियंत्रण और सुलभ जलार्पण को लेकर देवघर जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किये हैं। हर तरफ चाक चौबंद व्यवस्था की गयी है।

अमरनाथ यात्रा : भारी बारिश और भूस्खलन के चलते रोकी गयी यात्रा
Published / 2023-07-10 17:31:41
अमरनाथ यात्रा : भारी बारिश और भूस्खलन के चलते रोकी गयी यात्रा

आज भी स्थगित रही अमरनाथ यात्रा, शिविरों में फंसे हजारों तीर्थयात्रीएबीएन सोशल डेस्क। अमरनाथ यात्रा को आज फिर स्थगित कर दिया गया। दरअसल, खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के चलते अमरनाथ यात्रा में भारी परेशानी आ रही है। जिसके चलते शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा को अस्थाई रूप से रोकना पड़ा था। उसके बाद शनिवार को भी कई रूट्स पर अमरनाथ यात्रा रुकी रही। यात्रा के स्थगित होने से रामबन में करीब 6 हजार से ज्यादा तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। यही नहीं भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से जम्मू-कश्मीर नेशनल हाइवे बंद हो गया है। जिससे उधमपुर में वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग गयी हैं। रामबन के उपायुक्त मुसरत इस्लाम के मुताबिक, यात्री निवास में तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं मुहैया है। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं कि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इसी के साथ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने तीर्थयात्रियों को इस बात को लेकर आश्वस्त किया कि वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे घबराएं ना। इसके साथ ही उन्होंने तीर्थ यात्रियों को अधिकारियों ने निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

चुनौतियों का सामना करने के लिए बनेंगे विश्व हिंदू परिषद के सशक्त संगठन : मिलिंद परांडे
Published / 2023-07-09 19:46:11
चुनौतियों का सामना करने के लिए बनेंगे विश्व हिंदू परिषद के सशक्त संगठन : मिलिंद परांडे

टीम एबीएन, हजारीबाग। विश्व हिंदू परिषद की तीन दिवसीय प्रांत कार्यसमिति बैठक हजारीबाग स्थित मुनका बगीचा सभागार में अपराह्न 1 बजे संपन्न हुई। बैठक में विशेष रूप से विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे उपस्थित थे।बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मिलिंद परांडे ने कहा झारखंड सहित देश में घुसपैठ, धर्मांतरण, जिहाद, गोवंश हत्या, गोवंश तस्करी, कम्युनिस्ट विचारधारा इत्यादि हिंदू समाज का वृहद चुनौतियां है, इन चुनौतियों के सामना के लिए विश्व हिंदू परिषद के शष्टिपूर्ति (60 वर्ष पूर्ण होने ) 2023-24 वर्ष में सशक्त संगठन बनायेगी। उन्होंने कहा आज हिंदू का बुद्धि भ्रम करने की शक्तियां काफी प्रबल रूप से कुप्रचार कर रही है। हम हिंदू नहीं हैं... ऐसा विमर्श खड़ा करके समाज को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्मावलंबियों ने अपने धर्म एवं संस्कृति की जीवंत स्थिति को निरंतरता बनाये रखने के लिए समाज सदैव संघर्षशील रहा है। हिंदू समाज के 76 बड़े संघर्ष के बाद भगवान पुरुषोत्तम श्री राम जी का मंदिर बनाने का श्रेय विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को मिल रहा है। आगामी 14 जनवरी से 24 जनवरी 2024 के बीच अयोध्या जी में निर्मित भव्य मंदिर पर भगवान राम लला का प्राण प्रतिष्ठा होते हुए हम सभी देखने वाले हैं। इसके पूर्व नवंबर दिसंबर में संत यात्रा निकाली जायेगी। उन्होंने कहा इन तिथियों के बीच संपूर्ण राष्ट्र राममय बन जायेगा। उन्होंने समाज से आग्रह किया प्राण प्रतिष्ठा दिवस के रात्रि में दीपोत्सव का कार्यक्रम करें। उन्होंने कहा झारखंड सहित संपूर्ण राष्ट्र में 30 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच बजरंग दल शौर्य जागरण यात्रा निकाली जायेगी। उन्होंने कहा झारखंड पराक्रमी देशभक्तों व क्रांतिकारी वीरों - बिरंगानायों की धरती है। शौर्य जागरण यात्रा में सभी वीरों के शौर्य को जन जन तक बतायी जायेगी।प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा आगामी 15 जुलाई से 15 अगस्त तक झारखंड प्रांत के सभी खंड समिति ( पंचायत समिति) का गठन पूर्ण किया जाएगा, पूरे झारखंड में 5, 000 खंड समिति (पंचायत) बनाने का लक्ष्य है। 7 सितंबर से 21 सितंबर तक विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस  मनाया जायेगा।21 नवंबर से 10 दिसंबर संतो के प्रवास कार्यक्रम होंगे जिसमें सभी संत गांवों की ओर जन जागरण करेंगे।19 सितंबर से 8 अक्टूबर तक बजरंग दल शौर्य जागरण यात्रा निकाली जाएगी। बैठक में 122 कार्यकर्ताओं को नवीन दायित्व दी गयी।बैठक में क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद कुमार, क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, धर्म प्रसार क्षेत्र प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, गोरक्षा क्षेत्र प्रमुख त्रिलोकीनाथ बागी, प्रांत कार्याध्यक्ष तिलक राज मंगलम, मार्गदर्शक मंडल के प्रांतीय संयोजक स्वामी कृष्ण चेतन ब्रह्मचारी, प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत सह मंत्री रामनरेश सिंह, मनोज पोद्दार, रंगनाथ महतो, बजरंग दल प्रांत संयोजक दीपक ठाकुर, हजारीबाग जिला मंत्री अरविंद मेहता, हजारीबाग जिला कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार, संजय चौबे, शिवकुमार, गुरुदेव गुप्ता, प्रशांत सिंह सहित 262 कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

बोकारो में हुआ योगासना खेल का चौथा राज्य स्तरीय जज और कोच प्रशिक्षण
Published / 2023-07-08 20:00:06
बोकारो में हुआ योगासना खेल का चौथा राज्य स्तरीय जज और कोच प्रशिक्षण

टीम एबीएन, रांची। योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन आफ झारखंड के ने चौथा जज एवं कोच प्रशिक्षण का आयोजन दिल्ली पब्लिक स्कूल, बोकारो में किया गया, जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि योगासन भारत के महासचिव डॉ जयदीप आर्य और विशिष्ट अतिथि योगासन के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, धनबाद योगासन सचिव बिपिन पांडे, उप प्राचार्य ने किया। यह प्रशिक्षण 8 और 9 जुलाई को आयोजित है। योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन आफ झारखंड के सचिव बिपिन पांडे ने बताया कि इस प्रशिक्षण में झारखंड के सभी जिला से 70 लोग भाग लिये हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य झारखंड में योगासन खेल को गांव-गांव तक पहुंचा कर योगासन के लिए खिलाड़ी तैयार करना और खेल के प्रति जागरूक करना है।

फूलों की खेती को रोजगार का साधन बना रहे किसान
Published / 2023-07-08 14:16:28
फूलों की खेती को रोजगार का साधन बना रहे किसान

क्षेत्र में फैल रहा फूलों की खुशबू, व्यापारियों को मिल रहा ताजा फूलयुवाओं के लिए बेहतर अवसर साबित हो रहा फूलों की खेतीस्थानीय प्रशासन उद्यानिकी फसलों को दे रहा बढ़ावापलामू प्रमंडल के 450 से अधिक किसानों के बीच बांटे गये थे फूल के पौधेटीम एबीएन, पलामू। गेंहू, मक्का, धान जैसी अन्य पारंपरिक फसलों की खेती छोड़ पलामू प्रमंडल के किसान अब फूलों की खेती में जोर आजमा रहे हैं। लागत कम और मुनाफा अधिक होने की उम्मीद से किसानों ने पारंपरिक खेती के स्थान पर अन्य दूसरे फसलों में रूचि ले रहे हैं, ताकि वे आर्थिक रूप से सबल हो सकें और खेती-किसानी में उनका मान-सम्मान भी बना रहे। पलामू प्रमंडल के जिले पलामू, गढ़वा एवं लातेहार के कुछ किसानों ने फूलों की खेती कर अपनी पहचान बनायी है। किसान फूलों की खेती में न केवल संभावनाएं तलाश रहे हैं, बल्कि अधिक मुनाफा पाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। फूलों की खेती का सुखद परिणाम भी सामने आये हैं। खेतों में फूलों की विभिन्न प्रजातियां अपनी खुशबू बिखेर रही है। किसानों की कड़ी मेहनत और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यह सब संभव हो पाया है। पलामू प्रमंडल के 459 किसानों के बीच उद्यान विभाग की ओर से फूल के पौधे वितरित किये गये थे।पलामू में 130 किसानों ने की फूलों की खेतीपलामू के चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के कंकारी, बसरिया कला, सलतुआ, बंदुआ आदि पंचायत के 130 किसानों के बीच गेंदा एवं ग्लैडियोलस के पौधे उपलब्ध कराये गये थे। चैनपुर के बसरिया कला की ललिता देवी, मंजू देवी, सोकरा की रीतू देवी, मीना देवी सहित अन्य महिला किसानों ने छोटे-छोटे पैच में फूलों की खेती की।लातेहार में 20 हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए पौधेलातेहार जिले में 20 किसानों को गेंदा और ग्लैडियोलस फूल के पौधे उपलब्ध कराये गये थे। चंदवा प्रखंड क्षेत्र के किसानों ने 20 हेक्टेयर के क्षेत्रफल के लिए फूलों के पौधे विभाग से प्राप्त कर खेती की। इनमें से राजेन्द्र उरांव, निर्मला देवी, सगुना कुमारी आदि किसानों ने फूलों की खेती कर अपनी आमदनी बढ़ायी है।गढ़वा के 175 किसानों ने लिये थे गेंदा फूलगढ़वा जिले के 60 किसानों को गुलाब, 74 किसानों को ग्लैडियोलस एवं 175 किसानों के बीच गेंदा फूल के पौधे वितरण हुए थे। जिले के मेराल प्रखंड अंतर्गत अरंगी पंचायत के बनखेता गांव निवासी आरमा कुशवाहा एवं केतार प्रखंड के वेलावार निवासी अलताफ अंसारी ने भी फूलों की खेती प्रारंभ की है। किसानों ने बताया कि अन्य पारंपरिक खेती की अपेक्षा फूलों की खेती से उन्हें काफी फायदा हुआ है। आर्थिक समृद्धि आ रही है। फूलों की अच्छी खेती देख उनके मन भी प्रफुलित हो उठता है। अच्छी आमदनी से उनमें संभावनाओं वाली खेती की ओर रूचि भी जागृत किया है। उनके मान-सम्मान भी बढ़े हैं और क्षेत्र में अलग पहचान भी बनी है। वेलावार के ही सकील अंसारी, केतार के जितेन्द्र कुमार मेहता, मकरी के नसरूदीन मियां, रंका के पिंटू मालाकार आदि ने भी फूल की खेती प्रारंभ की है। इसके अलावा करूआ कला, नगर उंटारी आदि विभिन्न प्रखंडों के गांवों में किसान फूलों की खेती में जोर आजमा रहे हैं।अलताफ ने लगाये विभिन्न प्रजाति के फूलकेतार प्रखंड के वेलावार निवासी अलताफ अंसारी एक एकड़ भूमि पर फूलों की खेती कर रहे हैं। वे गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा, सूर्यमुखी आदि विभिन्न प्रजाति के फूलों की खेती की है। खेती में उनका परिवार भी सहयोग कर रहा है। फूल केतार सहित भवनाथपुर, कांडी एवं नगर उंटारी तक व्यापारी ले जाते हैं। फूल के साथ-साथ वे माला बनाकर भी बेचते हैं। कृषि विभाग से उन्हें सहयोग मिला है। इसके पूर्व वे पारंपरिक खेती करते थे, लेकिन उतनी मुनाफा नहीं होती थी, जितनी मुनाफा फूल की खेती से हुई है।कम लागत में ज्यादा मुनाफामेराल प्रखंड के अरंगी बनखेता निवासी आरमा कुशवाहा ने बताया कि कृषि-सह-उद्यान पदाधिकारी के प्रयास से उन्हें फूल के बीज उपलब्ध कराये गये थे। फूलों की खेती की जानकारी और उसके फायदे भी बताये गये थे, जिसके बाद फूल की खेती प्रारंभ किया है। फूल के साथ-साथ माला बनाकर भी बेचते हैं। इससे अच्छी आमदनी हो रही है। फूलों की खेती में बहुत फायदा समझ में आ रहा है। कम लागत में ज्यादा मुनाफा हो रहा है। आसपास के किसान भी फूल की खेती देखने आते हैं और इसके संबंध में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।अच्छी आमदनी कर रहे किसानगढ़वा जिले के कृषि-सह-उद्यान पदाधिकारी शिवशंकर प्रसाद ने बताया कि जिले के किसान गेंहू, धान, मक्का आदि मौसमी एवं पारंपरिक खेती कर जीविकोपार्जन करते थे। किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देष्य से उद्यान विभाग, गढ़वा द्वारा उद्यान विकास योजना एवं राज्य वागवानी मिशन योजना के तहत किसानों को गेंदा, गुलाब और ग्लैडियोलस के पौधे उपलब्ध कराये गये। साथ ही उन्हें जागरूक भी किया गया। अब यहां के किसान फूलों की खेती से अच्छी आमदनी कर रहे हैं और वे आर्थिक रूप से मजबूत होने लगे हैं। फूलों की खेती में किसानों को उनके परिवारजन भी सहयोग कर रहे हैं।फूल की खेती को दिया जायेगा बढ़ावापलामू के उद्यान पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि पलामू के चैनपुर प्रखंड में 99 किसानों के बीच गेंदा, जरबेरा एवं ग्लैडियोलस के पौधे उपलब्ध कराये गये थे। इसका बेहतर रूझान देखने को मिला। फूलों की खेती को किसान आमदनी का उत्कृष्ट व्यवस्था मान रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर चैनपुर में कलस्टर स्तर पर फूल की खेती कराने के उद्देश्य से किसानों को फूल के पौधे उपलब्ध कराये गये थे। फूल की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसान बेहतर आमदनी कर दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें। जिले में अन्य उद्यानिकी फसलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसान आर्थिक रूप से सबल हो सकें। सबसे बड़ी बात है महिला किसानों ने फूल की खेती के लिए ज्यादा उत्सुक दिखे।

लोहरदगा से शिवभक्तों का एक जत्था अमरनाथ दर्शन को रवाना
Published / 2023-07-07 22:12:35
लोहरदगा से शिवभक्तों का एक जत्था अमरनाथ दर्शन को रवाना

टीम एबीएन, लोहरदगा। शुक्रवार को जिले से अमरनाथ यात्रा के दौरान बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए शिवभक्तों का एक जत्था रवाना हुआ। जत्था में कुणाल, अभिषेक, अजय अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, रमेश गुप्ता, मनीष कुमार, आशीष कुमार, डॉ अंबर अग्रवाल शामिल हैं।

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