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कर लो मंगल पाठ, यही जीने का सहारा है...
Published / 2023-07-19 20:24:29
कर लो मंगल पाठ, यही जीने का सहारा है...

टीम एबीएन, झुमरीतिलैया। सावन के मौके पर श्याम चौधरी के निवास स्थल पर सिंधारा महोत्सव सह मंगल पाठ किया गया। मौके पर श्री राणी सती दादी का अलौकिक शृंगार किया गया। चार घंटे तक चले इस मंगल पाठ में श्री राणी सती दादी के जन्म से लेकर, शिक्षा-दीक्षा एवं वीर गाथा का वर्णन किया गया। मंगल पाठ में मंगल भवन अमंगल हारी, नारायणी तेरो नाम सुहानों का श्लोक गूंजता रहा। इस दौरान भजन कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें महिलाओं द्वारा करलो मंगल पाठ यही जीने का सहारा है... सावन सुरंगों जोर को कोई झूले सती मां... मेहंदी व मेहंदी इतना बता दे कौन सा काम किया है, दादीजी  ने खुश होकर तुझको हाथों में थाम लिया है... चलो-चलो दादी का सिंधारा करसां... मैया के हाथों में भक्तों की डोर किसी को खींचे धीरे से... तथा कितना प्यारा है सिंगार तेरी लेऊं नजर उतार जैसे भजनों पर महिलाएं झूमती नजर आयीं। मौके पर मीना चौधरी, अंकिता चौधरी, सुमन चौधरी, शालू देवी, चारूलता देवी, प्रेम देवी, रचना देवी, सुधा देवी,  सीमा देवी, कविता देवी, नीतू देवी, सुनीता देवी, कृति चौधरी, मनीषा चौधरी, स्नेहा देवी, आकृति देवी, तन्वी देवी, नीरज चौधरी सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे। कार्यक्रम में 56 भोग व महाप्रसाद भी अर्पित किया गया। आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

सर्वोत्तम शिष्य : स्वामी सत्यानंद सरस्वती
Published / 2023-07-18 23:37:07
सर्वोत्तम शिष्य : स्वामी सत्यानंद सरस्वती

एबीएन सोशल डेस्क। ग्यारह साल पहले एक कुत्ता मेरे पास आया, जो आज मेरे मन में, मेरे स्मृति में एक मात्र शिष्य के रूप में आता है। वह शिष्यत्व का प्रतीक था, जैसा हर शिष्य को होना चाहिए। उसे दिन-रात, एक घंटे के साठ मिनट, हर मिनट के साठ सेकंड, सदैव मेरा ख्याल रहता था। जब मैं शौचालय में जाता तो वह वहां भी मेरे साथ जाता। रात में जब मैं सोने जाता तो वह बीच-बीच में सूंघकर यह निश्चित कर लेता कि मैं ठीक-ठाक हूं या नहीं। वह कभी मुझे अकेले नहीं छोड़ता था, वह मुझ से अलग रहना ही नहीं चाहता था। शिष्य या भक्त को हर क्षण अपने गुरु या इष्ट का इसी प्रकार ध्यान करना चाहिए।मैंने भी उसकी बड़ी सेवा की। मैंने उसके लिए आश्रम के सारे नियमों को तोड़ डाला। वह तो शाकाहारी था नहीं। अगर उसे रोटी या सब्जी दी तो वह उसे सूंघता भी नहीं था। वह मांस, पनीर, दूध, मक्खन पसंद करता था। मैंने अपने लिए तो कभी भोजन नहीं पकाया, परन्तु उसका भोजन मैं पकाता था। वह मुझे अपना भोजन पकाते देखता तो मेरे पैर चाटकर मानो कहता, स्वामीजी, धन्यवाद...!भोले को अपना भोजन चट कर जाने में केवल दो से ढाई मिनट लगता था। खाते समय उसकी एक आंख भोजन पर और दूसरी आंख मेरे पर रहती थी। मुझे उसके पास खड़ा रहना पड़ता था, क्योंकि अगर मैं हट जाता तो वह भी खाना छोड़कर मेरे साथ चल देता! ऐसे ही किसी भी भक्त की भक्ति ईश्वर के प्रति होनी चाहिए, ऐसी ही लगन एक शिष्य की अपने गुरु के प्रति होना चाहिए।तुलसीदासजी ने रामचरितमानस में कहा है न-कामिहि नारि पिआरि जिमि, लोभिहि प्रीय जिमि दाम।तिमि रघुनाथ निरंतर प्रीय लागहु मोहि राम।पैसे वालों को जैसे पैसे का ख्याल रहता है, छोकरे को छोकरी का ख्याल रहता है और उदार व्यक्ति को देने का ख्याल रहता है, वैसे ही ईश्वर का ख्याल बना रहना चाहिए।कबीरदास तो और भी बढ़िया बात कहते हैं-ऐसा जाप जपो मन लाई, सो२हं सो२हं सुरता गाई।छह सौ सहस इक्कीसौ जाप, अनहत उपजै आपै आप।तुम्हें अपनी चेतना के प्रति सतत् सजग रहना चाहिए, हर पल, हर क्षण उसे याद रखना चाहिए, प्रत्येक आती-जाती श्वास के साथ तुम्हें सदैव सो२हं, सो२हं, सो२हं ही सुनना चाहिए। लेकिन इक्कीस हजार छह सौ जाप करें कैसे? आदमी सामान्य रूप से एक मिनिट में पन्द्रह बार श्वास-प्रश्वास लेता है। एक घण्टे में हुआ नौ सौ, चौबीस घण्टे में हुआ इक्कीस हजार छ: सौ। इसका मतलब यह हुआ कि चौबीस धण्टे में हर श्वास में तुम सो२हं सो२हं सो२हं का ख्याल रखो। करो तो? यह तभी हो सकता है जब पेशाब रुक जाये, टट्टी रुक जाये, भूख रुक जाये, नींद रुक जाये, विक्षेप रुक जाये, तभी तुम इक्कीस हजार छह सौ सोलह जाप 24 घंटे में कर सकते हो।यह केवल भोले के लिए संभव था। 24 घण्टे मेरा ख्याल रहता था। हमें तो आश्चर्य होता था भगवान, यह कुत्ता है। यह तो शिष्यत्व का सबसे बड़ा उदाहरण है। एक क्षण के लिए भी वह मुझे नहीं छोड़ता था। हमेशा मेरी तरफ देखता रहता था। कभी मेरी तरफ पीठ करके नहीं बैठा।मैं उसकी पीठ तरफ चला जाता तो वह तुरंत धूम जाता था। बस, शिष्य का गुरु के साथ, भक्त का भगवान के साथ यही रिश्ता होना चाहिए। (भक्ति योग सागर-भाग 7 से उद्धृत)

मलमास पर एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट एवं और स्वामी सदानंद प्रणामी चैरिटेबल ट्रस्ट कर रही जनसेवा
Published / 2023-07-18 21:35:15
मलमास पर एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट एवं और स्वामी सदानंद प्रणामी चैरिटेबल ट्रस्ट कर रही जनसेवा

अधिक मास के पहले दिन हरमू के स्लम बस्ती के बच्चों के बीच ट्रस्ट ने पठन-पाठन एवं अल्पहार सामग्री बांटीटीम एबीएन, रांची। एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट एवं और स्वामी सदानंद प्रणामी चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि) दिल्ली शाखा रांची के संयुक्त तत्वावधान मे ट्रस्ट के सदस्यों ने गुरूजी सदानंद जी महाराज की जनसेवा को समर्पित स्वर्णिम 51वर्ष वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अधिक मास के पहले दिन आज दिनांक 18/07/2023 मंगलवार को इस वर्ष पड़ रही भीषण गर्मी के कारण हरमू की स्लम बस्ती में रहने वाले कमजोर वर्ग के स्कूल जाने वाले बच्चों के बीच पठन-पाठन  स्कूल बैग, लंच बाक्स, जोमेटरी बाक्स, कापी, पेंसिल,रबर, कलर पेंसिल एव अल्पाहार में क्रीम बन बिस्किट वगैरह का नि:शुल्क वितरण संस्था के सदस्यों ने किया।स्वामी सदानंद जी महाराज के कथनानुसार मानव जीवन का ये है सार तुम सेवा से पाओगे पार17 जुलाई 2023 को सर्वसम्मति से निर्णय के पश्चात की गुरूजी श्री सदानंद जी  महाराज के जनसेवा को समर्पित स्वर्णिम 51 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष मार्च 2024 तक संस्था के द्वारा जरूरतमंद एव कमजोर परिवार के सदस्यों के बीच जरूरत के अनुसार सेवा के कार्य किये जायेंगे। इसी क्रम में आज 18 जुलाई 2023 मंगलवार को हरमू के स्लम बस्ती में रहने वाले स्कूल में पढ़ने वाले कमजोर वर्ग के बच्चों के बीच एच 1/ 67 मकान के प्रांगण में उन्हें नि:शुल्क शिक्षा देने वाले शिक्षक ललन कुमार मिश्रा की उपस्थिति में हरमू बस्ती के जगह-जगह से आये हुए बच्चों के बीच संस्था के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, ओम प्रकाश सरावगी, बिष्णु सोनी की उपस्थिति में संस्था के सदस्यों ने किया। आज की पठन-पाठन एवं अल्पाहार सामग्री वितरण के महान कार्य में संस्था के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल उपाध्यक्ष राजें प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज कुमार चौधरी, विष्णु सोनी, सुरेश चौधरी, ओमप्रकाश सरावगी, रमेंद्र पांडेय, धीरज गुप्ता, मुन्ना कुमार एवं इनके अलावा भी संस्था के और भी बहुत से सदस्य उपस्थित थे। यह सभी जनकारी संस्था के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल उर्फ राजु अग्रवाल (9431108420) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। नोट : संस्था आगामी रविवार दिनांक 23 जुलाई 2023 को पुंदाग स्थित संस्था के निर्माणाधीन श्री कृष्ण प्रणामी मंदिर के प्रांगण में दोपहर 12:30 बजे से 98वां नि:शुल्क श्री कृष्ण प्रणामी अन्नापूर्णा भंडारे का वितरण संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य करेंगे।

दुमका : 90,000 भक्तों ने लगायी फौजदारी बाबा के दर पर हाजिरी
Published / 2023-07-18 19:50:16
दुमका : 90,000 भक्तों ने लगायी फौजदारी बाबा के दर पर हाजिरी

फौजदारी बाबा बासुकीनाथ धाम में दूसरे सोमवारी को 90 हजार श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेकएबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। झारखंड के दुमका जिले में अवस्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बासुकीनाथ धाम में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के 14 वें दिन दूसरी सोमवारी को लगभग 90 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। बासुकीनाथ धाम मेला प्रबंधन समिति से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को शीघ्र दर्शनम से 8,91,600 रुपये तथा अन्य स्रोतों से चढ़ावे के रूप में 55,502 रुपए प्राप्त हुए। वहीं, 10 ग्राम चांदी का 3 सिक्के और 5 ग्राम के 5 सिक्के की बिक्री हुई। जलाभिषेक करने वाले करीब 90 हजार श्रद्धालुओं में शीघ्र दर्शनम से 2792 श्रद्धालु के साथ सैकड़ों डाक बम कांवर यात्री भी शामिल थे। दूसरी सोमवारी को अगले सुबह नागेश्वर ज्योतिर्लिंग फौजदारी बाबा बासुकीनाथ का पट खुलने से पहले से कांवर यात्रियों की लम्बी कतार लग गयी। दिन भर फौजदारी बाबा बासुकीनाथ का दरबार बोल बम के नारों से गूंजायमान होता रहा। पूरा मेला परिसर गेरुआ वस्त्र धारी कांवर यात्रियों के रंग में रंग गया है। वहीं, उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त द्वारा कंट्रोल रूम से बैठकर पूरे मेला की विधि व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे। उपायुक्त द्वारा श्रद्धालुओं की तादाद को देखते हुए अधिकारियों को निदेश दिए जा रहे थे। सभी चेक पॉइंट पर प्रतिनियुक्त अधिकारी, दंडाधिकारी एवं सुरक्षा बल के जवानों को समय समय पर उपायुक्त निर्देश दे रहे थे।

पति का प्राण रक्षक भी है हरियाली अमावस्या
Published / 2023-07-17 23:48:32
पति का प्राण रक्षक भी है हरियाली अमावस्या

राजकुमारी पाण्डेयएबीएन सोशल डेस्क। वैसे तो सनातन धर्म में अनेक पर्व त्योहार हैं, जिनमें एक हरियाली अमावस्या यानी सावन कृष्ण पक्ष की अमावस्या भी है। यह बेहद ज्ञानवर्धक और स्वास्थ्यवर्धक के अलावा कई किंवदन्तियों को अपने में समेटे हुए है।क्या है हरियाली अमावस्या की कथाएक ब्राह्मण परिवार में पति, पत्नी और पुत्री रहते थे। पुत्री धीरे-धीरे बड़ी होने लगी। उस लड़की में समय के साथ सभी गुणों का विकास हो रहा था। लड़की सुन्दर, संस्कारवान और गुणवान भी थी, लेकिन गरीब होने के कारण उसका विवाह नहीं हो पा रहा था। एक दिन ब्राह्मण के घर एक साधु पधारे, जो कि कन्या के सेवाभाव से काफी प्रसन्न हुए। कन्या को लम्बी आयु का आशीर्वाद देते हुए उन्होंने कहा कि कन्या की हथेली में विवाह योग्य रेखा नहीं है। लड़की के माता-पिता ने उनसे उपाय पूछा कि कन्या ऐसा क्या करे कि उसके हाथ में विवाह योग बन जाये। साधु ने बताया कि कुछ दूरी पर एक गांव में सोना नाम की धोबी जाति की एक महिला अपने बेटे और बहू के साथ रहती है, जो कि बहुत ही आचार-विचार और संस्कार संपन्न तथा पति परायण है। यदि यह कन्या उसकी सेवा करे और वह महिला इसकी शादी में अपने मांग का सिन्दूर लगा दे, उसके बाद इस कन्या का विवाह हो, तो इस कन्या का वैधव्य योग मिट सकता है।साधु ने यह भी बताया कि वह महिला कहीं आती-जाती नहीं है। यह बात सुनकर ब्राह्मणी ने अपनी बेटी से धोबिन की सेवा करने की बात कही। कन्या तड़के ही उठकर सोना धोबिन के घर जाकर, सफाई और अन्य सारे काम करके अपने घर वापस आ जाती। सोना धोबिन अपनी बहू से पूछती कि तुम तो तड़के ही उठकर सारे काम कर लेती हो और पता भी नहीं चलता। बहू ने कहा कि मां जी मैंने तो सोचा कि आप ही सुबह उठकर सारे काम ख़ुद ही खत्म कर लेती हैं। मैं तो देर से उठती हूं। इस पर दोनों सास बहू निगरानी करने लगी कि कौन है जो तड़के ही घर का सारा काम करके चला जाता हैं। कई दिनों के बाद धोबिन ने देखा कि एक एक कन्या मुंह अंधेरे घर में आती है और सारे काम करने के बाद चली जाती है। जब वह जाने लगी, तो सोना धोबिन उसके पैरों पर गिर पड़ी। पूछने लगी कि आप कौन है और इस तरह छुपकर मेरे घर की चाकरी क्यों करती हैं? तब कन्या ने साधू द्वारा कही गयी सारी बात बतायी। सोना धोबिन पति परायण थी, उसमें तेज था। वह तैयार हो गयी सोना धोबिन के पति थोड़ा अस्वस्थ थे। उसने अपनी बहू से अपने लौट आने तक घर पर ही रहने को कहा।सोना धोबिन ने जैसे ही अपने मांग का सिन्दूर कन्या की मांग में लगाया, उसका पति गया। उसे इस बात का पता चल गया। वह घर से निराजल ही चली थी, यह सोचकर कि रास्ते में कहीं पीपल का पेड़ मिलेगा, तो उसे भंवरी देकर और उसकी परिक्रमा करके ही जल ग्रहण करेगी। उस दिन हरियाली अमावस्या थी। ब्राह्मण के घर मिले पुए-पकवान की जगह उसने ईंट के टुकडों से 108 बार भंवरी देकर 108 बार पीपल के पेड़ की परिक्रमा की और उसके बाद जल ग्रहण किया। ऐसा करते ही उसके पति के मुर्दा शरीर में कम्पन होने लगा। इस तरह धोबिन का पति जीवित हो उठा।

टमाटर की थोक कीमत सरकार के हस्तक्षेप के बाद घटी
Published / 2023-07-17 10:32:28
टमाटर की थोक कीमत सरकार के हस्तक्षेप के बाद घटी

एबीएन सोशल डेस्क। देश में कई स्थानों पर, जहां टमाटर की कीमतें असाधारण रूप से अधिक थी, वहां टमाटर को 80 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर बेचने के सरकार के हस्तक्षेप के कारण इसकी थोक कीमतों में कमी आयी है। देश भर में 500 से अधिक स्थानों पर स्थिति का पुनः आकलन करने के बाद रविवार से टमाटर 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने का निर्णय लिया गया।भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नाफेड) और राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) के माध्यम से दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, पटना, मुजफ्फरपुर और आरा में विभिन्न स्थानों पर आज से बिक्री शुरू कर दी गयी है। वर्तमान बाजार कीमतों के आधार पर कल से इस बिक्री का विस्तार और अधिक शहरों में किया जायेगा। भारत सरकार उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विहिप ने सभी समाज को साथ लेकर 56 वर्षीय अनाथ प्रतिमा की देह को मुखाग्नि दी
Published / 2023-07-15 18:08:54
विहिप ने सभी समाज को साथ लेकर 56 वर्षीय अनाथ प्रतिमा की देह को मुखाग्नि दी

टीम एबीएन डेस्क। आज यह बात चरितार्थ हो गयी कि जिसका कोई नहीं उसका भगवान होता है। भगवान उनका स्वयं कोई न कोई रास्ता बना देते हैं। रांची जेल रोड़ स्थित निर्मल हृदय नाम की संस्था में आज पिछले 12-13 वर्षों से रहने वाली प्रतिमा नाम की महिला का रात्रि के अंतिम पहर में प्राकृतिक कारणों से 56 वर्ष की अवस्था में देहावसान हो गया। सभी लोग बहुत बेचैन थे कि उनका दाह संस्कार कैसे किया जायेगा।  आश्रम वासियों ने तत्काल विश्व हिंदू परिषद रांची महानगर के अध्यक्ष कैलाश कुमार केसरी से संपर्क किया और केसरी जी यह सुनकर बहुत द्रवित हो उठे। विश्व हिंदू परिषद के सभी कार्यकर्ताओं को सूचित किया कि कोई भी हिंदू यदि इस प्रकार स्वाभाविक मृत्यु को प्राप्त होता है तो उसके पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन करने का दायित्व हम सबका है। इसी को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद के सेवा विभाग के प्रांत सह सेवा प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल और रांची विभाग सेवा प्रमुख राजेंद्र प्रसाद सिंह मुंडा ने तत्काल मारवाड़ी सहायक समिति से संपर्क कर मुक्तिधाम हरमू में उनके दाह संस्कार की व्यवस्था की गयी। दोपहर 3 मुक्तिधाम में संत सुपन समाज रांची (डोम समुदाय) के प्रमुख रंजीत कुमार राम, अरुण कुमार राम की देखरेख में कैलाश केसरी ने दिवंगत प्रतिमा के पार्थिव देह को पंडित भीम पांडेय जी के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुखाग्नि देकर पंचतत्व में विलीन किया। मौके पर यहां अग्रवाल नारनौली समाज के संतोष अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, श्रीकृष्ण प्रणामी सेवा संस्थान के राजीव अग्रवाल व उनके बहुत से सहयोगी जनजातीय समाज के विजय मिंज, अभय मिंज, बिरसा उरांव, मनोज मुंडा, डोम समाज से शिवा, कल्लू, अरुण, रंजीत, राजदेव और मुक्तिधाम घाट पर शवदाह में सहायक के रूप में सहयोग करने वाले बहुत से सहयोगी, जैन समाज से वयोवृद्ध धर्म चंद्र जैन समाज जिन्होंने ने अब तक 8,500 से अधिक शवदाह किये हैं। मारवाड़ी ब्राह्मण समाज से सीताराम शर्मा जिन्होंने स्वयं 6,000 से अधिक शवदाह किये हैं, माहेश्वरी समाज के शिवशंकर साबू आदि ने प्रतिमा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। विश्व हिंदू परिषद के सेवा विभाग के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि विहिप के बहुत से कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह मुंडा, अशोक कुमार अग्रवाल, सीताराम शर्मा, अमित केसरी, देवेंद्र दास, शुभम चौधरी, विजय, अक्षय कुमार सभी उपस्थित रहे और पूर्ण श्रद्धा के साथ दाह संस्कार के कार्यक्रम को संपन्न किया। उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद् झारखंड के प्रांत सह-सेवा प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल (8862823043, 8789300579) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

ईसाई मिशनरियों, कट्टरपंथी जिहादियों तथा गौतस्करों के चंगुल में फंस गया है झारखंड : विनोद बंसल
Published / 2023-07-14 19:27:10
ईसाई मिशनरियों, कट्टरपंथी जिहादियों तथा गौतस्करों के चंगुल में फंस गया है झारखंड : विनोद बंसल

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में धर्मांतरण, जिहाद, गौतस्करी एवं घुसपैठ के कारण आंतरिक सुरक्षा पर प्रश्न चिह्न लग रहे हैं यह बात विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने रांची में एक प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा झारखंड के विधानसभा में नमाज पढ़ने की कमरा खोली जाती है।गौतस्करों के लिए सरकार की ओर से वक्तव्य प्रस्तुत की जाती है कि गौतस्करों को पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी, जबकि सर्वविदित है झारखंड में 2005 में गोवंश पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम बना हुआ है जिसके अंतर्गत गाय, बैल इत्यादि गोवंश पशु को राज्य के बाहर ले जाना प्रतिबंधित है, गौतस्करों के लिए सजा का प्रावधान है।धर्मांतरण के लिए खुले चंगाई सभा चलते हैं परंतु प्रशासन के अकर्मण्यता के कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। आज लगभग 5 लाख से ऊपर बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या घुसपैठ झारखंड में पैर जमा चुके हैं उन्हें सरकार आधार कार्ड निर्गत करा रही है, मतदान सूची में नाम डाले जा रहे हैं। प्रश्न उठता है, क्या सरकार तुष्टीकरण के कारण इतने नीचे गिर जायेगी, जहां से झारखंड प्रांत की आंतरिक सुरक्षा खतरे में पड़ जाये। उन्होंने कहा झारखंड की बेटे - बेटियां असुरक्षित होते जा रहे हैं। ईसाई मिशनरियों के द्वारा धनबाद में चलाये जा रहे सेंट जेवियर स्कूल में जब बहन उषा कुमारी ने बिंदी लगाकर स्कूल जाती है, वहां के शिक्षक के द्वारा थप्पड़ मारी जाती है, बेइज्जत की जाती है तथा स्कूल से निकाल भी दी जाती है, जिससे आहत होकर तथा मानसिक तनाव में आकर बहन उषा कुमारी आत्महत्या कर लेती है, दूसरी ओर अब तक सरकार चुप्पी साधे बैठी है, जबकि विद्यालय का अभी तक सभी प्रकार के मान्यता रद्द हो जानी चाहिए थी। इसी प्रकार की घटना रांची में भी कल 13 जुलाई को सेवंथ डे एड्वेंटिस्ट इंग्लिश स्कूल, क्लब रोड रांची में भी तिलक लगाकर स्कूल गये आर्यन मांझी को उसके माथे से चंदन को मिटवाया गया, उसे प्रताड़ित किया गया। कहा गया चंदन लगाने से माथा गंदा लगता है। घटना का विरोध होने पर प्रधानाचार्य ने मामला को समाप्त करने का प्रयास किया, जबकि वहां का नन या पादरी ईसाइयों के कोड के बने वस्त्र का धारण करता है। क्रूस लगाकर चलते हैं, विद्यालय की प्रार्थना में किसी विशेष वर्ग का आराधना कराया जाता है फिर भी विद्यालय को सरकार मान्यता देकर के रखी है, उन्हें आर्थिक मदद देते रहती है। जमशेदपुर के मानगो आजाद नगर स्थित सिंबोसिस पब्लिक स्कूल में एक हिंदू छात्रा को प्रतिबंधित मांस खिला दिया जाता है, विद्यालय बिना कार्रवाई का अभी भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि टुंडी धनबाद के ग्राम रक्षा दल के प्रखंड अध्यक्ष शंकर चंद्र डे की हत्या दुम्मा गांव में गोली मारकर कर दी गयी, यह हत्या गौतस्करों एवं साइबर अपराधियों ने की है। परंतु अभी तक अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उन्होंने कहा कल 13 जुलाई को पलामू के पाटन थाना क्षेत्र के कुड़वा मोड़ में 45 गोवंश पशु को ले जाते दो तस्करों को भी पकड़ा गया जो साबित करता है झारखंड में प्रतिदिन हजारों की संख्या में चतरा, धनबाद, हजारीबाग, पाकुड़ दुमका, साहिबगंज होते हुए बांग्लादेश पशु तस्करी हो रहा है। उन्होंने कहा झारखंड अपनी तुष्टीकरण की नीति बंद करें। झारखंड में पशुतस्करी, धर्मांतरण, जिहाद, घुसपैठ बंद करें अन्यथा बाध्य होकर विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल सड़क पर उतरेगी। पत्रकार वार्ता में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू,प्रचार प्रसार प्रांत प्रमुख संजय कुमार, प्रचार प्रसार प्रांत सह प्रमुख प्रकाश रंजन, बजरंग दल प्रांत संयोजक दीपक ठाकुर, अमर प्रसाद, महानगर मंत्री चंद्रदीप दुबे, जयंत कुमार झा, सहित अन्य कई पदाधिकारीगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी प्रांत प्रचार प्रसार के सह प्रमुख प्रकाश रंजन (9334433338) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

महादानी बाबा धाम में पूरी होती है भक्तों की मनोकामनाएं
Published / 2023-07-14 14:01:11
महादानी बाबा धाम में पूरी होती है भक्तों की मनोकामनाएं

नौ सौ साल पुराने मंदिर का नया रुप है महादानी बाबा धाम मंदिरराजा भीमकर्ण की बहू ने उक्त मंदिर का निर्माण नौ सौ पूर्व कराया थाटीम एबीएन, भंडरा। भंडरा के झिको गांव में निर्मित महादानी बाबा धाम मंदिर में इनदिनों आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। मंदिर में पूरा शिव परिवार के प्राचीन मूर्तियां विद्यमान हैं। झारखंड़ के इतिहास में भी इस मंदिर का जिक्र है। इतिहासकारों के मुताबिक झिको गांव से करीब चार किमी दुर स्थित रांची का खुखरा गांव 1113 ई से 1635 ई तक झारखंड़ की राजधानी का मुख्य केंद्र था।सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से नागवंशी राजा भीमकर्ण ने चुटिया के पश्चात् 1098 से 1113 ई के मध्य खुखरा को अपनी राजधानी बनाई थी। इसी दौरान करीब नौ सौ साल पूर्व राजा भीमकर्ण ने झिको गांव को अपनी बहू को मुंहदिखाई में दिया था। उनकी बहू द्वारा ही इस मंदिर का निर्माण कराया था।कालांतर में मंदिर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। सिर्फ प्राचीन मूर्तियां और भवन के अवशेष ही शेष रह गये थे। मंदिर में शिव भगवान के साथ नंदी और गणेश भगवान की मूर्तियां थी। चट्टी के जगतपाल साहू ने उक्त स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया और प्राचीन मूर्तियों को यथावत मंदिर में स्थापित कराया।फिलहाल मंदिर का देखरेख पुजारी दिपेश्वर गिरी द्वारा किया जाता है। सावन के दिनों यहां काफी संख्या में भक्तगण भगवान का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

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