सुबह 7 बजे से शुरू होगी यात्रा, चार जगहों पर विश्रामस्थलशिव जी भी पैदल चलेंगे कांवर यात्रा मेंटीम एबीएन, रांची। झारखंड की लाइफलाइन कही जाने वाली स्वर्णरेखा नदी में बढ़ते प्रदुषण और चुटिया स्थित प्राचीन धरोहर इक्कीसो महादेव को बचने के उद्देश्य से स्वर्णरेखा उत्थान समिति के द्वारा आगामी 13 अगस्त को स्वर्णरेखा के उद्गम स्थल रानी चुआं से लेकर इक्कीसो महादेव तक की 21 किलोमीटर की पैदल कांवर यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।ज्ञात हो कि रांची के नगड़ी से निकलकर सीधे बंगाल की खाड़ी में मिलने वाली 474 किलोमीटर स्वर्णरेखा आज रांची की नालियों और शहरीकरण के कारण सर्वाधिक प्रदूषित है। रांची के चुटिया स्थित हरमू नदी का गंदा पानी स्वर्णरेखा में मिलने से स्वर्णरेखा भी काली पड़ती जा रही है। स्वर्णरेखा के तटों पर आज कचरों और जल्कुंभियों की भरमार है।इन्हीं दोनों नदियों के संगम पर स्थित नागवंशी कालीन 21 शिवलिंग (इक्कीसो महादेव) भी आज प्रदुषण के कारण विस्मृत होने की कगार पर है। स्वर्णरेखा उत्थान समिति विगत 7 वर्षों से नदी की सफाई अभियान में जुटी है। लोग स्वर्णरेखा नदी और अपने विस्मृत होते धरोहर के प्रति संवेदनशील बनें, इन्हीं उद्देश्यों को लेकर इस कांवर यात्रा का आयोजन किया गया है। इस यात्रा में कांवरिये लोगों और सरकार से स्वर्णरेखा और इक्कीसो महादेव को बचाने की अपील करेंगे। कांवर यात्रा का 4 स्थानों में होगा पड़ाव21 किलोमीटर की उक्त कांवर यात्रा में चार स्थानों पर विश्रामस्थल बनाये गये हैं। जिसमें, कांवर रखने का स्टैंड पीने का पानी, शरबत, मेडिकल की व्यवस्था और आराम करने के किये टेंट की व्यवस्था रहेगी।पहला पड़ाव नगड़ी स्थित स्वर्णरेखा बैंक्वेट हॉल, दूसरा कटहल मोड़ पर, तीसरा अरगोडा चौक स्थित मंडा मंदिर और अंतिम पड़ाव क्लब रोड स्थित सिटी सेंटर में किया गया है।यात्रा के साथ बस और एम्बुलेंस भी साथ चलेगीइस यात्रा के साथ साथ बस और एंबुलेंस भी साथ में चलेगी, जिन कांवरिये को पैदल चलने में परेशानी होगी, वो बस का प्रयोग कर सकेंगे। साथ ही पूरी यात्रा में कांवरियों की सहायता के लिए एंबुलेंस और पारा मेडिकल स्टाफ भी मौजूद रहेंगे। पूरी यात्रा में जगह जगह पर कांवरियों का स्वागत किया जायेगा, विभिन्न महावीर मंडलों और पूजा समिति के सदस्य यात्रा के दौरान कांवरियों के लिए सेवा शिविर लगायेंगे।प्रात: 6 बजे बसों के माध्यम से रानीचुआं जायेंगे कांवरिये कांवर यात्रा में सम्मिलित होने के लिए रांची के चुटिया स्थित महादेव मंडा मंदिर और पिस्का मोड़ से सुबह 6 बजे बस खुलेगी, प्रात: 7 बजे रानीचुआं में कांवरिये चुआं से जल भरकर संकल्प लेकर यात्रा की शुरुआत करेंगे। अपराहन 3 बजे चुटिया स्थित इक्कीसो महादेव में नागवंशीकालीन शिवलिंगों पर जलाभिषेक और सामूहिक आरती की जायेगी। 4 बजे महाप्रसाद का वितरण किया जायेगा। समिति ने लोगों से आग्रह किया है कि वो अपना कांवर और जलपात्र लेकर आयें। उक्त कांवर यात्रा में एक कांवरिया शिव जी के वेश में कांवरियों के साथ साथ चलेंगे और लोगों से नदी को स्वच्छ रखने और इक्कीसो महादेव के संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे।सोशल मीडिया को बनाया हथियार, नदी की सफाई के प्रति कर रहे जागरूकज्ञात हो कि स्वर्णरेखा उत्थान समिति के बैनर तले स्वर्णरेखा की सफाई का यह अभियान लोगों ने वर्ष 2016 में शुरू किया था, समिति के सदस्यों ने कई महीनों तक श्रमदान कर घाट और नदी की सफाई की। लेकिन सबसे स्वर्णरेखा के प्रदूषण का प्रमुख कारण हरमू नदी के द्वारा हर दिन बहकर कचरा है। हरमू नदी चुटिया के इसी इक्कीसो महादेव में आकर मिलती है। हरमू का काला पानी और प्लास्टिक जैसे कचरे से स्वर्णरेखा भी काली होती जा रही है।इस अभियान की शुरुआत करने वाले पत्रकार सुधीर शर्मा ने बताया कि जबतक हरमू नदी के गंदे पानी को स्वर्णरेखा में मिलने से नहीं रोका गया तबतक स्वर्णरेखा की सफाई नहीं की जा सकती। हरमू नदी के जीणोर्धार के तहत बनाये गये फिल्टर प्लांट आजतक चालू नहीं किये जा सके, शहर भर की नालियों को नदी से सीधे जोड़ दिया गया, अगर इसे तत्काल नहीं रोका गया तो आने वाले दिनों में स्वर्णरेखा भी हरमू के रूप में नाला बन चुकी होगी। सुधीर लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं, वो हर दिन नदी की वर्तमान दशा को अपने विडियो और फोटो के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं। उनकी रानी चुआं और इक्कीसो महादेव के विडियो को अबतक 11 लाख से अधिक लोगों ने देखा है।समिति से जुड़े गौतम देब, मनोज महतो, नंदकिशोर एवं कई सदस्यों ने नदी के किनारे कई फलदार पेड़ लगाये हैं, वो हर दिन पेड़ों को पानी, खाद और सुरक्षा की व्यवस्था करते हैं। गौतम बताते हैं कि एक समय में यहां केवल झाड़ियां ही थी, आज हमलोगों ने न केवल सैकड़ों पेड़ लगाये हैं बल्कि इसकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की है।शुक्रवार को समिति के सदस्यों की हुई बैठक में यात्रा को सफल बनाने और यात्रा के बाद इस अभियान को घर घर तक ले जाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में विकास जयसवाल, दीपेश पाठक, रवि राय, विष्णु वर्मा, पिया बर्मन, गौतम देब, मनोज महतो, नंदकिशोर, वीणा सिंह, ममता देवी, नीलू सिंह, रंजीता पाण्डेय, रुना देवी, कलावती देवी, मीरा सिंह एवं अन्य सदस्य मौजूद थे। यात्रा में सम्मिलित होने और जानकारी के लिए 7033559577, 9304619908, 9031759056 पर संपर्क किया जा सकता है।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद ह्यं युवा शाखा बजरंग दल का दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक रांची के हरमू रोड, गौशाला के सम्मुख स्थित दिगंबर जैन भवन में आज 5 अगस्त को पूर्वाहन 9 बजे बैठक का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन सत्र के पूर्व रांची गौशाला में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे, बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया, राष्ट्रीय सहसंयोजक सूर्य नारायण राव सहित देश के सभी प्रदेशों से आए हुए बजरंग दल के प्रतिनिधियों ने गौ-पूजन किया। आए हुए सभी प्रतिनिधियों को अंग वस्त्र प्रदान कर, पुष्प वर्षा कर एवं चंदन लगाकर स्वागत किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा हरियाणा की मेवात में हिंदू धर्म यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर आधुनिक हथियार से गोली चलाना, पेट्रोल बम फेंकना, महिलाओं के साथ क्रूरतम अत्याचार करना दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा हिंदू समुदाय के अनुकूल वातावरण बनना ही जिहादियों के मन में उबाल का कारण है। आज उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड एवं बांग्लादेश के सीमा क्षेत्र घुसपैठ का बड़ा केंद्र बन गया है। घुसपैठ वाले क्षेत्र में हमेशा जिहादी हिंसा बढ़ती जा रही है।आज हिंदू समाज को सचेत रहने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा आज जनजातियों युवतियों से मुस्लिमों ने विवाह कर उन्हें जनजातीय कोटे में राजनीतिक क्षेत्र में बैठा रहे हैं, उनके नाम पर भूमि खरीद रहे हैं, आरक्षण का लाभ ले रहे हैं जो असंवैधानिक है। समाज में आज साम्यवादी विचारधारा के लोगों के द्वारा युवा, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, जैन, बौद्ध समाज को लक्षित करते हुए अनेक प्रकार के समाज, संस्कृति एवं धार्मिक अवधारणाओं पर नकारात्मक विमर्श खड़ा कर वैचारिक संघर्ष चला रहे हैं। इससे समाज भ्रमित हो रहा है, हमें इस ओर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। बजरंग दल के राष्ट्रीय सहसंयोजक सूर्य नारायण राव विषय प्रवेश कराते हुए कहा बजरंग दल गठन का 40 वर्ष पूर्ण हो रहा है बजरंग दल ने स्थापना के काल से अब तक समाज रक्षक के रूप में प्रेरणादाई कार्य किया है। हिंदू कन्या रक्षा, गौरक्षा, परावर्तन, मठ मंदिर रक्षा सहित कई कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है।उन्होंने कहा लव जिहाद, लैंड जिहाद, धर्मांतरण, गौतस्करी, घुसपैठ, धार्मिक यात्रा में हमला इत्यादि हिंदू समाज के लिए बड़ी चुनौती है। इस चुनौती का सामना करने के लिए हमें संगठन विस्तार करना होगा। बैठक में केंद्रीय संयोजक नीरज डोनेरिया, क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद पांडेय, क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, क्षेत्र संयोजक जन्मेजय कुमार, रांची के समाजसेवी प्रिंस अजमानी, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु, प्रांत संगठनमंत्री देवी सिंह, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, बजरंग दल प्रांत संयोजक दीपक ठाकुर, बजरंग दल मिलन केंद्र प्रांत प्रमुख संजय चौबे, प्रांत विद्यार्थी प्रमुख अमित पासवान, प्रचार प्रसार प्रांत सहप्रमुख प्रकाश रंजन, प्रचार प्रसार रांची विभाग प्रमुख अमर प्रसाद, रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, मंत्री चंद्रदीप दुबे, उपाध्यक्ष डॉ ज्योतिका श्रीवास्तव,धर्म प्रसार परियोजना प्रांत सहप्रमुख रेनू अग्रवाल, बबीता देवी, बजरंग दल रांची महानगर सहसंयोजक अंकित सिंह व दीपक साहू, महानगर मिलन केंद्र प्रमुख मुकेश गिरी, विनय कुमार, विनोद विश्वकर्मा,अंकित पांडे, नरेंद्र प्रजापति, आशीष वर्णवाल, सोनू सिंह, सुभाष चटर्जी, रवि वर्मा, भोला लोहार सहित देश के सभी राज्यों के बजरंग दल प्रांत संयोजक, प्रांत सहसंयोजक, क्षेत्र संयोजक कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त बातें विश्व हिंदू परिषद, झारखंड के प्रचार-प्रसार विभाग के सहप्रमुख प्रकाश रंजन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। बहु बाजार स्थित सफायर रेसीडेंसी अपार्टमेंट में हरियाली सावन महोत्सव सह मिलन समारोह मनाया गया। महिलाओं ने सावन महोत्सव का खूब लुत्फ उठाया। मौके पर महिलाओं ने हरे रंग का वस्त्र धारण कर शिव के भजनों और सावन के मनमोहक फिल्मी गीतों पर खूब झूमे और ठुमके लगाये। सावन महोत्सव में लगाये गये झूले में झूलकर झूले का आनंद लिया। मौके पर अंताक्षरी, हौजी गेम, गीत, शायरी, फैशन एवं अन्य मनोरंजक कार्यक्रम किये गये। साथ ही उपस्थित लोगों ने लजीज व्यंजनों का लुत्फ भी उठाया। महिलाओं ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया। कहा कि बदलते समय के साथ भारतीय पर्व और परंपरा को लोग भूलते जा रहे हैं। ऐसे आयोजन से आपस में प्रेम-भाव, मिलना-जुलना बना रहता है। सावन महोत्सव में सचिव उमा देवी, कोषाध्यक्ष नूतन भारती, संतोषी मुरारका, सारिका ठाकुर, जुली कुमारी, किरण सिंह, अनु रिचा, मंजू कुमारी, नीतू दास, सोनी ठाकुर, कालिंदी, अनुपम, पुष्पा, नीतू, रेणुका, आकांक्षा के अलावा बड़ी संख्या में अपार्टमेंट की महिलाएं उपस्थित थी।
सनातन ग्रंथों ने कहा भगवान से भय नहीं करो हर घर में नर्मदेश्वर शिवलिंग रहना चाहिए टीम एबीएन, रांची। डरना है तो अपने बुरे कर्मों से डरना चाहिए। यही कर्म है जो स्वर्ग और नरक देता है। सनातन ग्रंथों में कर्म की महत्ता है। जबकि पश्चिम के पथों में कथित भगवान की प्रधानता है। उनसे डरो; क्योंकि वह हिकमत वाला है। ऐसा कहकर पथों ने स्वयं के भगवान को स्वार्थी और डरावना बना दिया है। सनातन में तो भक्त भगवान को श्राप देता है। ब्राह्मण भृगु ने शिव को श्राप दिया- अब आपके लिंग की पूजा होगी। शिव लिंग धरती और ब्रह्मांड का संयुक्त प्रतीक है। नारद ने विष्णु को श्राप दिया- आप भी नारी के लिए पृथ्वी पर अवतार लें। वही राम हुए। भगवान भक्त के लिए अवतरित होते हैं। राम ओम नम: शिवाय... जपते हैं तो शिव राम राम जपते हैं। शिव पुराण वायवीय संहिता अध्याय ग्यारह श्लोक छप्पन कहता है इस छह अक्षर के मंत्र से आदमी को सब सिद्धियां मिलती हैं। हर घर में नर्मदेश्वर शिव लिंग को रखना चाहिए। नर्मदा नदी शिव की मानस पुत्री है। शिव का आशीर्वाद नर्मदा को दिया कि आपके कंकड़-कंकड़ में शंकर नर्मदेश्वर के रूप में होंगे। इनको घर में रखकर पूजा करनी चाहिए। जिस घर में नर्मदेश्वर शिव लिंग होता है, उस घर में न अकाल मृत्यु होती है, न दरिद्रता आती है। कुबेर और यम शिव पार्षद हैं। नर्मदेश्वर की प्रतिष्ठा जरूरी नहीं है और इसपर चढ़ा प्रसाद सभी पा सकते हैं। इनकी पूजा छूट जाये या घर से कहीं चले जायें, तो शिव लिंग को कटोरे भर पानी में डालकर रख दें तो भी शिव प्रसन्न रहते हैं।
शिव साम्यवादी, समाजवादी और साम्राज्यवादी भी हैटीम एबीएन, रांची। राम जानकी मंदिर हाउसिंग कालानी बरियातू में पूर्व की तरह आज से बारह अगस्त तक सन्ध्या काल में श्री शिवपुराण कथा हो रही है। कथावाचक पं रामदेव पाण्डेय ने आज के कथा में कहा कि शिव वेद काल से पहले का अजन्मा है। साकार भी है तो निराकार भी है। यह न देवता हैं न मनुष्य, न राक्षस, न गन्धर्व, न अण्डज, न स्वेदज, न पिण्डज, न जरायुज, शिव सबों का पिता है। शिव निराकार भी है, शिव साम्यवादी भी है, राखी भी है, वैरागी भी है, नचैया भी है। इन्हें आप भगवान कह कर पूजा कर लो या शैतान कह कर भी पत्थर मार लो। आपके शरीर में दाहिने हाथ का अंगुठा शिव का प्रतिनिधित्व करता है।शिव भक्त किसी भी वर्ण का हो नर हो या नारी सधवा हो या विधवा रूद्राक्ष और भष्म का त्रिपुण्ड लगाने से अकाल मृत्यु नहीं होती है। हर शिव भक्त को भष्म और रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। रुद्राक्ष का आकार बेर या आंवला के बीज के आकार से कम आकार का रूद्राक्ष धारण नहीं करना चाहिए।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद के युवा शाखा बजरंग दल का राष्ट्रीय बैठक रांची के हरमू रोड, गौशाला के सम्मुख स्थित दिगंबर जैन भवन में आगामी 5 एवं 6 अगस्त को होगी। बैठक को सफल बनाने के लिए आज दिगंबर जैन भवन में एक बैठक की गयी। बैठक की तैयारी के संदर्भ में चर्चा हुई जिसमें नगर सज्जा के साथ साथ कार्यक्रम व्यवस्था के संदर्भ में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गयी, जिसमें विश्व हिन्दू परिषद के महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी को सर्व व्यवस्था प्रमुख घोषित किया गया।विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने बताया राष्ट्रीय बैठक में संपूर्ण देश के बजरंग दल के विगत 6 माह के कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी 6 माह के गतिविधियों की योजना बनायी जायेगी। अखंड भारत संकल्प दिवस, बाबा बुढ़ा अमरनाथ यात्रा, बजरंग दल शौर्य जागरण यात्रा, गीता जयंती (शौर्य दिवस) इत्यादि आगामी कार्यक्रम के साथ-साथ बैठक में लव जिहाद, धर्मांतरण, लैंड जिहाद, घुसपैठ, धार्मिक यात्राओं में हमला इत्यादि चुनौतियों पर गहन चिंतन किया जायेगा।बैठक के निमित्त विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे, बजरंग दल के केंद्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया, केंद्रीय सहसंयोजक सूर्य नारायण राव के साथ-साथ देश के सभी 13 क्षेत्रों के क्षेत्र संयोजक एवं संपूर्ण देश के राज्यों का प्रांत संयोजक व सहसंयोजक भाग लेंगे। आज की व्यवस्था बैठक में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु, प्रांत संगठनमंत्री देवी सिंह, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, बजरंग दल क्षेत्र संयोजक जन्मेजय कुमार, प्रांत संयोजक दीपक ठाकुर, बजरंग दल मिलन केंद्र प्रांत प्रमुख संजय चौबे, प्रांत विद्यार्थी प्रमुख अमित पासवान, रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, मंत्री चंद्रदीप दुबे, उपाध्यक्ष डॉ ज्योतिका श्रीवास्तव, विभाग मंत्री किशुन झा, विभाग प्रचार प्रसार प्रमुख अमर प्रसाद, विभाग सेवा प्रमुख रवि शंकर राय, धर्माचार्य संपर्क प्रांत प्रमुख जुगल किशोर प्रसाद, प्रांत धर्म प्रसार परियोजना सहप्रमुख रेनू अग्रवाल, बजरंग दल महानगर सह संयोजक अंकित सिंह, दीपक साहू, ग्रामीण जिला संयोजक विनोद विश्वकर्मा, पारसनाथ मिश्रा, राकेश कुमार सहित महानगर एवं नगरों के कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त जानकारी बजरंग दल के प्रचार प्रसार विभाग के सहप्रमुख प्रकाश रंजन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। राक्षसी शक्तियां बड़ी तेजी से बढ़ती हैं। रक्तबीज महिषासुर, रावण जैसे पंथवादी जो स्वयं को भगवान कहते हैं ये मायावी भी होते हैं। अधर्म को धर्म बताते हैं। ये स्वयं के डीएनए में ही छेड़छाड़ करते हैं, जो छेड़छाड़ वैज्ञानिक पशुओं में भी नहीं करना चाहते हैं। यही विनाश का कारण बहुल संख्या वाले जीवों का होता है।मछलियां, टिड्डे अपनी सामूहिक आत्महत्या कर लेते या महाभारत और कर्बला की तरह उत्पात के शिकार स्वयं हो जाते हैं। तेजी से बढ़ने वाले पौधे, लता और मजहबी विचारों की आयु कम होती है। शेर, हाथी की संख्या कम है, पर भेड़ बकरियों की संख्या सर्वाधिक है। इसलिए सनातनी भीड़ को देखकर न लालायित होइये, न हताश और न डरिये। अधर्मी रावण की तरह अत्यधिक रथ और हथियार से पूर्ण हो, तो भी राम जमीन से युद्ध लड़कर रावण को और पांडव कौरवों को भारतीय फिरंगियों को धूल धुसरित कर देते हैं। इसलिए सत्य और शाश्वत धर्म सनातन है और शेष धर्म खतरे में है। यही धर्म विचारधारा ब्रह्मांड के समाप्ति काल तक रहेगा। सनातन के राजा ययाति और विश्वामित्र के वंशज दुनिया में फैल गये। इसलिए सारी दुनिया में ब्राह्मण का डीएनए मिलता है। यही यहुदी धर्म बनायें, सारी दुनिया में यहुदी फैल गये पर आज सिर्फ इजरायल में है। फिर बौद्ध आया। दर्जनों राष्ट्र में फैल गया। पर आज कोई बौद्ध राष्ट्र नहीं है। विश्व में ईसाइयत की लालटेन नहीं बूझती थी। पर 56 देश में इस्लाम फैल गया। इसाई सिमट गये। इस्लाम शासित तीन चौथाई देश भुखमरी-गृहयुद्ध के शिकार हैं और शास्वत सनातन धर्म की संस्कृत कंप्यूटर के छठे जनरेशन की भाषा बन गयी है। दर्जनों राष्ट्र में हिन्दूत्व बढ़ रहा है। उक्त बातें राजधानी रांची के प्रख्यात कथा वाचक पं रामदेव पाण्डेय ने बरियातू हाउसिंग में आयोजित कथा के दौरान कही। वह पिछले 26 जुलाई से लगातार कथा कर रहे हैं। बताते चलें कि कल से 12 अगस्त तक श्री शिवपुराण की कथा होगी।
फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से सम्मानजनक आजीविका के साधनों से जुड़ रहीं महिलाएं आजीविका के वैकल्पिक साधनों से आमदनी कर खुशहाल जीवन जीने की ओर अग्रसर महिलाएं फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर पलामू प्रमंडल में 1700 से अधिक महिलाओं ने अपनाया आजीविका का वैकल्पिक साधन चिह्नित महिलाओं को आजीविका संवर्द्धन के लिए मिल रहा ब्याज मुक्त ऋण टीम एबीएन, पलामू/ रांची। राज्य की महिलाओं को सशक्त, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही है, जिसका सीधा लाभ लक्षित समूह को मिल रहा है। ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आजीविका संवर्द्धन हुनर अभियान, फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के साथ-साथ महिलाओं को सखी मंडलों से जोड़कर सरकार द्वारा आजीविका के नए स्रोत उत्पन्न करने में मदद की जा रही है। सरकार की फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से महिलाएं सम्मानजनक जीवन जीने लगी हैं। पलामू प्रमंडल में हड़िया-दारू के निर्माण एवं बिक्री से मजबूरन जुड़ी करीब 1770 महिलाओं ने फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर आजीविका के वैकल्पिक साधनों को अपनाया है। पलामू जिले में 424 महिलाओं ने आजीविका के वैकल्पिक साधन को अपनाया है। वहीं लातेहार जिले में 965 एवं गढ़वा जिले में 381 महिलाएं फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़ी हैं। इससे न केवल महिलाओं की इज्जत बढ़ी है, बल्कि उनके परिवारजनों का भी मान-सम्मान बढ़ा है। इस धंधे को छोड़ चुकी महिलाएं पलामू प्रमंडल के तीनों जिले यथा पलामू, गढ़वा एवं लातेहार के विभिन्न गांव-पंचायत एवं प्रखंडों के हैं। फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से महिलाओं की दिशा एवं दशा दोनों बदल रही है। इस कारोबार को छोड़ चुकी महिलाएं अब इसे समाज की कुरीतियां भी समझने लगी हैं। महिलाओं ने बताया कि हड़िया-दारू के निर्माण एवं बिक्री से उन्हें भी परेशानी होती थी और परिवार के अन्य सदस्य भी प्रभावित होते थे। खासकर बच्चों पर इसका प्रतिकूल असर दिखता था। स्नेहीबंधुगणों जब घर आते, तो लज्जित भी होना पड़ता था। आर्थिक कमियों के कारण मजबूरन ऐसे कारोबार से जुड़े थे, लेकिन इसे छोड़ने एवं आजीविका के वैकल्पिक साधन अपनाने से अब गांव-समाज में आत्मसम्मान बढ़ा है। घर-परिवार के सदस्य भी सुरक्षित महसूस करने लगे हैं। महिलाएं सखी मंडल से जुड़कर आजीविका के विभिन्न साधनों को अपनाया है और आर्थिक आमदनी कर रहे हैं। आजीविका के नए स्रोत उत्पन्न करने में सरकार से मदद भी मिल रही है। फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत महिलाओं को सखी मंडलों से जोड़कर चिन्हित महिलाओं को आजीविका संवर्द्धन के लिए 10 हजार का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। इस अभियान से जुड़कर महिलाओं ने रोजगार के विभिन्न साधनों को अपनाया है। कोई ऋंगार दुकान, चाय-पकौड़ी, समौसा दुकान, अंड़ा-आमलेट दुकान का संचालन कर रही हैं, तो कई महिलाएं पशुपालन, बकरी पालन, मुर्गी एवं बत्तख पालन, तथा कृषि कार्य से जुड़कर अपनी आजीविका चलाने में जुटी हैं। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के डीपीएम विमलेश शुक्ला ने बताया कि फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से महिलाएं समाज में बेहतर कर रही हैं। इसे और गति देने का कार्य हो रहा है। एक ही गांव की 20 महिलाओं ने छोड़ा हड़िया-दारू का निर्माण एवं बिक्री कार्य पलामू के मेदिनीनगर सदर प्रखंड के झाबर पंचायत के पीढ़िया गांव में 400 से अधिक घर हैं। आबादी भी अच्छी-खासी। बताया गया कि अधिसंख्य परिवार उरांव समाज के हैं। एक समय यहां बहुतायत मात्रा में हड़िया-दारू मिल जाता था। इसका सेवन कर लोग दिन में भी लुढ़कते-चलते थे। व्यंग्य व हंसी-मजाक भी वैसे ही चलती थी, कि महिलाओं को सिर उठाकर चलने में परेशानी होती थी। यहां की महिलाओं ने इस स्थिति को बदलने को ठाना और अब स्थिति बदलने भी लगी है। महिलाओं ने जब आजीविका के दूसरे साधनों का अपनाया तो इसका असर उनके परिवार व समाज पर भी पड़ने लगा है। करीब 20 महिलाओं ने हड़िया-दारू के निर्माण एवं बिक्री कार्य को पूर्णत: छोड़कर आजीविका के दूसरे साधनों को अपनाया है। इससे उनके सामाजिक और आर्थिक दशा बदली है। कल तक किसी तरह परिवार का गुजारा करने वाली महिलाएं आज अपने हाथों के दम परिवारजनों का बेहतर परवरिश कर पा रही हैं। इस गांव में साप्ताहिक बाजार लगता है। स्थानीय होने के वास्ते महिलाएं बाजार के इर्द-गिर्द अपनी दुकानें सजाती हैं। इससे आमदनी कर महिलाएं खुशहाल जीवन जीने ओर में अग्रसर हैं। इन महिलाओं को सम्मानजनक जीवन के लिए प्रेरित कर रहे जेएसएलपीएस के सामुदायिक समन्वयक प्रभात रंजन पांडेय ने बताया कि एक ही गांव में 20 से अधिक महिलाओं द्वारा शराब निर्माण एवं बिक्री कार्य को छोड़ना बड़ी बात है। गांव की आरती देवी, पार्वती देवी, मंजू देवी, जसमतिया देवी, रेवण्ती देवी, सुगंती देवी, सोनी देवी, सकुंता देवी, ललिता देवी, रीता देवी, लखपति देवी, झिलो देवी, विगनी देवी आदि महिलाओं ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से आत्मनिर्भर हुई हैं। अन्य महिलाओं को भी अभियान से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें महिलाएं: आयुक्त आयुक्त मनोज जायसवाल ने कहा कि सड़कों पर महिलाएं हड़िया-दारू बेचती नहीं दिखें, इसके लिए प्रशासनिक प्रयास किए जा रहे हैं। हड़िया-दारू निर्माण एवं बिक्री करने वाली महिलाओं को फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत आजीविका से जोड़कर हर संभव मदद कर उन्हें मुख्यधारा में लाने का काम हो रहा है। इस कार्य से जुड़ी अन्य महिलाओं से अपील है कि वे फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें। आर्थिक रूप से सशक्त हों और बेहतर समाज निर्माण में भागीदार बनें। कुरीतियों से निकलकर मन में सम्मानजनक जीवन जीने की चाहत विकसित करें। लाभुक : 1सोनी देवी पलामू के पीढ़िया गांव में ही शृंगार दुकान चलाती हैं। दुकान के सामने के खाली स्थानों में अंडा-आमलेट की दुकान की हैं। इन दुकानों से प्रतिदिन 1000-1200 आमदनी होती है। फायदा 250 से 300 रुपये। आमदनी से बच्चों को पढ़ाती हैं और परिवार चलाती हैं। उन्होंने बताया कि वे मां शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। फूलो झानो आशीर्वाद अभियान से उन्हें 10 हजार रुपए की ब्याज मुक्त ऋण मिला। इस राशि से दुकान का सामान खरीदी और बेहतर आमदनी कर सम्मानजनक जीवन चला रही हैं। इस कार्य को आमजन सराहना भी करते हैं और घर-द्वार में भी शांति रहती है। लाभुक : 2सकुंता देवी गरीबी और आर्थिक तंगहाली से जूझ रही थीं। पूर्व में अपनाये रोजगार के साधनों के संबंध में कहने में भी हिचक होती है। गोदावरी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर रोजगार के वैकल्कि साधनों को अपनाने का प्रयास किया। सरकार से 10 हजार रुपये का ऋण प्राप्त होने के बाद बकरी पालन का कार्य शुरू किया। तीन बकरियों से 8 बकरी हो गयी। इसमें तीन बकरियों को 10 हजार रुपये में बेच भी दिया। वर्तमान में पांच स्वस्थ बकरियां हैं, जिससे 20 से 30 हजार आमदनी होने की उम्मीद है। लाभुक : 3पार्वती देवी पूर्व में हड़िया-दारू बेचकर जीवन-बसर करती थीं। यमुना मिलन स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। सरकार द्वारा फूलो झानो आशीर्वाद अभियान की शुरूआत होने से उन्हें 10 हजार रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया। इस राशि से मुर्गा-मीट की दुकान चलाती हैं। साथ में एक छोटा किराना दुकान भी है। दुकान से प्राप्त राशि से घर-परिवार की परवरिश में मदद मिल रही है। साथ ही इस व्यवसाय से आत्मसम्मान भी मिला है। लाभुक : 4मंजू देवी ज्योति समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर हुई हैं। पूर्व में मंजू हड़िया-दारू निर्माण एवं उसके बिक्री से आमदनी करती थी, लेकिन झारखंड लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के अधिकारीगणों एवं समूह की दीदियों से प्रेरित होकर हड़िया-दारू के व्यवसाय को बंद कर दिया। 10 हजार रुपए ऋण मिला। उसके एवज में ब्याज भी नहीं लगा। उस राशि से सब्जी खरीदकर बेचत हैं, जिससे अच्छा मुनाफा होता है। समाज के लोग भी इस कार्य की सराहना करते हैं।
तीन सृष्टि तक लगातार हुआ था महिषासुर और देवी का युद्धटीम एबीएन, रांची। वैदिक इतिहास के पाठ्यक्रम में दुर्गा सप्तशती और गीता को नवीन शिक्षा नीति में शामिल करना चाहिए; क्योंकि इसमें आशीर्वाद की दुर्मति, देवताओं का संत्रास, राक्षसों का विस्तारवाद, स्त्री विमर्श के साथ दुर्गा के युद्ध कला कौशल, दानव का पाश्विक प्रेम प्रणय और देवी का क्षमा भी है। कैसे भयभीत देव समाज अबला युवती को अतिबला बनाकर योद्धा का सृजन करती है। यही अबला सबला बनकर राक्षसों से जीतकर देव और मानव को सुख शांति देती है। यह कथा बेटियों के लिए प्रेरणादायी होगा। तीन सृष्टि तक महिषासुर देवी से हार गया।पहली सृष्टि मे उग्रचंडा, दूसरी में भद्रकाली और तीसरी में दुर्गा का युद्ध महिषासुर से हुआ था। तीनों हार के बाद महिषासुर ने दुर्गा के चरण में जगह मांग कर शरणागत रहने का वरदान प्राप्त कर लिया। गीता में जीवन दर्शन है। भक्ति, कर्म, ब्रह्मांड विज्ञान और जीवनशैली है। हताश निराश अर्जुन को विजेता बनाने की कला है। सतातन संघ हर गांव में दो घंटे का परिचर्चा रखे। सप्तशती और गीता को अनिवार्य रूप से पाठ्यक्रम में सरकार शामिल करे। आज विदेश के 25 विश्वविद्यालय में वैदिक शिक्षण, वेद पुराण की पढ़ाई हो रही है। उन पाठ्यक्रम को भारतीय विश्वविद्यालय में चलाना चाहिए। सनातनी हर रविवार गीता और दुर्गा सप्तशती को अपने बच्चों को जरूर पढ़ायें। उक्त बातें श्रीमद्देवीभागवत कथा के आठवें दिन पं. रामदेव पाण्डेय ने कही। यह कथा बारह अगस्त तक चलेगी। हर साल की भांति 27 अगस्त को भंडारा भी होगा।
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