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कलाकृति स्कूल आफ आर्ट्स में स्वतंत्रता पर्व का आयोजन
Published / 2023-08-13 19:29:27
कलाकृति स्कूल आफ आर्ट्स में स्वतंत्रता पर्व का आयोजन

सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं चित्रकला प्रदर्शनी का हुआ आयोजनटीम एबीएन, रांची। कलाकृति स्कूल आफ आर्ट्स डोरंडा एवं हटिया केंद्र और कलाकृति आर्ट फाउंडेशन के तत्वाधान में स्वतंत्रता पर्व के उपलक्ष पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि टेंडर हार्ट स्कूल की प्राचार्या उषा किरण, समाजसेविका अनीता मोथे एवं अन्य अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। मौके कर कलाकृति के बच्चों ने रंगारंग सांकृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर सभी को देशभक्ति से व्रोत्प्रोत कर दिया। चित्रकला प्रदर्शनी में 3 साल से 25 साल तक 250 प्रतिभागियों के देश भक्ति विषय पर पेंटिंग बनाई गयी पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया गया। चित्रांकन प्रतियोगिता के विजेताओं एवं सांकृतिक कार्यक्रम में उत्क्रिस्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। बच्चों ने जहां चंग्रायण, भारत माता, स्वतंत्रता सेनानियों, भारतीय सेना के पराक्रम, लाल किला के प्राचीर के हमारा तिरंगा, देश की एकता अखंडता, पारंपरिक विबिधता आदि को अपने कैनवास पर उकेरा। मौके पर संस्था निदेशक एवं कला शिक्षक धनंजय कुमार ने कहा कि इस तरह के प्रतियोगिताओं से बच्चों में छिपी प्रतिभा को आगे लाने का अवसर मिलता है। साथ ही उनकी सृजनात्मक क्षमता में विकास भी होता है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की उपनिदेशिका रजनी कुमारी के अलावा छात्रों मेें आरती, कोमल, शिखा, सुमन, ईशा, अर्चना, अमीषा, जाया, हर्षिता, मयंक, सूरज, सुरुचि, श्वेता एवं सभी छात्रों का योगदान रहा। कलाकृति स्कूल आफ आर्ट्स डोरंडा एवं हटिया में विगत 22 वर्षों से विभिन्न वर्गों के छात्र छात्राओं को चित्रकला की शिक्षा प्रदान करती है। कोई भी इच्छुक छात्र छात्राएं किसी भी समय संस्था में दाखिला ले सकते हैं। यह जानकारी कलाकृति स्कूल आॅफ आर्ट्स के निदेशक एवं कला शिक्षक धनंजय कुमार ने दी।

कलाकृति स्कूल आफ आर्ट्स में स्वतंत्रता पर्व का आयोजन
Published / 2023-08-13 19:29:25
कलाकृति स्कूल आफ आर्ट्स में स्वतंत्रता पर्व का आयोजन

सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं चित्रकला प्रदर्शनी का हुआ आयोजनटीम एबीएन, रांची। कलाकृति स्कूल आफ आर्ट्स डोरंडा एवं हटिया केंद्र और कलाकृति आर्ट फाउंडेशन के तत्वाधान में स्वतंत्रता पर्व के उपलक्ष पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि टेंडर हार्ट स्कूल की प्राचार्या उषा किरण, समाजसेविका अनीता मोथे एवं अन्य अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। मौके कर कलाकृति के बच्चों ने रंगारंग सांकृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर सभी को देशभक्ति से व्रोत्प्रोत कर दिया। चित्रकला प्रदर्शनी में 3 साल से 25 साल तक 250 प्रतिभागियों के देश भक्ति विषय पर पेंटिंग बनाई गयी पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया गया। चित्रांकन प्रतियोगिता के विजेताओं एवं सांकृतिक कार्यक्रम में उत्क्रिस्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। बच्चों ने जहां चंग्रायण, भारत माता, स्वतंत्रता सेनानियों, भारतीय सेना के पराक्रम, लाल किला के प्राचीर के हमारा तिरंगा, देश की एकता अखंडता, पारंपरिक विबिधता आदि को अपने कैनवास पर उकेरा। मौके पर संस्था निदेशक एवं कला शिक्षक धनंजय कुमार ने कहा कि इस तरह के प्रतियोगिताओं से बच्चों में छिपी प्रतिभा को आगे लाने का अवसर मिलता है। साथ ही उनकी सृजनात्मक क्षमता में विकास भी होता है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की उपनिदेशिका रजनी कुमारी के अलावा छात्रों मेें आरती, कोमल, शिखा, सुमन, ईशा, अर्चना, अमीषा, जाया, हर्षिता, मयंक, सूरज, सुरुचि, श्वेता एवं सभी छात्रों का योगदान रहा। कलाकृति स्कूल आफ आर्ट्स डोरंडा एवं हटिया में विगत 22 वर्षों से विभिन्न वर्गों के छात्र छात्राओं को चित्रकला की शिक्षा प्रदान करती है। कोई भी इच्छुक छात्र छात्राएं किसी भी समय संस्था में दाखिला ले सकते हैं। यह जानकारी कलाकृति स्कूल आॅफ आर्ट्स के निदेशक एवं कला शिक्षक धनंजय कुमार ने दी।

श्री सर्वेश्वरी समूह रांची ने रांची में किया 310 पौधौं का रोपण सह वितरण
Published / 2023-08-13 17:02:25
श्री सर्वेश्वरी समूह रांची ने रांची में किया 310 पौधौं का रोपण सह वितरण

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 13.08.2023 (दिन - रविवार) को श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) के द्वारा सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान : वर्ष - 2023 के चौथे चरण का आयोजन  ग्राम - गुडू,  प्रखंड - रातू, जिला - रांची में किया गया।कार्यक्रम में आम, अमरूद, मोहगनी, सागवान, आंवला, जामुन, बेल इत्यादि के 310 पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण बंधुओं के बीच एक लघु गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें श्री सर्वेश्वरी समूह का संक्षिप्त परिचय देते हुए समूह द्वारा किये जा रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में भी ग्रामीण बंधुओं को अवगत कराया गया। साथ ही वृक्षों के कमी से हो रहे दुष्परिणामों के बारे में अवगत करते हुए वृक्षों के बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। गोष्ठी के बाद ग्रामीण बंधुओं के बीच लगभग 310 पौधों का वितरण किया गया। ज्ञात हो कि श्री सर्वेश्वरी समूह एक विश्व स्तरीय सामाजिक एवं धार्मिक संस्था है जो अनेक जनकल्याण के कार्यक्रम लगातार करती रहती है। जनसेवा के लिए श्री सर्वेश्वरी समूह का नाम गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है।सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान उन्हीं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में से एक है जिसे पूरे वर्षा ऋतु में चलाया जायेगा। इस वृहद वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से लोगों को वृक्ष लगाने एवं वृक्षों को बचाने के प्रति भी जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञात हो कि आज के कार्यक्रम के पूर्व ग्राम - गंगड़ा (जिला गुमला) एवं ग्राम - जुरकेला (जिला सिमडेगा), ग्राम - कोइन्जारा (जिला - गुमला) में भी समूह शाखा द्वारा लगभग 1,000 से अधिक पौधों का रोपण एवं वितरण किया जा चुका है। कार्यक्रम के कुशल आयोजन में श्री राजेन्द्र प्रसाद ठाकुर एवं श्रीमती गायत्री देवी का विशेष सहयोग प्राप्त हुए। कार्यक्रम में श्री सर्वेश्वरी समूह -शाखा रांची से विभूति शंकर सहाय, अभय सहाय, आनंद सिंह, हेमंत नाथ शाहदेव, रंजीत सिंह, अरुण सिंह, आदित्य नाथ शाहदेव, समरेंद्र सिंह, राधा मोहन मिश्रा, उमेश सिंह, उदय नंद पाण्डेय, शंभू शरण षाड़ंगी, हिमांशु ठाकुर, सुधांशु ठाकुर, रमेश पांडेय, सुनील साहू, गौरीशंकर षाड़ंगी के साथ लगभग 35 श्रद्धालु-सदस्यगण शामिल हुए।

यज्ञ और कथा सनातन के प्राण : पं. रामदेव
Published / 2023-08-12 17:16:44
यज्ञ और कथा सनातन के प्राण : पं. रामदेव

कथा आचार्य को विद्या नहीं बेचना चाहिए टीम एबीएन, रांची। राम जानकी मंदिर हाउसिंग कॉलोनी बरियातू में 19 जुलाई से बारह अगस्त तक स्थानीय पुजारी और ज्योतिष, तंत्र, कर्मकांड तथा अध्यात्म के ख्यातिप्राप्त कथा वाचक पं. रामदेव पाण्डेय ने श्रीमद्भागवत, देवीभागवत तथा शिवपुराण की कथा सावन  पुरुषोत्तम मास में कर भक्ति की अविरल धारा बरियातू क्षेत्र में बहायी है। पंडित जी की कथा में दार्शनिक, तत्व विवेचना, राष्ट्रवाद और वैदिक काल के घटनाक्रम को प्रासंगिक बनाकर रखने की अद्भुत कला से श्रोताओं में जागृति आयी है। शिव और बगलामुखी के उपासक पंडित जी बरियातू के अलावा इरबा ओइना, डाइमंड सिटी में सात फीट के नर्मदेश्वर महामृत्युंजय नाथ शिव मंदिर बना रहे हैं। जिस नर्मदेश्वर शिव को खरगोन खंडवा से लाया गया है। पंडित जी का दावा है कि यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नर्मदेश्वर शिव लिंग है, जो तीन टन वजन का भी है। वहीं ओडिशा से चार फुट के विशाल नंदी भी विराजमान हैं। सावन में दोनों मंदिरों में पंडित जी भंडारा रखते हैं। बरियातू में भंडारा 27 अगस्त को होगी। आज कथा के विश्राम पर पंडित जी ने कहा कि जो भी परिवार, संस्था, मंदिर उपरोक्त कोई भी कथा का आयोजन चाहती है, तो सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए नि:शुल्क कथा करेंगे। यदि संगीतमयी कथा करानी होगी, तो तीन वाद्य कलाकरों की दक्षिणा लगेगी। विद्यालय और क्लासेस भी गीता, शिव, राम, कृष्ण पर मोटिवेशनल सेमिनार रखते हैं, तो इन्हें भी नि:शुल्क सेवा रांची में मिलेंगी। मां बगलामुखी ब्रह्म विद्या संस्थान सोसायटी रांची भी कथा, सेमिनार, यज्ञ आयोजन में सहयोग करेगी। क्योंकि यज्ञ, कथा, सत्संग ही सनातन के प्राण हैं और कथावाचकों को अपनी विद्या बुद्धि बेचना नहीं चाहिए। यह भी पंच यज्ञ में एक ज्ञान यज्ञ है। पंडित जी इस वृहद आयोजन के लिए आयोजक, भक्त, श्रोता और मीडिया को आशीर्वाद दिया।

फैशन सपने की तरह है, खुद देखने और दूसरों को दिखाने की तरह
Published / 2023-08-11 18:19:39
फैशन सपने की तरह है, खुद देखने और दूसरों को दिखाने की तरह

एबीएन सोशल डेस्क। फैशन सपने की तरह है, खुद देखने और दूसरों को दिखाने की तरह है। इसी सपने को साकार करने के लिए जीतो लेडीज विंग रांची ने एक बड़े ही भव्य प्रदर्शनी द ब्राइडल स्टोरी का आयोजन किया। आज  करीब 6000 लोगों के फुटफ़ॉल के साथ इस भव्य आयोजन का समापन हुआ। देश भर से आये सभी प्रदर्शक बड़े ही प्रसन्न हुए। इस प्रदर्शनी में रांची ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड से हजारीबाग, तिलैया, रामगढ़ सभी जगह से लोग सम्मलित हुए। लोगों ने जमकर खरीदारी की। कई लोग जिनके घर में शादी थी उन्होंने कहा कि यह झारखंड का पहला सबसे बड़ा विवाह से संबंधित प्रदर्शनी है। यहां आने के पश्चात हमे विवाह संबंधित खरीदारी के लिए अब बहार जानें की जरूरत नही। चाहे दूल्हे दुल्हन की डिजाइनर पोशाक हों या कोलकाता, मुंबई से आये डिजाइनर ज्वैलरी, वेडिंग प्लानर, डेस्टिनेशन मैरिज के लिए रिजॉर्ट्स की बुकिंग, ब्राइडल मेकअप, फोटोग्राफी के लिए यह प्रदर्शनी वन स्टॉप शॉप है। प्रदर्शनी दो हिस्सों में थी। हॉल ए में विवाह से संबंधित सारे स्टाल्स थे। जीतो वर्ष भर में एक ही प्रदर्शनी लगता है, इसलिए लोगों की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए, हॉल बी में सारे त्योहारों राखी, दिवाली सिंझारा के लिए तरह तरह के डिजाइनर पोशाक, बच्चों के कपड़े, होम डेकोर, गिफ्ट आइटम्स, राखियां, डिजाइनर जूते, कॉस्मेटिक्स, हैंड बैग्स से संबंधित सभी प्रकार के स्टाल्स थे। सारे प्रदर्शक स्टाल्स के सेल से बड़े ही खुश हुए। सारे स्टालों से लोगो ने बहुत खरीदारी की। यह जानकारी जीतो प्रवक्ता पायल गोधा ने दी।पहले दिन यानी 10 अगस्त को फिल्मी जगत की जानी मानी अभिनेत्री नीलम कोठारी थे। ब्राइडल स्टोरी की मुख्य अतिथि के रूप में इस  प्रदर्शनी में आई। उन्होंने इस प्रदर्शनी का भ्रमण करते हुए कहा कि यह नारी सशक्तिकरण का एक बहुत ही बड़ा उदाहरण है। यह प्रदर्शनी नारियों के द्वारा लगाया गया तथा, 80% प्रदर्शक भी नारियां है। उन्होंने भी कई स्टाल्स से खरीदारी की और कहा कि वो हर बार  इस प्रदर्शनी का हिस्सा बनना चाहेंगी।जीतो लेडीज विंग की नेशनल अध्यक्ष संगीता लालवानी जी, जयश्री भंडारी जी, कल्पना बेद जी, सीमा बैंगनी जी, संगीता जी बेद, द ब्राइडल स्टोरी की नेशनल संयोजिका प्रियंका परमार जी ने आकर कार्य क्रम की शोभा बढ़ायी। उन सभी ने आयोजन की व्यवस्था की बहुत सराहना की।जीतो लेडीज विंग की अध्यक्ष प्रियंका पाटनी जी ने कहा कि जीतो मैनेजिंग कमेटी के सदस्य, तथा जीतो मेन, यूथ, एवम महिला विंग के सभी सदस्यों के मेहनत से ही इस कार्यक्रम को सफलता मिली है। साथ ही साथ उन्होंने रांची एवम समस्त झारखंड के लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद किया।

यज्ञ मित्र भी है और शत्रु भी : पं. रामदेव
Published / 2023-08-10 21:02:57
यज्ञ मित्र भी है और शत्रु भी : पं. रामदेव

सनातन हिंसा विरोधी है और परदेशी धर्म हिंसा पोषित  सनातन में युद्ध हो या मृत्यु, दोनों कल्याणकारी होता है टीम एबीएन, रांची। सती ने योगाग्नि में स्वयं को जला लिया। 100 करोड़ शिवगण ने दक्ष यज्ञ को विध्वंस किया। वीरभद्र ने सती के पिता दक्ष का माथा काट कर जला दिया। शिव समाधि में थे। शिव सूचना पाकर सती के पास गये और दक्ष को बकरे का माथा लगा दिया। शिव सर्जन हैं ससुर का। कभी शिव गणेश जी को हाथी का माथा प्रत्यारोपण कर दिये, जो आज भी संभव नहीं है। इसलिए सर्जन के आइकन भगवान शिव हैं। यह नृत्य में नटराज हैं। सती के प्राण त्याग से विश्व को 108 सिद्ध पीठ मिला है। अखंड भारत में कंधार से म्यांमार तक और कन्याकुमारी से चीन तक है। चीन में नील सरस्वती तारा देवी हैं। यह बौद्ध की पूजनीय देवी हैं। यक्ष का यज्ञ तामस था। शिव को नीचा दिखाने के लिए किया था। जो मंदिरों, तीर्थ स्थलों की यात्रा तामस भाव से करते हैं, उन्हें भी परिणाम भुगतना पड़ता है; क्योंकि यज्ञ के समान कोई न मित्र है और न ही शत्रु। दशरथ, राम, द्रुपद के लिए यज्ञ मित्र है, तो दक्ष, रावण के लिए शत्रु। सती ही पार्वती हुई। सनातन में न मनुष्य मरता है और न ही देवता। मानवीय विचार से मरता है तो 108 तीर्थ स्थल बनाकर जाता है। शिव ने क्षमा दान भी दिया। ऐसी अद्भुत घटना दुनिया के किसी पंथ में नहीं दिखेगी। दुनिया के कथित धर्म में रक्तरंजित इतिहास दुखांत ही रहा है, जिनमें बाल, महिला और लाचार मजबूर की हिंसा हुई है। कल्चरल पैथोलॉजिकल थ्योरी में अमेरिका, यूरोप में दास और गुलाम प्रथा, श्वेत अश्वेत बुराइयां आयी। गुलाम के बच्चे गुलाम होंगे, तो स्ट्रेटजिक थ्योरी अरब देशों मे मुगलों, मंगोल से जापान चीन की सेना में आया। युद्ध के बाद स्त्रियों के साथ हिंसात्मक रूख अपनाया। युद्ध में हारे देश की महिला शोषण की शिकार हुई और धर्मांतरण को मजबूर हुई। यह है विदेशी धर्मों का सिद्धांत। पर सनातन ग्रंथों में देवता और राक्षसों के अनेक युद्ध हैं। लेकिन स्त्री और बाल हिंसा राक्षसों ने भी नहीं की। बली ने लक्ष्मी को बहन बनाया था, तो कृष्ण ने बानासुर को समधी बना लिया था। इस तरह सनातन में शिव ने युद्ध के बाद भी प्रतिद्वंद्वी को मान सम्मान दिया। चाहे वह दक्ष हों या रावण। उक्त बातें राजधानी रांची के प्रख्यात ज्योतिर्विद सह कथावाचक पंडित रामदेव पाण्डेय ने कही। वे बरियातू हाउसिंग कॉलोनी स्थित राम जानकी मंदिर में 23वें दिन की कथा के दौरान शिव चरित्र की कथा को संबोधित कर रहे थे। यह कथा शनिवार तक चलेगी।

झारखंड के वैद्यनाथ धाम में है बगलामुखी जी का धाम : पं रामदेव पाण्डेय
Published / 2023-08-09 18:43:42
झारखंड के वैद्यनाथ धाम में है बगलामुखी जी का धाम : पं रामदेव पाण्डेय

बगलामुखी के सामने बैठे हैं बाबा वैद्यनाथ दक्ष यज्ञ के पूर्व से है वैद्यनाथ धाम  टीम एबीएन, रांची। हरिद्वार दक्ष यज्ञ में सती के शरीर योगाग्नि में जला और शिव कंधार, चीन से म्यांमार तक सती प्रेम में सती के जले शरीर को लेकर पागलों की भांति हजारों साल भटकते रहे। तब संहार का क्रम रूक गया। इसे देखकर विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के जले हुए शरीर को 108 खण्ड में बांट दिया। वह सती का अंग 108 जगह पर गिरा, तो इतना ही सिद्ध पीठ बना गया। पं रामदेव पाण्डेय ने राम-जानकी मन्दिर बरियातू में 22वें दिन की कथा में देवी भागवत सप्तम स्कंध अध्याय अड़तीस श्लोक चौदह गीता प्रेस गोरखपुर तथा खेमराज श्री कृष्ण दास कल्याण प्रेस के संस्करण को उद्धरित करते कहा कि स्वयं आदि शक्ति ने हिमालय राजा को बताया कि झारखंड में वैद्यनाथ धाम देवघर में मैं बगलामुखी देवी के रुप में हूं। गया में मंगला के नाम से हूं। यह शास्त्रीय प्रमाण है। अर्थात बाबा मंदिर को पीछे बगलामुखी का स्थान वैदिक कालीन है। इसलिए बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग भी बगलामुखी देवी के सामने स्थित है। यह बगलामुखी दस महाविद्या में एक विद्या है। जब शिव सती विछोह में ब्रह्मांड को नष्ट करने चले, तो दस दिशा से दस महाविद्या (जो सती का ही स्वरूप था) प्रकट हुई और शिव को ब्रह्मांड को नष्ट करने से रोका। उसी विद्या में बगलामुखी देवी हैं, जिसे पीताम्बरा देवी कहते हैं। जो सौराष्ट्र में हल्दी रंग के सागर में चतुर्दशी मंगलवार को राक्षसों के वध के लिए प्रकट हुई। इसके भैरव महाकाल, देवता वाराह है क्योंकि वाराह कल्प में प्रतिष्ठित हुई। मध्यप्रदेश के नलखेड़ा में बगलामुखी का मन्दिर महाभारत काल का है, तो दतिया का बगलामुखी मंदिर इसी सदी का है। एक बाबा ने नलखेड़ा से आकर अश्वत्थामा की पुण्यभूमि में बगलामुखी देवी का स्थापना किया। कामाख्या में सती का काम भाग गिरा, जहां त्रिपुर भैरवी है तो जिह्वा चीन में जिसे नील सरस्वती या बौद्ध तारा देवी कहते हैं। तीन सिद्ध पीठ बंगला देश और म्यांमार में भी हैं। पं रामदेव स्वयं भी बगलामुखी उपासक हैं जिन्होंने गहनता से इसकी खोज पुराणों से की है।

मुंबई अश्वमेधीय महायज्ञ में बनी गायत्री युग साहित्य प्रदर्शनी एवं स्वाध्याय निमित्त पुस्तक कैटेगरी
Published / 2023-08-09 18:42:41
मुंबई अश्वमेधीय महायज्ञ में बनी गायत्री युग साहित्य प्रदर्शनी एवं स्वाध्याय निमित्त पुस्तक कैटेगरी

टीम एबीएन, रांची। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में राष्ट्रीय स्तर पर आनलाइन गायत्री युग साहित्य पुस्तक स्वाध्याय मंडल संचालन प्रतिनिधित्व की दूसरी गहन गोष्ठी हुई। जिसमें आगामी वर्ष जनवरी 24 मुंबई में होने वाले अश्वमेधीय महायज्ञ आयोजन की चर्चा हुई। इसमें पुस्तक मेला महोत्सव का भी आयोजन होगा। इस वर्ष गत फरवरी-मार्च 23 में नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में गुरुवर श्री आचार्य वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पंडित श्रीरामशर्मा आचार्यजी की लिखी और उस आयोजित पुस्तक मेला में जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उसमें राष्ट्रीय राजधानी एनसीआर के साथ अन्य प्रांतीय गायत्री परिवार साधकों का जो योगदान रहा, वह सराहनीय रहा। उसी प्रकार मुंबई अश्वमेधीय महायज्ञ आयोजन में भी अनेक स्तर पर अनेक प्रांत से अपना समयदान योगदान और उसमेंअच्छी भूमिका निर्वाह करने की चर्चाएं हुई। इसमें विशेष भूमिका पुस्तक मेला महोत्सव में अच्छी, सशक्त, सुदृढ़ व्यवस्था में योगदान करने पर विचार विमर्श हुए। गोष्ठी में भागीदार साधक-शिष्यों के समक्ष निम्न कुछ प्रश्नों पर विचार भी किये गये कि कैसे जुड़ें विचार क्रांति अभियान से, कैसे अपनी विषय-रुचि के युग साहित्य को करें आत्मसात करें, कैसे घर-घर, जन-जन ले जायें। उस विषय के युग साहित्य को, कैसे योगदान दें। साथ ही उसके आडियो रूपांतरण, पुस्तक के सारांश और सद्वाक्य निकालने, कैसे ले चलें व चलायें लघु ज्ञान रथ के माध्यम से उस साहित्य को घर घर तक पहुंचायें। कैसे बनायें कुछ युग साहित्य के पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन जो स्कूल, कॉलेज कॉरपोरेट में दिखाए जा सके। कैसे संलग्न हों उस विषय के स्वाध्याय में और जोड़ें हजारों मित्रों व जन समुदाय को। इन विषयों और पुस्तकों को वर्गीकरण, वितरण और उनके सारांश तैयार करने के साथ-साथ उनकी अच्छी आडियो निर्माण पर गहनता से विचार विमर्श किये गये। इनसे संबंधित आगे कल भी संध्याकालीन एक गोष्ठी आयोजन करने का निर्णय हुआ। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

हिंदू युवाओं में समाज सेवा, देशभक्ति, स्वावलंबी बनाकर देश सेवा का भाव जगाना ही बजरंग दल का लक्ष्य
Published / 2023-08-08 23:40:34
हिंदू युवाओं में समाज सेवा, देशभक्ति, स्वावलंबी बनाकर देश सेवा का भाव जगाना ही बजरंग दल का लक्ष्य

एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद के युवा शाखा बजरंग दल का राष्ट्रीय बैठक रांची के हरमू रोड, गौशाला के सम्मुख स्थित दिगंबर जैन भवन में आज संपन्न हुई। समापन सत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा विश्व हिंदू परिषद के शष्ठीपूर्ति वर्ष (60 वर्ष पूर्ण होने) का प्रारंभ आगामी 7 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी के पावन दिवस पर होने वाला है। आगामी 1 वर्ष में विश्व हिंदू परिषद 1 लाख गांव तक संगठन विस्तार करने का लक्ष्य है। बजरंग दल का सेवा, सुरक्षा एवं संस्कार को ध्येय वाक्य मानकर हिंदू युवकों में समाज सेवक, देशभक्त, स्वावलंबी, कर्तव्यनिष्ठ बनाकर देश सेवा करने की भाव जगाता है। समाज में बढ़ रही चुनौतियों के प्रति जागरण कर समस्या का निदान के लिए संघर्ष करता है। धर्म संस्कृति रक्षा, गोरक्षा, हिंदू कन्या रक्षा, मठ मंदिर सुरक्षा सहित अनेकानेक सेवा के कार्य कर समाज के लिए अग्रणी रक्षक के रूप में खड़ा रहता है।उन्होंने कहा कि 9 जून को घोषित मूल निवासी / आदिवासी दिवस यूरोप-अफ्रीका में ईसाइयों के द्वारा वहां के स्थानीय जनजातियों को प्रताड़ना कर लाखों की संख्या में हत्या की स्वीकृति देकर उन्हें याद करने के उद्देश्य से घोषणा किया गया था। भारत में रामायण, महाभारत काल में भी जनजाति, गिरीवासी, बनवासी, नगरवासी साथ- साथ जीने व रहने की परंपरा अपने शास्त्रों में बतायी गयी है। भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम एवं माता शबरी, केवट आदि उस काल में एक साथ रहते थे जो आज भी सभी हिंदू समाज एक साथ रहते आ रहे हैं। भारत में जनजातीय समाज के भगवान बिरसा मुंडा सहित अनेक क्रांतिकारी वीरों ने अपने धर्म संस्कृति के रक्षार्थ अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष में अपने को बलिदान दिये, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाये जाने वाले जनजातीय गौरव दिवस को ही मनाया जाना उचित है। 9 जून विदेशी संकल्पना है जो हमें थोपी जा रही है, उससे बचना चाहिए। मणिपुर हिंसा के संदर्भ में उन्होंने कहा मणिपुर का संघर्ष हिंदू- ईसाई के बीच नहीं है बल्कि मइती एवं कुकी जनजाति के बीच का संघर्ष है। ईसाइयों एवं वामपंथियों ने इस पर नकारात्मक विमर्श खड़ा कर हिंदू समाज को बदनाम करने की साजिश रच रहा है। उन्होंने कहा आपसी मतभेद को भूलकर वहां शांति व्यवस्था अपनाना चाहिए।

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