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महिलाओं के सशक्तीकरण से ही रुकेगा बाल विवाह
Published / 2023-09-15 21:20:07
महिलाओं के सशक्तीकरण से ही रुकेगा बाल विवाह

बाल विवाह रोकने के लिए बचपन बचाओ आंदोलन व झारखंड सरकार ने स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ किया परामर्श सम्मेलन एबीएन नॉलेज डेस्क। नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित संगठन बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत स्वयंसेवी संस्थाओं को लामबंद कर इस मुहिम से जोड़ने के लिए झारखंड पंचायती राज विभाग के साथ मिल कर रांची में एक सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में झारखंड सरकार के विभिन्न महकमों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ 2030 तक देश से बाल विवाह के पूरी तरह खात्मे के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गहन विचार विमर्श किया गया। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने पिछले साल बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एलान के बाद बीबीए देश के सभी राज्यों में इस तरह के सम्मेलनों का आयोजन कर रहा है जिसके तहत झारखंड में भी यह आयोजन हुआ। इस अवसर पर पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव राजीव एक्का, महिला एवं बाल कल्याण विकास विभाग तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव कृपानंद झा और ग्रामीण विकास विभाग के प्रभारी सचिव चंद्र शेखर भी मौजूद थे। बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकारी निदेशक धनंजय टिंगल ने सम्मेलन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा, पिछले साल नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के आह्वान के बाद पूरे देश में इसकी अप्रत्याशित और आश्चर्यचकित कर देने वाली प्रतिक्रिया देखने को मिली है।देश भर के 7028 गांवों से 76,000 महिलाएं और बच्चे मशाल लेकर एक साथ सड़कों पर उतरे और बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठायी। देश के 20 राज्यों में आयोजित होने वाले ये सम्मेलन 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक और कदम हैं। बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई और इसके पूरी तरह से खात्मे के लिए हमें एक बहुस्तरीय और बहुआयामी रणनीति की आवश्यकता है। इन परामर्श सम्मेलनों के जरिए हम सभी हितधारकों को साथ लाना चाहते हैं कि ताकि इस अपराध के खिलाफ हम सभी साझा लड़ाई लड़ सकें। इस सामाजिक बुराई के खिलाफ लड़ाई में हम कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे और इसमें शामिल लोगों ने जिस तरह की प्रतिबद्धता दिखाई है, उससे हमारे संकल्प और हौसले को और बल मिला है। सम्मेलन में कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन (केएससीएफ) की भी भागीदारी रही। बाल विवाह के बच्चों पर होने वाले दुष्परिणामों के मद्देनजर इस सामाजिक बुराई को रोकने की जरूरत को रेखांकित करते हुए केएससीएफ के पार्टनरशिप एवं कैंपेन प्रमुख बिधान चंद्र ने कहा- बाल विवाह को बच्चों के प्रति अपराध के तौर पर देखने की जरूरत है और इसीलिए इसे रोकना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकारी एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों जैसे सभी हितधारकों को राज्य से इस बुराई को उखाड़ फेंकने के लिए साझा प्रयास करने चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव राजीव एक्का ने बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई में बचपन बचाओ आंदोलन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बाल विवाह मूल रूप से महिला सशक्तीकरण से जुड़ा मुद्दा है। तमाम सर्वेक्षणों में हम देखते हैं कि बाल विवाह के सबसे ज्यादा दुष्परिणाम महिलाओं को भोगने पड़ते हैं।इसलिए हमें खास तौर से महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाने की जरूरत है। महिलाओं के सशक्तीकरण से बाल विवाह जैसी समस्याएं अपने आप दूर हो जायेंगी। बाल विवाह के खिलाफ राज्य की कार्ययोजना में इसको ध्यान में रखना होगा। सिर्फ किसी संस्था के प्रयासों या फिर कानून से बाल विवाह की बुराई पर रोक नहीं लग सकती। इससे आजादी के लिए सरकार और समाज सभी को पहल करनी होगी। खासतौर से पंचायत स्तर पर चुने हुए प्रतिनिधियों को इसमें अहम भूमिका निभानी होगी तभी बाल विवाह मुक्त भारत का सपना साकार हो सकेगा। बताते चलें कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (2019-2021) के अनुसार देश में 20 से 24 साल की 23.3 प्रतिशत लड़कियों का विवाह उनके 18 वर्ष का होने से पूर्व ही हो गया था जबकि झारखंड में यह औसत 32.2 प्रतिशत है। 2011 की जनगणना रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में हर साल 3.59 लाख बच्चों का विवाह 18 वर्ष की उम्र पूरी करने से पहले ही हो जाता है। इसके बावजूद 2019-21 के दौरान राज्य में बाल विवाह के महज 10 मामले दर्ज हुए। सम्मेलन में इस बात पर चिंता जाहिर की गयी और जनता, सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से बाल विवाहों के खिलाफ ठोस व गंभीर कदम उठाते हुए साझा प्रयासों की अपील की गयी।

मंगल भवन अमंगल हारी, नारायणी तेरो...
Published / 2023-09-13 18:31:58
मंगल भवन अमंगल हारी, नारायणी तेरो...

सस्वर मंगल पाठ में दादी जी का जीवन से लेकर शिक्षा- दीक्षा का हुआ व्याख्यान, जय दादी की जयकारों से गुंजा मंदिर परिसर  श्रीराणी सती दादी जी का सजा दरबार टीम एबीएन, झुमरीतिलैया। श्रीराणीसती मंदिर झुमरीतिलैया में बुधवार को भादो महोत्सव के दूसरे दिन सस्वर मंगलपाठ का आयोजन किया गया। 06 घंटे तक चले इस मंगल पाठ में 251 महिलाएं राजस्थानी वेशभूषा में शामिल हुईं। मंगलपाठ को लेकर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया एवं संवारा गया। कार्यक्रम की शुरुआत में पूजा अर्चना में यजमान के रूप में संजय नरेडी व ममता नरेडी शामिल हुए। पंडित अनिल मिश्रा ने पूजा अर्चना करायी। मंगलपाठ में मंगल भवन अमंगल हारी नारायणी तेरो नाम सुखारी... जय दादी के गगनभेदी नारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। कोलकाता से आये दीपक वर्मा व प्रीति वर्मा के साथ श्री राणीसती की महिमा को गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस दौरान गायकों ने बधाई हो सारे भक्तों को... तनधन बाबा सेठ नारायणी सेठानी है ये झुनझुनु की महारानी है... तेरी चुनरी के आगे झुक गए बड़े-बड़े सरकार... जय भवानी जय भवानी... लाया थारी चुनरी कर लो मैया श्रृंगार जैसे गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालु भक्तों को खूब झुमाया। कार्यक्रम का आयोजन श्री राणीसती भक्त समिति के तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्ष गोपीकृष्ण अग्रवाल, सचिव हिमांशु केडिया, संयोजक अशोक पिलानिया संरक्षक अनूप खाटूवाला ने कहा कि मंगल पाठ जैसे आयोजनों में महिलाएं घंटों बैठकर मां शक्ति स्वरूपा श्री राणी सती दादी जी का बखान करती है। इस अवसर पर दीपक वर्मा को अध्यक्ष गोपीकृष्ण अग्रवाल एवं सचिव हिमांशु केडिया ने एवं प्रीति वर्मा को मीरा खाटूवाला ने को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। मौके पर विपुल चौधरी, संतोष लड्ढा, अरविंद चौधरी, उमंग कंदोई, संजीव खेतान, प्रदीप केडिया, संदीप हिसारिया, चंद्रशेखर जोशी, सुनील लोहिया, प्रदीप कंदोई, गोपाल चौधरी, सुनील गुटगुटिया, यश बंसल, अनुराग हिसारिया, वत्सल कंदोई, हर्षित मोदी, उमंग कंदोई, ऋषभ दारूका, ऋषभ सिंह, चिंटू अग्रवाल, संजय खेमानी, आशीष केडिया, श्यामसुंदर सिंघानिया, ओमप्रकाश खेतान, पवन चौधरी, श्याम चौधरी, प्रदीप खाटूवाला, राम रतन महर्षि, संजीव अग्रवाल, विवेक सहल, दीपेश जेठवा, अशोक चौधरी, जगदीश संघई, मनोज केडिया, सुनील गुटगुटिया, संजय जगनानी, संदीप संघई, अजय शर्मा, राज पचीसिया, आशीष जोशी, गोपाल बगड़िया, अशोक चौधरी, राकेश सुरेका, गोपाल सर्राफ के अलावा अग्रवाल समाज, जैन समाज, महेश्वरी समाज, मारवाड़ी ब्राह्माण समाज, मारवाड़ी युवा मंच सहित कई दादी भक्त मौजूद थे। आज होगा संगीतमय भजनों का आयोजन, 15 को नृत्य नाटिका का मंचन श्री राणीसती मंदिर परिसर में भादी अमावश्या के तीसरे दिन गुरुवार की रात्रि 07 बजे से मंदिर परिसर में सवा पांच घंटे की ज्योत के साथ भजनों का कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। जिसमें कोलकाता के दया शर्मा एंड ग्रुप भजनों की प्रस्तुति देगा। इसमें दादी जी का श्रृंगार, 56 भोग का भी आयोजन संपादित होगा। वहीं बिनोद बजाज के निवास स्थल पर भी संगीतमय भजनों का कार्यक्रम आयोजित होगा। शुक्रवार सुबह 4 बजे मंदिर परिसर में मंगला आरती के बाद पाटा पूजा, धोक पूजा का आयोजन होगा। वहीं देर शाम को जावा फूल का श्रृंगार के साथ कोलकाता से सोमा एंड ग्रुप नृत्य नाटिका का आयोजन करेगा।

श्रीराम जन्मभूमि पर खुदाई में मिले प्राचीन मंदिर के अवशेष
Published / 2023-09-13 14:20:26
श्रीराम जन्मभूमि पर खुदाई में मिले प्राचीन मंदिर के अवशेष

अनेक मूर्तियां और स्तंभ शामिलएबीएन सोशल डेस्क। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि स्थल की खुदाई की जा रही है। खुदाई में प्राचीन मंदिर के अवशेष और मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। इसकी जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ट्वीट कर दी। उन्होंने बताया कि खुदाई में अनेकों मूर्ति अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। इसके साथ ही जनवरी 2024 में प्राण प्रतिष्ठा की भी तैयारी है। इसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 2019 में राम मंदिर को लेकर फैसला आने के बाद से राम नगरी लगातार चर्चा में हैं।

श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्म संघ का पर्युषण महापर्व का आज प्रथम दिन खाद्य संयम दिवस
Published / 2023-09-12 21:24:14
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्म संघ का पर्युषण महापर्व का आज प्रथम दिन खाद्य संयम दिवस

टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के पर्युषण महापर्व  के आज प्रथम दिन खाद्य संयम दिवस की आराधना करते हुए तेरापंथ धर्म संघ के महातपस्वी आचार्य श्रीमहाश्रमण जी के द्वारा भेजे गये उपासकद्वय स्वाध्यायी श्रीमान धर्मचंदजी बाफना एवं मोहनलालजी सामसुखा ने आज धमार्नुरागी भाइयों एवं बहनों  संबोधित किया। उपासक धर्मचंद बाफना ने बताया कि पर्युषण पर्व को विश्व को शांति प्रदान करने वाला, समस्त जीव को अपने समान समझने का, आत्मा का निरीक्षण करने वाला पर्व बताया गया है, इसे त्याग और संयम से मनाना है। खाद्य संयम दिवस की महत्ता बताते हुए कहा कि आहार का अध्यात्म से गहरा संबंध है, आहार लेने के बाद मन प्रसन्न रहे, इंद्रिय प्रसन्न रहे, कार्य करने की क्षमता बनी रहे यह परिमित भोजन है। पाचन तंत्र व उत्सर्जन तंत्र को स्वस्थ रखना आवश्यक है। मस्तिष्क से काम लेना है तो आहार संयम समझना ही पड़ेगा। उपासक मोहनलाल जी सामसुखा ने भगवान ऋषभ देव व उनके कालचक्र के बारे में जानकारी दी। मांगलिक के बाद प्रवचन समाप्त हुआ। महिला मंडल ने गीतिका प्रस्तुति की। पर्युषण पर्व के दौरान लोग तपस्या भी कर रहे हैं, आज विशाल दस्सानी के 11 उपवास था।आज दोपहर में ज्ञानशाला एवं शाम में बच्चों के लिए धार्मिक प्रश्नोत्तरी, भजन आदि का आयोजन किया गया।आज प्रवचन में जैन धर्म के सभी सम्प्रदायों के श्रावक अच्छी संख्या में उपस्थित थे!समाज के काफी लोग उपस्थित थे, आज मुख्य रूप से अमरचंद बेंगाणी, लाल चंद बोथरा, विमल दस्सानी, प्रकाश चंद नाहटा, मोहनलाल पींचा, पंकज बोहरा, कमलेश संचेती आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

घर की बुनियाद होते हैं दादा-दादी : ब्यूटी सिंह
Published / 2023-09-12 16:49:59
घर की बुनियाद होते हैं दादा-दादी : ब्यूटी सिंह

टीम एबीएन, कोडरमा। बिशनपुर रोड स्थित किडजी स्कूल में मंगलवार को ग्रैंडपेरेंट डे सेलिब्रेट किया गया! प्रत्येक साल स्कूल में इस विशेष दिन को बहुत ही खास तरीके से मनाया जाता है!बच्चे अपने दादा- दादी या नाना- नानी का स्वागत भारतीय संस्कृति के अनुसार करते हैं। किडजी स्कूल शिक्षा में अच्छे संस्कार का भी समावेश करता है। विद्यालय में ग्रैंडपेरेंट्स डे समारोह का आयोजन कक्षा प्ले ग्रुप से कक्षा सीनियर केजी तक किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने अपने बुजुर्गों को बिठाकर तिलक किया। उनकी आरती उतारी और चरण स्पर्श करने के बाद अपने हाथों से बनाया ग्रीटिंग कार्ड भेंट किया। किडजी विद्यालय के बच्चों ने इक दूसरे से करते हैं प्यार हम, लव यू जिंदगी और इतनी सी हंसी पर डांस किया। शैम प्रैप जूनियर और सीनियर के बच्चों ने दादा-दादी पर कविता सुनाकर बुजुर्गों के प्रति प्यार प्रकट किया।इस विशेष दिन के बारे में स्कूल की निर्देशिका ब्यूटी सिंह ने बताया कि हमारे बुजुर्ग परिवार की बुनियाद होते हैं। उन्हें अपने पोते- पोती या नाती- नातिन से अगाध प्रेम होता है। लेकिन किसी भी सामाजिक संस्था या शिक्षण संस्था में उन्हें इस नजरिए से कभी पहचान नहीं मिलती है। हम राष्ट्रीय, सामाजिक और पारिवारिक सरोकार के प्रति संवेदनशील हैं और अपने स्कूल के बच्चों को इन जरूरी चीजों के प्रति संवेदनशील बनाना चाहते हैं।स्कूल के प्रधानाध्यापक विशाल सिंह ने कहा कि विद्यालय का यह आयोजन दिल को छूने वाला है। मैं इस कार्यक्रम से इतना अभिभूत हूं कि शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। समाज का एक ऐसा वर्ग जो एक तरह से दरकिनार है, उसे केंद्रित कर स्कूल का पूरा कार्यक्रम आयोजित किया जाना सराहनीय है। दादा-दादी, नाना-नानी में शामिल अभिभावकों में से कक्षा प्ले ग्रुप की संवि  की दादी सुप्रिया तथा दादाजी रमेश सिंह अंकुश क्लास प्लेग्रुप की दादी मंजू देवी, वैष्णवी क्लास सीनियर केजी की दादी मीना गुप्ता तथा दादाजी पवन प्रसाद गुप्ता कक्षा प्लेग्रुप से प्रज्ञा प्रकाश की दादी कांचन लता कक्षा नर्सरी से कायर भट्ट की दादी सुनीता बरनवाल कक्षा नर्सरी से प्रणीत तथा प्रणव के दादी श्रद्धा देवी कक्षा 3 से अलास्का की दादी बच्ची देवी तथा इत्यादि के ग्रैंडपेरेंट्स समझ में उपस्थित थे। इस दौरान कई बुजुर्गों की आंखें छलछला उठी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को इसके लिए धन्यवाद दिया।कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक तथा शिक्षकों में बबीता सिंह, नरगिस नाज, प्रिय मोदी, पम्मी सिन्हा, प्रिया बरनवाल, सृष्टि प्रिया, अंकित कपसीमें, सूरज सिंह, अखिलेश सर, माधुरी मैम, रिंपा मैंम, अमृता मैंम, नीता मैंम, मासूम मैंम, अर्चना मैम, नीतू मैंम, विनीता मैंम, रजनी मैम, जूली मैंम इत्यादि  का नाम शामिल है।

ज्योति संगम में इस वर्ष ढ़ोकरा कला के थीम पर दिखेगा काल्पनिक पंडाल
Published / 2023-09-12 10:49:26
ज्योति संगम में इस वर्ष ढ़ोकरा कला के थीम पर दिखेगा काल्पनिक पंडाल

टीम एबीएन, रांची। इस वर्ष पूजा पंडाल को प्राचीन एवं विलुप्त होते ढ़ोकरा कला के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए हाई डेंसीटी फोम एवं कई प्रकार के धातु का प्रयोग किया जा रहा है। इसका निर्माण बंगाल के कलाकार कर रहे हैं। पंडाल की चौड़ाई 80 फिट, ऊंचाई 25 फिट एवं लंबाई 28 फिट होगी। पंडाल के आसपास आकर्षक विद्युत सज्जा कि जायेगी। इस वर्ष माता की 13 फिट की मूर्ति भी आकर्षण का केन्द्र रहेगी, जो कि धान के थीम पर होगी। इसका निर्माण मूर्तिकार रामपाल द्वारा किया जा रहा है। इस वर्ष पूजा आयोजन पर कुल 12 लाख रुपये खर्च किये जाएगें जिसमें पंडाल पर 6 लाख, मूर्ति पर 1लाख, लाईट एवं साउंड पर 1 लाख, पूजा हेतु 1 लाख, विजयादशमी के दिन होने वाले भंडारे पर 1.50 लाख एवं अन्य अनुमानित खर्च 1.50 लाख होगी। भक्तों के दर्शन के लिए षष्ठी के दिन पट खोल दिया जायेगा। पंडाल परिसर में लोगों के लिए खाने पीने के स्टॉल भी लगाये जायेंगे। भव्य विसर्जन शोभायात्रा 25 अक्तूबर को शाम 4 बजे से निकाली जायेगी जिसमें रामगढ़ की ताशा पार्टी आकर्षण का केन्द्र  रहेगी। उपरोक्त जानकारी समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अंकित गुप्ता ने दी।इस वर्ष की पूजा कमेटी इस प्रकार है :मुख्य संरक्षक : संजय सेठ (सांसद) और सीपी सिंह (विधायक)संरक्षक : श्याम नारायण दयाल, शिव कुमार गुप्ता और प्रमोद लोहियासंयोजक : दीपक कुमार पंकज, अजय बथवाल, हेमंत पोद्दार और अशोक गुप्ताअध्यक्ष : चंद्रभान खत्री कार्यकारी अध्यक्ष : अंकित गुप्तामहासचिव : राजकुमार गुप्ता (R.P)उपाध्यक्ष : अमित व्यासकोषाध्यक्ष : अविनाश कुमार सह-कोषाध्यक्ष : राजेश मक्कड़ सचिव : रंजित जयसवाल मंत्री : रविंद्र सैनी (मोनू)सह-सचिव : प्रखर लोहियापंडाल प्रभारी : तेजपाल सिंह और मनोज बक्सरियासह-पंडाल प्रभारी : गौतम कुमार मीडिया प्रभारी : साजन सिन्हाकार्यकरिणी सदस्य : अमर मोदी, संजय गुप्ता, वेद प्रकाश सिंह, विशाल गुप्ता, आशीष कुमार, संदीप शर्मा, मुकेश वर्मा, आशीष घोष, विक्रांत कुमार, राजू सोमानी, संदीप व्यास, विकास पंकज, निखिल, सिखिल व्याससंस्थापक सदस्य : महाबीर शर्मा, प्रमोद जयसवाल, नंदू शर्मा।

श्री सर्वेश्वरी समूह ने गुमला में किया 380 पौधों का रोपण सह वितरण
Published / 2023-09-10 20:09:13
श्री सर्वेश्वरी समूह ने गुमला में किया 380 पौधों का रोपण सह वितरण

टीम एबीएन, गुमला/ रांची। आज दिनांक 10.09.2023 (दिन - रविवार) को श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) के द्वारा सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान: वर्ष - 2023 के आठवें चरण का आयोजन भरनो (गुमला) के ग्राम - डोम्बा में किया गया। कार्यक्रम में आम, अमरूद, मोहगनी, गुलमोहर, करंज, महुआ, कुसुम इत्यादि के 380 पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया। विधिवत आरती-पूजन के बाद स्थानीय ग्रामीण नेहरू उरांव के बागान में 100 पौधे एवं श्री कुंवरचंद उरांव के बागान में भी समूह सदस्यों ने 55 पौधों का रोपण किया। उसके बाद ग्रामीण बंधुओं के बीच एक लघु गोष्ठी की गयी, जिसमें श्री सर्वेश्वरी समूह का संक्षिप्त परिचय देते हुए समूह के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में भी ग्रामीण बंधुओं को अवगत कराया गया। साथ ही वृक्षों के कमी से हो रहे दुष्परिणामों के बारे में अवगत करते हुए वृक्षों के बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।गोष्ठी में बताया गया कि समूह के जशपुर (छत्तीसगढ़) स्थित ब्रह्मनिष्ठालय सोगड़ा आश्रम के बागान में एक बोरवेल (नलकूप) लगाया गया था जिसमे पानी नहीं निकला। बागान में अन्य स्त्रोत से वृक्षरोपण किया गया और सात - आठ वर्ष बाद जब वृक्ष बड़े हो गए तो उसी नलकूप में अपने आप पानी निकल आया। इससे यह सिद्ध हुआ कि वृक्ष बस पर्यावरण संतुलन ही नहीं बल्कि जल संरक्षण में भी सहायक होते हैं। गोष्ठी के बाद ग्रामीण बंधुओं के बीच 225 पौधों का वितरण किया गया। सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से लोगों को वृक्ष लगाने एवं वृक्षों को बचाने के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान - वर्ष 2023 के अन्तर्गत शाखा रांची द्वारा कुल आठ चरण का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम- गंगड़ा (जिला गुमला), ग्राम- जुरकेला (जिला सिमडेगा), ग्राम - कोइन्जारा (जिला- गुमला), ग्राम - गुडू (जिला - रांची), ग्राम - भरनो (जिला - गुमला), ग्राम - राजाडेरा (रांची), ग्राम - पोड़ा एवं ग्राम- लुद्रू (कर्रा - खूंटी) एवं ग्राम - डोंबा (गुमला) में कुल 2810 पौधों का रोपण सह वितरण किया गया। कार्यक्रम में डोम्बा से लालदेव उरांव, बालदेव उरांव, राजेंद्र उरांव, सोमारी उरांव एवं सुश्री किरण उरांव का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची की ओर से राधेशयम सिंह, शशिभूषण मिश्रा, अरुण सिंह, नवल किशोर सिंह, समरेंद्र सिंह, राधा मोहन मिश्रा, भानु प्रताप नाथ शाहदेव, उदय नारायण पाण्डेय, सुनील सिंह, शंभू शंकर षाड़ंगी, श्रवण शर्मा, हिमांशु ठाकुर, गौरीशंकर षाड़ंगी, गंगाधर नाथ शाहदेव, सुधांशु ठाकुर, प्रताप आदित्य नाथ शाहदेव, अंजनी सिंह, राजेंद्र प्रसाद, गिरेन्द्र नाथ शाहदेव, रविन्द्र साहू, सागर सिंह, उदित सिंह, मानवेंद्र नाथ शाहदेव, रविंद्र उरांव, शिवेंद्र राय, विकास कुमार, सौरव कुमार, शशि साहू, नागदमनी नाथ शाहदेव, यदुनाथ शाहदेव के साथ लगभग 30 श्रद्धालु-सदस्यगण शामिल हुए।

18 को हरितालिका तीज और 19 को गणेश चतुर्थी शास्त्रसम्मत : पंडित रामदेव
Published / 2023-09-09 21:37:59
18 को हरितालिका तीज और 19 को गणेश चतुर्थी शास्त्रसम्मत : पंडित रामदेव

17, 18 और 19 सितंबर को त्योहार30 सितंबर से 14 अक्टूबर तक पितृपक्ष एबीएन सोशल डेस्क। 17 सितंबर रविवार को विश्वकर्मा पूजा, 18 सितंबर सोमवार हरितालिका तीज और 19 सितंबर मंगलवार को गणेश चतुर्थी है। 17 सितंबर से सौर आश्विन मास शुरू हो जायेगा। इसी दिन विश्वकर्मा पूजन होगा। तृतीया तिथि रविवार सुबह 9:31 से सोमवार 10:27 तक है। हस्ता नक्षत्र भी रविवार सुबह 9:43 से शुरू होगा जो सोमवार सुबह 11:15 तक है। पंडित रामदेव पाण्डेय के अनुसार सोमवार को तीज व्रत और शिव पार्वती का पूजन श्रेयस्कर है।मंगलवार को गणेश चतुर्थी व्रत है, तो 20 सितंबर को ऋषि पंचमी होगी। 21 सितंबर को लोलार्क षष्ठी, 25 सितंबर सोमवार को कर्मा एकादशी और 28 सितंबर गुरुवार को अनंत चतुर्दशी का व्रत होगा। 29 सितंबर शुक्रवार को भादो पूर्णिमा है, जिसके साथ महालया आरंभ हो रहा है। 30 सितंबर से 14 अक्टूबर तक आश्विन कृष्ण पक्ष अर्थात पितृपक्ष होगा। 6 अक्टूबर को जीउतिया व्रत होगा।

लायंस क्लब आफ रांची कैपिटल ने मनाया विश्व साक्षरता दिवस
Published / 2023-09-09 18:52:36
लायंस क्लब आफ रांची कैपिटल ने मनाया विश्व साक्षरता दिवस

टीम एबीएन, रांची। लायंस क्लब आफ रांची कैपिटल विश्व साक्षरता दिवस पर लायंस क्लब आफ रांची कैपिटल ने बड़गांई स्थित बाल निकेतन स्कूल में जागरूकता अभियान चलाया। कार्यक्रम के दौरान क्लब ने छात्र-छात्राओं को कॉपी पेंसिल और चॉकलेट्स दिये। कार्यक्रम में क्लब की सचिव आस्था किरण ने 6 से लेकर वर्ग 10 तक के 150 बच्चों के बीच शिक्षा और साक्षरता की महत्ता एवं आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। जिंदगी में  शिक्षा से अधिक बहुमूल्य कोई चीज नहीं होती है और न ही शिक्षा प्राप्त करने की कोई उम्र होती है। उन्होंने अपने भाषण मे स्कूल के छात्र-छात्राओं को बताया कि विश्व साक्षरता दिवस इसलिए मनाया जाता है जिससे मानव विकास, अधिकारों को जानने और साक्षरता की ओर मानव चेतना को बढ़ावा मिल सके। सफल जिंदगी जीने के लिये खाने की तरह ही साक्षरता भी बहुत जरूरी है।शिक्षित व्यक्ति में वो क्षमता है जो परिवार और देश की प्रतिष्ठा को बढ़ा सके और ये दिन शिक्षा को प्राप्त करने और लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। देश और समाज के लिए शिक्षा बहुत जरूरी होती है।  कार्यक्रम संयोजक रजनीश सिन्हा ने बताया की साक्षरता का अर्थ है शिक्षित होना अर्थात् पढने और लिखने की क्षमता से संपन्न होना। निरक्षरता अंधेरे के समान है और साक्षरता प्रकाश के समान है। इसलिए व्यक्ति का साक्षर होना अतिआवश्यक है, जिससे व्यक्ति को अपने मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों का ज्ञान हो और वह समाज के प्रति अपने अधिकारों और दायित्व का निर्वाहन भली-भांति कर सकेसाथ हीसभ्य समाज के लिए लोगों का शिक्षित होना बेहद जरूरी है।कार्यक्रम के अंत मे लायंस क्लब के समस्त पदाधिकारियों ने शिक्षा के प्रसार प्रचार के लिए प्रतिबद्धता ली। कार्यक्रम को सफल बनाने में रांची कैपिटल की सचिव आस्था किरण, रजनीश सिन्हा, पर्यावरण संरक्षण चेयरपर्सन संजीत कुमार एवं संतोष अग्रवाल के साथ-साथ समाजसेवी रंजीत रंजन, गीता उपस्थित थे।

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