टीम एबीएन, रांची। श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची, औघड़ भगवान राम आश्रम में समूह के संस्थापक अध्यक्ष परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी का 87वां जयन्ती पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 6 बजे प्रभात फेरी के साथ किया गया। उसके पश्चात प्रातः 8:30 बजे परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के तैल चित्र का आरती-पूजन किया गया साथ ही सद्ग्रन्थ सफलयोनि का पाठ भी हुआ।दिन के 10:30 बजे से युवा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता शाखा के वरिष्ठ सदस्य मनमथ नाथ देवघरिया ने किया। गोष्ठी में यदुनाथ शाहदेव, नयन मंजरी, अभिनव कुमार, ऋषि शाहदेव, सीमा सिंह, शाम्भवी शाहदेव, शशिभूषण मिश्रा, उदित सिंह, समुद्र श्रीनाथ शाहदेव, सुदर्शन सिंह, वत्स कुमार, नागदमनी नाथ शाहदेव एवं कर्नल रामचन्द्र नाथ शाहदेव ने अपने विचार रखे। संचालन अभय सहाय ने किया और धन्यवाद ज्ञापन नवीन कुमार ने किया।दोपहर 3 बजे से पूरे विश्व के कल्याण भावना से अघोरानना परो मन्त्रः नास्ति तत्त्वं गुरौ परम का दो घण्टे का संकीर्तन किया गया। साथ ही संध्या 4:00 बजे निवारणपुर स्थित मूक बधीर स्कूल एवं अनाथाश्रम के बच्चों के बीच फल वितरण के साथ समस्त कार्यक्रम सम्पन्न हुए।
बोले- आप सेवा भाव से आये हैं, तो स्वागत है। आजतक कोई कमेटी नहीं थी। ये निर्मोही अखाड़ा परिषद की परंपरा के तहत संचालित होता है टीम एबीएन, रांची। श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर मेन रोड में न्यास बोर्ड द्वारा गठित कमेटी के सदस्य आये और श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर सूर्य नारायण दास त्यागी बाबा जी से मिले। बाबा जी ने सभी को भक्त समझ कर आशीर्वाद दिया।उन्होंने कहा कि आप भक्त हैं। आप सेवा भाव से आये हैं, तो स्वागत है। लेकिन आजतक कोई कमेटी नहीं थी। ये साधु समाज का मंदिर है। मैं वर्षों से यहां सेवा कर रहा हूं। आजतक कोई कमेटी नहीं थी। ये निर्मोही अखाड़ा परिषद की परंपरा के तहत संचालित होता है। मुझे आपलोगों से कोई शिकायत नहीं है। आप भक्त हैं, लेकिन मेरी आधी बातों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से दिखाया जा रहा। जबकि मैंने कोई स्वीकृति नहीं दी है। मैं न्यास बोर्ड से बात करूंगा कि न्यास बोर्ड को क्या कमी दिखी कि बिना बात किये, बिना जानकारी दिये कमेटी का गठन किया गया। मैं न्यास बोर्ड के अधिकारी से बात करूंगा। अगर ये लोग मेरी बात को नहीं सुनेंगे, तो फिर मैं विचार करूंगा कि आगे क्या करना है।
56वें वार्षिक महोत्सव को लेकर शुक्रवार को निकलेगी भव्य शोभा यात्राटीम एबीएन, रांची। श्री श्याम मण्डल, रांची का 56 वां वार्षिकोत्सव गौ पूजन एवं गौ सेवा के साथ शुरू हुआ। सुबह 8 बजे अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में भव्य आरती हुई। इसमें भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे। आरती के बाद श्री श्याम मंडल के लगभग 50 सदस्यों की टोली ने श्री श्याम प्रभु का जयकार करते हुए सुकुरहुटू गौशाला के लिए प्रस्थान कर गौशाला में पूर्ण विधिविधान से गौ माता का पूजन-वंदन किया एवं गौशाला स्थित मंदिर में सामूहिक संकीर्तन कर गौशाला में स्थित सभी गौ माताओं को बड़े ही श्रद्धा भाव से गुड़, चोकर, रोटी, हरी सब्जी एवं दलिया खिलाया। कार्यक्रम को सफल बनाने में गौरव परसरामपुरिया, अशोक लाठ, सज्जन सराफ, सर्वेश बागला, अंकित मोदी, विवेक ढांढनिया, अनिल ढांढनिया, ज्ञान प्रकाश बागला, राकेश सारस्वत, प्रदीप अग्रवाल का सहयोग रहा। 22 सितंबर को अपराह्न 4 बजे अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर से श्री श्याम प्रभु का भव्य शोभा यात्रा निकलेगी, जो नगर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए श्री श्याम मंदिर पहुंचेगी।
काल्पनिक मंदिर होगा श्री दुर्गा पूजा समिति भूतहा तालाब का पंडालटीम एबीएन, रांची। श्री दुर्गा पूजा समिति, भूतहा तालाब का पंडाल काल्पनिक मंदिर होगा। अपने पूजन के लिए प्रख्यात श्री दुर्गा पूजा समिति पिछले 97 वर्षों से नवरात्र में माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा करती आ रही है। पंडाल के संबंध में ऊंचाई 45 फीट और लंबाई 35 फीट की होगी, जिसमें माता की 13 फीट की दिव्य प्रतिमा स्थपित कर पूजा की जायेंगी। प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार श्री रामपाल जी द्वारा किया जा रहा है श्रीगणेश, कार्तिकेय सहित माता महालक्ष्मी तथा महासरस्वती विराजमान होंगी। पंडाल व प्रतिमा का निर्माण पश्चिम बंगाल के कलाकार प्रदीप बंगाली तथा मातादीन टेंट हाउस के कारीगर कर रहे हैं। मंत्रमुग्ध करने वाले पूजा पंडाल की साज-सज्जा देखते ही बनेगी। पूजा समिति के आयोजक संजय सिंह (लल्लू सिंह) ने बताया कि आकर्षक विद्युत सज्जा, तोरणद्वार, लाइटिंग, साउंड, प्रतीमा, पूजन सामाग्री आदि पर कुल मिलाकर लगभग सात लाख पचास हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं पंडाल की सुरक्षा में सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा गार्ड तथा वॉलंटियर्स मौजूद रहेंगे। प्रवक्ता नमन भारतीय ने बताया कि कहीं अधिक भव्यता के साथ समिति इस वर्ष पूजा का आयोजन करने जा रही है, जिसे देखने दूर दराज से भक्त जन भूतहा तालाब तक आते हैं, दुर्गा पूजा के लिए प्रख्यात श्री चैती दुर्गा मंदिर भव्य आयोजन और मां जगदंबे के स्वागत के लिए तत्पर खड़ी है। दुर्गा पूजा समिति में ये लगे है आयोजन में मुख्य संरक्षक किशोर साहू, रमेश सिंह, वरिष्ठ संरक्षक कुमार राजा, उदय साहू, रवि कुमार पिंकू, गोपाल पारीक, राजकुमार गुप्ता, दीपू सिंह, राजेश साहू, संरक्षक वरुण साहू, विशाल कृष्णा आदी। अध्यक्ष उमंग सुल्तानिया, महामंत्री मनीष सेठी, कार्यकारणी अध्यक्ष राहुल सिंह, आयोजक संजय सिंह (लल्लू सिंह), गणेश सिंह, सूरज वर्मा, भोलू सिंह, बंटी वर्मा, करण सिंह, मोहित रजक, आशीष रजक, अर्जुन सिंह, रोहन सिंह, आकाश रजक, नमन भारतीय आदि लगे हैं।
पहाड़ी मंदिर पर हुई धार्मिक न्यास बोर्ड की बैठक, बनी नयी कमेटी टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में धार्मिक न्यास बोर्ड की बैठक पहाड़ी मंदिर पर हुई। जिसमें नयी कमेटी का गठन किया गया। वहीं, दूसरी ओर मंदिर के बाहर न्यास बोर्ड के खिलाफ पुराने कमेटी के सदस्य ने विरोध जताया। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि मन्दिर में न्यास बोर्ड की राजनीति नहीं चलेगी। जिस तरीके से मंदिर में कमेटी बनायी गयी है, ये पूरी तरह से गलत है। हाईकोर्ट में मामला होने के बावजूद भी कमेटी का ताला तोड़ा जा रहा है जो गलत है। वहीं, इस विरोध पर न्यास बोर्ड का कहना है कि समझ नहीं आ रहा है कि आखिर ये विरोध क्यों कर रहे हैं? इन्हें विरोध नहीं बल्की कमिटी का सहयोग करना चाहिए। क्या है धार्मिक न्यास बोर्ड का फैसलाराज्य धार्मिक न्यास बोर्ड ने मंदिर कमेटियों को भंग करने का फैसला किया।रांची का पहाड़ी मंदिर, मेन रोड रांची का बजरंग बली मंदिर, इटखोरी का भद्रकाली मंदिर समेत 15 मंदिरों के प्रबंधन कमेटी को भंग करने का फैसला।बंशीधर मंदिर गढ़वा, देउरी मंदिर तमाड़ और कमरे आश्रम समेत कई प्रबंध समिति को नोटिस भेज कर प्रबंधन से जुड़ी डिटेल मांगी।नयी मंदिर कमेटियों में प्रशासनिक अधिकारियों के दखल को कम किया गया।जिन कमेटियों में डीसी या एसडीओ शामिल थे उन्हें भी मुक्त किया गया।अधिकारी काम के चलते मंदिर प्रबंधन में समय नहीं दे पाते- न्यास बोर्ड।मस्जिद, गुरुद्वारे और गिरजाघर में भी बने कमेटी बताते चलें कि धार्मिक न्यास बोर्ड के फैसले के बाद से ही मंदिर के समर्थक और भाजपा इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। हाल ही में मंदिर समर्थकों द्वारा मशाल जुलूस के साथ इसका विरोध प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि आखिरकार मंदिर में ही कमेटी क्यों बनायी जा रही है? मस्जिद, गुरुद्वारे और गिरजाघर में भी कमेटी बनानी चाहिए।
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद रांची ने रक्तदान शिविर को लेकर एक प्रेस वार्ता टीम एबीएन, रांची। आज दिगंबर जैन भवन हरमू में रखी गयी थी, जिसके मुख्य अतिथि पूर्व महापौर संजीव विजयवर्गीय, झारखंड रत्न अतुल गेरा जी थे। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद रांची ने आगामी 28 सितंबर से 01 अक्टूबर तक मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव (एमबीडीडी) चलाया जायेगा। जिसमें युवक परिषद रांची ने अभी तक 6 ब्लड कैंप फाइनल किये हैं। पूर्व महापौर संजीव विजयवर्गीय ने युवक परिषद रांची को रक्तदान शिविर आगामी दिनों में आयोजित करने के लिए शुभकामनाएं दी और हौसला बढ़ाया। झारखंड रत्न अतुल गेरा जी ने रक्तदान के बारे में विस्तृत रूप से बताया। रक्तदान क्यों करे, इसके के बारे समाज के लोगों को जागरूक किया तथा रक्तदान शिविर आयोजन करने में पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। विदित हो कि हर बार की तरह इस बार भी अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद रक्तदान अमृत स्मरणोत्सव के अंतर्गत इस महीने 25 सितंबर से 01अक्टूबर के बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय हेल्थ मिशन के साथ मिलकर पूरे विश्व भर में मेगा रक्तदान शिविर का ड्राइव चला रहा है। संस्था 2012 से रक्तदान शिविर का वर्ष में एक बार ड्राइव चलाती है, ताकि अधिक लोगों से स्वेच्छिक रक्तदान करवाती है ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर रक्त मिल सके। तेरापंथ युवक परिषद रांची के अध्यक्ष ललित सेठिया ने बताया कि पिछले वर्ष 2022 में संस्था ने भारत सरकार के साथ मिलकर राज्य सरकार, केंद्रीय प्रदेश तथा 38 देशों को मिलाकर कुल दो लाख पचास हजार यूनिट रक्तदान एक दिन 17- सितंबर-22 को करवाया था, जो कि वर्ल्ड बुक आफ रेकॉर्ड में शामिल है। आज तेरापंथ युवक परिषद ने एमबीडीडी के बैनर का विमोचन किया। आज के कार्यक्रम का मुख्य संयोजन अमित बेंगाणी, पंकज बोहरा, विशाल दस्सानी, विवेक बेंगाणी, विकाश नाहटा, सुरेश जैन, अरिहंत सिंघवी, आकाश बेंगाणी आदि ने किया। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। गोस्सनर कॉलेज के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलन व बाइबल पाठ से हुई। कार्यक्रम का विषय-प्रवेश हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ प्रशांत गौरव ने किया। विषय प्रवेश के क्रम में उन्होंने कहा कि हिंदी भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में संवाद, संपर्क और रोजगार की भाषा में प्रयोग की जा रही है। वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के पवार इंडेक्स के अनुसार दुनिया के दस शक्तिशाली भाषाओं में हिंदी शामिल है। अध्यक्ष भाषण देते हुए हिंदी विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर आशा रानी केरकेट्टा ने कहा कि भारत के साथ ही विश्व स्तर के कई राष्ट्राध्यक्ष हिंदी के प्रयोग पर बल देते देखे गए हैं। हिंदी स्वाभिमान की भाषा है हमें हिंदी बोलने में गौरव की अनुभूति करनी चाहिए हिंदी भारतीय भाषाओं को जोड़ने वाली भाषा है। मौके पर डॉ हाराधन कोईरी ने कहा कि हिंदी समुद्र की भांति है, जो सभी भाषा की शब्द- संपदा को अपने में ओढ़ लेती हैं।वहीं डॉ वर्षा शालिनी कुल्लू ने कहा है कि हिन्दी साहित्यिक रचना के लिए सर्वाधिक लोकप्रिय भाषा है। इस भाषा में लिखी गई कई रचनाएं वैश्विक जगत में लोकप्रिय हैं। उनमें रामचरितमानस, कामायनी, गोदान आदि। मौके पर विद्यार्थियों के लिए क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया क्विज के लिए विद्यार्थियों को चार समूह में बांटा गया, जिसमें कामायनी अनामिका पल्लव और सेंड ग्रुप था सभी समूहों से हिंदी साहित्य के इतिहास से संबंधित प्रश्न पूछे गये। क्विज प्रतियोगिता का परिणाम : प्रथम- अनामिका द्वितीय- सांध्यगीत तृतीय- पल्लव भाषण प्रतियोगिता प्रथम- एलिन एक्का द्वितीय- निकिता होरो तृतीय- अंजलि और श्वेता तिग्गा कविता पाठ प्रथम- अनिमा मिंज द्वितीय- अंशु लकड़ा तृतीय- ईशा बाला, रितेश कुमार कार्यक्रम का संचालन प्रो सचिन तोपनो ने किया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन प्रो रामईश्वर कुमार ने किया। मौके पर अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ ईवा मार्ग्रेट हांसदा, डॉ प्रदीप गुप्ता, प्रो द्रुपद चौधरी, डॉ अब्दुल बासित, डॉ विनोद राम सहित सैकड़ों हिंदी प्रेमी मौजूद थे।
बोले- इस मंदिर का संचालन निर्मोही अखाड़ा अयोध्या के साधु संत समाज शुरू से करते आ रहे हैं और आगे भी करेंगेटीम एबीएन, रांची। संकट मोचन हनुमान मंदिर के संचालक श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर सूर्य नारायण दास त्यागी बाबा ने न्यास बोर्ड की नयी कमेटी का विरोध किया। इन्होंने कहा कि पहले कोई कमेटी नहीं थी। 1974 से मैं सेवा कर रहा हूं। 1987 में गुरुजी का शरीर छूटने के बाद से मैं मंदिर का संचालन कर रहा हूं। फिर किस कमेटी को भंग करके नयी कमेटी गठित की गयी। मंदिर में चाहे कोरोना हो या पथराव, सरकार के कोई भी लोग देखने नहीं आये। ये मंदिर समाज का है। मंदिर को सरकार अपने नियंत्रण में लेना चाह रही है, जो कि गलत है। जिस प्रकार अन्य धर्म के धर्मस्थल को स्वतंत्रता प्राप्त है, उसी प्रकार भारत के सभी मंदिर-मठ को आजादी मिलनी चाहिए। इस सरकार का रवैया सनातन के प्रति ठीक नहीं है। सरकार को हम सूचित करना चाहते हैं कि इस प्रकार का सनातन के प्रति रवैया ठीक नहीं है। सरकार सनातनियों को बार-बार तंग नहीं करे। कुछ लोग सनातन को मिटाने का षडयंत्र कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई के बजाय मंदिर और सनातन संस्कृति के प्रति आघात सरकार कर रही है। महंत श्री श्री 1008 सूर्य नारायण दास त्यागी जी ने न्यास समिति का विरोध जताया। कहा कि कौन न्यास समिति है? मंदिर में अभी तक न्यास समिति के सदस्य नहीं आये तथा इस मंदिर का संचालन निर्मोही अखाड़ा अयोध्या के साधु संत समाज शुरू से करते आ रहे हैं और आगे भी निर्मोही अखाड़ा के माध्यम से मंदिर संचालित होगा। मौके पर संत शिरोमणि, हिंदू जागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष सुजीत सिंह, महावीर मंडल के अध्यक्ष कुणाल आजमानी, महामंत्री मुनचुन राय, पुजारी श्यामानंद पाण्डेय, अभिषेक पाठक, समाजसेवी अमृत रमण, अमित कुमार, निशांत यादव, नमन भारतीय तथा सैकड़ों लोग शामिल थे, जिन्होंने इस न्यास समिति के प्रति विरोध जताया।
टीम एबीएन, कोडरमा। अध्यात्म योगी परम पूज्य मुनि श्री 108 सुयश सागर जी महाराज का धर्म नगरी झुमरी तिलैया में भव्य चातुर्मास चल रहा है। श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में मुनि श्री के मुखारविंद से प्रतिदिन प्रवचन की बहार हो रही है। जैन मंदिर के भगवान पारसनाथ की वरदानी छांव तले विश्व हितांकर विघ्नहरण चिंतामणि पारसनाथ की अभिषेक क्रिया के बाद भक्त समुदाय ने आज मंदिर और भगवान का मंजन (साफ सफाई) किया गया। ये भादो मास में जैन धर्म का सबसे बड़ा पर्व आता है। इसके पश्चात जैन संत मुनि श्री 108 सुयश सागर जी ने कहा कि संत तो सदा ही आशीर्वाद देते हैं। संत तो स्वयं आशीर्वाद स्वरूप हैं। संत के चरणों में जो भी श्रद्धा और भक्ति से जाता है, उसे उनका आशीर्वाद जरूर मिलता है। एक बात ध्यान रखना- आशीर्वाद अपने आप मिलता है। तुम कभी किसी संत से आशीर्वाद मांगना मत, बस नमन और प्रणाम करते जाना। तुम्हारा नमन जिस दिन हृदय से होगा, उस दिन संत का आशीर्वाद भी तुम पर बरस जायेगा। आशीर्वाद तो वही है जो हृदय से फूटे, लेकिन इसके लिए नमन भी तो नाभी से फूटना चाहिए। मुनि सुयश सागर जी ने कहा कि मैं एक सज्जन को जानता हूं जो अक्सर मेरे पास आते हैं और कहते हैं कि मुझे आशीर्वाद दो। यदि मैं उनके सिर पर हाथ नहीं रखता हूं, तो वे मेरा हाथ पकड़ कर जबरदस्ती अपने सिर पर रखवा लेते हैं। यह तो कोई आशीर्वाद नहीं हुआ। आशीर्वाद तो वही है, जो सहज संत के हृदय से झरने की तरह फूटे और चारों ओर से तुम पर बरस जाये।सहज हाथ सिर पर रख जाये, तो आशीर्वाद है। तो मैं कहता हूं कि तुम केवल श्रद्धा से नमन करना और नमन करते जाना एक दिन ऐसा जरूर आयेगा जब तुम्हें संत के हृदय से फूटा आशीर्वाद मिल जायेगा और जिस दिन वह आशीर्वाद की कृपा दृष्टि तुम्हें मिल जायेगी, समझना तुम्हारा कल्याण हो गया। तुम्हें सब कुछ मिल जाये, ये घटना अचानक होगी और जब भी घटेगी तब न तो इसकी भनक संत को पड़ेगी और न ही भक्तों को। न तो संत को मालूम होगा कि मैंने भक्तों को आशीर्वाद दे दिया है और न ही भक्तों को पता होगा कि उसे आशीर्वाद मिल चुका है। बड़ी रहस्यपूर्ण घटना है जो हमेशा दो हृदयों के बीच घटती है। फिर भी दोनों हृदय अंजान बने रहते हैं। संध्या में प्रतिदिन णमोकार चालीसा का पाठ हो रहा है। उक्त जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा और नवीन जैन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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