एबीएन सोशल डेस्क। आये दिन घटना-दुर्घटनाओं की खबर आती रहती हैं। यानी हर दिन कहीं न कहीं से शोक सन्देश आते रहते हैं। जिससे हर परिवार का मन दुखी रहता है। लेकिन इस बार मां भगवती के प्रस्थान का फलाफल भी शोक का है। ऐसे में शोक संदेशों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता है। सप्तमी के अनुसार घोड़ा पर आयेंगी दुर्गा जी और भैंसा पर जायेगी। प्रतिपदा के अनुसार नाव पर आएंगी देवी जो शुभ है। पर शास्त्रीय मत सप्तमी को ही माना जाता है।15 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक नवरात्रि, नौ दिनों का होगाकलश स्थापन -15 अक्टूबर रविवारमहासप्तमी - 21 अक्टूबर शनिवार महाअष्टमी - 22 अक्टूबर रविवारमहानवमी - 23 अक्टूबर सोमवार विजयादशमी - 24 अक्टूबर मंगलवारयह नवरात्रि पूरे नौ दिनों की होगी। 15 अक्टूबर को प्रतिपदा पूरे दिन है। परन्तु वैधृति योग दोपहर 11:56 तक है और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:36 से 12:56 तक है। पंडित रामदेव पाण्डेय के अनुसार 20 अक्टूबर शुक्रवार को षष्ठी होगा इस दिन बेलभरण पूजा होगा, इस दिन सूर्यास्त शाम 5:41 बजे है। महासप्तमी 21 अक्टूबर शनिवार को है। इस दिन भगवती देवी का आगमन कैलाश पर्वत से पूजा पंडालों में होगा, जो नवपत्रिका प्रवेश कहलाता है। भगवती घोड़ा पर आ रही हैं, जिसका फल अशुभ होता है। विजयादशमी 24 अक्टूबर मंगलवार को है। भगवती का प्रस्थान भैंसा पर होगा, जो शोक का कारक है। महाष्टमी का उपवास 22 अक्टूबर रविवार को होगा, इसलिए सन्धि पूजा शाम 5:25 पर हर पूजा पंडालों में होगा। 24 अक्टूबर मंगलवार को नवरात्र का पारण होगा।
टीम एबीएन, रांची। श्री महावीर मंडल माली टोला श्री शिव मंदिर चौक हिंदपीढ़ी रांची की एक बैठक आज मंदिर परिसर में हुई। श्री गणेश वंदना और ॐ का उच्चारण के साथ बैठक का शुभारंभ किया गया। जिसमें मंदिर की स्थिति पर चर्चा हुई। मंदिर की छत से पानी रिस रहा है। जिसकी तुरंत मरम्मत की जरूरत बतायी गयी। इस मंदिर से स्व बाढ़ो राम के नेतृत्व में मंगलवारी झांकी अष्टमी-नवमी का कार्यक्रम होता रहा था। उनके बाद यह परंपरा यहां से बंद है। 99.99 प्रतिशत इस एरिया से सनातनी हिंदू पलायन कर गये। सात हिंदू के घर इस मंदिर के पास अब बचे हैं। यही सात घर मंदिर की देखरेख और पूजा-पाठ कर रहे हैं। बैठक की अध्यक्षता राजेश अग्रवाल ने की। बैठक में मंदिर का विकास करने का निर्णय लिया गया। बैठक में अनूप कुमार, मुरारी मंगल, बंटी राम, कुंदन राम, अजय वर्मा, नागेंद्र शुक्ल, विकास सिंह, रवि रंजन, फूलो देवी, शिलो देवी, चंदा देवी, राजेश राम, आनंद राम, विकास सिंह उपस्थित थे।मंगलवार 26 सितंबर को रचना देवी और किरण देवी के नेत्तृत्व में शिव चर्चा मंदिर परिसर में की जायेगी। कार्यक्रम का संचालन मंदिर के मुख्य संरक्षक शंकर प्रसाद ने किया। धन्यवाद फूलो देवी ने किया। उक्त जानकारी शंकर प्रसाद (7979712095) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
राज कुमारी पाण्डेयएबीएन सोशल डेस्क। भाई-बहनों के प्रेम का मानक पर्व "करमा" 25 सितंबर को है। इसकी पूजा के लिए सुहागिन बहनें अपने-अपने मायके भी पहुंती है। ये करमों की पूजा का पर्व है, जिसे भाई-बहन मिलकर करते हैं। ये पर्व मुख्य तौर से झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में मनाया जाता है। ये पर्व भाद्रपद की एकादशी को मनाया जाता है।इस दौरान भाई-बहन करम के पौधे की पूजा करने के बाद ढोल-नगाड़ों पर नाचते और गाते भी हैं। इस पर्व में महिलाएं पूजा से पहले "निर्जला उपवास" भी रखती हैं और आंगन में करम पौधे की डाली गाड़कर पूजा करने के बाद पानी पीती हैं।ये पर्व तीन दिनों तक चलता है, पहले दिन भाई-बहन करम पौधे की डाल को लाकर घर में रोपते हैं, फिर दूसरे दिन बहनें निर्जला रहकर इसकी पूजा करती हैं और शाम को पानी पीकर उपवास खोलती हैं और फिर अगले दिन गीतों के साथ करम के पौधे को नदी या तालाब में प्रवाहित किया जाता है। इन तीन दिनों में घर में जश्न का माहौल रहता है, घर में काफी पकवान बनते हैं।कर्मा पूजा की कथापौराणिक कथाओं के मुताबिक आदिकाल में कर्मा-धर्मा नाम के दो भाई थे, जो कि अपनी छोटी बहन को बहुत ज्यादा प्यार करते थे। कर्मा-धर्मा बहुत मेहनत करते थे और सच्चे थे लेकिन दोनों काफी गरीब थे। उनकी बहन भगवान को बहुत मानती थी, वो करम पौधे की पूजा किया करती थी । एक बार कुछ दुश्मनों ने उस पर हमला कर दिया तो उसके दोनों भाईयों ने अपनी जान की बाजी लगाकर अपनी बहन को बचाया था।तब बहन से करम पौधे से अपने भाईयों के लिए खुशी, सुख और धन मांगा था, जिसके बाद उसके दोनों भाई काफी धनी हो गये और वो इस खुशी में अपनी बहन संग काफी करम पौधे के आगे काफी नाचे-गाये थे, तब से ही करम पौधे की पूजा भाई बहन करते हैं और नाचते-गाते हैं। इसे "करम नाच" भी कहते हैं।
समाज के सभी वर्गो को सामूहिक विवाह सम्मेलन को बढ़ावा देने की जरूरत : अजय मारूटीम एबीएन, रांची। अग्रवाल सभा रांची द्वारा आयोजित वृहद् मारवाड़ी समाज एवं संपूर्ण अग्रवालों का 26वां सामूहिक वैवाहिक परिचय सम्मेलन महाराजा श्री अग्रसेन भवन मे हुआ। सामूहिक वैवाहिक परिचय सम्मेलन का उद्घाटन पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू ने महाराजा अग्रसेन जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके की। कार्यक्रम की अध्यक्षता अग्रवाल सभा के अध्यक्ष नंदकिशोर पाटोदिया ने की। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष एवं पदाधिकारीयों ने सम्मेलन में आए सभी आगंतुक अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ देकर की। मुख्य अतिथि अजय मारू ने अग्रवाल सभा के द्वारा किए जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों को सामूहिक विवाह सम्मेलन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है तथा समाज आर्थिक सामाजिक विषमताओं के इस दौर में दिखावे और फिजूल खर्ची तथा दिखावे की अंधाधुंधीकरण की दौड़ से समाज को बचाने के लिए नई दिशा देने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम मे सामूहिक विवाह आयोजन समिति के मुख्य संयोजक भागचंद पोद्दार ने कहा कि सामूहिक विवाह का 23 नवंबर को तुलसी विवाह के दिन अग्रसेन भवन में होगा। उन्होंने कहा कि अग्रवाल सभा ने वैवाहिक परिचय सम्मेलन का आयोजन सर्वप्रथम वर्ष 1993 में किया था तब से लेकर वर्ष 2018 तक में 2867 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया एवं 285 जोड़ों का विवाह तय हुआ। वर्ष 2022 तक अग्रवाल सभा द्वारा कुल 329 जोड़ा का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। परिचय स्थल सैकड़ों संबंध बाद में भी तय हुए जिसमें 609 परिवार लाभान्वित हुए। उन्होंने कहा कि विवाह की संपूर्ण जिम्मेदारी खर्च एवं व्यवस्था अग्रवाल सभा वहन करती है। तथा सामाजिक विवाह को भव्य आयोजन में समाज के प्रतिष्ठित लोग एवं प्रमुख सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस पुनीत आयोजन मे विवाह के संपूर्ण नेगचार जैसे मेहंदी, हल्दात्, तेलबान, चाकभात, कोरथ, वरमाला, स्वागत समारोह, फेरा व विदाई समस्त कार्य रीति रिवाज से किया जाता हैं। वर वधू जोड़ो को सभा की ओर से उपहार स्वरूप स्टील अलमारी, 52 वर्तन सेट, हाथ खड़ी, पॉली पाजेब नथ मंगटीका, 4 साडी, चुन्नी घाघरा ब्लाउज, सिलाई मशीन, आयरन इसके अलावा समाज के दाताओं द्वारा भेट भी प्रदान किया जाता हैं। साथ ही वर यात्रा नगर भ्रमण बैंड बाजो के साथ धूमधाम से किया जाता है। सभा की ओर से आवास व्यवस्था, भोजन व्यवस्था, वैवाहिक प्रमाण पत्र अन्य सुविधा प्रदान की जाती है। आज के अग्रवाल वैवाहिक परिचय सम्मेलन में रांची, धनबाद, लोहरदगा, बीरमित्रापुर, पुरुलिया, दरभंगा, दुमका, कोडरमा, मधुबनी, तिलैया, रामगढ़, देवघर, सिमडेगा, चास, औरंगाबाद, नवादा, बांकुरा, इलाहाबाद, विवाह योग्य वर- वधूओ ने भाग लिया। देर रात तक वर वधूओ के जोड़ों के संबंध मे समन्वयक एवं बातचीत चलता रहा। कार्यक्रम का संचालन अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्ष ललित कुमार ने की एवं धन्यवाद- ज्ञापन मंत्री मनोज कुमार चौधरी ने किया। इस अवसर पर- चंडी प्रसाद डालमिया, रतन लाल बंका, ओम प्रकाश अग्रवाल, सज्जन पाड़िया, शिवभावसिंहका, संजय सर्राफ, पवन पोद्दार, कौशल राजगढ़िया, रवि शंकर शर्मा, कमल कुमार केडिया, विजय कुमार खोवाल, कमल सिंघानिया, शत्रुघ्न गुप्ता, प्रेम मित्तल, राजेंद्र केडिया, विश्वनाथ जाजोदिया, अजय डीडवानिया, प्रमोद अग्रवाल, आनंद जालान, विनोद टिंबरेवाल, सुनील पोद्दार, कमल खेतावत, प्रकाश बजाज, नरेश बंका, निर्मल बुधिया, किशन साबू, अमित चौधरी, किशन पोद्दार, राजकुमार मित्तल, सुरेश चौधरी, राजेश कौशिक, प्रकाश नाहटा, आकाश अग्रवाल, मनीष लोधा, मंजीत जाजोदिया, मनोज रूईयां, अरविंद मंगल, कमल शर्मा, रतन अग्रवाल, किशन शर्मा, हनुमान बेड़िया, महेश खंडेलवाल, रूपा अग्रवाल रीना सुरेखा, उर्मिला पाड़िया, प्रीति पोद्दार, सीमा पोद्दार, लक्ष्मी पाटोदिया, बीना मोदी, छाया अग्रवाल, मंजू केडिया आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी अग्रवाल सभा के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, झुमरीतिलैया। अग्रवाल समाज की एक आमसभा श्री अग्रसेन भवन में आयोजित की गई। बैठक में समाज के कुल प्रवर्तक महाराजा अग्रसेन की जयंती 15 अक्टूबर को धूम धाम से मनाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर झुमरीतिलैया के अड्डी बंगला रोड स्थित ठाकुर बाड़ी मंदिर से शोभायात्रा झांकी के साथ निकालने का निर्णय लिया गया। शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए श्री अग्रसेन भवन में सम्पन्न होगी। इसके बाद एक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें बहार से समाज के वक्ता को बुलाने की सहमति बनी। सभा के उपरांत चार दिवसीय कार्यक्रम के विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं, परियोजना निदेशक के आलावा समाज मेट्रिक, इंटर एवं शिक्षा व खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के छात्र छात्राओं को सम्मानित किया जायेगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष गोपी कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन का सिद्धांत एक रुपया एक ईंट की प्रथा आज भी प्रासंगिक है। समाज में 18 गोत्रों में बटे लोग आज भी समाज सेवा के क्षेत्र में खासकर पनशाला, पाठशाला धर्मशाला जैसे कार्यों को आज भी बखूबी निभा रहा है। महाराजा अग्रसेन का सिद्धांत अग्रोहा (हरियाणा) में बसने वाले कोई भी नागरिक को वहां पूर्व में बसे लोग नए लोगों को एक रुपया नगद व एक ईंट देते थे। ताकि वह एक एक रुपया जमा कर व्यापार शुरू करता था व एक एक ईंट से मकान का निर्माण करता था। आज भी इस प्रथा को जन जन तक पहुंचाने की जरूरत है। सभा की संबोधित करते हुए समाज के सचिव हिमांशु केडिया ने कहा कि अग्रसेन भवन को सजाने और सवारने का कार्य किया जा रहा है। मानवता की सेवा अग्रवाल समाज का मुख्य उदेश्य है। इसी कड़ी में प्रेरणा शाखा के साथी इसी सप्ताह अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जो जरूरत मंदों के लिए मिल का पत्थर साबित हुए। उन्होंने कहा कि 2 से 14 अक्टूबर तक कई प्रतियोगिताएं बच्चों महिलाओ व बालिकाओं के बीच कराई जाएगी इसके लिए महिला, बालिका व युवा संगठन के साथ बैठक कर परियोजना निदेशक बनाए जाएंगे। कोषाध्यक्ष प्रदीप बंसल ने आय-व्यय का ब्यौरा पेश किया जिसे ध्वनि मत से पारित किया गया। सह सचिव अरविंद चौधरी ने कहा कि समाज के द्वारा सामाजिक लोगों के साथ साथ बहार स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता है। इसके तहत महाराजा अग्रसेन के नाम पर फुटबॉल मैच क्विज प्रतियोगिता मेराथन दौड़ आदि कराने का सुझाव दिया। समाज के पूर्व अध्यक्ष दीनदयाल केडिया, पूर्व जयंती संयोजक प्रदीप केडिया के आलावा अनूप सरावगी, प्रदीप खाटूवाला, अभिषेक गुप्ता, संदीप संघई, अशोक पिलानिया, वत्सल कंदोई ने भी अपने अपने विचार रखे। धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष राधेश्याम मोदी ने किया। मौके पर विपुल चौधरी, प्रेम अग्रवाल, सुरेश पिलानिया, पवन चौधरी, नरेश खाटूवाला, किशन चौधरी, संदीप हिसारिया, यश बंसल, संतोष लड्ढा, संजय नरेडी, संजय खेमानी, विपुल बगड़िया, रंजीत चौधरी, दीपक सिंघानिया, अजय अग्रवाल सहित कई सदस्य मौजूद थे।
निर्वाचन हेतु प्राप्त नामांकन के उम्मीदवारों की प्रथम सूची जारीटीम एबीएन, रांची। मारवाड़ी सहायक समिति रांची की साधारण सभा एवं समिति की निर्वाचन सत्र-2023- 25 का चुनाव 1 अक्टूबर को मारवाड़ी भवन में होगा। चुनाव के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कमल कुमार केडिया ने बताया कि मारवाड़ी सहायक समिति के चुनाव में सत्र 2023 - 25 के लिए संस्था के पदाधिकारीयों मे अध्यक्ष-एक, उपाध्यक्ष दो, सचिव एक, उप सचिव दो, कोषाध्यक्ष एक, एवं बीस कार्यकारिणी सदस्यों का निर्वाचन होगा। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र दाखिल करने की तिथि 19 सितंबर से 22 सितंबर तक था। आज 23 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच कर उम्मीदवारों की प्रथम सूची जारी कर दी गयी, जिसमें पदाधिकारीयों में अध्यक्ष- प्रेम मित्तल एवं मनोज चौधरी, उपाध्यक्ष-पवन कुमार कनोई, कौशल राजगढ़िया, सुरेश कुमार जैन, सज्जन कुमार पाड़िया एवं भरत कुमार बगड़िया, सचिव-अशोक कुमार पुरोहित, अरुण कुमार केजरीवाल एवं रमन बोडा, उपसचिव-मनीष लोधा, कन्हैया लाल भरतिया, राजकुमार मित्तल, विजय कुमार खोवाल, एवं अजय कुमार डीडवानिया, तथा कोषाध्यक्ष-कृष्ण कुमार पोद्दार का नाम वैध पाया गया। कार्यकारिणी सदस्यों में-आनंद जालान, किशन अग्रवाल, अर्जुन अग्रवाल, प्रकाश चंद्र नाहटा, अजय कुमार खेतान, कन्हैयालाल भरतिया, राजकुमार मित्तल, नंदकिशोर आर्या, संजय बजाज, अजय कुमार बजाज, ललित कुमार पोद्दार, पद्म कुमार जैन, प्रमोद बगड़िया, निर्मल कुमार बुधिया, कमल खेतावत, अशोक लाठ, जितेश अग्रवाल, कमलेश कुमार संचेती, रमाशंकर बगड़िया, कमल शर्मा, मुकेश जाजोदिया, सुरेश कुमार पोद्दार, श्रवण कुमार अग्रवाल, सुरेश कुमार चौधरी, राजेश कौशिक, अर्चना साबू, राम बांगड़, पुरुषोत्तम अग्रवाल, कैलाश सिंघानिया, विनोद बेगवानी, रंजय कुमार खेतान, नितेश लोहिया, का निर्वाचन हेतु नामांकन प्राप्त हुए तथा इन सभी आवेदन वैध पाए गए है, उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र की वापसी 24 सितंबर से 25 सितंबर तक होगा। उम्मीदवारों की अंतिम सूची 25 सितंबर को संध्या 6 बजे प्रकाशित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि लगभग पच्चीस सौ समिति के सदस्य इस चुनाव मे अपना मताधिकार का प्रयोग कर पदाधिकारीयों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का चयन करेंगे। इस चुनाव के लिए सह निर्वाचन पदाधिकारी राजेंद्र केडिया, पवन शर्मा एवं विनोद कुमार जैन है। उक्त जानकारी मारवाड़ी सहायक समिति के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। अग्रवाल सभा के तत्वावधान में अग्रवाल एवं संपूर्ण मारवाड़ी समाज का 26वां वैवाहिक परिचय सम्मेलन का आयोजन महाराजा अग्रसेन भवन रांची में दिनांक 24 सितंबर 2023 दिन रविवार को प्रात: 10:30 बजे से होने जा रहा है। इस वैवाहिक परिचय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि अजय मारू (पूर्व राज्यसभा सांसद) करेंगे। सामूहिक विवाह आयोजन समिति के मुख्य संयोजक भागचंद पोद्दार, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष नंदकिशोर पाटोदिया, मंत्री मनोज कुमार चौधरी एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने सभी से आग्रह है कि इस सामाजिक अनुष्ठान में समय से पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनायें। उक्त जानकारी अग्रवाल सभा रांची के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। करम परब पूर्व संध्या सांस्कृतिक संगोष्ठी सह सांस्कृतिक कार्यक्रम "करम अखरा" का दो दिवसीय आयोजन सांस्कृतिक कार्य निदेशालय (पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग) झारखंड रांची अरगोड़ा मैदान, अरगोड़ा चौक, रांची में कर रहा है। इसके प्रथम दिवस दिनांक 23.09.2023 के आयोजन का शुभारंभ धर्मेंद्र कुमार दीक्षित (निदेशक, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय, झारखंड सरकार), पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री मधु मंसूरी हसमुख, महावीर नायक, डॉ शरण उरांव एवं राकेश रमन ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा नगाड़ा बजाकर किया। संगोष्ठी कार्यक्रम की शुरुआत पद्मश्री मधु मसूरी हंसमुख, महावीर नायक एवं डॉ शरण उरांव ने संगोष्ठी में अपने वक्तव्य प्रस्तुत कर की। करम परब की महत्ता और पौराणिकता के बारे में सभी वक्ताओं ने विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। इसके बाद पदमश्री मुकुंद नायक, किशोर नायक एवं दल कुंजबन ने नागपुरी गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति दी। श्री मधु सरदार, कला मंदिर जमशेदपुर ने भूमिज करम गीत, बंदी उरांव चाला अखड़ा खोड़हा रांची ने उरांव करम गीत नृत्य, विनोद महतो, बोकारो ने खोरठा करम गीत नृत्य, राजेंद्र अहीर और उनके दल ने पंचपरगनिया करम गीत नृत्य, सविता गोप और दल पूर्वी सिंहभूम ने पाता झूमर, माधुरी मिंज और उनके दल ने कुड़ूख करम गीत नृत्य, विकास और दल बोकारो ने कुरमाली करम गीत नृत्य, गुरू मुंडा एवं दल खूंटी ने मुंडारी करम गीत नृत्य, बर्षा लकड़ा एवं दल, रांची ने नागपुरी नृत्य नाटिका (करम गीत) की सुंदर प्रस्तुति दी। मंच संचालन शैलजा बाला तथा कारनूलिश मिंज ने किया।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के हनुमान मंदिर में विधायक की अध्यक्षता में निर्मोही अखाड़ा समेत विभिन्न हिंदू संगठनों ने बैठक की। झारखंड राज्य में धार्मिक न्यास बोर्ड का गठन के बाद झारखंड के मंदिरों में प्रबंधन को लेकर लगभग 20 मंदिरों को नोटिस भेजा गया है। जिसमें राजधानी रांची का ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर एवं मुख्य मार्ग पर स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर भी है। इस मंदिर के निर्माण से लेकर अब तक साधु संत के द्वारा संचालित निर्मोही अखाड़ा ही यहां का प्रबंधन और देखरेख करता रहा है। विगत 21 सितंबर को राजधानी रांची के संकट मोचन हनुमान मंदिर के निर्मोही अखाड़ा महामंडलेश्वर के पास धार्मिक न्यास बोर्ड के पदाधिकारी आकर इन्हें संकट मोचन हनुमान मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव बनाने का कागजात प्रस्तुत किया। इसके बाद सचिव पद को स्वीकार नहीं करने को एवं उसके खंडण को लेकर महामंडलेश्वर के द्वारा राजधानी रांची के संकट मोचन मंदिर में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गयी। इस प्रेस वार्ता के माध्यम से महामंडलेश्वर ने उनके साथ धार्मिक न्यास बोर्ड के पदाधिकारी के द्वारा हुए संपूर्ण वक्तव्य एवं वाक्या को बताया एवं धार्मिक न्यास बोर्ड के इस प्रकार के फैसले को पूर्ण रूप से खंडन किया।उन्होंने कहा कि यह संकट मोचन मंदिर निर्माण से लेकर अब तक साधु संत समाज की ओर से देखरेख में संरक्षित और संचालित होती आ रही है। ऐसे में इस प्रकार से धार्मिक न्यास बोर्ड का फैसला कदापि भी तर्कसंगत नहीं दिखता। यदि उन्हें किसी मंदिर को संरक्षित और उत्थान करना है तो कई मंदिर ऐसे हैं जो देखरेख के अभाव में उत्थान को लेकर प्रतीक्षारत हैं। धार्मिक न्यास बोर्ड को चाहिए कि उन मंदिरों पर तत्काल ध्यान केंद्रित करें। वहीं साधु संत समाज के समर्थन में आए रांची विधायक सी पी सिंह (भाजपा) का कहना है कि धार्मिक न्यास बोर्ड के पदाधिकारी से मंदिर के लोगों को किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन, मंदिरों को राजनीतिक अखाड़ा नहीं बनने देना चाहिए एवं सनातन धर्म पर हमला करने और नीचा दिखाने वाले एवं कब्जा करने की चाह रखने वाले लोगों को इसपर कब्जा नहीं करने दिया जायेगा।
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