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15 को मनेगा महाराजा अग्रसेन जयंती सह प्रोत्साहन सम्मान समारोह
Published / 2023-10-09 18:37:00
15 को मनेगा महाराजा अग्रसेन जयंती सह प्रोत्साहन सम्मान समारोह

14 अक्टूबर को निकाली जायेगी शोभायात्राटीम एबीएन, रांची। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष नंदकिशोर पाटोदिया, मंत्री मनोज चौधरी, अग्रसेन जयंती आयोजन समिति के संयोजक सज्जन पाड़िया एवं अग्रवाल सभा के प्रवक्ता प्रवक्ता संजय सर्राफ ने संयुक्त रूप से कहा है कि अग्रवाल सभा के तत्वावधान में श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव सह 47वां वार्षिकोत्सव के अंतर्गत 14 अक्टूबर को अपराहन 3:30 बजे महाराजा अग्रसेन जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली जायेगी।शोभा यात्रा का संचालन अग्रवाल युवा सभा करेगा। 15 अक्टूबर को महाराजा अग्रसेन जी की जयंती के दिन प्रात: 6:30 बजे अग्रसेन चौक में महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा में पुष्पांजलि, माल्यार्पण, आरती प्रसाद एवं प्रभात फेरी का कार्यक्रम होगा। पूर्वाह्न 10:30 बजे अग्रसेन भवन में हवन, कुलदेवी का पूजन एवं प्रसाद वितरण तथा अपराह्न 3:30 बजे से महाराजा अग्रसेन भवन में प्रतिभा प्रोत्साहन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। इस समारोह में रांची क्षेत्र के सभी अग्रवंशी के ऐसे छात्र-छात्राएं जिन्होंने वर्ष 2022- 23 की परीक्षाओं में निर्धारित मापदंड के अनुसार अंक प्राप्त किये हैं उन्हें सम्मानित किया जायेगा तथा समाज ऐसे छात्र-छात्राएं जिन्होंने वर्ष- 2022-23 के दौरान इंजीनियरिंग, मेडिकल, सीए,सीएस, सीएफए, एमबीए, एलएलबी एवं विशिष्ट योग्यता या उपलब्धियां प्राप्त की हो उन्हें भी सम्मानित किया जायेगा। विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियों के लिए अग्रवाल सभा अग्रसेन सम्मान गंगा प्रसाद बुधिया शिक्षा पुरस्कार, हनुमान सरावगी कला- संस्कृति साहित्य एवं शिक्षण सम्मान एवं नंदलाल मोदी खेलकूद पुरस्कार देंगे। 15 अक्टूबर को आयोजित प्रतिभा सम्मान एवं प्रोत्साहन सम्मान समारोह के लिए संयोजक सुरेश चंद्र अग्रवाल एवं सह संयोजक विनोद कुमार जैन को बनाये गये हैं। उक्त जानकारी अग्रवाल सभा रांची के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

1947 से अनवरत पूजा करती आ रही है श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति
Published / 2023-10-08 20:16:28
1947 से अनवरत पूजा करती आ रही है श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति

टीम एबीएन, रांची। आज श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में एक प्रेस वार्ता की गयी। जिसमें आगामी दुर्गा महोत्सव के भावी कार्यक्रम और मंदिर के इतिहास की जानकारी ट्रस्टी जयंत नाथ शाहदेव, नकुल तिर्की सचिव, बुधेश्वर गोराई अध्यक्ष, रमेन्द्र कुमार, सकल देव सिंह, राजेश रजक ने मंदिर प्रांगण में होने वाले आगामी दुर्गा पूजा के उद्घाटन और अन्य कार्यक्रमों के बारे में मीडिया को बताया। जयंत नाथ शाहदेव ने बताया कि यह पूजा प्रांगण में आजादी के प्रथम वर्ष 1947 से अनवरत आयोजित किया जाता रहा है। सचिव नकुल तिर्की ने बताया कि यह पूजा पंडाल अपनी परंपरागत तरीके से पूजा के लिए विख्यात है और हम उसी परंपरा को बनाये रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस बार लगातार 3 दिनों भोग वितरण कार्यक्रम रखा गया है। उपाध्यक्ष रमेन्द्र कुमार ने बताया कि इस बार देश का नाम खेलों के माध्यम से रोशन करने वाले महिला और पुरुष खिलाड़ियों को सम्मानित करने का कार्यक्रम रखा गया है। इसी प्रकार तीनों दिन भक्ति कार्यक्रम का आयोजन है।

अब लीजिये... सवर्णों ने मांगा अल्पसंख्यक का दर्जा और आरक्षण का लाभ
Published / 2023-10-08 20:11:22
अब लीजिये... सवर्णों ने मांगा अल्पसंख्यक का दर्जा और आरक्षण का लाभ

सवर्णों की मांग अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाये और आरक्षण का लाभ मिलेटीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 8 अक्टूबर 2023 दिन रविवार को अपराह्न 1:30 बजे लाइन टैंक रोड स्थित अनिकेत मॉल के सभागार में सवर्ण समाज की एक बैठक सवर्ण समाज समन्वय समिति के संयोजक मनीष सिंह के आह्वान पर धर्मेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में हुई। इसमें पिछले दिनों बिहार में हुई जातिगत जनगणना में सवर्ण समाज की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गयी। कार्यक्रम में सवर्ण समाज के चारों सवर्णों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने की कार्ययोजना बनी। सवर्ण समाज समन्वय समिति ने निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनाकर काम करने की योजना बनायी :  सवर्ण को अल्पसंख्यक का दर्जा देते हुए आरक्षण की मांर्ग। सवर्ण महिलाओं का राजनीतिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रयास। नशा विमुक्ति के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान। सवर्ण समाज से राजनीतिक हाशिये पर चल रहे व्यक्तित्वों को सशक्त बनाना। वैचारिक मतभेद दूर कर सवर्णों में सामंजस्य बढ़ाना। सवर्णों के साथ हो रहे जातीय भेदभाव पर एकजुटता से आवाज उठाना। सवर्ण आयोग के गठन की मांग मजबूती से उठाना।आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्मेंद्र तिवारी, मंच संचालन मनीष कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन वीरेंद्र कुमार सिंह ने किया। मौके पर धर्मेंद्र तिवारी, डॉ प्रणव कुमार बब्बू, वीरेंद्र कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार, सूरज सिन्हा, मनीष सिंह, अभिषेक चौबे, दिलीप सिंह, सुदर्शन सिंह, सुमन मिश्रा, कृष्ण राम तिवारी एवं विजय दत्त पिंटू समेत अन्य उपस्थित रहे। उक्त जानकारी समिति के विजय दत्त पिंटू (9534100186) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

ईश्वर भक्ति मानव जीवन का सर्वोत्तम कार्य है : स्वामी गंगाधर
Published / 2023-10-07 20:46:57
ईश्वर भक्ति मानव जीवन का सर्वोत्तम कार्य है : स्वामी गंगाधर

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला संतमत सत्संग समिति के तत्वावधान में महर्षि मेंही आश्रम, चुटिया में चल रहे पक्ष ध्यान साधना शिविर में आज आठवें दिन देव भूमि ऋषिकेश से आये हुए पूज्य स्वामी श्री गंगाधर जी महाराज ने सांयकालीन सत्संग में साधकों को कहा कि ईश्वर की असीम अनुकंपा से हमें मनुष्य शरीर प्राप्त हुआ है। जिस परमात्मा की कृपा से हमें यह शरीर मिला है, इस परमसत्ता का आभार व्यक्त करना हमारा पुनीत कर्त्तव्य है। ईश्वर की उपासना करना मानव जीवन का एक श्रेष्ठ कार्य है। उनकी उपासना करने के पूर्व हमें यह समझना होगा कि परमात्मा का स्वरूप क्या है उसकी पहचान कैसे करेंगे। विभिन्न धर्म के लोग उस परम सत्ता को विभिन्न नामों। से अभिव्यक्त करते हैं। यथा हिंदू उसे ईश्वर कहते हैं, मुस्लिम धर्मावलंबी इसे अल्लाह कहते हैं तो इसाई लोग गॉड कहते हैं। यूं तो इस असीम सत्ता को विभिन्न नामों से अभिहित करते हैं किंतु वह तत्व एक ही है। संत सदगुरु महर्षि मेंही परमहंस महाराज ने कहा है कि सबका ईश्वर है और उसको प्राप्त करने का रास्ता भी एक ही है। वस्तुत: ईश्वर इंद्रिय गंथ नहीं है। ईश्वर को अंतरसाधना से ही प्राप्त किया जा सकता है। संतमत को ईश्वर भक्ति की चार विधियां है- मानस जप, मानस ध्यान, दृष्टियोग एवं सूरत शब्द योग। इन क्रियाओं का अभ्यास करके साधक ईश्वर को प्राप्त कर सकते हैं और ईश्वर को तत्वत: जान कर जीवन के सभी दुखों से सदा के लिए छूट सकते हैं।शाश्वत सुख को प्राप्त हो सकते हैं। समिति सभी धर्म प्रेमियों से निवेदन करता है कि सत्संग में भाग लेकर पुण्य के भागी बने और आत्म कल्याण का प्रबल प्रयास करे।

वनबंधु परिषद् की रांची महिला समिति ने "एकल संगिनी - एक पूर्व-उत्सव जीवनशैली प्रदर्शनी" के लिए किया पोस्टर का अनावरण
Published / 2023-10-06 18:33:48
वनबंधु परिषद् की रांची महिला समिति ने "एकल संगिनी - एक पूर्व-उत्सव जीवनशैली प्रदर्शनी" के लिए किया पोस्टर का अनावरण

टीम एबीएन, रांची। वनबंधु परिषद्" के रांची महिला समिति ने "एकल संगिनी - एक पूर्व-उत्सव जीवनशैली प्रदर्शनी" के लिए पोस्टर का अनावरण किया। रांची अध्याय की महिला समिति, जो "वनबंधु परिषद्" का एक सक्रिय शाखा है, और जनजातीय समाज के विकास के क्षेत्र में काम करती है। समाज गांवों और शहरों के बीच एक संतुलन स्थापित करने का उद्देश्य रखता है, वन्यात्राओं और अन्य कार्यशालाओं का आयोजन करके। रांची महिला समिति द्वारा 16 और 17 अक्टूबर 2023 को स्वर्णभूमि बैंक्वेट्स में जीवनशैली प्रदर्शनी आयोजन किया जा रहा है। पोस्टर के अनावरण से इस प्रदर्शनी के लिए उलटी गिनती की शुरुआत होती है, जहां उपस्थित व्यक्तियों को एक दुनिया में डूब जाने का अवसर मिलेगा जो स्टाइल, शौक, और नवाचार से भरपूर होगा। प्रदर्शनी दोनों दिनों 11 से लेकर 8 बजे तक चलेगी, जिससे आगंतुकों को जीवनशैली के विभिन्न उत्पादों और सेवाओं की विविध रेंज का खुलकर खोजने का समय मिलेगा।"एकल संगिनी" ने उपस्थित व्यक्तियों के लिए "हैपी घंटो" के दौरान विशेष आश्चर्य योजित किया है, जो 2 से लेकर 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान, आगंतुक छूट और ऑफर्स की उम्मीद कर सकते हैं, जो उनके खरीददारी अनुभव को और भी आनंदमय बनायेगा। समिति ने इसके अलावा कहा कि प्रदर्शनी के पहले 50 आगंतुकों को शानदार ऑफर्स जीतने का मौका मिलेगा।हम हमारी आगामी जीवनशैली प्रदर्शनी के लिए आधिकारिक पोस्टर का अनावरण करने के लिए उत्सुक हैं। कहा कि सुनीता महांसरिया जो समिति के एक वरिष्ठ सदस्य एवं एकल संगिनी की संयोजिका हैं। "इस प्रदर्शनी में अच्छी खरीददारी अनुभव प्रदान करने के लिए कई सारे ऑफर्स तैयार किये गये हैं। हम 16 और 17 अक्टूबर को स्वर्णभूमि बैंक्वेट्स में आगंतुकों का स्वागत करने के लिए बेताब हैं।"एकल संगिनी" आपके जीवनशैली के सभी पहलुओं के लिए आपका विश्वासी साथी है। फैशन और सौन्दर्य से लेकर गृह सजावट और स्वास्थ्य तक, "एकल संगिनी" ने नवाचार को एक ही स्थान पर एकत्र किया है। अपने उपयोगकर्ताओं की जीवन गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहकर, "एकल संगिनी" जीवनशैली प्रदर्शनी और आयोजनों को आत्मा को प्रेरित करने और आनंदित करने के लिए कार्यरत है। पोस्टर के अनावरण, वनबंधु परिषद् के सभी आयामों के प्रतिनिधियों की उपस्थित थी।रांची महिला समिति वनबंधु परिषद् की अध्यक्षा अनुपमा राजगढ़िया ने कहा कि हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं और "एकल संगिनी" का मुख्य उद्देश्य है हमारे एकल अभियान के लिए धन जुटाना। रांची महिला समिति वनबंधु परिषद् की सचिव अनिता तुल्स्यान ने कहा कि इस प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार के वस्त्र, गिफ्ट हैम्पर्स और कई पूर्व-उत्सव उत्पादों के लिए एक घर का काम करेगा।मौके पर रमेश धरणीधरका, जयदीप मोदी, मनोज तुल्स्यान, रेखा जैन, राज जैन, राज राजगड़िया, उषा जलान, राजेश अडूकिया, विशेष केडिया, प्रशांत कुमार, पूजा बगरिया, समिति के सदस्यों के साथ रहे थे जब "एकल संगिनी" का पोस्टर अनावरण किया गया। उक्त जानकारी वन बन्धु परिषद् रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

प्रकाश शब्द परमात्मा के विभूति स्वरूप है : गंगाधर जी महाराज
Published / 2023-10-06 17:59:19
प्रकाश शब्द परमात्मा के विभूति स्वरूप है : गंगाधर जी महाराज

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला सत्तमत सत्संग समिति के तत्वाधान में  चल रहे 15 दोनों के ध्यान साधना शिविर के सत्संग में ऋषिकेश के स्वामी पूज्य गंगाधर जी महाराज, प्रकाश और शब्द परमात्मा के विभूति स्वरूप है, साधक ज्ञान के द्वारा प्रकाश और शब्द दोनों को प्राप्त करते हैं।वैदिक स्नातक धर्म में प्रकाश को ब्रह्म ज्योति इस्लाम धर्म में नूरे इलाही ईसाई धर्म में डिवाइन लाइट कहते हैं इस पद पर आगे बढ़ो, तो अंतर के सारे विकार मिट जाते हैं  महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज ने अपने वाणी में कहा है खोज करो अंतर उजियारी दृष्टि वन कोई देखा है।महर्षि मेंही आश्रम चुटिया के मुख्य स्वामी श्री निर्मलानंद जी महाराज ने भी प्रवचन के क्रम में कहा कि परमात्मा के दो हाथ के रूप में प्रकाश व शब्द है साधना विशेष के द्वारा सड़क नो प्रकाश है, जो प्रभु की गोद में चले जाते हैं उनका जीवन पवित्र और सुख में बन जाता है।रांची जिला संतमत सत्संग प्रेमियों से विनम्र निवेदन है कि इस ज्ञान गंगा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर संत जनों के दर्शन कर एवं उनके प्रवचन को सुनकर आत्म कल्याण के मार्ग पर अग्रसर हो।श्री फतेहचंद जी अग्रवाल के अथक प्रयास से और साथ ही सभी संतमत सत्संग समिति के सदस्यों के प्रयास से  जनकल्याण के हित के लिएयह कार्यक्रम रखा गया है।

जप संकट मोचक है : स्वामी गंगाधर
Published / 2023-10-05 22:31:29
जप संकट मोचक है : स्वामी गंगाधर

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला संतमत सत्संग समिति के तत्वाधान में चल रहे पक्ष ध्यान साधना शिविर के पांचवें दिन ऋषिकेश आश्रम से आये पूज्य स्वामी गंगाधर जी महाराज ने सैंकड़ों की संख्या में उपस्थित साधकों को प्रवचन के क्रम में कहा कि यह संसार नाम रूपात्मक है।साधक नाम जपकर अंत: करण को शुद्ध करता है। नाम के प्रभाव से पापी हृदय भी पवित्र हो जाता है। संकट से घिर जाने पर भक्त यदि अतिभाव से नाम लेता है तो उसका संकट टल जाता है। भगवान राम, भगवान कृष्णा के द्वारा जितना कल्याण हुआ उनके नाम से उससे भी ज्यादा आज भक्तों का कल्याण हो रहा है। नाम के प्रभाव से भक्त अजामिल, गानिका, प्रह्लाद, मीरा आदि संत बन गये। महर्षि मेंही आश्रम, चुटिया के वरिष्ठ स्वामी पूज्य निर्मलानंद जी महाराज ने कहा कि भक्त चार प्रकार के होते हैं :- आर्त, भथार्थ, जिज्ञास और ज्ञानी। इन चारों का आधार नाम ही है। नाम के प्रभाव से भक्त नामी के पास पहुंच जाता है। नाम दो तरह के होते हैं :- वर्णात्मक और ध्वन्यात्मक। वर्णात्मक नाम का जप होता है और ध्वन्यात्मक नाम का ध्यान होता है। साधक वर्णात्मक के सहारे ही ध्वन्यात्मक नाम को प्राप्त करता है। संत सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज का उद्घोष है :- राम नाम अमर नाम : भजों भाई सोई! सोई सतघुन सव : घट-घट होई!! अत: हम सभी को गुरु निर्देशित साधना पथ पर चलकर आत्म  कल्याण करने के लिए सतत-प्रयत्नशील रहना चाहिए। ज्ञातव्य है कि यह साधना शिविर 30/09/2023 से ही चल रहा है, जिसमें 5 घंटे का ध्यानाभ्यास एवं तीन समय में सत्संग होता है। अत: सभी धर्म प्रेमियों से निवेदन करता है कि अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर पुण्य के भागी बनें। उक्त जानकारी रांची जिला संतमत सत्संग समिति, रांची के सक्रिय सदस्यों ने दी।

अब संगीत के सहारे बदलाव लाने की तैयारी
Published / 2023-10-05 21:30:15
अब संगीत के सहारे बदलाव लाने की तैयारी

बदलाव के लिए संगीतझारखंड ने देश के 16 अन्य राज्यों के साथ बाल विवाह के खिलाफ मिलाये सुरएबीएन सोशल डेस्क। बाल विवाह के खिलाफ पूरे देश के साथ सुर मिलाते हुए संगीत के माध्यम से सामाजिक बदलाव के अपनी तरह के संभवत: सबसे बड़े अभियान में बड़ी तादाद में झारखंड के गैर सरकारी संगठनों और लोक कलाकारों ने सुरीले गीतों के जरिए देश से बाल विवाह के खात्मे का आह्वान किया। बदलाव के लिए संगीत अभियान के लिए झारखंड के तमाम गैर सरकारी संगठनों ने हाथ मिलाया और राज्य के सुदूर गांवों एवं गलियों तक अपना संदेश पहुंचाने के लिए अपनी भाषा और बोलियों में गीत गाये। झारखंड सहित देश के 17 राज्यों के लोक कलाकारों व लोकगायकों ने बाल विवाह के खिलाफ विभिन्न भाषाओं और बोलियों में अब तक 331 से ज्यादा गाने गाये हैं। सामाजिक बदलाव में लोकगीतों और लोक कलाकारों की अद्वितीय भूमिका को देखते हुए इन्हें व्हाट्सऐप और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए देश के जन-जन तक फैलाया जाएगा और सामाजिक अभियानों से जुड़े कार्यक्रमों में इनका इस्तेमाल किया जायेगा। यह अभिनव पहल देशव्यापी बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। महिला कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज संगठनों की अगुआई में 300 से भी ज्यादा जिलों में चलाये जा रहे इस अभियान का लक्ष्य 2030 तक देश से बाल विवाह का पूरी तरह खात्मा और इस प्रकार तीन करोड़ से ज्यादा बच्चियों को कम उम्र में विवाह से बचाना है। इस अभियान का उद्देश्य देश में बच्चों की सुरक्षा के लिए मौजूदा सरकारी नीतियों और कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। बदलाव के लिए संगीत अभियान का पहला चरण माने गए इस अभियान में संगीत जैसे प्रभावशाली और ताकतवर माध्यम का इस्तेमाल करते हुए लोक गायकों, स्थानीय कलाकारों और ग्रामीणों जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, ने जहां भी, जिस क्षमता में और जैसे भी बन पड़ा, अपने गाने रिकॉर्ड किये। नतीजा विभिन्न भाषाओं और बोलियों में अनुपम जुनून और उमंग के साथ स्थानीय कलाकारों द्वारा गली-चौबारों, खेत खलिहानों और गांव की चौपालों, घरों और स्कूलों एवं यहां तक कि स्टूडियो में शूट और रिकॉर्ड किए किए 331 गानों के भंडार के रूप में सामने आया है। मोबाइल फोन और इंटरनेट की क्षमता और संभावनाओं का भरपूर दोहन करते हुए इन कलाकारों की पहुंच से देश का कोई भी हिस्सा अछूता नहीं रहा और अब ये गाने न सिर्फ गांवों की चौपालों और समारोहों में बजाए जाएंगे बल्कि व्हाट्सऐप के जरिए जन-जन तक पहुंचाए जायेंगे।आदिवासी इलाकों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर किशोर और बाल विवाह की शिकार महिलाएं, सभी इस अभियान में शामिल हुई हैं और अब वे सिर्फ बातों से ही नहीं बल्कि संगीत के जरिए अपने प्रतिरोध को स्वर दे रही हैं।बदलाव के लिए संगीत पहल में शामिल 17 राज्यों के गैर सरकारी संगठनों को नमूने के तौर पर एक खाका बना कर दिया गया था और उन्हें तीन अक्तूबर तक अपनी भाषा या बोली में गाना रिकार्ड कर साझा करने को कहा गया था। इन संगठनों से कहा गया था कि वे स्थानीय परिवेश के हिसाब से गाने के बोल में बदलाव कर सकते हैं।कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन के इंडिया हेड रवि कांत ने बदलाव के लिए संगीत के जरिए अभियान की महत्ता बताते हुए कहा कि संगीत आत्मा की भाषा है और दुर्गम से दुर्गम या सुदूरतम कोनों में पहुंचने की इसकी क्षमता जगजाहिर है। एक सुरीले और प्रभावी संगीत में आत्मा को झकझोरने और बेड़ियों को तोड़ने की कूव्वत होती है।बदलाव के लिए संगीत अभियान में देश के कोने-कोने से बड़े पैमाने पर महिलाओं के जुड़ाव और देश से बाल विवाह को खत्म करने के दृढ़ निश्चय की अभिव्यक्ति वाले उनके गानों से विवाहमुक्त भारत अभियान को नयी उर्जा और बल मिला है। जमीनी स्तर पर इस तरह के दृढ़ संकल्प और भागीदारी से इस अभियान को अपार उर्जा मिली है और इसका आंधी-तूफान की रफ्तार से प्रसार हुआ है। गाने के मूल बोल को सभी लोगों के साथ साझा किया गया था। इसमें आह्वान किया गया था कि वे चाहे जिस गांव या पेशे में हों, समाज की सूरत बदलने के लिए इस अभियान से जुड़ जाएं। उनसे आह्वान किया गया था कि वे जहां हों, और पास में जो भी छोटे-बड़े संसाधन या औजार हों, उसी के साथ इस अभियान में शामिल हो जायें। ये गाना लोगों से कहता है, हर गांव का नक्शा बदलने के लिए चलो...कैंची चलाने वालों कैंची लिये उठो, ठेला चलाने वालो ठेला लिए उठो... हर गांव से उठो, हर पक्ष से उठो। इस अभियान में अंडमान, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, झारखंड, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओड़ीशा, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे 17 राज्यों के गैर सरकारी संगठनों ने हिस्सा लिया।

उमराह पर जाने वाले जायरीनों का जगह-जगह स्वागत
Published / 2023-10-04 21:26:14
उमराह पर जाने वाले जायरीनों का जगह-जगह स्वागत

टीम एबीएन, लोहरदगा। उमराह के लिए मक्का शरीफ जाने वाले जायरीनों का लोहरदगा शहर के अलावा किस्को प्रखंड के होदागा और नारी- नावाडीह में इस्कबाल किया गया। सभी ने जायरिनों का स्वागत करते हुए ईमान की ताजगी और सबों की और खुशी के लिए दुआ करने की गुजारिश की।  उमराह में जाने वाले मौलाना मुमताज अहमद, रुखसाना खातून, रफीक अंसारी, इमराना देवी, मो सिद्दीक, संजीदा खातून, फैजान अहमद रजा, नुमान अहमद रजा, नूरी बाजला का विशेष तौर पर महिलाओं ने माला पहनाकर कर स्वागत किया। उन सबों के सफल यात्रा के लिए खुदा से दुआएं मांगी। जायरीन बुधवार को मक्का के लिए उड़ान भरी।

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