विश्व हिंदू परिषद के कैलाश केसरी ने की घोषणाटीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद रांची महानगर की बैठक शक्ति आश्रम, प्रांत कार्यालय किशोरगंज (हरमू) में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कैलाश केसरी ने की। कैलाश केसरी ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या से अक्षत लाया जा रहा है, जिसे घर-घर पहुंचा जायेगा। सभी महानगर के लोगों को इस मंदिर के लिए आमंत्रण दिया जायेगा। 16 नवंबर से 21 नवंबर तक के धार्मिक अनुष्ठान का कार्यक्रम महानगर में किया जायेगा। मंदिरों में रामचरितमानस, हनुमान चालीसा महाआरती करायी जायेगी। इस बैठक में रांची महानगर के कार्यों की समीक्षा की गयी। इसमें महर्षि वाल्मीकि जयंती, शौर्य जागरण यात्रा एवं आगामी कार्यक्रमों की योजना बनायी गयी। बैठक में रांची महानगर के अध्यक्ष कैलाश केसरी, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत सामाजिक समरसता प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र, प्रांत धर्म प्रसार परियोजना सहप्रमुख रेनू अग्रवाल, रांची विभाग मंत्री किशुन झा, महानगर मंत्री चंद्रदीप दुबे, सहमंत्री विश्व रंजन, बजरंग दल महानगर सहसंयोजक दीपक साहू, पारस नाथ मिश्रा, अनूप कुमार, दीपक ठाकुर, पिंटू ठाकुर व अन्य लोग मौजूद थे।
एबीएन सोशल डेस्क। माकपा राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन स्मार्ट मीटर के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान तेज करने का निर्णय लिया गया। पार्टी का मानना है कि स्मार्ट मीटर की योजना बिजली वितरण के निजीकरण का आधार है।स्मार्ट मीटर किसानों, छोटे दुकानदारों समेत आम लोगों को महंगी बिजली खरीदने को मजबूर करेगा। वहीं, मुख्यमंत्री की ओर से घोषित अबुआ वीर दिशोम आवास योजना का स्वागत करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में इसका लाभ दिलाने का प्रयास होगा। पार्टी ने लोकसभा के लिए चिह्नित एक सीट पर चुनाव की तैयारी को अंतिम रूप देते हुए वहां चुनाव पूर्व अभियान और तेज करने की बात कही। बैठक बुधवार दोपहर तक चलेगी। राज्य की प्रभारी वृंदा करात बैठक को संबोधित करेंगी। यह जानकारी राज्य सविव प्रकाश विप्लव ने दी।
गांव-गांव जाकर तीन लाख परिवार परिवार को देंगे आमंत्रण प्रांत में बनेगी 1200 टोली : बिरेंद्र साहूएबीएन सोशल डेस्क। आज दिनांक 01.11.2023 को विश्व हिंदू परिषद् की प्रांत बैठक किशोरगंज स्थित प्रांत कार्यालय शक्ति आश्रम में की गयी। बैठक में विहिप ने प्रांत में किये जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की गयी। जिसमें शौर्य जागरण यात्रा, महर्षि वाल्मीकि जयंती, संत संपर्क और अगामी कार्यक्रम श्रद्धानंद बलिदान दिवस 23 से 30 दिसंबर तक, समरसता दिवस 14 और 15 जनवरी, श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान जो कि 16 जनवरी से 21 जनवरी तक किया जायेगा, जिसमें रामचरितमानस का पाठ, हनुमान चालीसा, विजय महामंत्र और संध्या आरती की जायेगी इस विषय पर योजना बनायी गयी। सभी जिला में 8 नवंबर तक बैठक करना हैं एवं 20 से 30 नवंबर तक जिला बैठक करना है। प्रांत मंत्री श्री वीरेंद्र साहू ने बताया कि अयोध्या दर्शन के लिए अपने प्रांत के चुनिंदा 2000 कार्यकर्ता 3 फरवरी को एवं देश के आम श्रद्धालुओं के लिए 27 फरवरी के बाद दर्शन कर पायेंगे। बैठक में क्षेत्र मंत्री बिरेंद्र बिमल, प्रांत मंत्री बीरेंद्र साहू, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत उपाध्यक्ष सुभाष नेत्रगंवाकर, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद, प्रांत सहमंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, प्रांत सामाजिक समरसता प्रमुख मिथलेश्वर मिश्र, बजरंग दल प्रांत संयोजक दीपक ठाकुर, प्रांत सहसेवा प्रमूख अशोक अग्रवाल, प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख जुगल किशोर प्रसाद, प्रांत प्रचार-प्रसार सहप्रमुख प्रकाश रंजन, विभाग मंत्री किशुन झा, कुमार गौरव, विजय यादव, विनय कुमार, कोलेश्वर टुडू, विजय कुमार, जगदीश मंडल, कुलदीप सिंह, गणेश शंकर विद्यार्थी, रामप्रताप सिंह, राजेश, अजीत एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद् के प्रांत प्रचार प्रसार सहप्रमुख प्रकाश रंजन (9334433338) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
जल्द निपटा लें जरूरी काम, कुल 15 दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें पूरी लिस्ट...एबीएन सोशल डेस्क। अगर आप भी नवंबर में बैंकों से जुड़े जरूरी काम निपटाना चाहते हैं तो यहां छुट्टियों की लिस्ट जरूर देख लें। एबीएन सोशल डेस्क। नवंबर का महीना त्योहारों का महीना है। इस महीने दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज/चित्रगुप्त जयंती, छठ पूजा और गुरु नानक जयंती समेत कई अन्य त्योहार देश भर में मनाये जायेंगे। ऐसे में बैंकों में भी बंपर छुट्टियां रहेंगी। आरबीआइ के हॉलीडे कैलेंडर के मुताबिक, नवंबर में कुल 15 दिन बैंक बंद रहेंगे। अगर आप भी नवंबर में बैंकों से जुड़े जरूरी काम निपटाना चाहते हैं तो यहां छुट्टियों की लिस्ट जरूर देख लें।नवंबर में कुल 15 दिन बंद रहेंगे बैंकभारतीय रिजर्व बैंक ने नवंबर के लिए बैंक की छुट्टियों की लिस्ट जारी कर दी है। आरबीआइ कैलेंडर के मुताबिक, नवंबर में कुल 15 दिन बैंक बंद रहेंगे। इनमें महीने के सभी रविवार और दूसरा और चौथा शनिवार भी शामिल है। बता दें कि फइक हर महीने के लिए छुट्टियों की लिस्ट जारी करता है।ब्रांच जाने से पहले चेक करें लिस्टआरबीआइ की तरफ से जारी हॉलीडे लिस्ट में से कई छुट्टियां राष्ट्रीय स्तर की हैं। उस दिन पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी। इसी के साथ कुछ बैंकों में रिजनल फेस्टिवल पर छुट्टियां रहती हैं। इस कारण छुट्टियों की संख्या अलग-अलग राज्यों और बैंकों में अलग-अलग हो सकती हैं।1 नवंबर 2023- कन्नड़ राज्योत्सव/कुट/करवा चौथ के कारण बेंगलूरु, इंफाल और शिमला में बैंक बंद रहेंगे। 5 नवंबर, 2023- रविवार की छुट्टी 10 नवंबर, 2023- गोवर्धन पूजा/लक्ष्मी पूजा/दीपावली/दिवाली के कारण शिलांग में बैंक बंद रहेंगे। 11 नवंबर, 2023- दूसरा शनिवार 12 नवंबर, 2023- रविवार 13 नवंबर, 2023- गोवर्धन पूजा/लक्ष्मी पूजा/ दीपावली/ दिवाली के कारण अगरतला, देहरादून, गंगटोक, इंफाल, जयपुर, कानपुर, लखनऊ में बैंकों में अवकाश रहेगा। 14 नवंबर, 2023- दिवाली (बलि प्रतिपदा)/विक्रम संवत नया साल/ लक्ष्मी पूजा के कारण अहमदाबाद, बेलापुर, बेंगलूरु, गंगटोक, मुंबई, नागपुर में बैंकों में अवकाश रहेगा। 15 नवंबर, 2023- भाई दूज/चित्रगुप्त जयंती/लक्ष्मी पूजा/ निंगाल चक्कूबा/भ्रातृ द्वितीया के कारण गंगटोक, इंफाल, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ और शिमला में बैंक बंद रहेंगे। 19 नवंबर, 2023- रविवार की छुट्टी 20 नवंबर, 2023- छठ के कारण पटना और रांची में बैंक बंद रहेंगे। 23 नवंबर, 2023- सेंग कुट स्नेम/इगास बग्वाल के कारण देहरादून और शिलांग में बैंक बंद रहेंगे। 25 नवंबर, 2023- चौथा शनिवार 26 नवंबर, 2023- रविवार 27 नवंबर, 2023- गुरु नानक जयंती/ कार्तिक पूर्णिमा के कारण अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंफाल, कोच्चि, पणजी, पटना, त्रिवेंद्रम और शिलांग को छोड़कर पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे। 30 नवंबर, 2023- कनकदास जयंती के कारण बेंगलुरु में बैंक बंद रहेंगे।
एबीएन सोशल डेस्क। करवा चौथ भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं तथा पूजन करती हैं। करवा चौथ व्रत के नियम अलग-अलग स्थानों के अनुसार अलग झ्र अलग हो सकते हैं। बहुत सी जगह पर इस व्रत को निर्जला किया जाता है मतलब कि व्रत के दौरान पानी नहीं पिया जाता। लेकिन बहुत से क्षेत्रों में इस व्रत के दौरान पानी व चाय आदि पी लिया जाता है। इसलिए आप अपने क्षेत्र के अनुसार व्रत का पालन कर सकते हैं। इस व्रत में करवा चौथ व्रत कथा का बहुत अधिक महत्व होता है। व्रत की सफलता के लिए इस व्रत कथा को पढ़ना व सुनना दोनों ही आवश्यक है तथा इस व्रत कथा के द्वारा ही हमें इस व्रत के महत्व के बारे में पता चलता है। करवा चौथ व्रत कथा एक ब्राह्मण के सात पुत्र थे और वीरावती नाम की इकलौती पुत्री थी। सात भाइयों की अकेली बहन होने के कारण वीरावती सभी भाइयों की लाडली थी और उसे सभी भाई जान से बढ़कर प्रेम करते थे।कुछ समय बाद वीरावती का विवाह किसी ब्राह्मण युवक से हो गया। विवाह के बाद वीरावती मायके आयीं और फिर उसने अपनी भाभियों के साथ करवाचौथ का व्रत रखा लेकिन शाम होते-होते वह भूख से व्याकुल हो उठी। सभी भाई खाना खाने बैठे और अपनी बहन से भी खाने का आग्रह करने लगे, लेकिन बहन ने बताया कि उसका आज करवा चौथ का निर्जल व्रत है और वह खाना सिर्फ चंद्रमा को देखकर उसे अर्घ्य देकर ही खा सकती है। लेकिन चंद्रमा अभी तक नहीं निकला है, इसलिए वह भूख-प्यास से व्याकुल हो उठी है। वीरावती की ये हालत उसके भाइयों से देखी नहीं गई और फिर एक भाई ने पीपल के पेड़ पर एक दीपक जलाकर चलनी की ओट में रख देता है। दूर से देखने पर वह ऐसा लगा की चांद निकल आया है। फिर एक भाई ने आकर वीरावती को कहा कि चांद निकल आया है, तुम उसे अर्घ्य देने के बाद भोजन कर सकती हो। बहन खुशी के मारे सीढ़ियों पर चढ़कर चांद को देखा और उसे अर्घ्य देकर खाना खाने बैठ गयीं। उसने जैसे ही पहला टुकड़ा मुंह में डाला है तो उसे छींक आ गयीं। दूसरा टुकड़ा डाला तो उसमें बाल निकल आया। इसके बाद उसने जैसे ही तीसरा टुकड़ा मुंह में डालने की कोशिश की तो उसके पति की मृत्यु का समाचार उसे मिल गया। उसकी भाभी उसे सच्चाई से अवगत कराती है कि उसके साथ ऐसा क्यों हुआ। करवा चौथ का व्रत गलत तरीके से टूटने के कारण देवता उससे नाराज हो गयें हैं। एक बार इंद्र देव की पत्नी इंद्राणी करवा चौथ के दिन धरती पर आयीं और वीरावती उनके पास गयीं और अपने पति की रक्षा के लिए प्रार्थना की। देवी इंद्राणी ने वीरावती को पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से करवाचौथ का व्रत करने के लिए कहा। इस बार वीरावती पूरी श्रद्धा से करवा चौथ का व्रत रखा। उसकी श्रद्धा और भक्ति देख कर भगवान प्रसन्न हो गयें और उन्होंनें वीरावती को सदासुहागन का आशीर्वाद देते हुए उसके पति को जीवित कर दिया। इसके बाद से महिलाओं का करवाचौथ व्रत पर अटूट विश्वास होने लगा। करवा चौथ व्रत सामग्री करवा चौथ व्रत में पूजा के लिए आपको मिट्टी का एक करवा और उसका ढक्कन चाहिए। मां गौरी या चौथ माता और गणेश जी की मूर्ति बनाने के लिए काली या पीली मिट्ठी चाहिए। पानी के लिए एक लोटा, गंगा जल, गाय का कच्चा दूध, दही, देसी घी अगरबत्ती, रूई, एक दीपक, अक्षत, फूल, चंदन, रोली, हल्दी, कुमकुम, मिठाई, शहद, चीनी और उसका बूरा, बैठने के लिए आसन,इत्र, मिश्री, पान एवं खड़ी सुपारी, पूजा के लिए पंचामृत, अर्घ्य के समय छलनी, भोग के लिए फल, हलवा-पूड़ी सुहाग सामग्रीमहावर, मेहंदी, बिंदी, सिंदूर, चूड़ी, कंघा, बिछुआ चुनरी आदि इस साल करवा चौथ 1 नवंबर 2023 को यानि आज मनाया जायेगा। हिंदू महिलाओं के बीच करवा चौथ का बहुत महत्व है। यह दिन पूरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। हिंदू विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
टीम एबीएन, कोडरमा। सिखों के चौथे गुरु रामदास जी का 489वां जन्म दिवस हर्ष और उल्लास से गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में मनाया गया। सभा के पूर्व सचिव यशपाल सिंह गोल्डन ने बताया कि इसके लिए सोमवार की शाम 7 से विशेष दीवान सजाया गया। इसमें सर्वप्रथम राहिरास साहब का पाठ, आरती के उपरांत गुरु रामदास जी की महिमा का गुणगान किया गया। ज्ञानी राजा सिंह, हरभजन सिंह बग्गा, गुरमेज सिंह, शम्मी सलूजा ने शब्द-कीर्तन तथा नाम सिमरन कर संगत को निहाल किया। पूर्व सचिव यशपाल सिंह गोल्डन ने बताया कि गुरु साहिब का जन्म लाहौर में हुआ था। इनके बचपन का नाम भाई जेठा जी था।इसे गुरु अमरदास ने बदलकर रामदास कर दिया। इन्होंने अमृत सरोवर का निर्माण कराया तथा वहीं पर स्वर्ण मंदिर का निर्माण हुआ। यहीं अमृतसर नाम का शहर बसा जो सिखों का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो इस सरोवर में स्नान करता है उसके सभी दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। सभा के प्रधान हरजीत सिंह सलूजा ने संगत को बधाई दी। वहीं सभा के सचिव गुरमेज सिंह शमी ने गुरु महाराज के ऐतिहासिक कार्यों का बखान किया। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद गुरु का अटूट लंगर बताया गया। इस अवसर पर सिख समाज के सैकड़ो लोग मौजूद थे।
स्वस्थ और सुखी जीवन मनुष्य की प्रमुख आवश्यकता विषय पर हुआ स्वाध्याय पाठटीम एबीएन, रांची। अखिल विश्व गायत्री परिवार का आनलाइन स्वाध्याय मंडल प्रतिनिधित्व में नवयुग साहित्य पुस्तकों का दैनिक स्वाध्याय पाठ-संवाद चल रहा है। उनमें एक कैटगरी में महिला मंडल द्वारा स्वास्थ्य संवर्धन कैसे हो का स्वाध्याय पाठ चल रहा है। इसमें निरोग जीवन, सुस्वास्थ्य कैसे हो, स्वास्थ्य संरक्षण, उसका संवर्धन व लाभ कैसे हो, क्या खायें, न खायें, स्वस्थ रहने के सरल आसन, प्राणायाम-उपाय पर सोमवार से सप्त दिवसीय सत्र आनलाइन शुरू हुआ। इसमें योग, आसन, व्यायाम व प्राणायाम की दिशा, धारा पर प्रकाश डाला गया। मंगलवार दिन प्रज्ञा अभियान का योग, व्यायाम, आसन प्राणायाम पर अभ्यास हुआ। स्वास्थ्य कैटगरी स्वाध्याय महिला मंडल संचालन प्रतिनिधि दीदी ने बताया कि स्वस्थ और सुखी जीवन मनुष्य की प्रमुख आवश्यकता है। समाज के किसी भी स्तर में रहने वाला व्यक्ति स्वस्थ सुखी जीवन की अपेक्षा करता ही है। बताया कि स्वास्थ्य केवल शारीरिक ही नहीं, मानसिक और आत्मिक भी होता है। जो लोग केवल शरीर को स्वस्थ रखकर स्वस्थ और सुखी जीवन का लाभ लेना चाहते हैं, वह सफल नहीं हो पाते। भारतीय जीवन पद्धति तो हमेशा से शारीरिक, मानसिक, आत्मिक स्वास्थ्य का महत्त्व दर्शाती रही है। कहा कि समग्र स्वास्थ्य के लिए योगयुक्त जीवन पद्धति का समर्थन और विकास हमारे भारतीय ऋषियों ने किया है। दीदी ने बताया कि योगयुक्त जीवन पद्धति में युग निर्माण अभियान जिसे प्रत्यक्ष रूप में ऋषि चिंतन से उभरा हुआ एक व्यापक आंदोलन भी है। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
गायत्री शक्ति पीठ व हरिहर योग संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन, एक महिला सहित दस ने किया रक्तदान टीम एबीएन, झुमरीतिलैया। शहर के रांची पटना रोड स्थित पूर्णिमा विद्या मंदिर में सोमवार को गायत्री शक्ति पीठ एवं हरिहर योग संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में रक्तदान शिविर का आयोजन कोयन गया। इसमें एक महिला सहित दस लोगों ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वालों में अंकिता कुमारी, गोपाल शर्मा, मनीष अग्रवाल, राजीव साह, सूरज कुमार, सुधीर यादव, संतोष कुमार भदानी, संजीव राजहंश, राज भगत का नाम शामिल है। मौके पर रेड क्रॉस सोसाइटी के टेक्निशियन अमित कुमार, सूरज कुमार, अनीश कुमार का नाम शामिल है। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता के साथ ही गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य ट्रस्टी प्रदीप पहाड़ी, जिला समन्वयक राजेंद्र साह, देवालय ट्रस्टी नीलम शहबादी, कोषाध्यक्ष स्मृति वर्मा, संतोष वर्णवाल, परियोजना निदेशक सुनीता भगत, गोपाल शर्मा, प्रदीप कुमार सुमन त्रिमूर्ति देवी ने संयुक्त रूप से फीता काट कर किया। मुख्य अतिथि पूर्व जिप अध्यक्ष ने कहा कि रक्तदान कर हम समाज सेवा से जुड़ते हैं। उन्होंने कहा कि धन से ना दौलत से पुण्य कमाया जा सकता है सिर्फ रक्तदान कर के। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गुप्त दान में यह पता नहीं होता है कि किस कार्य में वह धन का उपयोग हो रहा उसी प्रकार रक्तदान कर किसकी जिंदगी बचती है वो भी नहीं पता चलता। उन्होंने कहा कि एक स्वास्थ्य व्यक्ति को जरूरतमंद का जीवन बचाने के लिए प्रत्येक तीन माह में रक्तदान करने की आवश्यकता है। रक्तदान से हम कई अनमोल जीवन की रक्षा करते हैं। वहीं प्रदीप पहाड़ी व राजेंद्र साह ने कहा कि एक ओर जहां रक्त दान करने से रक्त संचार ठीक होता है वहीं दूसरी ओर अनजान व्यक्ति की जीवन की रक्षा भी होती है। मौके पर शिला जायसवाल, सावित्री वर्णवाल, ज्योति वर्णवाल, मंगल जायसवाल, बबिता देवी, वीणा वर्णवाल, रेखा वर्णवाल, पलवी पांडेय, रीना सेठ, रिंकू देवी, सोनी पांडेय, रेखा देवी, मिथिलेश गुप्ता, श्रीकांत गुप्ता, विराट शर्मा, अरविंद एकघरा, विजय सिंह, डॉ नीरज साहा, अनिकेत कुमार आदि मौजूद थे।
टीम एबीएन, लोहरदगा। मनोहर लाल अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज लोहरदगा में पंखराज साहब को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी गयी। प्राचार्य उत्तम मुखर्जी ने बाबा कार्तिक उरांव के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महिला आचार्य आरती भगत ने डॉक्यूमेंट्री की सहायता से उनकी जीवनी और उपलब्धियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने अपने जीवन की समस्त कठिनाइयों से संघर्ष करते हुए ऊंची उड़ानें भरी। जनजातीय हितों के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करने वाले योद्धा कार्तिक उरांव ने सिविल स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की कई बड़ी डिग्रियां हासिल कर देश के विकास में बहुमूल्य योगदान दिया। रांची में एचइसी इसका एक जीता जागता बड़ा उदाहरण है। विश्व के प्रथम एवं विशाल न्यूक्लियर एटॉमिक पावर स्टेशन के डिजाइनिंग टीम में भी शामिल थे। धर्मांतरण की सख्त खिलाफत करते हुए जनजातियों के हित में समाज से संसद तक अनेकों कीर्तिमान स्थापित कर समाज और राष्ट्र को मजबूती प्रदान करने वाले बाबा कार्तिक उरांव सदा स्मरणीय रहेंगे। मौके पर महाविद्यालय की शिक्षक शिक्षाएं और विद्यार्थी उपस्थित थे।
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