वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन ने आयोजित किया दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्गटीम एबीएन, रांची। वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन के द्वारा चलने वाला प्रतिभा विकास केंद्र के आचार्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग हरमू रोड, रांची स्थित विश्व हिंदू परिषद प्रांत कार्यालय में संपन्न हुई। प्रशिक्षण वर्ग के समापन सत्र को संबोधित करते हुए वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन के केंद्रीय सहप्रमुख वीरेंद्र कौडिनिआ ने कहा कार्यकर्ताओं में मन पर नियंत्रण एवं मजबूत ध्येय हो तो विपरीत परिस्थिति में भी हम सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आचरण की महत्ता को प्रमुखता के साथ प्रदान करने वाला ही आचार्य कहे जाते हैं। फाउंडेशन के केंद्रीय सहप्रमुख धनंजय कुमार ने संगठनात्मक विषय को बताते हुए कहा कि प्रतिभा विकास केंद्र का लक्ष्य शिक्षा, संस्कार व स्वालंबन से है। प्रत्येक केंद्र में चौथी, पांचवी एवं छठी कक्षा स्तर के 20 से 30 बच्चों को उनके सर्वांगीण विकास के निमित्त अध्ययन की व्यवस्था की जायेगी। समापन सत्र के मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहू ने कहा शिक्षा जीवन का अनमोल रत्न है। धनवान अथवा राजा अपने सीमित क्षेत्र में ही जाने जाते हैं अपितु शिक्षित अथवा विद्वान व्यक्ति सर्वत्र जाने जाते हैं। उन्होंने कहा गुरु अथवा आचार्य समाज का रीढ़ व दर्पण की भांति होता है क्योंकि आचार्य का कुशल व्यवहार एवं कार्य से नवीन समाज की संरचना होती है।आज की शिक्षा प्रणाली में मात्र साक्षरता को ही प्रमुखता दी जा रही है जिसके कारण बच्चों में संस्कार की कमी हो रही है। जहां संस्कार में कमी हो रही है, वहां के समाज में बच्चों से बूढ़े तक कई प्रकार की व्यसन फैल रही है। फाउंडेशन के द्वारा शिक्षा के साथ संस्कार व संस्कार के साथ स्वालंबन को जोड़ना एक सार्थक समाज के निर्माण का एक सराहनीय प्रयास है। डॉ साहू ने कहा संपूर्ण विश्व में सनातन संस्कृति एवं भारतीय शिक्षा प्रणाली की महत्ता को जानते हुए इसे ग्रहण करने की चेष्टा हो रही है, जो भारत को विश्वगुरु बनाने के साथ-साथ विश्व को शांति का पाठ पढ़ने वाला साबित होगा। समापन सत्र में केंद्रीय अधिकारी बलराम सिंह, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, फाउंडेशन के रांची जिला प्रमुख आशा सिंह सहित कई कार्यकर्ता एवं आचार्यगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी बनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन के रांची प्रमुख आशा सिंह (9334326225) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन सोशल डेस्क। पुराणों के अनुसार कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन सभी देवी देवता धरती पर आते हैं एवं पवित्र गंगा नदी में समागम होता है। इसलिए इस दिन को देव दीपावली के रूप में मनाया जाता है। परंपरा को निभाते हुए माहेश्वरी समाज की महिलाओं ने शाम में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में एकत्रित होकर 1111 दीपक से मंदिर प्रांगण को जगमगाते हुए सामूहिक आरती कर यह दीप उत्सव मनाया। आज के इस कार्यक्रम में सभा अध्यक्ष किशन जी साबू, जुगल जी मारू, पवन जी मंत्री विजय जी मारू, प्रदेश महिला सचिव संगीता चितलांगिया, गोवर्धन जी भाला, महावीर जी सोमानी, महिला, सचिव बिमला फलोर, सुमनजी मारू, उपाध्यक्ष अनीता साबू, वंदना मारू, कोषाध्यक्ष सरला चितलांगिया, पूनम राठी,कविता मंत्री, अनिल जी साबू, मनीष मारू, श्याम पेरीवाल, किरण जी साबू, शारदा लड्डा , विनीता चितलांगिया लक्ष्मी चितलांगिया, सीमा मालपानी, ममता डागा,अर्चना जी साबू, सरिता चितलांगिया एवं समाज के और भी सदस्य उपस्थित रहे।
श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का षष्ठम दिवस संपन्नटीम एबीएन, लोहरदगा। श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के षष्टम दिन प्रवचनकर्ता व्यास पंडित पुरषोत्तम कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान कभी भी अहंकार को स्वीकार नहीं करते हैं, देवराज इन्द्र के भी अहंकार को श्री कृष्ण ने चुर कर दिया था। श्री महाराज जी के दिव्य प्रवचन में भगवान के रास लीला, कंश वध और रूक्मिणी विवाह का सुमधुर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं हो सकता। मौके पर दशम्स्कंद का ज्ञान दिया गया, कहा जाता है कि जो भी इस कथा का श्रवण करता वह भवबंधन और चौरासी लाख योनियों में भटकन से मुक्त हो जाता है, मनुष्य अंतिम योनि है। महर्षि वेदव्यास पुरान रचना उपरांत मन में एक प्रश्न आया कि इसे मैं किसे दूं, उन्होंने योग्यता का आधार बनाकर शुकदेव मुनि को दिया। मौके पर मुख्य रूप से राजेश रंजन प्रसाद अंबष्ठ, संजय खत्री, दिलीप पटनायक, मनोज दास, नरेंद्र मितल, संकल्प सिन्हा, संचित सिन्हा, संकेत सिन्हा, लाल विनय शाहदेव, शिल्पी सिन्हा, सविता सिन्हा, नेहा अग्रवाल, रजनी सिन्हा संगीता मितल, नेहा अग्रवाल नीलम लाल, रश्मि खत्री, विकेश सिन्हा, गणेश लाल सहित सैकड़ों श्रोता उपस्थित थे।
श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन श्री कृष्ण के बालरूप का हुआ वर्णन टीम एबीएन, लोहरदगा। नंद के घर श्री कृष्ण का प्राकट्य होना ये विधि का ही विधान था। उक्त बातें श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन प्रवचन कर्ता व्यास पंडित पुररुषोत्तम कृष्ण शास्त्री ने कही। उन्होंने कहा कि नंद का अर्थ आनंद देना और यशोदा का आशय यश प्रदान करने वाला है। श्री कृष्ण परम ब्रह्म है। गोकुल में जितने भी गोपी या बाल सखा हैं वे सभी पूर्व जन्म में ऋषि मुनि ही हैं। भगवान का बाल लीला का श्रवण मोक्षदायिनी होता है। श्री कृष्ण का बाल लीला अनुपम और अद्भुत है। बताते चलें कि पावरगंज कोर्ट रोड विकेस कुमार सिन्हा के आवासीय परिसर में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जो 27 दिसंबर तक चलेगा। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो प्रभु चर्चा में भाग लेते हुए भजन, आरती और श्रीमद् भागवत महापुराण का श्रवण कर लाभान्वित हो रहे हैं।वृंदावन से आये कथा व्यास पंडित पुरषोत्तम कृष्ण शास्त्री एवं उनके टीम के सदस्यों द्वारा प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान व श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का वाचन किया जा रहा है। कार्यक्रम में राजेंद्र खत्री, गणेश लाल, विरेन्द्र मित्तल, लाल गोपाल नाथ शाहदेव, विकेस कुमार सिन्हा, सिंपी सिन्हा, प्रवीण कुमार सिन्हा, नवीन कुमार सिन्हा, मुकेश कुमार सिन्हा, संचित, प्रियांशु, संकेत, सचिंद्र सुमन कुमार दास, प्रीति जायसवाल, रेखा मिश्रा, सहित सैकड़ों श्रोता उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। कला समीक्षक, लेखक मनोज कुमार कपरदार को वर्ष 2023 का प्रतिष्ठित स्पेनिन सहित्य गौरव सम्मान शनिवार को प्रदान किया गया। यह सम्मान रांची की प्रतिष्ठित संस्था स्पेनिन द्वारा उर्सूलाईन कॉन्वेन्ट इंटर कॉलेज, रांची के सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में दिया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अशोक प्रियदर्शी ने की। मुख्य अतिथि सिस्टर डॉ मेरी ग्रेस और साहित्यकार डॉ माया प्रसाद ने यह सम्मान प्रदान किया। मौके पर विशिष्ट अतिथि पी के झा, मुख्य वक्ता डॉ कमल बोस, संयोजक डॉ कुमार संजय और उप संयोजक अभिषेक अब्र उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन शिल्पी सहाय, संजना भट्टाचार्य और निर्मला मुंडा ने की। मौके पर उर्सूलाईन कॉन्वेन्ट इंटर कॉलेज की छात्राओं ने मंगलाचरण की। रंगारंग कार्यक्रम के तहत कॉलेज की छात्राओं ने महाराष्ट्र का लोक नृत्य और राजस्थानी नृत्य भी किया। डॉ सिद्धनाथ कुमार के साहित्यिक अवदान पर भी विशेष चर्चा हुई। धन्यवाद ज्ञापन शेफालिका सिन्हा ने की।झारखंड की कला परंपरा के संरक्षण के ऊपर लेखनी के लिए इनका चयन किया गया था। मनोज कुमार कपरदार झारखंड के कलाकारों और कलाकृतियों पर निरंतर लेखन कार्य कर रहे हैं। इनके लेखन से झारखंड की कला को एक राष्ट्रीय पहचान मिली है। इसी वर्ष इनकी एक पुस्तक झारखंड की आदिवासी कला परंपरा प्रकाशित हुई है। श्री कपरदार आदिवासी कला परंपराओं को रेखांकित कर उन्हें जीवित रखने के उपक्रम में लगे हैं। यह सम्मान 2006 से लगातार देश के ख्याति प्राप्त साहित्यकारों को दिया जाता है। यह संस्था उत्कृष्ट रचनाकर्म के आधार पर यह सम्मान हर वर्ष देती है।
एबीएन सोशल डेस्क। सत्यानंद योग मिशन ने उषा मार्टिन कंपनी और शालिनी हॉस्पिटल के पहल पर अनगड़ा प्रखंड के सूदूरवर्ती गांव में ग्रामीणों को, बच्चों को शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक सबलता हेतु योग का प्रशिक्षण दे रहा है। आज 25 नवंबर को मासू उत्क्रमित मध्य विद्यालय में तीन दिनों से चल रहे योग प्रशिक्षण का समापन हुआ। उषा मार्टिन के सीएसआर प्रमुख मयंक मुरारी जी का यह प्रयास गांव को स्वस्थ बनाने में बहुत कारगर सिद्ध होगा।योग के आचार्य स्वामी मुक्तरथ जी और इनके टीम के प्रशिक्षित योग मास्टर हजारों बच्चों को बिहार योग विद्यालय मुंगेर की योग पद्धति से लोगों को स्वस्थ बना रहे हैं। आज समापन दिवस पर मुक्तरथ जी ने कहा कि योग के साथ जीवन को जोड़िये तभी आप स्वस्थ, दीर्घायु और संस्कारवान होंगे। ताड़ासन, सूर्यनमस्कार, शशांकासन, उष्ट्रासन, अर्ध मत्स्येंद्रासन, नाड़ीशोधन प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम को बच्चों को नियमित करने की जरूरत है। भारत की संस्कृति जीवन को सार्थक, सुंदर और सकारात्मक बनाने वाली है। हम पेड़ की पूजा करते हैं, हम नदी की पूजा करते हैं, हम सूर्य की पूजा करते हैं,और हम वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को हृदय में धारण करते हैं। यही हम भारतीय की पहचान है और यह पर्यावरण के लिए बहुत बड़ा सूत्र है। हर घर के सामने तुलसी, आंवला, गिलोय, एलोविरा और अर्जुन जैसे पौधों को लगाना चाहिए।
लोहरदगा में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का चतुर्थ दिन संपन्नटीम एबीएन, लोहरदगा। पावरगंज कोर्ट रोड विकेस कुमार सिन्हा के आवासीय परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन क्षेत्र पाल देवता पुजन, षोडश मात्रिका पूजन, सप्तधृत मात्रिका पूजन, चौंसठ योगिनी पुजन,वास्तु पूजन, सर्वतोभद्र पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मौके पर भजन ,आरती और श्रीमद् भागवत महापुराण का श्रवण कर लाभान्वित हो रहे हैं। वृंदावन से आये कथा व्यास पंडित पुरषोत्तम कृष्ण शास्त्री एवं उनके टीम के सदस्यों द्वारा बुधवार को तृतीय दिवस सृष्टि विस्तार, कपिलोपाख्यान, सती चरित्र एवं धुर्व चरित्र पर चर्चा की गई। कथावाचक पंडित पुरषोत्तम कृष्ण शास्त्री ने बताया की तपोबल की महता क्या है। तपोबल से आप बहुत ही सरलता से भगवान की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक युग में भगवान का अवतार हुआ है, श्रृष्टि में भूत प्रेत एवं अनेक योनियों का भी अस्तित्व है। भगवान किसी से भेद नहीं करते हैं। प्रभु आराधना का सबसे सरल तरीका गायत्री मंत्र का जाप करना है। मौके पर जिला निबंधना पदाधिकारी सुभाष दत्ता, आयोजनकर्ता बिकेस कुमार सिन्हा, सिंपी सिन्हा, सहयोगी गणेश लाल, प्रवीण कुमार सिन्हा, नवीन कुमार सिन्हा, मुकेश कुमार सिन्हा, संचित, प्रियांशु, संकेत, सचिंद्र, सुमन कुमार दास, प्रिती जायसवाल,रेखा मिश्रा, संगीता मितल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
एबीएन सोशल डेस्क। इस्लामिक किताबों में हलाल मांस की चर्चा की गयी है। हलाल मांस वो है जो उनके अनुसार कुछ प्रतिबंधित जानवरों का नहीं है और जिसे कलमा पढ़ पढ़ कर धीरे काटा गया है। पर धीरे-धीरे मौलवियों ने कहीं शाकाहारी पदार्थों को भी हलाल की श्रेणी में लाना शुरू कर दिया। जैसे- नमकीन, पानी, बिस्कुट, लिपस्टिक, चायपति, आदि आदि। इसमें कई पदार्थ तो मोहम्मद के समय थे भी नहीं। हलाल सर्टिफिकेट के नाम पर कई इस्लामिक संस्थाओं ने धंधा शुरू कर दिया कि जिन पदार्थों को वो पैसा लेकर हलाल घोषित करेंगे और हलाल सर्टिफिकेट देंगे, उसे ही मुसलमान प्रयोग करेंगे। चूंकि इस्लाम में हर चीज की पाबंदी ही पाबंदी है और मुसलमान को अरबी में लिखें किताबों का कोई ज्ञान नहीं है, तो उनको लगा ये संस्थाएं सही कह रही हैं और हर वस्तु का हलाल होना आवश्यक है। ये संस्थाएं, जो हलाल सर्टिफिकेट दे रही है, वो यह प्रमाणित करती हैं कि मौलवी ने हर उत्पादन के बाद उस पदार्थ पर विक्रय के पूर्व फूंक (यानी थूक) के साथ कलमा पढ़ा है। कंपनी यह सोच कर मौलवी नियुक्त कर थुकवा कर हलाल सर्टिफिकेट लेती हैं कि मुसलमान उनका बॉयकॉट न करे। अगर मौलवी नियुक्त न किया गया हो तो पैसा खिला कर हलाल सर्टिफिकेट ले लिया जाये। इस तरह हलाल सर्टिफिकेट देनी वाली इस्लामिक संस्थाओं के लिए ये कमाई का एक जरिया बन गया। इस पैसे को वो आतंकवाद के लिए भी प्रयोग करवाती हैं। चूंकि हिंदू को फर्क नहीं पड़ता कि पदार्थ हलाल है या नहीं, वो हलाल की हुई चीजों का प्रयोग करता रहता है। पर बाद में कुछ हिंदुओं ने, विशेष कर सिखों ने, इस बात का विरोध किया कि उन्हें हर चीज मौलवी की झूठी की हुई ही क्यों खाना चाहिए? उन्होंने हलाल सर्टिफिकेट वाले पदार्थों का विरोध शुरू किया। पर मुसलमानो में एकता के कारण विरोध का असर न था और बीकाजी जैसी शुद्ध शाकाहारी कंपनी भी अपने नमकीन के लिए हलाला सर्टफिकेट ले रही है। पर अब जागने का समय है। अगर हम इस मानसिक गुलामी से स्वतंत्रता चाहते है तो आज से ही तथाकथित हलाल पदार्थों का बॉयकॉट करें। हलाल पूरे भारत को इस्लामीकरण करने की ओर एक बड़ा कदम है। अपने सिख और जैन भाइयों से सीखें और अपने संकृति को बचायें।
अग्रवाल सभा 29 वर्षो से तुलसी विवाह के दिन करते आ रही है, सामूहिक विवाह का आयोजन टीम एबीएन, रांची। महाराजा अग्रसेन भवन के सभागार में अग्रवाल सभा रांची द्वारा आयोजित 29 वां सामूहिक विवाह समारोह में दो जोड़े सात जन्मों के रिश्तें में बंध गये। कार्यक्रम तेल बान रस्मों से शुरू हुआ। दोपहर को चाक भात, 3 बजे कोरथ, 4 बजे वर यात्रा, 5 बजे वर माला हुआ। फेरो और वैदिक मंत्रोचार के बीच सामूहिक विवाह सम्पन हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि समाजसेवी ओमप्रकाश केजरीवाल ने सभी नव दंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि अग्रवाल सभा 29 वर्षों से इस आयोजन को भव्य रूप से करते आ रही है यह एक गौरव का विषय है। इसे हर समाज को अपनाना चाहिए। समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाने के लिए यह एक अच्छी पहल है एक पिता के लिए इससे बढ़कर और कोई खुशी नहीं कि बेटी के हाथ पीले हो गए। इसके उपरांत सभी नवविवाहित जोड़ो को विवाह प्रमाण-पत्र दिया। मुख्य संयोजक भागचन्द पोद्दार ने सभी नव दंपति को फेरो के पश्चात् आशीर्वाद देकर विदा किया। अग्रवाल सभा अध्यक्ष नंदकिशोर पाटोदिया व मंत्री मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि 1994 से अबतक 329 जोड़ो का सामूहिक विवाह कराया गया तथा सैकड़ों संबंध बाद में भी तय हुए यह एक पुनित अनुष्ठान है। उन्होंने कहा कि विवाह की संपूर्ण जिम्मेदारी खर्च एवं व्यवस्था अग्रवाल सभा वहन करती है।इसी दिन माता तुलसी और भगवान शालीग्राम का विवाह के मुख्य यजमान अग्रवाल सभा के वरीय उपाध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल के द्वारा सपत्नीक संपन्न कराया गया। दो सुसज्जित गाड़ियों मे सवार होकर बैंड बाजों के साथ बारात लक्ष्मी नारायण मंदिर का दर्शन करते हुए पुन: महाराजा अग्रसेन भवन पहुंची। रास्ते में बारात का स्वागत श्री श्याम मंडल, श्री हनुमान मंडल, मारवाड़ी सहायक समिति ने किया। अग्रसेन भवन के सभागार को आकर्षक फूलों से सजाया गया। तथा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वर- वधुओं ने एक दूसरों को माला पहनाया। पूरा सभागार महाराजा अग्रसेन की जयघोष से गूंज उठा। परिणय सूत्र में बंधनेवालों जोड़ों में शुभम अग्रवाल (लोहरदगा) संग रितु कशोधन, (गोरखपुर) सुमित राज अग्रवाल (लोहरदगा) संग मंजू कुमारी (रांची) मांगलिक कार्य मुख्य आचार्य पंडित श्याम सुंदर भारद्वाज एवं सहयोगियों ने मंत्रोचार कर परिणय वेदी पर विधिवत् पूजन कर विवाह संस्कार सम्पन्न कराया। विवाह समारोह में पधारे वर वधू पक्ष के सभी बरातियों के लिए विशेष पकवान परोसा कर स्वागत सम्मान किया। एक दिवसीय आयोजन में वर-वधू के आवास एवं भोजन की व्यवस्था महाराजा अग्रसेन भवन में किया गया। वर -वधू को उपहार स्वरूप गृहस्थी के समान दिए गए जिसमें स्टील आलमीरा, सिलाई मशीन, 51 बर्तन का सेट, हाथ घड़ी, चुन्नी घाघरो, चैकी-तोरण, श्रृंगार साम्रगी, चांदी जेवलरी सेट, साड़ी सेट, इमिटेशन ज्वेलरी सेट, मिक्सी मशीन, प्रेशर कुकर, स्टॉल, छाता आदि उपहार स्वरूप दिया गया। इसके उपरान्त समाज के कई महिलाओं द्वारा सुहाग- पिटारी एवं अन्य सामग्री भेट की। उक्त जानकारी देते हुए अग्रवाल सभा के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि इस वर्ष भी कवि सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा दुल्हनों को चांदी का हॉफ सेट, तथा मारवाड़ी युवा मंच, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं माहेश्वरी सभा द्वारा भी वर-वधुओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भागचंद पोद्दार, गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया, राजकुमार केडिया, ओम प्रकाश अग्रवाल, चंडी प्रसाद डालमिया रतनलाल बंका, विश्वनाथ जाजोदिया, विनोद जैन, ललित पोद्दार, पवन पोद्दार, मनोज चौधरी, बसंत मित्तल, सज्जन पाड़िया, अजय डीडवानिया, अशोक नारसरिया, विजय खोवाल, अशोक लाठ, सुनील पोद्दार, किशन पोद्दार, राजेंद्र केडिया, ओमप्रकाश प्रणव, प्रमोद अग्रवाल, नरेश बंका, रमेश खेमका, कमल केडिया, रतन लाल अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, रवि शर्मा, संजय सर्राफ, किशन अग्रवाल, अशोक लोहिया, किशन साबू, श्याम सुंदर शर्मा, धीरज बंका, रमन बोडा, चंद्र प्रकाश बागला, मनोज ढाढनियां, विवेक ढाढनियां अमर अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, रूपा अग्रवाल, अलका सरावगी, रीना सुरेखा, तथा अग्रवाल युवा सभा एवं अग्रवाल महिला समिति के सदस्यों के अलावे बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित थे। उक्त जानकारी अग्रवाल सभा, रांची के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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