टीम एबीएन, रांची। जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्म संघ के महातपस्वी आचार्य श्रीमहाश्रमण जी की सुशिष्या श्रमणी डॉ निर्वाणप्रज्ञा जी तथा श्रमणी मध्यस्थप्रज्ञा जी का रांची में प्रवास चल रहा है।प्रवास के दौरान आज दिगम्बर जैन मंदिर, अपर बाज़ार में श्रमणी जी ने 2 घण्टे का (Couple Management Workshop) कपल प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सकल रांची जैन समाज के श्रावक श्राविकाओं ने भाग लिया।श्रमणी जी के द्वारा वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से आज के वर्तमान युग मे सम्मलित परिवार में जीवन जीने की कला के बारे में विस्तृत रूप से बताया तथा पति-पत्नी, मां- बेटी, पिता- पुत्र, सास- ससुर आदि के आपसी संबंध के बारे में विस्तार से बताया। आधुनिक युग मे इस भागदौड़ की दुनिया मे पति पत्नी को एक दूसरे के साथ प्रेमपूर्वक, पारिवारिक रिश्तों को मजबूत रखते हुए, हर परिस्थिति में सम भाव रहते हुए आपस मे एकजुट, छोटी मोटी बातों में समझौता करते हुए तथा एक दूसरे की हिम्मत बनकर आपस में मिलकर रहना चाहिए। साथ ही बच्चों को भी बचपन से ही अच्छे संस्कार देने चाहिए तथा धार्मिक गतिविधियों से जोड़ना चाहिए, आदि के बारे में बेहतर तरीके से समझाया।घेवर चंद नाहटा एवं पंकज पांड्या ने श्रमणी जी को आज के कार्यक्रम के आयोजन के लिए तथा पधारें हुए सभी श्रावक- श्राविकाओं का आभार व्यक्त किया। आज के कार्यक्रम में दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष नरेंद्र गंगवाल, मंत्री पंकज पांड्या, पूर्व अध्यक्ष पदम् छाबड़ा, पूर्व सचिव सुभाष विनायक, श्वेताम्बर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष अमर चंद बैंगानी, उपाध्यक्ष महेंद्र बरमेचा, ओसवाल संघ के सचिव विमल दस्सानी, तेरापंथ महिला मंडल के अध्यक्ष सुमन बरमेचा, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष ललित सेठिया के साथ साथ काफी संख्या में समाज के लोगों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संयोजन अमरचंद बैंगानी, विशाल दस्सानी, सुरेश जैन के द्वारा किया गया। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुरेश जैन (8340247771) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार लेंगे शपथटीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन की एक बैठक महाराजा अग्रसेन भवन के कार्यालय में जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन का जिला अधिवेशन सह पदस्थापना समारोह 21 जनवरी 2024 को महाराजा अग्रसेन भवन रांची मे होगा। इस समारोह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के सत्र 2024- 26 के लिए अध्यक्ष पद का शपथ ग्रहण करेंगे। जिला अधिवेशन सह पदस्थापना समारोह के सफल आयोजन के लिए स्वागताध्यक्ष कमल कुमार केडिया को एवं स्वागतमंत्री पवन शर्मा को बनाया गया। समारोह को सुचारू रूप से सफल बनाने हेतु कई कमेटियों का गठन कर सदस्यों को विभिन्न जिम्मेवारियां दी गयी।मंच सज्जा-पवन पोद्दार एवं अनिल अग्रवाल, मीडिया प्रभारी- संजय सर्राफ,भोजन व्यवस्था- राजेंद्र केडिया, सेवा कार्य- विकास अग्रवाल, अतिथि स्वागत व्यवस्था-अजय डीडवानिया, नारायण विजयवर्गीय, प्रिंटिंग एवं स्मृति चिन्ह व्यवस्था-अमित चौधरी, मनीष लोधा, सदस्यता हेतु प्रभारी- नारायण विजयवर्गीय, मनीष लोधा।बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला अधिवेशन मे 101 नये सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया तथा समारोह मे जिला मारवाड़ी सम्मेलन का प्रथम जनसेवा कार्य मे एक सामाजिक संस्था को जरूरतमंद बच्चों की देखभाल हेतु एक माह का राशन मारवाड़ी सम्मेलन देगा। बैठक का संचालन एवं धन्यवाद- ज्ञापन ललित कुमार पोद्दार ने किया।रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि बैठक में कमल कुमार केडिया, पवन शर्मा, नंदकिशोर पाटोदिया, मनोज चौधरी, विनोद कुमार जैन, पवन पोद्दार, ललित पोद्दार, प्रमोद अग्रवाल, राजेंद्र केडिया, कौशल राजगढ़िया, अनिल अग्रवाल, अजय डीडवानिया, मनीष लोधा, अंजय सरावगी, नारायण विजयवर्गीय, अमित चौधरी, विकास अग्रवाल, बबलू हारित, संजय सर्राफ आदि उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। स्थानीय ग्राम देवी, देवी मंडप किशोर गंज चौक रांची मे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दिनांक 01.01.2024 दिन सोमवार माता की महाआरती के साथ 301 महिला भक्तों को माता के आशीर्वाद के रूप मे सुहाग पिटारा दिया जायेगा। 01.01.2024 सुबह 8 बजे सत्यनारायण भगवान के पूजन के उपरांत सुबह 10 बजे प्रसाद वितरण किया जायेगा। शाम 7 बजे माता की महाआरती व शाम 7.30 से महाप्रसाद का वितरण भक्तों के बीच किया जायेगा। क्षेत्र में रहने वाले लोगों का देवी मां के प्रति अटूट श्रद्धा एवं विश्वास है। इस महोत्सव मे हर वर्ष भक्तों की भीड उमड़ती रही है और इस वर्ष भी भक्त कार्यक्रम को सफल बनाने मे तन मन धन से योगदान दे रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 26 दिसम्बर 2023 को श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धाम पूजित अक्षत कलश वितरण माधव नगर रांची महानगर में किया गया।मौके पर विहिप प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह ने कहा कि श्रीराम 500 वर्ष के टाटवास के बाद अपने स्थान में आ रहे हैं, इस उत्सव में हर एक व्यक्ति को शामिल होना है और उसे दिन मंदिर में सभी को इकट्ठा होना है दिन में 11 बजे से 1 बजे के बीच और संध्या को दीपावली उत्सव हर घर में और मंदिर में बनाना है।22 जनवरी 2024 के दिन श्री अयोध्या धाम के तरह ही हर मंदिर को सजाना हैं और प्रदेश के मंदिर में पूजा अर्चना की जायेगी। इसके बाद सभी बस्ती के संयोजक और सहसंयोजक को पूजित अक्षत कलश दिया गया। मौके पर प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, मिथलेश्वर मिश्र, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, प्रांत मातृ शक्ति प्रमुख दिपा रानी कुंज, हटिया विधायक नवीन जयसवाल जी, कृष्णा कुमार झा, भोला सिंह, कुश सिंह, शुभाशीष जी, श्वेता सिंह जी, राकेश, राजीव, रूपदेव साहू और कार्यक्रम का संचालन चंद्रदीप दुबे ने किया। मौके पर क्षेत्र के सभी सम्मानित लोग उपस्थित रहे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद् के रांची महानगर संयोजक चंद्रदीप दुबे (98350 27313) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। मंगलवार और बुधवार को श्री सवेश्वरी समूह की रांची शाखा औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम में दो दिवसीय परम पूज्य अघोरेश्वर महाविभूति कलश सह चरणपादुका स्थापना और आदिगुरु भगवान दत्तात्रेय जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया।अगहण पूर्णिमा पर आयोजित कार्यक्रमों में सर्वप्रथम प्रात: 6 से सात बजे श्रमदान एवं सफाई के पश्चात 8.30 बजे पूजन आरती तथा 9 बजे से अघोरान्ना परो मंत्र:, नास्ति तत्त्वं गुरौ परम का अष्टयाम संकीर्तन प्रारंभ किया गया, जिसमें श्री सवेश्वरी समूह संस्था के अध्यक्ष परम पूज्य गुरुपद संभव राम जी स्वयं उपस्थित हुए।प्रात: 10 बजे से आश्रम प्रांगण में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जो अपराह्न 4 बजे तक चला। डॉ एसएन सिन्हा, डॉ रोहित कुमार सिंह, डॉ रंजन नारायण, डॉ शंकर रंजन, डॉ सुधाकर त्रिगुनायक द्वारा एलोपैथी तथा डॉ उत्पल कुमार एवं डॉ त्रिविदा रघुवंशी ने होमियोपैथी का परामर्श दिया तथा नि:शुल्क दवाईयां उपलब्ध करायी।नि:शुल्क चिकित्सा शिविर में मेसर्स मेयर फार्मा, मेसर्स करैंकों इंडियन, मेसर्स एल्केम लेन लिमिटेड तथा मेसर्स एबोर्ट द्वारा बीएमआई, हीमोग्लोबिन, यूरिक एसिड, ब्लड शुगर तथा लिपिड प्रोफाइल की नि:शुल्क जांच सुविधा उपलब्ध करायी गयी। नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ लगभग 225 लोगों ने उठाया।दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन बुधवार 27 दिसंबर 2023, बुधवार को प्रात: 9 बजे अष्टयाम संकीर्तन के समापन, 10.30 बजे लघु विचार गोष्ठी एवं सामूहिक प्रसाद वितरण के साथ होगा। देर रात निर्धन एवं जरूरतमंद के बीच कंबल वितरण का आयोजन होगा। आयोजित कार्यक्रमों में श्री सवेश्वरी समूह की जमशेदपुर, डालटनगंज, नगर उंटारी, घाघरा, गुमला आदि शाखाओं से स्वयंसेवक एवं श्रद्धालु उपस्थित हुए।
टीम एबीएन, रांची। श्रीराम जन्म अयोध्या धाम पूजित अक्षत कलश का वितरण दुर्गा मन्दिर रिम्स, वाल्मीकि नगर रांची महानगर में किया गया। मौके पर विहिप प्रांत समाजिक समरसता प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र ने कहा कि इस उत्सव में हर एक व्यक्ति को शामिल होना है और उस दिन मंदिर में सभी को इकट्ठा होना है। 11 बजे से 1 बजे के बीच और संध्या को दीपावली उत्सव हर घर में और मंदिर में मनाना है। 22 जनवरी 2024 को प्रदेश के मंदिर अयोध्या रूप में सजा कर पूजा-अर्चना की जायेगी। सभी बस्ती के संयोजक और सहसंयोजक को पूजित अक्षत कलश दिया गया। वहां से पूजा-अर्चना करने के बाद बैंड बाजा के साथ शोभायात्रा निकाली गयी। मौके पर प्रांत समाजिक समरसता प्रमुख मिथलेश्वर मिश्र, रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, प्रांत प्रचार प्रसार सह प्रमुख प्रकाश रंजन, महानगर उपाअध्यक्ष गोपाल पारिक, बजरंग दल सह संयोजक दीपक साहू, अशोक सिंह, गोपाल शरण, राजकिशोर प्रसाद, प्रकाश चंद्रा सिन्हा, मनीष कुमार साहू, शेखर कुमार साहू, प्रह्लाद कुमार साहू, अजय महतो, सुशील सिंह, निवेंद्र कुमार बाल्मीकि नगर के सभी बस्ती संयोजक शामिल हुए अभिषेक, सह संयोजक कामेश्वर बड़ाईक आरोग्य भवन संयोजक संतोष सोनी, सह संयोजक मनोज प्रसाद, दिव्यांयन संयोजक मदन साहू, सह संयोजक रामदेव सिंह, दीनदयाल संयोजक रितेश कुमार, सह संयोजक मुकेश, इंद्रप्रस्थ संयोजक प्रकाश चंद्र सिंहा, सह संयोजक दीपक, हाउसिंग संयोजक मानू, विवेक सह संयोजक रितेश, दिवाकर नगर संयोजक रणधीर सिंह, सह संयोजक त्रिलोक कुमार नाग, बड़ागांई संयोजक राजेश साहू, सह संयोजक अजय महतो, सुख शांति संयोजक प्रदीप साहू सह संयोजक पिंटू ठाकुर, जय प्रकाश संयोजक रणधीर रजक, सह संयोजक संजय यादव, गाड़ी गांव संयोजक विजय पोद्दार, सह संयोजक संतोष साहू, खटंगा संयोजक संजीत सिंह, सह संयोजक रितेश के अलावा सम्मानित लोग उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 25 दिसंबर 2023 को श्रीराम जन्म अयोध्या धाम पूजित अक्षत कलश वितरण दुर्गा मंदिर रिम्स, बाल्मीकि नगर रांची महानगर में किया गया। मौके पर विहिप प्रांत समाजिक समरसता प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र ने कहा कि इस उत्सव में हर एक व्यक्ति को शामिल होना है और उसे दिन मंदिर में सभी को इकट्ठा होना है। दिन में 11 बजे से 1 बजे के बीच और संध्या को दीपावली उत्सव हर घर में और मंदिर में बनाना है। 22 जनवरी 2024 को प्रदेश के मंदिर अयोध्या रूप में सजा कर पूजा अर्चना की जायेगी। सभी बस्ती के संयोजक और सहसंयोजक को पूजित अक्षत कलश दिया गया और वहां से पूजा अर्चना करने के बाद बैंड बाजा के साथ शोभा यात्रा निकाली गयी। मौके पर प्रांत समाजिक समरसता प्रमुख मिथलेश्वर मिश्र, रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, प्रांत प्रचार प्रसार सह प्रमुख प्रकाश रंजन, महानगर उपाअध्यक्ष गोपाल पारिक,बजरंग दल सह संयोजक दीपक साहू, अशोक सिंह, गोपाल शरण, राजकिशोर प्रसाद, प्रकाश चंद्रा सिन्हा, मनीष कुमार साहू, शेखर कुमार साहू, प्रह्लाद कुमार साहू, अजय महतो, सुशील सिंह, निवेंद्र कुमार, बाल्मीकि नगर के सभी बस्ती संयोजक शामिल हुए। जिसमें अभिषेक, सह संयोजक कामेश्वर बड़ाईक आरोग्य भवन संयोजक संतोष सोनी, सह संयोजक मनोज प्रसाद, दिव्यांयन संयोजक मदन साहू, सह संयोजक रामदेव सिंह, दीनदयाल संयोजक रितेश कुमार, सह संयोजक मुकेश, इंद्रप्रस्थ संयोजक प्रकाश चंद्र सिंहा, सह संयोजक दीपक, हाउसिंग संयोजक मानू, विवेक सह संयोजक रितेश, दिवाकर नगर संयोजक रणधीर सिंह, सह संयोजक त्रिलोक कुमार नाग, बड़ागांई संयोजक राजेश साहू सह संयोजक अजय महतो, सुख शांति संयोजक प्रदीप साहू, सह संयोजक पिंटू ठाकुर, जय प्रकाश संयोजक रणधीर रजक, सह संयोजक संजय यादव, गाड़ी गांव संयोजक विजय पोद्दार, सह संयोजक संतोष साहू, खटंगा संयोजक संजीत सिंह, सह संयोजक रितेश जी के अलावा कुछ क्षेत्र के सभी सम्मानित लोग उपस्थित रहे। उक्त जानकारी कार्यक्रम नगर संयोजक दीपक कुमार साहू (8619300758) और कार्यक्रम नगर सह संयोजक गोपाल शरण साहू (8809914409) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
भगवद्गीता में जीवन के यथार्थ दर्शन के अकूत मूल्यों का संदेश भरा हुआ हैएबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में आनलाइन स्वाध्याय मंडल प्रतिनिधित्व में तथा अपनी अपनी स्थानीय शक्तिपीठों, मंडलों व गृह तपोवन में स्वाध्याय सहित अनुष्ठान किया। मोक्षदा एकदाशी व्रत सह गीता जयन्ती की तिथि होने से आनलाइन एकदाशी व्रत जप-अनुष्ठान समूह मंडल ने जप-अनुष्ठान किया। वहीं अनेक ने 23--12--23 शनिवार को आयोजन कर विधिवत पूजा-पाठ कर श्रीगीता जयन्ती पाठ कर आज रविवार को यज्ञीय अनुष्ठान कर संपन्न किया। कई साधकों ने संकल्पित होकर अपनी आवासीय तपोवन में परिवारजनों सहित इस अवसर पर श्रीमद्भागवत गीतामृत ग्रंथ और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन वृतांत, व्यक्तित्व, चरित्र व दर्शन पर प्रकाश डाला।बताया गया कि भगवान श्रीकृष्ण हर दृष्टि से महान थे। उनके कर्तृत्व, व्यक्तित्व व चरित्र में से जितना सर्वोपयोगी हो, उसे हम सबको अनुकरणीय अनुसरणीय मानना और करना चाहिए। भगवद्गीता में जीवन के यथार्थ दर्शन के अकूत मूल्यों का संदेश भरा हुआ है। गीता जीवन के मार्ग का मर्म बताती है। गीता अध्यात्म विद्या का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। सात सौ श्लोकों का अठारह अध्यायों में भारतीय धर्म व योग दर्शन का अनुपम प्रतिनिधित्व करता है। परम पूज्य गुरुदेव वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पण्डित श्रीरामशर्मा आचार्य जी द्वारा श्रीमद्भागवत गीतामृत ग्रंथ के हिन्दी पद्यानुवाद श्लोकों का सस्वर पाठ किया गया।संबद्ध प्रेरणाप्रद संदेश, तथ्य व भूमिका पर प्रकाश डालकर विधिवत पूजा-पाठ में सर्व देवपूजन और विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण, सखाओं का आवाहन, श्रीमद्भागवत गीता पुस्तक ग्रंथ एवं गायत्री युग साहित्य पुस्तकों का विधिवत पूजा-पाठ व नमन-वंदन गोद्रव्य अर्पण और षोडशोपचार पूजन व स्वस्तिवाचन पाठ जप-अनुष्ठान आज हवन-यज्ञ विधान पूर्वक करके सर्वत्र मंगलमय वातावरण विस्तार की मंगलमय प्रार्थना व शान्ति-पाठ कर समापन किया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन सोशल डेस्क। अभी दिन प्रतिदिन सर्दी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। यह देखते हुए हमारे शरीर के अंदर बहुत सारे परिवर्तन आते जा रहे हैं, जिसमें हमारे शारीरिक तापमान और मौसम के तापमान में काफी अंतर आने की वजह से अत्यधिक सर्दी का प्रभाव देखने को मिल रहा है। इससे बचाव के लिए सूर्य भेदी प्राणायाम हमारे लिए अत्यधिक लाभदायक है। सूर्यभेदी प्राणायाम को राइट नॉस्ट्रिल ब्रीदिंग यानी दायीं नासिक छिद्र से सांस लेना भी कहते हैं। ठंड के समय यह एक अद्भुत प्राणायाम है, जो हमारे शरीर में ऊर्जा और गर्मी यानी बॉडी हीट बढ़ा देता है। जिससे मौसम की सर्दी का असर हमारे शरीर पर कम पड़ने लगता है। इतना ही नहीं, यह सर्दी के मौसम में शरीर के तापमान में होने वाले परिवर्तन को भी संतुलित करता है। सांस लेने के लिए मनुष्य के पास दो नासिकाएं होती हैं। योग में उन्हें नाड़ी कहा जाता है, जिसमें दाहिना नासिक को सूर्य नाड़ी और बाय नासिक को चंद्र नाड़ी के रूप में जाना जाता है। दाहिनी नासिका को सूर्य नाड़ी से जोड़ा जाता है। सूर्य भेदी प्राणायाम दो शब्दों से मिलकर बना है : एक सूर्य और दूसरा भेदना। जिसमें सूर्य का अर्थ है : सूरज और भेदना यानी किसी चीज से भेदन करना या तोड़ना। यानी सांस के द्वारा दायें स्वर को भेदते हुए हमारे शरीर के अंदर के रोगों को नष्ट करना ही सूर्य भेदी प्राणायाम है। इस प्राणायाम का नाम शरीर पर इससे पढ़ने वाले प्रभाव से लिया गया है। सूर्य भेदी प्राणायाम को करते हुए केवल एक नासिका का उपयोग किया जाता है। इस क्रिया में नाक के दायें छिद्र से सांस ली जाती है। जिसको हम सूर्य स्वर और पिंगला नाड़ी के नाम से भी जानते हैं। सूर्य भेदी प्राणायाम करने के लिए कमर-गर्दन सीधी रखकर सुखासन-पद्मासन में बैठकर आंखें बंद करके प्राणायाम मुद्रा में बैठते हैं। जिसमें तर्जनी और मध्यम उंगलियों को माथे पर रख लें और बायें नासिका के छिद्र को बाकी दो उंगलियों से बंद कर दायें नासिका के छिद्र से श्वास को धीरे-धीरे बाहर निकाल दें फिर दायें नासिका से धीरे-धीरे आवाज करते हुए लंबी सांस भीतर ले और उसके बाद थोड़ी देर के लिए श्वास अंदर रोक लें। फिर बिना आवाज किये बायें नासिका से सांस बाहर निकाल दें। यह एक चक्र सूर्य भेदी प्राणायाम कहलाता है। इस प्रकार 15 से 20 बार इसका अभ्यास करें। अंत में बायें नासिका से सांस बाहर निकाल कर हाथ नीचे लायें। थोड़ी देर के लिए शांत भाव से बैठे रहें।सूर्य भेदी प्राणायाम करते समय हमें कुछ जरूरी सावधानियां रखनी चाहिए, जिसमें हाई ब्लड प्रेशर के मरीज, हृदय रोगी, जिनको मिर्गी के दौरे आते हैं एवं पित्त प्रकृति वाले रोगी सूर्य भेदी प्राणायाम का अभ्यास न करें। साथ में ही गर्मी के दिनों में इस प्रणाम का अभ्यास नहीं करना चाहिए; क्योंकि इसे करने से शरीर का तापमान यानी बॉडी हीट बढ़ जाती है। सूर्य भेदी प्राणायाम को करने के कई फायदे होते हैं, जिसमें अस्थमा, वात रोग व कफ से जुड़ी बीमारियां दूर हो जाती हैं। यह प्रणाम खून को साफ करता है और खून से जुड़ी बीमारियों को भी दूर करता है। झुर्रियां हटाता है। किसी भी तरह की स्किन प्रॉब्लम को दूर करता है। त्वचा के रंग को निखारता है। पेट के कीड़े नष्ट करने में मदद करता है। पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और पेट से जुड़ी बीमारियां ठीक करता है। लो ब्लड प्रेशर की समस्या दूर होती है। डिप्रेशन और एंजायटी को दूर करने में सहयोगी होता है। यह वजन को कम करने में भी मदद करता है। यह प्राणायाम प्राणिक ऊर्जा को सक्रिय करता है और शरीर को शक्ति प्रदान करता है। यह मानसिक और भावनात्मक ऊर्जा की उत्तेजना के लिए होता है। यह मुंह में आये छालों को भी ठीक करता है। हमें हमारे जीवन को संतुलित रखने के लिए एवं सुख में आनंद में पूर्वक जीवन जीने के लिए योग हमारे जीवन में अत्यधिक लाभदायक है। इसको हमारे जीवन में हमें अपनाना चाहिए और विभिन्न प्रकार के रोगों से बचाव करना चाहिए।
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