टीम एबीएन, रांची। श्री राम जन्मभूमि अयोध्याधाम में निर्मित दिव्य एवम भव्य श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की पावन तिथि 22 जनवरी 2024 को होने वाले ऐतिहासिक समारोह के उपलक्ष्य में सेवादन पथ स्थित श्री सरोवर महादेव मंदिर प्रांगण में राजस्थान मित्र मंडल द्वारा रामलीला नृत्यनटिका का दिव्य आयोजन एवं अत्यन्त आकर्षक स्वरूप में सजाया धजाया जा रहा है। इस अवसर पर राजस्थान मित्र मंडल, रांची द्वारा दिनांक 22 जनवरी 2024 को कई विराट कार्यक्रम का आयोजन किये जायेंगे। प्रात: 10 बजे से सरोवर महादेव का रुद्राभिषेक पंडित अरुण जी के द्वारा मंत्रोचर पाठ किया जायेगा। इस अवसर पर दोपहर 12.20 बजे प्रभु श्रीराम की महाआरती, दोपहर 1.30 बजे से संगीतमय भजन संकीर्तन संग संपूर्ण दिवस मंदिर परिसर से प्रसाद स्वरूप शुद्ध घी से निर्मित भंडारा का विशेष आयोजन श्रधालु भक्तजनों के बीच किया जायेगा। संध्या 5 बजे से युवा नाट्य अकादमी के द्वारा रामलीला नृत्य नटिका की प्रस्तुति संगीत की धुनपर अद्भुत आयोजन होगा तदोउपरांत रात्रि 8 बजे तक राजस्थान मित्र मंडल के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण भजनों का कार्यक्रम व श्रीराम दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर मंदिर में विराजमान महादेव एवम शिव परिवार का विशेष श्रृंगार किया जायेगा। सरोवर पार्क को विद्युत लाईट से सजावट साथ ही अयोध्या में होने वाले कार्यक्रम मंदिर परिसर में लगे एलसीडी टीवी पर सीधा प्रसारण किया जायेगा। रात्रि में प्रभु राम के स्वागत में आतिशबाजी की जायेगी। आयोजन को भव्यता प्रदान हेतु भगवा झंडा व केसरिया झंडी से रंग प्रदान किया गया है। तैयारी में पखवाड़े से मंडल के सदस्यगण तन्मयता से कार्य में जुटे हुए हैं। जिनमे अध्यक्ष अशोक पुरोहित, मुख्य संरक्षक बिनय सरावगी, सचिव मंटू जलान, प्रमोद बजाज, श्याम सारस्वत, गुलाब शर्मा, रवि शंकर शर्मा, मनोज बजाज, सुनील शर्मा, सुभाष झुंझुनवाला, अमन पुरोहित, शुभम पुरोहित, कमल शर्मा, नटवर सिखवाल सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। उक्त जानकारी राजस्थान मित्र मंडल के उपाध्यक्ष मनोज बजाज ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
हनुमत वैदिक पूजन के प्रतिदिन के यजमान राकेश भास्कर ने सपत्नी पूजन कियाआज की कथा के यजमान बीरेंद्र सिंह सपत्नी रेणु सिंह ने ब्यास पूजन, माल्यार्पण, चंदन वंदन कियामेन रोड संकट मोचन के संत त्यागी बाबा ने गुरु जी को माल्यापन किया कथा अमृत वर्षा का लाभ प्राप्त कियाटीम एबीएन, रांची। हरिद्वार धाम से पधारे श्री श्री 1008 जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी डॉक्टर उमाकांतनंद सरस्वती जी महाराज के पावन सानिध्य में अयोध्या में श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची के हरमू मैदान में श्री राम कथा का यह आयोजन किया जा रहा है। हम सभी लोगों के लिए परम सौभाग्य की बात है की श्री मयार्दा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के पावन कथा के श्रवण की अमृत वर्षा का लाभ परम पूज्य स्वामी डॉ उमाकांतनंद सरस्वती जी महाराज के मुखारविंद से प्राप्त हो रहा है। व्यास पीठ पर पवित्र ग्रंथ श्री रामायण का पूजन, वंदन, माल्यार्पण आज के मुख्य यजमान बीरेंद्र सिंह सपत्नी रेणु सिंह ने किया। व्यास पीठ पर विराजमान स्वामी जी को चंदन, वंदन, माल्यार्पण और आरती के बाद महाराज जी कथा अमृत वर्षा का लाभ देते हुए कहा। विश्वामित्र जी संत मुनियों के संग जनकपुरी पहुंच जाते है राजा जनक को जानकारी मिली वो स्वागत पर द्वार तक पहुंच गये। संसार की वस्तुओ में जिनका कोई लगाव नहीं वो भगवान के दर्शन को पहुंच गये। गुरु जी कहते हैं शक्ति चाहिए तो प्रभु के पास जाइये ओर भक्ति चाहिए तो मां शक्ति के पास जाइये। अलौकिक सौंदर्य के विषय पर चर्चा की सीता जी के विषय मे चर्चा कर धनुष यज्ञ की विस्तृत चर्चा की।सीता मा के अलौकिक सौंदर्य देख ही यह धनुष यज्ञ हो रहा। सीता जी के विवाह स्वयंबर में देश विदेश के राजा महाराजा पधारे हुए थे। धनुष तोड़ने का कयास उस समय असफल हुआ, जब भगवान श्री राम के विराट रूप को उन्होंने देखा। उन्होंने कहा- हर आदमी का अपना संसार होता है। श्री राम कथा में हमेशा हनुमान जी को बुलाते हैं। संत को जो कथा स्थल में दिखता है। कथा में उसी प्रसंग के साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा साधु का चरित्र कपास के सफेद फूल की तरह होता है, क्योंकि समाज की कमी को दूर करने के लिए अपना त्याग करते हैं। संसार में सुख दुख हमारे भावना का खेल है क्योंकि सुख शांति की कोई सीमा नहीं जीवन में सुख दुख व भावना को सुधार लिया जाय तो दृस्टि ही बदल जायेगी। गुरु कहते हैं अहंकार बहुत बुरी चीज है। अहंकार का नशा जल्दी नहीं उतरता। मंत्र के जप करने से सारे देवता अधीन हो जाते हैं। बच्चों का उत्साह बढ़ाये जवानी में ही कुछ कर सके। शिव धनुष टूटा सीता जी ने भगवान श्री राम को माला पहनायी। भगवान परशुराम जी शिव धनुष टूटने से नाराज हुए। भजनों पर लोगों ने नृत्य किया लोगो के बीच फूलों की वर्षा हुई। टॉफियां भी कथा स्थल में लुटाया गया। इसके पूर्व मंच पर आज के यजमान बीरेंद्र सिंह सपत्नी रेणु सिंह व राकेश भास्कर सपत्नी व उनके परिवार के द्वारा व्यास जी की आरती की गयी। इस अवसर पर अध्यक्ष राकेश भास्कर, राज किशोर सिंह, वीरेंद्र सिंह, अजय सिंह, सुरेश सिंह, प्रमोद सारस्वत, अरुण सिंह, शत्रुघन प्रसाद (मुंबई), बम शंकर दुबे, राजीव चौधरी, फारूक खान ने गुरु जी को माल्यार्पण कर स्वागत अभिनंदन किया। कथा स्थल पर लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। जिसमें मुख्य रूप से प्रमोद सारस्वत, नवीन झा, राजीव चौधरी, पुनीत, नीरज शुक्ला, बिपिन सिंह, मुन्ना सिंह, रितेश झा सहित कई लोग निरंतर अपनी सेवा दे रहे हैं। हजारों की संख्या में लोगों ने कथा श्रवण किया। प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत ने बताया कि श्री राम कथा 21 जनवरी 2024 तक दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक चलेगी। 22 जनवरी हरमू मैदान में हवन व भंडारा का आयोजन रखा गया है। समिति ने आवहान किया है कि भंडार ओर हवन में सहयोग करने वाले भक्त का स्वागत है आप भी इस महान यज्ञ में सहयोग कर अपनी आहुति दे सकते हैं। रांची की सभी धार्मिक और सामाजिक संस्था व धर्म प्रेमियों से आग्रह किया है कि महाराज श्री के मुखारविंद से श्री राम कथा की अमृत वर्षा का हरमू मैदान में आकर अवश्य लाभ प्राप्त करें।
टीम एबीएन, रांची। रांची के सेवा सदन पथ पर स्थित एवं नगर के एकमात्र श्री लक्ष्मी नारायण भगवान का मंदिर में 22 जनवरी दिन सोमवार को भव्य समारोह होगा। मंदिर समिति ने यह निर्णय लिया है की अयोध्या में प्रभु रामलला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा के शुभ एवं ऐतिहासिक अवसर पर मंदिर एवं इसके आसपास के सारे वातावरण को भव्य राममय कर दिया जाये। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर समिति एवं श्री हनुमान मंडल के संयुक्त प्रयास तथा श्री राम के भक्तों के सहयोग से 22 जनवरी को दिनभर लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रांगण में कार्यक्रम होगा। प्रात: 11 बजे से सभी भक्तों के लिए श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण बड़ी एलईडी स्क्रीन पर किया जायेगा। प्रभु को सवामणि का भोग लगाया जायेगा। इसके लिए सभी भक्तों से निवेदन किया गया है कि वह अपने साथ अपने घर से निर्मित कोई एक प्रसाद थाली में जरूर लावे सभी भक्तों के लाये हुए प्रसाद को मिलाकर भगवान को सवामणि का प्रसाद चढ़ाया जायेगा। शाम 5 बजे से मंदिर के आसपास दीपोत्सव एवं आतिशबाजी कर माहौल को खुशनुमा किया जायेगा। श्री हनुमान मंडल भजन संध्या का आयोजन करेगा तथा इसके पश्चात आरती होगी। प्रभु की आरती के बाद करीबन 500 लोगों के लिए भगवान का प्रसाद भक्तजनों में भंडारे में बांटा जायेगा। मंदिर समिति ने भक्त जनों से यह निवेदन किया है कि कृपया 22 जनवरी को अपने प्रतिष्ठान बंद रखें एवं वातावरण को राममय बनाने में अपना सक्रिय सहयोग दें, प्रभु का दर्शन करें एवं प्रसाद ग्रहण करें। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी अशोक साबू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
अयोध्या: गर्भगृह पहुंचे रामलला, दोपहर में स्थापना के लिए होगा विशेष अनुष्ठानएबीएन सोशल डेस्क। अयोध्या में निर्माणाधीन राममंदिर के गर्भगृह में रामलला पहुंच चुके हैं। थोड़ी देर में उनकी स्थापना होगी। इस मौके पर गर्भगृह में विशेष पूजन का आयोजन किया गया। इसके बाद क्रेन की मदद से रामलला के विग्रह को मंदिर के अंदर ले जाया गया।नेपाल के काली नदी से आई शिला से निर्मात 51 इंच का विग्रह स्थापित होने के बाद इनकी प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया शुरू होगी। मंदिर में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों 22 जनवरी को होनी है।रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का प्रधान संकल्प लेते हुए आगे प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पहले बुधवार को यहां महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। उसके बाद पूजन कर रामलला के विग्रह को राम मंदिर परिसर में प्रवेश कराया गया था।बताया जा रहा है कि रामलला का यह विग्रह करीब 200 किलो वजन का है। जानकारी के मुताबिक विग्रह को गर्भ गृह में ले जाने से पहले यज्ञ मंडप के 16 स्तंभों और चारों द्वारों का पूजन किया गया। इस मौके पर प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के मुख्य आचार्य पं. लक्ष्मीकांत दीक्षित मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि 16 स्तंभ 16 देवताओं के प्रतीक हैं। मंडप के चार द्वार चार वेदों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसी प्रकार द्वार के दो-दो द्वारपाल चारों वेदों की दो-दो शाखाओं के प्रतिनिधि हैं। बता दें साढ़े 500 साल के संघर्ष के बाद श्रीराम जन्मभूमि को मुक्त कराया गया है। अब 22 जनवरी को रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। इसको लेकर समूचे देश में हर्ष और उत्साह का माहौल है।खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे. विधि विधान से इस कार्यक्रम को संपन्न कराया जायेगा। इसमें देश और विदेश के हजारों मेहमान साक्षी बनेंगे।हालांकि पहले दिन यानी 22 जनवरी को भगवान राम के गर्भगृह में जाने की अनुमति सबको नहीं होगी, लेकिन प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद मंदिर सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। अयोध्या धाम में श्री राम जन्म भूमि में निर्मित दिव्य एवं नव्य श्री राम मंदिर में प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा दिनांक 22 जनवरी 2024 को होने वाले अनूठे समारोह के उपलक्ष में अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर को अत्यंत आकर्षक स्वरूप में सजाया जा रहा है। इस अवसर पर श्री श्याम मंडल, रांची द्वारा दिनांक 22 जनवरी 2024 को कई विराट कार्यक्रम का आयोजन किए जायेंगे। प्रात: 10 बजे से एकल अभियान के श्री हरी सत्संग रांची के वनवासी भाई बहन द्वारा सुंदर कांड का पाठ किया जायेगा। साथ ही इस अवसर पर संपूर्ण दिवस मंदिर परिसर से प्रसाद स्वरूप शुद्ध घी के लड्डू का वितरण भक्तजनों के बीच किया जायेगा। संध्या 6 बजे से रात्रि 8 बजे तक श्री श्याम मण्डल के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण भजनों का कार्यक्रम व दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर मंदिर में विराजमान रजत सिंहासन पर श्री श्याम प्रभु, वीर बजरंगबली एवं शिव परिवार का विशेष श्रृंगार किया जायेगा। साथ ही अयोध्या में होने वाले कार्यक्रम मंदिर परिसर में लगे एलसीडी टीवी पर सीधा प्रसारण किया जायेगा तथा समस्त कार्यक्रम को लाइव टेलीकास्ट श्री श्याम मंडल के यूट्यूब चैनल पर भी प्रसारण होगा। रात्रि में प्रभु राम के स्वागत में आतिशबाजी की जायेगी। आयोजन की तैयारी में पिछले एक पखवाड़े से मण्डल के सदस्यगण तन्मयता से कार्य में जुटे हुए हैं। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल श्री श्याम मंदिर, अग्रसेन पथ रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
गुरुद्वारा श्री गुरुनानक सत्संग सभा ने दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का प्रकाश पर्व मनाया, रात 9 बजे से सजा दीवान टीम एबीएन, रांची। गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा में दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का पावन प्रकाश पर्व मनाया। इस उपलक्ष्य में सजाये गये दीवान की शुरुआत स्त्री सत्संग सभा ने जिथे बाबा पैर धरे पूजा आसन थापन होआ... शबद गायन से हुई। तत्पश्चात गुरुद्वारा कडरू साहब के हजूरी रागी यात्रा भाई गुरविंदर सिंह जी ने जिऊ पारब्रह्म चित आइया सो घर दय वसाइया... एवं तहीं परकाश हमारा भयो पटना शहर विखे भव लयो... शबद गायन किया। गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ज्ञानी जिवेन्द्र सिंह ने कथा वाचन कर गुरु गोविंद सिंह जी की जीवनी और उनके चार साहबजादों के बलिदान के बारे में साध संगत को विस्तार से बताया। हजूरी राजी जत्था भाई महिपाल सिंह जी ने सूरा सो पहचानिए जो लड़े दीन के हेत... एवं वाहो वाहो गोबिंद सिंह जी,कलगियां वाले गोविंद सिंह जी... जैसे शबद गायन कर साध संगत को गुरवाणी से जोड़ा। प्रकाश पर्व के उपलक्ष में रखे गए श्री अखंड पाठ साहिब जी का भोग रात 12:00 बजे हुआ। बधाई का शबद भाई महिपाल सिंह जी द्वारा पढ़ा गया। श्री अनंद साहब जी के पाठ, अरदास, हुकमनामा एवं कढ़ाह प्रशाद वितरण के साथ दीवान के समाप्ति रात 12:30 बजे हुई। दीवान समाप्ति के उपरांत साध संगत के लिए प्रशाद वरताया गया। सत्संग सभा के मीडिया प्रभारी नरेश पपनेजा ने बताया कि रांची से गये श्रद्धालुओं का जत्था पटना साहिब में नगर कीर्तन में शामिल हुआ। गाय घाट गुरुद्वारे से सिख श्रद्धालुओं द्वारा पांच प्यारे और पांच निशानची की अगुवाई में एक भव्य नगर कीर्तन निकाला गया, जो नगर भ्रमण करता हुआ देर शाम पटना साहिब तख्त श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचा। नगर कीर्तन में रास्ते भर श्रद्धालु फेरी की शक्ल में शबद गायन करते हुए श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। सत्संग सभा की कीर्तन मंडली ने सुरा सो पहचानिये जो लड़े दीन के हेत... एवं कर किरपा तेरे गुण गांवां... तथा राजन के राजा महाराजन के महाराजा तुम हो... जैसे कई शबद गायन कर साध संगत को गुरवाणी से जोड़ा। इस नगर कीर्तन में देश विदेश से हजारों की संख्या में पहुंचे सिख श्रद्धालुओं ने शिरकत की। गुरुनानक सेवक जत्था ने इस मौके पर नाश्ते के लंगर का शिविर भी लगाया। नगर कीर्तन में अर्जुन देव मिढ़ा, सुरेश मिढ़ा, हरगोविंद सिंह, चरणजीत मुंजाल, अनूप गिरधर, मनीष मिढ़ा, इंदर मिढ़ा, रमेश पपनेजा, हरिश मिढ़ा, पंकज मिढ़ा, सूरज झंडई, रौनक ग्रोवर, रमेश तेहरी, आशु मिढ़ा, नवीन मिढ़ा, उमेश मुंजाल, नीरज सरदाना, मोहित मुंजाल, चंदन गिरधर, हरिश तेहरी, शीतल मुंजाल, मंजीत कौर, रेशमा गिरधर, नीतू किंगर समेत अन्य शामिल हुए। उक्त जानकारी समाज के मीडिया प्रभारी नरेश पपनेजा (8709349310) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
प्रेम ही ईश्वर है : महामंडलेश्वरहनुमत वैदिक पूजन के प्रतिदिन के यजमान राकेश भास्कर ने सपत्नी पूजन किया आज की कथा के यजमान अजय सिंह ने व्यास पूजन, माल्यार्पण,चंदन वंदन किया टीम एबीएन, रांची। हरिद्वार धाम से पधारे श्री श्री 1008 जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी डॉक्टर उमाकांतनंद सरस्वती जी महाराज के पावन सानिध्य में अयोध्या में श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची के हरमू मैदान में श्री राम कथा का यह आयोजन किया जा रहा है।हम सभी लोगों के लिए परम सौभाग्य की बात है की श्री मयार्दा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के पावन कथा के श्रवण की अमृत वर्षा का लाभ परम पूज्य स्वामी डॉ उमाकांतनंद सरस्वती जी महाराज के मुखारविंद से प्राप्त हो रहा है। व्यास पीठ पर पवित्र ग्रंथ श्री रामायण का पूजन, वंदन, माल्यार्पण मुख्य यजमान अजय सिंह ने किया। ब्यास पीठ पर विराजमान स्वामी जी को चंदन, वंदन, माल्यार्पण और आरती के बाद महाराज जी कथा अमृत वर्षा का लाभ देते हुए कहा भगवान भोले नाथ मा पार्वती को कैलाश पर कथा सुना रहे। मनु महाराज की कथा सुनाई मनु महाराज मनुष्यो के मुख्य पुरुष माने जाते है।क्योंकि उन्ही से मनुष्य की उत्पत्ति हुई है। हमारे संस्कृति में 100 साल तक कि उम्र पहले मानी गयी थी। कहावत है 100 वर्ष तक आप स्वास्थ्य रहे। यह दुर्लभ मानव जीवन पाकर भी प्रभु सेवा नही की तो यह मानव जीवन बेकार है। धन के ब्याख्यान पर चर्चा कर कहा मनुष्य का पेट भरा या नही भरा आदमी पेट से परेशान नही लेकिन धन से पेटी नही भरी उससे लोग परेशान है। सतगुरु पर चर्चा करते हुए कहा कि गुरु अब किसी को नही चाहिए। जिस मंत्र का हम जप करते है जिससे पापो को छुटकारा मिलता है।कण कण में व्याप्त है परमात्मा जिनके मनन करने से मुक्ति मिल जाय उसे ही मंत्र कहते है। मनुष्य के संदेह पर चर्चा कर बताया कि आदमी शंका करता है एवं झूठ भी बोलता है जो इनके दुख का कारण है इसलिए हमेशा सत्य बोलो झूठ न बोलो। कालकेतु राक्षक सहित राजा प्रताप भानु के संग कुम्भकरण के प्रसंग की विस्तृत चर्चा की।कथा प्रसंग में ब्रह्मा जी का प्रगट होना और भगवान के चरित्र का वर्णन किया। भजन- जब तक है जिंदगी फुरसत ना मिलेगी काम से कुछ समय ऐसा निकालो प्रेम कर लो श्री राम से जो संतों से सेवा करवाता हो, माता पिता से सेवा करवाता हो वो इस जन्म में निशाचर (राक्षस) है। उन्होंने कहा संसार मे ईश्वर सब जगह ब्याप्त है वो प्रेम से प्रगट होते है। प्रेम करे तो ईस्वर प्रगट होते है। प्रेम ही ईश्वर है उन्होंने कहा जब तक अहंकार है तब तक भगवान नही जब भगवान है तो अहंकार नहीं। भगवान प्रगट होते है खुशी की लहर से पूरा पंडाल भाव विभोर हो उठा। भगवान आये। अवधपुरी के राजा दशरथ जी की भक्ति उनके ज्ञान, गुणों की चर्चा की उनके दुखो का भी वर्णन किया। उन्होंने यज्ञ की भूमिका के प्रसंग पर चर्चा कर कहा यज्ञ हमारे संस्कृति के पिता है उन्होंने कहा वेदों में यग्यो कि प्रधानता है श्रष्टि यज्ञ से चलती है यज्ञ रुका तो जीवन रुका। ईर्ष्या, द्वेष, घृणा हम बोते है तो यह वही देती हो यही यज्ञ है। दान पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया किसी गरीब को कोई भी दान देते हैं आप समझते है यही दान है। लेकिन आप अपनी प्रतिभा, क्षमता और सामर्थ्य के अनुसार दान करें। उसी का प्रतिफल आपको मिलेगा। रक्त दान, नेत्र दान, भूमि दान, ज्ञान का दान यह सबसे बड़ा दान है। उससे बड़ा दान जीवन का दान सबसे बड़ा दान है। उन्होंने कहा नेता राष्ट्र का भविष्य होता है उनके चरित्र से राष्ट्र का निर्माण होता है। आप और हम सभी जानते हैं हमेशा हमें राष्ट्र के लिए ईमानदार होकर सोचना चाहिए। हम अपने कर्तव्यों का पालन सही तरीके से कर ले राष्ट्र निर्माण में हमारे लिए सबसे बड़ा सहयोग यही रहेगा। भगवान का जन्म हुआ उत्सव मनाया गया खूब भजनों पर लोगों ने नृत्य किया भगवान के बालक रूप झांकी के सभी ने दर्शन किये। पूरा कथा स्थल भगवान के जयकारों से गूंज उठा। इसके पूर्व मंच पर आज के यजमान अजय सिंह व राकेश भास्कर सपत्नी व उनके परिवार के द्वारा व्यास जी की आरती की गयी। इस अवसर पर अध्यक्ष राकेश भास्कर, राज किशोर सिंह, वीरेंद्र सिंह, अजय सिंह, सुरेश सिंह, प्रमोद सारस्वत, धर्मेंद्र तिवारी, श्याम झा, अरुण सिंह, संजय अग्रवाल, रविंद्र सिंह, रमेश सिंह ने गुरु जी को माल्यार्पण कर स्वागत अभिनंदन किया। कथा स्थल पर लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इसमें मुख्य रूप से प्रमोद सारस्वत, इंद्रजीत यादव, गोपाल सोनी, नवीन झा, रामचंद्र जायसवाल, राजीव चौधरी, पुनीत, नीरज शुक्ला, बिपिन सिंह, मुन्ना सिंह, रितेश झा सहित कई लोग निरंतर अपनी सेवा दे रहे हैं। हजारों की संख्या में लोगों ने कथा श्रवण आज किया। पूरा पंडाल श्रोताओं से भरा था। बुजुर्गों व महिलाओं के लिए कुर्सियों की ब्यवस्था, पेयजल व्यवस्था व अन्य उचित ब्यवस्था रखी गयी है। प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत ने बताया श्री राम कथा 21 जनवरी 2024 तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक चलेगी। 22 जनवरी हरमू मैदान में हवन व भंडारा रांची की सभी धार्मिक और सामाजिक संस्था व धर्म प्रेमियों से आग्रह किया है कि महाराज श्री के मुखारविंद से श्री राम कथा की अमृत वर्षा का हरमू मैदान में आकर अवश्य लाभ प्राप्त करें। उक्त जानकारी प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
गंगा सागर मेलाटूटे सारे रिकॉर्ड, एक करोड़ पुण्यार्थियों ने किया स्नान, राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग कीएबीएन सोशल डेस्क। पश्चिम बंगाल के बिजली, आवास, युवा मामले और खेल विभाग के मंत्री अरूप विश्वास ने सोमवार को दावा किया कि मकर संक्राति के अवसर पर गंगा सागर में सोमवार 3 बजे तक एक करोड़ पुण्यार्थियों ने पवित्र डूबकी लगायी। उन्होंने कहा कि इस तरह से पुराने सारे रिकॉर्ड (पिछली बार 75 से 80 लाख) टूट गये।अरूप विश्वास ने सोमवार को दावा किया कि रविवार की रात 12:13 बजे से पवित्र स्नान का समय शुरू हुआ था। जैसे ही घड़ी में 12:13 बजे हाड़ कंपाने वाली सर्दी में शाही स्नान करने समुद्र में उतर गके। लोग अब भी कतारबद्ध होकर समुद्र में नहा रहे हैं। इतना ही नहीं, कई तीर्थयात्री आज भी बाबूघाट (कोलकाता) से गंगा सागर की तरफ आ रहे हैं। उन्होंने कहा, इतने बड़े मेले का आयोजन हो रहा है, फिर भी इस मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा नहीं मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से गंगा सागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा देने की मांग की।उन्होंने बताया कि काकद्वीप और कचुबेरिया के लॉट नंबर आठ में तीर्थयात्रियों की भीड़ अभी भी बनी हुई है। पूरे दिन तीर्थयात्रियों का आना-जाना लगा रहा। इस बार सागर मेले में 6 स्नान घाटों की व्यवस्था की गयी थी। हालांकि, ऐसा लगता है कि ये भी कम रह गये। तेज हवा, घना कोहरा छाया हुआ है, फिर भी श्रद्धालु पुण्यार्थी समुद्र में गोते लगा रहे हैं।
इस युग में श्री राम मंदिर बनने से हमारा जन्म धन्य हो गयाकांके रोड में अक्षत के साथ पत्रक और श्री राम मंदिर के प्रारूप का वितरणटीम एबीएन, रांची। सनातनी धर्मलंबियों रामभक्तों ने कांके रोड के दुकानदारों, अपार्टमेंट, साकेत नगर कॉलोनी एवं मोहल्ले में जाकर अक्षत का वितरण घर-घर जाकर कर लोगों को निमंत्रण दिया गया। साथ ही 22 जनवरी को अपने-अपने घरों में दीपक जलाने एवं बजरंगबली का पताका लगाने की अपील की गयी। अक्षत के साथ पत्रक और राम मंदिर का प्रारूप भी बांटा गया। साथ ही राम भक्तों को अंग वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सनातन एकता मंच एवं विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि 22 जनवरी को प्रभु श्री रामचंद्र जी का भव्य दिव्य अलौकिक मंदिर निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा के पावन तिथि पर संपूर्ण झारखंड के मंदिरों की साज सज्जा, भजन कीर्तन, पूजा पाठ, प्रसाद एवं दीप उत्सव धूमधाम के साथ मनायें। उन्होंने कहा कि लगभग पांच सौ साल के बाद अयोध्या में श्री राम मंदिर का सपना साकार हो रहा है, राम भारत के जन-जन के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम है, भारत की संस्कृति के एक संजीव प्रतीक है। हमारी मूल अधिकार जिस मर्यादा से जुड़े हुए हैं राम इस मर्यादा के श्रेष्ठतम प्रतीक हैं, 22 जनवरी को हमारे जीवन काल में अयोध्या में भव्य एवं अलौकिक मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा होना, इस युग में हमारा जन्म धन्य हो गया। उन्होंने कहा कि इस दिन घर-घर में दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव का पर्व मनाये। अक्षत वितरण कार्यक्रम में प्रमोद कुमार, सूर्या पासवान, मधु टिबड़ेवाल, मुरारी कुमार, अंश सिंह, चिंटू कुमार, अभिषेक सिंह, रघुनंदन कुमार, नवनीत पंडित, आकाश राय, आशु कुमार, तुषार अग्रवाल, कुलदीप, सुमन कुमार, गोलू सहित अन्य राम भक्त उपस्थित थे।
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