टीम एबीएन, रांची। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में आयोजित पांच दिवसीय 47वां अश्वमेध महायज्ञ अनुष्ठान आयोजन नवी मुंबई कार्पोरेट पार्क खारघर में बहुत ही हर्षोल्लास व उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस महायज्ञ में महाराष्ट्र के सिवाय कई विदेश के तथा भारतीय कई प्रांतों के भी गायत्री भक्त शामिल हुए। इसमें मंगलमय शक्ति कलश शोभायात्रा में 11 हजार से भी अधिक साधक-शिष्यों की विभिन्न प्रांतीय परम्परा व संस्कार की शानदार झांकी सहित शक्ति कलश यात्रा रही। इस महायज्ञ में 33 कोटि देवों का विराट पूजन विस्तृत षोडशोपचार व स्वास्तिवाचन पाठ के साथ विराट दीपयज्ञ व महापूर्णाहूति शांतिपूर्वक आज सुसंपन्न हुआ। इस महायज्ञ में अनेक प्रांत के साधक-शिष्य व भाई-बहन गण शामिल हुए और समयदान देकर इसे सफल सुफल और मंगलमय वातावरण में सहयोग किया। आवासीय, खान-पान, नल जल, शौच आदि सभी व्यवस्था सुविधाजनक रही। यह अश्वमेध विराट महायज्ञ 1008 कुंडीय था। विराट दीपयज्ञ भी शानदार रहा। महायज्ञ शाला, संस्कारशाला, प्रवचन ज्ञानमंच, विचारमंच, शांतिकुञ्ज का अन्य विभिन्न स्टाल यज्ञपिता, गायत्री माता, पूज्यवर व माता जी, वेदमाता गायत्री का जीवन वृतांत प्रदर्शनी, देवात्मा हिमालय, पुस्तक प्रदर्शनी महायज्ञ का दिव्य वातावरण में रहा।सर्वजनहिताय सर्वजनसुखाय, वसुधैव कुटुंबकम, सर्वे भवन्तु सुखिन: भाव से विधिवत शक्ति कलश पूजन से लेकर दिव्य देवहुतियां भक्ति, श्रद्धा और उद्देश्यपूर्ण भाव से दी गयीं और भारत सहित विश्व कल्याण व सर्वत्र शान्तिमय वातावरण व सबके लिए उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन पाठ किया गया। महायज्ञ में के विभाग में झारखंड के करीब 400 साधक सदस्य गण अपना समयदान व योगदान दिया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
संतोष कुमार ने पूरे विश्व में भारतवर्ष एवं झारखंड के गौरव एवं मान को बढ़ाया : संजय सर्राफ टीम एबीएन, रांची। सेंट जेवियर्स स्कूल डोरंडा के कंप्यूटर साइंस शिक्षक एवं प्लस टू के समन्वयक संतोष कुमार को सबसे लंबे कंप्यूटर प्रोग्रामिंग पाठ शीर्षक के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड घोषित होने पर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता सह रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ, सामाजिक कार्यकर्ता नीरज भट्ट एवं अनूप दास ने बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए स्कूल परिसर मे संतोष कुमार को बुके देकर एवं अंग वस्त्र ओढ़ाकर कर सम्मानित किया। मौके पर संजय सर्राफ ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि संतोष कुमार ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड टाइटल होल्डर खिताब जीतकर पूरे विश्व में भारतवर्ष एवं झारखंड का गौरव एवं मान बढ़ते हुए सभी को गौरवान्वित किया है। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को संतोष कुमार ने 48 घंटे 15 मिनट तक कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का क्लास लेते हुए विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराया है।उन्होंने रिकॉर्ड बनाने के लिए 13 बैच का क्लास लिया जिसमें 10वीं से 12वीं स्कूल के 330 स्टूडेंट शामिल हुए एक बैच 4 घंटे का रहा, जिसमें 27 से अधिक स्टूडेंट शामिल हुए। उन्होंने छात्रों को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्लास के तहत जावा के बारे में पढ़ाया। उन्होंने बताया कि संतोष कुमार ने कक्षा 1 से लेकर कक्षा 10 वर्गों के लिए कंप्यूटर से संबंधित लगभग 24 किताबों का संपादन एवं लेखन भी किया है। संतोष कुमार ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक क्लास लेना काफी चुनौती पूर्ण था लेकिन बच्चों की उत्साह को देखकर मुझे भी ऊर्जा मिलती रही, उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है अभ्यास ही कुंजी है हार ना माने और विश्वास रखें कि आप हासिल कर लेंगे तो सफलता तय है। उन्होंने बताया कि मेरे प्रेरणा स्रोत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है, जब यूएनओ में प्रधानमंत्री के योग करने का रिकॉर्ड बनाया था तब से ही अपने राज्य के लिए मुझे कुछ करने का चेतना जगा, तथा टेक्नोलॉजी एवं आईटी सेक्टरों में अत्याधिक बढ़ावा देने के प्रति उनके जुड़ाव से प्रेरणा मिला। मौके पर फादर अजीत खेस,फादर इग्नेसियस लकड़ा, फादर रवि भूषण खेस, फादर रोशन बागे, अभिषेक गुप्ता, सीमा सिंह, शिवेश सिंह, रतन भूषण, रेमा दास, नेहा आलम, सना साहाव, रश्मि श्रीवास्तव, सुकृति कुमारी सहित कई शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे।
डीसीआर और बीबीए की राज्यस्तरीय कार्यशाला में बनी राजस्थान को बाल विवाह मुक्त करने के उपायों की रूपरेखा एबीएन सोशल डेस्क। राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण विभाग (डीसीआर) और एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, (एवीए जिसे बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) के नाम से भी जाना जाता है, ने जयपुर में एक संयुक्त राज्यस्तरीय कार्यशाला में बाल विवाह और बाल यौन शोषण की रोकथाम के उपायों पर मंथन किया। बचपन बचाओ आंदोलन देश में बाल विवाह के खात्मे के लिए काम कर रहे बाल विवाह मुक्त भारत (सीएमएफआई) का गठबंधन सहयोगी है। सीएमएफआई 160 गैरसरकारी संगठनों का एक गठबंधन है जो देश में बाल विवाह की ऊंची दर वाले 300 जिलों में इसके खात्मे के लिए जमीनी अभियान चला रहा है।कार्यशाला में राजस्थान से 2030 तक बाल विवाह के खात्मे और लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो) के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों, बाल विवाह के खिलाफ कानूनों को मजबूत करने के लिए बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत नियमों की समीक्षा और बाल विवाह व यौन शोषण के शिकार बच्चों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास के उपायों को मजबूती देने पर विचार किया गया। कार्यशाला में राजस्थान हाई कोर्ट के न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) विजय कुमार व्यास, राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (आरएससीपीसीआर) की सदस्य संगीता गर्ग, राजस्थान राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण (आरएसएलएसए) की उप सचिव स्वाति राव और जयपुर उत्तर की डीएसपी आईपीएस अफसर राशी डोगरा और गैरसरकारी संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया।आरएससीपीसीआर के पूर्व सदस्य एवं वर्तमान में गायत्री सेवा संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेंद्र पंड्या और नानूलाल प्रजापति ने कार्यशाला के विभिन्न सत्रों का संचालन किया। राजस्थान हाई कोर्ट के न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) विजय कुमार व्यास ने कहा कि राजस्थान में अब बिना देर किए 25.4 प्रतिशत की बाल विवाह दर को शून्य पर लाने की जरूरत है। राजस्थान के संदर्भ में बाल विवाह पर काबू पाने के लिए जातियों की पंचायतों के मुखिया और धर्मगुरुओं से अपील करने की जरूरत है कि वे समाज में अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए लोगों से कहें कि बाल विवाह नहीं करें क्योंकि यह बच्चों के भविष्य के लिए नुकसानदेह है। साथ ही कानून का भी व्यापक प्रचार प्रसार हो ताकि लोगों में इसका भय व्याप्त हो। लोगों को पता होना चाहिए कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। आईपीएस अफसर राशी डोगरा ने कहा- बाल विवाह एक जघन्य अपराध है। लेकिन इसे रोकने में असली चुनौती यह है कि अक्सर ये अपराध करने वाले बच्चों के माता-पिता ही होते हैं और बच्चे विरोध नहीं कर पाते। एक बच्चे को बाल विवाह विवाह के नर्क में झोंकना उसके मूल अधिकारों का हनन है। बाल विवाह सिर्फ एक अपराध नहीं है। इसके साथ पीसीएमए, पॉक्सो और ट्रैफिकिंग के मामले भी जुड़ जाते हैं। पुलिस अपनी तरफ से हरसंभव प्रयास कर रही है कि बाल विवाह के मामलों में एफआईआर दर्ज की जाए और पीड़ित बच्चों को न्याय मिले। बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकारी निदेशक धनंजय टिंगल ने राजस्थान में बाल विवाह की ऊंची दर पर चिंता जताई, लेकिन साथ ही इसे रोकने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा, उन्होंने कहा कि यह देखना सुखद है कि राजस्थान सरकार बाल विवाह की चुनौती को गंभीरता से लेते हुए इसे रोकने के लिए अपनी तरफ से पूरे प्रयास कर रही है। बाल विवाह की रोकथाम के लिए सरकार और नागरिक संगठनों के समन्वित प्रयासों का असर जमीन पर दिखने लगा है। समुचित प्रोत्साहनों, निगरानी और समन्वित प्रयासों से हम अवश्य इस चुनौती से पार पाने में सफल होंगे। इस तरह की कार्यशालाओं एवं परामर्श सत्रों से पता चलता है कि राज्य सरकार बाल विवाह मुक्त राजस्थान बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के प्रति कितनी गंभीर है। बाल विवाह मुक्त भारत (सीएमएफआई) राज्य सरकारों के सहयोग व मार्गदर्शन से देश को 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। पिछले वर्ष 16 अक्टूबर को राजस्थान सरकार के पंचायती राज विभाग, पुलिस और शिक्षा विभाग जैसे कई महकमों ने अधिसूचना जारी कर अपने कर्मचारियों व अधिकारियों से बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान में शामिल होने व बाल विवाह के खिलाफ शपथ लेने का निर्देश जारी किया था। बताते चलें कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (2019-2021) के अनुसार देश में 20 से 24 साल की 23.3 प्रतिशत लड़कियों का विवाह उनके 18 वर्ष का होने से पूर्व ही हो गया था जबकि राजस्थान में 25.4 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पूर्व हो जाती है जो कि राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है।
कैरो के कल्याण कुमार को जर्मनी में वर्ष के सर्वश्रेष्ठ लेखक पुरस्कार के लिए किया गया नामांकित कल्याण कुमार वर्ष 2023 में विश्व स्तर पर शीर्ष 50 लेखकों में थे शामिल टीम एबीएन, लोहरदगा। कैरो प्रखंड के उतका निवासी जगदीश प्रसाद यादव एवं सुनीता देवी के पुत्र कल्याण कुमार भारत से दो बार अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर रहे। कल्याण कुमार को बेस्ट बुक आॅफ द ईयर, राइटर आफ द ईयर और मोस्ट इन्फ्लुएंस्ड बुक आॅफ द ईयर 2024 के लिए नामांकित किया गया है, जो जर्मनी में आयोजित होने जा रहा है। वह तीनों खंडों में नामांकित होने वाले एकमात्र भारतीय लेखक हैं। उनका वर्तमान अनुबंध जर्मन प्रकाशन 2024-25 के साथ हुआ है। भारत के झारखंड राज्य अंतर्गत लोहरदगा जिला के कैरो प्रखंड मुख्यालय स्थित उतका निवासी कल्याण कुमार पहले ही दो अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर पुरस्कार हासिल कर चुके हैं, जो उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के होने के लिए गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह देता है। उन्होंने इससे पहले 2022 के न्यूयॉर्क अवॉर्ड शो में दूसरा स्थान जीता था और आस्ट्रेलियन बुक अवॉर्ड्स 2023 में विजेता रहे थे। उन्होंने भारत सरकार द्वारा रवीन्द्रनाथ टैगोर साहित्य पुरस्कार और भारतीय नोबल पुरस्कार भी जीता है। वह वर्ष 2023 में विश्व स्तर पर शीर्ष 50 लेखकों में शामिल थे। अब तक उन्होंने 12 पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें से 2 अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर हैं और 4 पुस्तकें राष्ट्रीय बेस्टसेलर हैं। उनकी एक पुस्तक हिमाचल प्रदेश के एक स्कूल में पाठ्यक्रम की पुस्तक भी है। जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित है। जर्मन पुस्तक पुरस्कार के प्रमुख मैट स्टीवन ने बैठक में भाग लिया और कल्याण को संबोधित करते हुए कहा कि उस जैसे लड़के को इतनी कम उम्र में चमकते हुए देखना मेरे लिए एक जबरदस्त एहसास है। उसका भविष्य उज्ज्वल है और उसकी कार्यकुशलता मुझे पूरी तरह आश्चर्यचकित करती है। हम भाग्यशाली हैं कि उन्हें अपने साथ अनुबंधित किया। उन्हें हिट मशीन के नाम से जाना जाता है और हमें यकीन है कि इस साल एक और हिट आयेगी।
कार्यशाला में बनी उत्तर प्रदेश को 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाने की रूपरेखाएबीएन सोशल डेस्क। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (यूपीएससीपीसीआर) ने एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन (एवीए) जिसे बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) के नाम से जाना जाता है, के सहयोग से बाल विवाह मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने के लिए लखनऊ में एक राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में उत्तर प्रदेश से 2030 तक बाल विवाह के खात्मे और लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो) के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों, बाल विवाह के खिलाफ कानूनों को मजबूत करने के लिए बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत नियमों की समीक्षा और बाल विवाह व यौन शोषण के शिकार बच्चों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास के उपायों को मजबूती देने पर विचार किया गया।विचार विमर्श में एक आम सहमति दिखी कि प्रशासन और गैरसरकारी संगठनों के बीच जमीनी स्तर पर तालमेल के जरिए जनसहयोग एवं जनता की सहभागिता को बढ़ा कर ही बाल विवाह मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। बचपन बचाओ आंदोलन देश में बाल विवाह के खात्मे के लिए काम कर रहे बाल विवाह मुक्त भारत (सीएमएफआई) का गठबंधन सहयोगी है। सीएमएफआई 160 गैरसरकारी संगठनों का एक गठबंधन है जो देश में बाल विवाह की ऊंची दर वाले 300 जिलों में इसके खात्मे के लिए जमीनी अभियान चला रहा है। कार्यशाला में यूपीएससीपीसीआर के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा, सदस्य अनिता अग्रवाल एवं श्याम त्रिपाठी, महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक व आईएएस अफसर संदीप कौर, उपनिदेशक ओंकार यादव, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन में पुलिस अधीक्षक रुचिता चौधरी, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ बीपी कल्याणी के अलावा राज्य के सभी जिलों की बाल कल्याण समितियां व सभी जिलों के बाल संरक्षण अधिकारियों के साथ गैरसरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए यूपीएससीपीसीआर के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि हम लोग सौभाग्यशाली हैं जो उन बच्चों की चिंता करते हैं जिनकी चिंता कोई नहीं करता। बाल विवाह, बाल यौन शोषण, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति वो पांच बुराइयां हैं जिनके खिलाफ हमें सामूहिक रूप से संघर्ष करना है। इन पांच बुराइयों को समाप्त कर देने से बच्चों के शोषण व उत्पीड़न की समस्या जड़ से समाप्त हो जायेगी। इसके लिए हमें जिलों में अपने कर्तव्य का जिम्मेदारी से पालन करना होगा। यह हमारी जिम्मेदारी है कि इन बुराइयों के खात्मे के लिए बनी रणनीतियों पर हम पूरी निष्ठा व ईमानदारी से अमल करें। उत्तर प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए जो लोग भी काम कर रहे हैं, उनकी इसमें एक बहुत बड़ी भूमिका व जिम्मेदारी है। कार्यशाला में सभी वक्ताओं ने इस बात पर सहमति जतायी कि राज्य में बाल विवाह के खात्मे के लिए जरूरी कानून और नीतियां मौजूद हैं लेकिन जमीनी स्तर पर इस पर ईमानदारी से अमल और जागरूकता के प्रसार से ही से हमें लक्ष्य की प्राप्ति हो सकती है। वक्ताओं ने कहा कि देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में बाल विवाह की दर कम है लेकिन इस बुराई का पूरी तरह खात्मा करने की जरूरत है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (एनएफएचएस 2019-21) के आंकड़े बताते हैं कि देश में 20 से 24 के आयु वर्ग की 23.3 प्रतिशत लड़कियों का विवाह 18 वर्ष की आयु से पहले ही हो गया था जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा 15.8 प्रतिशत है। बाल विवाह के खात्मे के लिए राज्य सरकार के दृढ़ निश्चय और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकारी निदेशक धनंजय टिंगल ने कहा- बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई में उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश ने हमेशा आगे बढ़कर अगुआई की है। पिछले वर्ष 16 अक्टूबर को राज्यव्यापी अभियान में जनता के साथ मिल कर प्रदेश के कई विभागों ने बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी की और लोगों को बाल विवाह के खात्मे की शपथ दिलायी। यह कार्यशाला बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती देने, विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाने और समन्वित प्रयासों से 2030 तक राज्य से बाल विवाह के पूरी तरह खात्मे के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में अहम कदम है। बाल विवाह के खात्मे की रूपरेखा पेश करते हुए महिला कल्याण विभाग की निदेशक आइएएस अधिकारी संदीप कौर ने कहा कि यह एक दुखद सच्चाई है कि राज्य के सुदूर हिस्सों में बाल विवाह का चलन अब भी जारी है। हमारे पास फंड, संसाधनों और कानूनी अधिकारों की कोई कमी नहीं है, जरूरत बस बाल विवाह की ज्यादा दर वाले इलाकों में अपने प्रयासों में इजाफा करने और जागरूकता के प्रसार की है। लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराने के साथ ही उन्हें बताना होगा कि कानून की नजर में यह अपराध है। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि शोषण व उत्पीड़न के शिकार बच्चों के लिए सहायक व्यक्तियों की नियुक्ति के बाबत सुप्रीम कोर्ट के दिशानिदेर्शों का हर स्तर पर पालन किया जाये। बताते चलें कि पिछले वर्ष महिला कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग सहित राज्य के कई विभागों ने अधिसूचना जारी कर अपने कर्मचारियों को 16 अक्टूबर को बाल विवाह मुक्त उत्तर प्रदेश अभियान में हिस्सा लेने और लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाने का निर्देश जारी किया था। इससे संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क किया जा सकता है।
एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान में समस्त शक्तिपीठ, प्रज्ञापीठ मंडल इकाइयों बहुत ही हर्षोल्लास पूर्वक वसंतोत्सव सह पूज्यवर श्रीगुरुदेव वेदमूर्ति- तपोनिष्ठ पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य जी का आध्यात्मिक जीवन व युगीय नव निर्माण के कार्यक्रमों पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान अखंड जप-अनुष्ठान व विधिवत यज्ञीय अनुष्ठान तथा दीप यज्ञीय आयोजन कर मनाया गया। अनेक परिवार जनों व बच्चों के विद्यारम्भ संस्कार सहित कई संस्कार यज्ञीय वातावरण में संपन्न हुए। साथ ही आनलाइन स्वाध्याय मंडल रांची प्रतिनिधि सदस्य शीला देवी संग जेएनपी दम्पति ने अपने विवाह दिवसोत्सव के 40 वें वर्षगांठ पर 40 दिवसीय गायत्री महामंत्र लेखन करके अपना वर्षगांठ मनाया। इस अवसर पर 40 घंटे का अखंड दीप भी प्रज्ज्वलित कर दीपयज्ञ किया।दीपोत्सव करके परिवारजन साधकों ने आवासीय तपोवन में अपने माता-पिता के विवाह वर्षगांठ का संस्कारोत्सव युग निर्माण योजना अंतर्गत बड़े हर्षोल्लास पूर्वक गुरुसत्ताश्री का ध्यान कर विधिवत मंगलाचरण, पवित्रीकरण आवाह्न, नमन वंदन व पंचोपचार पूजन-अर्चन सहित गायत्री महामंत्र व महामृत्युंजय की देवदक्षिणा पूर्णाहुति सद्गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्यजी के युग साहित्य युग संस्कार पद्धति से की। अंत में शांतिपाठ जयघोष, गुरु वंदना, प्रज्ञागीत कर घर पर ही प्रसाद भोजन बनाकर भोग लगाकर चालीस दिवसीय गायत्री महामंत्र लेखन और चालीस माला जप अनुष्ठान कर बडे उत्साहपूर्वक मनाया। इस अवसर पर आनलाइन स्वाध्याय मंडल के सभी पाठक व साधक-शिष्य भाई-बहनों, कुटुंबजनों, रिश्तेदारों ने वरिष्ठ दम्पति को मंगलमय बधाई और आशीर्वचन संदेश दिए सर्वत्र मंगलमय वातावरण विस्तार और उज्जवल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन पाठ किया गया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
स्वामी निरंजनानंद सरस्वती जी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में योग मित्र मंडल रांची ने वेबिनार का आयोजन एबीएन सोशल डेस्क। स्वामी निरंजनानंद सरस्वती जी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में योग मित्र मंडल रांची, द्वारा वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार के मुख्य वक्ता थे मानव रचना युनिवर्सिटी के प्रोफेसर (डॉ) राजेश कुमार। डॉ राजेश ने स्वामी निरंजनानंद सरस्वती के जीवन के बारे विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि स्वामी निरंजनानन्द सरस्वती का जन्म 14 फरवरी 1960 मे मध्य प्रदेश के राजनादगांव में हुआ था। स्वामी निरंजनान्द, सत्यानन्द सरस्वती के शिष्य एवं उत्तराधिकारी हैं। स्वामी सत्यानन्द सरस्वती ने सत्यानंद योग का प्रवर्तन किया था। स्वामी सत्यानंद ने सन 1988 में संपूर्ण विश्व के सत्याननद योग से संबंधित कार्यों के समन्वय का कार्य स्वामी निरंजनानंद को सौंप दिया था। उन्होंने बताया कि सबसे पहले स्वामी निरंजनानन्द से देवघर मे मिले थे। स्वामी निरंजन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी जी एक परफेक्ट शिष्य है उनका उनके गुरु के प्रति निष्ठा, उपासना कमल की है। उनके दर्शन मात्र से ही हमारे अंदर रोमांस पैदा होता है। डॉ राजेश ने स्वामी निरंजन के साथ बिताए हुए अनुभव को सभी के साथ साझा किया कम लेने और बताया बिहार स्कूल आॅफ योग के द्वारा सिखाया जा रहा है योग शुद्ध योग है और स्वामी जी के द्वारा बनाये गये कार्यक्रम पूरी तरह से परिपूर्ण होते हैं। उन्हें प्रेम अवतार भी कहा जाता है। इससे पहले योग मित्र मंडल रांची के अध्यक्ष आर के कटारिया ने स्वागत भाषण दिया और बताया योग योग मित्र मंडल की शुरूआत सन 2009 में हुई थी। सुधीर वर्मा ने शिवानंद मंगलम का पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन मनीष और धन्यवाद ज्ञापन योग मित्र मंडल की सचिव डॉक्टर परिणीता सिंह ने किया। कार्यक्रम में राजेश, संतोषी, शुभम के अलावा कई और लोगों की सहभागिता थी। वेबीनार में झारखंड के कई जिलों से लोग जुड़े थे।
टीम एबीएन, रांची। आर्यपुरी शिव मंच मंदिर हिमालय परिवार की ओर से गाजे बाजे के साथ पहाड़ी बाबा का भव्य तिलक उत्सव शोभायात्रा निकाली गयी। शोभायात्रा में हिमालय परिवार के सदस्य अपने माथे पर रंग- वीरंगी टोकरियों में तिलक सामग्री अपने माथे पर रख कर पहाड़ी बाबा की जय, भोलेनाथ की जय, पार्वती -शिव की जय कारो के साथ पहाड़ी मंदिर पहुंचे। जहां पर श्री शिव बारात आयोजन महासमिति पहाड़ी मंदिर के मुख्य संयोजक जितेंद्र सिंह, संरक्षक राकेश सिन्हा, अध्यक्ष राजेश साहू, बादल सिंह, गगन कुमार, उर्मिला चौधरी, राज कुमार तलेजा, मिहुल प्रसाद, दीपक नंदा, राम सिंह की ओर से हिमालय परिवार के सभी शराति पक्ष का स्वागत पुष्प वर्षा कर के किया गया। इसके बाद आर्यपुरी शिव मंदिर के पुजारी नंदकिशोर पाठक, रितेश पाठक, संदीप कुमार जैन का स्वागत पहाड़ी मंदिर के पुजारी संत कबीर दास एवं पिंटू पांडेय, मणिकांत पांडेय के द्वारा अंगवस्त्र दे कर और माला पहना कर स्वागत किया गया। उसके बाद विधि विधान से तिलक उत्सव की रस्म पूरी की गयी। छप्पनभोग के साथ आरती किया गया एवं पहाड़ी बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया। इस मौके पर प्रात: पहाड़ी बाबा की नित्य पूजा अर्चना आरती के बाद बाबा को महाभण्डारे के प्रसाद का भोग लगाया गया। सुबह 9 बजे से बाबा का भंडारा शुरू हुआ, जो देर रात तक चला। भंडारे में प्रेम साहू, अशोक बजाज, दिलीप अग्रवाल, सुमित बजाज, बबलू जायसवाल, स्वपना चटर्जी, शुभाशीष चटर्जी, राजीव वर्मा, आयुष, मोती सिंह, गोपाल यादव, गुड्डू, संध्या देवी, नेहा शिवर्मका, मनोरमा, नीलम ,रेणु , पुनम, नवीन पपनेजा, शंकर गिन्दर, संजय अरोड़ा, रमेश चौधरी, प्रभा देवी, तड़ित राय, अमृत रमन, सूरज, अंकित, गोपाल, कैलाश राय, जितेंद्र, अमित पांडेय, अभिषेक यादव, राहुल तिवारी, राज कुमार, सुरेश पाहन आदि लोग उपस्थित रहे। उक्त जानकारी श्री शिव बारात आयोजन महासमिति पहाड़ी मंदिर के प्रवक्ता बादल सिंह (9334347352) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
बाल विवाह के खिलाफ भुवन ऋभु की किताब व्हेन चिल्ड्रेन हैव चिल्ड्रेन : टिपिंग प्वाइंट टू इंड चाइल्ड मैरेज में पेश समाधानों पर विश्व पुस्तक मेले में चर्चा एबीएन सोशल डेस्क। देश में 2030 तक बाल विवाह को पूरी तरह खत्म करने का रणनीतिक खाका पेश करने वाली पुस्तक व्हेन चिल्ड्रेन हैव चिल्ड्रेन : टिपिंग प्वाइंट टू इंड चाइल्ड मैरेज पर विश्व पुस्तक मेले में सामाजिक उद्यमी व टेड स्पीकर तृप्ति सिंघल सोमानी ने किताब के लेखक और प्रख्यात अधिवक्ता भुवन ऋभु के साथ गहन चर्चा की। मौके पर किताब के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन के निदेशक प्रभात कुमार व पीयूष कुमार भी मौजूद थे। अक्टूबर 2022 में प्रकाशित होने के बाद इस किताब ने जमीन पर काम कर रहे गैरसरकारी संगठनों और सरकारी एजेंसियों के बीच खासी लोकप्रियता अर्जित की है और यह इस मामले में अनूठी है कि तमाम सरकारी एजेंसियों के साथ 160 से ज्यादा गैरसरकारी संगठन किताब में बतायी गयी रणनीतियों को अंगीकार करते हुए बाल विवाह के खात्मे के लिए अभियान चला रहे हैं।देश में बाल विवाह के खात्मे के लिए तमाम प्रयासों के बावजूद वैश्विक संगठनों का नजरिया इसके बारे में खासा नकारात्मक है और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव का कहना है कि भारत में इस बुराई के खत्म होने में 300 साल लग सकते हैं। लेकिन भुवन ऋभु ने इन दावों से असहमति जताते हुए कहा कि इस किताब में देश को 2030 तक बाल विवाह से मुक्त कराने का ठोस रणनीतिक खाका है जिस पर अमल भी हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के अनुमानों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा दृढ़ता से मानना है कि आज का भारत इतना आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर है कि उसे अपना रास्ता तय करने के लिए किसी बाहरी दिशानिर्देश और ज्ञान की जरूरत नहीं है।वसुधैव कुटुंबकम् के मूल्यों वाले भारत ने ज्ञान और आध्यात्मिकता में हमेशा दुनिया की अगुवाई की है तथा अपने समतामूलक मूल्यों और साहस के साथ हर लड़ाई में विजेता बना है। हमें पता है कि हमें अपनी लड़ाई कैसे लड़नी है और इसे जीतना कैसे है। श्रोताओं से खचाखच भरे हाल में भुवन ऋभु ने वर्ष 2030 तक देश से बाल विवाह का खात्मा करने के लिए सुझायी गयी पिकेट रणनीति के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमने समस्या पर बहुत बात कर ली। अब समय समाधान केंद्रित उपाय खोजने का है और बाल विवाह की रोकथाम के लिए जमीनी समाधानों और हर स्तर पर काम करने की जरूरत है। पिकेट रणनीति यही है। उन्होंने कहा- पिकेट रणनीति 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार, समुदायों, गैर सरकारी संगठनों और बाल विवाह के लिहाज से संवेदनशील बच्चियों के हक में नीतियों, निवेश, सम्मिलन, ज्ञान-निर्माण और एक पारिस्थितिकी जहां बाल विवाह फल-फूल नहीं पाए और बाल विवाह से लड़ाई के लिए निरोधक और निगरानी तकनीकों की मांग पर एक साथ काम करने का आह्वान करती है। हमारा लक्ष्य सरकारी महकमों से लेकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों और नागरिक समाज जैसे तमाम हितधारकों के विराट लेकिन बिखरे हुए प्रयासों को एक ठोस आकार और दिशा देना है। दशकों से बाल अधिकारों के लिए काम कर रहे भुवन ऋभु से तृप्ति सोमानी ने यह भी पूछा कि किताब लिखने का विचार इतनी देर से क्यों आया। इस पर उन्होंने कहा, बाल विवाह बच्चों से बलात्कार है और अगर हम अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल हो जाते हैं तो कुछ और शेष बचता नहीं। कानून यह बताता है कि क्या सही है लेकिन जब तक यह आम लोगों तक नहीं पहुंचता, तब तक यह कागजी ही रहता है। लिहाजा हमारे सामने चुनौती है कि इन नीतियों और कानूनों का लाभ जमीन पर आखिरी बच्चे तक पहुंचे। हमारे लिए अहम यह है कि बाल विवाह सार्वजनिक विमर्श का मुद्दा बने और इसीलिए हमने इसे किताब की शक्ल दी ताकि यह सभी तक पहुंच सके।व्हेन चिल्ड्रेन हैव चिल्ड्रेन : टिपिंग प्वाइंट टू इंड चाइल्ड मैरेज के अनुसार भारत से 2030 तक बाल विवाह का खात्मा संभव है जिसकी मौजूदा दर फिलहाल 23.3 प्रतिशत है।
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