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सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए यौन शोषण की पीड़ितों व गरीब परिवारों की 135 बच्चियों को लगाये गये टीके
Published / 2024-03-22 20:46:02
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए यौन शोषण की पीड़ितों व गरीब परिवारों की 135 बच्चियों को लगाये गये टीके

देश में पहली बार यौन शोषण की पीड़ित बच्चियों के लिए की गई इस तरह की पहलएबीएन सोशल डेस्क। यौन शोषण की पीड़ित बच्चियों के लिए देश में अपनी तरह की पहली अभिनव पहल में नई दिल्ली के ओखला में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए इन पीड़ित बच्चियों और बेहद गरीब परिवारों की बच्चियों के लिए निशुल्क एचपीवी टीकाकरण शिविर लगाया गया। इस दौरान नौ से 14 वर्ष के बीच की 135 बच्चियों का टीकाकरण किया गया। शिविर का आयोजन बच्चों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे संगठन इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड (आईसीपीएफ) ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉ. बी. आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर हॉस्पिटल (प्रिवेंटिव आनकोलॉजी) और रोटरी क्लब, दिल्ली के सहयोग से किया। तमाम शोध बताते हैं कि यौन शोषण की शिकार बच्चियों में सर्वाइकल कैंसर के खतरे की आशंका ज्यादा होती हैं लेकिन इसके बचाव के लिए लगाया जाने वाला एचपीवी का टीका काफी महंगा आता है जो गरीब परिवारों की पहुंच से बाहर है। लिहाजा आईसीपीएफ ने इसके लिए पहल की और एम्स के कैंसर विभाग में सहायक प्राध्यापक डॉ. पल्लवी शुक्ला की देखरेख में उनकी टीम के सदस्यों डॉ. सुजाता पाठक और डॉ. प्रतीक ने टीके लगाने का जिम्मा उठाया।दुनियाभर में कैंसर की शिकार महिलाओं का एक चौथाई हिस्सा सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित है जबकि 15 से 44 वर्ष के बीच कैंसर पीड़ित महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर से पीड़ितों की संख्या दूसरे नंबर पर है। लगभग 90 प्रतिशत मामलों में सर्वाइकल कैंसर सेक्स के दौरान एचपीवी संक्रमण से होता है। इसीलिए यौन शोषण की शिकार बच्चियों में सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी ज्यादा होता है। ऐसे में बच्चों की ट्रैफिकिंग, बाल विवाह और बाल यौन शोषण के खिलाफ काम कर रहे संगठन इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड ने यौन शोषण की शिकार बच्चियों तथा यौन हिंसा के खतरे की आशंका वाले असुरक्षित हालात में रह रहीं गरीब बच्चियों को एचपीवी का टीका लगवाने के लिए पहल की।टीका लगवाने के लिए बच्चियां को उनके माता-पिता व अभिभावकों के साथ बुलाया गया। इस दौरान इन सभी को सर्वाइकल कैंसर की वजह और इससे बचने के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। एचपीवी के छह महीने के अंतराल में दो टीके लगते हैं। लिहाजा आईसीपीएफ, रोटरी क्लब तथा एम्स ने बच्चियों के अभिभावकों से छह महीने बाद अगला टीका लगवाने की लिखित वचनबद्धता ली। साथ ही, उन्हें भरोसा दिया गया कि यदि उनके परिवार में नौ से 14 वर्ष के बीच कोई और बच्ची है तो उसका भी निशुल्क एचपीवी टीकाकरण किया जायेगा। शिविर के दौरान इन बच्चियों को लाने व घर पहुंचाने की व्यवस्था भी की गयी थी।आईसीपीएफ के कार्यकारी निदेशक डॉ. के. सी. जार्ज ने देश में पहली बार यौन शोषण से पीड़ित बच्चियों के एचपीवी टीकाकरण में सहयोग के लिए एम्स व रोटरी क्लब को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सर्वाइकल कैंसर के खतरे की आशंका वाली बच्चियों के जीवन को बचाने की दिशा में सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के काम में लगे सभी गैरसरकारी संगठनों को इस तरह के कदम उठाने चाहिए ताकि यौन शोषण की शिकार व यौन शोषण के खतरे की आशंका वाली बच्चियों के जीवन को सुरक्षित बनाया जा सके।

रांची : हास्य व्यंग कवि सम्मेलन की तैयारियां पूरी, देश के विख्यात कवि शिरकत करेंगे
Published / 2024-03-22 19:10:00
रांची : हास्य व्यंग कवि सम्मेलन की तैयारियां पूरी, देश के विख्यात कवि शिरकत करेंगे

टीम एबीएन, रांची। 23 मार्च को मारवाड़ी भवन हरमू रोड रांची में कवि सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा आयोजित हास्य व्यंग कवि सम्मेलन की तैयारियां पूरी कर ली गयी है। समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार नारसरिया, मुख्य संयोजक सुरेश चंद्र अग्रवाल, सचिव अनिल कुमार अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि होली के अवसर पर आयोजित हास्य व्यंग कवि सम्मेलन शनिवार को रात्रि 9 बजे से मारवाड़ी भवन में प्रारंभ होगी। इस वर्ष कवियों में ख्याति प्राप्त अंतरराष्ट्रीय कवि सुरेंद्र शर्मा दिल्ली, सुरेंद्र दुबे रायपुर, अनिल अग्रवाल अग्रवंशी, राजेश अग्रवाल, दीपक सैनी हरियाणा तथा साक्षी तिवारी लखनऊ, दर्शकों को हंसी के ठहाके की बौछार के साथ-साथ तीखे वाण व्यंग का मधुर संगम पेश कर धमाल करेंगे। कवि सम्मेलन में तीन हजार लोगों का बैठने की व्यवस्था है तथा महिलाओं के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था की गयी है। कवि सम्मेलन का प्रवेश निःशुल्क है तथा कवि सम्मेलन का लुत्फ उठाने के लिए आयोजन स्थल पर कुर्सियां की विशेष व्यवस्था पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर की गयी है। दर्शकों के लिए एलईडी भी मैदान में लगाये गये हैं। पेयजल जलपान एवं ठंडाई का विशेष काउंटर की व्यवस्था की गयी है। आयोजन स्थल पर सुरक्षा गार्ड की पूर्ण व्यवस्था के साथ-साथ सीसीटीवी एवं अग्निशामक यंत्र लगाये गये हैं। उन्होंने हास्य कवि सम्मेलन मे ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लेने तथा लुत्फ उठाने की अपील की है। उक्त जानकारी समिति के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ (8271790800) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

गोड्डा के इस गांव में नहीं मनती होली, जानें क्यों...
Published / 2024-03-22 18:50:24
गोड्डा के इस गांव में नहीं मनती होली, जानें क्यों...

न रंग न ही गुलाल झारखंड के इस गांव में पानी से खेली जाती है होली, रंग लगाना है अशुभएबीएन न्यूज नेटवर्क, गोड्डा। होली रंगों का तथा हंसी-खुशी का त्योहार है। यह भारत का एक प्रमुख और प्रसिद्ध त्योहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। वैसे तो होली रंगों से खेली जाती है, लेकिन झारखंड के गोड्डा जिले में रंगों से नहीं बल्कि पानी से होली खेली जाती है। मामला जिले के गोविंदपुर गांव का है। बताया जा रहा है कि यहां आदिवासी परंपरा के मुताबिक, पानी की होली खेली जाती है। पानी की होली खेलने से पहले रंग या गुलाल लगाना अशुभ माना जाता है। आदिवासी की इस परंपरा को बाहा पर्व कहा जाता है। आदिवासियों में यह पर्व होली के फागुन मास के पूर्णिया से एक दिन पहले तक ही मनाया जाता है।ग्रामीण आदिवासी रसिकलाल ने बताया कि आदिवासी मूल रूप से प्रकृति की पूजा करते हैं। इसलिए होली से पूर्व फाल्गुन मास की अंतिम सप्ताह से ही बाहा पर्व की शुरुआत हो जाती है और पानी से यह होली खेली जाती है। ग्रामीण श्यामलाल हेंब्रम ने बताया कि बाहा पर्व में गांव के जाहिरस्थान या माझी स्थान से पर्व के दिन गुरु बाबा द्वारा एक बांस के बने सूप में सुखवा का फूल और पत्ता लिया जाता है और हर एक घर में उस फूल को दिया जाता है। उन्होंने बताया कि गुरु बाबा हर एक घर गांव के लोगों के साथ ढोल नगाड़े और मंदिर के साथ पहुंचते हैं जहां लकड़ी के स्टूल पर पैर रखकर गुरु बाबा के पैर को घर की महिला और कुंवारी कन्याएं सरसों के तेल से और पानी से पैर धोती है। इसके बाद गुरु बाबा द्वारा उस फूल को दिया जाता है।

एकादशी पर 24 घंटीय अखंड जप-अनुष्ठान में गायत्री शिशु साधक भी हुए सर्वे भवन्तु सुखिन: भाव से प्रार्थना में शामिल
Published / 2024-03-20 20:52:42
एकादशी पर 24 घंटीय अखंड जप-अनुष्ठान में गायत्री शिशु साधक भी हुए सर्वे भवन्तु सुखिन: भाव से प्रार्थना में शामिल

गायत्री महामंत्र के अखंड जप- अनुष्ठान में गायत्री साधक वसुधैव कुटुंबकम् की सर्वे भवन्तु सुखिन: भाव से गुरु-ईश व देव पूजन-अर्चन कर वंदना, प्रार्थना की एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान में आनलाइन जप-अनुष्ठान समूह प्रतिनिधित्व में आज आमलकी एकादशी दिवस पर गायत्री परिवार शिष्य-साधक समूह में नन्हें शिशु साधक भी शामिल हुए। इस अवसरपर एकादशी व्रत-उपवास के महत्व, आध्यात्मिक कायाकल्प पर  चर्चा हुई। शक्तिपीठों, मंडलों, इकाइयों और गृहे गृहे अपने आवासीय तपोवन में 24 घंटे का अखंड जप-अनुष्ठान अभियान में शामिल हुए। प्रतिनिधि ने सभी से अनुरोध किया कि इस दैवीय योजना में घर बैठे बैठे सहयोग करें व भारत राष्ट्र के नवनिर्माण, सर्वत्र सद्विचार विस्तार, एक बनेंगे-नेक बनेंगे, सबके लिए उज्वल भविष्य की प्रार्थना करने में अपने बहुमूल्य समय का एक अंश अवश्य लगाने की अपील की। इस अवसर पर भारत राष्ट्र के साथ विश्व के कई साधक भी  प्रतिनिधित्व व मार्गदर्शन में भागीदारी कर  गुरु-ईश, ब्रह्मा, विष्णु, महेश सहित सर्वदेव- पूजन, षोडशोपचार व स्वस्तिवाचन पाठ कर जप-अनुष्ठान में शामिल हुए। कई साधकों ने गायत्री महामंत्र व महामृत्युंजय महामंत्र के साथ अपने अभीष्ट लक्ष्य पूर्ति हेतु अन्य सहायक मंत्रों के भी जप किये। जप-अनुष्ठान बुधवार सुबह चार बजे से शुभारंभ होकर गुरुवार सुबह संपन्न होगा। ज्ञातव्य हो कि इस बीच आनलाइन जप-अनुष्ठान समूह के अनेकानेक साधक-शिष्य  इस दौरान गत 14 फरवरी से 24 मार्च तक विश्व स्तरीय आनलाइन गृहे गृहे 40 दिवसीय विशेष जप-अनुष्ठान अभियान भी शांतिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में चलाये जा रहे जप-अनुष्ठान अभियान और नव सृजन साधना अभियान में दर्जनों शिशु साधक-शिष्य भी भागीदार एवं समयदानी बने हैं। सभी साधक-शिष्य व भाई-बहनों ने अपनी प्रसन्नता-खुशी जाहिर कर सबको हृदय से धन्यवाद दिया तथा सर्वे भवन्तु सुखिन: तथा वसुधैव कुटुंबकम भाव से सबको सुस्वास्थ्य, सुखमय वातावरण विस्तार और उज्जवल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन पाठ किया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

कृष्ण झा बने विहिप के सामाजिक समरसता प्रांत प्रमुख
Published / 2024-03-18 17:31:02
कृष्ण झा बने विहिप के सामाजिक समरसता प्रांत प्रमुख

टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद् की प्रांत कार्य समिति बैठक में रांची विभाग मंत्री कृष्ण कुमार झा को सामाजिक समरसता प्रांत प्रमुख का दायित्व दिया गया। इस नवीन दायित्व के लिए रांची महानगर ने उन्हें बधाई दी।मौके पर महानगर अध्यक्ष माननीय कैलाश केसरी, मंत्री चंद्रदीप दुबे, सह मंत्री विश्व रंजन, बजरंग दल सहसंयोजक दीपक साहू, रवि शंकर राय, पारस मिश्रा, सुरेंद्र तिवारी,प्रकाश रंजन एवं अन्य लोगों ने उन्हें बधाई दी। उक्त जानकारी विहिप के रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

हिंदू स्वाभिमान के लिए मन्दिर की पुनर्प्रतिष्ठा जरूरी : अम्बरीश सिंह
Published / 2024-03-17 19:00:18
हिंदू स्वाभिमान के लिए मन्दिर की पुनर्प्रतिष्ठा जरूरी : अम्बरीश सिंह

एबीएन न्यूज नेटवर्क, देवघर। विश्व हिंदू परिषद् की तीन दिवसीय प्रांत कार्यसमिति की बैठक देवघर के नंदन पहाड़ स्थित सेवा धाम परिसर में सम्पन्न हुई। बैठक के समापन सत्र में संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री व विशेष संपर्क केंद्रीय प्रमुख अम्बरीश सिंह ने कहा कि 1964 में विश्व हिंदू परिषद की स्थापना देश के समस्त धर्मधाराओं के प्रमुख संतों की उपस्थिति में हुआ था, जिसके 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में विगत वर्षों कार्यों की समीक्षा के साथ वर्तमान परिपेक्ष में हिंदू समाज की परिस्थितियों का आकलन करते हुए उसके निराकरण के उपाय की योजना बनायी जा रही है। उन्होंने कहा कई दशकों तक मुस्लिम आक्रांताओं के अत्याचार के बाद भी हिंदु भावना को नहीं बदला नहीं जा सका। हिंदू समाज का संकल्प था कि श्री रामलला का मंदिर उनके जन्म स्थल पर ही बनायेंगेवह संकल्प 22 जनवरी को पूर्ण हो गया। उन्होंने कहा हमारे हजारों मान बिंदुओं एवं प्रतीक चिन्हों को नष्ट करने का दुस्साहस किया गया था, परंतु आज परिस्थितियां बदली है। हमारे गौ, गंगा, वेद, संस्कृत, मठ, मंदिर, तीर्थ को पूर्वजों ने आस्था का केंद्र बनाये रखा, इसका परिणाम है कि हम सुरक्षित है। उन्होंने कहा हिंदू समाज की सामूहिक शक्ति का प्रकटिकरण का परिणाम है भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम लला का भव्य, दिव्य व अलौकिक मंदिर। श्री सिंह ने कहा कि हिंदू के स्वाभिमान पुनर्प्रतिष्ठा के लिए मन्दिर के पुनर्प्रतिष्ठा जरूरी हैं।बैठक में प्रांत, विभाग और जिला में नवीन दायित्व की घोषणा की गयी, जिसमें श्री कृष्ण कुमार झा को प्रांत सामाजिक समरसता प्रमुख, देवेन्द्र गुप्ता मंदिर अर्चक पुरोहित प्रमुख, श्री मनोज पाण्डेय को मंदिर अर्चक पुरोहित सहप्रमुख, प्रिंस आजमानी को विशेष संपर्क सहप्रमुख, बलदेवाचार्य को सत्संग प्रांत टोली सदस्य, रामप्रता‌प सिंह को सत्संग प्रांत टोली सदस्य, राजकिशोर को प्रांत कार्य समिति सदस्य, रंजन कुमार सिन्हा को प्रांत सत्संग प्रमुख, शशि शर्मा को मातृशक्ति विभाग बाल संस्कार केंद्र प्रांत प्रमुख, डॉ ज्योतिका श्रीवास्तव को मातृशक्ति प्रांत सेवा प्रमुख, कुंती भारती को मातृशक्ति सत्संग प्रमुख, जनार्दन पांडेय को सिंहभूम विभाग सहमंत्री, हरेराम ओझा को सिंहभूम विभाग विशेष संपर्क प्रमुख, अरुण सिंह को सिंहभूम विभाग सेवा प्रमुख, रविशंकर राय को रांची विभाग सहमंत्री, राजेन्द्र मुंडा को रांची विभाग सेवा प्रमुख, पारसनाथ मिश्र को रांची विभाग सहसेवा प्रमुख, मंटू दुबे को सिंहभूम विभाग गौरक्षा प्रमुख, अशोक वर्मा को साहेबगंज विभाग मंत्री सहित सभी जिलों के 149 कार्यकर्ताओं को नवीन दायित्व दिया गया।बैठक में क्षेत्र मंत्री वीरेन्द्र बिमल, क्षेत्र सहमंत्री डॉ बिरेन्द्र साहू, क्षेत्र संगठनमंत्री आनंद कुमार, क्षेत्र धर्मप्रसार प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा, प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत, प्रांत कार्याध्यक्ष तिलक राज मंगलम, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत उपाध्यक्ष सुभाष नेत्रगवांकर, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, प्रांत संगठनमंत्री देवी सिंह, प्रांत सहमंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत सहमंत्री रामनरेश सिंह, विशेष संपर्क प्रमुख अरबिंद सिंह, प्रांत गोरक्षा प्रमुख कमलेश सिंह, प्रांत प्रचार प्रसार सहप्रमुख प्रकाश रंजन, देवघर जिला अध्यक्ष डॉ राजीव पांडेय, कार्य अध्यक्ष डॉ गोपाल शरण मंत्री विक्रम सिंह सहित सभी जिलों से आये 256 प्रतिनिधि प्रांत के लोग उपस्थित रहे। उक्त जानकारी विहिप, झारखण्ड के प्रांत प्रचार प्रसार सहप्रमुख प्रकाश रंजन ने वक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

धर्मांतरण रोकना विहिप का मुख्य उद्देश्य
Published / 2024-03-16 21:56:30
धर्मांतरण रोकना विहिप का मुख्य उद्देश्य

देवघर में विहिप की तीन दिवसीय बैठक शुरू एबीएन न्यूज नेटवर्क, देवघर। विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत कार्य समिति की तीन दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र में मंचासीन अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित एवं भगवान श्रीराम के चित्र में पुष्प अर्पण के साथ-साथ वैदिक मंत्रोच्चारण व विजय महामंत्र के साथ शुभारंभ हुआ।मुख्य वक्ता के रूप में क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल ने संबोधित करते हुए कहा विश्व हिंदू परिषद की सांगठनिक बैठक में संगठन के विगत कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी कार्य योजना बनाई जाती है। विश्व हिंदू परिषद के 60 वर्ष पूर्ण होने पर झारखंड प्रांत के सभी जिला प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर समिति गठन का कार्य पूर्ण की जायेगी। उन्होंने कहा देश में सीएए लागू किया, जो स्वागतयोग्य है। उन्होंने कहा भगवान पुरुषोत्तम श्री रामलला जी के प्राण प्रतिष्ठा से संसार जगत के समस्त हिंदुओं का स्वाभिमान जगा है। आज सनातन परंपरा विश्व को शांति का संदेश देकर विश्व के अनेक देशों के लोगों के मन में अपना स्थान बनाया है।प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने पदाधिकारी का परिचय एवं विगत 6 माह के कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विहिप के देवघर जिला अध्यक्ष डॉ राजीव पाण्डेय ने आए हुए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए पवित्र भूमि देवघर के आराध्य स्थलों के परिचय कराया। प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने अध्यक्षीय उद्बोधन करते हुए कहा जिहाद एवं धर्मांतरण झारखंड प्रांत का एक बड़ा चिंतनीय विषय है जिसका स्थायी निराकरण समाज के बीच सेवा, शिक्षा के साथ-साथ संस्कार दृढ़ीकरण की गति को बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा हलाल इकोनामी के द्वारा देश के करोड़ों हिंदुओं को हल प्रमाण पत्र देने के नाम पर वसूली हो रही है, जिस पैसे का उपयोग देश के अंदर जिहाद एवं आतंकवाद को बढ़ावा देने में खर्च कर रही है। प्रांत सहमंत्री मनोज पोद्दार ने विहिप केंद्रीय प्रस्ताव का वाचन करते हुए कहा श्री राम मंदिर का निर्माण अब रामराज की ओर अग्रेषित कर रहा है। 22 जनवरी को 496 वर्ष के संघर्ष की गौरवमय, सफल, सुखद परिणीति की अनुभूति संपूर्ण विश्व को हुई। रामलला के साथ उनकी मर्यादाओं एवं हिंदू संस्कृति की भी पुनरप्राणप्रतिष्ठा हुई। 22 जनवरी यह सिद्ध हो गया की राम ही राष्ट्र है और राष्ट्र ही राम है। श्री राम मंदिर अनंत काल तक संपूर्ण मानवता को प्रेरणा का संदेश देता रहेगा। उद्घाटन सत्र में मार्गदर्शक मंडल के प्रांत संयोजक स्वामी कृष्णा चैतन्य महाराज, स्वामी अचिंत्य चैतन्य जी, क्षेत्र संगठनमंत्री आनंद पांडेय, क्षेत्र मंत्री विरेंद्र विमल, क्षेत्र सहमंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु, प्रांत कार्याध्यक्ष तिलक राज मंगलम,प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत उपाध्यक्ष सुभाष नेत्रगवांकर, प्रांत सहमंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत सहमंत्री रामनरेश सिंह, धर्म प्रसार क्षेत्र प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा, प्रांत संगठनमंत्री देवी सिंह, देवघर जिला कार्याध्यक्ष डॉ गोपाल, विशेष संपर्क प्रांत प्रमुख अरविंद सिंह, मठ मंदिर प्रांत प्रमुख श्री देवेंद्र गुप्ता, धर्म प्रसार प्रांत प्रमुख संजय चौरसिया, प्रांत सामाजिक समरसता सहप्रमुख मनोज चंद्रवंशी, जिला मंत्री विक्रम सिंह सहित झारखंड प्रांत के सभी जिलों से आये प्रतिनिधि, मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद, झारखंड के प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

गायत्री परिवार को नौदिवसीय अनुष्ठान प्रारंभ
Published / 2024-03-15 19:59:55
गायत्री परिवार को नौदिवसीय अनुष्ठान प्रारंभ

14 फरवरी से 24 मार्च के क्रम में चल रही 40 दिवसीय सामूहिक गायत्री महामंत्र जप-अनुष्ठानएबीएन सोशल डेस्क। साधना सह स्वाध्याय पाठ खूब उल्लास उत्साहपूर्वक सीधा शांतिकुञ्ज मुख्यालय के  तत्वावधान व मार्गदर्शन में गायत्री परिवार साधक शिष्य गण आनलाइन गृहे गृहे अपने आवासीय तपोवन में चल रहा है। इसमें नौ-नौ दिवस के 4 सत्र भी संपन्न हो रहे हैं। अब दिनांंक 15 से 24 मार्च चतुर्थ सत्र वालों का पूर्व संध्या 14 मार्च में संकल्प कराया गया। आनलाइन जप-अनुष्ठान महिला समूह मंडल प्रतिनिधि रेखा बहिन ने बताया कि विशेष बात यह हैं कि नौदिवसीय अनुष्ठान में संस्कारवान छोटे बच्चों की भी संख्या काफी है। उनमें शामिल बच्चे स्वाध्याय सुनते और गायत्री मंत्र लेखन भी करते हैं। कुछ शिक्षक, शिक्षिकाएं तो बच्चों को नियमित लेखन करवा रही हैं। इस सत्र में भी 10  से 18 साल के बीच के बच्चे लभगभ 150 से ऊपर सामूहिक साधना (अनुष्ठान) एवं स्वाध्याय में भागीदारी कर रहे है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों को आहार की बाध्यता नहीं रखी गई है। माँ के हाथों का बना भोजन कई बार खा पी सकते हैं। बस अच्छी आदत, स्वभाव, संस्कार, सोच विचार व आहार-विहार को अपनाना है और टीवी देखते भोजन नही करेंगे, थाली में झूठन नहीं छोड़ेंगे।अपने छोटे छोटे कार्य स्वयं करेंगे, जन्मदिन पर वृक्षारोपण करना, अच्छी पुस्तक का स्वाध्याय करना है। माता पिता, वरिष्ठ जनों और युवाओं की संख्या भी अधिक है। इस में सामूहिक साधना,गुरूदेव माताजी की वाणी में प्रतिदिन एक प्रज्ञा गीत, प्रतिदिन चंद्रमा ध्यान का प्रयास यू ट्यूब के माध्यम से संचालित है। जिसके उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं।बच्चो की एकाग्रता बढ़ रही हैं, अंक अच्छे आ रहे हैं। बच्चों के माता-पिता खुश होकर फीडबैक भी देते हैं। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक रेखा दीदी और जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

आनलाइन स्वाध्याय मंडल में शुरू हुआ योग-दर्शन पर पाठ और संवाद
Published / 2024-03-13 21:19:43
आनलाइन स्वाध्याय मंडल में शुरू हुआ योग-दर्शन पर पाठ और संवाद

योग-दर्शन पूर्ण रूपेण व्यावहारिक एवं क्रियात्मक है : रविरंजनएबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुञ्ज तत्वावधान में आनलाइन स्वाध्याय मंडल प्रतिनिधित्व में योग आचार्य रविरंजन कुमार के सानिध्य में  गुरुवरश्री वेदमूर्ति-तपोनिष्ठ पं श्रीराम शर्मा आचार्य की गायत्री युग साहित्य  सांख्य एवं योग दर्शन  पुस्तक की  योग दर्शन  के तत्वज्ञान पर पाठ-संवाद आरंभ हुआ। बताया कि मानव जीवन का प्रमुख लक्ष्य समस्त दु:खों, क्लेशों, वासनाओं और अतृप्ति से मुक्त होकर सच्चे अर्थ में सुख-शांति और आनंद को प्राप्त करना है। वैसे तो इस उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए समस्त विवेकवान पुरुष अपनी रुचि, बुद्धि व क्षमता के अनुसार विभिन्न साधनों का सहायता लिया करते हैं। उन्होंने बताया कि ऋषि, मुनियों ने इसके निमित्त विभिन्न प्रकार की उपासनाओं, जप, तप, भक्ति तथा अनेक कर्मकांडों का विधान पात्र-भेदानुसार किया है; तथापि ये सभी विधान आत्मोत्कर्ष हेतु निचले सोपान माने गये हैं। इन साधनों से व्यक्ति लौकिक जीवन में सुख और सफलताएं अर्जित कर सकता है। किंतु प्रज्ञा अर्थात सत्य-ज्ञान की प्राप्ति करके आत्मा के अन्तिम लक्ष्य कैवल्य के दिव्यानन्द के निमित्त उपर्युक्त साधनों की अपेक्षा कहीं उच्च साधनों की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे ही अनेक उच्च साधनों में  योग अति महत्त्वपूर्ण साधन है। अन्य साधनों से यह उच्चतर इसलिए माना जाता है कि जहां अन्य साधन विचारात्मक अथवा सैद्धांतिक हैं, वहीं योग-दर्शन पूर्ण रूपेण व्यावहारिक एवं क्रियात्मक है। अभ्यास क्रम की चर्चा में बताया कि प्रत्येक अभ्यासी साधक इसकी सत्यता और प्रामाणिकता का परीक्षण स्वयं कर सकता है।  योग विद्या व समग्र स्वास्थ्य संवर्धन संबंधित युग साहित्य स्वाध्यायी और कुशल, निपुण आचार्य रविरंजन जी के पावन जन्मदिवस पर स्वाध्याय मंडल के सभी साधक-शिष्य भाई-बहनों ने उन्हें हार्दिक बधाई, उनके दीर्घायुष्य, स्वस्थ-सुखद जीवन, प्रगतिशील और उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय स्वस्तिवाचन पाठ किया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

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