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खुद मृत्यु को बुला लेते हैं पापी : आचार्य दीनानाथ शरण
Published / 2024-04-06 21:58:20
खुद मृत्यु को बुला लेते हैं पापी : आचार्य दीनानाथ शरण

टीम एबीएन, रांची। श्री जगतगुरू देवाचार्य मलुक पीठाधीश्वर श्री राजेन्द्र दास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य परम पूज्य आचार्य दीनानाथ शरण जी महाराज श्री धाम वृन्दावन के मुखारविन्द से आज विश्राम  दिवस की भागवत कथा में कहा कि पापी स्वयं ही मृत्यु को बुला लेते हैं। कंस, भष्मासुर, रावण ने अपनी मृत्यु को स्वयं बुलाया है। द्वेष भाव में श्रद्धा और विद्वेष उपासना बढ़ जाती है। कलंक तो भगवान को भी लगा। स्यमन्तक मणि हरण का, चुगली तो राम राज्य में धोबी भी किया, तो कृष्णावतार में कुंती और युधिष्ठिर का प्रंसग है, जिसमें युधिष्ठिर ने श्राप दिया कि स्त्री कुछ भी प्रंसग छुपाकर नहीं रह सकती है। इसलिए आरोप तो हम सबों पर भी लग सकता है। सुदामा चरित्र की कथा और झांकी के साथ विश्राम लिया। आज के मुख्य यजमान जय सिंह, प्रत्युष सिह थे। यह जानकारी प रामदेव पाण्डेय ने दी।

स्त्री दो कुल को पवित्र करती है : आचार्य दीनानाथ
Published / 2024-04-05 22:28:54
स्त्री दो कुल को पवित्र करती है : आचार्य दीनानाथ

विदेशी नस्ल की गायों का दूध देता है कैंसर को बढ़ावाटीम एबीएन, रांची। श्री जगतगुरू देवाचार्य मलुक पीठाधीश्वर श्री राजेन्द्र दास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य परम पूज्य आचार्य दीनानाथ शरण जी महाराज श्री धाम वृन्दावन, यज्ञाचार्य कमलाकर द्विवेदी, भागवत परायण आचार्य डा अम्बुज शुक्ल, आचार्य कन्हाई द्विवेदी, पंडित कमलेश त्रिपाठी, वादक तबला पर सत्येन्द्र तिवारी, आर्गन पर प्रवीण, नाल पर संदीप, पैड पर सन्तोष, झांकी नवीन जी (कतरास) के दल के संचालन में भागवत कथा सप्ताह के षष्ठ दिवस के कथा में पंडित दीनानाथ जी ने कहा कि कृष्ण गोपालक हैं। देशी गायों का दूध पीना चाहिए। विदेशी नस्ल की गायों का दूध कैंसर देता है। भारत गायों और माइयों का देश है। यहां की बेटी पिता और पति दोनों कुल को पवित्र करती है और गायों का दूध गोबर, गोमूत्र औषधीय है। इनकी रक्षा करनी चाहिए। इनके हत्यारों को दण्ड देने में पाप नहीं होती है। सनातन में नारियों को पचास प्रतिशत से भी अधिक हिस्सा प्राप्त है। बिना पत्नी के दायांगिन होते बिना यज्ञ भी अधूरा हो जाता है। कृष्ण के माता-पिता की पवित्रता है कि सात कोस के गिरिराज को सात साल के कृष्ण ने  सात दिनों तक उठाये रखा। यह माता-पिता और गो के दूध की विशेषता रही है। कल सुदामा चरित्र की कथा और झांकी के साथ कथा विश्राम लेगी। परसों हवन और यज्ञ विश्राम होगा। यह जानकारी पंडित रामदेव पाण्डेय ने दी।

संबंधित कार्यक्रम में 5000 से अधिक योग उत्साही भाग लेंगे
Published / 2024-04-05 22:14:44
संबंधित कार्यक्रम में 5000 से अधिक योग उत्साही भाग लेंगे

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2024 की 75 दिनों की उलटी गिनती शुरूइस महोत्सव में ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं/स्वयं सहायता समूहों, आयुष स्वास्थ्य तथा कल्याण केंद्रों, निवासी कल्याण संघों (आरडब्ल्यूए), महिला कल्याण संगठनों, स्कूली बच्चों और अन्य लोगों की सक्रिय भागीदारी भी होगीयह कार्यक्रम योग की शक्ति को ध्यान में रखते हुए समग्र स्वास्थ्य और कल्याण दृष्टिकोण को रेखांकित करेगा एबीएन सोशल डेस्क। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) 2024 की 100 दिनों की चल रही उलटी गिनती के कार्यक्रम में 7 अप्रैल, 2024 को पुणे (महाराष्ट्र) के वाडिया कॉलेज स्पोर्ट्स ग्राउंड में आयोजित होने वाले 75वें दिन के काउंटडाउन कार्यक्रम में 5000 से अधिक योग प्रेमी भाग लेंगे।समग्र स्वास्थ्य और कल्याण दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करने और योग की शक्ति को ध्यान में रखते हुए इस महोत्सव में ग्राम प्रधानों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं/ स्वयं सहायता समूहों, आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों, निवासी कल्याण संघों (आरडब्ल्यूए), महिला कल्याण संगठनों, स्कूली बच्चों और अन्य लोगों की सक्रिय भागीदारी होगी। इस उत्सव में प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों, योग गुरुओं/उस्तादों तथा योग एवं संबद्ध विज्ञान के विशेषज्ञों और संस्थानों के अग्रणी व्यक्तियों की भी उपस्थिति होगी। इस योग महोत्सव का मूल उद्देश्य स्वास्थ्य और कल्याण के लिए योग को व्यापक प्रचार और प्रसार देना है जिससे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर अधिकतम लोग लाभान्वित हो सकें। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2024 के 75वें दिन की उलटी गिनती का कार्यक्रम विश्व स्वास्थ्य दिवस के दिन ही है जो 7 अप्रैल, 2024 को पड़ता है।अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। इस वर्ष भी लोगों को योग के लाभों के बारे में जागरूक करने और समग्र स्वास्थ्य के अंतर्निहित संदेश को विस्तारित करने के लिए 13 मार्च को 100 दिनों की उलटी गिनती शुरू की गयी थी। काउंटडाउन कार्यक्रम श्रृंखला के एक भाग के रूप में 75वें दिन की उलटी गिनती को योग महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसका आयोजन एक भव्य कार्यक्रम के रूप में हजारों प्रतिभागियों के साथ मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान और आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान (एनआईएन) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। सभी प्रतिभागी 7 अप्रैल, 2024 को सुबह 6.00 बजे से सामान्य योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) के अभ्यास में सक्रिय रूप से शामिल होंगे। उत्साह और सहभागिता का यह उल्लेखनीय प्रदर्शन व्यक्तिगत और सामाजिक बेहतरी में योग के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। भारतीय योग एसोसिएशन भी अपने महाराष्ट्र स्टेट चैप्टर के साथ इस 75वें दिन के उलटी गिनती कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2024 से संबंधित समारोहों में सहायता कर रहा है।सामान्य योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) इस कार्यक्रम के केंद्र बिंदु में है। सीवाईपीकी रूपरेखा विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर बनायी गयी है, क्योंकि इसमें योग के सभी लाभों को प्राप्त करने के लिए दैनिक योग अभ्यास शामिल है। इस प्रोटोकॉल का उद्देश्य प्राणायाम, ध्यान आदि जैसी योग अभ्यासों को लोकप्रिय बनाना है। प्रत्येक योग कार्यकलाप लचीलेपन, शक्ति, संतुलन में सुधार और सद्भाव प्राप्त करने की कुंजी है।मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के साथ मिलकर आयुष मंत्रालय 13 मार्च, 2024 से 21 जून 2024 तक विभिन्न विश्वविद्यालयों/संस्थानों/कॉलेजों के सहयोग से 100 दिन, 100 शहर और 100 संगठन अभियान को शामिल करते हुए 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक सामूहिक योग प्रदर्शन/सत्रों का आयोजन कर रहा है। इस अभियान में लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार के लिए योग के अभ्यास को बढ़ावा देने के लिए सामान्य योग प्रोटोकॉल, कार्यशालाएं और व्याख्यान शामिल हैं।

युवा जोख़िम को ध्यान में रखकर निवेश करें : सीएमए समराज नायर
Published / 2024-04-05 17:23:47
युवा जोख़िम को ध्यान में रखकर निवेश करें : सीएमए समराज नायर

युवा बचत की आदत डालेंटीम एबीएन, रांची। गोस्सनर महाविद्यालय के आइक्यूएसी व वाणिज्य संकाय और इंटरनेशनल नवोदया चेम्बर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय था रोल ऑफ ब्रोकर एंड एक्सचेंज इन द फाइनेंसियल मार्केट (वित्तीय बाजार में विपनियों एवं दलालों की भूमिका) कार्यक्रम में आगत अतिथियों का स्वागत कॉमर्स विभाग के सहायक प्रो सह आईक्यूइएसी के समन्वयक डॉ अजय कुमार ने किया। कार्यक्रम का विषय प्रवेश वाणिज्य विभागाध्यक्ष सह  संकायाध्यक्ष प्रो श्यामलेश कुमार ने कराया।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे सीएमए समराज नायर। अपने उद्बोधन में सीएमए नायर ने स्टॉक एक्सचेंज एवं कमोडिटी एक्सचेंज के बारे में बातचीत की साथ ही भावी सौदे में निहित जोखिमों से सुरक्षा पर भी अपने विचार रखें। विद्यार्थियों को बचत की आदत डालनें पर जोर दिया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद इंटरनेशनल नवोदय चेम्बर ऑफ कॉमर्स (INCOC) के फाउंडर संदीप कुमार ने विविध प्रकार के निवेश विकल्पों के बारे में चर्चा की। साथ ही अपनी पूंजी को एक जगह की अपेक्षा  अलग -अलग जगहों पर निवेश कर अधिकतम रिटर्न कैसे पाया जा सकता है? इसपर विस्तार से चर्चा की।मौके पर आईएनसीओसी झारखंड के को -हेड हेमंत कौशिक ने कहा कि निवेशक अपने डी मैट अकाउंट से लेन-देन करें, जोखिम का खतरा कम होगा। ऑनलाइन निवेश करते हुए सतर्क रहें एक्सचेंज (विनिमय) का कारोबार नक़द में नहीं होता। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ सुधीर कुमार सिन्हा  वहीं आभार ज्ञापन वाणिज्य संकाय के सहायक प्रो डॉ दीपक शर्मा ने की।मौके पर प्रोफेसर इंचार्ज प्रो इलानी पूर्ति, वर्सर प्रो प्रवीण सुरीन, डॉ मो रेहान, डॉ नासिर अहमद, प्रो आकांक्षा तिग्गा, डॉ अलीशा शमद, प्रो आदित्य कुमार, प्रो अजय प्रामाणिक, प्रो आशीष देमता, डॉ आरती शर्मा सहित कॉमर्स विभाग के सभी विद्यार्थी व शिक्षक मौजूद थे।

पुत्र स्वर्ग और नरक दोनों दे सकता है : आचार्य दीनानाथ शरण
Published / 2024-04-04 21:59:52
पुत्र स्वर्ग और नरक दोनों दे सकता है : आचार्य दीनानाथ शरण

अतिथि अग्नि स्वरूप हैटीम एबीएन, रांची। श्री जगतगुरू देवाचार्य मलुक पीठाधीश्वर श्री राजेंद्र दास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य परम पूज्य आचार्य दीनानाथ शरण जी महाराज श्री धाम वृंदावन के मुखारविंद से आज पंचम् दिवस की भागवत कथा में कहा कि कृष्ण जन्म के बाद नंदबाबा ने केवल ब्राह्मण को ही नहीं भट, सुत और जेल के बंद कैदियों को भी दान दिया। संतान के जन्म पर गोदान और नान्दीमुख श्राद्ध जरूर करना चाहिए। तभी पुत्र का जन्म सार्थक होता है। वरना पुत्र भी दु:ख का कारण होता है और दुर्गति भी पुत्र से होता है। धुंधकारी, वेन, कंस इसके उदाहरण हैं। जन्म के समय दान-पुण्य से बालक को भविष्य में जीवन की सुरक्षा और समृद्धि देती है। ये सीख हम कृष्ण और राम के जीवन पा सकते हैं। अतिथि अग्नि स्वरूप है। इसलिए जल के साथ गुड़, मिठाई जरूर देना चाहिए। आज पुतना यशोदा की अतिथि बन कर आयी। इसलिए यशोदा सबाल घातिनी पुतला की खूब सेवा की। बाल लीला की कथा, मटकी फोड़ झांकी भी प्रस्तुत की गया। यह जानकारी पंडित रामदेव पाण्डेय ने दी।

झारखंड प्रांत में ग्यारह हजार स्थान में मने रामोत्सव : विहिप
Published / 2024-04-04 21:56:55
झारखंड प्रांत में ग्यारह हजार स्थान में मने रामोत्सव : विहिप

टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद् प्रांत टोली बैठक प्रांत कार्यालय, शक्ति आश्रम, हरमू रोड, किशोरगंज चौक, रांची में प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत की अध्यक्षता में हुई। जिसमें धर्मरक्षा निधि समर्पण अभियान श्री रामोत्सव कार्यक्रम की पूर्ण योजना एवं आगामी कार्यक्रम के संदर्भ में चर्चा की गयी। बैठक में निर्णय लिया गया कि झारखंड प्रांत के सभी प्रखंडों में पंचायत स्तर पर 11000 स्थानों में रामोत्सव का कार्यक्रम किया जायेगा। हर पंचायत में कम से कम चार स्थानों पर रामउत्सव मनाने की योजना बनाई गई। प्रांत संगठन मंत्री ने बताया कि झारखंड प्रांत में 9 अप्रैल वर्ष प्रतिपदा से 24 अप्रैल श्री हनुमान जन्मोत्सव तक रामोत्सव कार्यक्रम किया जायेगा। इस बैठक में क्षेत्र सहमंत्री डॉ बिरेंद्र साहू, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा यादव, प्रांत उपाध्यक्ष सुभाष जी नेत्रगाँवाकर, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत सहमंत्री मनोज पोद्दार, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, प्रांत बजरंग दल संयोजक दीपक ठाकुर, मातृशक्ति प्रमुख दीपारानी कुंज, प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख अरविंद सिंह सह प्रमुख प्रिंस अजमानी, प्रांत समाजिक समरसता प्रमुख कृष्ण कुमार झा, प्रांत कोषाध्यक्ष मदन बागड़िया, प्रांत सत्संग प्रमुख रंजन सिन्हा, परियोजना सहप्रमुख रेणु अग्रवाल, प्रांत प्रचार प्रसार सहप्रमुख प्रकाश रंजन प्रांत धर्म प्रसार सहप्रमुख सच्चिदानंद सहित प्रांत विभाग एवं जिला के दायित्वान कार्यकर्ता इस बैठक में उपस्थित रहे। उक्त जानकारी विहिप के प्रांत प्रचार प्रसार सहप्रमुख प्रकाश रंजन ने दी।

11 को मनाया जायेगा गणगौर पर्व
Published / 2024-04-03 23:46:32
11 को मनाया जायेगा गणगौर पर्व

गणगौर का त्यौहार स्त्रियों के लिए अखंड सौभाग्य प्राप्ति का पर्व हैटीम एबीएन, रांची। गणगौर का त्यौहार 11 अप्रैल को मनाया जायेगा। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह अग्रवाल सभा के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि गणगौर पर्व मारवाड़ी समाज का प्रमुख त्योहारों में से एक है। गणगौर पूजा हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को होती है इस दिन कुंवारी कन्या और सुहागन महिलाएं व्रत रखती है। माता पार्वती और साथ भगवान शिव की पूजा करती है। गणगौर दो शब्दों से बना है गण का अर्थ भगवान शिव और गौर का अर्थ पार्वती से है। वास्तव में गणगौर पूजन मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा का दिन नवरात्रि के तीसरे दिन यानी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला गणगौर का त्योहार स्त्रियों के लिए अखंड सौभाग्य प्राप्ति का पर्व है। गणगौर का पहला और सबसे महत्वपूर्ण परंपरा मिट्टी के बर्तनों कुंडा में पवित्र अग्नि से राख इकट्ठा करना और उनमें गेहूं और जौ के बीज बोना है तथा 7 दिनों के बाद महिलाएं राजस्थानी लोकगीतों को मंत्रमुग्ध करते हुए गौरी और ईसर की रंग बिरंगी मूर्ति बनाती है। मान्यता है कि कामदेव की पत्नी रति ने भगवान शंकर की तपस्या कर उन्हें प्रसन्न कर लिया तथा उन्हीं के तीसरे नेत्र से भस्म हुए अपने पति को पुन: जीवन देने की प्रार्थना की रति की प्रार्थना से प्रसन्न हो भगवान शिव ने कामदेव को पुन: जीवित कर दिया था तथा विष्णु लोक जाने का वरदान दिया उसी के स्मृति में प्रतिवर्ष गणगौर का उत्सव मनाया जाता है। गणगौर पर्व पर विवाह के समस्त नेगाचार व रस्में की जाती है। होली के दूसरे दिन से प्रारंभ होकर 16 दिनों तक गणगौर पर्व चलता है। 26 मार्च से शुरू हुई गणगौर पर्व 11 अप्रैल को गणगौर विसर्जन के साथ संपन्न होगी।

ध्रुव जैसा देदीप्यमान पुत्र चाहिए तो सुनीति जैसी मां चाहिए : दीनानाथ शरण
Published / 2024-04-03 22:08:39
ध्रुव जैसा देदीप्यमान पुत्र चाहिए तो सुनीति जैसी मां चाहिए : दीनानाथ शरण

भगवान आपके पुत्र का दर्शन करने आयें ध्रुव और प्रह्लाद की तरहटीम एबीएन, रांची। श्री जगतगुरू देवाचार्य मलुक पीठाधीश्वर श्री राजेन्द्र दास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य परम पूज्य आचार्य दीनानाथ शरण जी महाराज श्री धाम वृंदावन के मुखारविंद से आज चतुर्थ दिवस की भागवत कथा में कहा कि ध्रुव जैसा देदीप्यमान पुत्र चाहिए तो सुनीति जैसी मां चाहिए। सुनीति मतलब सुंदर नीति, विचार, संस्कार से परिपूर्ण माता; क्योंकि माता ही समाज की पहली पालक, रक्षक, मार्गदर्शक और गुरू है। यह है माता की महिमा। यही मां समाज गढ़ती है। मां का चरित्र, संस्कार की शुद्धता, शिक्षा ही मानव सभ्यता का आधार है। माता पिता ही सच्चा हितैषी है। राक्षस कुल में भी मां कयाथु ने बेटा प्रह्लाद को संस्कार दिया। बच्चे को धन दे पायें या न दे पायें पर संस्कार दीजिये। संस्कार न दीजियेगा, तो संस्कृति बदल लेगा। सुनीति की तरह संस्कार दीजिये, ताकि भगवान आपके पुत्र का दर्शन करने आयें ध्रुव और प्रह्लाद की तरह। आज की कथा में श्री कृष्ण का जन्म महोत्सव भी मनाया गया। इसकी मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गयी। कल कृष्ण रुक्मिणी विवाह का प्रसंग और झांकी होगी। यह जानकारी पंडित रामदेव पाण्डेय ने दी।

दु:ख मनुष्य की संपत्ति है : आचार्य दीनानाथ शरण
Published / 2024-04-02 23:57:44
दु:ख मनुष्य की संपत्ति है : आचार्य दीनानाथ शरण

 दु:ख के सहारे कुंती ने भगवान को मांगा हैटीम एबीएन, रांची। श्री जगतगुरू देवाचार्य मलुक पीठाधीश्वर श्री राजेन्द्र दास जी महाराज के कृपापात्र शिष्य परम पूज्य आचार्य दीनानाथ शरण जी महाराज श्री धाम वृंदावन के मुखारविंद से आज तृतीय दिवस की भागवत कथा संपन्न हुई। जिसमें उन्होंने कहा कि दु:ख मनुष्य की संपत्ति है। यह कुंती की परिकल्पना है। कुंती भगवान से दु:ख मांगती है। बहु द्रौपदी और पोते अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा को भी दु:ख में भगवान के शरणागत होने की शिक्षा देती है। चीर हरण में द्रौपदी पांच महाबली पति से नहीं भगवान कृष्ण से  सहारा मांगती है, तो उत्तरा भी कृष्ण का आह्वान करती है। जब गर्भ पर अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्र का प्रयोग करते हैं।गिरिडीह से आये आचार्य कन्हैया द्विवेदी के वैदिक मंत्रों से श्रीराम जानकी मंदिर हाउसिंग कालोनी बरियातु क्षेत्र पवित्र हो रहा है। वहीं काशी के आचार्य अंबुज शुक्ल के श्री मद्भागवत पारायण पाठ से गुंजायमान हो रहा है।  यह जानकारी पंडित रामदेव पाण्डेय ने दी।

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