ईश्वरीय चेतना के विराट स्वरूप एवं उद्देश्यों को हम पहचानें... पर चर्चा हुई गायत्री परिवार शांतिकुञ्ज के तत्वावधान में परम पूज्य श्रीगुरुसत्ता द्वय के सूक्ष्म सानिध्य और आशीर्वाद से आनलाइन जप-अनुष्ठान टीम एबीएन, रांची। समूह संचालन प्रतिनिधिमंडल में मोहिनी एकादशी पर 24 घंटे का अखंड जप गृहे गृहे आवासीय तपोवन में रांची स्थित पीठों, झारखंड सहित भारतीय प्रान्तों के अनेक प्रज्ञा मंडल, महिला मंडल, स्वाध्याय मंडल व स्थानीय शाखाओं के गायत्री साधक-शिष्यों व सदस्यों ने मोहिनी एकादशी दिवस पर आध्यात्मिक पूजा-पाठ जप-अनुष्ठान आज सुबह पूरे किए। समूह प्रतिनिधि ने इस दैवीय योजना मे घर बैठे बैठे राष्ट्र कल्याण व नवनिर्माण के लिए सभी के लिए सद्बुद्धि व उज्ज्वल भविष्य हेतु समूह साधना व प्रार्थना में अपने बहुमूल्य समय देने के लिए हृदय से धन्यवाद व आभार प्रकट किये। कुछ दीदी ने इस अवसर पर कई गीत संदेश माध्यम से साधकों को प्रोत्साहित किये। इस पावन पुनीत अवसर पर कई साधक सदस्य गण एकादशी पर अपने जप-अनुष्ठान का 108 वां एकादशी व्रत-उपवास दिवस के रूप में मनाये तथा जप, तप, व्रत करके गायत्री दीपयज्ञ विधान से पुर्णाहुति की। इसमें वैदिक विधान से तैंतीस कोटि देवपूजन-अर्चन, विराटरूप पुरुष सूक्त व श्रीसूक्त से श्रीसद्गुरु गुरुमाता, वेदमाता, देवमाता गायत्री माता सहित श्रीलक्ष्मीनारायण का विस्तार से षोडशोपचार व स्वास्तिवाचन पाठ किये तथा ईश्वरीय दिव्य चेतना के विराट स्वरूप एवं उद्देश्यों को पहचानें और उसके निमित्त अपने साधनों व क्षमताओं को अर्पित करते हुए उन्हें सार्थक एवं धन्य बनायें पर प्रकाश डाला गया। साथ ही बहुत उल्लास व उत्साह पूर्वक गायत्री व सविता देवता की स्तुति में सर्वत्र मंगलमय व शुभ वातावरण व शुद्ध पर्यावरण के लिए पावन बना दो हे देव सविता की स्तुति की और गायत्री महामंत्र की 108 आहुतियां और उसके करीब एक दर्जन सहायक मंत्रों एवं महामृत्युंजय महामंत्र की दिव्य आहुतियां प्रदान कर आरती बाद वसुधैव कुटुंबकम और सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: की मंगलमय प्रार्थना की गयी। अंत में सत्संकल्प पाठ, शांति पाठ एवं जयघोष और सर्व देवों का नमन-वंदन व विसर्जन का मंगल पाठ कर हंसी खुशी आनन्दमय अनुभूति सहित समापन किया। इस बीच राष्ट्रीय स्तर की बाल संस्कारशाला संचालन प्रतिनिधि रेखा पटवा दीदी ने बताया कि इस अवसर पर कई मंडलों में शांतिकुञ्ज के मार्गदर्शन में बाल संस्कारशाला के सैकड़ों नन्हें किशोर साधक गण भी बैशाख मास शुक्ल पक्ष में 9 दिवसीय जप-अनुष्ठान में शामिल हैं। इसकी पूर्णाहुति पूर्णिमा पर होगी। उक्त जानकरी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
योगा, क्रिएटिविटी, सेवा कार्य, पर्यावरण, गो महत्ता, भारतीय संस्कृति की शिक्षा दी गयीएबीएन सोशल डेस्क। पवित्रम मातृशक्ति द्वारा चल रहे दो दिवसीय पवित्रम संस्कार वाटिका कार्यक्रम का समापन बच्चों ने अपने अपने माता-पिता की चरण वंदना करते हुए किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों के साथ अग्निहोत्र करके किया गया था। इस अवसर पर पवित्रम सेवा परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय भरतिया, हरिराम गुप्ता, किशन संधई, संजय सिंघल, परितुष अग्रवाल, अभिषेक जालान, आलोक डोकानिया, अभिषेक सिन्हा, हर्ष गुप्ता, महेंद्र भग्नानिया, अनिल जैन एवं मातृशक्ति की सभी बहनें उपस्थित थी। राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर धनबाद में आयोजित इस दो दिवसीय समर कैंप के अंतर्गत बच्चों को योगा, क्रिएटिविटी, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, वैदिक शिक्षा, सेवा कार्य, पर्यावरण, गो महत्ता, देश भक्ति, दैनिक जीवन के श्लोक सहित अनेक विषयों की शिक्षा दी गयी। पवित्रम मातृशक्ति पवित्रम सेवा परिवार का महिला आयाम है, जो बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के बीजारोपण का कार्य संस्थापक अजय भरतिया के मार्गदर्शन में कर रहा है। श्री भरतिया ने बताया कि पवित्रम संस्कार वाटिका कार्यक्रम पिछले 5 वर्षों से चल रहा है। पहले 3 वर्ष आनलाइन हुआ था, जिसमें पूरे देश से विभिन्न राज्यों से हजारों बच्चे जुड़े थे। अभी 2 वर्षों से यह कार्यक्रम आफलाइन हो रहा है। विगत वर्ष धनबाद के अलावा अन्य जिलों में भी कार्यक्रम हुआ था। इस वर्ष रांची सहित अन्य शहरों एवं जिलों में इसे कराने की योजना है। कार्यक्रम के दौरान सुबह बच्चों ने गो पूजन भी किया। पर्यावरण को बचाने के लिए भी बच्चों से कई गतिविधियां एवं कार्यक्रम कराये गये। व्यवस्था संचालन में पवित्रम मातृशक्ति की रीता सिंह, सीमा मित्तल, पूनम अग्रवाल, मीना डोकानिया, रानी लुहारूका, रीता बंसल, विभा अग्रवाल, अनिता डोकानिया, कोलकाता की मीना नागवान एवं अन्य सभी बहनों ने सहयोग किया। उक्त जानकारी देते हुए पवित्रम सेवा परिवार के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि दो दिनों तक सभी बच्चे बहुत उत्साहित थे। बहुत रुचि के साथ सभी ज्ञानवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हुए खूब मस्ती भी की। कार्यक्रम समापन के समय सभी अभिवावक बच्चों की गतिविधियां देख कर अभिभूत हो गये। पूरे कार्यक्रम का संचालन अजय भरतिया ने किया। बच्चों को मंत्रोच्चारण के साथ गो पूजन, अग्निहोत्र , गायत्री मंत्र का पाठ, भोजन मन्त्र सिखाने आदि सभी गतिविधियां उनके मार्गदर्शन में ही हुई।
टीम एबीएन, रांची। श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) द्वारा आज रविवार को ताड़ पत्ते से निर्मित 250 हाथ पंखों का वितरण रांची शहर के विभिन्न स्थानों पर किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत जगन्नाथ मन्दिर परिसर, धुर्वा रांची में किया गया। मन्दिर के बाहर बैठे असहाय एवं जरूरतमंद लोगों हाथ पंखे दिए गये। उसके उपरान्त हटिया रेलवे स्टेशन के बाहर एवम धुर्वा बाजार के निकट जरूरतमंद लोगों को भी हाथ पंखा दिया गया। कार्यक्रम में आगे किशोरगंज चौक, सेवा सदन, मारवाड़ी महिला महाविद्यालय इत्यदि जगहों पर भी सब्जी एवम फल विक्रेता तथा रिक्शा चालक बंधुओं को भी हाथ पंखा दिया गया।इस कार्यक्रम को श्री सर्वेश्वरी समूह के उन्नीस सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। ज्ञात हो कि श्री सर्वेश्वरी समूह एक विश्वस्तरीय सामाजिक एवं धार्मिक संस्था है जो जनकल्याण के अनेक कार्यक्रम लगातार करती रहती है। इस चिलचिलाती गर्मी में अपने जीवनयापन के लिए इस धूप में बैठे जरूरतमंद लोगों को यह हाथ पंखा अवश्य ही इस असहाय गर्मी से राहत देगा।कार्यक्रम में श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची के हेमन्त नाथ शाहदेव, समरेन्द्र सिंह, उदय नारायण पांडेय, कीर्तिमान नाथ शाहदेव, बद्रीनाथ शाहदेव, नागदमनी नाथ शाहदेव, यदुनाथ शाहदेव इत्यादि शामिल हुए।
एबीएन सोशल डेस्क। परम श्रीगुरुसत्ता की सूक्ष्म उपस्थति, सानिध्य और आशीर्वाद से 24 घंटे के आॅनलाइन एकादशी अखंड जप गृहे गृहे आवासीय तपोवन में अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान में रांची स्थित पीठों, झारखंड सहित भारतीय अनेक प्रान्त के अनेक प्रज्ञा मंडल, स्वाध्याय मंडल व स्थानीय शाखाओं के गायत्री साधक-शिष्य गण व परिवार जनों ने मोहिनी एकादशी व्रत-उपवास दिवस पर आध्यात्मिक पूजा-पाठ जप-अनुष्ठान करने का संकल्प व समयदान निर्धारित किये। यह अखंड जप रविवार 19 मई के सुबह 4 बजे से 20 मई सोमवार सुबह 4 बजे तक चलेगा। समूह संचालन प्रतिनिधि ने सभी से विशेष अनुरोध इस दैवीय योजना मे घर बैठे बैठे सहयोग करे व राष्ट्र कल्याण व नवनिर्माण के लिए सभी के लिए सद्बुद्धि व उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना सद्भाव के साथ आप सभी अपने बहुमूल्य समय का एक अंश अवश्य देने का प्रयास करें।मौके पर कई साधक सदस्य गण अपने जप-अनुष्ठान का 108 वां एकादशी व्रत-उपवास जप-अनुष्ठान का 108 वां एकादशी व्रत-उपवास दिवस के रूप में मनाएंगे। इस के अंतर्गत विधिवत वैदिक विधान से विशेष तैंतीस कोटि देवपूजन-अर्चन, विराट पुरुष सूक्त व श्रीसूक्त से श्री सद्गुरु, गुरुमाता, वेदमाता, देवमाता गायत्री माता सहित श्रीलक्ष्मीनारायण का षोडशोपचार व स्वास्तिवाचन पाठ कर सोल्लास जप-अनुष्ठान करने का संकल्प किए और सायंकालीन ब्रह्म संध्या में गायत्री दीपयज्ञ का संकल्प कर सत्संकल्प पाठ करने का निर्णय किया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद, मातृशक्ति ने आज सीता माता के प्राकट्य दिवस सीता नवमी पर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर धर्मशाला, रांची में माता जानकी का पूजन, भजन कीर्तन एवं आरती की। मौके पर झारखंड प्रांत धर्म प्रसार परियोजना सहप्रमुख रेणु अग्रवाल ने कहा सीता माता समस्त नारी समाज की आदर्श हैं। सीता माता शील, साहस, धैर्य और शौर्य की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं। उनके इन गुणों को अपनाकर परिवार सुसंस्कृत होगा,समाज एवं राष्ट्र की रक्षा होगी। स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने कहा जब हम माता सीता का नाम लेते हैं तो उसमें श्रीराम समाहित होते हैं और श्रीराम के नाम के साथ माता सीता। मनुष्य को सात्विक विचार के साथ श्री राम के साथ माता जानकी का भी स्मरण करते रहना चाहिए। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, प्रांत सहकोषाध्यक्ष शिव शंकर साबू, रेणु अग्रवाल, कलावती देवी, किरण मेहता, मधु देवी, बबीता देवी, मीना देवी, कृष्णा देवी, रूबी सोनी सहित अनेक मातृशक्ति की बहनें उपस्थित थी। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत प्रचार प्रसार सह प्रमुख प्रकाश रंजन ने दी।
टीम एबीएन, रांची। जेसीआई यूथ रांची ने अल्पाहर का वितरण किया। जेसीआई की अध्यक्ष सोनल अग्रवाल ने बताया कि संस्था ने आदिम जाति सेवा मंडल बच्चों के निवारणपुर आश्रम में रहने वाले 100 मंदबुद्धि एवं अनाथ बच्चों के बीच अल्पाहार बांटा। अल्पाहार में चिप्स, समोसा, सैंडविच, बिस्कुट, मिक्चर एवं विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री दी। साथ ही बच्चों के साथ कई रोचक खेल खेलते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। बच्चों ने सदस्यों के साथ खूब मौज-मस्ती की। बच्चों के साथ कई रोचक खेल खेलते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। बच्चों ने संस्था के सदस्यों के साथ खूब मौज-मस्ती की। बच्चों ने तालियां बजाकर संस्था के सदस्यों का स्वागत किया। इस दौरान संस्था की अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह अनाथ आश्रम में जाकर बच्चों के बीच प्यार बांटने से एक अलग सी अनुभूति होती है। बच्चों का साथ दिल के अंदर के भाव को पैदा करता है। इस तरह अनाथ आश्रम में जाकर के बच्चें के बीच प्यार बांटने से एक अलग सी अनुभूति होती है। बच्चों का साथ दिल के अंदर के भाव को पैदा करता है। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष प्रतीक बदानी, मोनिका गोयनका, विनायक शर्मा, गुणीत सिंह व अन्य सदस्य मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष ललित कुमार पोद्दार, महामंत्री विनोद कुमार जैन एवं संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि 25 मई को रांची में होने वाले लोकसभा चुनाव में मतदान हेतु मतदाताओं को जागरूक करने के लिए रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन अग्रवाल सभा एवं मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत एक प्रचार वाहन से भी शहरी क्षेत्रों एवं सुदूर इलाकों मे प्रचार प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा लोकतंत्र के इस महापर्व में सभी मतदाता अपने-अपने बूथों में जाएं और अपना मताधिकार का प्रयोग करते हुए शत प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करें। तथा अधिक से अधिक लोगों को मतदान देने के लिए प्रेरित करें ताकि सशक्त एवं मजबूत लोकतंत्र का निर्माण हो सके। मतदान लोकतांत्रिक व्यवस्था में सबका वोट सभी की आवाज है। एक बेहतर देश और एक बेहतर राष्ट्र बनाने के लिए सटीक निर्णय के साथ राष्ट्रहित में मतदान करना हम सभी का परम कर्तव्य एवं मत आपका अधिकार है है। वोट करें और देश गढ़े, अपने बच्चों और परिवार के भविष्य को संवारने के लिए अपने अपने घरों, अपार्टमेंटों से बाहर निकल कर गली-मोहल्ले के लोगों के साथ मिलकर मतदान स्थल पर अवश्य जाये।सभी लोग अपने मताधिकार का निश्चित प्रयोग करें तथा मतदान प्रतिशत बढ़ाने में अपना संपूर्ण सहयोग करें। तथा लोगों को मतदान करने के लिए जागरूक भी करें। देश में 5 वर्षों में चुनाव का महापर्व आता है तथा मतदान देने का अवसर प्राप्त होता है, सभी लोग इसकी ताकत समझ कर अपने मतदान देकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान करें।
तहसील आरोन के सियाराम कालोनी में एलईडी टीवी पर सतसंग प्रसारित हुआ कमल सिंह लोधा गुना। जिले की तहसील आरोन के सियाराम कालोनी में रविवार को जिला स्तरीय सत्संग का आयोजन एलईडी टीवी के माध्यम से किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं संत जी के मंगल प्रवचनों को सुनने के लिए पहुंचे। सत्संग में संत जी ने मानव कल्याण को लेकर समाज में फैली बुराइयों जैसे रिश्वतखोरी, नशाखोरी व दहेज प्रथा जैसी बुराइयों को जड़ से खत्म करने पर जोर दिया और परमात्मा पाने की शास्त्र अनुकूल सत साधना बतायी। संत रामपाल जी महाराज जी ने सत्संग में बताया कि कबीर साहेब कहते हैं- मानुष जन्म दुर्लभ है मिले ना बारम्बार जैसे तरुवर से पता टूट गिरे, फिर ना लगता डार... अर्थात मनुष्य शरीर 84 लाख जीवों के शरीरों में यातना भोगने के बाद प्राप्त हुआ है। इसमें यदि पूर्ण गुरु की शरण में जाकर सत्य भक्ति नहीं की, तो यह जीवन व्यर्थ चला जायेगा। जैसे पेड़ पर लगा पत्ता पीला होकर गिरने के बाद वापस उसी पेड़ पर पुनर्स्थापित नहीं होता। इसी प्रकार मनुष्य शरीर कुछ समय के लिए सत्कर्म करने के लिए प्राप्त हुआ है। सत्संग सुनकर कई पुण्य आत्माओं ने नशा व अन्य कुरुतियों को त्यागने का संकल्प लिया। सत्संग स्थल पर उपस्थित सेवादारों ने बताया है कि संत रामपाल जी महाराज ही सच्चे समाज सुधारक संत और मानव समाज के वास्तविक हितैषी है, संत जी के आध्यात्मिक प्रयास से समाज के लोग सभी बुराईयां छोड़कर आध्यात्मिकता की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज जी का उद्देश्य आध्यात्मिक मार्ग पर फैले पाखंडवाद को समाप्त करना है।
बाल विवाह मुक्त भारत भी सरकार के इस प्रयास में शामिल आठ राज्य सरकारों ने प्रशासनिक अमले को दिए इस अक्षय तृतीया हर हाल में बाल विवाह रोकने के निर्देश कई राज्य सरकारों ने लिया पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प कई राज्यों के विभागों ने अफसरों को धार्मिक गुरुओं, विवाह का कार्ड छापने वालों और रसोइयों को बाल विवाह के अपराध और इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने को कहा देशभर के 161 गैरसरकारी संगठनों के गठबंधन बाल विवाह मुक्त भारत ने दिया इन पहलों को पूर्ण समर्थन एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की आठ राज्य सरकारों ने अधिसूचनाएं जारी कर सरकारी अमले को अक्षय तृतीया के दौरान बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए गांवों और प्रखंडों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जनगणना के 2011 के आंकड़ों के अनुसार देश में रोजाना 4000 बच्चों को बाल विवाह के नर्क में झोंक दिया जाता है। लेकिन विवाह के लिए शुभ माने जाने वाले अक्षय तृतीया के दौरान बाल विवाहों की संख्या में खास तौर से भारी बढ़ोतरी देखने को मिलती है। लेकिन इस वर्ष राज्य सरकारों के सख्त रुख को देखते हुए इसमें कमी की उम्मीद की जा सकती है। दस मई को पड़ने वाली अक्षय तृतीया से पूर्व राज्य सरकारों की इस अभूतपूर्व सामूहिक पहलों का स्वागत करते हुए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान (सीएमएफआई) ने बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए इन प्रयासों में हरसंभव सहयोग का हाथ बढ़ाया है। सीएमएफआई गहरे तक जड़े जमाए बैठे इस सामाजिक अपराध के खात्म के लिए बाल विवाह के राष्ट्रीय औसत से ज्यादा दर वाले देश के 257 जिलों में जमीनी स्तर पर काम कर रहे 161 गैरसरकारी संगठनों का गठबंधन है। सरकार के इन प्रयासों में पूर्ण सहयोग की बात दोहराते हुए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के संयोजक रवि कांत ने कहा कि बाल विवाह एक गहरे तक जड़ें जमाए बैठा अपराध है जिसकी दुर्भाग्य से सामाजिक स्वीकार्यता है। इसके पूरी तरह खात्मे के लिए सभी हितधारकों की भागीदारी के साथ एक बहुआयामी रणनीति और समन्वित कार्रवाइयों की आवश्यकता है। यह तथ्य कि बाल विवाह के खात्मे के लिए इतनी राज्य सरकारों ने अद्वितीय संकल्प का प्रदर्शन करते हुए कई पहलें की हैं, उम्मीद जगाने वाला है। इस अक्षय तृतीया अगर हम बच्चों को बाल विवाह के नर्क में झोंके जाने से बचा सके तो यह न सिर्फ हमारी साझा लड़ाई में एक बड़ी जीत होगी बल्कि एक नए मानदंड स्थापित करेगी। इस हौसले, परस्पर सहयोग और कार्रवाइयों से भारत का 2030 तक बाल विवाह मुक्त होना निश्चित है। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की राज्य सरकारों ने अपने राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी कर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिये हैं। महिला एवं बाल कल्याण विभाग, पंचायती राज, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय और विभिन्न राज्यों के बाल अधिकार संरक्षण आयोगों ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए अपने गांवों और पंचायतों में अनिवार्य रूप से एक विवाह रजिस्टर रखने के निर्देश दिये हैं। साथ ही, कई राज्यों ने अपने प्रशासनिक अमले को विवाह संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाने वाले पंडितों, मौलवियों सहित सभी धर्मों के पुरोहितों, शादी में खाना बनाने वालों, शादी के कार्ड छापने वालों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं ताकि वे बाल विवाह के दुष्परिणामों और इसमें किसी भी तरह से भागीदार बनने के कानूनी परिणामों से अवगत हो सकें। इन निर्देशों के अलावा हरियाणा के महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने बाल विवाहों की रोकथाम के उपायों के तौर पर सभी जिलों के जिलाधिकारियों को पढ़ाई बीच में छोड़ देने वाले बच्चों और लंबे समय से स्कूल से नदारद बच्चों की विद्यालयवार सूची बनाने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने बाल विवाहों की रोकथाम में नाकामी पर गांव के मुखिया, पंचों और ग्रामस्तरीय बाल संरक्षण समितियों की जवाबदेही तय करने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पंड़ितों और मौलवियों को विवाह संपन्न कराने से पहले जोड़े की उम्र को सत्यापित करने का भी निर्देश दिया है जबकि राजस्थान के पंचायती राज विभाग ने अक्षय तृतीया पर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए सभी जिलाधिकारियों को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।बताते चलें कि हाल ही में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाई कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में राजस्थान सरकार को कहा कि वह सुनिश्चित करे कि इस अक्षय तृतीया कोई बाल विवाह नहीं होने पाये। साथ ही, हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि बाल विवाह को रोक पाने में विफल रहने पर पंचों व सरपंचों की जवाबदेही तय की जायेगी। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान देश के 161 गैरसरकारी संगठनों का गठबंधन है जो 2030 तक इस बुराई के खात्मे के खात्मे के लिए बाल विवाह की ऊंची दर वाले 257 जिलों में राज्य सरकारों के करीबी समन्वय के साथ जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। यह गठबंधन बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन ऋभु की किताब व्हेन चिल्ड्रेन हैव चिल्ड्रेन : टिपिंग प्वाइंट टू इंड चाइल्ड मैरेज में बाल विवाह के खात्मे के लिए सुझाई गई रणनीतियों व रूपरेखा पर अमल करते हुए यह अभियान चला रहा है। भुवन ऋभु इस गठबंधन में शामिल गैरसरकारी संगठनों के सलाहकार हैं।
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