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मोबाइल से दूर एक खूबसूरत बाल- प्रज्ञा संसार में शामिल शिशुगणों की प्रस्तुति सराही गयी
Published / 2024-05-28 20:51:09
मोबाइल से दूर एक खूबसूरत बाल- प्रज्ञा संसार में शामिल शिशुगणों की प्रस्तुति सराही गयी

एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुञ्ज के मार्गदर्शन में स्थानीय शक्तिपीठ एवं भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कोटा राजस्थान में चलाये गये पिछले पांच दिवसीय बालसंस्कार शाला शिविर सत्र के शानदार व भव्य कार्यक्रम आयोजन जिसमें बाल-वृन्द गणों के भव्य गीत गायन व लगन श्रद्धा  से प्रज्ञागीत युक्त आनंदमय वातावरण में संपन्न हुआ। इसमें पिछले चार दिनों में बच्चों ने जो सीखा उनकी बहुत मनमोहक, प्रेरक व उत्साहपूर्वक प्रस्तुतियां दीं। इसमें प्रात: कालीन जागरण के साथ दिन का शुभारंभ गायत्री महामंत्र सस्वर पाठ से लेकर रात्रिकालीन तक की दिनचर्या कैसी होनी चाहिए, जीवन जीने की कला कैसी हो तथा महापुरुषों के प्रेरक प्रसंगों को नाटिकाओं व अन्य कई रोचक माध्यमों  से हम बदलेंगे, युग बदलेगा, हम सुधरेंगे युग सुधरेगा, बच्चों को बताया गया।शिविरार्थी बच्चों ने भी संकल्प लेकर सबको आश्वस्त किया कि हम मोबाइल के लत से दूर रहेंगे और वर्जनाओं से बचेंगे। इस संस्कारवान बालकों के सराहनीय कार्यक्रम की सर्वत्र बच्चों में अनुकरण की चर्चा हो रही है। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

नारी नहीं, मशाल थीं वो...
Published / 2024-05-28 18:27:25
नारी नहीं, मशाल थीं वो...

राष्ट्रीय नारी शक्ति पुरस्कार विजेता दर्शना गुप्ता की स्मृति में विशेष कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने अर्पित किये श्रद्धासुमन एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। राष्ट्रीय नारी शक्ति पुरस्कार प्राप्त एवं अनेक शिक्षा, सामाजिक उत्थान व नारी सशक्तिकरण संगठनों का नेतृत्व करने वाली दर्शना गुप्ता की स्मृति में दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन हाल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन भिवानी परिवार मैत्री संघ ने किया।  कार्यक्रम का आरंभ संगीतांजलि से किया गया, जिसमें लोकप्रिय गायक स्वामी संजय प्रभाकरानंद ने अपने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के भावांजलि सत्र में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार, पूर्व केन्द्रीय मंत्री संतोष बगडोदिया, हंसराज कॉलेज की प्राचार्या डॉ रमा शर्मा एवं अग्रवाल समाज के स्तम्भ प्रदीप मित्तल, बालकिशन अग्रवाल, सुरेंद्र गुप्ता, गोपालशरण गर्ग, शिवरत्न गुप्ता, अशोक बुवानीवाला, अरुण अग्रवाल ने दर्शना जी को याद करते हुए उनके जीवन के अनेक महत्वपूर्ण संस्मरण सुनाये।काव्याजंलि सत्रकार्यक्रम के अत्यंत महत्वपूर्ण काव्यांजलि सत्र में प्रमोद शर्मा के संचालन में देश के मूर्धन्य कवि दिनेश रघुवंशी, गजेंद्र सोलंकी, राजेश चेतन, राजेन्द्र कलकल, रेखा गुप्ता, बलजीत कौर, परम सचिन शालीन ने अपनी रचनाओं और दर्शना गुप्ता की स्मृतियों से जुड़े संस्मरणों को भावपूर्ण शब्दों में पिरोकर सभी उपस्थित महानुभावों को भाव विभोर कर दिया। परिवार के सदस्यों पति अजय बनारसी दास गुप्ता, बेटी आकृति गर्ग एवं बहू इशिता गुप्ता ने दर्शना गुप्ता के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम के अंत में दर्शना गुप्ता के जीवन पर आधारित एक डाक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गयी, जिसमें शिक्षा, संस्कृति, समाज कल्याण में उनकी सहभागिता, उपलब्धियों को प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया। यहां बताना जरूरी है कि राष्ट्रीय नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित करते वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दर्शना गुप्ता को सामाजिक प्रेरणा का नाम दिया था।दीपांजलि सत्रकार्यक्रम के दीपांजलि सत्र में प्रियांश गुप्ता, विवेक गर्ग, प्रोमिला जी, मनु कटारिया ने दर्शना गुप्ता के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन में भिवानी परिवार मैत्री संघ के अध्यक्ष राजेश चेतन ने किया।

स्वस्थ स्त्रियों से ही खुशहाल पारिवार की परिकल्पना
Published / 2024-05-27 22:18:57
स्वस्थ स्त्रियों से ही खुशहाल पारिवार की परिकल्पना

मुकेश कुमार शर्मा एबीएन एडिटोरियल डेस्क। स्वस्थ जिंदगी हर किसी की पहली जरूरत होती है लेकिन बहुत से घरों में आज भी महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता में नहीं रखा जाता जो कि अत्यंत ही विचारणीय विषय है। महिला का पूर्ण स्वस्थ होना इसलिए भी बहुत जरूरी है क्योंकि वह अस्वस्थ हो जाए तो घर के बच्चों से लेकर बड़े तक सभी प्रभावित होते हैं। ऐसे में महिला बिस्तर पर पड़ जाए तभी डाक्टर के पास ले जाएं जैसी सोच को बदलना होगा और महिला को पूर्ण रूप से स्वस्थ बनाने के लिए हर जरूरी पहलू पर गंभीरता से विचार करना होगा। इसी सोच को परवान चढ़ाने के लिए हर साल 28 मई को महिला स्वास्थ्य के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस पर यौन और प्रजनन स्वास्थ्य पर भी खुलकर बात करने की जरूरत है ताकि महिला स्वतंत्र रूप से यह निर्णय ले सके कि उसे कब और कितना बच्चा चाहिए। प्रजनन स्वास्थ्य किसी भी महिला का भारतीय संविधान द्वारा दिया गया वह अधिकार है जिसमें समानता एवं शिक्षा का अधिकार, सही उम्र में विवाह का अधिकार, परिवार नियोजन अपनाने का अधिकार, महिला को बच्चा कब और कितना चाहिए यह निर्णय लेने का अधिकार तथा हिंसा मुक्त एवं पोषणयुक्त खुशहाल जीवन जीने का अधिकार शामिल है। अनचाहा गर्भधारण महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालने के साथ ही जान को जोखिम में डालने का काम करता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूद बास्केट आफ च्वाइस में से अपना मनपसन्द गर्भ निरोधक विकल्प चुनें और अनचाहे गर्भ से बचकर स्वस्थ रहें और घर में खुशहाली लाएं। इसमें पति से लेकर माता-पिता, सास-ससुर और परिवार के अन्य बड़े सदस्यों की भी अहम भूमिका हो सकती है। महिला स्वास्थ्य के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई दिवस को हर साल मनाने का मूल उद्देश्य महिलाओं को उनकी सेहत से जुड़े मुद्दों के बारे में पूर्ण रूप से शिक्षित करने के साथ ही उन्हें हर क्षेत्र में सशक्त बनाना है। महिलाओं को भेदभाव, घरेलू हिंसा, जबरदस्ती और उपेक्षा से बचाने के बारे में इस दिवस पर हर किसी का ध्यान आकर्षित किया जाता है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी जरूरी है। इस दिवस पर संकल्प लेने की जरूरत है कि महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच को आसान बनायेंगे। सुरक्षित एवं कानूनी गर्भपात के बारे में शिक्षित बनायेंगे। युवाओं के यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार के साथ ही एचआईवी/एड्स के प्रति भी जागरूकता लायेंगे। इस दिवस को मनाने की सार्थकता तभी है जब स्वास्थ्य देखभाल पहुंच में लैंगिक असमानता को पूरी तरह से दूर करते हुए महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य, मातृ कल्याण और यौन व प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार के प्रति सशक्त बनाया जाए। महिलाओं और लड़कियों को उच्च शिक्षा तक पहुंचने के लिए उचित और समान अवसर दिया जाये और व्यावसायिक प्रशिक्षण मुहैया कराया जाये। घरेलू हिंसा और संभावित मानव तस्करी पर चर्चा हो। कम उम्र में शादी और शादी के तुरंत बाद गर्भ धारण जैसी सोच को बदला जाए। करियर में उन्नति के लिए समान रास्ते विकसित करने के साथ ही वेतन असमानता को दूर करने की तरफ और पर्याप्त प्रयास हों। देश में आज भी 15 से 49 वर्ष आयुवर्ग की कम ही महिलाएं यौन संबंधों, गर्भनिरोधक साधनों के इस्तेमाल और यौन स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में अपनी पसंद को प्राथमिकता दे पाती हैं। इस तरह इस आयु वर्ग की बहुत सी महिलाओं के पास अब भी यौन और प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इस गंभीर विषय पर एकजुटता के साथ चर्चा की जाए और जागरूकता के उपायों पर विचार किया जाये। कार्यशालाओं आदि के माध्यम से गर्भपात से जुड़ीं भ्रांतियों को दूर किया जाए। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों का इस्तेमाल करते हुए महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता लायी जाए। सफल महिलाओं को सच्ची कहानियों का माध्यम बनाया जा सकता है, जिससे उनके संघर्ष से लेकर सफलता के पायदान को विस्तार से बताया जाए। यह कहानियाँ प्रेरक की भूमिका निभा सकती हैं। प्रचार-प्रसार के अन्य तरीकों जैसे- पोस्टर-बैनर, इलेक्ट्रानिक मीडिया आदि का भी सहारा लिया जा सकता है। ज्ञात हो कि वर्ष 1987 में दक्षिण अफ्रीका में पहली बार इस दिन को महिला स्वास्थ्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई दिवस के रूप में मान्यता दी गई थी। तब से हर साल यह दिन महिलाओं और स्वास्थ्य समूहों द्वारा मनाया जाता है। यह यौन अधिकारों, लैंगिकता, प्रजनन अधिकार, स्वास्थ्य आदि की पहचान के लिए एक मंच है। (लेखक, पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया के कार्यकारी निदेशक हैं।)

रांची : माहेश्वरी समाज के 25 युवा विद्यार्थियों ने रांची के बाहर से आकर किया पहली बार मतदान
Published / 2024-05-25 22:06:55
रांची : माहेश्वरी समाज के 25 युवा विद्यार्थियों ने रांची के बाहर से आकर किया पहली बार मतदान

टीम एबीएन, रांची। लोकसभा के चुनाव के इस महापर्व में रांची माहेश्वरी समाज के मतदाताओं विशेष कर युवा मतदाताओं और इनमें भी ऐसे युवा विद्यार्थी जो रांची से बाहर रहकर पढ़ते हैं और जिन्हें प्रथम बार मतदान देने की योग्यता प्राप्त हुई है इनमें विशेष उत्साह देखा गया। 25 युवा विद्यार्थी मतदाता विशेष रूप से इस मतदान में अपने वोट के अधिकार का प्रयोग करने के लिए 25 मई को रांची में आकर मतदान किया। राष्ट्रीय हित में अपने राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन करने की परंपरा युवाओं में देश के भविष्य के विकास के लिए एक नई उत्साह दिखाती है। कुछ युवा विद्यार्थी तो रिजर्वेशन नहीं मिलने की वजह से रांची नहीं आ सके। रांची माहेश्वरी समाज के दिन युवा विद्यार्थियों ने विशेष रूप से इस दिन के लिए बाहर से आकर अपने मतों का प्रयोग किया उनके नाम  हैं।मौके पर प्रत्यूष चितलांगिया, शिवांश साबू, रिद्धि चितलांगिया, नंदिनी साबू, गुन माहेश्वरी, अतुल शारदा, उज्जवल साबू, ऋतिक मारू, निखिल माहेश्वरी, यश साबू, सक्षम काबरा, सर्वेश साबू, अभिनव भाला, प्रथम भाला, ऋषभ कांकाणी संप्रति माहेश्वरी, आदेश सोमानी, राघव बिड़ला, समीक्षा सोडाणी, मंथन माहेश्वरी, प्रियांशु चितलांगिया, अभिनव कल्याणी, मुस्कान बोडा एवं खुशी बोडा उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी अशोक साबू और रश्मि मालपानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा ने कराया सदर अस्पताल में स्थायी प्याऊ का निर्माण
Published / 2024-05-24 21:14:38
मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा ने कराया सदर अस्पताल में स्थायी प्याऊ का निर्माण

जल है तो जीवन है, जल है तो कल है : डॉ प्रभात कुमारटीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा ने वासुदेव प्रसाद अमित कुमार और स्वर्गीय अंता देवी के सौजन्य से सदर अस्पताल में स्थायी प्याऊ का निर्माण कराया। जिससे अस्पताल परिसर में मरीज के साथ आये परिजनों को ठंडा पानी मिल सके। इस स्थायी प्याऊ का उद्घाटन सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने नारियल फोड़कर एवं पूजा- अर्चना कर की। साथ ही लड्डू प्रसाद का भोग लगाया गया। मौके पर डॉ प्रभात कुमार ने मारवाड़ी महिला सम्मेलन के जनसेवा कार्यो की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि सदर अस्पताल में स्थायी प्याऊ का निर्माण होने से मरीजों एवं सभी लोगों को शुद्ध पीने का ठंडा पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि जल है तो जीवन है जल है तो कल है। इस अवसर पर सदर अस्पताल के डॉ विमलेश सिंह (ड्यूटी  सुपरिटेंडेंट) मारवाड़ी महिला सम्मेलन की निवर्तमान राष्ट्रीय  सचिव रूपा अग्रवाल भी मुख्य रूप से उपस्थित थी। मौके पर शाखा ने सदर अस्पताल में बच्चों के बीच मिठाइयां एवं बिस्किट का वितरण किया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व अध्यक्ष गीता डालमिया, प्रादेशिक उपाध्यक्ष अलका सरावगी, रांची शाखा अध्यक्ष मधु सर्राफ, शाखा सचिव उर्मिला पाड़िया, प्रीती बंका, प्रीती पोद्दार, छाया अग्रवाल, संगीता गोयल, मंजू केडिया, कुसुम पटवारी, सीमा पोद्दार, स्वर्णालता जैन, रेखा जैन, सुनीता सरावगी, करुणा अग्रवाल, उषा सोंथालिया, मंजू तुलस्यान, इन सभी बहनों का सहयोग रहा। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने भी मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा द्वारा चलाए जा रहे हैं कल्याणकारी कार्यों की सराहना की है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा ने दी। उक्त जानकारी मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा के मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची ने चलाया पंछी को दाना-पंछी को पानी : जन जागरूकता अभियान
Published / 2024-05-23 21:07:22
श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची ने चलाया पंछी को दाना-पंछी को पानी : जन जागरूकता अभियान

टीम एबीएन, रांची। श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) ने आज गुरुवार को मोरहाबादी मैदान स्थित आक्सीजन पार्क के मुख्य द्वार पर पंछी को दाना-पंछी को पानी जन जागरूकता अभियान के पहले चरण का आयोजन किया। कार्यक्रम सुबह 6.30 बजे शुरू किया गया, जिसके तहत लोगों के बीच 200 सकोरा (मट्टी का बर्तन) एवं दाना का पैकेट का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया, ताकि इस भीषण गर्मी में पक्षियों को पीने का पानी एवं दाना मिल सके साथ ही उनके प्राणों की रक्षा हो सके। इस भीषण गर्मी में हम मनुष्य तो अपने सुख-सुविधा के लिये उपाय कर लेते हैं। परंतु इन बेजुबान पंछियों के पास इस तपती गर्मी से अपने प्राणों के रक्षार्थ कुछ नही होता।  एक तरफ जहां हम अपने स्वार्थ के लिए लगातार वृक्षों की कटाई कर पक्षियों के घरों को उजाड़ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण को बढ़ाकर प्रकृति से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रकृति रूपी भगवती की हम पूजा तो अवश्य करते हैं परंतु अपने क्रियाकलापों से उन्ही भगवती की अवहेलना भी करने में पीछे नहीं रह रहे हैं।  नतीजा हम सबके सामने है, जहां पहले के दिनों में पक्षी हमारे घर-आंगन में सुबह शाम चहचहाते रहते थे। वहीं आज सन्नाटा पसरा है। हमारे बड़े-बुजुर्ग यह भी मानते थे कि पक्षियों के वास से वास्तु-दोष काट जाता है एवं घर परिवार में खुशहाली रहती है। परंतु अब हालात यह है कि पक्षी बस अब चित्र एवं किताबों तक सिमट कर रह गये हैं।  पक्षी हमारे बीच से विलुप्त न हो जाये और इस भीषण गर्मी से उनके प्राणों के रक्षार्थ यह कार्यक्रम लोगों को जागरूक करने का एक अनूठा पहल है। कार्यक्रम में लोगों के बीच लगभग 200 सकोरा एवं दाना के पैकेट का वितरित कर उनसे निवेदन किया गया कि अपने घरों के छत एवं आंगन पर इसमें पानी भर कर रखें और साथ ही पक्षियों के खाने के लिए दाना भी दें।कार्यक्रम में श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची की ओर से हेमंत नाथ शाहदेव, आशुतोष कुमार, समरेंद्र सिंह, उदय नारायण पांडेय, अभिजीत रौनियार, सुचित्रा शाहदेव, रचना रौनियार, कीर्तिमान नाथ शाहदेव, नागदमनी नाथ शाहदेव, बाबागुरु नाथ शाहदेव, द्वेद नाथ शाहदेव, बद्रीनाथ शाहदेव, शांभवी शाहदेव, रितिका शाहदेव, यदुनाथ शाहदेव आदि शामिल हुए।

दोबारा होगी अयोध्या धाम में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा
Published / 2024-05-21 21:22:16
दोबारा होगी अयोध्या धाम में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा

शंकराचार्य ने जनवरी के कार्यक्रम को बताया राजनीतिक इवेंट एबीएन सेंट्रल डेस्क। जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिष्ठा दोबारा की जायेगी, जनवरी में की गयी प्रतिष्ठा राजनीतिक इवेंट था। ज्योतिष पीठाधीश्वर ने यह बात बुधवार को अलवर में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि धर्म शास्त्रों में कहीं नहीं लिखा है कि अधूरे मंदिर की प्रतिष्ठा की जाये। अभी 30 फीसदी निर्माण कार्य हुआ है, ऐसे में प्रतिष्ठा नहीं की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि कभी धर्म शास्त्रों के दुश्मन मत बनो। जब किसी का उद्देश्य पूरा नहीं होता, तो उसके दुष्परिणाम भी सामने आयेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हिंदुत्व के चेहरे के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक हिन्दुत्व की बात तो कोई भी कर सकता है, लेकिन सच्चा हिंदू वही है, जो राजनीति से पहले हिंदू की बात करे। राम मंदिर मामले पर विरोध के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमेशा सच का विरोध होता है। हमें इस मामले में गालियां भी सुननी पड़ीं। लाखों लोगों ने गालियां दीं, लेकिन अंत में लोग हमारे साथ हुए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी राम मंदिर का कोई मामला अदालत में नहीं लड़ा। वे गो प्रतिष्ठा संकल्प यात्रा के तहत दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को अलवर आये थे।  पूरे देश में निकाल रहे गौ रक्षा संकल्प यात्रा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- जिसने गौ हत्या रोकने की शपथ ली हैं, उसे वोट दीजिये। यही काम हम कर रहे हैं। पूरे देश में गौ रक्षा संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। इसके माध्यम से गायों को बचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राजस्थान के 50 जिलों में गौ संकल्प यात्रा निकाली जायेगी। इसकी शुरुआत अलवर से की जा रही है। इसमें हम यही संकल्प दिलवाते हैं कि गौ रक्षा करनी है। इससे पहले पंजाब के 23 जिलों में सम्मेलन किये गये। यह हर हिंदू का दायित्व है कि वह गाय की रक्षा करे।

जय केदार... सिर्फ चार दिन में धाम पहुंचे 1.26 लाख श्रद्धालु
Published / 2024-05-21 21:20:14
जय केदार... सिर्फ चार दिन में धाम पहुंचे 1.26 लाख श्रद्धालु

यात्रा ने पकड़ी रफ्तार, हर साल बन रहे नये रिकॉर्डएबीएन सेंट्रल डेस्क। केदारनाथ यात्रा में प्रतिवर्ष नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। साथ ही कारोबार के लिहाज से भी यात्रा ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर रही है। इस वर्ष 10 मई से शुरू हो रही यात्रा के दस दिनों में ही रिकॉर्ड 2.81 लाख श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। इनमें से 1.26 लाख श्रद्धालु बीते चार दिनों में ही धाम पहुंचे हैं। पंच केदार में प्रमुख व भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक केदारनाथ धाम में बीते नौ वर्ष से पुनर्निर्माण कार्य चल रहे हैं। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धाम पहुंचे और पुनर्निर्माण कार्य को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल करते हुए इसे तीन चरण में पूरा करने के लिए पांच बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। पहले चरण के कार्य धाम में पूरे हो चुके हैं, जिसमें मंदिर परिसर व मंदिर मार्ग के विस्तारीकरण के साथ ही आदिगुरु शंकराचार्य की समाधिस्थल का पुनर्निर्माण किया गया। जबकि दूसरे चरण के कार्य अभी चल रहे हैं। पुनर्निर्माण कार्यों की पीएम मोदी स्वयं कई बार मॉनीटरिंग कर चुके हैं। साथ ही वर्ष 2017 से 2022 तक वह 6 बार केदारनाथ भी पहुंच चुके हैं। पुनर्निर्माण कार्यों के बीच बाबा केदार की यात्रा प्रतिवर्ष रफ्तार भी पकड़ रही है।

संत अन्ना की पुत्रियों के धर्मसंघ रांची में 15 धर्मबहनों का प्रथम व्रतधारण
Published / 2024-05-21 21:12:48
संत अन्ना की पुत्रियों के धर्मसंघ रांची में 15 धर्मबहनों का प्रथम व्रतधारण

टीम एबीएन, रांची। 21 मई 2024 को 15 धर्मबहनों ने प्रथम व्रतधारण द्वारा संत अन्ना की पुत्रियों के धर्मसंघ में अपने को ईश्वर को समर्पित किया। यह धर्मविधि समारोही ख्रीस्तयाग के दौरान संत अन्ना जेनेरालेट में संपन्न हुई जो प्रात: 7 बजे शुरू हुई। इसके मुख्य अनुष्ठाता महामान्यवर भिन्सेंट आईन्द, डीडी, रांची महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष थे। श्रध्देय फा. मक्सीमुस टोप्पो, सामलोंग पैरिष के पल्ली पुरोहित एवं श्रध्देय फा. फुलदेव सोरेंग, ये.स. सहअनुष्ठाता थे। इस शुभ अवसर पर विभिन्न स्थानों से आए कुल 16 पुरोहितगण, अन्य धार्मिक संस्थाओं के धर्मसंघी, संत अन्ना की धर्मबहनें एवं कुछ अतिथिगण भी मौजूद थे। श्रध्देया सि. लीली ग्रेस तोपनो, डीएसए, संत अन्ना धर्मसंघ की परमाधिकारिणी ने नवव्रतधारिणियों के र्व्रतों को ग्रहण किया। उनके साथ उनकी तीन महासलाहकारिणियां- सि. सोसन बाड़ा डीएसए, सि. जसिंता केरकेट्टा डीएसए एवं सि. मोनिका कुजूर डीएसए सहित सि. सुजाता कुजूर, डीएसए, रांची प्रोविंस की प्रोविंशियल सुपीरियर तथा सि. अनिमा डांग, डीएसए, गुमला प्रोविंस की प्रोविंशियल सुपीरियर भी उपस्थित थीं।  अपने प्रवचन में महाधर्माध्यक्ष भिन्सेंट आईन्द ने कहा- धर्मसंघीय बुलाहट ईश्वर का एक अनमोल उपहार है जो दूसरों की सेवा हेतु ईश्वर द्वारा प्रदान किया जाता है। इसमें बहुत सारी चुनौतियां हैं मगर ईश्वर ही उन पर विजय पाने की शक्ति देता है। अत: हमें साहसपूर्वक ईश्वरीय बुलाहट का प्रत्युत्तर देते हुए उनके मिशन को आगे बढ़ाना है क्योंकि ईश्वर सदा हमारे साथ है। पंद्रह नवव्रतधारिणियों में से नौ गुमला प्रोविंस के लिए और छ: रांची प्रोविंस के लिए हैं। वे हैं- सि. नैना तिग्गा, सि. निमोन्ती टोप्पो, सि. रीना जोजो, सि. समीरा तिर्की, सि. अंजलीना सुरीन, सि. मलाईका कुजूर, सि. रोजलिना बाड़ा, सि. सुषीला बा:, सि. विद्या लकड़ा (गुमला प्रोविंस)। सि. शर्मिला लकड़ा, सि. देवकिरण भेंगरा, सि. नीलम होरो, सि. अरूणा कुजूर, सि. असमिका विरांग मुंडरी एवं सि. जेम्मा समीरा कंडीर (राँची प्रोविंस)। पवित्र मिस्सा के तुरंत बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम था जिसमें सभी उपस्थित अतिथियों ने नवव्रतधारी धर्मबहनों को अपनी शुभकामनाएं दीं। तत्पश्चात उन्होंने प्रीतिभोज का आनन्द उठाया।

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