Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन

समाज

View All
फिलहाल महंगे मोबाइल टैरिफ से राहत नहीं
Published / 2024-08-28 18:26:30
फिलहाल महंगे मोबाइल टैरिफ से राहत नहीं

ट्राई के सुझाव को टेलीकॉम कंपनियों ने ठुकरायाएबीएन सेंट्रल डेस्क। महंगे मोबाइल टैरिफ से परेशान ग्राहकों को टेलीकॉम कंपनियों से कोई राहत नहीं मिलने वाली है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के एक सुझाव पर टेलीकॉम कंपनियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बंडल पैक के बजाय केवल एसएमएस या कॉल के पैक की जरूरत नहीं है। कंपनियों का कहना है कि मौजूदा टैरिफ प्लान ग्राहकों की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं।टेलीकॉम कंपनियों की प्रतिक्रियाएं ट्राई ने पिछले महीने एक कंसल्टेशन पेपर जारी कर टेलीकॉम कंपनियों को सुझाव दिया था कि वे ग्राहकों के लिए बिना डेटा वाला, सिर्फ वॉयस और एसएमएस वाला पैक लॉन्च करें। इस पर टेलीकॉम कंपनियों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं...एयरटेलएयरटेल ने ट्राई के सुझाव पर कहा कि मौजूदा प्लान सिंपल और सीधी तरह से समझने योग्य हैं। उन्होंने कहा कि खासकर उम्रदराज ग्राहक आॅल-इनक्लूसिव बंडल्ड वॉयस, डेटा और एसएमएस पैक को पसंद करते हैं, जो जटिल नहीं होते और इनमें किसी भी तरह के हिडन चार्ज नहीं होते हैं। इन पैकों से ग्राहकों को अलग-अलग प्लान को मैनेज करने की जरूरत नहीं पड़ती।जियोजियो ने अपनी प्रतिक्रिया में एक सर्वे का हवाला दिया है, जिसमें बताया गया कि 91% मोबाइल यूजर्स मौजूदा टैरिफ को किफायती मानते हैं, जबकि 93% उपभोक्ताओं का कहना है कि बाजार में उनके पास पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।वोडाफोन-आइडिया (वीआई)वीआई ने तर्क दिया कि सिर्फ वॉयस या एसएमएस पैक लॉन्च करने से देश में डिजिटल डिवाइड बढ़ेगा। इस तरह के पैक लाने से नॉन-डेटा यूजर्स डिजिटल सेवाओं का अनुभव लेने के प्रति हतोत्साहित होंगे।ट्राई का तर्कट्राई ने अपने कंसल्टेशन पेपर में कहा था कि वर्तमान में बाजार में उपलब्ध टैरिफ आफर मुख्य रूप से बंडल्ड हैं, जिनमें डेटा, वॉयस, एसएमएस और ओटीटी सर्विसेज शामिल होती हैं। ये बंडल आॅफर सभी सब्सक्राइबर्स की जरूरतों को पूरा नहीं करते क्योंकि सभी सब्सक्राइबर्स सारी सेवाओं का इस्तेमाल नहीं करते। इससे उन्हें उन सेवाओं के लिए भी भुगतान करना पड़ता है जिनका वे उपयोग नहीं करते हैं।

सुकरहुटू गौशाला के गौ परिक्रमा मंदिर में धूमधाम से मनी जन्माष्टमी
Published / 2024-08-27 18:19:29
सुकरहुटू गौशाला के गौ परिक्रमा मंदिर में धूमधाम से मनी जन्माष्टमी

सांवली सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया...टीम एबीएन, रांची। सुकरहुटू कांके गौशाला में श्री गोपाल कृष्ण जी के गौ परिक्रमा  मंदिर मे गौ माता सेवा समिति रांची के तत्वाधान मे श्री कृष्ण जन्माष्टमी बड़े ही हर्षोल्लास भक्तिमय एवं उल्लासपूर्वक के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर भगवान का विग्रह, मंदिर परिसर एवं श्री कृष्ण गोपाल जी को सुगंधित पुष्पों से अलौकिक नयनाभिराम श्रृंगार किया गया। शाम 4 बजे कार्यक्रम की शुभारंभ गणेश वंदना के साथ की गयी। इसके बाद संस्था के भजन गायकों ने संगीतमय संकीर्तन प्रारंभ कर भजनों की अमृत वर्षा की तथा अपने मधुर भजनों के गंगा प्रवाहित कर भगवान श्रीकृष्ण के श्री चरणों में भजनों की लड़ी लगा दी। भक्तगण यशोदा मां को होयो रे लाल, बधाई सारा भक्ता ने, अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम, सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया, गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है... जैसे भजनों पर खूब झूमे। भगवान श्री कृष्ण को महाभोग प्रसाद, धनिया व आटे की पंजीरी, बादाम, किशमिश, काजू, मिश्री, दूध, मक्खन, पंचामृत एवं मखाने की खीर, नारियल के लड्डू, पेड़ा, चॉकलेट का भोग अर्पित किया गया। रात्रि 12 बजे शंखनाद के बीच श्री कृष्ण का जन्म हुआ। सभी भक्तगण नंद के आनंद भयो- जय कन्हैया लाल की... जयघोष के साथ भगवान का झूला झूलाने लगे। उपस्थित भक्तों के बीच बधाई एवं प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर गौ माता सेवा समिति के पदाधिकारीगण, सदस्यगण एवं बड़ी संख्या मे भक्तिगण उपस्थित थे।

कृष्णा तेरी मुरली ते भला कौन नी नचदा...
Published / 2024-08-25 20:32:44
कृष्णा तेरी मुरली ते भला कौन नी नचदा...

टीम एबीएन, रांची। श्री राधा कृष्ण मंदिर में आज दिनांक 25/08/24 दिन रविवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य के पूर्व में भव्य शोभा यात्रा सुबह 7:00 बजे से निकाली गई जिसमें मुख्य आकर्षण का केंद्र श्री लड्डू गोपाल जी की अलौकिक झांकी थी जो कृष्ण नगर कॉलोनी की विभिन्न गलियों से होते हुए श्री राधा कृष्ण मंदिर में समाप्त हुईं तत्पश्चात् भक्तों के लिए प्रसाद  का वितरण किया गया शोभा यात्रा में भक्तों के द्वारा चौक चौराहा पर पुष्प वर्षा के साथ प्रसाद का भी वितरण भक्तों के द्वारा किया गया। शोभायात्रा में दुर्गा जागरण मंडली के गायकों द्वारा भजनों की गंगा बहाई गई I जिससे पूरा कृष्णा नगर कॉलोनी भक्ति मय  हो गया दुर्गा जागरण मंदिर के केसर पपनेजा, पवन मनुजा, मनोज किंगर, ज्योति अरोड़ा और चंदन सरदाना के द्वारा भजनों की गंगा बहाई गयी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी अरुण जसूजा ने दी।दिनांक 26/08/24 दिन सोमवार को श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्री कृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर रात्रि 9:00 बजे से वृंदावन से पधारे श्री रसिक पुराण पागल के द्वारा सुमधुर भजनों का कार्यक्रम होगा एवं दुर्गा जागरण मंडली के द्वारा भी भजनों का कार्यक्रम होगा एवं सुबह 11:30 बजे से 1:00 बजे तक मंदिर के पंडितों द्वारा संस्कृत में श्री भागवत गीता का पाठ होगा और दोपहर 2 बजे से 6:00 बजे तक सामूहिक हरि गीता का पाठ भक्तों के द्वारा किया जायेगा।इस अवसर पर मंदिर परिसर को विशेष तौर पर सजाया गया है इस कार्यक्रम को सफल बनाने में   मनोहर लाल जसूजा  मुखी राधेश्याम किंगर चंद्रभान तलेजा केसर पपनेजा  रामचंद्र  तलेजा,नंदकिशोर अरोड़ा मनोज किंगर, हरीश अरोड़ा   चुन्नीलालपपनेजा चन्दन सिडाना अरुण जसूजा किशोरी पपनेजा , गौरीशंकर मादनपोत्रा, हरीश मनुजा,  प्रवीण घई,  विशाल अरोड़ा कमल घई नरेश खत्री, हरीश नागपाल, नरेश अरोड़ा, मुकेश तलेजा  विजय जसूजा, विनीत अरोड़ा, पंकज गक्कड़, पवन मनुजा सुनील कटारिया, पवन पपनेजा अनिल मुंजाल निखिल घई, उमंग मनुजा, रोहित तलेजा, विशाल अरोड़ा, रौनक मिड्ढा, ललित किंगर, सुशील गेरा, गौरव किंगर, संजय पपनेजा, मुकेश मुंजाल, कौशल्या देवी, पूनम तलेजा लाजवंती किंगर, राज देवी मनुजा शकुंतला देवी मुंजाल ज्योति अरोड़ा नीलम अरोड़ा, राधा देवी तलेजा बबीता पपनेजा, शशि किंगर, हेमा मुंजल हर्षिता जसूजा सिम्मी पपनेजा, संगीता मिढा, रूबी अरोरा, निशा पपनेजा, कामना खत्री, दीपा अरोड़ा, सिमरन बरेजा निशा तलेजा, पूजा जसूजा, रेखा घई,  रश्मि कठपाल कांता देवी अरोड़ा, श्वेता चावला, शालू मिड्ढा, सुनीता विज, संगीता मादनपोत्रा, ऋचा मिड्ढा, भावना किंगर, पिंकी तलेजा, छाया पपनेजा और इनके समाज के कई लोग अपना योगदान दे रहे हैं।

सावधान : एक सितंबर से बदल रहे कई नियम, जेब पर पड़ेगा असर
Published / 2024-08-24 21:20:59
सावधान : एक सितंबर से बदल रहे कई नियम, जेब पर पड़ेगा असर

1 सितंबर से LPG के दाम समेत होंगे कई बड़े बदलावआम आदमी की जेब पर पड़ सकता है असरएबीएन सोशल डेस्क। अगस्त 2024 का महीना अपने आखिरी पड़ाव पर है और सितंबर दस्तक देने के लिए तैयार है। 1 सितंबर 2024 से कुछ महत्वपूर्ण नियम बदलने वाले हैं, जो सीधे तौर पर आम आदमी की जीवनशैली और खर्चों पर असर डालेंगे। इन बदलावों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें, आधार कार्ड अपडेट, क्रेडिट कार्ड नियम, सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े नियम शामिल हैं।आपको बता दें कि 1 सितंबर से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संभावित बदलाव हो सकता है। पेट्रोलियम विपणन कंपनियां हर महीने एलपीजी के घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। अगस्त में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में 8.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। सितंबर में भी घरेलू और कॉमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडरों के दामों में बदलाव की संभावना है, जो आपके घरेलू बजट पर असर डाल सकता है।एयर टर्बाइन फ्यूल और सीएनजी-पीएनजी के दामवहीं एलपीजी के अलावा, 1 सितंबर से हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) और सीएनजी-पीएनजी के दामों में भी संशोधन किया जा सकता है। यह बदलाव यात्रियों के टिकट के दामों और सीएनजी-पीएनजी वाहन उपयोगकर्ताओं पर सीधा प्रभाव डाल सकता है।फर्जी कॉल और एसएमएस से जुड़े नये नियमइसके साथ ही आपको बता दें कि दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 1 सितंबर से फर्जी कॉल और एसएमएस को रोकने के लिए नये नियम लागू करने का फैसला किया है। टेलीकॉम कंपनियों को 140 मोबाइल नंबर सीरीज से शुरू होने वाली टेलीमार्केटिंग कॉल्स और एसएमएस को ब्लॉकचेन बेस्ड प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को फर्जी कॉल और एसएमएस से राहत मिलने की उम्मीद है। क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलावसाथ ही एचडीएफसी बैंक ने क्रेडिट कार्ड के उपयोग से जुड़े नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। 1 सितंबर से यूटिलिटी ट्रांजेक्शन पर रिवॉर्ड प्वाइंट्स की सीमा 2000 प्वाइंट्स प्रति माह कर दी जायेगी। इसके अलावा, थर्ड पार्टी ऐप्स से शिक्षा संबंधी भुगतान पर भी कोई रिवॉर्ड नहीं मिलेगा। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने भी क्रेडिट कार्ड पर देय न्यूनतम राशि की सीमा को घटाकर 15 दिन कर दिया है।सरकारी कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरीवहीं सरकारी कर्मचारियों के लिए यह सितंबर खुशखबरी लेकर आ सकता है। केंद्र सरकार 1 सितंबर से महंगाई भत्ते (DA) में 3% की वृद्धि की घोषणा कर सकती है। इससे सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में वृद्धि होगी, जिससे उनके खर्चों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।मुफ्त आधार कार्ड अपडेट की सुविधाइसके अलावा आपको बता दें कि आधार कार्डधारकों के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि 1 सितंबर से वे अपने आधार कार्ड को मुफ्त में अपडेट कर सकेंगे। यह सुविधा 14 सितंबर 2024 तक उपलब्ध रहेगी, जिसके बाद अपडेट के लिए शुल्क देना पड़ेगा।

नाग देवता की पूजा पर समर्पित गोगा नवमी त्योहार 27 को
Published / 2024-08-24 16:33:15
नाग देवता की पूजा पर समर्पित गोगा नवमी त्योहार 27 को

भगवान गोगा की पूजा करने से सांपों एवं अन्य बुराइयों से रहते हैं सुरक्षित : संजय सर्राफएबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता सह रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ ने कहा है कि हिंदुओं का त्योहार गोगा नवमी 27 अगस्त को मनाया जायेगा। गोगा नवमी जिसे गुगा नौमी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व मारवाड़ी समाज के घरों में भी उल्लासपूर्वक मनाया जाता है। गोगा नवमी भगवान गुगा यानि नाग देवता की पूजा के लिए समर्पित है। गोगा नवमी भाद्र पद महीने में कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मनायी जाती है। हिंदू परंपराओं में गोगाजी जिन्हें जहर वीर गोगा भी कहा जाता है वे एक लोकप्रिय लोक देवता है जिनकी भारत के उत्तरी राज्यों विशेष रूप से राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब में पूरी श्रद्धा के साथ पूजा की जाती है। गोगा नवमी गोगाजी के सम्मान में मनाया जाने वाले महत्वपूर्ण हिंदू त्योहारों में से एक है। मान्यता है कि वे भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी को प्रकट हुए थे। इसलिए हिंदू उन्हें यह दिन समर्पित करते हैं, गोगा को शक्तिशाली राजपूत राजकुमार के रूप में जाना जाता है जिनके पास विषैला सांपों को नियंत्रित करने की अलौकिक शक्तियां थी। इस दिन अनुष्ठानों के एक भाग के रूप में उनकी कहानियों के विभिन्न संस्करण सुनाये जाते हैं। कुछ कहानियों में उनके दिव्य जन्म, उनके विवाह, पारिवारिक जीवन, युद्ध, सांप के काटने पर उपचार करने की उनकी अविश्वसनीय कला और पृथ्वी से उनके गायब होने का वर्णन है। हिंदुओं का मानना है कि इस दिन उनकी पूजा करने से वे सांपों और अन्य बुराइयों से सुरक्षित रहते हैं। उसके अलावा एक लोकप्रिय मान्यता यह भी है कि भगवान गुगा बच्चों को सभी नुकसानों से बचाते हैं। इसलिए विवाहित महिलाएं गोगा नवमी पर पूजा करती है और अपने बच्चों की भलाई और लंबी उम्र के लिए उनसे प्रार्थना करती है। कुछ निःसन्तान विवाहित महिलाएं भी इस दिन संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करती है।गोगा नवमी के दिन भक्त गोगा जी की मूर्ति की पूजा करते हैं वे नीले रंग के घोड़े पर सवार दिखाई देते हैं और पीले और नीले रंग के झंडे भी थामे रहते हैं। कुछ क्षेत्रों में भगवान गोगा की पूजा का अनुष्ठान श्रावण पूर्णिमा रक्षाबंधन के दिन से शुरू होता है और नवमी तक नौ दिनों तक चलता है। इसी कारण इसे गोगा नवमी के नाम से भी जाना जाता है।इस दिन सभी गोगाजी की कथा का पाठ करते हैं एवं विधिवत पूजा-अर्चना पूरे होने के बाद भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में चावल और चपाती वितरित की जाती है। भगवान गोगा को राखी या रक्षा सूत्र भी बांधते हैं एवं रक्षाबंधन में बांधी गई रक्षा सूत्र को समर्पित करते हैं ताकि किसी भी चोट या नुकसान से सुरक्षा का आश्वासन मिल सके।

माहेश्वरी समाज के लिए खास कजली तीज 22 अगस्त को
Published / 2024-08-21 20:31:14
माहेश्वरी समाज के लिए खास कजली तीज 22 अगस्त को

एबीएन सोशल डेस्क। हिंदी कैलेंडर के अनुसार भादो तृतीय कजली / सातूड़ी तीज माहेश्वरी समाज के लिए खास त्यौहार हरियाली तीज से सुहागन महिला एवं कुवारी लड़कियां हाथो में मेहंदी रचा, झूला सजा, तीज के गीत, डांस के साथ शुरू करती है सिंधारा का प्रोग्राम। गेहूं आटा, बेसन, चावल आटा, मैदा से बनाकर ड्राई फ्रूट्स से सजा कर घर में ही मिठाई बनायी जाती है, जिससे सत्तू या पिंडा कहा जाता है। तीज के पहले दिन नवविवाहित के लिए पहली तीज स्पेशल होती है। इस दिन पीहर ससुराल से गिफ्ट्स मिलते हैं। तीज को दिन भर उपवास कर शाम को महिलाएं सोलह श्रृंगार कर एकत्रित होकर नीमरी माता जो कि मिट्टी की पाल बनाकर नीम की डाली लगाकर बनायी जाती है। पूजा कर सुहागन पति की लंबी आयु, घर परिवार की सलामती और कुमारी लड़कियां अच्छे घर वर की कामना कर चंद्रमा को अर्घ्य देकर सिर्फ फ्रूट्स और मिठाई वाली सत्तू प्रसाद रूप ग्रहण करती है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रश्मि कोठारी मालपानी ने दी।

श्रावण पूर्णिमा को हुई एडब्लूजीपी विश्वस्तरीय महिला मंडल की सामूहिक चांद्रायाण मास पारायण साधना की महापूणार्हूति
Published / 2024-08-20 18:26:42
श्रावण पूर्णिमा को हुई एडब्लूजीपी विश्वस्तरीय महिला मंडल की सामूहिक चांद्रायाण मास पारायण साधना की महापूणार्हूति

एबीएन सोशल डेस्क। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर प्रारंभ हुई गायत्री परिवार के संकल्पित साधक-शिष्यों की विश्वस्तरीय चंद्रायाण व्रत उपवास साधना जो 19 जुलाई (गुरु-पूर्णिमा) से शुभारंभ होकर 19 अगस्त को श्रावणी पूर्णिमा को संपन्न होनी थी, वह श्रावण पूर्णिमा को संपन्न हुई। साधना का मुख्य लक्ष्य ऊर्जा में आकर्षण, मनोबल, आत्मबल प्रदान करने वाले चंद्रमा का ध्यान, वरिष्ठ परिजनों के साथ छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा भी किया जाना रहा। साधक सामूहिक जप, गायत्री मंत्र-लेखन भी रहा। विश्वस्तरीय सामूहिक अनुष्ठान में सभी ने प्रतिदिन गृहे गृहे व शक्तिपीठों में सामूहिक साधना, स्वाध्याय साधना, चंद्र ध्यान साधना की थी।देश विदेश से जुड़े सभी वरिष्ठ भी साधक-साधिका एवं नन्हें मुन्ने साधक परिजनों ने सामूहिक साधना से उत्पन्न ऊर्जा शक्ति को गुरुसत्ता के चरणों में नवयुग सृजन हेतु एवं विश्वकल्याण हेतु समर्पित किया। सोमवार सावन पूर्णिमा को इस उच्चस्तरीय आध्यात्मिक साधनात्मक चंद्रायण जप-अनुष्ठान अभियान की महापूणार्हुति ब्रह्मा विष्णु महेश एवं चन्द्रदेव सहित सर्वदेवों की विधिवत वैदिक विधान से विस्तृत रूप से संपन्न हुई। इस अवसर पर शांतिकुंज से आदरणीया शैल जीजी के प्राप्त शुभकामना व बधाई संदेश को यज्ञाचार्य ने बताया। व्रतधारियों ने इस अवसर पर देवकन्या पूजन-अर्चन, नमन-वंदन व अभिनंदन सहित भोजन प्रसाद ग्रहण कराया। फिर रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहनों ने रक्षासूत्र बंधाकर सोल्लास संपन्न किया और सबके लिए स्वस्थ-सुखद, आनंदमय मंगलमय वातारणपूर्ण जीवन के स्वस्तिवाचन पाठ किये। इसके अतिरिक्त इस अवसर पर मासिक पूर्णिमा पर अखंड जप-अनुष्ठान करने वाले समूह भी 24 घंटे के आनलाइन जप-अनुष्ठान में शामिल हैं। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने दी।

जानें रक्षाबंधन का इतिहास, क्यों बांधी जाती है राखी...
Published / 2024-08-18 23:22:15
जानें रक्षाबंधन का इतिहास, क्यों बांधी जाती है राखी...

राजकुमारी पाण्डेयएबीएन सोशल डेस्क। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्रावण माह की पूर्णिमा को रक्षा बंधन या कहें कि राखी का त्योहार मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार यह पर्व 19 अगस्त 2024 सोमवार को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं इस त्योहार को मनाए जाने की पौराणिक मान्यताएं।भविष्य पुराण में कहीं पर लिखा है कि सबसे पहले इंद्र की पत्नी शचि ने वृत्तसुर से युद्ध में इंद्र की रक्षा के लिए रक्षा सूत्र बांधा था। इसलिए जब भी कोई युद्ध में जाता है तो उसकी कलाई पर कलाया, मौली या रक्षा सूत्र बांधकर उसकी पूजा की जाती है। देवी लक्ष्मी ने राजा बलि को अपना भाई बनाकर हाथों में अपने पति की रक्षा के लिए यह बंधन बांधा था और अपने बंधक पति श्रीहरि विष्णु को अपने साथ ले गई थी। हमें स्कंद पुराण, पद्मपुराण और श्रीमद्भागवत पुराण में मिलती है। क्या है कथाकथा के अनुसार भगवान विष्णु ने अदिति के गर्भ से वामन अवतार लिया और ब्राह्मण के वेश में असुरराज राजा बली के द्वार भिक्षा मांगने पहुंच गए। चूंकि राजा बली महान दानवीर थे तो उन्होंने वचन दे दिया कि आप जो भी मांगोगे मैं वह दूंगा। भगवान ने बलि से भिक्षा में तीन पग भूमि  मांग ली। बली ने तत्काल हां कर दी, क्योंकि तीन पग ही भूमि तो देना था। लेकिन तब भगवान वामन ने अपना विशालरूप प्रकट किया और दो पग में सारा आकाश, पाताल और धरती नाप लिये। फिर पूछा कि राजन अब बताइये कि तीसरा पग कहां रखूं? तब विष्णुभक्त राजा बली ने कहा, भगवान आप मेरे सिर पर रख लीजिए और फिर भगवान ने राजा बली को रसातल का राजा बनाकर अजर-अमर होने का वरदान दे दिये। लेकिन बली ने इस वरदान के साथ ही अपनी भक्ति के बल पर भगवान से रात-दिन अपने सामने रहने का वचन भी ले लिये। भगवान को वामनावतार के बाद पुन: लक्ष्मी के पास जाना था लेकिन भगवान ये वचन देकर फंस गयें और वे वहीं रसातल में बली की सेवा में रहने लगे। उधर, इस बात से माता लक्ष्मी चिंतित हो गई। ऐसे में नारदजी ने लक्ष्मीजी को एक उपाय बताया। तब लक्ष्मीजी ने राजा बलि के पास जाकर राजा बली को राखी बांध अपना भाई बनाई और अपने पति को अपने साथ ले आई। उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी। तभी से यह रक्षा बंधन का त्योहार प्रचलन में हैं।माना जाता है कि राजसूय यज्ञ के समय जब श्रीकृष्ण ने शिशुपाल का वध कर दिया था तो तब उनकी अंगुली से खून बहने लगा था। इसे देखकर द्रौपदी ने तुरंत ही अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़कर उनकी अंगुली पर बांध दी थी। इस कर्म के बदले श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को आशीर्वाद देकर कहा था कि एक दिन मैं अवश्य तुम्हारी साड़ी की कीमत अदा करूंगा। इन कर्मों की वजह से श्रीकृष्ण ने द्रौपदी के चीरहरण के समय उनकी साड़ी को इस पुण्य के बदले ब्याज सहित इतना बढ़ाकर लौटा दिया और उनकी लाज बच गई। कहते हैं कि इसी के बाद रक्षा बंधन पर बहन द्वारा राखी बांधने की परंपरा की शुरुआत हुई थी।क्या है दूसरी कहानीदूसरी कहानी यह है कि जब महाभारत का युद्ध शुरू हो रहा था, तब युधिष्ठिर कौरवों से युद्ध करने जा रहे थे। इस दौरान उन्हें सिर्फ यही चिंता थी कि युद्ध को कैसे जीता जाए? इस बात का निवारण जब भगवान श्री कृष्ण से पूछा गया तो उन्होंने सभी सैनिकों के हाथों में रक्षा सूत्र बंधवाने को कहा। श्रीकृष्ण के कहते ही सभी सैनिकों के हाथ में रक्षासूत्र बांध दिए गए और महाभारत में उनको जीत हासिल हुई। इसलिए भी रक्षा बंधन पर बांधे जाने वाले रक्षा सूत्र का काफी ज्यादा महत्व माना गया है।

तेरापंथ युवक परिषद रांची ने दो जगह लगाया रक्तदान शिविर, 117 यूनिट रक्त संग्रह
Published / 2024-08-18 22:03:00
तेरापंथ युवक परिषद रांची ने दो जगह लगाया रक्तदान शिविर, 117 यूनिट रक्त संग्रह

एबीएन सोशल डेस्क। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद  के निर्देशन में मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव के अंतर्गत तेरापंथ युवक परिषद रांची के द्वारा मोशन क्लासेस, आईआईएम राँची में रक्तदान शिविर लगाया गया। जिसमें सदर अस्पताल ब्लड बैंक और हेल्थ पॉईंट ब्लड बैंक का सहयोग रहा। दोनों जगह कुल मिलाकर 141 इच्छुक  लोगों ने अपना रेजिस्ट्रेशन करवाया जिसमे से मोशन क्लासेस में 29 यूनिट तथा आईआईएम राँची में 88 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। शिविर को अपने संस्थान में लगाने में  मोशन क्लासेस, के निदेशक कृष्णा अग्रवाल, आईआईएम रांची के निदेशक दीपक श्रीवास्तव का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।तेरापंथ युवक परिषद के  द्वारा हर वर्ष एमएमबीडी के तहत रक्तदान शिविर विभिन्न जगह पर, संस्थानों के सहयोग से एवं ब्लड बैंक के सहयोग से लगाया जाता हैं! अभी तक 2 शिविर लगाए गए है, ओर भी शिविर लगायें जाएंगे। तेयुप राँची को ब्लड बैंक के द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। तेरापंथ युवक परिषद रांची के अध्यक्ष अमित बैंगानी ने बताया कि ओर भी शिविर लगाने हेतु संस्थानों के साथ बात चल रही है, शीघ्र ही आने वाले दिनों में 4-5 शिविर ओर लगायें जाएंगे। दोनों जगह के शिविर का मुख्य प्रबंधन विशाल दस्सानी के द्वारा किया गया। शिविर के संयोजन में तेयुप अध्यक्ष अमित बैंगानी, मंत्री आकाश बेंगानी, कोषाध्यक्ष विवेक बैंगानी, ललित सेठिया, अरिहंत सिंघवी, पंकज बोहरा, विकाश नाहटा, अमन सेठिया, मंयक कोठारी , महिला मंडल मंत्री पूजा नाहटा, नेहा बैंगानी, रिद्धि बांठिया, प्रिया कोठारी आदि ने सहयोग दिया।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.