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श्रावण माह में भगवान शंकर की आराधना से मिलता है मनोवांछित फल
Published / 2024-08-01 20:51:36
श्रावण माह में भगवान शंकर की आराधना से मिलता है मनोवांछित फल

एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग व राष्ट्रीय सनातन एकता मंच के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ श्रावण माह की महत्ता को बताते हुए कहा कि देवताओं एवं दानवों के द्वारा समुद्र मंथन से 14 रत्न प्राप्त हुए थे, जिनमें विष भी एक रत्न था। संसार को विष के ताप से बचने के लिए भगवान शंकर ने उसे अपने कंठ में धारण किया, तब से उनके माथे पर (शिवलिंग) जलाभिषेक किया जाने लगा जिससे उन्हें शीतलता प्राप्त होती है। भगवान शंकर के अभिषेक में जल, घी, दूध, दही और चंदन इत्यादि शीतलता प्रदान करने वाली वस्तुएं प्रयोग में लायी जाती है। चंद्रमा उनके माथा पर सदैव विराजमान होकर उन्हें शीतलता प्रदान करती है। मनुष्य के जीवन में विपरीत परिस्थिति, चिंता एवं तनाव और हतोत्साह का जलन आता ही रहता है।हमारे जीवन के ताप को भी शीतलता की आवश्यकता होती है। अध्यात्म विज्ञान की शुरुआत शरीर, मस्तिष्क, मन और भावना की शीतलता से होती है। शीतलता ही पवित्रता का ही पर्याय है। शीतलता सद्ध जाने के बाद ज्ञान का उदय होता है और ज्ञान के बल पर भौतिक एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए भगवान शंकर का वरदान रूपी सफलता प्राप्त होती है।

श्री श्याम संघ ने मनाया कामिका एकादशी
Published / 2024-07-31 20:54:07
श्री श्याम संघ ने मनाया कामिका एकादशी

31 किलो नाशपाती फल से सजा बाबा का दरबारटीम एबीएन, रांची। श्री श्याम संघ ने आज 31 जुलाई को स्थानीय श्री राधावल्लभ मंदिर में कामिका एकादशी मनाया। मुख्य यजमान संस्था के अध्यक्ष कमलेश संचेती ने सर्वप्रथम बाबा श्याम के ज्योत को प्रज्ज्वलित किया इसके बाद गणेश वंदना के साथ भजनों के कार्यक्रम को शुरू किया गया। कामिनी एकादशी के अवसर पर श्याम बाबा के शीश का भव्य श्रृंगार किया गया था। इस बार एकादशी 31 जुलाई को होने से 31 किलो नाशपाती फल से बाबा के दरबार को सजाया गया था। इसके अलावा अखंड ज्योत एवं महाप्रसाद का आयोजन किया गया। बाबा श्याम को आज मलाई टोस्ट, रबड़ी, पेड़ा, मेवा, केसरिया दूध, मगही पान का भोग लगाया गया। मंत्री संजय सुरेका ने बताया की सावन मास की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है. कामिका एकादशी के दिन जो भी व्यक्ति व्रत रखता है, उसे सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है। इस व्रत को करने से जीवन के सभी दुखों से मिलती है और भगवान विष्णु की असीम कृपा से हर मनोकामना पूरी होती है। इस एकादशी तिथि के दिन भगवान विष्णु के साथ ही भगवान शिव का उपासना करने से सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। संस्था के सदस्यों ने मीठे मीठे भजनों का रसपान करवाया। रात्रि 11 बजे महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में अनिल लोहिया, हरेंद्र अग्रवाल, संजय सुरेका, आकाश शर्मा, दीपक पोद्दार, विकास लोहिया, भगवती हेतमसरिया, रवि अग्रवाल, अभिषेक चौधरी, प्रवीण मंगल, उत्कर्ष लोहिया, वैभव ढानढनिया, रूपेश लोहिया, प्रदीप खोवाल, हेमंत जोशी ने अहम भूमिका निभायी। उक्त जानकारी श्री श्याम संघ, रांची के मीडिया प्रभारी सुमित अग्रवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

चार को भोलेनाथ का महारूद्राभिषेक करेगी माहेश्वरी महिला समिति
Published / 2024-07-31 20:05:06
चार को भोलेनाथ का महारूद्राभिषेक करेगी माहेश्वरी महिला समिति

टीम एबीएन, रांची। माहेश्वरी महिला समिति रांची द्वारा भोले बाबा का प्रिय माह श्रावण महीने में सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन 4 अगस्त रविवार स्थानीय माहेश्वरी भवन में किया जा रहा है। महिला समिति के सौजन्य से वर्षो से सामूहिक पार्थिव शिव रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। एकल परिवार या समय के अभाव से ऐसे कोई लोग होते हैं जिन्हें अभिषेक करना तो होता है पर कर नहीं पाते। खास कर उनके लिए इस तरह का आयोजन करना महिला समिति का लक्ष्य है। अध्यक्ष भारती चितलांगिया, निवर्तमान अध्यक्ष विजयश्री साबू, उपाध्यक्ष अनीता साबू एवं वंदन मारू के अनुसार अभिषेक में सभी यजमान जोड़ों के लिए अलग-अलग कच्ची मिट्टी से बने शिव जी के साथ संपूर्ण पूजन सामग्री, दूध, दही, प्रसाद, पुष्प आदि की तैयारी समिति करेगी, जिसके लिए शुल्क निर्धारित है। कोषाध्यक्ष सरला चितलांगिया, सह सचिव कविता मंत्री, पूनम राठी, अंजना गट्टानी ने बताया इस बार रांची के आचार्य श्री अनूप जी दधीचि के सान्निध्य में यह महा रूद्राभिषेक 21 जोड़ों के साथ सुबह 10 बजे से पूजा प्रारंभ किया जायेगा। साथ भी प्रसाद भोजन भी रहेगा। सह कोषाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी रश्मि मालपानी ने कहा कि इस पूजा में कोई भी भाग ले सकते हैं। पहले से समिति सदस्य या माहेश्वरी भवन में या फिर 9470110091  / 9430346664  में संपर्क करना होगा। रविवार को होने वाली पूजा के लिए सभी सदस्य तैयारी में जुटे हुए हैं। उक्त जानकारी माहेश्वरी महिला समिति रांची की मीडिया प्रभारी  रश्मि कोठारी मालपानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

गायत्री साधक-शिष्यों का विश्व स्तरीय 24 घंटे का गृहे गृहे कामिका एकादशी पर अखंड जप-अनुष्ठान
Published / 2024-07-31 20:04:19
गायत्री साधक-शिष्यों का विश्व स्तरीय 24 घंटे का गृहे गृहे कामिका एकादशी पर अखंड जप-अनुष्ठान

एबीएन सोशल डेस्क। अखिल विश्व गायत्री परिवार साधक-शिष्यों ने कामिका एकादशी पर व्रत उपवास एवं जप-अनुष्ठान बुधवार सुबह से गुरुवार सुबह चार बजे तक का गृहे गृहे देवपूजन कर किया। राष्ट्रीय गायत्री साधक समूह आनलाइन जप- अनुष्ठान समूह संचालक ने आनलाइन संदेश दिया कि इस महती दैव योजना में गृह जप में शामिल हो भारत राष्ट्र के उत्थान, नवसृजन, सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन, सबको सद्बुद्धि उज्जवल भविष्य के निमित्त प्रार्थना में सभी साधक अपने बहुमूल्य समय का एक अंश देने का संकल्प लें। इस जाग्रत भाव से जप-अनुष्ठान में योगदान किए। इस पावन अवसर पर शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा परिसर, स्थानीय पीठों एवं मंडल शाखाओं और गृहे गृहे आवास में साधकों ने भागीदारी की। शक्तिपीठ सेक्टर टू में साधकों ने जप-अनुष्ठान के साथ यज्ञीय अनुष्ठान किये। इसमें साधक सदस्यों ने मंगलाचरण से रक्षा विधान में गुरु, गायत्री, ब्रह्मा विष्णु, महेश तथा सर्व देव आवाहन, नमन वंदन सहित विधिवत षोडशोपचार, स्वस्तिवाचन सहित यज्ञ किया। अनेक साधकों ने सबके कल्याणार्थ गायत्री महामंत्र, महामृत्युंजय मंत्र के साथ अन्य सहायक मंत्रों के भी जप किए। इस अवसर पर देश-विदेश से जुड़े वरिष्ठ साधक, युवा प्रकोष्ठ के सक्रिय साधक तथा श्रद्धावान नन्हें मुन्ने साधक परिजनों ने भी महामंत्र जप के साथ ध्यान, मंत्र लेखन एवं सामूहिक स्वाध्याय किये।सबने इस सामूहिक साधना से उत्पन्न ऊर्जा शक्ति को वेदमाता और गुरुवरश्री के श्रीचरणों में नवयुग सृजन और विश्व कल्याण के निमित्त समर्पित किया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस की तकनीकी पहल टैक्ट से होगी बच्चों की ट्रैफिकिंग की रोकथाम
Published / 2024-07-30 20:59:59
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस की तकनीकी पहल टैक्ट से होगी बच्चों की ट्रैफिकिंग की रोकथाम

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस ने वैश्विक मानव दुव्यार्पार निषेध दिवस पर बच्चों की ट्रैफिकिंग से मुकाबले और सुरक्षित प्रवासन सुनिश्चित करने के लिए किया तकनीकी पहल टैक्ट का एलाननई दिल्ली में राष्ट्रीय परामर्श ट्रैफिकिंग से मुकाबले के लिए सुरक्षित प्रवासन में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस ने बच्चों की ट्रैफिकिंग रोकने के लिए किया टैक्ट तकनीक का ऐलानटैक्ट पहल में ट्रैफिकिंग की रोकथाम और सुरक्षित प्रवासन के लिए सभी स्तरों पर ट्रैफिकिंग के पीड़ितों की भागीदारी पर जोर ट्रैफिकिंग के पीड़ितों के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता और प्रवासी मजदूरों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर की सिफारिश  परामर्श में 16 राज्यों के 250 से ज्यादा लोगों ने भागीदारी की जिसमें ज्यादातर सीमावर्ती राज्यों के थे परामर्श में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राज्यों के बाल अधिकार संरक्षण आयोग, रेलवे सुरक्षा बल, पुलिस और अन्य सरकारी विभागों के अफसरों ने भी लिया हिस्साएबीएन सोशल डेस्क। ऐसे समय में जबकि पूरी दुनिया बच्चों और मनुष्यों की ट्रैफिकिंग और इसके वैश्विक रूप लेने की चुनौती से जूझ रही है, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस ने नयी दिल्ली में ट्रैफिकिंग से मुकाबले के लिए सुरक्षित प्रवासन विषय पर एक परामर्श में ट्रैफिकिंग की चुनौती का सामना करने और सुरक्षित प्रवासन को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी पहल टैक्ट- टेक्नोलॉजी अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग का ऐलान किया। पांच सूत्रीय इस तकनीकी पहल में विशेष जोर पीड़ितों के पुनर्वास और इस चुनौती का सामना करने के लिए हर स्तर पर ट्रैफिकिंग के पीड़ितों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनसे मिली सूचनाओं के आधार पर ट्रैफिकिंग गिरोहों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने पर है। इस परामर्श का आयोजन एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन ने किया जो पूरे देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे 180 गैरसरकारी संगठनों के गठबंधन जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस का सहयोगी संगठन है। परामर्श में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो, रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक मनोज यादव, तेलंगाना के सीआईडी की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शिखा गोयल, प्रख्यात बाल अधिकार कार्यकर्ता और जस्ट राइट्स एलायंस के संस्थापक भुवन ऋभु, असम राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ श्यामल प्रसाद सैकिया, मध्यप्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष दविंद्र मोरे सहित सरकार के प्रतिनिधि, कानून प्रवर्तन एजेंसियां, बाल अधिकारों से जुड़े प्राधिकारी, विशेषज्ञ, प्रवासी महिला मजदूर और नागरिक समाज संगठन भी शामिल थे। टैक्ट पहल जिन पांच अहम चीजों पर ध्यान केंद्रित करती है, वे हैं : सूचनाओं का आदान-प्रदान (ट्रैफिकिंग गिरोहों के बारे में ग्लोबल डेटाबेस बनाना और उसे साझा करना), पैसे के लेन देन (बैंकों व वित्तीय संस्थानों के जरिए किए गए अवैध भुगतान) पर नजर रखना, तकनीकी सहयोग (ट्रैफिकिंग के तकनीक आधारित रुझानों की पहचान में मदद के लिए तकनीकी कंपनियों के साथ साझेदारी), सुरक्षित प्रवासन (सुरक्षित प्रवासन के लिए वैश्विक पोर्टल को मजबूत करना और सरकारी योजनाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना) और पीड़ितों की मदद (पीड़ितों को मनोवैज्ञानिक सहायता और सलाह उपलब्ध कराना और उसे ट्रैफिकिंग गिरोहों के बारे में जानकारी हासिल करना)। ट्रैफिकिंग के बारे में उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि मादक पदार्थों और हथियारों के अवैध धंधे के बाद यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है। बंधुआ मजदूरी और जबरया देह व्यापार के अवैध धंधे से इन गिरोहों की सालाना अनुमानित वैश्विक कमाई 236 बिलियन डॉलर है। अनुमान है कि दुनिया में किसी भी समय कम से कम 2 करोड़ 76 लाख से ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल में फंसे होते हैं और इनमें एक तिहाई संख्या बच्चों की है। परामर्श के उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा- भारत ने आदि काल से ही पुनर्वास का रास्ता दिखाया है ट्रैफिकिंग से पीड़ित बच्चों का पुनर्वास सुनिश्चित करने और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने में शिक्षा सबसे सबसे अहम औजार है। पिछले दस साल में हमने आधारभूत ढांचे और डिजिटल निगरानी के विकास में काफी प्रगति की है और आज हम इस स्थिति में हैं कि हम प्रतिक्षण स्थिति पर निगरानी रख सकते हैं। सुरक्षित प्रवासन और सभी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमें बस राज्य सरकारों के सक्रिय सहयोग की जरूरत है ताकि सभी बच्चों चाहे वे किसी भी राज्य या इलाके के हों, का स्कूलों में दाखिला कराया जा सके। ट्रैफिकिंग से पीड़ित बच्चों को मुक्त कराने और आरोपियों पर मुकदमे के अलावा समाज की भी यह जिम्मेदारी है कि ट्रैफिकिंग की रोकथाम के लिए सामूहिक कदम उठाये। यदि आप किसी महिला को किसी सरकारी योजना का लाभ उठाने में मदद करते हैं तो इस तरह आप उसके बच्चे का जीवन संवारने में भी मदद करते हैं। ट्रैफिकिंग से मुकाबले के लिए इस तरह के कदम हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। मौजूदा हालात में टैक्ट जैसी पहल की जरूरत को रेखांकित करते हुए प्रख्यात बाल अधिकार कार्यकर्ता और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एलायंस के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा- एक भी बच्चे की ट्रैफिकिंग बहुत से अपराधों को जन्म देती है। किसी भी पीड़ित बच्चे को सहज और सामान्य बनाने की दिशा में पहले कदम के तौर पर मनोवैज्ञानिक सहायता सबसे जरूरी है। इस संगठित वैश्विक आर्थिक अपराध के खिलाफ हमारी रणनीतियों में इसके पीड़ितों को सबसे अग्रिम कतार में होना चाहिए। हमें पीड़ितों को सभी स्तरों पर इसमें भागीदार बनाना होगा क्योंकि ट्रैफिकिंग गिरोहों के बारे में पीड़ितों से ज्यादा कोई नहीं जानता जो उनके शिकार रहे हैं। इस वैश्विक संगठित और आर्थिक अपराध से लड़ने के लिए खुफिया जानकारी इकट्ठा करने, पैसे के रास्ते और प्रौद्योगिकी-संचालित तस्करी के पैटर्न की पहचान करने में उनकी भागीदारी महत्वपूर्ण है।प्रख्यात बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन ऋभु ने एक समग्र और व्यापक एंटी-ट्रैफिकिंग कानून की जरूरत पर जोर देते हुए इंटरनेट और सोशल मीडिया मंचों के जरिए ट्रैफिकिंग के उभरते रुझानों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश को ट्रैफिकिंग की रोकथाम, पीड़ितों के पुनर्वास, क्षतिपूर्ति और अपराधियों को पर मुकदमे के लिए एंटी-ट्रैफिकिंग कानून की जरूरत है। परामर्श को संबोधित करते हुए तेलंगाना के सीआईडी विभाग की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शिखा गोयल ने कहा कि प्रवासन प्रगति का इंजन है और सुरक्षित प्रवासन इसकी चाभी है। प्रवासी राष्ट्र निर्माता होते हैं और उनकी गरिमा व कल्याण सुनिश्चित करना हमारी साझा जिम्मेदारी है। हालांकि इस बीच ट्रैफिकिंग के कुछ नए आयाम सामने आये हैं और हमें तत्काल इससे निपटने की आवश्यकता है। शुरुआती तौर पर प्रवासी मजदूरों के लिए एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर बनाया जा सकता है जिस पर जरूरत पड़ने पर वे मदद या सूचनाएं मांग सकें। साथ ही हमें प्रत्येक जिले, प्रत्येक राज्य में लक्षित जागरूकता की जरूरत है ताकि मजदूर अपने अधिकारों और नियोक्ता अपने कर्तव्यों के बारे में जान सकें और मजदूरों और उनके परिवार का शोषण नहीं होने पाये।इस परामर्श में उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन की अंकिता सुरभि;  असम राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ श्यामल प्रसाद सैकिया, तेलंगाना की महिला एवं बाल विकास की संयुक्त निदेशक जी सुनंदा, मध्यप्रदेश पुलिस के डीआईजी विनीत कपूर, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष परवीन जोशी,  दिल्ली के अतिरिक्त श्रम आयुक्त एससी यादव, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के साफ निजाम,  उत्तराखंड के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के मुख्य परिवीक्षा अधिकारी मोहित चौधरी, आंध्र प्रदेश के श्रम विभाग के संयुक्त आयुक्त एसएस कुमार, मानव सेवा संस्थान के जटाशंकर और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय चौधरी भी मौजूद थे। भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक देश में 45 करोड़ लोग प्रवासी हैं और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के कड़ों के अनुसार देश में रोजाना 8 बच्चे ट्रैफिकिंग के शिकार होते हैं।

श्री श्वेतांबर जैन मंदिर, डोरंडा में साध्वियों का चातुर्मास जारी
Published / 2024-07-28 21:16:22
श्री श्वेतांबर जैन मंदिर, डोरंडा में साध्वियों का चातुर्मास जारी

टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ, डोरंडा के तत्वावधान में चातुर्मास परम पूज्य श्री खतरगच्छाधिपति मणिप्रभसागर सूरीश्वर जी की परम पूज्य गुरूवर्या श्री लयस्मिता श्री जी, प.पू. अमीवषार्जी श्री जी, प.पू. भव्योंदया श्री जी, प.पू. गुणोंदया श्री जी, प.पू. जिनवर्षा श्री जी आदि ठाना 5 का भव्य चातुर्मास चल रहा है। नित्य जप तप ज्ञान ध्यान चल रहा है।चातुर्मासिक व्याख्यान के साथ सामायिक विषयों पर श्री गुरूवर्या का विवेचन चल रहा है। पूज्या जी ने कहा है कि सामायिक 48 मिनट की होती है 48 मिनट अर्थात 2 घड़ी की इसीलिए की मनुष्य की स्थिरता उतनी ही होती है। उसी तरह पूज्या गुरूवर्या ने चौखट की चर्चा करते हुए कहा कि आज से 20-25 वर्ष पहले हर घर में चौखट होती थी। चौखट यानी जीवन मर्यादित होता था, आज जीवन मे मर्यादा खत्म हो गयी है। हर व्यक्ति स्वतंत्र जीवन जीना चाहता है। अभी स्वछंदता आ गयी है।  आज श्रीमती केशर देवी पींचा के ग्यारह उपवास व श्री विनय नाहटा व श्रीमती सोनल नाहटा के आठ उपवास की तपस्या हेतु बहुमान किया गया साथ ही भजन संध्या का आयोजन किया गया। उससे पहले से डोरंडा में नमिनाथ भगवान के जन्म कल्याणक उपलक्ष्य में सुबह शुक्रस्तव द्वारा भगवान का अभिषेक हुआ, बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने बताया कि मौके पर संपत लाल रामपुरिया, श्रीलाल सेठिया, सुरेश बोथरा, रिखभ चंद, पूनम चन्द, धर्म चंद भंसाली,विमल दस्सानी, घेवर चन्द नाहटा, लाल चन्द बोथरा, प्रकाश चन्द नाहटा, मदन बैंगानी, अनिल कोठरी, बालबीर बोथरा, मनोज नाहटा, संजय कोठारी, राकेश कोठारी, राजेश पींचा, राकेश बछावत, राजू रामपुरिया आदि उपस्थित थे।

सर्वेश्वरी समूह ने ओरमांझी में लगाये 200 पौधे
Published / 2024-07-28 18:10:19
सर्वेश्वरी समूह ने ओरमांझी में लगाये 200 पौधे

श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची ने ग्राम - आनंदी, प्रखंड - ओरमांझी, जिला - रांची में 200 पौधौं का रोपण सह वितरण कार्यक्रम का आयोजनटीम एबीएन, रांची। रविवार को श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा  रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) ने सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान : वर्ष - 2024 का दूसरे चरण का आयोजन ग्राम- आनंदी, प्रखंड- ओरमांझी,  जिला- रांची में किया गया। सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान वर्ष 2024 के दूसरे चरण में आम, अमरूद, मोहगनी, सागवान, अर्जुन, सीसम, मौलसरी, दालचीनी इत्यादि के 200 पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय ग्राम देवी के प्राचीन मंदिर में विधिवत आरती-पूजन के साथ किया गया तथा मंदिर परिसर में पीपल, बरगद एवं हरसिंगार के पौधों का रोपण किया गया। तत्पस्च्यात स्वास्थ्य उपकेंद्र, आनंदी, स्थानीय कब्रिस्तान एवं शैलेंद्र कुमार मिश्रा के निजी परिसर में लगभग 100 पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम के अंत मे आनंदी ग्राम के ग्रामीण बंधुओं के बीच एक लघु गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें श्री सर्वेश्वरी समूह का संक्षिप्त परिचय देते हुए समूह द्वारा किये जा रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में भी ग्रामीण बंधुओं को अवगत कराया गया। साथ ही वृक्षों के कमी से हो रहे दुष्परिणामों के बारे में अवगत करते हुए वृक्षों के बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। गोष्ठी के बाद ग्रामीण बंधुओं के बीच पौधों का वितरण किया गया। ज्ञात हो कि श्री सर्वेश्वरी समूह एक विश्व स्तरीय सामाजिक एवं धार्मिक संस्था है जो अनेक जनकल्याण के कार्यक्रम लगातार करती रहती है। सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान उन्हीं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में से एक है जिसे पूरे वर्षा ऋतु में चलाया जायेगा। श्री सर्वेश्वरी समूह का नाम गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से लोगों को वृक्ष लगाने एवं वृक्षों को बचाने के प्रति भी जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।  कार्यक्रम में रामटहल चौधरी- भूतपूर्व सांसद, बनवारी लाल साहू- उप मुखिया आनंदी, शशि मिश्रा- सदस्य पंचायत समिति आनंदी, शैलेन्द्र कुमार मिश्रा - महासचिव प्रगति परिषद, दुर्गा चरण साहू, अमर नाथ चौधरी, मो. कुदुस अंसारी, जय गोबिंद साहू, मोती लाल महतो, गायत्री देवी, अघनु मुंडा, नीरज मिश्रा शामिल हुए एवं सराहनीय सहयोग प्रदान किया।श्री सर्वेश्वरी समूह- शाखा रांची के ओर से आशुतोष कुमार, नवल किशोर सिंह, सुनील सिंह, राधा मोहन मिश्रा, गंगाधर नाथ शाहदेव, प्रताप आदित्य नाथ शाहदेव, कीर्तिमान नाथ शाहदेव, सौरभ चौधरी, द्वेद नाथ शाहदेव, उदित सिंह, राजेन्द्र साहू, पृथ्वी नाथ शाहदेव, रविन्द्र साहू, रौशन गोप, राहुल गोप, ऋषभ सिंह, नागदमनी नाथ शाहदेव, सोमेश्वर नाथ शाहदेव, यदुनाथ शाहदेव के साथ शाखा के लगभग 30 सदस्यगण शामिल हुए।

गायत्री युगतीर्थ शक्तिपीठ में महिला मंडल सत्संग में शिक्षा व विद्या पर स्वाध्याय संपन्न
Published / 2024-07-25 21:17:14
गायत्री युगतीर्थ शक्तिपीठ में महिला मंडल सत्संग में शिक्षा व विद्या पर स्वाध्याय संपन्न

नवयुग सृजन योजना अभियान में सृजन विद्या विषय पर हुआ सत्संगबताया कि शिक्षा में विद्या का समावेश आवश्यक है टीम एबीएन, रांची। रांची गायत्री परिवार युगतीर्थ शक्तिपीठ सेक्टर टू धूर्वा में महिला मंडल प्रतिनिधित्व में आज गुरुवार को स्वाध्याय पाठ-संवाद में शिक्षा व विद्या का विषय रहा। भौतिकी शिक्षा, साक्षरता, भौतिक ज्ञान विज्ञान एवं आध्यात्मिक ज्ञान विज्ञान और विद्या पर स्वाध्याय पाठ-संवाद हुआ। इसके अंतर्गत शिक्षा, साक्षरता, भौतिक ज्ञान, कला कौशल, ज्ञान-विज्ञान, विद्या, अध्यात्म, स्वाध्याय, सरकारी नौकरी उद्देश्य से शिक्षा, ज्ञान प्राप्त करना, सामाजिक सेवा, लोक सेवा भाव रखना आदि पर गुरुवर श्रीआचार्य के युग साहित्य पर स्वाध्याय,विचार-विमर्श और विश्लेषण हुए। इसमें बुद्धि विवेक में परिष्कृत अभिरूचि रखना, स्नेह-सौहार्द, स्वच्छता, सज्जनता, शालीनता में सौष्ठव, मधुरता, विनम्रता सुव्यवस्था दर्शन, आकर्षण व झलक में विद्या से युक्त होना चाहिए और दिखायी पड़नी चाहिए। विचार संवाद में विद्या ददाति विनयम पर चर्चा हुई। कहा गया कि विद्या एक बहुत सुंदर सराहनीय व महत्वपूर्ण संपदा है।पात्रता है, यह मानव को मानसिक सामाजिक, आध्यात्मिक स्तर पर सद्कर्म, सद्ज्ञान, सद्विचार-विमर्श में समृद्ध करता है। इसके साथ साथ भजन-कीर्तन युग-गायन भी किया गया। आज  इस बीच बारिश भी तेज हो रही थी। फिर भी सत्संग में महिला मंडल सदस्यगणों ने उल्लास व उत्साहपूर्वक अपनी भागीदारी अच्छी बनाये रखा। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

एसएस मेमोरियल में मारवाड़ी समाज ने लगाया स्थायी प्याऊ
Published / 2024-07-25 20:50:01
एसएस मेमोरियल में मारवाड़ी समाज ने लगाया स्थायी प्याऊ

मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा ने कराया सूरज सिंह मेमोरियल कॉलेज में स्थायी प्याऊ का निर्माणटीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा ने दिनांक 25 जुलाई को स्वर्गीय बजरंग लाल बूबना की पुण्य स्मृति एवं स्व मुरारी लाल अग्रवाल की पुण्य स्मृति में बीना बूबना एवं सुनीता सरावगी के सौजन्य से सूरज सिंह मेमोरियल कॉलेज के भवन परिसर में स्थायी प्याऊ का निर्माण किया गया जिसका विधिवत उद्घाटन पूर्व प्रधानाध्यापिका डा वंदना राय ने किया। मौके पर वंदना राय ने कहा कि सावन के महीने में प्याऊ लगाकर महिला मंच की बहनों ने बहुत ही पुण्य का कार्य किया है तथा स्थायी प्याऊ लगने से सभी को शुद्ध ठंडा जल मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है, जल है तो कल है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में नये प्रधानाध्यापक डॉक्टर बीपी वर्मा, प्रोफेसर इंचार्ज राजेश कुजूर, प्रोफेसर मुकेश उरांव (ज्योग्राफी डिपार्टमेंट) डॉ सुभाष साहू, डीआर समर सिंह, डॉ संजय सारंगी, कई कॉलेज के  अध्यापक  सहित निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरा बथवाल, निवर्तमान राष्ट्रीय सचिव रूपा अग्रवाल, गीता डालमिया, अलका सरावगी, शाखा अध्यक्ष मधु सराफ, सचिव उर्मिला पाड़िया, नैना मोर, अनसूया नेवटिया, प्रीति पोद्दार, छाया अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, मीना अग्रवाल, प्रीति बंका, कुसुम पटवारी, मंजू तुलसियान, शांति जैन, मीरा अग्रवाल, उमा शाह, निर्मला केडिया, सीमा बूबना, ममता बूबना, दीपक बूबना, प्रकाश बूबना आदि का सहयोग रहा।रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा द्वारा किये जा रहे जनसेवा कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। उक्त जानकारी मारवाड़ी महिला सम्मेलन रांची शाखा की मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा ने दी।

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