एबीएन कैरियर डेस्क। एक्सएलआरआइ जमशेदपुर के ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर में इएफपीएम के छात्र गिरिजेश श्रीवास्तव को पीपल फर्स्ट एचआर एक्सीलेंस अवार्ड 2022 दिया गया। उन्हें लीडिंग माइंड इन एचआर की श्रेणी में पुरस्कृत किया गया। यह अवार्ड एचआर लीडर व कंसल्टिंग के क्षेत्र में दुनिया में काफी प्रतिष्ठित सम्मान है। हर साल ना सिर्फ अपने संस्थान बल्कि पूरी एचआर कम्युनिटी व बिजनेस वर्लड के लिए थॉट लीडर के तौर पर बेहतर कार्य करने वाले उम्मीदवार को ही यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिया जाता है। इस सम्मान से गिरिजेश के साथ ही एक्सएलआरआइ प्रबंधन में उत्साह है। यह पुरस्कार उन लोगों के लिए है जिन्होंने मानव संसाधन में दूसरों के लिए चुनौतीपूर्ण मानदंड स्थापित किये हैं। गौरतलब है कि गिरिजेश एक पुरस्कार विजेता एचआर लीडर हैं, जिनके पास 15 से अधिक वर्षों तक वैश्विक व संस्थान के स्तर पर लोगों के संगठनात्मक प्रदर्शन को बढ़ाने में बेहतर कार्य करने का अनुभव है। वे डिजिटल एचआर में एक्सपर्ट हैं। उनके द्वारा डिजाइन किए गए इंटरवेंशन का उपयोग दुनिया भर में फॉर्च्यून 500 कंपनियां करती हैं। इससे पहले, गिरिजेश को इकोनॉमिक टाइम और टीए पाई यंग एचआर लीडर अवार्ड, एपेक्स इंडिया से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें एचआर लीडर अवार्ड, सीईओ अवार्ड फॉर एक्सीलेंस, आउटस्टैंडिंग लर्निंग लीडर अवार्ड और बेस्ट एम्प्लॉई एंगेजमेंट टीम ऑफ द ईयर अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। वे पेशेवर जीवन में गीतकार और संगीतकार भी हैं। उनके चार गाने हैं जो 200 से अधिक म्यूजिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।
टीम एबीएन, रांची। स्नातकोत्तर कुडुख विभाग रांची विश्वविद्यालय, रांची में कुडुख लिटरेरी सोसाइटी झारखंड चैप्टर की बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता डॉ हरि उरांव ने किया। विदित हो कि 30 सितंबर, 1, 2 अक्टूबर 2022 को कोकराझार, असम में कुडुख लिटरेरी सोसाइटी आॅफ इंडिया नई दिल्ली के तत्वावधान में त्रिदिवसीय कुडुख भाषा का राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। त्रिदिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश भर से 12-13 राज्यों के कुडुख साहित्यकार, प्रोफेसर, शिक्षक, शोधार्थीगण एवं छात्र- छात्राएं लगभग 300 की संख्या में भाग लेंगे। सम्मेलन में सोसाइटी द्वारा प्रकाशित ‘कुडुख डहरें’ शोध पत्रिका का विमोचन किया जाता है। सम्मेलन में बेस्ट पीएडी अवार्ड और वेस्ट साहित्यकार को भी पुरस्कृत किया जाता है। उक्त राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए झारखंड चैप्टर अध्यक्ष प्रो बिरेंद्र उरांव के नेतृत्व में लगभग 30-35 की संख्या में शामिल होंगे। बैठक में झारखंड चैप्टर के अध्यक्ष प्रो बीरेंद्र उरांव, डॉ हरि उरांव, प्रो धीरज उरांव, प्रो जोहे भगत, मंजू कुमारी, सुखराम उरांव, फेकुवा उरांव, फुलदेव उरांव, लक्ष्मण उरांव, संजु लकड़ा, सुनीता कुमारी एवं संतोष उरांव मुख्य रूप से उपस्थित थे। उक्त जानकारी कुडुख लिटरेरी सोसाइटी आॅफ इंडिया नई दिल्ली, झारखंड चैप्टर के अध्यक्ष बिरेंद्र उरांव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।
टीम एबीएन, रांची। भौतिकी विभाग, बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा ने ‘नैनोस्ट्रक्चर्ड मैटेरियल्स एंड डिवाइसेस: फैब्रिकेशन, कैरेक्टराइजेशन एंड एप्लीकेशन’ पर एक सप्ताह की व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन समारोह आयोजित किया। उद्घाटन समारोह में सम्मानित प्रोफेसर और अतिथि 1. डॉ कुणाल मुखोपाध्याय, डीनफैकल्टी अफेयर्स, बीआईटी, मेसर, 2. प्रो शैलेंद्र शर्मा, विभागाध्यक्ष, भौतिकी विभाग, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, 3. प्रो कौशल कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, भौतिकी विभाग, आईआईटी (आईएसएम), धनबाद, 4. प्रोफेसर एस के सिन्हा, विभागाध्यक्ष, भौतिकी विभाग, बीआईटी, मेसरा, 5. डॉ दिलीप कुमार सिंह, सहायक प्रोफेसर, बीआईटी, मेसरा भौतिकी विभाग उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर और अतिथि प्राध्यापकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया और उसके बाद संस्थान में प्रार्थना की गई। उद्घाटन नोट डॉ कुणाल मुखोपाध्याय ने किया था, उन्होंने छात्रों का स्वागत किया और नैनो टेक्नोलॉजी पर 7 दिनों की कार्यशाला का अवलोकन प्रदान किया। डॉ शैलेंद्र शर्मा ने इस कार्यशाला के महत्व और महत्व और डीएसटी, स्तुति द्वारा आयोजित हैंड्स आॅन ट्रेनिंग कार्यक्रम के साथ-साथ उपरोक्त आयोजित कार्यक्रम से लोगों को कैसे लाभान्वित किया जा सकता है, इसके बारे में संक्षेप में बताया। डॉ संजय कुमार सिन्हा ने सभी का स्वागत किया और अपने अनुभव और संगोष्ठियों के लाभों को साझा किया और छात्रों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और इसके बाद बीआईटी, मेसरा के भौतिकी विभाग के ऊजार्वान संकायों का परिचय दिया। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ दिलीप कुमार सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों और हमारे देश के कुछ हिस्सों के साथ-साथ विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिभागियों को प्रेरित किया। और नैनो-प्रौद्योगिकी में अनुसंधान के अंत:विषय क्षेत्र के बारे में भी बताया। राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन समारोह का समापन हुआ।
टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग के विद्यार्थियों ने सीबीएसई दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में सफलता के परचम लहराये। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करके विद्यालय का नाम रोशन किया। विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने इस बात को साबित किया कि मेहनत ही सफलता की कुंजी है। कला संकाय दिव्या कुमारी 96% , वाणिज्य संकाय मोनिका सिन्हा 95.6%, विज्ञान संकाय में आकाश कुमार 95.2% अंकों के साथ विद्यालय टॉपर बना। बारहवीं की परीक्षा में कुल 263 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिन में से 229 ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और 75% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 97 रही। दसवीं की परीक्षा में साकेत राज ने 97.4% के साथ प्रथम, पीयूष पटेल ने 96.4% के साथ द्वितीय और अमन कुमार ने 96.20% के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य संजय कुमार मिश्रा ने परीक्षा के परिणाम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
टीम एबीएन, रांची। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 12वीं के रिजल्ट घोषित कर दिए हैं। छात्र अपना रिजल्ट results.cbse.nic.in और cbse.gov.in पर ऑनलाइन जाकर देख सकते हैं। छात्र अपने अकाउंट को लॉग इन करके डिजिलॉकर पर भी सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट देख सकते हैं। सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट फिलहाल परीक्षा संगम पर अपलोड किए गए हैं। ऑनलाइन चेक करने का लिंक अभी तक एक्टिव नहीं किया गया है। सुबह 10 बजे तक रिजल्ट के लिंक के सक्रिय होने की उम्मीद है। सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2022 की मार्कशीट भी डिजिलॉकर पर उपलब्ध है।
एबीएन कैरियर डेस्क। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को भारत के टॉप शिक्षण संस्थानों की सूची जारी की गई है। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) शिक्षा मंत्रालय की ओर से सूची को तैयार किया गया है। इस लिस्ट में उच्च शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी मद्रास सबसे ऊपर है। इस लिस्ट में झारखंड के शिक्षण संस्थानों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। झारखंड के उच्च शिक्षा मुहैया कराने वाले ऐसे कई विश्वविद्यालय हैं। जिन्होंने इस रैंकिंग प्रक्रिया में तो हिस्सा भी नहीं लिया है। क्योंकि ऐसे विश्वविद्यालय इस रैंकिंग प्रक्रिया के तहत अहर्ता पूरा नहीं करते है। हर साल नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क( एनआईआरएफ) रैंकिंग केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी की जाती है। इसमें भारत के शीर्ष विश्वविद्यालयों कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों की लिस्ट जारी होती है। पिछले साल एनआईआरएफ के पास रैंकिंग की 11 कैटेगरी थी। इनमें ओवरआॅल यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फामेर्सी कॉलेज, मेडिकल, आर्किटेक्चर, डेंटल, रिसर्च शिक्षण संस्थान शामिल थी। 2021 में भी ओवरआल कैटेगरी में आईआईटी मद्रास को देश का बेस्ट शैक्षणिक संस्थान चुना गया था। 2022 में भी आईआईटी मद्रास ही ओवरआॅल बेस्ट शैक्षणिक संस्थान की लिस्ट में काबिज है। एनआईआरएफ रैंकिंग में रांची का बीआईटी मेसरा इस वर्ष पिछड़ा गया है। पिछले वर्ष 2021 में इस शिक्षण संस्थान का रैंक 46 था। जबकि इस बार ओवरआॅल रैंकिंग में 53 वें स्थान पर है। आईआईएम रांची की रैंक में सुधार हुआ है। पिछले वर्ष इस शिक्षण संस्थान के पास 21वां रैंक था। इस बार 15वें रैंक पर है। जमशेदपुर के एक्सएलआरआई शिक्षण संस्थान टॉप मैनेजमेंट संस्थानों में 2021 में आठवें स्थान पर थे। इस बार भी एक्सएलआरआई जमशेदपुर अपना रैंक बचाने में सफल साबित हुआ है। 2022 में भी इस शिक्षण संस्थान का रैंक 8वां है। वहीं धनबाद स्थित आईआईटी (आईएसएम) का ओवरआॅल रैंकिंग में 2021 में 11 वां रैंकिंग था। जबकि 2022 में आईआईटी धनबाद का रैंक 14 है। रांची स्थित एनयूएसआरएल रांची का रैंक 2022 में 22 है। देशभर के टॉप कॉलेजों की श्रेणी में झारखंड के किसी कॉलेज को जगह नहीं मिली है। इस रैंकिंग में झारखंड के कॉलेज और विश्वविद्यालय अहर्ता पूरा नहीं करने के कारण हिस्सा भी नहीं लेते हैं। 5 वर्ष पहले रांची विश्वविद्यालय को 132 वां रैंक मिला था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से राज्य के विश्वविद्यालय और कॉलेज एनआईआरएफ रैंकिंग में हिस्सा भी नहीं ले रहे हैं। इसके पीछे की वजह है यहां के उच्च शिक्षा देने वाले विश्वविद्यालय और कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं की कमी। नैक का मूल्यांकन ना होना, शिक्षकों की कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के मामले में यहां के विश्वविद्यालय फिसड्डी साबित हो रहे हैं। शिक्षाविदों की मानें तो उच्च शिक्षा की दिशा में बेहतर कदम उठाने होंगे। शिक्षण संस्थानों की हालत सुधारनी होगी। शिक्षकों की बहाली करनी होगी। रिसर्च पर ध्यान देना होगा। तब जाकर एनआईआरएफ रैंकिंग में यहां के विश्वविद्यालय और कॉलेज शामिल हो सकेंगे। झारखंड के टॉप शिक्षण संस्थान और रैंकिंग- 1. बीआईटी मेसरा: पिछले वर्ष 46वें रैंक पर था, इस वर्ष ओवरआॅल रैंकिंग 53 मिला है। 2. आइआइएम रांची, 2022 में 15 वें रैंक पर है, जबकि 2021 में आईएमरांची का 21 वां रैंक पर था। 3. एक्सएलआरआई जमशेदपुर को 2022 में 8वां रैंक मिला है, 2021 में भी 8 वां रैंक ही था। 4. आईआईटी (आईएसएम) धनबाद का 2022 में 14वां रैंक मिला है। पिछली बार ये 11 वें रैंक पर था। 5. एनयूएसआरएल रांची को रैंक 22 वां रैंक मिला है।
टीम एबीएन, रांची। गुरुवार को स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग रांची विश्वविद्यालय रांची में गुरुवन्दन व अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि रूप में पधारे सभी विभागीय प्राध्यापकों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती माता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। विभागीय छात्राओं रिचा, प्रिया, प्रतिमा आदि के द्वारा सरस्वती वंदना स्वागत गीत तथा गुरु वंदन गीत की सुमधुर प्रस्तुति की गई। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ श्री प्रकाश सिंह ने कहा कि शिष्य भी गुरु बन सकता है, शिष्य में भी गुरुत्व की भावना आ सकती है, आवश्यकता है तो शिष्य को अपने गुरुत्व को जानने व पहचानने की। मन में प्रवेश कर गयी हीन भावनाओं को त्याग कर गुरु की महत्ता को समझें और अपनी सामर्थ्य को पहचानते हुए गुरु पद को प्राप्त कर सकते हैं। डॉ भारती द्विवेदी ने कहा कि गुरु शब्द की विभिन्न शास्त्रों में अनेक प्रकार की व्याख्या की गई है, गुरु अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है, अवनति से उन्नति की ओर ले जाता है, और अपने छात्र को सफलता के उच्चतम शिखर तक ले जाने का प्रयत्न करता है। हमारी संस्कृति में गुरु और छात्र का संबंध बहुत ही मधुर रहा है। डॉ उषा टोप्पो ने कहा कि छात्रों द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम निश्चित रूप से सराहनीय है। आज के इस युग में गुरुवन्दन कार्यक्रम आयोजित करने का मुख्य प्रयोजन गुरु और शिष्य के सम्बन्धों को और अधिक प्रगाढ़ करना है। डॉ मधुलिका वर्मा ने कहा छात्र और शिक्षक दोनों मिलकर राष्ट्र की समुन्नति का कारण बन सकते हैं। छात्र और शिक्षक के सम्बन्धों में पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता के साथ-साथ समर्पण की भावना का होना अत्यन्त आवश्यक है। तथा गुरु और शिष्य दोनों को अपने-अपने दायित्वों का भली प्रकार निर्वहन करना चाहिए। डॉ नीलिमा पाठक ने कहा कि गुरु और छात्र दोनों में अनुशासन, मर्यादा के साथ-साथ समय का पालन अत्यन्त आवश्यक है अनुशासित शिक्षक और छात्र ही समाज व राष्ट्र के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन सकता है। अगर सामान्य परिस्थितियों में देखा जाए तो अनुशासित व्यक्ति अपने विकास के साथ-साथ समाज व राष्ट्र का विकास कर सकता है। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अर्चना कुमारी दुबे ने कहा की प्राचीन काल से ही गुरु और शिष्य के संबंधों की अनेक कहानियां हमारे साहित्य संसार को समलंकृत करती हैं तथा आज भी वही समर्पण भाव गुरुओं के प्रति देखकर हम गौरवान्वित हैं। गुरु शिक्षण के साथ-साथ समाज में मानवीय मूल्यों को स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। मंच संचालन विभागीय शोध छात्र जगदंबा प्रसाद सिंह ने तथा धन्यवाद ज्ञापन ज्योतिर्विज्ञान विभाग के प्राध्यापक एसके घोषाल ने किया। मौके पर विभागीय प्राध्यापकों के साथ-साथ डॉ धीरेंद्र दुबे,जगन्मय विश्वास, रुपेश कुमार प्रजापति, अजय कुमार अनिल पाण्डेय देव कुमार आदि उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी के मोरहाबादी मैदान में वृहद भर्ती कैंप लगाया जा रहा है जिसमें एक हजार से अधिक लोगों को नियुक्ति दी जाएगी। श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन भी शामिल हो सकते हैं। निजी कंपनियों में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देना है। भर्ती कैंप में भी इसका पालन किया जाएगा। भर्ती कार्यक्रम में नियोजनालय कार्यालय में रजिस्टर्ड व्यक्ति को प्राथमिकता दी जा सकती है। राज्य सरकार ने स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत उद्योग विभाग, कल्याण विभाग, आइटी, नगर विकास विभाग और ग्रामीण विकास विभाग समेत वैसे सभी विभागों को भर्ती कैंप की तैयारी का निर्देश दिया था, जिनके माध्यम से रोजगार के अवसर मिलते हैं। इसके साथ ही उद्योग विभाग को विभिन्न कंपनियों को कैंप में लाने की जवाबदेही दी गयी थी। भर्ती कैंप में कंपनियों से रिक्तियां मंगाकर अभ्यर्थियों को नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। कैंप में प्रशिक्षण देनेवाली कंपनियों को भी प्लेसमेंट सेल के तहत काउंटर लगाने का निर्देश दिया गया है।
एबीएन कैरियर डेस्क। जेईई मेन रिजल्ट 2022 की घोषणा की दी गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा की आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जेईई मेन्स रिजल्ट 2022 ऑनलाइन जारी किया है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा मुख्य (जेईई मेन) सत्र 1, या जून 2022 सत्र परिणाम 11 जुलाई (मध्यरात्रि के बाद) को घोषित किया गया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने जेईई मेन का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जारी कर दिया है। पेपर 1 (बीई और बीटेक) के लिए जेईई मेन सत्र 1 परिणाम 2022 घोषित किया गया है, जबकि पेपर 2 (BArch और BPlanning) के लिए जेईई मेन रिजल्ट 2022 का अभी भी इंतजार है। बता दें, जो उम्मीदवार जून 2022 में आयोजित हुई सीजन-1 के जॉइंट एंट्रेंस मेन एग्जाम (JEE Main) 2022 में बैठे थे, वे जेईई मेन की आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in और ntaresults.nic.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। रिजल्ट चेक करने के लिए उम्मीदवारों को अपने रोल नंबर की जरूरत पड़ेगी।
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