एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को केंद्र सरकार के बड़े फैसलों की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा है कि शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत 2.94 करोड़ पहले से ही चल रहे हैं, अब उसको आगे बढ़ते हुए आज कैबिनेट ने पीएम श्री योजना को मंजूरी दे दी है। वहीं धर्मेंद्र प्रधान ने जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत नई पीढ़ी ठएढ की नीति तैयार करेगी। नया मॉडल खड़ा करने के लिए प्राइम मिनिस्टर स्कूल फोर राइजिंग इंडिया को मॉडल स्कूल पर विकसित करने को मंजूरी आज मिल गई है। 27360 करोड़ से 14597 स्कूल की क्वालिटी बढ़ाने के लिए ठएढ प्ले स्कूल तक की व्यस्था करेगा। इस तरह के स्कूल के लिए 60 मानक तय किए गए हैं। देश के हरेक क्षेत्र में हरेक जिले के 2 ब्लॉक में ये खोले जाएंगे। इसमें बच्चों के समग्र विकास यहां तक की वोकेशनल एजुकेशन, डिजिटल लाइब्रेरी, डिजिटल लैब आदि की व्यवस्था रहेगी। बैग लेस स्कूल की परिकल्पना के तहत 20 लाख विद्यार्थी पढ़ेंगे। विद्या समीक्षा केंद्र इसके साथ जुड़े रहेंगे जो स्कूल और शिक्षक, विद्यार्थी सबके परफॉर्मेंस की समीक्षा करेंगे। केंद्र सरकार के फैसले के मुताबिक स्कूलों को 2 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। ये पैसे सीधे स्कूल को जाएगा, कोई बीच में नहीं होगा। स्कूल को गए पैसा को कहां खर्च होगा ये स्कूल के शिक्षक, प्रिंसिपल और सामूहिक रूप से तय करेंगे। पीएम गतिशक्ति कार्यक्रम के तहत रेलवे में विकास को बढ़ावा देने के लिए कार्गो के लिए लॉग टर्म भूमि की लीजिंग का फैसला हुआ हैं। इससे ओवरआॅल रेलवे की जमीन का बेहतर उपयोग और सरल होगा। तमाम विकास की गतिविधियों के लिए दूसरे मंत्रालय के कामों को रेलवे भूमि में करने में जो दिक्कत आती थी उससे झुटकारा मिलेगा। अगले 5 वर्षों में 300 से ज्यादा पीएम गति शक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित किए जाएंगे। 1,25,000 से ज्यादा रोजगार के अवसर इसमें होंगे। इससे माल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी भी होगी।
टीम एबीएन, रांची। रांची विमेन्स कॉलेज, रांची में दो वर्षीय एमए इन एजुकेशन व्यावसायिक कोर्स में सत्र 2022- 24 में नामांकन हेतु किसी भी विषय में 50% अंकों के साथ स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं से ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं। नामांकन हेतु सीटों की संख्या 50 है। ऑनलाईन आवेदन कल दिनांक 05/09/2022 से 15/09/2022 तक www.rwcranchi.in पर किए जा सकेंगे।
टीम एबीएन, रांची। सीएसआईआर द्वारा देशभर में आयोजित इनोवेशन अवार्ड फॉर स्कूल चिल्ड्रन प्रतियोगिता में एसआरडीएवी पब्लिक स्कूल पुनदाग के विद्यार्थियों ने शानदार तरीके से अपने मॉडल की प्रस्तुति दी जिसमें अभिनव कुमार प्रसाद तथा अमन राज के मॉडल का चयन दूसरे राउंड के लिए किया गया। आज पुन: दूसरे चरण में दोनों चयनित विद्यार्थियों ने आभासी माध्यम से अपने मॉडल को प्रस्तुत किया। प्रारूप के मद्दे नजर यह बताया गया है कि वर्तमान परिदृश्य में पर्याप्त स्थान के अभाव के कारण एक दूसरे के सन्निकट मकान का निर्माण किया जा रहा है, जिसके कारण मकान के प्रत्येक कमरों में पर्याप्त मात्रा में सूर्य की रोशनी एवं हवा नहीं पहुंच पाती है। इन विद्यार्थियों ने अपने द्वारा तैयार मॉडल के माध्यम से इन विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। विद्यार्थियों की सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य एसके मिश्रा ने दोनों चयनित विद्यार्थियों की प्रशंसा की एवं अपने आशीर्वचन में कहा कि विद्यार्थी अपने रचनात्मकता के आधार पर नए तकनीक एवं यंत्रों का निर्माण कर मानव जीवन को सुगम बनाने की दिशा में कार्य कर सकें।
एबीएन कैरियर डेस्क। नीट, जेईई, सीयूईटी के बाद अब बोर्ड एग्जाम्स में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारत सरकार इसकी तैयारियों में लगी है। इसके लिए एक नई परीक्षा नियामक संस्था परख बनाई गई है। ऐसा करने के पीछे केंद्र सरकार का एक ही उद्देश्य है- देशभर में बोर्ड एग्जाम में समानता लाना। 10वीं और 12वीं क्लास के लेवल पर छात्रों का मूल्यांकन करने के लिए एक समान फ्रेमवर्क तैयार करना। फिलहाल सीबीएसई और आईसीएसई के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों में स्टेट बोर्ड एग्जाम्स का लेवल अलग-अलग है। इससे बच्चों के स्कोर में भी बड़ा अंतर आता है, जिससे उनका एक समान स्तर पर आंकलन नहीं हो पाता है। बोर्ड एग्जाम्स को एक समान बनाने के केंद्र के प्लान पर बीते कुछ महीनों से काम चल रहा है। नेशनल काउंसिल आॅफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी एनसीईआरटी ने राज्यों के स्टेट काउंसिल आॅफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी एससीईआरटी के साथ कई मीटिंग की है। इन बैठकों के निष्कर्ष स्वरूप एक नया असेसमेंट रेगुलेटर बनाया जा रहा है, जिसका नाम है परख। परख यानी परफॉर्मेंस असेसमेंट, रिव्यू एंड एनालिसिस आॅफ नॉलेज फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट। ये संस्था एनसीईआरटी के एक अंग के रूप में काम करेगी। नेशनल अचीवमेंट सर्वे यानी एनएएस और स्टेट अचीवमेंट सर्वे एसएएस कराने की जिम्मेदारी भी परख की ही होगी। परख राष्ट्रीय शिक्षा नीति का भी हिस्सा है। परख देश के सभी मान्यता प्राप्त स्कूल बोर्ड्स के लिए स्टूडेंट्स के असेसमेंट के लिए एक समान नियम, स्टैंडर्ड, गाइडलाइन तैयार करेगा। असेसमेंट का पैटर्न कुछ ऐसा रखा जाएगा जिससे बच्चों में 21वीं सदी में जरूरी स्किल्स विकसित की जा सके और उसका मूल्यांकन किया जा सके। साल में दो बार होगी बोर्ड परीक्षा : शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि राज्यों के साथ जितनी चचार्एं हुईं, उनमें ये बात सामने आई की ज्यादातर राज्य साल में दो बार बोर्ड एग्जाम कराने के ठएढ के प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं। इनमें से एक परीक्षा की मदद से बच्चों को अपना स्कोर बेहतर करने में मदद मिलेगी। वहीं मैथ्स में दो तरह के पेपर आॅफर करने पर भी राज्य सहमत हैं। एक स्टैंडर्ड मैथ्स और दूसरा हाई लेवल कंपीटेंसी वाला मैथ्स। शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ह्यइससे बच्चों में मैथ्स का डर कम हो सकेगा और वो सीखने के लिए प्रोस्ताहित होंगे।
टीम एबीएन, रांची। स्नातकोत्तर ज्योतिर्विज्ञान विभाग रांची विश्वविद्यालय रांची के अंतर्गत ज्योतिष विद्या की पढ़ाई होती है। इस वर्ष नये सत्र 2022-2024 में नामांकन की प्रक्रिया जारी है। किसी भी विषय में स्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थी ज्योतिर्विज्ञान में नामांकन ले सकते हैं। आने वाले सत्र में विभाग में वास्तु शास्त्र, हस्तरेखा एवं रत्न शास्त्र इत्यादि जैसे विषयों का सर्टिफिकेट कोर्स भी प्रारंभ किया जायेगा। नामांकन से संबंधित जानकारी के लिए 6200 233 483 या 92346 73169 पर संपर्क किया जा सकता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 21 विश्वविद्यालयों को ‘फर्जी’ घोषित किया है जो डिग्री प्रदान नहीं कर सकते हैं। इसमें सबसे अधिक फर्जी विश्वविद्यालय दिल्ली और उसके बाद उत्तर प्रदेश में हैं। यूजीसी ने फर्जी विश्वविद्यालयों के बारे में जारी सार्वजनिक सूचना में कहा है कि छात्रों एवं जनसाधारण को सूचित किया जाता है कि देश के विभिन्न भागों में 21 स्वत: अभिकल्पित, गैर मान्यता प्राप्त संस्थान कार्यरत हैं जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियमन 1956 का उल्लंघन कर रहे हैं। इनमें सबसे अधिक दिल्ली में 8, उत्तर प्रदेश में 4, पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा में 2-2 तथा कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में एक-एक फर्जी विश्वविद्यालय हैं। सार्वजनिक सूचना के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 1956 के अनुच्छेद 22 (1) के अनुसार, केंद्रीय, राज्य, प्रांतीय अधिनियम के तहत स्थापित विश्वविद्यालय अथवा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुच्छेद 3 के तहत स्थापित मानद विश्वविद्यालय ही उपाधि प्रदान कर सकते हैं जिन्हें संसदीय अधिनियम द्वारा उपाधि प्रदान करने के लिये विशेष रूप से अधिकार दिया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुच्छेद 23 के अनुसार, उपरोक्त के अलावा अन्य किसी संस्थान द्वारा विश्वविद्यालय शब्द का प्रयोग निषिद्ध है। फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची : दिल्ली- आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक फिजिकल हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी, कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी, वॉकेशनल यूनिवर्सिटी, एडीआर सेन्ट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फार सेल्फ एम्प्लायमेंट इंडिया, आध्यात्मिक विश्वविद्यालय। उत्तर प्रदेश- गांधी हिन्दी विद्यापीठ प्रयाग, नेशनल यूनिवर्सिटी आफ इलेक्ट्रो कम्प्लेक्स होम्योपैथी कानपुर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी अलीगढ़, भारतीय शिक्षा परिषद फैजाबाद।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कॉलेज में प्रोफेसर बनना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। झारखंड के विश्विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति होने वाली है। जानकारी के अनुसार, इस साल विश्विद्यालयों में लगभग 3000 प्रोफेसर की नियुक्ति होगी। पिछले मॉनसून सत्र में पारित झारखंड राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, 2022 पर राज्यपाल रमेश बैस की स्वीकृति मिलते ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी। इस विधेयक के मुताबिक, कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जूनियर रिसर्च फेलो यानी जेआरएफ और पीएचडी, झारखंड पात्रता परीक्षा, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी नेट किसी एक में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। हालांकि इस बार नियुक्ति प्रक्रिया में संशोधन करते हुए यूजीसी के दिशानिर्देश के मुताबिक ही विश्वविद्यालय को यूनिट मानकर आरक्षण रोस्टर लागू किया जायेगा। अभी तक कॉलेज शिक्षकों की नियुक्ति में विषयवार आरक्षण रोस्टर का निर्माण किया जाता रहा है और इसी के अनुरूप नियुक्ति होती रही है। कॉलेज के शिक्षकों की नियुक्ति झारखंड लोक सेवा आयोग की तरफ से साक्षात्कार के माध्यम से की जायेगी। आयोग इसके लिए मेधा सूची भी तैयार करेगा, जो एक साल के लिए वैध होगी। आपको बता दें कि कॉलेज शिक्षकों की नियुक्ति के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग अब हर साल झारखंड पात्रता परीक्षा का आयोजन करेगा। संशोधित विधेयक में इसका भी प्रावधान किया गया है। झारखंड के विश्वविद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। रिटायरमेंट की वजह से साल दर साल पद खाली होते जा रहे हैं, जबकि अरसे से नियुक्तियां नहीं हुई हैं। ऐसे में शिक्षा के प्रति सरकार के रवैये को लेकर काफी सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही राज्यपाल रमेश बैस ने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी के मामले पर चिंता जताई थी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से पदों को भरने को कहा था। राज्यपाल ने कहा कि इस दिशा में गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है ताकि विश्वविद्यालयों में जल्द से जल्द सहायक प्रोफेसरों, एसोसिएट प्रोफेसरों और प्रोफेसरों की नियुक्ति हो सके।
टीम एबीएन, जमशेदपुर/रांची। एक्सएलआरआइ जमशेदपुर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव रीएनविजन 2022 का आयोजन किया गया। वर्चुअल मोड में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सैप लैब्स इंडिया के एमडी सिंधु गंगाधरण जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में द पित्रोदा ग्रुप एलएलसी के प्रेसिडेंट सैम पित्रोदा उपस्थित थे। इस दौरान बदलते दौर में किस प्रकार डिजिटल माध्यम ने कामकाज को प्रभावित किया है उस पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। इस दौरान 55 वर्षों तक टेलीकॉम सेक्टर में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सैम पित्रोदा ने सभी को संबोधित करते हुए दुनिया को नया स्वरूप देने में डिजिटल परिवर्तन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने हाइपर कनेक्टेड वर्ल्ड अवधारणा के बारे में जानकारी दी। कहा कि इसी माध्यम से दुनिया भर के लोग एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और बड़े डेटा की अवधारणा पर भी चर्चा की। पित्रोदा ने री डिजाइनिंग में अपने प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा प्रणाली, उत्पादकता में सुधार लाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। वहीं, सैप लैब्स इंडिया की एमडी सिंधु गंगाधरन ने मानव दुनिया पर टेक्नोलॉजी के प्रभाव का उल्लेख किया। साथ ही इस दौरान सामूहिक रूप से लोगों को एक साथ अखने एवं मानवता की बेहतरी के लिए टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने डिजिटल परिवर्तन के समावेशी पहलू पर भी बल दिया। इस दौरान एक इंट्रैक्टिव सेशन का भी आयोजन किया गया। इसमें सभी विद्यार्थियों ने उनसे कई सवाल पूछे, जिसका उन्होंने जवाब दिया। दो सत्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसके बाद एक पैनल डिस्कशन का भी आयोजन हुआ जिसमें इंडस्ट्री के कई दिग्गजों ने अपनी बातों को रखा।
टीम एबीएन, रांची। बिड़ला इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी मेसरा, रांची 22 से 28 अगस्त, 2022 के दौरान ब्रेन मशीन इंटरफेस पर एक सप्ताह की हाई एंड वर्कशॉप का आयोजन कर रहा है। इस कार्यशाला को विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी), विज्ञान विभाग और द्वारा प्रायोजित किया गया है। प्रौद्योगिकी, भारत सरकार, होनहार पीजी और पीएचडी के अनुसंधान परिणामों में सुधार के लिए कौशल विकास के ‘त्वरित विज्ञान’ कार्यक्रम के तहत। छात्र कार्यशाला 22 अगस्त, 2022 को उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हुई। मौके पर डॉ संजय कुमार, उपाध्यक्ष, न्यूरोसर्जरी, पारस एचईसी अस्पताल रांची मुख्य अतिथि थे। उन्होंने उपचार की गुणवत्ता में सुधार के लिए चिकित्सा और इंजीनियरिंग क्षेत्रों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। समारोह की अध्यक्षता प्रोफेसर कुणाल मुखोपाध्याय, संकाय मामलों के डीन और संस्थान के कार्यवाहक कुलपति ने की। उन्होंने अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में संस्थान की गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो संदीप सिंह सोलंकी ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और विभागीय गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण दिया। कार्यशाला के संयोजक डॉ मनोज कुमार मुकुल ने कार्यशाला की थीम का परिचय दिया। उद्घाटन समारोह का संचालन कार्यशाला के सह संयोजक डॉ संजय कुमार ने किया। समारोह के दौरान बड़ी संख्या में संकाय सदस्य, छात्र और कर्मचारी मौजूद थे। कार्यशाला को बड़ी संख्या में देश-विदेश के विशेषज्ञ संबोधित करेंगे। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव भी दिया जायेगा।
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