रांची विश्वविद्यालय में पासवा का भव्य शिक्षक सम्मान समारोह, शिक्षा, एआई, और रोजगार पर हुआ गंभीर मंथन एबीएन कैरियर डेस्क। शिक्षक केवल एक छात्र का निर्माण नहीं करते, बल्कि वे उस नागरिक को गढ़ते हैं जो देश और राज्य की नीतियां तय करता है। कोई भी शिक्षण संस्थान केवल ईंट और पत्थर की इमारत से नहीं, बल्कि वहां के शिक्षकों और छात्रों की ऊर्जा से बनता है। ये बातें स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रविवार को रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में कहीं। पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन एसोसिएशन (पासवा) के सहयोग से आयोजित इस भव्य समारोह में शिक्षा जगत में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डीजी रेल अनिल पालटा, पासवा के मुख्य संरक्षक डॉ. रामेश्वर उरांव, रांची विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अजीत सिंह और रिम्स के निदेशक डॉ. डी.के. सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन आलोक दूबे ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य की परंपरा अनादि काल से चली आ रही है। चाहे महर्षि वशिष्ठ हों, गुरु द्रोण हों, कबीर दास हों या फिर सर्वपल्ली राधाकृष्णन, गुरुओं ने हमेशा समाज का सर्वोच्च मार्गदर्शन किया है। उन्होंने शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए कहा कि 1960-70 के दशक में दक्षिण भारत में मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों का बेहतरीन निर्माण हुआ, जिसकी वजह से आज वे राज्य विकास में अग्रणी हैं। झारखंड में भी संत जेवियर्स और बीआईटी मेसरा जैसे संस्थानों ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार काम कर रही है। आज राज्य के कुछ स्कूलों की तुलना दिल्ली के बेहतरीन स्कूलों से हो रही है। गांवों में बुनियादी चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन सरकार सीएम स्कूल आॅफ एक्सीलेंस के माध्यम से वहां भी उत्कृष्ट शिक्षा पहुंचा रही है। श्री सिंह ने कहा कि समय के साथ हमें अपनी आदतें बदलनी होंगी और नयी तकनीक को अपनाना होगा। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों के लिए उत्कृष्ट शिक्षकों के लेक्चर आॅनलाइन अपलोड करने का सुझाव दिया। तकनीकी प्रगति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाना चाहिए, लेकिन यह ध्यान रहे कि एआई केवल एक साधन है, यह शिक्षक या निर्णायक नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी चुनौती जेन-जी पीढ़ी की समस्याओं को समझना है। शिक्षकों को उनके साथ संवाद स्थापित कर उन्हें भटकने से बचाना चाहिए। साथ ही, शिक्षा को समाज और उद्योग से जोड़ने की जरूरत है, ताकि हमारे छात्र नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें। समारोह में अतिथियों का स्वागत करते हुए पासवा के मुख्य संरक्षक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि किन्हीं कारणों से 5 सितंबर को यह आयोजन नहीं हो सका था, इसलिए आज शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने मंच से अधिकारियों की कार्यशैली की जमकर सराहना की। डॉ. उरांव ने कहा कि अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के पास फाइनेंस और प्रशासन की जितनी गहरी समझ है, वैसी समझ पूरे झारखंड-बिहार के किसी आईएएस में नहीं है। वहीं, डीजी रेल अनिल पालटा की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि पालटा जी ने बिना एक भी गोली चलाए सैकड़ों नक्सलियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था। शिक्षकों की महिमा का बखान करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक एक कुम्हार की तरह है जो कच्ची मिट्टी से सुंदर मूरत गढ़ता है। भगवान राम, श्रीकृष्ण, महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस जैसे जितने भी महापुरुष हुए हैं, वे सभी शिक्षकों की ही देन हैं। डॉ. उरांव ने शिक्षकों की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों को स्वीकार करते हुए घोषणा की कि पासवा अब शिक्षा के साथ-साथ छात्रों की स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान भी चलायेगा। विशिष्ट अतिथि डीजी रेल अनिल पालटा ने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए शिक्षकों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा दी गई डांट-फटकार भी छात्र की भलाई के लिए ही होती है। श्री पालटा ने युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए चौंकाने वाले आंकड़े साझा किये। उन्होंने कहा कि आज पढ़े-लिखे बेरोजगारों की एक बड़ी फौज खड़ी हो रही है। एक अनुमान के मुताबिक लगभग 40 प्रतिशत ग्रेजुएट आज बेरोजगार हैं। स्थिति यह है कि इंजीनियरिंग कॉलेजों से निकलने वाले छात्रों को सीधे नौकरी नहीं मिल रही है, उन्हें इंटर्नशिप का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि परीक्षा में कम अंक आने पर हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। आज कई नए क्षेत्र और विकल्प मौजूद हैं, जहां मेहनत के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है। समारोह के दौरान विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये, जिसने उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न विद्यालयों से आये करीब ढाई हजार शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए स्मृति चिह्न और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
13 सितंबर को CDS और NDA की होगी परीक्षारांची के 21 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में निषेधाज्ञाएबीएन कैरियर डेस्क। रांची में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित रक्षा सेवा परीक्षा (CDS-II) तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एवं नौसेना अकादमी परीक्षा (NDA-II), 2026 को कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के संयुक्त आदेश से परीक्षा केंद्रों पर पुलिस पदाधिकारी, पुलिस बल एवं दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। परीक्षा के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ जुटाकर विधि-व्यवस्था प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर कुमार रजत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। यह आदेश 13 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक प्रभावी रहेगा।इसके तहत परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह जमा होने पर रोक रहेगी। सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारी-कर्मचारी, सरकारी कार्यक्रम और शवयात्रा को इससे मुक्त रखा गया है। इसके अलावा ध्वनि विस्तारक यंत्र के इस्तेमाल, किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र अथवा हरवे-हथियार जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद, लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा और भाला लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी बैठक या आमसभा के आयोजन पर भी रोक लगाई गई है।रांची में परीक्षा के लिए 21 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें सेंट्रल एकेडमी बरियातू रोड, संत अलोइस हाई स्कूल, संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय, उर्सुलाइन इंटर कॉलेज, संत अन्ना इंटरमीडिएट कॉलेज, गोस्सनर हाई स्कूल, फिरायालाल पब्लिक स्कूल, संत पॉल कॉलेज, राजकीय बालिका +2 उच्च विद्यालय बरियातू, डोरंडा कॉलेज, गोस्सनर कॉलेज के सब सेंटर ए एवं बी, डीएवी पब्लिक स्कूल गांधी नगर के सब सेंटर ए एवं बी, निर्मला कॉलेज, जेएमजे हाई स्कूल, अनिता गर्ल्स हाई स्कूल, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर धुर्वा, राजकीय +2 हाई स्कूल कांके तथा विवेकानंद विद्या मंदिर सेक्टर-1 धुर्वा के सब सेंटर ए एवं बी शामिल हैं। जिला प्रशासन ने परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिनियुक्त अधिकारियों एवं पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
एसआर डीएवी पुंदाग में प्रतिभा सम्मान (2025 - 26) समारोहटीम एबीएन, रांची। एस. आर. डीएवी. पब्लिक स्कूल ,पुंदाग में एक विशेष सभा आयोजित करके बहुमुखी प्रतिभा के धनी विद्यार्थियों को सम्मानित व प्रोत्साहित किया गया।समारोह के मुख्य अतिथि डीएवी. पब्लिक स्कूल्स, झारखंड, जोन - बी के एआरओ.श्री एम.के. सिन्हा थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डीएवी. पब्लिक स्कूल्स ,झारखंड ,जोन - जी के एआरओ. सह एस .आर. डीएवी . पुंदाग के प्रबंधक सह डीएवी. पब्लिक स्कूल हेहल के प्राचार्य विपिन राय उपस्थित थे। प्राचार्य डॉ तापस घोष ने सभी सम्माननीय अतिथिगण तथा अभिभावकों के साथ मिलकर ज्ञानदीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।तत्पश्चात विद्यालय की संगीत मंडली ने स्वागत गान प्रस्तुत किया।साथ ही प्रतिभाशाली छात्राओं ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करके सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।उक्त सभा में नीट परीक्षा में सफल एवं सीबीएसई. बोर्ड परीक्षा ( 2025 - 26 )में कक्षा दशम तथा द्वादश के टॉपर विद्यार्थी, साथ ही 90% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र तथा स्मृति चिह्न प्रदान करके सम्मानित किया गया।पुरस्कार प्राप्त करके विद्यार्थी तथा अभिभावक प्रसन्न दिखाई दिए।डीएवी.पब्लिक स्कूल्स, झारखंड,जोन - बी के एआरओ एम.के.सिन्हा ने पुरस्कृत सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी बहुत जरूरी है और डीएवी.संस्था इसी के लिए प्रसिद्ध भी है। वरना आज समाज में नैतिक मूल्यों का हनन हो रहा है। लोग इतने स्वार्थकेंद्रित होते जा रहे हैं कि अपने माता - पिता तथा परिवार से भी दूर होते जा रहे हैं। हमें बच्चों को मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण बनने की प्रेरणा देनी होगी।डीएवी.पब्लिक स्कूल्स, झारखंड, जोन - जी के एआरओ विपिन राय ने भी सभी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बधाई तथा शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालय के लिए यह गर्व का विषय है कि विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत से सफलता के नए प्रतिमान गढ़े हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये विद्यार्थी जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करेंगे।डीएवी पब्लिक स्कूल्स, झारखंड, जोन- जे के एआरओ सह एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग के प्राचार्य डॉ तापस घोष ने सभी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बधाई और शुभकामनाएं संप्रेषित करते हुए कहा कि ऐसे विद्यार्थी विद्यालय ही नहीं देश के लिए भी कीमती रत्न के समान हैं। कक्षा द्वादश उत्तीर्ण करनेवाले विद्यार्थियों ने तो अपना लक्ष्य निर्धारित कर ही लिया है।कक्षा एकादश के विद्यार्थियों को भी अभी से ही अपना लक्ष्य निर्धारित करके परिश्रम करते रहना चाहिए ताकि भविष्य में वे भी नए कीर्तिमान स्थापित कर सकें। उक्त कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी,उनके अभिभावक तथा शिक्षक - शिक्षिकाओं ने भी भाग लिया।शांतिपाठ के साथ सभा समाप्त हुई।
एबीएन कैरियर डेस्क। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा द्वारा 10 सितंबर 2026 को 3rd International Conference on Computational Intelligence (ICCI) 2026 का शुभारंभ किया गया। सम्मेलन में विशेषज्ञों एवं शोधकर्ताओं ने जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा विभिन्न क्षेत्रों में इनके अनुप्रयोगों से जुड़े उभरते विषयों पर चर्चा की।सम्मेलन के कन्वीनर डॉ. सुदीप कुमार साहाना एवं डॉ. देबजानी मुस्तफी हैं, जबकि डॉ. संदीप दत्ता एवं डॉ. शमामा अनवर को-कन्वीनर हैं। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा द्वारा 3rd International Conference on Computational Intelligence (ICCI) 2026 का शुभारंभ किया गया। सम्मेलन में विशेषज्ञों एवं शोधकर्ताओं ने जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा विभिन्न क्षेत्रों में इनके अनुप्रयोगों से जुड़े उभरते विषयों पर चर्चा की। सम्मेलन के कन्वीनर डॉ. सुदीप कुमार साहाना एवं डॉ. देबजानी मुस्तफी हैं, जबकि डॉ. संदीप दत्ता एवं डॉ. शमामा अनवर को-कन्वीनर हैं। प्रो. अभिजीत मुस्तफी, प्रमुख, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए।उद्घाटन कार्यक्रम में डॉ. सुदीप कुमार साहाना ने सम्मेलन की विषय-वस्तु का परिचय देते हुए वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में जियोस्पेशियल डेटा और मशीन लर्निंग के एकीकरण पर प्रकाश डाला। प्रो. अभिजीत मुस्तफी ने झारखंड की जियोस्पेशियल चुनौतियों तथा जियोस्पेशियल डेटा के विश्लेषण में सरकारी पहलों और मशीन लर्निंग की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की। प्रो. अशोक शेरॉन, Dean of Faculty Affairs (DoFA), BIT Mesra ने संस्थान के शैक्षणिक एवं शोध परिवेश पर प्रकाश डालते हुए प्रोटीन सीक्वेंस विश्लेषण सहित वैज्ञानिक क्षेत्रों में AI के अनुप्रयोगों पर चर्चा की। श्री दीपक जैन, Executive Director (Digital Transformation), SAIL Digital Transformation Division, Ranchi एवं मुख्य अतिथि, ने सैद्धांतिक अवधारणाओं से आगे बढ़कर व्यवसाय एवं सतत विकास में AI के व्यावहारिक उपयोग पर अपने विचार साझा किए। प्रो. उत्पल गारैन, Professor, ISI Kolkata एवं मुख्य अतिथि, ने AI के संभावित दुरुपयोग से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा करते हुए जवाबदेही और उत्तरदायी AI विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. देबजानी मुस्तफी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। सम्मेलन के सफल आयोजन में डॉ. पूनम मोरल, डॉ. कोमल नाज़, डॉ. लोपामुद्रा होता, डॉ. रतिंद्रनाथ दत्ता, डॉ. संदीप घोषाल एवं डॉ. अदिति पांडा सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्यों के समर्पित प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग के शोधार्थियों, एम.टेक. एवं बी.टेक. विद्यार्थियों ने भी विभिन्न आयोजन एवं समन्वय संबंधी गतिविधियों में सक्रिय योगदान दिया, जिससे सम्मेलन का संचालन सुचारु रूप से संपन्न हुआ। उनके सामूहिक प्रयास और उत्साहपूर्ण सहभागिता ने ICCI 2026 के सफल शुभारंभ में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सम्मेलन के आगामी सत्रों में कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस के विभिन्न आयामों एवं अनुप्रयोगों से संबंधित तकनीकी एवं अकादमिक चर्चाएँ जारी रहेंगी।
11 सितंबर को मोरहाबादी से बिरसा मुंडा समाधि स्थल तक होगी भव्य पदयात्रा 10 सितंबर को राजधानी रांची पहुंचेगी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी एवं जेएसएससी की नियुक्ति प्रक्रिया में व्याप्त धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ चल रही राज्यव्यापी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा 10 सितंबर को राजधानी रांची पहुंचेगी। यात्रा के अंतिम चरण को लेकर आज मंगलवार को मोरहाबादी स्थित आॅक्सीजन पार्क में सामूहिक मीडिया वार्ता आयोजित की गयी। मीडिया वार्ता में बताया गया कि 11 सितंबर (शुक्रवार) को मोरहाबादी मैदान में राज्यभर से छात्रों एवं समर्थकों का जुटान होगा और भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद मोरहाबादी मैदान से बिरसा मुंडा समाधि स्थल, कोकर (डिस्लरी पुल) तक भव्य पदयात्रा निकाली जायेगी। भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यात्रा का विधिवत समापन किया जायेगा। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राम अवतार महतो ने कहा कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में निकाली गई इस यात्रा का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक जिले में अध्ययनरत छात्रों एवं अभ्यर्थियों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझना और उनके विचारों व सुझावों को संकलित करना रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से राज्य सरकार की युवा विरोधी नीतियों तथा भर्ती व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं को पूरे राज्य में उजागर किया गया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य के छात्रों और अभ्यर्थियों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का व्यापक अभियान है। मोरहाबादी स्थित आॅक्सीजन पार्क में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के संयोजक रामअवतार महतो, दीनबंधु मंडल, लकी रामु राज, चंदन रजक एवं राजीव कुमार तुलसी सहित अन्य उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। जेवियर बोर्ड वीक 2026 के अंतर्गत सामुदायिक सेवाकार्यक्रम के तहत फैशन डिजाइनिंग विभाग एवं बीबीए (स्किल एन्हांसमेंट) विभाग द्वारा सनराइज पब्लिक स्कूल, एदलहातु, रांची में एक प्रेरणादायक एवं कौशल-आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। सनराइज पब्लिक स्कूल आर्थिक रूप से वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए समर्पित है। कार्यशाला में दोनों विभागों के कुल 10 विद्यार्थियों, जिनमें फैशन डिजाइनिंग से 5 एवं बीबीए से 5 विद्यार्थी शामिल थे, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. वी. एस. उमा रानी, विभागाध्यक्ष, फैशन डिजाइनिंग तथा शुभांजलि भेंगराज, संकाय सदस्य, बीबीए (स्किल एन्हांसमेंट) ने किया। कार्यशाला के दौरान स्कूली बच्चों को दो महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रथम सत्र में टाई एंड डाई के माध्यम से कपड़ों की रंगाई, विभिन्न रंगों के प्रयोग तथा रचनात्मक डिजाइन तैयार करने की कला सिखायी गयी। इसके माध्यम से बच्चों को अपनी रचनात्मकता को व्यावहारिक रूप देने का अवसर मिला। दूसरे सत्र में डिजिटल मार्केटिंग जागरूकता पर प्रशिक्षण दिया गया। बच्चों को डिजिटल दुनिया, आॅनलाइन मार्केटिंग, डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी। कार्यक्रम को सफल बनाने में नवा बिहान के फाउंडर आर. अजय की भी महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन एवं बच्चों तक इस प्रकार के कौशल-आधारित प्रशिक्षण को पहुंचाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। उनकी सहभागिता ने सामुदायिक सेवा की इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मौके पर सनराइज पब्लिक स्कूल की निदेशक पूजा अमृता उरांव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, कौशल विकास, रचनात्मक सोच और नयी चीजें सीखने की प्रेरणा जगाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक एवं जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ना उनके समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।कार्यशाला में बच्चों ने पूरे उत्साह एवं जिज्ञासा के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने नयी तकनीकों को सीखा और उन्हें स्वयं प्रयोग करके समझने का अवसर प्राप्त किया। यह कार्यक्रम जेवियर संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भावना, कौशल-आधारित शिक्षा एवं समावेशी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बना। विभिन्न संस्थाओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों की सामूहिक भागीदारी ने इस पहल को सफल और सार्थक बनाया। संत जेवियर कॉलेज के इतिहास विभाग की अवंतिका सिन्हा जो नवा बिहान में इंटर्नशिप कर रही है उनका सराहनीय योगदान रहा। बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और सीखने की जिज्ञासा ने इस कार्यशाला को अत्यंत सफल, प्रेरणादायक और यादगार बना दिया।
10 सितंबर को राजधानी रांची पहुंचेगी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी एवं जेएसएससी की नियुक्ति प्रक्रिया में व्याप्त धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ चल रही राज्यव्यापी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा 10 सितंबर को राजधानी रांची पहुंचेगी। यात्रा के अंतिम चरण को लेकर आज मंगलवार को मोरहाबादी स्थित आॅक्सीजन पार्क में सामूहिक मीडिया वार्ता आयोजित की गयी। मीडिया वार्ता में बताया गया कि 11 सितंबर (शुक्रवार) को मोरहाबादी मैदान में राज्यभर से छात्रों एवं समर्थकों का जुटान होगा और भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का स्वागत किया जायेगा। इसके बाद मोरहाबादी मैदान से बिरसा मुंडा समाधि स्थल, कोकर (डिस्लरी पुल) तक भव्य पदयात्रा निकाली जायेगी। भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यात्रा का विधिवत समापन किया जायेगा। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राम अवतार महतो ने कहा कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में निकाली गयी इस यात्रा का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक जिले में अध्ययनरत छात्रों एवं अभ्यर्थियों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझना और उनके विचारों व सुझावों को संकलित करना रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से राज्य सरकार की युवा विरोधी नीतियों तथा भर्ती व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं को पूरे राज्य में उजागर किया गया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य के छात्रों और अभ्यर्थियों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का व्यापक अभियान है। मोरहाबादी स्थित आक्सीजन पार्क में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के संयोजक रामअवतार महतो, दीनबंधु मंडल, लकी रामु राज, चंदन रजक एवं राजीव कुमार तुलसी सहित अन्य उपस्थित रहे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पांकी/लातेहार। भर्ती व्यवस्था में सुधार, पारदर्शी एवं निष्पक्ष नियुक्ति प्रक्रिया और युवाओं के अधिकारों को लेकर चल रही भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के आज 16वें दिन पांकी-लातेहार में छात्र-युवाओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। यात्रा के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का छात्र-युवाओं ने गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत किया। बड़ी संख्या में जुटे युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में व्याप्त अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और अव्यवस्थित व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। इस अवसर पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। वर्षों से भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कभी परीक्षा में गड़बड़ी, कभी पेपर लीक, कभी परिणाम में विवाद और कभी नियुक्ति प्रक्रिया में अनिश्चितता—इन सबका सबसे बड़ा खामियाजा राज्य के मेहनतकश छात्र-युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि उस पूरी भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए है जिसने झारखंड के लाखों युवाओं के सपनों को प्रभावित किया है। सत्ता में चाहे कोई भी सरकार रही हो, यदि भर्ती व्यवस्था पारदर्शी और जवाबदेह नहीं बनती है तो संघर्ष जारी रहेगा। पांकी-लातेहार के छात्र-युवाओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे अपने अधिकार, रोजगार और बेहतर भविष्य के लिए एकजुट हैं। युवाओं का यह उत्साह बता रहा है कि भर्ती व्यवस्था में वास्तविक सुधार अब केवल मांग नहीं, बल्कि झारखंड के छात्र-युवाओं का जनआंदोलन बन चुका है। भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का संकल्प स्पष्ट है भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, युवाओं को न्याय और व्यवस्था में सुधार। व्यवस्था परिवर्तन तक संघर्ष जारी रहेगा।
टीम एबीएन, रांची। बी आई टी मेसरा लालपुर एनएसएस के तत्वावधान में आज शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के नुक्कड़ नाटक गीत संगीत के माध्यम से शिक्षकों को हंसने मुस्कुराने के लिए मजबूर कर दिया। निदेशक डॉ विजय कुमार झा ने इस तरह के आयोजनों से बच्चों और शिक्षक के बीच का जो संबंध होता है। वह उनकी भविष्य के लिए बेहतरीन सेतु का निर्माण करता है। जब इनको बड़ा मंच मिलता है। तब उनके मन की घबराहट दूर होता है छात्रों और शिक्षकों को बधाई। आयोजन संयोजक डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव, डॉ अमृता प्रियम, डॉ संदीप, ने भी छात्रों के भविष्य की सफलता के लिए प्रेरित किया। आज के इस आयोजन में डॉ सोमित्रो, डॉ शीबा मित्रा, डॉ एन के सिंह डॉ शिवा, मयंक पराशर, डॉ अनीश हैदर, नरेंद्र कुमार, अनामिका, एलिस प्रीति, सोनी कुमारी, ममता पांडेय, मानशी गुप्ता, नंदन बनर्जी, जया पाल, अपर्णा शुक्ला, उमेश प्रसाद सहित सैकड़ों छात्र-छात्रों व शिक्षकों ने भाग लिया।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.