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Published / 2022-02-08 04:35:48
मार्च के अंतिम सप्ताह में ऑफलाइन होगी मैट्रिक-इंटर की परीक्षाएं

टीम एबीएन, रांची। जैक की ओर से संकेत मिली है कि झारखंड में मैट्रिक इंटर की परीक्षा मार्च लास्ट वीक तक शुरू होगी। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने जैक को परीक्षा की तैयारियों को लेकर आदेश भी दिया है। यह परीक्षाएं ऑफलाइन आयोजित की जाएगी। इस सेशन में दो सत्रों के बीच में परीक्षार्थियों को 1 दिन का समय मिलेगा। पहले एक ही दिन में दो सत्रों की परीक्षाएं आयोजित होती थी। परीक्षा का प्रारूप भी परीक्षार्थियों के लिए नया होगा। हालांकि परीक्षार्थियों को जो समय पहले मिलता था। उसी तय समय के तहत परीक्षा ली जाएगी। प्रश्न का उत्त देने के लिए 3 घंटे का समय दिए जाने का निर्णय लिया गया है। पहले झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से कहा गया था कि दिसंबर और मार्च में दो चरण में परीक्षाएं आयोजित की जाएगी। लेकिन अब नए पैटर्न में दिसंबर और मार्च में आयोजित होने वाली परीक्षाएं, एक ही साथ ली जाएगी। लेकिन दो भागों में विषय को बांटा जाएगा, जिससे कि परीक्षार्थियों को सहूलियत हो सके। पहले टर्म की परीक्षाएं ओएमआर शीट पर तो दूसरे चरण की परीक्षा उत्तर पुस्तिका पर ली जाएगी, जो लघु और दीर्घ उत्तरीय समेत सभी प्रकार के विकल्प के साथ प्रश्न पूछे जाएंगे। कोविड को लेकर विशेष तैयारी: झारखंड एकेडमिक काउंसिल और जिला प्रशासन की ओर से कोविड को लेकर तमाम सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसकी तैयारी की जा रही है। दिसंबर महीने में प्रथम चरण की परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी है। इसी के मद्देनजर एक ही साथ अब परीक्षा आयोजित करने पर फैसला लिया गया है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से इसे लेकर लगातार शिक्षा विभाग से मंतव्य मांगा जा रहा था। इसी बीच शिक्षा विभाग की ओर से जैक को निर्देश दिया गया है कि राज्य में परीक्षा ऑफलाइन आयोजित की जाएगी और इसी के तहत तैयारियां भी जैक की ओर से की जानी है। होम सेंटर पर आयोजित हो सकती है परीक्षा: झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से परीक्षा केंद्रों का भी जायजा लिया जा रहा है। होम सेंटर में परीक्षा आयोजन को लेकर विचार-विमर्श का दौर भी जारी है। शिक्षा विभाग और झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से इस विषय पर निर्णय लिया जाएगा।

Published / 2022-02-05 17:30:13
यूजीसी ने तैयार किया नया क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क का ड्राफ्ट

एबीएन कैरियर डेस्क। हर पढ़े लिखे और युवा को रोजगार मुहैया कराने की राह थोड़ी आसान हो सकती है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) अब उच्च शिक्षा से जुड़े सभी कोर्सों को कुछ ऐसा डिजाइन कर रहा है जिसमें डिग्री के साथ साथ कौशल का भी प्रशिक्षण मिलेगा। यह प्रशिक्षण उसी कोर्स या क्षेत्र से संबंधित होगा जिसमें युवा पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें डिग्री, डिप्लोमा व सर्टीफिकेट जैसे सभी स्तर के कोर्स शामिल है। माना जा रहा है कि नए शैक्षणिक सत्र यानी वर्ष 2022-23 से इन मानकों के अनुरूप स्नातक से लेकर पोस्टग्रेजुएट स्तर के सभी कोर्सों की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। यूजीसी ने इस बीच नेशनल हायर एजुकेशन क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएचईक्यूएफ) में बदलाव से जुड़ा एक ड्राफ्ट तैयार किया है। प्रत्येक कोर्स के नए मानक भी तय किए गए है। फिलहाल, इस ड्राफ्ट पर यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों से 13 फरवरी तक सुझाव मांगे है। कोर्सों मंम बदलाव और उसे 21 वीं सदी की जरूरत को देखते हुए रोजगारपरक बनाने की सिफारिश नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में की गई थी। जिसे अब अमल में लाया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन कोर्सों से पढ़कर निकलने वाले छात्रों इस तरह से तैयार किया जाएगा, कि उन्हें पढ़ाई पूरी करने के बाद संबंधित क्षेत्र में जाने का विकल्प मौजूद रहे। जिन अहम बदलावों को ड्राफ्ट में शामिल किया है, उनमें सभी कोर्सों को एक क्रेडिट से लिंक किया गया है। इसमें अंडर ग्रेजुएट सर्टिफिकेट कोर्स का क्रेडिट स्कोर 40 होगा जबकि अंडर ग्रेजुएट डिग्री कोर्स का क्रेडिट स्कोर 80 होगा। वहीं बैचलर डिग्री कोर्स का क्रेडिट स्कोर 120 होगा। इस क्रेडिट स्कोर से छात्रों को बीच में कभी भी पढ़ाई छोड़ने और फिर से शुरु करने का मौका मिलेगा क्योंकि इससे इस व्यवस्था में क्रेडिट स्कोर एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट (एबीसी) में जमा रहेंगे। इसके साथ ही जिन छात्रों की शुरुआत से ही शोध के क्षेत्र में रुचि है, उनके लिए चार सालों का बैचलर डिग्री (रिसर्च) नाम से अलग कोर्स होगा। इसके बाद वह सीधे पीएचडी में दाखिल ले सकेंगे। हालांकि इसके लिए सामान्य बैचलर डिग्री कोर्स के तीसरे वर्ष मे कम से कम सात सीजीपीए (क्यूमेलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज) लाना जरूरी होगा। हालांकि इन सभी कोर्सों में उस क्षेत्र से जुड़ी जरूरत के मुताबिक कौशल प्रशिक्षण भी मिलेगा। जो प्रत्येक सेमेस्टर में न्यूनतम 15 घंटे का होगा। इसके साथ ही प्रत्येक सेमेस्टर में कम से कम 30 घंटे की इंटर्नशिप या फिर सोशल एक्टीविटी जैसे गतिविधियां शामिल होगी। यूजीसी ने उच्च शिक्षा के प्रस्तावित इस नए ड्राफ्ट में उच्च शिक्षा के कोर्सों को स्किल व व्यवसायिक शिक्षा के साथ जोड़ दिया है। अभी भी सामान्य स्नातक कोर्सों में इस तरह का प्रशिक्षण या इंटर्नशिप नहीं शामिल है।

Published / 2022-02-04 10:56:26
स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया 2022 नीट पीजी परीक्षा स्थगित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फैसला लिया है कि NEET PG 2021 Counselling के चलते नीट पीजी परीक्षा 2022 परीक्षा को स्थगित किया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि इस वर्ष की परीक्षा 6-8 सप्ताह आगे के लिए टाल दी गई है। नीट पीजी 2022 परीक्षा 12 मार्च को आयोजित की जानी थी। परीक्षा स्थगित करने को लेकर छात्र लंबे समय से मांग कर रहे थे। छात्रों का कहना है कि पिछले वर्ष यानी 2021 की नीट पीजी काउंसलिंग की डेट्स इस वर्ष की परीक्षा की डेट के साथ क्लैश हो रही है। ऐसे में आगामी परीक्षा को स्थगित किया जाना चाहिए। छात्रों ने सोशल मीडिया पर इसकी मांग उठाई और स्वास्थ्य मंत्रालय से लगातार गुहार लगाई कि इस मामले में जल्द कोई निर्णय लें। इसके लिए छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की जिसपर विचार के लिए कोर्ट ने स्वीकृति भी दे दी।

Published / 2022-01-31 06:55:40
जैक बोर्ड : मार्च-अप्रैल में हो सकती है मैट्रिक-इंटर की परीक्षा

टीम एबीएन, रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा अब एक साथ ली जाएगी। यह परीक्षा दो चरणों में होगी। पहले चरण में 40 अंक की बहुविकल्पीय परीक्षा होगी। ओएमआर शीट भरकर प्रश्नों के जवाब देने होंगे। वहीं दूसरे चरण की परीक्षा में 40 अंक के सवाल होंगे, जिसमें शॉर्ट एंड लॉन्ग उत्तर वाले सवाल होंगे। फिलहाल, परीक्षा आयोजन के प्रस्ताव पर विचार चल रहा है। इस प्रस्ताव को स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग फरवरी के पहले सप्ताह में अपनी मंजूरी दे सकता है। जैक की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक यह परीक्षा मार्च या अप्रैल में ली जाएगी। परीक्षा के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया गया है। परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स को उतना ही समय मिलेगा जितना पहले मिलता था। यानी यह परीक्षा 3 घंटे की ही ली जाएगी। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि स्कूली शिक्षा साक्षरता विभाग मैट्रिक और इंटर की परीक्षा इस बार होम सेंटर पर ही आयोजित करेगा। इस पर लगातार मंथन किया जा रहा है शिक्षा विभाग और झारखंड एकेडमिक काउंसिल के पदाधिकारियों के बीच मामले को लेकर विचार-विमर्श भी किया जा रहा है। होम सेंटर में कोरोना के मद्देनजर किस तरह गाइडलाइन का खयाल रखा जाएगा। इस पर भी मंथन किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने इससे जुड़े प्रस्ताव मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन विभाग को तैयार कर भेजा है। परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसे लेकर पूर्व की तरह प्रश्न पत्र के पैटर्न के अनुरूप ही परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा 80 अंक की होगी। मैट्रिक इंटर 2022 की परीक्षा की तिथि 10 फरवरी तक घोषित हो जाएगी।

Published / 2022-01-28 16:58:30
रिम्स में खाली पड़े 80% पदों के लिए तत्काल निकालें विज्ञापन : हाई कोर्ट

टीम एबीएन, रांची। राज्य की एकमात्र रेफरल अस्पताल रिम्स में थर्ड ग्रेड और फोर्थ ग्रेड कर्मचारी के भारी पैमाने पर रिक्त पद पर नियमित नियुक्ति के बिंदु पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने रिम्स को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग से काम नहीं चलेगा। हर हाल में नियमित नियुक्ति करें। कोर्ट ने राज्य सरकार को पद सृजन के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद होगी। रिम्स में 70 से 80 फीसदी पद रिक्त : अदालत ने इस बात को लेकर आश्चर्य जताया कि रिम्स में लगभग 70 से 80 फीसदी पद रिक्त हैं तो वहां पर काम कैसे चल रहा है। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि लगता है कि अदालत को ही अब रिम्स की बेहतरी के लिए कुछ करना होगा। क्योंकि वहां की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। अदालत ने इस बात को लेकर भी कड़ी नाराजगी जताई कि थर्ड और फोर्थ ग्रेड के पदों पर आउटसोर्स कैसे कर दिया गया है जबकि सृजित पद अभी भी खाली है। इस दौरान रिम्स के निदेशक कोर्ट में हाजिर हुए। उन्होंने बताया कि करीब 300 से ज्यादा थर्ड और फोर्थ ग्रेड के कर्मियों के पद रिक्त हैं और 200 से ज्यादा नए पद सृजित करने के लिए झारखंड सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है। इस पर अदालत ने नए पद सृजित करने के प्रस्ताव पर विचार करने को कहा। कोर्ट के आदेश के बाद भी नियुक्ति नहीं : झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश एसएन प्रसाद की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि रिम्स में थर्ड ग्रेड और फोर्थ ग्रेड कर्मचारी की नियुक्ति के लिए विज्ञापन तत्काल निकाला जाए। आउटसोर्सिंग तभी तक मान्य होगी जब तक इन पदों पर रिम्स में नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है। नियमित नियुक्ति पर रिम्स के रवैये पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब कोर्ट की ओर से एक साल पहले ही रिम्स के सभी रिक्त पदों पर भर्ती करने का आदेश दिया गया तो अब तक नियुक्ति क्यों नहीं की गई है।

Published / 2022-01-23 07:52:44
28 जनवरी से होगी जेपीएससी की मुख्य परीक्षा, परीक्षा केंद्रों के पास धारा 144 लागू

टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी की ओर से आयोजित संयुक्त असैनिक सेवा सातवीं से दसवीं मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 28, 29 और 30 जनवरी 2022 को आयोजित होगी। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 1:00 बजे तक और द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित कराई जाएगी। रांची के 9 परीक्षा केंद्रों पर जेपीएससी मेंस की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसे लेकर तमाम प्रशासनिक तैयारियां कर ली गईं हैं। परीक्षा केंद्रों पर कदाचार मुक्त वातावरण में परीक्षा के आयोजन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रांची द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी है। परीक्षा केंद्र पर भीड़ लगाकर विधि व्यवस्था भंग करने की आशंका को देख रांची के एसडीओ ने परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों, सरकारी कार्यक्रम, धार्मिक अनुष्ठान एवं शवयात्रा को छोड़कर 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के एक जगह जमा होने की मनाही रहेगी। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में यह निषेधाज्ञा दिनांक 28 से 30 जनवरी 2022 तक प्रत्येक दिन सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस आदेश के कड़ाई से अनुपालन के लिए पुलिस प्रशासन जुट गया है। गौरतलब है कि जीपीएससी मुख्य परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों का एक गुट आंदोलन करने के मूड में है। लगातार इसे लेकर बैठकों का दौर जारी है, पिछले दिनों जेपीएससी सातवीं से लेकर दसवीं सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन भी हुआ था। उस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए जेपीएससी प्रशासन और जिला प्रशासन मामले की निगरानी कर रहा है। तमाम परीक्षा केंद्रों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी। इधर, संघ लोक सेवा आयोग नई दिल्ली द्वारा Combined Recruitment Test (RT-1) 29 से 30 जनवरी 2022 को आयोजित की जा रही है। प्रत्येक दिन प्रथम पाली में परीक्षा पूर्वाह्न 9:30 बजे से 11:30 बजे पूर्वाह्न और द्वितीय पाली में अपराह्न 2 बजे से 4 अपराह्न तक परीक्षा, केंद्र गोस्सनर कॉलेज, क्लब रोड रांची (सब सेंटर A एवं B) में आयोजित की जाएगी। इन परीक्षा केंद्रों पर कदाचार मुक्त वातावरण में परीक्षा के आयोजन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी है।

Published / 2022-01-19 15:30:38
झारखंड : जैक अध्यक्ष ने कहा- जल्द होगी मैट्रिक-इंटर की परीक्षा

रांची। शिक्षा मंत्री की घोषणा के लगभग डेढ़ महीने बाद झारखंड अधिविध परिषद (जैक) को अपना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मिल गया है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपना पदभार भी ग्रहण कर लिया है। जैक अध्यक्ष अनिल कुमार महतो ने बताया कि जल्द ही मैट्रिक और इंटर की परीक्षआएं ली जाएंगी। लेकिन यह परीक्षाएं आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा निर्देश के बाद ही लिया जाएगा। इससे साफ हो गया है कि अगर आपदा प्रबंधन समय पर दिशा निर्देश जारी न करे तो राज्य भर के लगभग 3 लाख छात्र-छात्रा समय पर परीक्षा नहीं दे पाएंगे। मतलब साफ है कि इस बार भी परीक्षा को लेकर कई प्रकार के सवाल खड़े हो रहे हैं और इन सवालों के जवाब छात्र-छात्राओं को नहीं मिल रहे। करीब तीन लाख छात्र-छात्राओं की भविष्य अंधकार में नजर आ रही है। इस पर जैक अध्यक्ष अनिल कुमार महतो ने कहा कि आज ही मैंने अध्यक्ष पद का पदभार ग्रहण किया है। वस्तु स्थिति को मैं देख रहा हूं। कोशिश होगी कि परीक्षा समय पर हो जाए। वहीं राज्य के छात्र-छात्राओं को वैक्सीन देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मामला शिक्षा विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग का है। छात्र-छात्राओं को कैसे वैक्सीन दी जाये। इस मामले पर जब तक दिशा-निर्देश नहीं आती तब तक मैं कुछ भी नहीं कह सकता हूं। टीकाकरण को लेकर जैक अध्यक्ष के जवाब से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है और शिक्षा विभाग पर सिर्फ बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वस्तुस्थिति पर कोई बोलने वाला नहीं। छात्र-छात्राओं का भविष्य को लेकर हर अधिकारी टालमटोल कर जवाब दे रहे हैं।

Published / 2022-01-12 16:42:10
इन शर्तों से एनआईटी में माफ होगी पूरी फीस...

टीम एबीएन, जमशेदपुर। एनआईटी जमशेदपुर में कम आय वर्ग के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए कॉलेज में पूरी तरह से ट्यूशन फी में छूट प्रदान करने हेतु आवेदन मांगे गए हैं। ऐसे छात्र, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख से कम है, उन्हें पूरे साल की पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। वहीं एक लाख से पांच लाख तक की सालाना कमाई करने वाले परिवार के बच्चों को ट्यूशन फीस में दो तिहाई की छूट दी जा रही है। इसके लिए छात्रों को आय प्रमाण पत्र के साथ 31 जनवरी तक संस्थान में आवेदन करने के लिए कहा गया है। यह आवेदन सिर्फ 2021-22 में दाखिला लेने वाले इंजीनियरिंग के नए छात्रों के लिए उपलब्ध है। केंद्र सरकार की योजना के तहत एनआईटी जमशेदपुर में ट्यूशन फीस में सामान्य कोटि के छात्रों को भी लाभ दिया जा रहा है। आर्थिक आधार पर दिया जा रहा है या लाभ वंचित छात्रों को बराबरी का मौका देने के लिए दिया जा रहा है। ट्यूशन फीस में मिलने वाली छूट कम आय वर्ग वाले परिवार के बच्चों के लिए वरदान साबित हो सकती है। हालांकि, इन बच्चों को हॉस्टल का वार्षिक शुल्क कॉलेज में जमा करना होगा। गौरतलब हो कि पिछले महीने ही एनआईटी जमशेदपुर में बीटेक के नए सत्र के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हुई है। दाखिला पूरा होने के बाद अब छात्रों को ट्यूशन फीस में छूट के लिए यह आवेदन उपलब्ध कराया गया है।

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