एबीएन सेंट्रल डेस्क। वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच प्रमुख टेक कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है। माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में अपने 200 कर्मचारियों को निकाला था और एक अन्य दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने भी कर्मचारियों को चेतावनी दी है। खबरों के अनुसार, गूगल ने कहा है कि अगर कर्मचारी अपना प्रदर्शन नहीं सुधारते और अगले तिमाही आंकड़े उम्मीद के अनुरूप नहीं होते तो उन्हें छंटनी के लिए तैयार रहना चाहिए। एक रिपोर्ट के अनुसार, सेल्स विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सेल्स प्रोडक्टिविटी के साथ-साथ कर्मचारियों की ओवरआॅल प्रोडक्टिविटी का आंकलन किया जाएगा। बता दें कि गूगल पहले ही हायरिंग पर रोक को और आगे बढ़ा चुका है। इसी के साथ अब इस नई घोषणा ने कर्मचारियों के बीच छंटनी का डर पैदा कर दिया है। नियुक्तियों को लंबे समय के लिए रोका : जुलाई में गूगल ने कहा था कि वह अपनी भर्तियों को 2 हफ्ते के लिए रोक रही है ताकि कर्मचारियों की संख्या की समीक्षा कर सके। हालांकि, नियुक्तियों पर इस रोक को पूरे 2022 के लिए बढ़ा दिया गया है। गूगल के सीईओ सुदंर पिचाई ने कहा था कि यह साफ है कि कंपनी चुनौतियों का सामना कर रही है और आगे भी राह आसान नहीं दिख रही। पिचाई ने कर्मचारियों से कहा था कि जिस प्रकार की आर्थिक परिस्थितियां पैदा हुई हैं उन्हें अपनी उत्पादकता को और बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा, जितने लोग हमारे पास हैं उसके अनुरुप हमारी उत्पादकता नहीं है और यह एक गहन चिंता का विषय है। गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट को अप्रैल-जून (दूसरी तिमाही) तिमाही में उम्मीद से कम आय और राजस्व प्राप्त हुए है। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में केवल 13 फीसदी की वृद्धि हुई है जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 62 फीसदी थी। हालांकि, केवल गूगल ही नहीं है जो आय व राजस्व में कमी का सामना कर रही है। लिंक्डिन, मेटा (फेसबुक की पेरेंट), ओरेकल, ट्विटर, एनविडिया, स्नैपचैट, ऊबर, स्पॉटिफाई, इंटेल व माइक्रोसॉफ्ट समेत तमाम ऐसी टेक कंपनियां हैं जो दबाव का सामना कर रही हैं।
टीम एबीएन, रांची। नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बेरोजगार युवक युवतियों के लिए अच्छी खबर है। जिला प्रशासन ने खूंटी के सभी छह प्रखंड से लगभग 500 रिक्त पदों के लिए होमगार्ड बहाली करने की तैयारी की है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 20 सितंबर रखी गई है। मुख्यालय डीएसपी जयदीप लकड़ा, मजिस्ट्रेट अनुराधा कुमारी इन दिनों होमगार्ड बहाली को लेकर तैयारी में जुटे हैं। मुख्यालय डीएसपी जयदीप लकड़ा ने बताया कि जिले के मुरहू, अड़की, कर्रा, खूंटी, तोरपा और रनियां प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के लिए महिला होम गार्ड के 223 पद रिक्त हैं तथा पुरुष होम गार्ड के लिए भी 223 पद रिक्त हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में 45 तकनीकी और गैर तकनीकी पदों पर बहाली की प्रक्रिया पूर्ण कराई जानी है। जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरीय पदाधिकारियों की गठित टीम की ओर से होम गार्ड के रिक्त पदों को लेकर आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गईं हैं। अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से रोजगार संबंधी विज्ञापन प्रकाशित किए जा चुके हैं। इस संबंध में मजिस्ट्रेट अनुराधा कुमारी ने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण और सूदूरवर्ती इलाकों तक अखबार और टीवी चैनलों की पहुंच होने से विज्ञापन प्रकाशित करना आसान हो गया है। उम्मीद की जा रही है कि चार से पांच हजार तक अभ्यर्थी आवेदन जमा करेंगे। होमगार्ड की बहाली के लिए एक हजार मीटर दौड़, हाई जंप, लॉन्ग जंप की शारीरिक परीक्षा और हिंदी भाषा की परीक्षा भी ली जाएगी। साथ ही शहरी क्षेत्र में होम गार्ड की बहाली के लिए तकनीकी और गैर तकनीकी पहलुओं से संबंधित प्रश्न भी परीक्षा में शामिल किए जाएंगे। लंबे अंतराल के बाद स्थानीय स्तर पर लगभग 500 होम गार्ड की बहाली से बेरोजगार युवक युवतियों में उत्साह का माहौल है। जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई कि 4-5 हजार उम्मीदवार होम गार्ड की बहाली में अपना भाग्य आजमाएंगे।
टीम एबीएन, मेदिनीनगर, (पलामू)। पलामू जिला अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में शैक्षणिक सत्र 2022-23-24 में विभिन्न व्यवसायों में अभ्यर्थियों के नामांकन हेतु ऑनलाइन काउंसिलिंग के तिथि की घोषणा कर दी गई है। जिला नियोजन पदाधिकारी सह औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान डालटनगंज के प्राचार्य संतोष कुमार ने बताया कि विभिन्न विषयों में अभ्यर्थियों के नामांकन हेतु आठवीं एवं दसवीं कक्षा में प्राप्तांक आधारित अंतिम मेधा सूची विभाग के वेबसाइट iti.jharkhand.gov.in पर होम पेज में उपलब्ध करा दी गई है। विभाग द्वारा अंतिम रूप से प्रकाशित मेधा सूची के आधार पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए आयोजित की जाने वाली ऑनलाइन प्रथम एवं द्वितीय काउंसलिंग कार्यक्रम 12 अगस्त से शुरू होगी। प्रथम राउंड में अलग-अलग तिथियों में 12 अगस्त से 17 अगस्त और 20 अगस्त से 28 अगस्त तक काउंसिलिंग कार्यक्रम होगी। वहीं द्वितीय राउंड में 31 अगस्त से 13 सितंबर तक काउंसिलिंग कार्यक्रम अलग-अलग तिथियों में रखा गया है। उन्होंने कहा कि आठवीं एवं दसवीं कक्षा की अंतिम मेधा सूची में शामिल आवेदकों/अभ्यर्थियों द्वारा संस्थान/संस्थानों तथा व्यवसाय/ व्यवसायों को अपनी प्राथमिकता के अनुसार विभाग के वेबसाइट पर क्लिक कर दिए गए दिशा-निर्देशों का अनुसरण करते हुए विकल्पों को भरें। उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे सीटों के आवंटन हेतु अधिक- से-अधिक विकल्पों का चयन करें। उन्होंने यह भी कहा है कि प्रथम काउंसलिंग सभी कोटि के आवेदकों के लिए नि:शुल्क रखा गया है। वहीं द्वितीय काउंसलिंग हेतु शुल्क देय होगा। आवेदकों को काउंसिलिंग शुल्क पेमेंट गेटवे के माध्यम से देना होगा। उन्होंने अपील किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, वे काउंसलिंग कार्यक्रम में जरूर भाग लें। काउंसिलिंग से लेकर नामांकन तक की विस्तृत जानकारी संबंधित औद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थान से भी प्राप्त की जा सकती है। बता दें कि राज्य के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नामांकन के साथ-साथ पलामू जिला अंतर्गत सभी सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने प्रयोगशाला सहायक के पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया 29 अगस्त से शुरू होगी। वहीं आवेदन की अंतिम तिथि 28 सितंबर 2022 है। इसके लिए योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट jssc.nic.in पर जाकर इन पदों के लिए आवेदन जमा कर सकेंगे। जेएसएससी ने 690 पदों पर बंपर नियुक्ति निकाली है। शैक्षणिक योग्यता: जेएसएससी के अनुसार जो उम्मीदवार इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं, उनके पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से फिजिक्स, केमेस्ट्री या बॉयोलॉजी में किसी दो विषयों से ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। जो उम्मीदवार इस भर्ती परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, उनकी आयु 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हालांकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को आयुसीमा में छूट दी जाएगी। इसके अलावा इस पद पर चयनित उम्मीदवारों को लेवल 6 के तहत 35,400 रुपये से लेकर 1,12,400 रुपए तक का मासिक वेतन मिलेगा। आयु सीमा : 21 से 35 वर्ष (आरक्षित वर्ग को नियमानुसार आयु में छूट भी मिलेगी) वेतनमान पे लेवल- 6 के अनुसार 35,400 से 1,12,400 रुपए प्रतिमाह। आवेदन शुल्क : 100 रुपए (एससी-एसटी के लिए 50 रुपए)
टीम एबीएन, रांची। कैंब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में शनिवार को प्रोजेक्ट फंडिंग प्रपोजल राइटिंग विषय पर एक दिवसीय एक्सपर्ट लेक्चर का आयोजन हुआ। बतौर विशेषज्ञ बीआईटी मेसरा के मैकेनिकल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ कौशिक कुमार ने शिक्षकों को विषय से संबंधित विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ डॉ कौशिक ने शिक्षकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों एवम शंकाओं से संबंधित उत्तर भी दिया। सेशन को संबोधित करते हुए डॉ कौशिक ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रोजेक्ट का विषयानुसार प्रपोजल बनाने, यूजीसी एवम एआईसीटीइ द्वारा फंडेड प्रोजेक्ट को नियत समय पर पूर्ण कर समाज को किस प्रकार लाभान्वित करें। आदि महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। प्राचार्य डॉ एन हरि बाबू ने कहा कि सरकार रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा दे रही है, ताकि रिसर्च ओरिएंटेड कार्य ठोस काम हो सके। प्राचार्य ने शिक्षकों को इसका लाभ लेने को प्रेरित किया। कार्यक्रम को आरएंडडी सेल के कॉर्डिनेटर मुकेश साहू, प्रो अरशद उस्मानी आदि ने भी संबोधित किया। मौके पर डॉ नैयर मुमताज, डॉ आशिफ इकवाल, डॉ शालिनी सिंह, डॉ मोहित कुमार, प्रो स्वेता सोनाली ढाल, प्रो विकास चंद्र साहा आदि शिक्षक उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के आर एंड डी सेल ने आयोजित किया।
टीम एबीएन, रांची। 25 जुलाई 2022 को बिड़ला इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी, मेसरा में हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा एनालिटिक्स की तकनीकों और अनुप्रयोगों पर त्वरित विज्ञान योजना के तहत विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) प्रायोजित हाई-एंड कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। कार्यशाला में डॉ लोकेश के सिन्हा, पूर्व निदेशक, रक्षा भू सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान ने 28 जुलाई 2022 को ‘हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग पर विशेष जोर के साथ रक्षा अनुप्रयोगों के लिए रिमोट सेंसिंग’ शीर्षक से एक सत्र दिया। टेरेन इंजीनियरिंग में हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा एनालिटिक्स के महत्व पर चर्चा की गई। तकनीकी प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया था जो वर्तमान युग में गेम चेंजर होगा। इस सत्र में कृषि निगरानी से लेकर डेटा साइंस दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए इलाके की खुफिया जानकारी तक के अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल थी। डेटा साइंस का उपयोग करके इलाके के मानचित्रण में हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा एनालिटिक्स के लिए वर्णक्रमीय पुस्तकालयों के निर्माण के महत्व पर चर्चा की गई। डॉ रबी नारायण साहू, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने भी 29 जुलाई 2022 को स्मार्ट कृषि के लिए इमेजिंग स्पेक्ट्रोस्कोपी शीर्षक से एक सत्र दिया। आत्मनिर्भर भारत प्राप्त करने के लिए कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा एनालिटिक्स के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई है। डिजिटल मृदा मानचित्रण के महत्व को बेहतरीन तरीके से समझाया गया है। डेटा विज्ञान और मृदा इंजीनियरिंग के बीच सहयोग के महत्व का पता लगाया गया है। हाइपरस्पेक्ट्रल डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके मिट्टी, पानी और हवा के लिए भविष्य की दृष्टि के एक बहुआयामी पहलू पर चर्चा की गई।
टीम एबीएन, रांची। डीएवी पब्लिक स्कूल्स, झारखण्ड ज़ोन-A, B एवं D के शिक्षकों के लिए आयोजित शिक्षक कौशल सम्वर्धन कार्यशाला का समापन आज 4 बजे हुआ। इस कार्यशाला में डीएवी के लगभग 30 विद्यालयों के 600 शिक्षकों ने भाग लिया।समापन समारोह में शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए एमके सिन्हा, सहायक क्षेत्रीय अधिकारी, डीएवी पब्लिक स्कूल्स झारखण्ड ज़ोन-B ने कहा कि ये दो-दिवसीय सम्वर्धन कार्यशाला आप सभी के लिए थी, जिसे आपने विषय विशेषज्ञों से टिप्स लेकर सफ़ल बनाया। विद्यालय में बच्चे जो ज्ञान शिक्षकों के माध्यम से पा लेते हैं, वह स्थाई ज्ञान होता है। इसलिए कक्षा में बच्चों के बीच ज्ञान को आरोपित न करें, बल्कि अंकुरित होने दें। हम बच्चों को परीक्षा में सफल होना नहीं बल्कि जीवन में भी सफल होना सिखाएं।क्योंकि डीएवी नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री सिन्हा ने कथा सम्राट मुन्शी प्रेमचंद की जयंती पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्त्व पर भी प्रकाश डाला। डॉ उर्मिला सिंह, सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डीएवी पब्लिक स्कूल्स, झारखण्ड ज़ोन-D ने कहा कि अज्ञानी होना गलत नहीं अज्ञानी बने रहना गलत है।अतः आप सभी नई तकनीक का प्रयोग करते हुए बच्चों को शिक्षित करें। मौके पर ओपी मिश्रा, सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डीएवी पब्लिक स्कूल्स झारखण्ड ज़ोन-A ने कहा कि बच्चों को आप अपना सर्वश्रेष्ठ दें, आपके पास भी सर्वश्रेष्ठ ही लौटकर आएगा। मौके पर प्रज्ञा सिंह, प्राचार्य डीएवी पब्लिक स्कूल, बिष्टुपुर, वीपी रॉय, प्राचार्य, डीएवी खलारी, अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्राचार्य डीएवी, हज़ारीबाग, टीपी झा, प्राचार्य डीएवी खूंटी, अनुज कुमार मिश्रा, प्राचार्य डीएवी सिल्ली आदि उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में एक्सएलआरआइ जमशेदपुर में मास्टर्स स्तर की तीन कोर्स को लांच किया गया। एक्सएलआरआइ प्रबंधन ने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बिजनेस मैनेजमेंट (पीजीडीबीएम), पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन फिनांस (पीजीडीएफ) और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (पीजीडीएचआरएम) कोर्स की शुरूआत की है। एक्सएलआरआइ के डायरेक्टर फादर पॉल फर्नांडिस एसजे ने इसकी विधिवत शुरूआत की। इस दौरान बताया गया कि कोर्स की अवधि दो साल की होगी। इस कोर्स को नयी शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। वर्चुअल मोड में पूरी पढ़ाई होगी।कोर्स की अवधि दो साल की होगी। पहले साल के कोर्स में एक सप्ताह सभी विद्यार्थियों को एक्सएलआरआइ कैंपस विजिट कराया जायेगा। यहां रख कर उनकी पढ़ाई होगी। इसी प्रकार दूसरे साल भी एक सप्ताह के लिए विद्यार्थियों को एक्सएलआरआइ में रख कर आॅफलाइन मोड में पढ़ाई करवाई जायेगी।
एबीएन कैरियर डेस्क। केंद्रीय स्तर के सभी शिक्षा बोर्ड के साथ-साथ झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से भी 10वीं और 12वीं के रिजल्ट का प्रकाशन कर दिया गया है। विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एडमिशन का दौर शुरू है। हालांकि इस बार कुछ विश्वविद्यालयों में स्नातक में नई शिक्षा नीति के अंतर्गत नामांकन लिया जाएगा, इसकी तैयारी की जा रही है। वहीं इंटरमीडिएट में नामांकन को लेकर सभी कॉलेज की ओर से अपने-अपने स्तर से नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में इसी सत्र से नई शिक्षा नीति के तहत नामांकन लिया जायेगा। रांची विश्वविद्यालय ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिया है। वहीं डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में चांसलर पोर्टल के माध्यम से नामांकन की प्रक्रिया शुरू की गई है। गौरतलब है कि सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड और जैक द्वारा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट का प्रकाशन कर दिया गया है। उच्च शिक्षा के लिए नामांकन का दौर शुरू हो चुका है। रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध ऑटोनॉमस कॉलेज अपने स्तर से इंटरमीडिएट में नामांकन ले रही है, जबकि ग्रेजुएशन में नामांकन को लेकर फिलहाल रांची विश्वविद्यालय का पोर्टल नहीं खोला गया है। क्योंकि नई शिक्षा नीति के तहत इस विश्वविद्यालय में इसी सत्र से पढ़ाई होगी और उसी आधार पर इस विश्वविद्यालय ने नामांकन की तैयारी भी की है। रांची विश्वविद्यालय के डीएलडब्लू आरके शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के अंदर नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस वर्ष नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक में नामांकन लेने वाले विद्यार्थी ग्रेजुएशन में 4 साल का कोर्स करेंगे। बताते चलें कि झारखंड के विद्यार्थी सामान्य विषयों में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए रांची विश्वविद्यालय को सबसे पहले प्राथमिकता देते हैं। नवगठित डीएसपीएमयू में भी पिछले कुछ वर्षों से नामांकन को लेकर होड़ मची हुई है, जबकि विभिन्न टेक्निकल विषयों में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थी आज भी झारखंड से पलायन कर रहे हैं। इसके पीछे की वजह इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की कमी बताई जा रही है। डीएसपीएमयू में भी नामांकन को लेकर तमाम प्रक्रिया संचालित की जा रही है। डीएसपीएमयू के कुलपति ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष की पोर्टल के जरिये नामांकन की प्रक्रिया शुरू की है।
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