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रांची विवि : ज्योतिर्विज्ञान संस्कृत विभाग में वास्तुविज्ञान : प्रायोगिक पक्ष (सांप्रतिक परिप्रेक्ष्य) विषय पर राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी संपन्न
Published / 2022-07-10 13:21:42
रांची विवि : ज्योतिर्विज्ञान संस्कृत विभाग में वास्तुविज्ञान : प्रायोगिक पक्ष (सांप्रतिक परिप्रेक्ष्य) विषय पर राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी संपन्न

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 10/07/2022 को रांची विश्वविद्यालय के ज्योतिर्विज्ञान संस्कृत विभाग में वास्तुविज्ञान : प्रायोगिक पक्ष (साम्प्रतिक परिप्रेक्ष्य) विषय पर प्रथम एकदिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन दो सत्रों (उद्घाटन सत्र व समापन सत्र) में किया गया। उद्घाटन सत्र का विधिवत उद्घाटन सम्माननीय अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन व मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व शंखध्वनि के साथ किया। फिर अतिथियों ने ज्योतिर्विज्ञान विभाग की नयी यंत्रशाला का उद्घाटन फीता काटकर किया। यंत्र शाला में रत्न परीक्षण से संबंधित विभिन्न प्रकार के आधुनिक उपकरण, खगोलीय ग्रह विज्ञान के लिए आधुनिक टेलिस्कोप एवं वास्तु परीक्षण के लिए आधुनिक यंत्रों की व्यवस्था की गई है। वैदिक मंगलाचरण माधवी राजपूत तथा स्वागत गीत की प्रस्तुति विभागीय छात्राएं अनुपमा,पूर्वा,ऋचा व प्रिया के द्वारा की गयी। सभी अतिथियों का वाचिक स्वागत विभाग की अध्यक्ष प्रो.अर्चना कुमारी दुबे ने किया। विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ श्री प्रकाश सिंह ने कहा कि वास्तु हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है एवं वास्तु को प्लानिंग कहा जाता है। अर्थात् वास्तु से आशय है भूमि व भवन निर्माण के लिए एक पूर्व योजना का निर्माण करना। जिससे मनुष्य को शांति व समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है। उद्घाटनकर्ता रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार सिन्हा ने संस्कृत विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि संस्कृत और ज्योतिर्विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित यह संगोष्ठी निश्चित रूप से विभाग के साथ विश्वविद्यालय की गरिमा को बढ़ायेगी और नैक के मूल्यांकन में इस तरह के कार्य महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। वास्तु की प्रक्रिया बहुत ही प्राचीन व पुरातन है। मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति प्रोफेसर रमेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि मनुष्य अपने जीवन को व्यवस्थित करने के लिए और शुचिता पूर्ण जीवन व्यतीत करने के लिए यदि वास्तु में बताए गए नियमों का पालन करें और उसके अनुकूल चलने का प्रयत्न करें तो उसको विविध प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिल सकती है। मानव जीवन का वास्तविक लक्ष्य भी यही है। श्री जगन्नाथ विश्वविद्यालय पूरी के श्रीनिवास पंडा ने कहा की वास्तु पूर्णता वैज्ञानिक है और विज्ञान की कसौटी पर पूरी तरह से खरा उतरता है। वस्तु को अवैज्ञानिक कहने वाले वास्तु के विविध पक्षों को ना जाने के कारण ही ऐसा बोलते हैं यदि वास्तु के विविध पक्षों को हम समझ लेंगे तो हमें वास्तु की वैज्ञानिकता में कोई संदेह नहीं रह जाएगा। विशिष्ट अतिथि संस्कृत विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर चंद्रकांत शुक्ला ने कहा कि वास्तु की आवश्यकताओं एवं महत्व के साथ-साथ वास्तु की प्रासंगिकता को बहुत ही प्रभावी शब्दों में व्यक्त किया। उन्होंने कहा की वास्तु आज के युग की बहुत बड़ी आवश्यकता है। बहुत बड़े-बड़े भूमि भवन जो भूकंपरोधी बनाए जाते हैं उनमें वास्तु का बहुत बड़ा योगदान होता है। विनोद बिहारी कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुखदेव भोई ने कहा संस्कृत साहित्य का विपुल भण्डार उसकी प्राचीनता के साथ-साथ अनुसन्धान की विविध संभावनाओं को उत्पन्न करना वास्तु की एक योजना है जो मानव को उसके रचनात्मक कार्यों की ओर सकारात्मक दिशा में प्रवृत्त करता है। प्रथम सत्र का मंच संचालन शोधच्छात्र जगदम्बा प्रसाद सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन विभागीय शिक्षिका डॉ उषा टोप्पो ने किया। संगोष्ठी में 70 से अधिक प्रतिभागियों ने शोध पत्र का वाचन किया। शोध पत्र वाचन के बाद संगोष्ठी का समापन समारोह आयोजित किया गया जिसमें सभी सम्मानीय तिथियों को शाल और प्रतीक चिह्न इत्यादि देकर सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ मधुलिका वर्मा ने किया। सचिव प्रतिवेदन पूर्ववर्ती छात्र संघ के सचिव डॉ श्री प्रकाश सिंह ने किया। उन्होंने संगोष्ठी में पधारे सभी अतिथियों तथा प्रतिभागियों व गुरुजनों के समक्ष संगोष्ठी का वृत्त निवेदन भी प्रस्तुत किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रति कुलपति प्रोफेसर कामिनी कुमार ने कहा कि पहले के समय वास्तु मन्दिरों व भवनों तक सीमित था पर अब जन सामान्य तक पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि घर के चारों तरफ बड़े बड़े वृक्ष नहीं लगाने चाहिए क्योंकि वृक्ष होने से घरों में धूप व प्रकाश पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचता है। वास्तु के नियमों का पालन अनावश्यक बीमारियों से बचाता है जिससे धन व समय की बचत होती है। समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए मानविकी संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो गौरीशंकर झा ने वास्तु में गुरुत्वाकर्षण तथा चुम्बकीय शक्तियों के प्रभाव व महत्व को प्रतिपादित किया। वास्तुकला मनुष्य के जीवन का आवश्यक अंग है। इस कार्यक्रम में मंच संचालन श्री एसके घोषाल तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ चंद्रशेखर मिश्र ने किया। मौके पर पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ मीना शुक्ला, डॉ भारती द्विवेदी, डॉ हीमावती बिन्हा, डॉ सविता उरांव, सिद्धार्थ प्रकाश, डॉ मंजू सिंह, डॉ पंपासेन विश्वास, डॉ धीरेंद्र दुबे आदि उपस्थित रहे। समापन सत्र मे सत्र 2019,20 व 21 के टापर्स को सम्मानित भी किया गया।

बिजली विभाग : जेई-एई के 1000 पदों नियुक्ति शीघ्र
Published / 2022-07-08 13:17:39
बिजली विभाग : जेई-एई के 1000 पदों नियुक्ति शीघ्र

टीम एबीएन, रांची। झारखंड बिजली वितरण निगम में कनीय अभियंता (जेई) और सहायक अभियंता (एई) के रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे। इन पदों पर 60 प्रतिशत से अधिक रिक्तियां हैं। जानकारी के अनुसार जेई के लगभग 900 स्वीकृत पदों में से लगभग 650 रिक्त हैं। इसी प्रकार एई के करीब 400 पदों में लगभग 350 खाली हैं। जेई और एई के करीब 1000 रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति होगी। सूत्रों के अनुसार झारखंड ऊर्जा विकास निगम में गुरुवार को हुई निदेशक मंडल की बैठक के दौरान रिक्त पदों पर राज्य सरकार की नियुक्ति नियमावली के तहत ही बहाली की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्णय हुआ। बैठक में ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव सह विकास निगम के सीएमडी अविनाश कुमार, वित्त सचिव अजय कुमार व संचरण निगम के एमडी केके वर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। सूत्रों के अुनसार निदेशक मंडल की बैठक में छह से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बताया गया कि निदेशक मंडल की बैठक में यह चर्चा हुई कि उर्जा विकास निगम के सभी कंपनियों में नियुक्ति प्रक्रिया को तेज किया जायेगा। इसके लिए ऊर्जा विकास निगम अलग से नियुक्ति नियमावली नहीं बनाकर, राज्य सरकार की नियमावली को अपनाया जाएगा। यानी थर्ड और फोर्थ ग्रेड की नौकरियों के लिए आवेदकों का झारखंडी होना जरूरी होगा। साथ ही राज्य सरकार की नियुक्ति अनुमा नियमावली के आधार पर ही नियुक्त हुए लोगों को प्रोन्नति आदि का लाभ मिलेगा। बैठक में यह तय हुआ कि बिजली वितरण निगम लिमिटेड पर डीवीसी, एनटीपीसी व अन्य पावर कंपनियों का जो बकाया है उसे वह 48 किस्तों में चुकायेगा। इस तरह का प्रस्ताव केंद्र सरकार ने बनाया हुआ है, लेकिन यह तभी संभव होता जब राज्य की संबंधित बिजली कंपनियां इस प्रस्ताव को अपने निदेशक मंडल की बैठक से पास करा लें।

बीआइटी लालपुर एक्सटेंशन में आयोजित कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन
Published / 2022-07-08 13:15:16
बीआइटी लालपुर एक्सटेंशन में आयोजित कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन

टीम एबीएन, रांची। बीआईटी मेसरा एक्सटेंशन लालपुर के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला डिजिटल मार्केटिंग विषय पर दिनांक 4 जुलाई से आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को इस क्षेत्र के विभिन्न विभागों के वक्ताओं ने जानकारी दी। आज दिनांक 8 जुलाई को इस कार्यशाला का समापन हुआ। आखरी दिन के सम्मानित अतिथि और मुख्य वक्ता अभिषेक सिंह (आईएएस) प्रेसीडेंट और सीईओ (एनइजीडी, एमडी, सीइओ, माई गव) रहे। उन्होंने इस कार्यशाला के आयोजन के लिए बीआइटी परिवार को साधुवाद देते हुए अपने संबोधन में डिजिटल मार्केटिंग की शुरुआत से लेकर आने वाले दिनों में उसकी उपयोगिता पर बारीकी से जानकारी देते हुए कहा कि डिजिटल मार्केटिंग एक आधुनिक तरीका है। अपने छोटे-छोटे उत्पाद को बाजार तक ले जाने का हम आज अपने उत्पादों का ब्रान्ड वैल्यू को इसके माध्यम से बहुत कम खर्च में आम आदमी तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। पहले कंपनियां अपने उत्पाद और वस्तुओं को आकर्षित करने के लिए अखबार मैगजीन, पोस्टर, टेलीविजन का सहारा लेकर आम से खास बाजार तक पहुंचा पाते थे। पर आज कम समय में हम बाजार तक उत्पादों को पहुंचाने में सफल हैं। श्री अमित कुमार मैनेजर आइडीबीआइ रायगढ़ ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किसी भी कम्पनी को अपने सामान की मार्केटिंग की जरूरत होती है। डिजिटल मार्केट हमें वह मंच प्रदान करता है। डॉ संदीप दास डीएएसी बाआइटी मेसरा मुख्य अतिथि के गरिमामयी उद्बोधन से इस कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को बतलाया कि हम आज डिजिटल मार्केटिंग को अपने जीवन में इतना करीब लेकर चलने के लिए बाध्य हैं। आज के इस भागदौड़ में हम अपने सभी उत्पादन तक इसी माध्यम को अपने सबसे करीब पाते हैं। बीआइटी लालपुर की निर्देशक सह इंचार्ज डॉ वंदना भट्टाचार्य ने कहा कि इस कार्यशाला में शामिल सभी सम्मानित अतिथि वक्तताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों को इस कार्यशाला में उपलब्ध होने के लिए पूरा बीआइटी परिवार आभारी हैं। इस कार्यशाला के संयोजक डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव ने इस आयोजन में शामिल सभी प्रतिभागियों, सम्मानित अतिथियों, आयोजन समिति के सदस्यों का आभार प्रकट किया। समापन समारोह में धन्यवाद ज्ञापन डॉ नीरज मिश्रा ने किया।

बीआइटी लालपुर : विशेषज्ञों ने दिये बेहतर डिजिटल मार्केटिंग के टिप्स
Published / 2022-07-07 14:09:48
बीआइटी लालपुर : विशेषज्ञों ने दिये बेहतर डिजिटल मार्केटिंग के टिप्स

टीम एबीएन, रांची। बी आई टी मेसरा लालपुर एक्सटेंशन सेंटर द्वारा आयोजित डिजिटल मार्केटिंग कार्यशाला में आज के मुख्य वक्ता रहे सुमित राउत सीनियर जेनरल मैनेजर इंडिया मार्केटिंग ने अपने संबोधन में प्रतिभागियों के लिए कुछ बेहतरीन टिप्स प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि डिजिटल इंडिया के साथ बाजार अब बहुत ही तेजी से आगे बढ़ रहा है और इंटरनेट के सहयोग से हम बेहतरीन तरीके से अपने उत्पादन को बाजार उपलब्ध कराने का काम करता है। श्री अमित कुमार एलुमिनाई ु्र३ मेसरा ने भी डिजिटल मार्केटिंग के गुणों को विद्यार्थियों के बीच प्रस्तुत किया। संयोजक डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागियों को इस कार्यशाला के कल के समापन समारोह के विख्यात प्रवक्ता को सुनने और उनके द्वारा दिए जानकारी प्राप्त कर लाभ उठायें।

बीआइटी लालपुर : डिजिटल मार्केटिंग पर लोगों ने की चर्चा
Published / 2022-07-06 13:48:22
बीआइटी लालपुर : डिजिटल मार्केटिंग पर लोगों ने की चर्चा

टीम एबीएन, रांची। बीआईटी लालपुर के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला (जो डिजिटल मार्केटिंग पर आधारित हैं) आज तीसरे दिन के प्रथम वक्ता के रूप मे शैलेंद्र विजयवर्गीय ग्लोबल हेड मार्केटिंग ने अपने अनुभव छात्रों और प्रतिभागियों के साथ साझा करते हुए बतलाया कि डिजिटल मार्केटिंग को हम एक छाता के रूप में देख सकते हैं, जिसके अंदर सारे इफेक्ट समाहित होते हैं जैसे गूगल सर्च, सोशल मीडिया ई-मेल और दूसरे वेबसाइट का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक से हम कम समय में ज्यादा लोगों से जुड़ सकते हैं। मनीष कौशल ग्लोबल मार्केट के हेड ओलेक्स आॅटो ने भी डिजिटल मार्केट और उसके अपनाने के बाद उद्योग जगत में एक जबरदस्त क्रांतिकारी बदलाव पर प्रकाश डाला और इसके फायदे बतलाये। अपने अनुभव को बोलते हुए प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी बाजारों के भीड़ से अपने को अलग करते हुए डिजिटल मार्केट की तरफ तेजी से बढ़ा है और एक सफल उद्योग को अपनाया है। डॉ संजय कुमार ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों से डिजिटल इंडिया डिजिटल मार्केटिंग की तेजी से आगे बढ़ने की सबसे बड़ा वजह है। ज्यादा समय युवाओं का आॅनलाइन रहना जिसके कारण इस व्यापार को घर बैठे ही बाजार मिल जाना है। संयोजक डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव ने इस कार्यशाला में विशेष रूप में शामिल डॉ प्रदीप मुंडा डॉ प्रशांत कुमार डॉ संदीप सहदेव डॉ संजय कुमार डॉ शोमित्रो, डॉ उमेश प्रसाद को धन्यवाद दिया।

रांची यूनिवर्सिटी : मास कॉम में बीए करने के लिए एडमिशन फार्म उपलब्ध
Published / 2022-07-05 12:45:10
रांची यूनिवर्सिटी : मास कॉम में बीए करने के लिए एडमिशन फार्म उपलब्ध

टीम एबीएन, रांची। रांची स्कूल आफ मास कम्युनिकेशन, रांची युनिवर्सिटी, रांची में जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन से बीए आनर्स सत्र 2022-25 में नामांकन के लिये एडमिशन फार्म आनलाइन एवं आॅफलाइन उपलब्ध है। इसके लिये आवेदक का किसी भी स्ट्रीम (संकाय) में इंटरमीडिएट अथवा बारहवीं कक्षा में 45 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना अनिवार्य है। आवेदन पत्र मोराबादी परिसर स्थित विभागीय कार्यालय से 500/- रुपये नकद भुगतान कर 20 जुलाई तक प्राप्त कर सकते हैं। अथवा विभाग के वेबसाइट djmcru.org.in में जाकर Downloads से BJMC Admission form ऑप्‍शन को क्लिक कर डाउनलोड कर सकते हैं। भरा हुआ आवेदन पत्र 500 रुपए नकद के साथ 23-07-2022 तक विभाग में जमा किया जा सकता है। विशेष जानकारी के लिये संबंधित कार्यालय से मोबाइल नंबर 7667030296, 9471105421 , 8539978825 पर संपर्क कर सकते हैं।

कम समय और कम खर्चे में अधिक लोगों तक पहुंच बना रहा डिजिटल मार्केटिंग
Published / 2022-07-05 12:41:25
कम समय और कम खर्चे में अधिक लोगों तक पहुंच बना रहा डिजिटल मार्केटिंग

टीम एबीएन, रांची। बीआईटी लालपुर में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन डिजिटल मार्केटिंग के प्रबुद्ध जानकारों में शामिल आईबीपीएम के भौतिक सेठ ने आज के प्रथम वक्ता के रूप में अपने विचार दिये। उन्होंने कहा कि आज के भाग-दौड़ भरे जीवन में डिजिटल मार्केटिंग का क्षेत्र विशाल रूप लेता जा रहा है। हम इस तकनीक से अपने वयापार को बेहतर बनाने में सहयोग ले सकते हैं। डिजिटल मार्केट और ईमेल मार्केटिंग के रूप में हम बहुत कम समय में ज्यादा लोगों तक अपने उत्पादन को पहुंचाने में आपके सहयोगी के रूप में आपके साथ है। यह बात अपने उद्बोधन में अक्षय माथुर ने उद्योग जगत के लोगों को जानकारी दी। इस कार्यशाला के संयोजक डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से नए और पुराने व्यापारियों को कम समय और कम खर्च में बड़ा बाजार तक अपने उत्पादों को पहुंचाने में सहयोग मिलता है। कार्यशाला में उपस्थित सभी वक्ता और विद्यार्थियों को धन्यवाद देते हुए डॉ संजय कुमार ने कहा की डिजिटल मार्केटिंग के इस कार्यशाला से आप सबों को नये तरीके से अपने प्रोडक्ट को हर घर तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार के कार्यशाला आयोजित होते रहने चाहिए।

बीआइटी लालपुर में ‘डिजिटल मार्केटिंग’ पर शुरू हुई एक सप्ताह की ऑनलाइन राष्ट्रीय कार्यशाला
Published / 2022-07-04 13:41:05
बीआइटी लालपुर में ‘डिजिटल मार्केटिंग’ पर शुरू हुई एक सप्ताह की ऑनलाइन राष्ट्रीय कार्यशाला

टीम एबीएन, रांची। बिरला इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी लालपुर में डिजिटल मार्केटिंग पर एक सप्ताह की ऑनलाइन राष्ट्रीय कार्यशाला 4 जुलाई को सुबह 10 बजे से शुरू हुई। संकाय मामलों के डीन मुख्य अतिथि प्रोफेसर कुणाल मुखोपाध्याय ने राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। विशिष्ट अतिथि डॉ सौम्या सिंह (प्रोफेसर आईआईटी, आईएसएम धनबाद) ने डिजिटल मार्केटिंग के व्यापक क्षितिज पर मुख्य भाषण दिया। अध्यक्ष डॉ वंदना भट्टाचार्य (निदेशक बीआईटी लालपुर) ने अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि डिजिटल मार्केटिंग हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा है। डॉ संदीप दत्ता (विभागाध्यक्ष कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) ने डिटेल मार्किंग की विशेषता के बारे में चर्चा की। कार्यशाला में संयोजक डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव ने कार्यशाला के दौरान शामिल किए जाने वाले विषयों और व्याख्यान देने वाले संसाधन व्यक्तियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ संदीप नाथ शाहदेव ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए अतिथियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया। वाइस चांसलर डॉ इंद्रनील मन्ना सर और प्रबंधन विभाग की प्रमुख श्रद्धा शिवानी को इस तरह की कार्यशालाओं के संचालन के लिए संकाय सदस्यों को लगातार प्रेरित करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्हें कार्यशाला को समर्थन देने और कवर करने के लिए प्रेस और मीडिया बंधुओं को धन्यवाद दिया। सह संयोजक डॉ नीरज मिश्रा और टीम के सदस्य डॉ संजय कुमार, डॉ पीके सिंह के साथ बीआइटी के सभी केंद्रों के अन्य सदस्य भी मौके पर मौजूद थे। प्रोफेसर डॉ प्रतीका मिश्रा, प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी बेंगलुरू ने सोशल मीडिया मार्केटिंग पर एक सत्र दिया। राष्ट्रीय कार्यशाला 5 दिनों तक जारी रहेगी और 8 जुलाई को समाप्त होगी।

झारखंड में अग्निवीरों के लिए सेना ने जारी किया शेड्यूल, जानें कब शुरू होगी भर्ती
Published / 2022-07-01 06:08:21
झारखंड में अग्निवीरों के लिए सेना ने जारी किया शेड्यूल, जानें कब शुरू होगी भर्ती

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में भारतीय थल सेना ने अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। भारतीय सेना ने जिले स्तर पर पूरा शेड्यूल तैयार कर लिया है। पहले चरण में झारखंड के 24 जिलों अगल-अलग तारीख पर भर्तियां होगी। जानकारी के लिए बता दें कि सेना ने अग्निवीर भर्ती रैली का शेड्यूल इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जारी किया है। सेना में भर्ती के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. भर्ती के लिए 1 जुलाई से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन : सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि झारखंड में जिले स्तर पर 1 जुलाई 2022 से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, लेकिन अलग-अलग तारीख को जिले स्तर पर भर्ती होगी। सबसे पहले लोहरदगा, खूंटी, लातेहार, चतरा, गढ़वा, गुमला, हजारीबाग, सरायकेला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा, बोकारो, कोडरमा देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ साहेबगंज में भर्ती होगी। सेना ने 25 हजार रिक्तियों पर भर्ती निकाली है सभी इच्छुक उम्मीदवार समय रहते हुए अपनी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर लें। उम्मीदवार इन तारीख पर रखे अपनी नजर : भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 जुलाई 2022 से शुरू हो जाएगी। जिन पदों पर भर्तियां होंगी, उसमें जनरल ड्यूटी, टेक्निकल, क्लर्क, ट्रेड्समैन (10वीं), ट्रेड्समैन (8वीं) के पद शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार सेना द्वारा जारी तारीख पर अपनी नजर जरूर रखें। थल सेना अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन अगस्त के दूसरे सप्ताह में होगा। पहले बैच की लिखित परीक्षा 5 से 22 सितंबर 2022 तक होगी, ट्रेनिंग सेंटर में पहला बैच दिसंबर को रिपोर्ट करेगा। दूसरे बैच की लिखित परीक्षा का आयोजन जनवरी 2023 में होगा। ट्रेनिंग सेंटर में दूसरा बैच फरवरी 2023 को रिपोर्ट करेगा। उम्मीदवार यहां करें आवेदन : जानकारी के लिए बता दें कि सेना में भर्ती होने वाले इच्छुक उम्मीदवार इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर जाकर अपना आवेदन कर सकते है। इसके लिए उम्मीदवार वेबसाइट पर जाकर इंडियन आर्मी अग्निवीर रजिस्ट्रेशन लिखकर सर्च करें। पेज खुलने पर उम्मीदवार अपना फोर्म भरें। जानकारी के लिए बता दें कि रजिस्ट्रेशन की आंतिम तारीख 1 जुलाई है।

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