धनबाद : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का धनबाद में स्वागतएयरपोर्ट पर दिया गया गार्ड ऑफ ऑनरएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार रविवार को पूर्वाह्न 10:40 बजे बरवाअड्डा हवाईअड्डा पहुंचे। यहां वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, डीडीसी सन्नी राज, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राज्यपाल सड़क मार्ग से आईआईटी-आईएसएम के गोल्डन जुबली लेक्चर थिएटर व पेनमैन ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए रवाना हुए। उनके दौरे को लेकर एयरपोर्ट से आईआईटी-आईएसएम तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। प्रमुख चौक-चौराहों व कारकेड रूट पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती रही। यातायात पुलिस, मोबाइल पेट्रोलिंग व एंटी-सबोटाज टीमें सक्रिय रहीं। एंबुलेंस और एसएनएमएमसीएच को भी अलर्ट मोड पर रखा गया था।
नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन विकसित भारत की यात्रा के वित्तपोषण कार्यक्रम में शामिल हुए वित्त मंत्री एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन “विकसित भारत की यात्रा के वित्तपोषण” में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के हितों को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए दलीय राजनीति से ऊपर उठकर आर्थिक रूप से पिछड़े राज्यों को विशेष सहयोग देना अनिवार्य है। यह सम्मेलन 18–19 सितंबर को केंद्रीय वित्त मंत्री एवं सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की उपस्थिति में आयोजित हुआ।वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य केवल मजबूत अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण भी इसका आधार होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रति व्यक्ति आय, जीडीपी, विनिर्माण उत्पादन और वित्तीय आंकड़े तब तक सार्थक नहीं हैं जब तक समाज की वास्तविक आर्थिक और सामाजिक स्थिति का समुचित आकलन न हो।उन्होंने वर्तमान राजनीति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जाति और धर्म के आधार पर विभाजन देश के समग्र विकास में बाधा है। भारत की प्रति व्यक्ति आय अभी भी वैश्विक शीर्ष देशों से काफी कम है और आय वितरण की असमानता एक बड़ी चुनौती है। नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन के दावे जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी होने चाहिए।कृषि क्षेत्र पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि देश की 70% आबादी गांवों में रहती है और आधी खेती वर्षा पर निर्भर है। ऐसे में सिंचाई, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में वित्तपोषण बढ़ाना जरूरी है। साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में निवेश को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।झारखंड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियों के कारण राज्य को 20,000 से 22,000 करोड़ रुपये तक की संभावित आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। खनिज क्षेत्र में संशोधनों और कर नीतियों ने राज्य के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।हालांकि, झारखंड की वित्तीय उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य नीति आयोग की अचीवर श्रेणी में शामिल है, राजस्व संग्रह मजबूत है, राजकोषीय घाटा नियंत्रित है और पूंजीगत व्यय उच्च स्तर पर बना हुआ है।अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखीं—खनन पर सेस लगाने का अधिकार पुनर्बहाल किया जाए, जीएसटी से हुई क्षति की भरपाई की जाए और जी-राम-ग योजना में 90:10 का अनुपात बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्यों के सशक्त होने से ही भारत विकसित बन सकेगा। विकसित भारत की यात्रा के वित्तपोषण” कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधिमंडल में झारखंड वित्त सचिव प्रशांत कुमार, अपर सचिव कर्ण सत्यार्थी, चन्द्रभूषण प्रसाद, संयुक्त सचिव, अनिरबान आईच, मंत्री के आप्त सचिव, नरेन्द्र कुमार, मंत्री के आप्त सचिव उपस्थित रहे।
एसएसपी प्रभात कुमार का डीएसपी विधि व्यवस्था कार्यालय में निरीक्षण, पुराने लंबित कांडों पर कसा शिकंजाएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने शुक्रवार को डीएसपी विधि व्यवस्था कार्यालय का निरीक्षण कर लंबित कांडों, वारंटों और न्यायालय से जुड़े मामलों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान डीएसपी विधि व्यवस्था प्रकाश सोय, संबंधित थाना प्रभारी एवं कार्यालय कर्मी मौजूद रहे। एसएसपी ने कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के संधारण और अनुसंधान की प्रगति की जानकारी ली।2023 तक के लंबित कांडों पर विशेष फोकसएसएसपी ने वर्ष 2023 तक के सभी लंबित कांडों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने पुराने मामलों की नियमित समीक्षा करने और अनुसंधान में आने वाली तकनीकी या प्रशासनिक बाधाओं का तत्काल समाधान करने को कहा।वारंट और वांछित अभियुक्तों पर भी सख्तीलंबित वारंटों के निष्पादन को प्राथमिकता देते हुए एसएसपी ने थाना प्रभारियों और अनुसंधान पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया। वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं न्यायालय संबंधी प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा गया।केस डायरी से चार्जशीट तक रिकॉर्ड दुरुस्त रखने का आदेशएसएसपी ने सुपरविजन रिपोर्ट, चार्जशीट, अंतिम प्रतिवेदन, केस डायरी समेत सभी आवश्यक अभिलेखों को विधिवत, व्यवस्थित और अद्यतन रखने का निर्देश दिया।उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने मामलों के निष्पादन के साथ वर्तमान कांडों के अनुसंधान की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। कार्यालय स्तर पर लंबित कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और थाना स्तर से प्राप्त प्रतिवेदनों की समयबद्ध समीक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।। एसएसपी का स्पष्ट संदेश—लंबित मामलों में तेजी लाएं, जवाबदेही तय होगी।
धनबाद-हावड़ा डबल डेकर ट्रेन की कहानी खत्म!15 साल पहले मची थी धूम, अब यार्ड में खड़ी ट्रेन होगी स्क्रैप!एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। कभी धनबाद से हावड़ा के बीच दौड़ने वाली डबल डेकर ट्रेन यात्रियों के बीच आकर्षण का केंद्र हुआ करती थी। 1 अक्टूबर 2011 को देश की पहली एसी डबल डेकर ट्रेन के रूप में इसकी शुरुआत हुई थी। ट्रेन के दो मंजिला कोच को देखने और उसमें सफर करने को लेकर यात्रियों में खासा उत्साह था।लेकिन करीब 15 साल बाद इस ट्रेन की कहानी अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। 2014 से हावड़ा यार्ड में खड़ी ट्रेन को स्थायी रूप से बंद करने और स्क्रैप करने की तैयारी की जा रही है। बताया गया कि बीच में ट्रेन को दोबारा पटरी पर उतारने की उम्मीद जगी थी। रेलवे की पीसीएमई कॉन्फ्रेंस में पूर्व रेलवे ने ट्रेन के भविष्य को लेकर रेलवे बोर्ड से समाधान मांगा था। हालांकि, रेलवे बोर्ड की अनुमति के बाद अब इसे स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है।रिपोर्ट के अनुसार, अधिक किराया और यात्रियों के अनुकूल समय नहीं होने के कारण ट्रेन को पर्याप्त यात्री नहीं मिले और परिचालन घाटे में चला गया। धनबाद के यात्रियों की फिर से डबल डेकर चलने की उम्मीद पर अब ब्रेक लग गया है।कभी पटरी पर दौड़कर लोगों की नजर खींचने वाली यह डबल डेकर ट्रेन अब हावड़ा यार्ड में खड़ी होकर रेल यात्रियों के लिए सिर्फ एक पुरानी याद बनकर रह जाएगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार शुक्रवार को समाहरणालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी संजय कुमार झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आमजनों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित मामलों के त्वरित एवं नियमानुसार निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। जनता दरबार में अनुकंपा के आधार पर नियोजन, मुआवजा राशि का भुगतान, अवैध रूप से अबुआ आवास निर्माण, गलत जन्म तिथि दर्ज होने के कारण जन्म प्रमाण पत्र के निरस्तीकरण, मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने तथा मानदेय का भुगतान नहीं होने से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
धनबाद-गिरिडीह के पूर्व एसपी संजय ए. लाठकर को मिली बड़ी जिम्मेदारी, परमाणु ऊर्जा विभाग में बने डीजी एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। झारखंड कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय ए. लाठकर को केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गयी है। कैबिनेट नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद उन्हें परमाणु ऊर्जा विभाग में महानिदेशक (डीजी) स्तर की जिम्मेदारी दी गयी है। संजय ए. लाठकर 1995 बैच के झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। झारखंड में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली है। वे धनबाद और गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर भी रह चुके हैं। इसके अलावा झारखंड पुलिस मुख्यालय में आईजी अभियान और एडीजी अभियान जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली है।
प्रशिक्षित कर्मी 20 से 30 सितंबर तक आवंटित क्षेत्रों में करेंगे सर्वेक्षण, गांव/नगर की मूलभूत सुविधाओं से संबंधित आंकड़ों का होगा संकलन एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। जिला प्रशासन, दुमका के तत्वावधान में डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक ( डीसीएचबी) सर्वे से संबंधित जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डीआरडीए कांफ्रेंस हॉल, दुमका में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 11 सितंबर 2026 से 16 सितंबर 2026 तक किया गया, जिसमें संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। सर्वेक्षण की प्रक्रिया एवं आवश्यक दिशा-निर्देशों की दी गयी जानकारी प्रशिक्षण के दौरान डीसीएचबी सर्वेक्षण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश, सर्वेक्षण की प्रक्रिया, प्रपत्रों के संधारण तथा क्षेत्र से संबंधित आवश्यक सूचनाओं एवं आंकड़ों के संकलन के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में सहायक चार्ज पदाधिकारी, शिक्षक, पंचायत सचिव, राजस्व उप निरीक्षक एवं रोजगार सेवक शामिल हुए। प्रशिक्षणार्थियों को सर्वेक्षण के दौरान आंकड़ों एवं सूचनाओं के संकलन में आवश्यक सावधानियों, निर्धारित प्रक्रिया का पालन तथा अभिलेखों के सही एवं व्यवस्थित संधारण के संबंध में जानकारी दी गयी। 20 से 30 सितंबर तक चलेगा डीसीएचबी सर्वेक्षण प्रशिक्षण के उपरांत जिले में डीसीएचबी सर्वे का क्षेत्रीय कार्य 20 सितंबर 2026 से 30 सितंबर 2026 तक किया जायेगा। इस अवधि में प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा उन्हें आवंटित क्षेत्रों में जाकर आवश्यक सूचनाओं एवं आंकड़ों का संकलन किया जायेगा। डीसीएचबी सर्वेक्षण के तहत गांव/नगर की मूलभूत सुविधाओं से संबंधित आंकड़ों का संधारण एवं संकलन किया जायेगा। इसके माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक विवरणों से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र किये जायेंगे। सटीक आंकड़े एवं पारदर्शी प्रक्रिया पर विशेष जोर प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सर्वेक्षण कार्य में सटीकता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाये। क्षेत्रीय स्तर पर सूचनाओं का संकलन निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाये, ताकि प्राप्त आंकड़े विश्वसनीय एवं उपयोगी हों। जनगणना कार्य निदेशालय के प्रशिक्षकों ने दिया प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशिक्षक दीपक कुमार, सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-1 एवं संजीव कुमार, सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-2 द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षकों ने डीसीएचबी सर्वेक्षण की प्रक्रिया एवं उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए क्षेत्रीय स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों की जिम्मेदारियों को विस्तार से समझाया। समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सर्वेक्षण पूरा करने का निर्देश प्रशिक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया गया कि उन्हें सौंपे गये कार्यों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा में पूरी सावधानी, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करें। क्षेत्र भ्रमण के दौरान आवश्यक सूचनाओं एवं आंकड़ों का सही तरीके से संकलन किया जाए तथा डीसीएचबी सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित अवधि के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया जाए। जिला प्रशासन ने कहा कि डीसीएचबी सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े जिले के गांवों एवं नगर क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक होंगे। इसलिए सर्वेक्षण कार्य में संलग्न सभी कर्मी निर्धारित दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय आंकड़ों का संकलन सुनिश्चित करें।
टीम एबीएन, रांची। सीएम हेमंत सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में भारत के कोलकाता में आॅस्ट्रेलियन काउंसलेट-जनरल बर्नार्ड लिंच ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं उनके बीच झारखंड और आॅस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नयी ऊंचाई पर ले जाना तथा आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ शिक्षा, मिनरल्स, स्किल, निवेश, संस्कृति, खेल एवं पर्यटन सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मौके पर राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार एवं वरिष्ठ अनुसंधान एवं भ्रमण अधिकारी, आॅस्ट्रेलियन काउंसलेट-जनरल , कोलकाता सुएंजेलीना नायर उपस्थित रहे।
झारखंड में फिर बढ़ा एसआईआर का समय, 30 सितंबर तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने या सुधार का मौका एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा प्रविष्टियों में सुधार कराने के लिए दावा-आपत्ति की अवधि अब 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गयी है। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त अनुरोधों को देखते हुए दूसरी और अंतिम बार अवधि का विस्तार किया है। पहले दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि चार सितंबर थी, जिसे बढ़ाकर 15 सितंबर किया गया था। अब इसे अंतिम रूप से 30 सितंबर तक बढ़ाया गया है। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील करते हुए कहा है कि जिनका नाम एसआईआर के तहत प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं है।वे निर्धारित समय सीमा के भीतर फार्म-6 और आवश्यक घोषणा पत्र जमा कर नाम जुड़वायें। आवेदन ईसीआईनेट के माध्यम से अथवा संबंधित बीएलओ से संपर्क कर किया जा सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फार्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची में दर्ज किसी नाम पर आपत्ति या नाम हटाने का अनुरोध किया जा सकता है। वहीं, नाम, पता सहित अन्य प्रविष्टियों में सुधार, विधानसभा क्षेत्र अथवा मतदान केंद्र बदलने के लिए फार्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है। दूसरे राज्य की मतदाता सूची में दर्ज और वर्तमान में झारखंड में निवास कर रहे पात्र मतदाता भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म-8 के माध्यम से नाम स्थानांतरित करा सकते हैं। 30 सितंबर से पहले प्रक्रिया पूरी करें : एसडीएम वहीं, धनबाद विधानसभा के प्रभारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे ने कहा कि तिथि बढ़ाई जाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोग अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करें और 30 सितंबर से पहले प्रक्रिया पूरी कर लें। एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। उन्होंने मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, बीएलए, बीएलओ तथा निर्वाचन से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मियों से पात्र लोगों को फार्म भरने में सहयोग करने की अपील की है।
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