आईएएस विनय चौबे निलंबन मुक्त, कार्मिक विभाग में दिया योगदानशराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद सरकार ने किया था निलंबितजमानत पर जेल से बाहर आने के बाद बहालीटीम एबीएन, रांची। शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे को झारखंड सरकार ने निलंबन मुक्त कर दिया है। निलंबन से मुक्त होने के बाद उन्होंने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में योगदान दे दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब उनके आगे की प्रशासनिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गयी हैं। विनय चौबे की गिरफ्तारी शराब घोटाले से जुड़े मामले में एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की ओर से की गयी थी। उन पर शराब कारोबार से जुड़ी व्यवस्था में मैनपावर सप्लाई करने वाली कंपनियों के साथ कथित साजिश रचकर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ उनके खिलाफ दो और प्राथमिकी दर्ज की गयीं। इन दोनों मामलों में विनय चौबे पर अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए जमीन की म्यूटेशन प्रक्रिया में कथित तौर पर अनियमितता कराने का आरोप लगाया गया। आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने करीबी के नाम पर गलत तरीके से जमीन का म्यूटेशन कराया। इन मामलों की जांच भी एजेंसियों की ओर से की गयी है।शराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद विनय चौबे को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में अदालत से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आए। जमानत पर रिहाई के बाद भी उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी रही। इसी बीच सरकार ने अब उन्हें निलंबन मुक्त करने का आदेश जारी किया है। निलंबन मुक्त किए जाने के बाद विनय चौबे ने कार्मिक प्रशासनिक विभाग में योगदान दिया।हालांकि, उन्हें फिलहाल कौन-सी जिम्मेदारी दी जाती है, इस पर प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है। आम तौर पर किसी अधिकारी के निलंबन से मुक्त होने के बाद सरकार उसके पदस्थापन को लेकर अलग से आदेश जारी करती है। ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी नई जिम्मेदारी स्पष्ट होने की संभावना है।जांच और कानूनी प्रक्रिया जारीविनय चौबे से जुड़े मामलों में एक ओर जहां जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर अदालत में भी मामलों की कानूनी प्रक्रिया चल रही है। निलंबन से मुक्त किया जाना प्रशासनिक कार्रवाई है और इससे उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों की न्यायिक प्रक्रिया पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता। शराब घोटाले और जमीन म्यूटेशन से जुड़े आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा। शराब घोटाले का मामला सामने आने के बाद राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था में भी काफी चर्चा हुई थी। मामले में कई लोगों और कंपनियों की भूमिका की जांच की गयी। मैनपावर सप्लाई से जुड़े आरोपों ने भी जांच का दायरा बढ़ाया। एसीबी की कार्रवाई के बाद विनय चौबे की गिरफ्तारी ने इस मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया था। अब उनके निलंबन से मुक्त होकर विभाग में योगदान देने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि सरकार उन्हें किस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में पदस्थापित करती है। प्रशासनिक गलियारों में उनकी नई पोस्टिंग को लेकर चर्चा तेज है। फिलहाल उन्होंने कार्मिक प्रशासनिक विभाग में योगदान दे दिया है और सरकार के अगले आदेश का इंतजार है। वहीं, उनके खिलाफ दर्ज मामलों में जांच और अदालत की कार्यवाही जारी रहने के कारण उनकी प्रशासनिक वापसी को लेकर भी निगाहें बनी हुई हैं। सरकार के स्तर पर निलंबन मुक्त करने का निर्णय लिया जा चुका है, जबकि आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया से ही होगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। बुधवार को जिला समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त, रामगढ़ ऋतुराज की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान सर्वप्रथम अग्रणी जिला प्रबन्धक के द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभिन बैंकों द्वारा प्राप्त की गई उपलब्धियो की जानकारी दी गयी। उपायुक्त ने वार्षिक साख योजना के तहत बैंकवार किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी बैंक प्रबंधकों/ प्रतिनिधियों को लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। केसीसी के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराये जा रहे लाभ की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र में केसीसी का लाभ बढ़ाने एवं गाय, बकरी सहित अन्य पशुपालन योजनाओं से जुड़े लाभुकों के साथ-साथ मत्स्य पालकों को केसीसी के लाभ से आच्छादित करने का निर्देश दिया वही उपायुक्त ने पीएमएफएमई के तहत माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज के तहत लाभुकों को चिन्हित कर लाभान्वित करने का निर्देश दिया।एमएसएमई अंतर्गत कार्यों की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने प्रायरिटी सेक्टर के तहत विभिन्न विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे ऋण में सुधार हेतु आवश्यक निर्देश दिए। मौके पर उपायुक्त ने मुद्रा लोन योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा लाभुकों को लाभान्वित करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, अग्रणी जिला प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के प्रबंधक, जिला समंवयकों व प्रतिनिधियों सहित अन्य उपस्थित थे।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर रांची स्मार्ट सिटी परिसर के जुपमी भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर 8 सितंबर 2026 दिन मंगलवार को रांची स्मार्ट सिटी परिसर के जुपमी भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वर्गीय सुदिव्य कुमार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने उनके आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं योगदान को स्मरण किया। इस दौरान दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया तथा ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस अपार दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गयी। मौके पर राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक और रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के सीईओ सूरज कुमार नें कहा कि सुदिव्य सर के मार्गदर्शन में किये गये कार्य और राज्य के शहरों को सुव्यवस्थित करनें के उनके परिकल्पना को हमेशा याद किया जायेगा। विकास की सभी योजनाओं में वो सदैव जनता के हित को सर्वोपरि रखते थे। निदेशक ने सभी कर्मियों को भी सलाह दिया कि इस भागदौड़ की जिंदगी में हमसब को अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरुक और तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आप समय समय पर अपना स्वास्थ्य जांच कराएं और कुछ परेशानी है तो संबंधित बिमारी के विशेषज्ञ चिकित्सक से मिलें।
संचालन पर जल्द निर्णय संभव, 12 साल बाद फिर पटरी पर लौटेगी धनबाद-हावड़ा डबल डेकर रेलवे बोर्ड के फैसले पर टिकी उम्मीदें, हावड़ा यार्ड में खड़ी डबल डेकर ट्रेन का मुद्दा रेलवे बोर्ड तक पहुंचा, संचालन पर जल्द निर्णय संभव 12 साल बाद फिर पटरी पर लौटेगी धनबाद-हावड़ा डबल डेकर? रेलवे बोर्ड के फैसले पर टिकी उम्मीदें एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। करीब 12 वर्षों से बंद धनबाद-हावड़ा डबल डेकर ट्रेन के एक बार फिर पटरी पर लौटने की उम्मीद जगी है। कोलकाता में आयोजित पीसीएमई कॉन्फ्रेंस-2026 में पूर्व रेलवे ने रेलवे बोर्ड के समक्ष लंबे समय से यार्ड में खड़े डबल डेकर रैक के भविष्य और उसके संचालन का मुद्दा उठाया है। अब इस मामले में रेलवे बोर्ड के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। धनबाद-हावड़ा के बीच चलने वाली यह देश की पहली एसी डबल डेकर ट्रेन 1 अक्टूबर 2011 को शुरू हुई थी। तत्कालीन रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने हावड़ा स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाई थी। शुरुआत में यात्रियों में उत्साह रहा, लेकिन महंगा किराया और सुविधाजनक नहीं मानी गयी समय-सारिणी के कारण इसकी मांग धीरे-धीरे कम होती गयी। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, कई फेरे में ट्रेन की बुकिंग महज 13 से 22 प्रतिशत तक सीमित रह गयी थी। कम यात्रियों और घाटे के कारण पहले इसे कोहरे के दौरान रद्द किया गया और बाद में 1 जनवरी 2016 से इसका नियमित परिचालन बंद कर दिया गया। हालांकि उसी वर्ष छठ पर्व के दौरान 23 अक्टूबर से 8 नवंबर तक इसे स्पेशल ट्रेन के रूप में चलाया गया, लेकिन इसके बाद सेवा फिर बंद हो गयी। पूर्व रेलवे के सीपीआरओ शिवराम मांझी के अनुसार, डबल डेकर ट्रेन के परिचालन को लेकर रेलवे बोर्ड से अभी कोई अंतिम आदेश नहीं मिला है। बोर्ड के निर्णय के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। यदि हरी झंडी मिलती है तो वर्षों से यार्ड में खड़ी चर्चित धनबाद-हावड़ा डबल डेकर ट्रेन एक बार फिर यात्रियों के लिए दौड़ती नजर आ सकती है।
श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति रांची के आयोजन में झारखंड के राज्यपाल ने नमो दही-हांडी प्रतियोगिता का उद्घाटन किया राज्यपाल ने नमो दही हांडी की प्रतियोगिता का में रोड में किया उद्घाटन पुरुष एवं महिला गोविंदा के दोनों कलाकारों ने दिखाया उत्साह और साहस टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के ऐतिहासिक अल्बर्ट एक्का चौक पर शनिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी समिति के सानिध्य में आयोजित भव्य नमो दही-हांडी प्रतियोगिता का उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के बीच सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन एवं मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार उपस्थित रहे। राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता और महत्व को और बढ़ा दिया। राज्यपाल ने आयोजन का प्रारंभ दीप प्रज्वलित के प्रारंभ किया। मंच पर माखन से भरी दही हांडी को नारियल से अपने शुभ हाथों से फोड़ कर नमो दही हांडी प्रतियोगिता का शुभांरभ किया। दीप प्रज्वलन में मुख्य संरक्षक सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, सांसद आदित्य साहू, संरक्षक सी पी सिंह, नवीन जायसवाल महापौर रोशनी खालखो, उपमहापौर नीरज कुमार संरक्षक अजय मारू, अध्यक्ष मुकेश काबरा, वरुण साहू, प्रमोद सारस्वत भी थे। इस अवसर पर धार्मिक आस्था, रोमांच, सांस्कृतिक विविधता और देशभक्ति के रंगों से सजे इस आयोजन में बड़ी संख्या में शहरवासियों ने हिस्सा लिया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से जुड़े इस पारंपरिक पर्व को आधुनिक एवं आकर्षक स्वरूप देते हुए नमो दही-हांडी प्रतियोगिता के साथ कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये गये। कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध मंदिर मुंबई से सतीश कृष्ण मूर्ति की पहुंची कलाकारों की टीम ने भजन जैमिंग के द्वारा श्री कृष्ण के गीतों से मन मोह लिया। गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, राधे -राधे- राधे- गोविंदा, वृंदावन नंदा। श्री कृष्णा गोबिन्दा हरे मुरारी के भजन जैमिंग के द्वारा अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कर्नाटक वंदे मातरम की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शकों में उत्साह और देशभक्ति का संचार किया। इस अवसर पर दर्शकों के बीच 2000 तिरंगा का वितरण समिति के द्वारा किया गया। वन्दे मातरम के गीत पर हराजो लोगो के हाथों के तिरंगे हाथों में लहरा रहे थे। देश भक्ति का यह रूप सचमुच हमें एक नये भारत का एहसास करा रहा था। राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ शुभारंभ हुआ आयोजन नमो दही-हांडी कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल की उपस्थिति में हुआ। राज्यपाल ने आयोजन समिति, गोविंदा दलों, कलाकारों और उपस्थित शहरवासियों को जन्माष्टमी की एवम नमो दही हांडी प्रतियोगिता के आयोजन की शुभकामनाएं दीं। मुख्य संरक्षक व रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा 16 वर्षों से यह आयोजन हो रहा है। भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाये रखने के साथ-साथ समाज में एकता और सामूहिकता की भावना को मजबूत करने वाला यह जन्माष्टमी का त्योहार है। पुरुष और महिला गोविंदा दलों ने दिखाया साहस नमो दही-हांडी प्रतियोगिता की सबसे बड़ी विशेषता पुरुष और महिला गोविंदा दलों की भागीदारी रही। इस प्रतियोगिता में पुरुष गोविंदा की 5 टीमों ने हिस्सा लिया जय जवान गोबिंदा, चुटिया राधे राधे ग्रुप, किशोर गंज नेशनल हुमिनीति योगा ग्रुप शिव शक्ति कलब, मालती माडर बजरंग दल मालती, माडर 2 महिला गोबिन्दा ने हिस्सा लिया नेशनल बूस्टर आॅफ योगा राधा रानी ग्रुप मांडर खरगे पुरुष गोविंदा दलों के लिए 25 फीट की ऊंचाई पर दही-हांडी बांधी गयी थी, जबकि महिला गोविंदा दलों के लिए 20 फीट की ऊंचाई निर्धारित की गयी थी। ऊंचाई तक पहुंचने के लिए गोविंदाओं ने मानव पिरामिड का निर्माण किया। जैसे-जैसे पुरुष व महिला गोविंदा दलों ने एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर हांडी तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया, पूरे अल्बर्ट एक्का चौक का वातावरण रोमांच से भर गया। नीचे खड़े साथी गोविंदाओं ने लगातार उत्साह बढ़ाया और दर्शकों ने तालियों एवं जयकारों के साथ प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया। इस बीच श्री कृष्ण के गीतों ने धूम मचा दी। हांडी फोड़ने के अंतिम प्रयास के दौरान दर्शकों में विशेष उत्सुकता दिखाई दी। विजेता टीमों के लिए नकद पुरस्कार पुरुष गोविंदा वर्ग में प्रथम पुरस्कार 71,000 तथा द्वितीय पुरस्कार 41,000 रखा गया था। महिला गोविंदा वर्ग में प्रथम पुरस्कार 51,000 तथा द्वितीय पुरस्कार 31,000 निर्धारित किया गया था। प्रतियोगिता के समापन के बाद विजेता टीमों को मंच पर सम्मानित किया गया और निर्धारित नकद पुरस्कार प्रदान किये गये। मुंबई की टीम ने बांधा समां कार्यक्रम में मुंबई से पहुंची कलाकारों की टीम ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन किया। कलाकारों ने संगीत, नृत्य और देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम में अलग रंग भर दिया। वंदे मातरम की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रस्तुति के दौरान आयोजन स्थल पर देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला। अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और कला को एक मंच पर प्रस्तुत करने से कार्यक्रम को राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक समन्वय का स्वरूप मिला। मुंबई से आये कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दही-हांडी प्रतियोगिता के रोमांच के बीच दर्शकों को सांस्कृतिक मनोरंजन का भी अवसर दिया। रंग-बिरंगी वेशभूषा, संगीत और नृत्य ने पूरे आयोजन को उत्सव के रंग में रंग दिया। साथ ही कानपुर से पधारे मन्नू पंडित ने कई भजन पेश किये। आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग रहे उपस्थित कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक संजय सेठ, संरक्षक सी. पी. सिंह, अजय मारू, अध्यक्ष मुकेश काबरा, महापौर रोशनी खलखो, उप महापौर नीरज कुमार, वरुण साहू, रविंद्र मोदी, ऐश्वर्य सेठ, रमेन्द्र कुमार, पवन बजाज, प्रमोद सारस्वत, संजय पोद्दार, कमलजीत सिंह शंटी, सतीश सिन्हा, ललन श्रीवास्तव, राज वर्मा, पूनम आनंद, नीतू सिंह, नीलम चौधरी, कुमुद झा, भीष्म सिंह, नीरज चौधरी, संजय जायसवाल, ललित ओझा, संजीव साहू, विपिन वर्मा, विजय ओझा, विजय यादव, शंकर दुबे, राजीव वर्मा, संतोष सेठ, संजय गोयल, मनोज कुमार, सतेन्द्र सिंह गुड्डू, संजय सिंह लल्लू, मनीष लोधा, अशोक पुरोहित, अमित चौधरी, आनंद श्रीवास्तव, राहुल सिन्हा चंकी, रतन अग्रवाल, गौरव काबरा, मुकेश पांडेय, रमाशंकर बगड़िया, अमन प्रकाश, राजीव सहाय, बैजू सोनी और सोनू भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने राज्यपाल, सभी अतिथियों, गोविंदा दलों, कलाकारों, प्रायोजकों, कार्यकर्ताओं एवं कार्यक्रम में पहुंचे शहरवासियों का आभार व्यक्त किया। मारवाड़ी युवा मंच के द्वारा चाय बिस्किट पानी की हजारों लोगों के लिए नि:शुल्क ब्यवस्था थी वही माहेश्वरी सभा द्वारा इकुप्रेसर की व्यवस्था तथा एम्बुलेंस नागरमल मोदी सेवा सदन द्वारा आॅर्किट हॉस्पिटल द्वारा रखा गया था। सफल आयोजन के लिए सभी का जताया आभार आयोजन समिति की ओर से कहा गया कि नमो दही-हांडी को सफल बनाने में सभी सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गोविंदा दलों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को आकर्षक बनाया और शहरवासियों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर आयोजन का उत्साह बढ़ाया। समिति ने कहा कि दही-हांडी केवल हांडी फोड़ने की प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह साहस, विश्वास, सहयोग, अनुशासन और टीम भावना का प्रतीक है। साथ ही जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम हमारी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। आयोजन समिति ने भविष्य में भी रांची में ऐसे भव्य सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नमो दही-हांडी का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विविधता, खेल भावना और मनोरंजन का ऐसा संगम बनकर सामने आया, जिसने राजधानी रांची को उत्सव के रंग में रंग दिया। राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति, गोविंदा दलों का रोमांचक प्रदर्शन, महिला प्रतिभागियों का उत्साह, मुंबई की टीम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कर्नाटक वंदे मातरम और विजेताओं का सम्मान—इन सभी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। उक्त जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत और संजय पोद्दार ने दी।
टीम एबीएन, रांची। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद भारत रत्न डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर लोक भवन में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा एवं दर्शन के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके विचार एवं जीवन-दर्शन समाज को ज्ञान, संस्कार एवं मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाले देश के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
धनबाद एसएसपी का राष्ट्रीय जलवा! देश के टॉप-25 पुलिस कप्तानों में 18वीं रैंक, झारखंड से अकेले एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। धनबाद के लिए गर्व की बड़ी खबर सामने आयी है। जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार को राष्ट्रीय स्तर पर शानदार पहचान मिली है। फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के देश के 25 सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तान-2026 विशेषांक में उन्हें 18वां स्थान दिया गया है। खास बात यह है कि इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने वाले वे झारखंड के एकमात्र पुलिस अधिकारी हैं। देशभर के करीब 1,100 से अधिक जिला पुलिस प्रमुखों के बीच कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनमित्र पुलिसिंग, नेतृत्व क्षमता, नवाचार, संकट प्रबंधन, त्वरित निर्णय, जनसंपर्क और जवाबदेही समेत 10 प्रमुख मानकों पर मूल्यांकन के बाद 25 अधिकारियों का चयन किया गया। संगठित अपराध के खिलाफ सख्ती बनी पहचान विशेषांक में प्रभात कुमार की संगठित अपराध के खिलाफ रणनीतिक और सख्त पुलिसिंग को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। बीते वर्ष धनबाद एसएसपी की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने संगठित एवं आर्थिक अपराध पर प्रभावी कार्रवाई के लिए विशेष रणनीति बनायी। अपराधी गिरोहों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया, वहीं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज किया गया। पुलिस ने एक ही दिन में 249 लंबित वारंटों का निष्पादन करते हुए 34 आरोपियों को गिरफ्तार करने में भी सफलता हासिल की। अपराध के मामलों में करीब 30 प्रतिशत की कमी पुलिस समीक्षा के अनुसार, जुलाई 2026 में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अपराध के मामलों में करीब 30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी। इसे धनबाद पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई और प्रभावी अपराध नियंत्रण अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रभात कुमार इससे पहले रामगढ़ के एसपी, जमशेदपुर के एसएसपी और पाकुड़ के एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि को न केवल प्रभात कुमार की व्यक्तिगत सफलता, बल्कि धनबाद पुलिस के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि और गौरव का क्षण माना जा रहा है।
सांसद सुखदेव भगत की अनुशंसा पर पीएम राष्ट्रीय राहत कोष से दो गरीब मरीजों को 3.50 लाख की चिकित्सा सहायता स्वीकृत एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत की अनुशंसा पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआएफ) से लोहरदगा जिले के दो जरूरतमंद मरीजों के इलाज हेतु 3 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई है। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से पत्र भेजकर सांसद जी को दी गई है। मोहम्मद जुल्फिकार, ग्राम - अमला टोली, बगरू मोड़, लोहरदगा को गंभीर बीमारी के इलाज हेतु 3,00,000/- (तीन लाख रुपये) यास्मीन सुल्ताना, पति - सरफुल अंसारी, न्यू रोड, मिल्लत कॉलोनी, लोहरदगा को इलाज हेतु 50,000/- (पचास हजार रुपये) सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि लोहरदगा के गरीब से गरीब व्यक्ति को इलाज के अभाव में तकलीफ न हो, यह मेरी प्राथमिकता है। मेरे संज्ञान में जैसे ही जुल्फिकार जी और यास्मीन जी के गंभीर बीमारी का मामला आया, मैंने तत्काल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से सहायता के लिए अनुशंसा की। मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री के कार्यालय ने इसे गंभीरता से लेकर तुरंत स्वीकृति दी। मेरी कोशिश है कि कोई भी गरीब पैसों के अभाव में इलाज से वंचित न रहे। सहायता मिलने पर मोहम्मद जुल्फिकार एवं यास्मीन सुल्ताना के परिजनों ने कहा कि महंगे इलाज के कारण वे बहुत परेशान थे। सांसद उनकी मदद की है। इसके लिए उन्होंने सांसद जी का आभार प्रकट किया। इससे पहले भी सांसद सुखदेव भगत ने दर्जनों गरीब मरीजों को प्रधानमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिला चुके हैं।
दुर्गा पूजा को लेकर रांची जिला प्रशासन और पुलिस ने शुरू की तैयारी, पूजा पंडालों का किया निरीक्षण टीम एबीएन, रांची। दुर्गा पूजा को लेकर रांची जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर में पूजा के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर अधिकारियों की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। रांची के एसडीएम, एडीएम लॉ एंड आर्डर, सिटी एसपी, एएसपी और कोतवाली डीएसपी समेत अन्य अधिकारी शहर के प्रमुख पूजा स्थलों और पंडालों का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में जिला स्कूल, बकरी बाजार सहित शहर के विभिन्न पूजा पंडालों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पूजा पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकासी की व्यवस्था को लेकर पूजा समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, साफ-सफाई, पार्किंग और श्रद्धालुओं की सुविधा समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूजा समितियों के साथ चर्चा की। बैठक और निरीक्षण के दौरान विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ महावीर मंडल के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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