ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार, झारखंड में पाकुड़-गोड्डा और इन राज्यों को फायदा एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रेलवे अब माल ढुलाई को भी तेज रफ्तार देने जा रही है। इसके लिए प्राइवेट फ्रेट रेल लाइनों के लिए हाइब्रिड एनुअटी मॉडल शुरू करने जा रहा है। भारतीय रेलवे में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए रेलवे फ्रेट कॉरिडोर यानी माल ढुलाई के 647 किलोमीटर की 6 लंबी नई रेल लाइनों के निर्माण को मंजूरी दी है। यह पहली बार है कि जब भारतीय रेलवे सड़क और हाईवे क्षेत्र की तर्ज पर हाइब्रिड एनुअटी मॉडल के तहत रेल परियोजनाओं का निर्माण करने जा रहा है। छह रेल लाइनों को आगे बढ़ाने की तैयारी इन 6 रेल लाइनों परियोजना लागत की निविदा 15976 करोड़ रुपये है। जबकि 17-19 साल की रियायत अवधि को मिलाकर कुल पूंजीगत लागत 40866 करोड़ रुपये तय की गई है। इसमें एक ओडिशा की रेल लाइनें हैं। इनमें बलराम-पुटगडिया-तेंदुलोई (इनर कॉरिडोर), बुधपंक-तेंदुलोई-लुबुरी (आउटर रेल कॉरिडोर), तिकिरी स्टेशन से वाल्टेयर बॉक्साइट खदान के साथ जाजपुर-क्योंझर रोड-आरडी-धामरा पोर्ट प्रोजेक्ट शामिल है।तेलंगाना की 208 किमी की मनुगुरु-रामागुंडम रेल लाइन, झारखंड की रेल परियोजना पाकुड़, नगरनबी से गोड्डा तक रेललाइन 126 किमी शामिल हैं। इन रूट का इस्तेमाल कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, सीमेंट, उर्वरक और खाद्यान्न की रेल ढुलाई में काम आयेगा। रेलवे का बोझ घटेगा इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, हाइब्रिड एनुअटी मॉडल में निर्माण अवधि के दौरान रेलवे परियोजना लागत का 40 फीसदी हिस्सा अनुदान किस्तों के तौर पर देगा। निजी निवेशक या कंपनी 60 फीसदी पैसा खुद जुटायेगी। ट्रेन संचालन और माल भाड़ा वसूलने का काम पूरी तरह रेलवे का होगा। रेलवे ही ट्रैफिक और माल ढुलाई से जुड़ी लागत को उठायेगी। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद रेलवे निजी कंपनी को बाकी 60 फीसदी बाकी पैसा ब्याज के साथ किस्तों में वापस करेगी। ट्रैक और रेलवे स्टेशनों के रखरखाव के लिए भी भुगतान करेगी। माल ढुलाई की रफ्तार तेज होगी पुराने बिल्ड आॅपरेट ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल में कंपनियों को माल ढुलाई घटने या घाटे की आशंका रहती थी। एन्युटी मॉडल में इसका जोखिम सरकार का होगा, जिससे निजी कंपनियां आसानी से आगे आयेंगी। रेलवे को निर्माण के समय सिर्फ 40 फीसदी खर्च करना होगा। सीमित बजट में कई प्रोजेक्ट एक साथ शुरू होंगे। निजी कांट्रैक्टर ही अगले 15-18 सालों तक रेलवे ट्रैक का रखरखाव करेंगे। कोयला, बॉक्साइट और अन्य खनिजों की सीधे खदान से पोर्ट तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलने से सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव घटेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कृष्ण जन्मोत्सव आयोजन समिति, मोरहाबादी के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में कृष्ण जन्मोत्सव आयोजन समिति, मोरहाबादी, रांची के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।मौके पर मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने आगामी 3 सितम्बर 2026 को बाल गोपाल एवं 4 सितंबर 2026 को मोरहाबादी मैदान, रांची में आयोजित होने वाले दही हांडी फोड़ प्रतियोगिता, भजन संध्या एवं रासलीला समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अवगत कराया कि कृष्ण जन्माष्टमी त्योहार के पावन अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाल गोपाल एवं दही हांडी फोड़ प्रतियोगिता सहित विभिन्न कार्यक्रमों के भव्य आयोजन की तैयारी की जा रही है। मौके पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक राजीव रंजन प्रसाद, अध्यक्ष विनोद गोप, संरक्षक डॉ। राजेश गुप्ता एवं डॉ कुमार राजा, सचिव रोहित सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष राहुल किट्टू सिंह, महासचिव मनोज गुप्ता, संयुक्त सचिव नरेंद्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
झरिया विधायक ने उपायुक्त व एसएसपी को बांधी राखीएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर झरिया की माननीय विधायक रागिनी सिंह ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की परंपरा का निर्वहन करते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन तथा वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार से मुलाकात कर उन्हें राखी बांधी।इस दौरान विधायक ने दोनों अधिकारियों को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं तथा उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की मंगल कामना की।
रांची पुलिस एसोसिएशन ने भी डुमरी विधायक जयराम महतो के खिलाफ खोला मोर्चा, पांच दिनों का अल्टीमेटमटीम एबीएन, रांची। रांची पुलिस एसोसिएशन ने भी डुमरी विधायक जयराम महतो के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रांची पुलिस एसोसिएशन केंद्रीय कार्यालय के आंदोलन का समर्थन करेगा। एसोसिएशन ने जयराम महतो को पांच दिनों का अल्टीमेटम दिया है।अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन के निर्देश पर राज्य भर में आंदोलन होगा। रांची पुलिस एसोसिएशन ने जयराम महतो से सवाल करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी अगर गाली गलौज करते हैं तो उन्हें सजा मिलती है। ऐसे में जयराम महतो को क्या सजा होगी?
फेको प्रशिक्षण, अस्पताल प्रबंधन और रोबोटिक सर्जरी पर जोर टीम एबीएन, रांची। अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार श्री अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को उनके कार्यकक्ष में राज्य के सभी जिलों के सदर अस्पतालों एवं स्थापित चिकित्सा महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव एवं ललित मोहन शुक्ला, उप सचिव ध्रुव प्रसाद सहित विभाग के कई पदाधिकारी उपस्थित थे। सदर अस्पतालों की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों से फेको विधि से मोतियाबिंद के आॅपरेशन की स्थिति की जानकारी ली। अधिकांश जिलों द्वारा बताया गया कि उनके यहां फेको विधि से आपरेशन किया जा रहा है। जिन जिलों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां के चिकित्सकों को रिम्स, रांची में प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया। यह प्रशिक्षण चार-चार चिकित्सकों के बैच में आयोजित किया जायेगा। अपर मुख्य सचिव ने आॅथोर्पेडिक सर्जरी की स्थिति की भी समीक्षा की और कहा कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विभाग को तत्काल अवगत कराया जाये, ताकि उसका शीघ्र समाधान किया जा सके। बैठक में अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 125 हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक जिले को दो हॉस्पिटल मैनेजर उपलब्ध कराये जायेंगे। साथ ही प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड किया जायेगा वहां भी हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति की जायेगी। अनुमंडल अस्पतालों में भी हॉस्पिटल मैनेजर तैनात किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल मैनेजर 24़7 अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था की निगरानी करेंगे और अस्पतालों के उन्नयन पर कार्य करेंगे। उनके दायित्वों में पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था, मरीजों की सुविधा, गेट पास सिस्टम, आयुष्मान योजना सहित अस्पताल प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों की समग्र निगरानी शामिल होगी। अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके लिए शीघ्र ही समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जायेगी। बैठक में मैटरनिटी एंड चाइल्ड हेल्थ अस्पतालों के विकास पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रस्तावित अस्पताल 50 बेड के होंगे और इनमें आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जायेगी। प्रारंभिक रूप से प्रत्येक एमसीएच अस्पताल में 10 चिकित्सकों की व्यवस्था करने पर विचार किया गया। इन अस्पतालों को डबल स्पेशियलिटी की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके साथ ही राज्य के सभी सदर अस्पतालों को मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक मशीनरी, मानव संसाधन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का विश्लेषण किया गया। बैठक में ट्रॉमा सेंटरों और पीएम-अभीम योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव ने सभी जिलों से योजना के तहत खर्च की स्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति, भुगतान एवं अन्य लंबित मामलों की जानकारी ली। सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया गया कि वे उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर पीएम-अभीम योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों में तेजी लायें और निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें। बैठक में 15वें वित्त आयोग, अस्पताल रख-रखाव योजना तथा चलंत ग्राम क्लिनिक सहित विभिन्न योजनाओं के व्यय की स्थिति पर भी चर्चा की गई। सदर अस्पताल की समीक्षा के अंत में अपर मुख्य सचिव ने सभी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू से बचाव एवं संभावित मामलों के प्रबंधन के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके पश्चात अपर मुख्य सचिव ने राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान यूजी एवं पीजी सीटों में संभावित वृद्धि के लिए आवेदन की स्थिति, आवश्यक मशीनरी, भवन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं, एचएमआईएस की प्रगति तथा अस्पताल संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली गयी। चिकित्सा महाविद्यालयों में फेको मशीन के माध्यम से नेत्र आॅपरेशन की व्यवस्था और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गयी। अपर मुख्य सचिव ने सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर चिकित्सा उपकरणों की स्थापना पर जोर देते हुए रोबोटिक सर्जरी शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में रोबोटिक सर्जरी के लिए आवश्यक मशीनें उपलब्ध करायी जायेंगी। बैठक के दौरान कुछ चिकित्सा महाविद्यालयों में फैकल्टी की कमी का मुद्दा भी सामने आया। इस पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि आवश्यकतानुसार संविदा आधारित फैकल्टी की नियुक्ति कर शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सकता है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों को बेहतर करने का प्रयास करें, साथ ही आधुनिक तकनीक, मानव संसाधन और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित करना सरकार की प्राथमिकता है।
इसरो के एटलस के आधार पर सूची तैयार, सीएम ने संरक्षण और प्रबंधन के दिये निर्देश टीम एबीएन, रांची। झारखंड में वेटलैंड यानी प्राकृतिक जल क्षेत्रों के संरक्षण को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की पहली बैठक में राज्य के वेटलैंड की पहचान, सत्यापन, सीमांकन, नोटिफिकेशन और बेहतर प्रबंधन को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। सरकार अब संभावित वेटलैंड का विस्तृत अध्ययन कर उनका रिकॉर्ड तैयार करेगी। वेटलैंड संरक्षण को मिलेगी नयी दिशा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में मौजूद सभी वेटलैंड की व्यवस्थित सूची तैयार की जाए और इसे समय-समय पर अपडेट किया जाये। साथ ही वेटलैंड का डिजिटल डेटाबेस तैयार कर उसे सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया। सरकार का मकसद सिर्फ वेटलैंड की पहचान करना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन की पूरी व्यवस्था तैयार करना है। झारखंड में मिले 2119 संभावित वेटलैंड बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इसरो से मिले एटलस के आधार पर झारखंड में 2119 संभावित वेटलैंड की सूची तैयार हुई है। अब इन सभी संभावित स्थलों का जिला स्तर पर भौतिक और तथ्यात्मक सत्यापन कराया जायेगा। इसके बाद राज्य स्तर पर इनकी पहचान और सीमांकन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जायेगा। क्या होता है वेटलैंड वेटलैंड ऐसे प्राकृतिक या मानव निर्मित क्षेत्र होते हैं, जहां जमीन पर स्थायी या मौसमी तौर पर पानी मौजूद रहता है। इसमें तालाब, झील, दलदली क्षेत्र, जलभराव वाले इलाके और कुछ खास तरह के नदी किनारे के क्षेत्र शामिल हो सकते हैं। ये क्षेत्र पानी को संजोने के साथ-साथ भूजल रिचार्ज, बाढ़ के प्रभाव को कम करने, पक्षियों और दूसरे जीव-जंतुओं को प्राकृतिक आवास देने तथा जैव विविधता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। अतिक्रमण और गतिविधियों पर रहेगी नजर संभावित वेटलैंड के सत्यापन के दौरान वहां के मौजूदा हालात, जल स्रोत और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटायी जायेगी। वेटलैंड नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ अतिक्रमण रोकने और ऐसी गतिविधियों को नियंत्रित करने पर भी ध्यान दिया जायेगा, जिनसे वेटलैंड को नुकसान पहुंच सकता है। जिला स्तरीय समितियां अपनी रिपोर्ट राज्य वेटलैंड प्राधिकरण को सौंपेंगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद/भूली। भूली ओपी क्षेत्र के वाल्मीकि नगर में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक बंद आवास को निशाना बनाकर चोरी का प्रयास किया। हालांकि पड़ोसियों की सतर्कता के कारण चोर अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके और मौके से फरार हो गये। भागने की जल्दबाजी में चोर घटनास्थल पर एक जोड़ी चप्पल और एक जूता भी छोड़ गये। जानकारी के अनुसार, वाल्मीकि नगर स्थित आवास संख्या 538 के गृहस्वामी दीपक वाल्मीकि अपने ससुर के निधन की सूचना मिलने के बाद पूरे परिवार के साथ राजस्थान गये हुए हैं। घर की चाबी उन्होंने अपने पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदार को दे रखी थी। इसी बीच स्थानीय लोगों को घर में चोरी के प्रयास की जानकारी मिली। घटना की सूचना तत्काल भूली ओपी पुलिस को दी गयी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के इलाकों में भी छानबीन कर रही है और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि चोरी का प्रयास करने के दौरान स्थानीय लोगों की सक्रियता और हलचल के कारण चोरों को मौके से भागना पड़ा। इसी दौरान जल्दबाजी में वे अपनी चप्पल और एक जूता घटनास्थल पर ही छोड़ गये। पुलिस इन सामानों समेत मौके से मिले अन्य संभावित सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। वहीं, गृहस्वामी के रिश्तेदार गंगा वाल्मीकि ने भूली क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं को लेकर चिंता जतायी है। उनका आरोप है कि इलाके में असामाजिक गतिविधियों और नशे के कारण आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि घर के बगल में कबाड़ी गोदाम खुलने के बाद क्षेत्र में चोरी की समस्या बढ़ी है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक भूली ओपी में चोरी के प्रयास को लेकर लिखित आवेदन दिये जाने की पुष्टि नहीं हुई थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले सामान और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज डीबी सुंदरारामम ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की शिष्टाचार मुलाकात टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से सोमवार को कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट सर्विसेज, टाटा स्टील डीबी सुंदरारामम ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी। मौके पर रेजिडेंस एग्जिक्युटिव, टाटा स्टील अरविंद कुमार सिंह उपस्थित रहे।
3 दिन में राशन कार्ड सत्यापन के केंद्र के आदेश पर भड़के इरफान अंसारी, बोले- किसी के दबाव में नहीं काटेंगे नाम टीम एबीएन, रांची। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए फर्जी और अपात्र राशन कार्डों का 3 दिनों के भीतर सत्यापन करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत राज्यों को आदेश दिया गया है कि सरकारी डेटाबेस मिलान के जरिए सामने आयी विसंगतियों की जांच कर अपात्रों के नाम तुरंत सूची से हटाये जायें। ऐसा न होने पर संबंधित राज्यों का अनाज कोटा रोका दिया जायेगा। बताते चलें झारखंड में 4.50 लाख से अधिक अपात्र राशन कार्डधारियों का वेरिफिकेशन बाकी है। इसी बीच अब केंद्र सरकार के इस आदेश पर राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ इरफान अंसारी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि उनका विभाग केंद्र के ऐसे किसी भी मनमाने हुक्म को नहीं मानने वाला है। मंत्री ने कहा है कि उनके पास मैन पावर की कमी है, इस वजह से इतने लिमिटेड समय अवधि में लाखों कार्ड का सत्यापन करना मुश्किल है। हम राशन कार्ड से लोगों का नाम नहीं काट सकते, हमारे राज्य के लोग गरीब हैं। हम अपने तरीके से सत्यापन का काम करेंगे, किसी के प्रेशर में आकर हम कोई काम नहीं करेंगे।
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