टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज डीबी सुंदरारामम ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की शिष्टाचार मुलाकात टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से सोमवार को कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट सर्विसेज, टाटा स्टील डीबी सुंदरारामम ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी। मौके पर रेजिडेंस एग्जिक्युटिव, टाटा स्टील अरविंद कुमार सिंह उपस्थित रहे।
3 दिन में राशन कार्ड सत्यापन के केंद्र के आदेश पर भड़के इरफान अंसारी, बोले- किसी के दबाव में नहीं काटेंगे नाम टीम एबीएन, रांची। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए फर्जी और अपात्र राशन कार्डों का 3 दिनों के भीतर सत्यापन करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत राज्यों को आदेश दिया गया है कि सरकारी डेटाबेस मिलान के जरिए सामने आयी विसंगतियों की जांच कर अपात्रों के नाम तुरंत सूची से हटाये जायें। ऐसा न होने पर संबंधित राज्यों का अनाज कोटा रोका दिया जायेगा। बताते चलें झारखंड में 4.50 लाख से अधिक अपात्र राशन कार्डधारियों का वेरिफिकेशन बाकी है। इसी बीच अब केंद्र सरकार के इस आदेश पर राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ इरफान अंसारी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि उनका विभाग केंद्र के ऐसे किसी भी मनमाने हुक्म को नहीं मानने वाला है। मंत्री ने कहा है कि उनके पास मैन पावर की कमी है, इस वजह से इतने लिमिटेड समय अवधि में लाखों कार्ड का सत्यापन करना मुश्किल है। हम राशन कार्ड से लोगों का नाम नहीं काट सकते, हमारे राज्य के लोग गरीब हैं। हम अपने तरीके से सत्यापन का काम करेंगे, किसी के प्रेशर में आकर हम कोई काम नहीं करेंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले में नये कोल प्रोजेक्ट का ऐलान : बीसीसीएल के ई ब्लॉक में 2027 से होगा खनन, कतरास - सिजुआ क्षेत्र की बदल जायेगी सूरत कतरास व सिजुआ एरिया का अस्तित्व लगभग हो जाएगा समाप् भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के ई ब्लाक में 2027 में खनन शुरू हो जायेगा। इसकी मंजूरी कोल इंडिया के निदेशक मंडल से मिल गयी है। शुक्रवार को बीसीसीएल बोर्ड डायरेक्टर की बैठक में यह अहम निर्णय हो जायेगा। यहां खनन की मंजूरी से कतरास व सिजुआ एरिया का अस्तित्व लगभग समाप्त हो जायेगा। दो चरण में यहां खनन किया जायेगा। 27 साल के इस प्रोजेक्ट में पहले चरण में 16 साल व दूसरे चरण में 11 साल। बीसीसीएल प्रबंधन ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। यहां बीसीसीएल 1930 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करेगी। जिसमें बीसीसीएल के पास अपनी जमीन 1361 हेक्टेयर के आसपास है। रैयत को दो एकड़ पर जमीन के बदले नियोजन व मुआवजा भुगतान मिलेगा। पहले चरण में यहां से 180 मिलियन टन कोयला का उत्पादन किया जायेगा। यह वाशरी ग्रेड फार कोल है। जो काफी उच्च कोटि का माना जाता है। कंपनी को अच्छे दाम मिलेंगे। इसके तहत कतरास, कुसुंडा व सिजुआ कोलियरी को मिलाकर ई ब्लाक बनाया गया है। ब्लॉक ई में कतरास एरिया की आकाशकिनारी, एकेडब्ल्यूएमसी परियोजना से सिजुआ की मोदीडीह, तेतुलमारी, संद्राबांस जोड़ा, निचीतपुर, कुसुंडा का इस्ट बसुरिया, बसुरिया, खास कुसुंडा, गोदुडीह का भाग रहेगा। वहीं ईस्ट बसुरिया के साथ धनबाद चंद्रपुरा रेल लाइन के पास से कोयला निकाला जायेगा। हर साल करीब 150 लाख टन कोयला यहां से निकाला जायेगा। इसके लिए 1628. 89 क्यूबिक मिलियन टन मलबा भी हटाया जायेगा। स्थानीय युवकों को मिलेगा रोजगार इस प्रोजेक्ट से विस्थापितों को रोजगार से जोड़ने के साथ स्थानीय लोगों को भी काम दिया जायेगा। स्थानीय पात्र युवकों को माइनिंग सरदार, ओवरमैन, इल्केट्रिकल सर्वेयर आदि के काम में प्राथमिकता मिलेगी। परियोजना के लिए जमीन का अधिग्रहण भी होगा। जमीन के बदले भी स्थानीय को नियोजन मिलेगा। सर्वे रिपोर्ट पर भूसंपदा विभाग के अधिकारी काम में लगे हैं। डीसी लाइन से हटकर होगा खनन बीसीसीएल ने 27 साल के इस प्रोजेक्ट पर खनन करने की योजना बनाई है, इसमें धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन से कुछ दूर हटकर भी कोयला निकाला जायेगा। बीसीसीएल प्रबंधन का कहना है कि यहां खनन से रेलवे लाइन को नुकसान नहीं होगा, बल्कि यहां साइडिंग तैयार कर कोयला दूसरे प्रदेशों को भेजा जायेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 27 साल में 376 मिलियन टन कोयला निकालना है। दो हिस्सों में ई ब्लाक में खनन होगा। पहले भाग में डीसी लाइन से हटकर व दूसरे भाग में कतरास, सिजुआ क्षेत्र से कोयला निकाला जायेगा। सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि 18.18 वर्ग किमी में कोयला खनन होगा। इससे कंपनी को 29 प्रतिशत का रिटर्न मिलेगा, जो बहुत मुनाफा देगा। बीसीसीएल के ई ब्लॉक प्रोजेक्ट से कतरास, कुंसुडा व सिजुआ एरिया को मिलाकर काम होगा। देश की कोकिंग कोल जरूरत को पूरा करने में यह ब्लाक अहम है। इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। इसकी भी रूपरेखा तैयार है। बोर्ड में तमाम सदस्य राय विचार के बाद इस पर निर्णय लेंगे।
टीम एबीएन, रांची। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में झारखंड बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नयी दिल्ली में मुलाकात की। डेलीगेशन में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, चंपाई सोरेन, अर्जुन मुंडा, दीपक प्रकाश, कर्मवीर सिंह, रविंद्र राय शामिल रहे।
एचएमआईएस 100 प्रतिशत लागू करने का निर्देश टीम एबीएन, रांची। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को उनके सभाकक्ष में रिम्स सेलेक्शन कमेटी की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में रिम्स में चिकित्सकों एवं कर्मियों की वर्तमान स्थिति, रिक्त पदों तथा मानव संसाधन की आवश्यकता की विस्तृत समीक्षा की गयी। बैठक में अपर सचिव शशि प्रकाश, रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिंह, सहायक निदेशक बाघमारे प्रसाद कृष्ण, विभाग के संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. पी. भट्टाचार्य और रिम्स के डॉ. हिरेंद्र बिरूवा समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि रिम्स में सृजित पदों और वर्तमान में कार्यरत चिकित्सकों एवं कर्मियों की संख्या का समग्र आकलन किया जाये। विभिन्न विभागों में वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप पदों का रेशनलाइजेशन करते हुए संस्थान के मानव संसाधन ढांचे को रिस्ट्रक्चर किया जाये।उन्होंने कहा कि सभी पदों की आवश्यकता का आकलन करने के बाद संबंधित प्रस्ताव संचिका के माध्यम से प्रस्तुत किया जाये। बैठक में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर सहित अन्य टीचिंग पदों के साथ एएनएम, जीएनएम एवं अन्य कर्मियों के पदों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव ने पदोन्नति के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी क्राइटेरिया निर्धारित कर उसका ड्राफ्ट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि इस वर्ष के अंत तक रिम्स में टीचिंग के सभी आवश्यक पदों को भरने का लक्ष्य रखा जाये। इसके लिए भर्ती एवं नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा गया। बैठक में रिम्स में एचएमआईएस को 100 प्रतिशत लागू करने पर भी जोर दिया गया। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि रिम्स के सभी विभागों में एचएमआईएस का पूर्ण रूप से उपयोग सुनिश्चित किया जाए। सभी विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभाग में 100 प्रतिशत एचएमआईएस लागू कराने की जिम्मेदारी दी गयी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एचएमआईएस का प्रभावी और अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
स्वतंत्रता दिवस पर छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो को तिरंगा यात्रा एवं ध्वजारोहण से रोकने के मामले में राज्यपाल से निष्पक्ष जांच की मांग टीम एबीएन, रांची। भूख हड़ताल के दौरान रांची सदर अस्पताल में उपचाररत छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो को पुलिस द्वारा कथित रूप से धक्का-मुक्की कर ध्वजारोहण एवं तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोके जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आज यह मामला महामहिम राज्यपाल महोदय तक पहुंचा। जेपीएससी-जेएसएससी में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा एवं ध्वजारोहण से रोके जाने तथा उनके साथ पुलिस बल प्रयोग एवं धक्का-मुक्की के मामले को लेकर आज एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल महोदय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में रूपेश कुशवाहा, जयराम महतो, मुकेश कुमार, शिवम, रामा अवतार एवं महावीर साहु शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में बताया कि जेपीएससी-जेएसएससी में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान 10 अगस्त 2026 को विधानसभा घेराव के समय हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो रांची सदर अस्पताल में उपचाररत थे। गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद वे छात्रों के अधिकार एवं न्याय के लिए लगातार भूख हड़ताल पर थे। ज्ञापन में कहा गया कि 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उपचाररत होने के बावजूद देवेन्द्र नाथ महतो ने तिरंगा यात्रा में शामिल होने एवं राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें रोका गया तथा उनके साथ कथित रूप से बल प्रयोग एवं धक्का-मुक्की की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि घटना से संबंधित फोटो एवं वीडियो सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर तिरंगे से जुड़ी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें 15 अगस्त 2026 को देवेन्द्र नाथ महतो को तिरंगा यात्रा एवं ध्वजारोहण से रोके जाने की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच हो। कथित धक्का-मुक्की एवं पुलिस बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, फोटो एवं वीडियो सहित सभी साक्ष्यों को सुरक्षित कर जांच में शामिल किया जाए। 10 अगस्त 2026 को विधानसभा घेराव के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए। आंदोलनकारी छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो की सुरक्षा एवं उचित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जेपीएससी-जेएसएससी से संबंधित छात्र आंदोलन की मांगों पर सरकार द्वारा आवश्यक एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल महोदय से पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए उचित हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
अवैध सम्बन्ध में दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने किया उद्भेदन 11 माह पूर्व हुई थी एक हत्या बदले में सिरियल हत्या करने की थी साजिस एक सप्ताह में 6 आरोपी गए जेल एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद पलामू। जिले के पुलिस कप्तान कपिल चौधरी के निर्देश में पलामू पुलिस के द्वारा चलाई जा रही आॅपरेशन सफाया में लगातार सफलता मिल रही हैं। इसी क्रम हुसैनाबाद अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी आईपीएस दिव्यांश शुक्ला ने अवैध सम्बन्ध में दोहरे हत्याकांड की खुलासा करते हुए एक सप्ताह के अंदर 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।मंगलवार को एसडीपीओ ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि मोहम्मद गंज थाना के ग्राम बिरधवर मुटुर मुसहर उम्र 60 पिता स्वर्गीय जानकी मुसहर को अपहरण करने की थाना काण्ड संख्या 31/2026 दिनांक 10 अगस्त 2026 बीएनस की धारा 104(1)61(2) दर्ज कर अनुसंधान के लिए एक एसआईटी गठन की गई थी जिसमें कहानी सामने आया की 11 माह पूर्व अक्टूबर 2025 में हुई हत्या के प्रतिशोध में यह हत्या का शीलसिलेवार बढ़ते गया घटना की कहानी बहुत दिलचस्प हैं । बताते चलें कि नंदन मुसहर रोजी-रोटी के लिए चेन्नई गया था। इसी दौरान उसकी पत्नी जीतन मुसहरीन का मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के बीधवर निवासी संतोष मुसहर से अवैध संबंध बन गया और वह संतोष के साथ बीधवर गांव में रहने लगी। दशहरा के समय 2025 में नंदन जब वापस मोहम्मदगंज आया तो उसे पत्नी के बारे में जानकारी मिली। पत्नी को वापस लाने को लेकर उसने संतोष पर दबाव बनाया। ईधर संतोष ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और नंदन को गढ़वा जिले के मंझिआव थाना क्षेत्र के खरसोता गांव के पास ले गए। वहां सभी ने खाना-पीना खाया एवं नशे में कर नंदन की हत्या कर शव को सभी लोगो ने मिलकर कोयल नदी में बहा दिया और आज तक उसकी शव का आता पता नही चला लेकिन नंदन की हत्या में शामिल लोगों की पूरी जानकारी उसके पिता दिनेश मुसहर को लग गया। आरोप है कि घटना में शामिल लोगों ने दिनेश को धमकी दी कि यदि उसने किसी को इसकी जानकारी दी तो उसके पूरे परिवार की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया जाएगा। बेटे की हत्या और धमकी के बाद दिनेश के मन में बदले की भावना पैदा हुई। और फिर बदले की भवना में मुटुर मुसहर की हत्या की योजना बनाया गया इसके बाद संतोष मुसहर के चाचा मुटुर मुसहर को पहला निशाना बनाया गया। जिन्हें कमाने खाने के लिए दिनेश ने मुटुर को बिहार के डेहरी आॅन सोन ले गया। वहां सोन नदी किनारे श्मशान घाट के पास कंबल दिलाने के बहाने उसे ले जाया गया। आरोप है कि इसी स्थान पर दिनेश और उसके साथियों ने मुटुर मुसहर की हत्या कर शव को दफना दिया। मामला तब सामने आया, जब मुटुर मुसहर के अपहरण और हत्या के मामले में 10 अगस्त 2026 को मोहम्मदगंज थाना कांड संख्या 31/2026,दर्ज कर पुलिस दल की टीम बनी जिसके हुसैनाबाद एसडीपीओ आईपीएस दिव्यांश शुक्ल के नेतृत्व में छापेमारी दल अनुसंधान के दौरान पुलिस ने दिनेश मुसहर, विकाश मुसहर, गोविन्द्र मुसहर और श्रवण मुसहर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपितों ने मुटुर के हत्या की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर बिहार के डेहरी नगर थाना क्षेत्र के सोन नदी किनारे पाली रोड स्थित श्मशान घाट के पास से मुटुर मुसहर का नर-कंकाल बरामद किया गया। आवश्यक कार्रवाई के बाद कंकाल को फॉरेंसिक रिपोर्ट एवं पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सासाराम भेजा गया। चारों आरोपितों को बीते 15 अगस्त 2026 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था जिसके बाद दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया इस दोहरे हत्या कांड में पुलिस ने बताया कि मुटुर मुसहर की अपहरण व हत्याकांड की जांच में 11 माह पूर्व की घटना यानी नंदन की हत्या का राज भी खुल गयी। हालांकि पुलिस ने यह हत्या कांड जल्द उद्भेदन नही करती तो बदले में सीरियल हत्या काण्ड की संभावना जताई जा रही थीं। हालांकि पुलिस 11माह पूर्व में हुई हत्याकांड में संतोष मुसहर, धरमेन्द्र मुसहर और नन्दु मुसहर के विरुद्ध मोहम्मदगंज थाना कांड संख्या 33/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने नंदन हत्याकांड में संतोष मुसहर और धरमेन्द्र मुसहर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दी है। इस आॅपरेशन सफाया में इन पुलिस अधिकारियों की टीम ने दोनों हत्याओं की उदभेदन की जिसमें मोहम्मदगंज थाना प्रभारी नारायण सोरेन,अनुसंधानकर्ता मनोज मुंडा, देवरी ओपी प्रभारी राजू गुप्ता, लठेया पिकेट प्रभारी मुकेश कुमार सिंह, सहायक अवर निरीक्षक कयामुद्दीन अंसारी सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
टीडीपीएल ने जितनी भी परीक्षा ली, वो सभी रदटीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री ने कहा कि 14वीं जेपीएससी पीटी और बैकलॉग सिविल सर्विस परीक्षा रद्द करने का निर्णय पूर्व में ही आंदोलित छात्रों के साथ वार्ता के दौरान लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब वर्ष 2014 से लेकर वर्तमान समय तक जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं की व्यापक जांच कराने का फैसला किया है।सीएम ने कहा कि जेएसएससी-सीजीएल में कथित गड़बड़ियों की एसआईटी और सीआईडी जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में विभिन्न एजेंसियों के बीच कथित सांठगांठ और घालमेल के संकेत मिले हैं। इसे देखते हुए यह परीक्षा रद्द की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी और पूरे मामले की तह तक जाना जरूरी है। सरकार 2014 से लेकर अब तक की भर्ती परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया की कराएगी, ताकि गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।
झारखंड : जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा को सीएम ने किया रदटीम एबीएन, रांची। झारखंड में 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने आंदोलनकारियों की सबसे बड़ी मांग मानते हुए वर्ष 2024 में आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है। इसके अलावा टीडीपीएल नामक एजेंसी द्वारा राज्य में कराई गईं सभी प्रतियोगिता परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में करीब साढ़े चार घंटे की चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी।
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