टीम एबीएन, रांची। रांची में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इसी कड़ी में रांची नगर निगम नगर ने आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की, जिसमें शहर के ट्रैफिक सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए लॉंग टर्म प्लान पर विशेष जोर दिया गया।
इस बैठक में ट्रैफिक पुलिस, जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने मिलकर शहर की मौजूदा समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की और ठोस समाधान निकालने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि रांची को ट्रैफिक जाम से मुक्त कराना और नागरिकों को सुगम आवागमन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
इसके लिए एक लंबे समय का और असरदार एक्शन प्लान तैयार करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अर्बन ट्रैफिक मैनेजमेंट को सफल बनाने के लिए नगर निगम, ट्रैफिक विभाग, जिला प्रशासन और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय और सहभागिता अनिवार्य होगी।
बैठक में शहर के प्रमुख मार्गों पर होने वाली समस्याओं जैसे पीक आॅवर में जाम, आॅटो और ई-रिक्शा की अनियमितता, सड़क किनारे अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और विभागों के बीच समन्वय की कमी जैसे मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की गयी। अधिकारियों ने माना कि इन समस्याओं के समाधान के बिना शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना संभव नहीं है।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर के मुख्य क्षेत्रों में वाहनों की संख्या, सड़कों की क्षमता और ट्रैफिक प्रबंधन के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाये। साथ ही खराब पड़े ट्रैफिक सिग्नलों को जल्द से जल्द ठीक करने और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये।
सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर लेफ्ट टर्न को फ्री रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि यातायात का दबाव कम किया जा सके। वहीं, मेन रोड, कचहरी रोड, स्टेशन रोड, हरमू बाइपास, रातू रोड और सर्कुलर रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से लगाए गए ठेला, गुमटी और अवैध रूप से खड़े वाहनों पर भी कार्रवाई करने की बात कही गई। इसके अलावा, पथ निर्माण विभाग के साथ समन्वय बनाकर सड़कों के डिवाइडर पर लगे क्षतिग्रस्त ग्रिल की मरम्मत जल्द कराने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश भी दिया गया।
शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर फुटपाथ निर्माण के लिए शीघ्र योजना तैयार करने को कहा गया, ताकि पैदल चलने वाले लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके। नगर आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि नो पार्किंग और नो वेंडिंग जोन के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जायेगा।
गैर-कानूनी वसूली और बिना इजाजत पार्किंग पर भी कड़ी नजर रखी जायेगी। बैठक में ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बैरिकेडिंग, रोड मार्किंग, स्पीड ब्रेकर और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, जाम से निजात दिलाने के लिए विशेष तैयारियां भी की जा रही हैं।
इसी क्रम में 23 अप्रैल 2026 को एक संयुक्त टीम द्वारा कचहरी चौक से किशोरी यादव चौक होते हुए रातू रोड और न्यू मार्केट क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इस निरीक्षण का उद्देश्य ट्रैफिक जाम के वास्तविक कारणों, आॅटो स्टैंड, अतिक्रमण और अन्य बाधाओं का आकलन कर एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना है।
टीम एबीएन, रांची। अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव स्मृति मंच के एक प्रतिनिधिमंडल लाल प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव के नेतृत्व में लोक भवन जाकर महामहिम राज्यपाल महोदय से मिलकर अपनी 8 मांगों की एक पत्र सौंपी। श्री शाहदेव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उन्होंने राज्यपाल से निवेदनपूर्वक मांग की है कि
श्री शाहदेव ने आगे बताया कि देश की आजादी में कई अमर शहीदों ने अपनी बलिदान दिया है। उस बलिदान में झारखंड़ के भी योद्धा पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी अपनी सर्वश्व त्याग कर बलिदान दिया था। उन्ही में से एक थे बड़कागढ़ स्टेट के तत्कालीन राजा अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव।
जिन्होंने अपनी झारखंड़ के पावन भूमि को अंग्रेजी दासता से मुक्ति दिलाने हेतु अंग्रेजो से लड़े। छोटानागपुर झारखंड़ की पवित्र भूमि से आततायियों को छह माह के लिए बाहर कर दिया था। जिनको बाद में अंग्रेजों ने पकड़ कर 16 अप्रैल 1858 को फांसी पर लटका दिया था।@श्री शाहदेव ने बताया कि आज बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि उन वीर हुतात्माओं को उनकी जाति, धर्म और वोट बैंक देखकर सरकारी सम्मान दी जाती है।
झारखंड में किसी भी पार्टी की सरकार रही हो किसी भी सरकार ने अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ को वह सम्मान नहीं दी है जिसका वे हकदार थे। आज राज्यपाल से मिलकर ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव स्मृति मंच और परिवार के सदस्यों ने अपनी पीड़ा से महामहिम महोदय को अवगत कराया। राज्यपाल ने गंभीरता के साथ हमें सुना और आश्वासन दिया है कि वे इस सम्बंध में सरकार से बात करेंगे और इसपर उचित कदम उठाया जायेगा।
राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में लाल प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव, ठाकुर युगल किशोर नाथ शाहदेव, लाल सूरज नाथ शाहदेव, लाल आशीष नाथ शाहदेव, लाल सुबोध नाथ शाहदेव, सुनील सिंह हेसल शामिल रहे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) और इंडियन बैंक के बीच क्लस्टर लेवल फेडरेशन के लिए डिजिटल पेमेंट गेटवे विकसित करने को लेकर एक महत्वपूर्ण गैर-वित्तीय समझौता पर हस्ताक्षर किये गये हैं। यह पहल ग्रामीण वित्तीय लेन-देन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि देश में पहली बार क्लस्टर लेवल फेडरेशन पर पेमेंट गेटवे सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही झारखंड स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन गया है, जो इसे एक मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित करता है।
इस सिस्टम के माध्यम से स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, संकुल स्तरीय संघ विक्रेताओं और कैडरों के बीच सुरक्षित और रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन सुनिश्चित किया जायेगा। इसमें मेकर चेकर अप्रूवर सिस्टम, डिजिटल सिग्नेचर, बायोमेट्रिक आॅथेंटिकेशन और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
इस परियोजना को शुरुआती चरण में छह क्लस्टर लेवल फेडरेशनमें पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जायेगा। पहले चरण में ऋण वितरण और भुगतान से जुड़े लेन-देन शामिल होंगे, जिसके सफल होने के बाद सभी वित्तीय गतिविधियों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जायेगा।
यह पहल ग्रामीण वित्तीय प्रणाली को डिजिटल रूप से मजबूत करने के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण में भी अहम भूमिका निभाएगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर, (पलामू)। प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय से आज पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत एवं पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने शिष्टाचार मुलाकात की। प्रमंडलीय आयुक्त को उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने क्रमश: पौधा एवं गुलदस्ता भेंट कर अभिवादन किया। साथ ही जिले की प्रशासनिक गतिविधियों से अवगत कराया। मुलाकात के दौरान पलामू जिले के समग्र विकास को लेकर चर्चा हुई।
उपायुक्त ने जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को लेकर प्रशासन तत्पर है। प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय ने उपायुक्त को कोषागार पर सक्रियता से निगरानी रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विपत्रों की गहनता से जांच करने के उपरांत ही भुगतान सुनिश्चित की जाये।
साथ ही पलामू में बढ़ते तापमान/ गर्मी के मद्देनजर जिले में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करायें, ताकि किसी कोई असुविधा नहीं हो। उन्होंने बंद पड़े जल स्रोतों को दुरूस्त करने पर बल दिया। साथ ही विकास कार्यों में तेजी लाने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ समयबद्धता के साथ जरूरतमंद लाभुकों तक पहुंचे, इसके लिए अधिकारियों को सतत मॉनिटरिंग करने की आवश्यकता है। उन्होंने लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान देने की बातें कही।
आयुक्त ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देने पर बल दिया, ताकि जिले के विकास को नई दिशा मिल सके। उपायुक्त ने आयुक्त को आश्वस्त किया कि उनके मार्गदर्शन में जिले के विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जायेगा।
इधर, प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय से पुलिस अधीक्षक ने मुलाकात के दौरान क्षेत्र की कानून- व्यवस्था सहित विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की। आयुक्त ने पुलिस प्रशासन एवं स्थानीय जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था संचालन पर बल दिया।
टीम एबीएन, रांची। एशियन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करने वाले झारखंड के खिलाड़ियों ने मंगलवार को रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से शिष्टाचार मुलाकात की। झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ मधुकांत पाठक के नेतृत्व में दिनेश कुमार, रेशमा कुमारी और बसंती कुमारी ने उपायुक्त से मिलकर अपनी उपलब्धियों की जानकारी साझा की।
मुलाकात के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सभी खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं, जो पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हुए हर संभव प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन भी दिया।
उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि खेल के क्षेत्र में झारखंड की प्रतिभाएं लगातार उभर रही हैं और सही मार्गदर्शन मिलने पर ये खिलाड़ी देश के लिए और अधिक गौरव हासिल कर सकते हैं।
गौरतलब है कि 6 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026 तक दिल्ली में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में इन खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। दिनेश कुमार ने दो स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाया, जबकि रेशमा कुमारी ने एक रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया।
वहीं, बसंती कुमारी ने महिला अंडर-25 वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस दौरान झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ मधुकांत पाठक ने कहा कि राज्य के खिलाड़ियों में अपार संभावनाएं हैं और उचित प्रशिक्षण और संसाधन मिलने पर वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार सफलता हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने जिला प्रशासन के सहयोग की सराहना करते हुए खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयासों को जरूरी बताया। खिलाड़ियों ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिला प्रशासन से मिले प्रोत्साहन से उनका आत्मविश्वास और बढ़ा है तथा वे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित हुए हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस अमिताव कुमार गुप्ता ने मंगलवार को राज्य के नये लोकायुक्त के रूप में शपथ ली। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राजभवन स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
जस्टिस अमिताव कुमार गुप्ता को 16 अप्रैल को झारखंड का लोकायुक्त नियुक्त किया गया था। राज्य में लोकायुक्त का पद पिछले कई वर्षों से रिक्त था। हाल ही में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को लोकायुक्त सहित अन्य संवैधानिक पदों की नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया था।
31 मई 1959 को जन्मे जस्टिस गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की और वहीं से स्नातकोत्तर अध्ययन भी किया। उन्होंने 11 जून 1997 को बिहार न्यायिक सेवा में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी।
वर्ष 2013 में उन्हें झारखंड हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने सेवा दी और 30 मई 2021 को सेवानिवृत्त हुए। अब उन्हें राज्य के लोकायुक्त की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
टीम एबीएन, रांची। केंद्र प्रायोजित आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत झारखंड को मिले सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार के बाद जसास की टीम आज सम्मान के साथ वापस लौटी। कार्यकारी निदेशक छवि रंजन के नेतृत्व में टीम ने अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह से मुलाकात कर उन्हें यह सम्मान सौंपा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ने पूरी टीम को बधाई देते हुए उनकी मेहनत, लगन और निष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम की यह प्रतिबद्धता आगे भी इसी तरह बनी रहनी चाहिए, जिससे राज्य स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहे।
उल्लेखनीय है कि झारखंड को यह सम्मान तीसरे चिंतन शिविर में गुणवत्तापूर्ण दावों के सफल निष्पादन के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान समारोह महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 17 एवं 18 अप्रैल को आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के राज्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए छवि रंजन (कार्यकारी निदेशक, जसास), सीमा सिंह (अपर कार्यकारी निदेशक, जसास), वैभव राय, डॉ. अखिलेश कुमार झा एवं आशीष रंजन उपस्थित रहे। राज्य के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन को स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। केंद्र प्रायोजित आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत झारखंड को मिले सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार के बाद जसास की टीम आज सम्मान के साथ वापस लौटी। कार्यकारी निदेशक छवि रंजन के नेतृत्व में टीम ने अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह से मुलाकात कर उन्हें यह सम्मान सौंपा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ने पूरी टीम को बधाई देते हुए उनकी मेहनत, लगन और निष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम की यह प्रतिबद्धता आगे भी इसी तरह बनी रहनी चाहिए, जिससे राज्य स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहे।
उल्लेखनीय है कि झारखंड को यह सम्मान तीसरे चिंतन शिविर में गुणवत्तापूर्ण दावों के सफल निष्पादन के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान समारोह महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 17 एवं 18 अप्रैल को आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के राज्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए छवि रंजन (कार्यकारी निदेशक, जसास), सीमा सिंह (अपर कार्यकारी निदेशक, जसास), वैभव राय, डॉ. अखिलेश कुमार झा एवं आशीष रंजन उपस्थित रहे। राज्य के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन को स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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