टीम एबीएन, रांची। रांची के सरकारी अस्पताल रिम्स को अपना पुराना निदेशक वापस मिल गया है। डॉ राजकुमार ने एक बार फिर से रिम्स में निदेशक का पदभार संभाल लिया है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद डॉ राजकुमार को निदेशक के पद पर पुन: बहाल किया गया। कुछ दिनों पूर्व ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सह रिम्स शासी परिषद के अध्यक्ष डॉ इरफान अंसारी ने रिम्स निदेशक के पद से डॉ राजकुमार को बर्खास्त कर दिया था। इस दौरान डॉ शशिबाला सिंह को रिम्स का प्रभारी निदेशक बनाया गया था। इसी बीच डॉ राजकुमार ने निदेशक के पद से बर्खास्त करने पर हाईकोर्ट का रूख किया, जहां से फैसला उनके हक में आया। अब एक बार फिर से डॉ राजकुमार रिम्स निदशक के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।
स्वास्थ्य बीमा योजना का मिलेगा लाभ; 3 मई को होगी शुरुआत टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार राज्य के वकीलों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत करने जा रही है। बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 3 मई को हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में अधिवक्ता स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री वकीलों को स्वास्थ्य बीमा कार्ड वितरण करेंगे। वकीलों और उनके परिवारों नि:शुल्क स्वास्थ्य उपचार की सुविधा मिलेगी बता दें कि इस योजना के तहत वकीलों और उनके परिवारों नि:शुल्क स्वास्थ्य उपचार प्रदान किया जायेगा। हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि योजना के तहत अधिवक्ताओं को इलाज के लिए अधिकतम कितनी राशि का भुगतान किया जायेगा।गौरतलब हो कि झारखंड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति के अंतर्गत निबंध अधिवक्ताओं को इस योजना का फायदा मिलेगा। वहीं इस संबंधी रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
टीम एबीएन, रांची। हेमंत सोरेन ने उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ गोथेनबर्ग में वोल्वो ट्रक प्लांट का दौरा किया और प्लांट के अधिकारियों से बातचीत की। झारखंड में वोल्वो द्वारा ट्रक निर्माण इकाई स्थापित करने की संभावना पर चर्चा की गयी। खनन कार्यों के लिए ट्रकों और डंपरों में राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं पर भी चर्चा की गयी। प्रतिनिधिमंडल ने वोल्वो ट्रक एक्सपीरियंस सेंटर का भी दौरा किया, जहां फर्म ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, पैसेंजर और रोड सेफ्टी और अन्य उत्पादों जैसे मिरर-लेस कैमरा इनेबल्ड ट्रक कैब, ट्रकों के लिए 3-पॉइंट सस्पेंशन आदि में अपने नवीनतम नवाचारों को प्रदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने प्लांट में किए जा रहे अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास की सराहना की और वोल्वो के इलेक्ट्रिक ट्रकों को चलाने वाले 440 किलोवाट के मोटर्स की स्थायित्व और मजबूती के बारे में जानकारी ली।
पहलगाम आतंकी हमले की जांच पहुंची धनबाद, एटीएस की टीम ने छापेमारी करते हुए 4 लोगों को हिरासत में लिया एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी बीच आतंकियों के जारी स्केच से मिलते-जुलते 2 लोगों को शुक्रवार की देर रात पटना में देखा गया। वहीं, पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच अब झारखंड के धनबाद तक पहुंच गयी है। एटीएस की टीम सबसे पहले वासेपुर के नूरी मस्जिद के पास पहुंची और वहां सघन छानबीन की। इसके बाद गफ्फार कॉलोनी की अमन सोसायटी और वासेपुर बाईपास रोड सहित कई स्थानों पर दबिश दी गयी। इसी दौरान शहर के बैंक मोड़ और भूली थाना क्षेत्र में भी जांच अभियान चलाया गया। जानकारी के मुताबिक वासेपुर स्थित शमशेर नगर में एटीएस की टीम ने छापेमारी करते हुए पति-पत्नी को हिरासत में लिया है। छापेमारी के दौरान दंपति के घर से कई धार्मिक किताबें और अन्य दस्तावेज भी बरामद किये गये हैं। इसके अलावा टीम ने 2 युवकों को भी हिरासत में लिया है। इनमें युसूफ और कौशल शामिल हैं। एटीएस द्वारा की जा रही यह छापेमारी पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े होने की चर्चा है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने श्री रवि किशोर राम, झा0प्र0से0(को0 क्र0-389/20), तत्कालीन अंचल अधिकारी, खलारी, राँची के विरूद्ध निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया है और शिवाजी भगत, झा0प्र0से0 (कोटि क्रमांक-107/20), तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, ठेठईटांगर, सिमडेगा को आरोप मुक्त किया है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले अमित शाह और जयशंकर, पहलगाम आतंकी हमले पर दिया अपडेट एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आज केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलायी है। जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे, वहीं कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक की अध्यक्षता करें।इस बैठक से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ। एस जयशंकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की है। सर्वदलीय बैठक से पहले अमित शाह और विदेश मंत्री जयशंकर इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र का एक्शन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा पर कैबिनेट समिति ने कई अहम फैसले लिये हैं। इसमें पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। वहीं अटारी बॉर्डर को भी बंद कर दिया गया है। जबकि भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है। इसके साथ पाकिस्तान के राजनायिकों को भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही सेना को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। जम्मू-कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहलगाम में बीते मंगलवार की दोपहर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी, जिसमें बेगुनाह लोगों की जान चली गयी। इस आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले के बाद झारखंड जनाधिकार महासभा में आक्रोश है। महासभा ने गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की है। महासभा ने कहा कि कश्मीर में आम नागरिकों, प्रवासी मजदूरों और अब पर्यटकों को भी आतंकी निशाना बना रहे हैं। भारी सैन्य उपस्थिति के बावजूद इस तरह की घटनाएं यह बताती हैं कि हालात सामान्य नहीं हैं। सूचना तंत्र की विफलता भी स्पष्ट है। महासभा ने कहा कि चूंकि जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा पूरी तरह केंद्र सरकार के अधीन है, ऐसे में गृह मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देना चाहिए। महासभा ने कहा कि केंद्र सरकार का ध्यान सुरक्षा बहाल करने की बजाय लगातार कश्मीरी युवाओं, पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकतार्ओं की आवाजें दबाने पर रहा है। अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद कश्मीर की संवैधानिक स्वायत्ता और नागरिक अधिकारों को जिस तरह कुचला गया है, उसने लोगों को असुरक्षा के वातावरण में छोड़ दिया है।महासभा ने चिंता जतायी कि इस हमले को लेकर कुछ मीडिया संस्थानों और हिंदुत्ववादी ताकतों द्वारा विभाजनकारी और सांप्रदायिक प्रचार किया जा रहा है। यह दावा किया गया कि हमलावरों ने धर्म पूछ कर निशाना बनाया, जबकि इसकी कोई पुष्ट जानकारी नहीं है। दूसरी ओर, स्थानीय कश्मीरियों द्वारा पर्यटकों को बचाने की कोशिशें भी सामने आयींं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। महासभा ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस कठिन समय में अफवाहों और नफरत फैलाने वाले प्रचार से बचें और ऐसे हर विभाजनकारी प्रयास का सामूहिक विरोध करें।
हेमंत सोरेन ने बार्सिलोना में प्रवासी भारतीय व्यवसायियों एवं विशेषज्ञों से की मुलाकात, सीएम ने सभी प्रतिभागियों को झारखंड आने का दिया न्योता टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड में निवेश को आकर्षित करने के लिए स्पेन और स्वीडन की यात्रा पर हैं। इस क्रम में झारखंड सरकार को आईसीडी स्पेनियल फुटबॉल क्लब ने खेल विकास, विशेषकर फुटबॉल कोचों के प्रशिक्षण के लिए समझौता ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर करने का प्रस्ताव दिया है। यह सहयोग बार्सिलोना के उत्कृष्ट खेल इकोसिस्टम, झारखंड में खेल खास कर फुटबॉल के विकास को बढ़ावा देगा। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड सरकार के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने स्पेन के बार्सिलोना में प्रवासी भारतीय व्यवसायियों एवं प्रतिष्ठित विशेषज्ञों से मुलाकात की। इस क्रम में स्टार्टअप मेंटरशिप, क्लीन एनर्जी, पर्यावरणीय स्थिरता, सप्लाई चेन, बायो-फार्मास्यूटिकल्स, खेल विपणन, क्रिकेट टीम ओनरशिप, डीप-टेक बी2बी मार्केटिंग, लीगल, डेंटिस्ट्री और मेडटेक जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सुझाव दिये और झारखंड में एक जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण में सहयोग देने की इच्छा जतायी। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को झारखंड आने और राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने टेस्ला ग्रुप ए एस (चेकोस्लोवाकिया) के सी ई ओ एवं सह-संस्थापक श डुशान लिचाडर्स से भी भेंट की। उन्होंने झारखंड में एक जीआईजीए फैक्ट्री स्थापित करने का प्रस्ताव दिया, जो वाणिज्यिक और औद्योगिक बैटरी भंडारण उत्पादों के असेंबली पर केंद्रित होगी। यह संयंत्र नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में कंपनी के रोमानिया के ब्रेइला में किए गए निवेश के समान होगा। प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि झारखण्ड में स्टाटर्अप्स और उनके मेंटर्स का मैपिंग किया जाये और उन्हें वैश्विक इनक्यूबेटरों से जोड़ा जाये। खाद्य प्रसंस्करण, विशेष रूप से झारखण्ड के कटहल और टमाटर जैसे उत्पादों के मूल्यवर्धित प्रसंस्करण में निवेश की संभावनाएं तलाशने का सुझाव दिया गया। इसके अतिरिक्त पारंपरिक चिकित्सा (होड़ोपैथी), अनुसंधान एवं विकास, फार्मास्युटिकल, मेडटेक तथा बायोटेक में अनुसंधान जैसे विषय शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि स्पेनिश कंपनियों के साथ सतत संवाद, बैठक और कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे ताकि, सहयोग की दिशा में ठोस प्रगति हो सके। राज्य सरकार प्राप्त सुझावों को नीतियों के मूल्यांकन एवं अद्यतन करते समय ध्यान में रखेगी। उन्होंने यह भी बताया कि झारखण्ड ने ईज आफ डूइंग बिजनेस में उल्लेखनीय प्रगति की है और निवेश को शीघ्र एवं सहज रूप से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने अशोक कुमार तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी हजारीबाग सदर को झारखण्ड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-9 (2)(क) के तहत हिरासत में लिये जाने की तिथि दिनांक 10.02.2025 के प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित किया है।
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